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249 रन बनाकर भी हारी टीम इंडिया, तीसरे टी20 में वेस्टइंडीज से बदला लेने उतरेगी भारत

नई दिल्ली भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। दूसरे टी20 में 249 रन बनाने के बावजूद मिली हार के बाद भारतीय टीम इस मुकाबले में जोरदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आइए आपको बताते हैं होल्कर स्टेडियम में टीम इंडिया का अब तक का टी20 रिकॉर्ड कैसा रहा है। इंदौर में भी तक चार टी20 इंटरनेशनल मैच हुए भारतीय टीम ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में अभी तक कुल 4 टी20 इंटरनेशल मुकाबले खेले हैं। इस दौरान टीम को तीन में जीत नसीब हुई है, जबकि सिर्फ एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। यह एक हार भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ साल 2022 में मिली थी। साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट खोकर 227 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत की पूरी टीम 178 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी। 15 इंटरनेशनल मैच को भारत को 12 जीत मिली टीम इंडिया ने इस ग्राउंड पर अपने आखिरी मैच में अफगानिस्तान को साल 2024 में हराया था। अफगानिस्तान को 172 रनों पर समेटने के बाद भारतीय टीम ने लक्ष्य को सिर्फ 15.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया था। भारत ने यहां अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 15 मैच खेले हैं। टीम को इसमें 12 जीत और सिर्फ तीन ही हार मिली है। पांच मैचों की टी20 सीरीज अभी 1-1 की बराबरी पर है। सीरीज के पहले टी20 में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था। हालांकि, दूसरे टी20 में कैरेबियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 6 विकेट से शिकस्त दी थी। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 249 रन बनाए थे। मगर वेस्टइंडीज की टीम कप्तान शाई होप की नाबाद शतकीय पारी की बदौलत 250 रनों के लक्ष्य को 18.3 ओवर में चेज करने में सफल रही थी। होप 102 रन बनाकर नाबाद रहे थे, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों में 84 रनों की आतिशी पारी खेली थी।  

JPNIC में लगे 864 करोड़ पर अखिलेश से ओपी राजभर ने मांगा जवाब, बोले- ‘ड्रामा नहीं, हिसाब दीजिए’

लखनऊ लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। ‘अखिलेश जी, ड्रामा नहीं, हिसाब दीजिए’ ओम प्रकाश राजभर ने JPNIC को लेकर अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए कहा, “अखिलेश जी, आज ड्रामा नहीं, हिसाब दीजिए।” उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर आप JPNIC पहुंचकर हंगामा करेंगे, भाषण देंगे और खुद को जेपी का अनुयायी बताएंगे, लेकिन जेपी के नाम की आड़ में अपनी सरकार के समय JPNIC में हुए खर्च हुए पैसों का हिसाब नहीं देंगे। हिसाब देने से भागिए मत। 864 करोड़ रुपये के खर्च और अधूरी परियोजना पर उठाए सवाल राजभर ने कहा, “अखिलेश जी, JPNIC पर 864 करोड़ रुपए खर्च कर दिए, फिर भी परियोजना पूरी नहीं हुई, इतना पैसा आखिर गया कहां?” वहीं राजभर ने JPNIC संचालन समिति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “संचालन समिति में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और वसीम हसन की भूमिका क्या थी?” उन्होंने पूछा, “लोगों को बताइए कि आखिर इस समिति को क्या अधिकार मिलने थे? इसमें आपकी भूमिका क्या थी?” राजभर ने JPNIC में प्रस्तावित व्यावसायिक सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा, “JPNIC में होटल, क्लब, जिम और दूसरी व्यावसायिक सुविधाएं बनाई गईं।” उन्होंने सवाल किया कि इन सुविधाओं से होने वाली कमाई किसे मिलनी थी और संचालन किसके हाथ में जाना था। राजभर ने कहा कि जनता के पैसे से संपत्ति बने और उसकी कमाई की व्यवस्था खुद लोगों के लिए हो, यह कौन सा समाजवाद था? ‘अयोध्या आइए, पर्चा भरिए, चुनाव लड़िए’ राजभर ने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अखिलेश जी, आप अयोध्या से पर्चा भरिए। आपने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। आपकी यह चुनौती मुख्यमंत्री जी ने स्वीकार कर आपको भी अयोध्या से सामने चुनाव लड़ने को कह दिया।” उन्होंने आगे कहा, “अब इधर-उधर की बात क्यों कर रहे हैं? अयोध्या आइए, पर्चा भरिए, चुनाव लड़िए, वैसे हारेंगे आप ही, लेकिन कम से कम अपनी दी हुई चुनौती से तो मत भागिए।” राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर PDA के नारे को लेकर घेरा ओम प्रकाश राजभर ने सपा की पीडीए राजनीति पर भी निशाना साधा। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “उम्मीदवारों के चयन में परिवार और धनपशु दिखे, इसमें पीडीए कहां गया?” उन्होंने आगे कहा, “अखिलेश जी, राज्यसभा की दो सीटें आईं तो आपने अपने चाचा रामगोपाल यादव और बड़े उद्योग समूह के जुड़े धनराज नाथवाणी को चुन लिया, क्या आपको दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज से कोई नेता नहीं मिला?” राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख दिनभर पीडीए की बात करते हैं, लेकिन टिकट देने के समय अपना परिवार और धनपशु ही दिखता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर पीडीए क्या सिर्फ भाषण और पोस्टरों के लिए है?

बिहार में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों के खाते में पहुंचे पेंशन के पैसे, CM सम्राट चौधरी ने जारी किए ₹1237 करोड़

 पटना बिहार समेत पूरे देश में नवरात्र पर्व की धूम है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पर्व में राज्य के 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा बहनों सहित कुल 1 करोड़ 08 लाख 36 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रति व्यक्ति 1100 रुपये की दर से कुल 1237 करोड़ 48 लाख रूपये की राशि का हस्तांतरण किया। उन्होंने कहा कि हमारा जनप्रतिनिधियों से आग्रह है कि जब वे अपने क्षेत्र में जाते है तो गांव में जाकर यह सुनिश्चित करें कि सभी योग्य लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिले। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र लाभार्थी छूटे नहीं। पंचायत विकास दिवस के अवसर पर विशेष तौर पर यह अभियान चलाएं कि कोई भी योग्य पात्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित न रहे। हेल्थ सर्वेक्षण के दौरान भी यह पता करें कि योग्य लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रहा है कि नहीं। सम्राट चौधरी ने आगे यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिये राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये की गयी। प्रति माह लगभग 90 हजार से एक लाख पेंशनधारी जुड़ रहे हैं, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है। सितम्बर में 93835 नए लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल उपस्थित थे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं लाभार्थीगण जुड़े हुए हैं।

झारखंड में स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव, तीसरी-चौथी और नौवीं की नई किताबें लागू; 5वीं से 8वीं तक करना होगा इंतजार

रांची  राज्य के सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र वर्ष 2027-28 से तीसरी, चौथी एवं नौवीं कक्षा की पुस्तकें बदल जाएंगी। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने कक्षा तीसरी एवं चौथी की पुस्तकें तैयार कर ली हैं। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-2023 के तहत एनसीईआरटी द्वारा तैयार कक्षा नौ की पुस्तकें झारखंड में भी लागू होंगी। जेसीईआरटी ने इसपर निर्णय लेते हुए इसकी जानकारी झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को दे दी है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए पुस्तकों का प्रकाशन परिषद के माध्यम से होना है। एनसीईआरटी ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र (वर्ष 2026-27) से ही पहली से नौवीं कक्षा की पाठ्य-पुस्तकें बदल दी थीं। झारखंड की बात करें तो यहां के सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में पहली से आठवीं तक जेसीईआरटी द्वारा तैयार पाठ्य-पुस्तकें लागू होती हैं। वहीं, नौवीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की पुस्तकें चलती हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में एनसीईआरटी द्वारा बदली गई पुस्तकें लागू तो की गईं, लेकिन अन्य सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए पहले से ही प्रकाशन का टेंडर फाइनल हो जाने के कारण पुस्तकें बदली नहीं जा सकी थीं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में लागू हुई पहली एवं दूसरी कक्षा की संशोधित पुस्तकें झारखंड में जेसीईआरटी द्वारा पहली एवं दूसरी कक्षा की संशोधित पुस्तकें वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू हुई हैं। तीसरी से आठवीं तक की संशोधित पुस्तकें अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होनी थी, लेकिन तीसरी एवं चौथी कक्षा की पुस्तकें ही अंतिम रूप से तैयार हो सकीं। अब शेष कक्षाओं पांचवीं से आठवीं की पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2028-29 से ही बदल पाएंगी। 2028-29 से बदलेंगी 10वीं एवं 11वीं की पुस्तकें झारखंड में 10वीं एवं 11वीं कक्षा की पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2028-29 से ही बदल पाएंगी। दरअसल, एनसीईआरटी द्वारा अगले वर्ष जनवरी में 10वीं तथा फरवरी में 11वीं की पुस्तकें बदले जाने की संभावना है। चूंकि झारखंड में पहले ही पुस्तकों का प्रकाशन होता है, इसलिए अगले वर्ष झारखंड में एनसीईआरटी की संशोधित होनेवाली पुस्तकें लागू होना मुश्किल है। एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 12वीं की पुस्तकें बाद में बदली जाएंगी।

नवरात्र पर मातम में बदली खुशियां, पल्लू-नोहर हाईवे पर पिकअप ने 4 युवकों को कुचला; 3 की मौत

पल्लू (हनुमानगढ़)  राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पल्लू-नोहर मेगा हाईवे पर रविवार अलसुबह दर्दनाक हादसा हो गया। मां ब्रह्माणी के दर्शन करने के लिए पैदल जा रहे युवकों के जत्थे को पीछे से तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए रेफर किया गया है। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई। दर्शन के लिए पैदल निकले थे युवक थाना प्रभारी जगदीश के अनुसार, रावतसर तहसील के किकरालिया गांव से युवकों का एक जत्था रविवार अलसुबह मां ब्रह्माणी के दर्शन करने के लिए पैदल रवाना हुआ था। प्रथम शारदीय नवरात्र के अवसर पर युवक मंदिर में धोक लगाकर मन्नत मांगने जा रहे थे। इसी दौरान पल्लू से करीब 16 किलोमीटर दूर झेदासर और माहेला गांव के बीच पल्लू-नोहर मेगा हाईवे पर हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे युवकों को पीछे से तेज रफ्तार में आई पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। तीन युवकों की मौत, एक की हालत गंभीर हादसे में किकरालिया गांव निवासी अशोक (21) पुत्र राजू, अजय (27) पुत्र हंसराज और मोहित (22) पुत्र कुलदीप की मौत हो गई। वहीं, रुपेश (25) पुत्र दयाराम गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए चारों युवक एक ही परिवार के चाचा-ताऊ के बेटे थे। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। पिकअप छोड़कर चालक फरार हादसे के बाद पीछे से आ रहे एक कार चालक ने पिकअप गाड़ी का पीछा किया और उसे रुकवा लिया। हालांकि, पिकअप चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। मृतकों के परिजनों ने पुलिस थाने में मर्ग दर्ज करवाने के साथ अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब हादसे के संबंध में जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।

बुध का नक्षत्र परिवर्तन 12 अक्टूबर को, वृषभ समेत इन 3 राशियों की चमक सकती है किस्मत

ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, तर्क क्षमता और व्यापार का कारक माना जाता है.  यही वजह है कि बुध की चाल में होने वाला बदलाव लोगों के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को प्रभावित करने वाला माना जाता है.  बुध समय-समय पर अपनी राशि के साथ नक्षत्र भी बदलते हैं. पंचांग के अनुसार,  इस बार 12 अक्टूबर को बुध नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. इस परिवर्तन से कुछ राशियों के लोगों को फायदा मिल सकता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुध के विशाखा नक्षत्र में जाने से कुछ राशि के जातकों के लिए अच्छे मौके बन सकते हैं. उन्हें पैसों, नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर उसकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के हिसाब से अलग हो सकता है. आइए जानते हैं कि बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन किन राशियों के लिए शुभ रह सकता है. कब होगा बुध का नक्षत्र परिवर्तन? द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध ग्रह 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को शाम 6 बजकर 48 मिनट पर स्वाति नक्षत्र से निकलकर विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस नक्षत्र में बुध का गोचर 3 नवंबर 2026, मंगलवार को सुबह 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. ज्योतिष में विशाखा को 27 नक्षत्रों में 16वां स्थान प्राप्त है. इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं. वहीं, विशाखा का संबंध तुला और वृश्चिक राशि से है. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश फायदेमंद साबित हो सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.  आपके काम और व्यवहार से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. रचनात्मक कार्यों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह समय अच्छा रह सकता है. लेखन, साहित्य और कला से जुड़े जातकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. लगातार प्रयास करने से कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन कई सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है.  इस दौरान में आपकी संवाद शैली में सुधार हो सकता है. अपनी बात को सही तरीके से रखने की क्षमता के कारण आप कार्यक्षेत्र में लोगों को प्रभावित कर सकते हैं. कामकाज के सिलसिले में यात्रा करने के अवसर प्राप्त होंगे, जो आगे चलकर लाभकारी साबित हो सकते हैं. नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए बुध का विशाखा नक्षत्र में गोचर लकी साबित हो सकता है, नौकरी करने वालों को अच्छा परिणाम मिल सकता है. व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं. कारोबार को आगे बढ़ाने में सफलता मिलने की संभावना है. आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं. पहले से चल रहे कामों में भी सुधार  होगा. जमीन-जायदाद या संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं.  

सीएम योगी का बलरामपुर को बड़ा तोहफा, ₹803 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

बलरामपुर  अपने दो दिवसीय दौरे पर बलरामपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन सुबह शक्ती पीठ देवी पाटन मंदिर के गर्भ गृह में आदि शक्ती मां पाटेश्वरी देवी का दर्शन पूजन किया। सीएम ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ गौशाला में गोवंशो को हरा चारा और गुड़ खिलाया। उन्होंने मां के पांव पखारे, आरती उतारी और गोसेवा करके प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। रविवार को सीएम योगी की दिनचर्या की शुरुवात पूजा पाठ से हुई। सीएम सुबह आठ बजे शक्ती पीठ देवी पाटन मंदिर के गर्भ गृह में पहुंचे। मंदिर के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी व अन्य पुजारियों ने सीएम को पूजा पाठ कराया। इस दौरान सीएम ने बलरामपुर को विकास के क्षेत्र में रोल मॉडल बनाने और जिले की सुरक्षा एवं तरक्की के संकल्प को दोहराया। इसके बाद सीएम ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीएम ने कहा कि नवरात्रि पर शक्ति पीठ पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इसका विशेष ख्याल रखा जाए। मंदिर परिसर में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने मंदिर के सूर्यकुंड व थारू जनजाति छात्रावास का भी जायजा लिया। सीएम ने हर बार की तरह इस बार भी मंदिर के गौशाला में जाकर गोवंशों को हरा चारा व गुण खिला कर उनका दुलार किया। सीएम कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इस दौरान शक्तिपीठ और उसके आसपास पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर जिले के जनप्रतिनिधि व आला अधिकारी मौजूद थे। बलरामपुर को 803 करोड़ की सौगात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को 803 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। शनिवार को हुए कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन विकास परियोजनाओं से सदर और उतरौला विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं के माध्यम से जिले में विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। सीएम योगी ने कहा कि बलरामपुर में विकास की अपार संभावनाएं हैं। जिले को विकसित क्षेत्र के रूप में स्थापित करने के लिए युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने होंगे। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। अन्य विभागों को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए, ताकि युवाओं को उनकी रुचि और जरूरत के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

गोल्ड ट्रेडिंग में पहले दिया मुनाफा, फिर निकासी के नाम पर वसूले 40 लाख से ज्यादा रुपये

कानपुर यूपी के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां गोविंदनगर में साइबर ठगों ने गोल्ड ट्रेडिंग के जरिये ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर की ठगी 40.32 लाख रुपये कर ली। आरोप है कि ठगों ने निवेश पर लाभ देकर भरोसा जीता और बाद में रकम निकालने के नाम पर अलग-अलग शुल्क वसूल किए। पीड़ित ने गोविंदनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दबौली पी-ब्लाक निवासी महेंद्र सिंह के अनुसार उन्होंने जनवरी 2026 को मर्गन मैक्स कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश शुरू किया था। शुरुआत में 50 हजार रुपये लगाए। अगले दिन उनके खाते में पांच हजार रुपये लाभ के रूप में आए। इससे भरोसा होने पर उन्होंने आगे निवेश किया। इस दौरान कंपनी ने अपनी वेबसाइट और नाम भी बदल लिया। इसके बाद उन्होंने चार चरणों में कुल चार लाख रुपये जमा किए। ट्रेडिंग खाते में उनकी रकम बढ़कर 68085.75 डॉलर दिखाई देने लगी। इसके बाद उन्होंने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया। आरोप है कि भुगतान करने के बजाय कंपनी की ओर से विभिन्न शुल्कों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 40.32 लाख रुपये की रकम ले ली गई। महेंद्र सिंह के अनुसार रकम निकालने के लिए 2193 डॉलर की और मांग की गई। तब उन्हें धोखधड़ी का एहसास हुआ। थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से कार्रवाई की जा रही है। 3.09 लाख का भुगतान करे कंपनी उधर, राणा प्रताप नगर निवासी योगेन्द्र नाथ पांडेय ने एस समीर डायरेक्टर मेसर्स ड्रीम इंफ्रावेंचर ड्रीम्स प्लाजा अपोजिट फोनिक्स मॉल नियर एलडीए मार्केट आलमबाग लखनऊ और टीम हेड नसीम हसन पर चार जून 2021 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दर्ज कराया था। बतौर आरोप उन्होंने कंपनी के प्रोजेक्ट में प्लॉट के लिए आवेदन किया था। इसके लिए 2.06 लाख रुपये जरिये चेक जमा किया था। कंपनी द्वारा सही जानकारी और जमा धनराशि का विवरण न देने पर प्लॉट नहीं लिया और रुपये वापस मांगे। कंपनी की ओर से धनराशि को दूसरे प्लान में ड्रीम्स स्पर्श पैराडाइसेस से ग्रोथ बेनिफिट में लगाया। और 3.09 लाख रुपये 30 माह में देने की बात तय हुई। एग्रीमेंट 25 अगस्त 2019 को हुआ और 26 सितंबर को पहली किस्त में 10 हजार रुपये चेक से भुगतान किया गया। इसके बाद किस्तें नहीं दीं। नोटिस के बावजूद विपक्षी अपना पक्ष रखने उपस्थित नहीं हुए। आयोग अध्यक्ष विनोद कुमार और सदस्य वन्दना सिंह ने 45 दिनों के भीतर 3.09 लाख रुपये देने के आदेश दिए। इसके साथ ही 20 हजार रुपये शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने के आदेश दिए।

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में बड़ा हादसा टला? भारतीय कैप्टन पर हमले की जांच NIA के हाथ

नई दिल्ली  राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने इस मामले में 9 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की। यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। हमले में भारतीय नागरिक पायलट मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मामले में विमान अपहरण रोधी अधिनियम, 2016 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अब NIA घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। सह-पायलट पर कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप अधिकारियों के अनुसार, उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ी से हमला किया था। इस हमले में मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए अब केंद्रीय जांच एजेंसी मामले की पड़ताल कर रही है। विमान को अगवा करने या दुर्घटनाग्रस्त करने की आशंका अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह आशंका भी शामिल है कि हमला कथित तौर पर विमान का अपहरण करने या उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के तहत किया गया था। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए विमान अपहरण रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, हमले के पीछे की वास्तविक वजह और कथित साजिश से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। NIA की जांच में अब घटना की परिस्थितियों, हमले के उद्देश्य और विमान की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा।  

झारखंड में मिलावटखोरों पर शिकंजा, धनबाद की कई दुकानों में खाद्य पदार्थ नष्ट; दुकानदारों को नोटिस की तैयारी

 धनबाद  त्योहारों के मद्देनजर धनबाद में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। रांची से आई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) की मदद से शहर के स्ट्रीट फूड स्टाल, होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के दौरान कई दुकानों के खाद्य पदार्थों में रासायनिक रंग और मिलावट पाई गई। संबंधित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। अभियान के दूसरे दिन हीरापुर बाजार से पुलिस लाइन तक जांच की गई। इस दौरान कई चाट दुकानों के छोले में रासायनिक रंग मिला। इनमें सुपर श्रीराम चाट, विजय चाट शॉप, शुभम चाट, जय गुरु चाट सेंटर, मुरारी कुमार चाट ठेला, स्पाइसी चाट एंड मोमोज, चाट शॉप ठेला, हॉट एंड टेस्टी चाट और स्पाइसी अमृत चाट शामिल हैं। इन दुकानों के रंग मिले छोले को मौके पर नष्ट कराया गया। लड्डू, चिकन मसाले और हल्दी में भी गड़बड़ी जांच के दौरान काली दस किचेन के चिकन मसाले में रासायनिक रंग मिला। राजस्थानी नमकीन दुकान के मोतीचूर, बेसन और घी के लड्डू में भी रासायनिक रंग पाया गया। धनंजय मंडल के समोसा ठेले पर आलू के मसाले और चटनी में रंग मिला। वहीं, शंकर होटल के ठेले पर इस्तेमाल की जा रही हल्दी मिलावटी पाई गई। शंकर मिष्ठान भंडार के बेसन लड्डू में भी रासायनिक रंग मिला। संबंधित खाद्य पदार्थों को मौके पर नष्ट कराया गया। गंदगी मिलने पर सुधार का निर्देश चाट चटोरी दुकान पर खाद्य लाइसेंस नहीं मिला और गंदगी पाई गई। धनबाद समोसा चाट वाले के स्टाल पर भी साफ-सफाई की कमी मिली। झारखंड चिकन पकौड़ा ठेले पर गंदी कढ़ाई में पकौड़े बनाए जा रहे थे। संबंधित दुकानदारों को साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों में सुधार करने का निर्देश दिया गया। विभाग के अनुसार, अभियान के पहले दिन कुल 83 खाद्य नमूनों की रासायनिक जांच की गई। दुकानदारों को व्यवस्था सुधारने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है। जांच में विफल पाए गए खाद्य पदार्थों और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के उल्लंघन के मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।