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बिहार में विकास परियोजनाओं की समीक्षा, आमस-दरभंगा सड़क 2027 तक और साइंस सिटी का काम 2028 तक पूरा होगा

 पटना  सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लोकसेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में 'बिहार गति' के अंतर्गत राज्य में 100 करोड़ रपये से अधिक की परियोजनाओं एवं केंद्र की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पटना के राजेंद्र नगर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में विभिन्न गैलरियों के प्रदर्शों का निर्माण कार्य वर्ष 2028 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया। 2027 तक पूर्ण करें आमस-श‍िवरामपुर खंड का निर्माण NH-119D के अंतर्गत आमस-दरभंगा मार्ग के पैकेज-1 में 55 किलोमीटर लंबे आमस-शिवरामपुर खंड की समीक्षा के दौरान कहा कि इसे वर्ष 2027 तक पूर्ण करें। उन्होंने बिहार जलाशय पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से आवश्यक समझौता करने की कार्रवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आवास के लिए सर्वेक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। तथा प्राप्त आपत्तियों का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाए, ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समय पर मिल सके। पीएम आवास योजना के तहत सर्वेक्षण एवं आपत्तियों का निराकरण करें   प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 12 लाख आवास निर्माण के लक्ष्य को जल्द पूर्ण करें साथ ही बाढ़ पीड़ित परिवारों को प्राथमिकता सूची में रखें। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य पर जोर दिया गया। विशेष अभियान चलाकर आदिवासी परिवारों को पक्का आवास दें निर्देश दिया कि विशेष अभियान चलाकर आदिवासी परिवारों को इसका लाभ दिलायें। मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने से संबंधित स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी सचिव को निर्देश दिया कि सरकारी भूमि की उपलब्धता की अंचलवार समीक्षा की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराने में आनेवाली समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान सीएम ने संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने तथा पात्र लाभार्थियों को प्रावधानों के अनुसार लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अंतिम व्‍यक्‍त‍ि तक लाभ पहुंचाने को प्रत‍िबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं एवं योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए तथा क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने दी जाए। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास, आरसीडी के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह व संजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, हिमांशु शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।  

बिहार में बाढ़ से बर्बाद खेतों को फिर खेती योग्य बनाने की तैयारी, किसानों को मिलेगी आर्थिक सहायता

पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में बाढ़ प्रभावित किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल सरकार ने बाढ़ की वजह से खेतों में जमी गाद, रेत और बालू से त्रस्त किसानों को सरकार ने राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत पटना समेत प्रदेश के 22 जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों को सरकार कृषि योग्य भूमि और मत्स्य प्रक्षेत्रों पर जमा बालू, रेत एवं गाद हटाने के लिए सहायता राशि देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित किसानों को उनकी जमीन को दोबारा खेती योग्य बनाने में सहायता करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रावधान के तहत संबंधित किसान को प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। साथ ही, प्रत्येक पात्र किसान को न्यूनतम 2200 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। इससे बाढ़ के बाद खेतों में बालू, रेत और गाद जमा होने के कारण हो रही दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी। सरकार की इस पहल से किसान अपनी जमीन को अगली फसल की बुआई के लिए तैयार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित 22 जिलों के जिलाधिकारियों को प्रभावित कृषि योग्य भूमि तथा मत्स्य प्रक्षेत्रों का स्थलीय सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। सत्यापन के दौरान जमीन पर जमा बालू, रेत एवं गाद के जमाव का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर जिले की ओर से एसडीआरएफ या एनडीआरएफ के निर्धारित सहायता मानकों के तहत राशि की मांग करनी होगी। गौर हो कि इस साल गंगा, सोन, गंडक, कोसी सहित अन्य नदियों में आई बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेतों में बालू, रेत एवं गाद जमा होने की समस्या सामने आयी है। इससे जमीन को दोबारा खेती के अनुकूल बनाने में किसानों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। लाखों किसानों को जगी उम्मीद सरकार हर वर्ष बाढ़ प्रभावित इलाकों के किसानों को कृषि इनपुट अनुदान देती है। इस वर्ष भी अनुदान बांटे गए हैं। लेकिन, कृषि इनपुट अनुदान उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनकी फसल को बाढ़ से क्षति पहुंची हो। उन किसानों की कोई मदद नहीं मिल पाती है, जिनके खेतों में रेत या गाद जमा हो जाती है। ऐसे किसानों को अब उम्मीद जगी है। इन जिलों में आकलन पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, अरवल, पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल एवं सहरसा।

बिहार के हर प्रखंड में बनेगा स्टेडियम, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान

 मुंगेर  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए वह अपना पूरा जीवन समर्पित कर देंगे। उनका लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक बिहार का कोई भी व्यक्ति मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्य में जाने को मजबूर नहीं हो। बिहार में ही लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, बेहतर रोजगार, व्यापार या उच्च पद के अवसर मिलने पर युवा दूसरे राज्यों में जा सकेंगे। मुख्यमंत्री सोमवार को नवरात्र की नवमी तिथि पर तारापुर विधानसभा क्षेत्र के संग्रामपुर प्रखंड अंतर्गत कहुआ गांव पहुंचे थे। यहां तारापुर विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक वासुकी राय के नाम पर स्थापित खेल मैदान में आयोजित फुटबाल टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में शामिल हुए। उन्होंने विजेता व उपविजेता टीम के कप्तानों को ट्रॉफी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए तारापुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक प्रखंड में स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। अगले दो महीने के अंदर निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि वासुकी राय के नाम पर स्थापित यह खेल मैदान क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करेगा। 211 डिग्री कॉलेज शुरू किए मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले राज्य में महज 272 कॉलेज थे। उन्होंने 15 जुलाई 2026 को राज्य में एक साथ 211 डिग्री कॉलेज शुरू किए। इसके साथ ही राज्यभर में 700 मॉडल स्कूल सह सरस्वती विद्या निकेतन शुरू किए गए। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके माध्यम से विद्यार्थी विशेषज्ञों से ऑनलाइन मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। 1962 से हो रहा फुटबाल टूर्नामेंट ग्रामीणों के अनुसार, कहुआ गांव में वर्ष 1962 से प्रत्येक वर्ष फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजित टूर्नामेंट में आठ टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबला टीटीसी मानिकपुर और पाटम की टीम के बीच खेला गया। इसमें टीटीसी मानिकपुर की टीम विजेता बनी, जबकि पाटम की टीम उपविजेता रही। विभिन्न मंदिरों में किया माता का दर्शन कहुआ के बाद मुख्यमंत्री संग्रामपुर प्रखंड के बद्रीविशाल सहित अन्य पूजा पंडाल तथा दुर्गा मंदिर पहुंचे तथा मां दुर्गा की पूजा अर्चना कर बिहार के विकास व समृद्धि की कामना की।

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर, गेहूं समेत रबी फसलों की खेती बढ़ाने पर जोर

पटना  बिहार में रबी फसलों की खेती का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को वासंतिक (रबी) महाअभियान जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ विभिन्न जिलों में जाकर किसानों को रबी फसलों की खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करेगा। इस साल राज्य में 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी खेती का लक्ष्य तय किया गया है। गेहूं की खेती के लिए 24 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य पिछले वर्ष बिहार में करीब 42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वासंतिक फसलों की खेती हुई थी। इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 48 लाख हेक्टेयर किया गया है। इसमें 24 लाख हेक्टेयर में गेहूं, छह लाख हेक्टेयर में वासंतिक मक्का और पांच लाख हेक्टेयर में दलहन की खेती का लक्ष्य है। इसके अलावा चार लाख हेक्टेयर में तिलहन और नौ लाख हेक्टेयर में आलू, सब्जी, मसाला व अन्य फसलें उगाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के निर्धारित लक्ष्य सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। खेतों में इसका वास्तविक परिणाम दिखना चाहिए। लक्ष्य हासिल करने के लिए जिलों, प्रखंडों और पंचायतों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। दलहन-तिलहन और प्राकृतिक खेती पर जो सरकार मसूर, चना और सरसों जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान देगी। गुणवत्तापूर्ण बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर रहेगा। कृषि में युवाओं और महिलाओं के लिए अवसर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों की ओर से विकसित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाना जरूरी है। कृषि यंत्र, बीज उत्पादन, मशरूम, नर्सरी, ड्रोन, प्रसंस्करण और विपणन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं हैं। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की जरूरत पर भी बल दिया।  

Bihar Flood Relief: बाढ़ प्रभावितों को बड़ी राहत, 1.60 लाख परिवारों को मिली सहायता; छूटे लोगों का होगा सर्वे

पटना बिहार के बाढ़ पीड़ित परिवारों को सरकार से सहयता की राशि दी जा रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1.60 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के खाते में 7-7 हजार रुपये अनुग्रह अनुदान के रूप में हस्तांतरित की। कुल 112.14 करोड़ की राशि लोगों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अब भी कोई प्रभावित परिवार इस राशि से वंचित है तो उनका नाम शीघ्र भेजें। ताकि, उन्हें भी यह राशि उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक साथ 1 लाख 60 हजार परिवारों की पीड़ी कम करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा 14 तारीख को किसानों को कृषि इनपुट की राशि जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त आधारभूत सूचनाओं को दीपावली के पहले दुरुस्त करने का निर्देश दिया है ताकि, उन इलाकों में लोगों के जनजीवन को समान्य बनाया जा सके। पिछले दिनों गंगा, गंडक, कोसी, बागमती, बलान नदियों में आई बाढ़ की वजह से करीब 55 लाख की आबादी प्रभावित हुई। भागलपुर में अभी भी बाढ़ के कहर से लोग तबाह हैं। नीचे आती गंगा नदी भीषण कटाव कर रही है। नवगछिया में बड़ी संख्या लोगों के ऊंचे-ऊंचे मकान कटकर गंगा नदी में समा गए। इस मौके पर सीएम ने कहा कि लोगों को बाढ़ से काफी परेशानी हुई। प्रभावित जिलों के अधिकारियों ने पूरी क्षमता से राहत पहुंचान का काम किया। सभी जिलाधिकारियों से आग्रह करना है कि एक बार फिर से सर्वे करवा लें ताकि कोई प्रभावित परिवार नहीं बचे। दीपावली से पहले प्रभावित इलाके में सड़क, बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को बहाल करना सुनिश्ति करें ताकि त्योहार में जो लोग बाहर से अपने घर पहुंचें उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए। सम्राट चौधरी ने बाढ़ के सामय काफी संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया था और राहत शिविर में जाकर व्यवस्था की समीक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए दूसरे फेज में 112.14 करोड़ की राशि ट्रांसफर किया। इससे पहले 15 सितम्बर को 7-7 हजार की सहायता राशि दी गयी थी। उस समय 8 लाख 27 हजार परिवारों को इसका लाभ मिला था। मुख्यमंत्री का कहना है कि कोई भी परिवार छूटना नहीं चाहिए। जिला स्तर पर सर्वे कर पीड़ितों की सूची तैयार की गयी है। सभी बाढ़ पीड़ितों को विभिन्न फेज में राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

बिहार में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों के खाते में पहुंचे पेंशन के पैसे, CM सम्राट चौधरी ने जारी किए ₹1237 करोड़

 पटना बिहार समेत पूरे देश में नवरात्र पर्व की धूम है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पर्व में राज्य के 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा बहनों सहित कुल 1 करोड़ 08 लाख 36 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रति व्यक्ति 1100 रुपये की दर से कुल 1237 करोड़ 48 लाख रूपये की राशि का हस्तांतरण किया। उन्होंने कहा कि हमारा जनप्रतिनिधियों से आग्रह है कि जब वे अपने क्षेत्र में जाते है तो गांव में जाकर यह सुनिश्चित करें कि सभी योग्य लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिले। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र लाभार्थी छूटे नहीं। पंचायत विकास दिवस के अवसर पर विशेष तौर पर यह अभियान चलाएं कि कोई भी योग्य पात्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित न रहे। हेल्थ सर्वेक्षण के दौरान भी यह पता करें कि योग्य लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रहा है कि नहीं। सम्राट चौधरी ने आगे यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिये राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये की गयी। प्रति माह लगभग 90 हजार से एक लाख पेंशनधारी जुड़ रहे हैं, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है। सितम्बर में 93835 नए लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल उपस्थित थे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं लाभार्थीगण जुड़े हुए हैं।

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले NDA में हलचल, सम्राट चौधरी ने बुलाई अहम बैठक

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के सभी विधायक, एमएलसी और सांसदों को पटना बुला लिया है। 9 अक्टूबर को सीएम आवास में अहम बैठक होगी। बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर इसमें एनडीए अपनी साझा एकता का प्रदर्शन करेगा। सम्राट के आवास पर मंगलवार को हुई एनडीए के घटक दल के नेताओं की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में एमएलसी चुनाव को लेकर मचे घमासान पर भी चर्चा की गई। इसमें दोनों पार्टियों के आलाकमान को ही अपने-अपने दलों के मामले का तुरंत निपटारा करने की बात तय की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई एनडीए नेताओं की बैठक में दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतनराम मांझी के हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (HAM), उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेता भी मौजूद रहे। बैठक से निकलने के बाद संजय सरावगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधान परिषद चुनाव को लेकर मंगलवार को एनडीए के सभी नेता बैठे। इसमें एमएलसी चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। यह चुनाव एनडीए एकजुट होकर लड़ रहा है। जेडीयू और रालोमो में एमएलसी चुनाव को लेकर मचे घमासान पर सरावगी ने कहा कि अपने-अपने दल के मामले उनके नेता देखेंगे। सम्राट बोले- एमएलसी चुनाव में साझा प्रचार करेंगे सभी दल जानकारी के अनुसार बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि एमएलसी चुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि सभी दलों के नेता साझा प्रचार करें। पार्टी के बजाय गठबंधन को प्राथमिकता दें, ताकि जीत सुनिश्चित हो सके। बैठक में सभी आठों सीटों पर जीत हासिल करने पर विमर्श हुआ। 4-4 सीटों पर लड़ रही जेडीयू और भाजपा बिहार विधान परिषद की जिन 8 सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं उनमें पटना, दरभंगा, कोसी, तिरहुत, सारण क्षेत्र की शिक्षक और स्नातक कोटे की सीटें हैं। एनडीए से भाजपा और जेडीयू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। एमएलसी चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 9 अक्टूबर तक नामांकन वापसी का समय है। सम्राट के आवास पर मंगलवार को हुई बैठक में हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, रालोमो से मंत्री दीपक प्रकाश, लोजपा-आर के मंत्री संजय सिंह और संजय पासवान के अलावा विधायक संजीव चौरसिया, एमएलसी जनक राम एवं संजय गांधी, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया भी मौजूद रहे।

बिहार में वर्षों से अटकी विकास योजनाओं पर सरकार नाराज, अब होगी गहन समीक्षा

पटना सम्राट चौधऱी सरकार मुख्यमंत्री क्षेत्र योजना को ठीक से लागू नहीं करने पर नाराज हो गई है। अब राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत पूरे राज्य से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही सुस्ती से सरकार नाराज है और अब इसकी गहन समीक्षा की जाएगी। विभागीय स्तर पर कई वर्षों से काफी योजनाओं के अधूरे रहने की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। योजना एवं विकास विभाग के अनुसार, जनवरी 2026 में 17वीं विधानसभा (2021-22 से 2025-26) के दौरान विधायकों और विधान पार्षदों द्वारा अनुशंसित विकास कार्यों पर 71.40 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है। लगभग 20 फीसदी स्वीकृत योजनाएं अभी भी विभिन्न चरणों में लागू की जा रही हैं। कुल उपलब्ध निधि का ठीक से उपयोग नहीं हुआ विभागीय सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई क्षेत्रों में आठ वर्ष पहले की स्वीकृत राशि के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की मार्च 2023 की रिपोर्ट में भी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर कमियां सामने आई थीं। नमूना जांच किए गए 13 प्रमंडलों में कुल उपलब्ध निधि का 28 से 59 प्रतिशत तक उपयोग नहीं हुआ था। इससे पर्सनल लेजर अकाउंट में अव्यवहृत शेष राशि पड़ी रही। वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रत्येक विधायक के लिए वार्षिक आवंटन ती करोड़ रुपये से बढ़ाकर ती करोड़ रुपये कर दिया गया था, ताकि उनके क्षेत्र में विकास कार्य तेज गति से हो सकें। बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में कुल 318 सदस्य (243 विधायक और 75 विधानपार्षद) हैं, जो सालाना 1272 करोड़ रुपये की योजनाओं की अनुशंसा कर सकते हैं पटना समेत ये शहर चयनित मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत चयनित शहरों में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, छपरा, सीवान, सासाराम, बेतिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, नवादा, औरंगाबाद, बांका, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय सहित कई प्रमुख शहरी क्षेत्र शामिल हैं।

CM सम्राट चौधरी की नई पहल, डैशबोर्ड पर दिखेगा बिहार सरकार के कामकाज का पूरा ब्योरा

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार अब अपनी उपलब्धियों और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति को संकल्प पोर्टल पर दर्ज करेगी। इसके लिए पोर्टल विकसित किया जा रहा। सरकार की ओर से लिए गए संकल्पों, घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति उसी एक प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होगी। इससे विभागों के कामकाज की निगरानी अपेक्षाकृत सहज होगी और सरकार की उपलब्धियों का दस्तावेज भी बनता जाएगा। बहरहाल, सरकार का जोर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर है। यह पोर्टल उसका एक उपादान होगा। इसके माध्यम से विभागवार उपलब्धियों को व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाएगा। समय-समय पर इसकी समीक्षा भी होगी। इससे मुख्यमंत्री और शीर्ष स्तर पर योजनाओं की प्रगति की निगरानी आसान होगी। सरकार की ओर से हाल के महीनों में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और जनहित से जुड़े कार्यों को भी इसमें सम्मिलित किया जाएगा। विभागों के प्रदर्शन का होगा आकलन संकल्प पोर्टल पर सरकार की प्रमुख योजनाओं, लिए गए निर्णयों और निर्धारित लक्ष्यों के साथ वास्तिवक प्रगतिका ब्योरा होगा। विभागों को अपने स्तर से संबंधित सूचनाएं और उपलब्धियां पोर्टल पर दर्ज करनी होंगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस विभाग ने किस क्षेत्र में कितनी प्रगति की है और कौन से लक्ष्य पूरे किए गए हैं। योजनाओं की चाल से अवगत होगी जनता अभी विभिन्न विभागों से उपलब्धियों का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद पोर्टल पर नियमित रूप से सूचनाएं अपडेट की जाएंगी। यह अभिनव पहल जन-सापेक्ष होगा, क्योंकि इसके जरिये नागरिकों को भी सरकार की योजनाओं की गति और उपलब्धियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी एक प्लेटफार्म पर मिल जाएगी। डैश-बोर्ड पर बिहार गति से लेकर पत्राचार तक पोर्टल के डैश-बोर्ड पर 10 विंडो होंगे। उनके जरिये बिहार गति, फ्लैगशिप ग्रीन/फील्ड प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री की घोषणाएं, मंत्रिमंडल के निर्णय आदि की जानकारी मिलेगी। इसके अतिरिक्त सौ दिन का रिपोर्ट कार्ड, वीआइपी के साथ जन-प्रतिनिधियों के पत्र के आधार पर मुख्यमंत्री द्वारा कराए गए कार्य का ब्योरा भी होगा। राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को लेकर हुई पहल के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र (तारापुर) की प्रगति संबंधित विंडो भी होगा। सहयोग कार्यक्रम में आए आवेदन से संबंधित जानकारी भी इस पर दर्ज होगी।

सरकारी स्कूलों में बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर, अगले साल से कंप्यूटर शिक्षा होगी जरूरी

पटना बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में अगले वर्ष से कम्प्यूटर की शिक्षा अनिवार्य होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को दानापुर स्थित एक स्कूल में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को पढ़ाई की अत्याधुनिक सुविधाएं देकर हम उन्हें निजी विद्यालयों के समकक्ष बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने दानापुर के बाटागंज स्थित राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। शिक्षा विभाग को अगले वर्ष से सभी सरकारी विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा को अनिवार्य बनाने की दिशा में आवश्यक योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए दो-तीन स्कूलों पर एक इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था होगी, ताकि विद्यार्थियों को कम्प्यूटर की शिक्षा नियमित रूप से मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर ढंग से तैयार हो सकें। सुविधाओं पर मांगा सुझाव मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों अभिभावकों से स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था या सुविधाओं में सुधार के संबंध में सुझाव मांगा। सीएम ने कहा कि उनके सुझावों से न केवल संबंधित विद्यालय बल्कि पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मौके पर अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को पेरेंट्स ऑफ द मंथ के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मेरे सपनों का भारत-सेवा चित्र अभियान’ के अंतर्गत आयोजित सेवा चित्र प्रतियोगिता का अवलोकन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए विकसित भारत-2047, सोलर एनर्जी, मेट्रो ट्रेन, रोबोट एवं सपनों का भारत आदि विषयों पर आधारित चित्रों के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी कल्पनाशीलता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने मन लगाकर पढ़ाई करने, नियमित रूप से स्कूल आने और 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की सलाह भी दी। पढ़ाई पर नजर रखें : मंत्री शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभिभावकों से कहा कि सिर्फ बच्चों को स्कूल भेज देने से आपकी ड्यूटी खत्म नहीं हो जाती। बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में अभिभावकों की नियमित भागीदारी जरूरी है। अभिभावक बच्चों की पढ़ाई पर नजर रखें, उनसे संवाद करें और उनकी समस्याओं को समझें।