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ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापना में तेजी लाएं, निजी क्षेत्र के निवेश को दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री

फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही जारी करें नोटिस, जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85% भूमि अधिग्रहीत, बोले मुख्यमंत्री सभी प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करें  ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापना में तेजी लाएं, निजी क्षेत्र के निवेश को दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री लाइन लॉस पर फीडरवार तय होगी जवाबदेही, बिजली चोरी के विरुद्ध चलाएं विशेष अभियान: मुख्यमंत्री मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए: मुख्यमंत्री जनहित की प्रत्येक परियोजना समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, स्वास्थ्य, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्नि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला स्तरीय महिला एवं पुरुष चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराया जाए। जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है अथवा जिनके पास अब तक वैध फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपद में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित प्रदेश की विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक में गत सीएम-समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर अर्थात 84.80 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 643.60 हेक्टेयर के सापेक्ष 315.73 हेक्टेयर अर्थात 49.05 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1539.19 हेक्टेयर के सापेक्ष 654.77 हेक्टेयर तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 895.34 हेक्टेयर के सापेक्ष 266.82 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों हेतु निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेंगे, इसलिए इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास हेतु भी पर्याप्त भूमि की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी एवं जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिए। बैठक में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति एवं भूमि अधिग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में ग्रेटर नोएडा स्थित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए अधिकांश भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण एवं विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए प्रस्तावित मॉडल बिल्डिंग बायलॉज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर आगामी 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य, जनपद एवं विकास खंड स्तर पर रिक्त पदों पर चयन एवं तैनाती की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निजी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं तथा निजी क्षेत्र निवेश के लिए इच्छुक है। आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। बैठक में डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए डेटा सेंटर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मेनहोल से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को हटाने एवं पृथक्करण की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई तथा इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।  ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त मेरठ, आगरा एवं सहारनपुर को लाइन लॉस के संबंध में फीडरवार जवाबदेही निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी बिजली चोरी की शिकायतें हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।

गीडा क्षेत्र और बरहुआं चौराहे पर महीनों से जमा कचरा हटाया गया, सीएम के संज्ञान के बाद तेज हुई कार्रवाई

गोरखपुर यूपी के गोरखपुर में रविवार को हेलीकॉप्टर से जा रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर रविवार को कालेसर जीरो प्वाइंट चौराहा और गीडा क्षेत्र के बरहुआं चौराहे के पास महीनों से गिराए गए नगर निगम के कचरे के ढेर पर पड़ गई। मुख्यमंत्री ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। उसके बाद नगर निगम ने छह बड़ी जेसीबी, तीन डीसीएम और छह डम्पर की मदद से बरहुआं चौराहे के आस-पास से कचरा जमुआड़ प्लाट पर निस्तारण के लिए भिजवाया। रविवार को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन के लिए पहुंचे। कार्यक्रम खत्म कर सड़क मार्ग से कालेसर जीरो प्वाइंट होते हुए गीडा ऑफिस के पास बने हैलीपेड से हेलिकॉप्टर से रवाना हुए। इस दौरान उनकी नजर कालेसर और बरहुआ सड़क किनारे पड़े कचरे के ढेर पर पड़ी। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उनकी नाराजगी के बाद वहां तुरंत डंपर भेजकर सफाई करवाई गई। मौके पर पहुंचे अपर नगर आयुक्त नगर आयुक्त अजय जैन के निर्देश पर अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार बरहुआं चौराहे पर पहुंचे और कचरा उठा कर तत्काल जमुआड़ प्लाट पर निस्तारण के लिए भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने हिन्दुस्तान को बताया कि सारा डम्प कचरा हटाया जा रहा है। मौके पर उपस्थित सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद कचरा हटा कर जमुआड़ भेजा जा रहा है। उधर मौके पर उपस्थित ग्राम प्रधान नागेंद्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया कि उनके निर्देश पर तीन माह से दिक्कत झेल रहे नागरिकों को राहत मिली है। नगर निगम का कचरा फ्रेश वेस्ट बायो ट्रामल प्लांट जमुआड में निस्तारित किया जाता है। लेकिन कुछ वाहन चालक इस कचरा को वहां ले जाने के बजाए बरहुआ पॉवर हाउस के आसपास सड़क के किनारे खाली गढ्ढों में पिछले तीन माह से डाल रहे थे। ग्राम प्रधान नागेंद्र कुमार यादव ने बताया कि शिकायत के बाद भी निगम ने कोई सुनवाई नहीं की। लेकिन रविवार को जब अचानक कचरा उठाने निगम की गाड़ियां पहुंचीं तो सभी हैरान रह गए। सीएम की सख्ती के बाद नगर निगम के इस कदम से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली। सभी ने सीएम का आभार व्यक्त किया है। महापौर, डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने बरहुआं और कालेसर जीरो प्वाइंट पर गंदगी का स्वत: संज्ञान लिया था। कड़ी नाराजगी व्यक्त की। तत्काल दोनों स्थानों पर साफ सफाई कराई गई है। आगे ईधर-उधर कचरा न डाला जाए, इसका ध्यान रखा जाएगा।

तेज आंधी और बिजली से मौत पर सरकार का सहारा, मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

 लखनऊ यूपी में बीते दिनों आई तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली से हुई धन-जनहानि के पीड़ितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुक्रवार को मुआवजा बांटा गया। विभिन्न जिलों में प्रभारी मंत्रियों ने पीड़ितों को धनराशि का चेक सौंपा और सरकार के उनके साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया। प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये के अलावा राहत सामग्री के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया गया। लखीमपुर खीरी के मितौली तहसील के ग्राम जमुनिया कढ़ीले में 13 मई की रात आई तेज आंधी और बारिश ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। मकान की छत भरभराकर गिरी और उसके नीचे दबकर 40 वर्षीय रतिराम पुत्र दीना की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर गांव पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। गांव पहुंचे प्रभारी मंत्री ने पूर्व सांसद जुगुल किशोर और डीएम अंजनी कुमार सिंह की मौजूदगी में मृतक की पत्नी और बच्चों को चार लाख रुपये की दैवीय आपदा सहायता, 6500 रुपये गृह अनुदान का डेमो चेक सौंपा। इसी तरह हरदोई में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद हरदोई के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने तहसील संडीला के ग्राम आंट मजरा आंट सांट में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पीड़ित परिवार से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने मौके पर उपस्थित मृतका की माता कमला पत्नी छोटे को बताया कि उनके खाते में राहत सहायता राशि 4 लाख रुपए भेज दी गई है। इस अवसर पर सांसद अशोक रावत व विधायक राम पाल वर्मा ने भी शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। अंबेडकरनगर में गिरीश चंद्र यादव ने पीड़ितों से की मुलाकात अम्बेडकरनगर में जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने ग्राम कुढ़ा मोहम्मदगढ़ में आंधी-तूफान के कारण दीवार गिरने से सुकना देवी के असामयिक निधन पर उनके परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि इस कठिन समय में परिवार को संबल प्रदान करने हेतु प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित आर्थिक सहायता चार लाख रुपये की राशि प्रदान कर दी गई। मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने दी राहत सामग्री सम्भल में तेज आंधी-तूफान एवं वर्षा से उत्पन्न दैवीय आपदा के कारण थाना कैलादेवी के अन्तर्गत ग्राम गंगहेटा में विद्युत पोल तथा घर की दीवार गिरने से नेमवती तथा भगवान सिंहके चपेट में आने से मौत हो गयी थी। प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति ने गांव जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए 4-4 लाख रुपये धनराशि खाते में पहुंचने के प्रमाणपत्र तथा आपदा राहत सामग्री प्रदान की। उनके साथ जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल तथा पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी थे। मंत्री गुलाब देवी ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख के चेक सौंपे बदायूं के बिसौली क्षेत्र में आंधी-तूफान पीड़ित परिवारों को प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख के चेक सौंपे। वहीं, बरेली में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग/प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर की अध्यक्षता में आज आपदा राहत राशि का वितरण कार्यक्रम आंवला तहसील के सभागार में हुआ। राज्यमंत्री द्वारा जनहानि होने पर देवकी और लीपी के परिवारीजनों के खातों में चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गयी।

208 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास,महराजगंज में बोले सीएम योगी, विकास की रफ्तार नहीं रुकेगी

 महराजगंज  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के विकास का ग्रोथ इंजन बना है। विकास की प्रक्रिया बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके व बिना झुके चलती रहेगी। 2017 के पहले प्रदेश का विकास रुका था। माफिया गरीबों की संपत्तियों पर कब्जा कर रहे थे। सपा, बसपा व कांग्रेस के शासनकाल में अयोध्या में श्रीराम मंदिर व बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण नहीं हो पाता। यह पार्टियां कार्य में स्वयं बांधा बनी थी। इसी के चलते पश्चिम बंगाल की जनता ने भी इन्हें उखाड़ फेंका। मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ शुक्रवार नौतनवा में 208 करोड़ रुपये से अधिक की 79 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते डीजल, पेट्रोल व एलपीली की सप्लाई पर व्यापक असर पड़ा है। प्रतिदिन भारत सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। कहा कि इस समय विपक्ष के नाकारात्मक नेरेटिव से बचना है। हमें प्रधानमंत्री के साथ खड़े रहना है। छाेटे-छोटे प्रयास कर हम डीजल व पेट्रोल के दुरुपयोग को रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में तेजी से विकास हो रहा है। सड़कें बेहतर हुईं हैं। शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुए हैं। महराजगंज सहित प्रदेश के सभी जिलों में मंदिरों का भी कायाकल्प कराया गया है। पहले यह रुपया कब्रिस्तान के बाउंड्रीवाल के निर्माण के लिए खर्च किया जाता था। पूर्ववर्ती सरकारों ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर ध्यान नहीं दिया। इंसेफलाइटिस से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में नौनिहाल प्रभावित होते थे। अब डलब इंजन की सरकार में उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश नहीं रह गया है। यहां के लोगों को पहचान का संकट नहीं है। देश में सबसे अधिक एक्सप्रेस -वे, मैट्रो, एयरपोर्ट यूपी में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत व नेपाल दोनों मित्र देश के रूप में साझी विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। दोनों देशों के बीच बिना किसी बांधा के आवागमन होता है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस क्षेत्र का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नौतनवा विधानसभा में भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी को पहली बार विजय मिली। उसी कर्ज को चुकाने के लिए जो भी प्रस्ताव यहां के विधायक व सांसद द्वारा दिया जाता है, उसे तत्काल स्वीकृत दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले की सरकारों ने वनटांगिया परिवारों की कभी सुधि नहीं ली, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें भूमि का मालिकाना हक दिलाने के साथ ही सभी अधिकार प्रदान किए। इससे पहले नौतनवा के विधायक ऋषि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। जिले के प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया, पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय, जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल, पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी नौतनवा चेयरमैन बृजेश मणि त्रिपाठी, ब्लाक प्रमुख राकेश मद्धेशिया सहित बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

PMJAY जांच में बड़ा खुलासा: एक ही डॉक्टर कई अस्पतालों में तैनात, सरकार ने भेजे नोटिस

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) से संबद्ध अस्पतालों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। जांच में सामने आया कि 28 डॉक्टर ऐसे थे, जिनके नाम 15 से ज्यादा अस्पतालों से जुड़े हुए थे। वहीं 274 चिकित्सक ऐसे भी मिले, जिनके नाम सात से अधिक अस्पतालों में दर्ज थे। इस तीन दिनी सत्यापन प्रक्रिया में ऐसे सभी संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें डॉक्टर पूर्व में किसी अस्पताल से जुड़े थे और वर्तमान में कहीं और हैं। मगर डाटा अपडेट न होने के कारण उनके नाम अभी भी पूर्व अस्पतालों में ही दर्ज हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही, अनियमितताओं और कर्तव्य पालन में कोताही के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए पांच डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वहीं, कई स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, लंबे समय तक बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और चिकित्सा कार्य से दूर रहने के आरोप में पांच चिकित्सा अधिकारियों को सेवा से हटाया गया। बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में गोरखपुर जिला अस्पताल की डॉ. अलकनंदा, कुशीनगर सीएमओ कार्यालय में तैनात डॉ. रामजी भारद्वाज, बलरामपुर के डॉ. सौरभ सिंह, अमेठी के सीएचसी जगदीशपुर के डॉ. विकलेश कुमार शर्मा और औरैया के सीएचसी दिबियापुर की डॉ. मोनिका वर्मा शामिल थे। अंबेडकरनगर के डॉक्टरों पर भी गिरी गाज सरकार ने अंबेडकर नगर में निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण में कथित अनियमितताओं के मामले में सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा समेत 16 चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच में इन अधिकारियों पर सरकारी मानकों के उल्लंघन, पद के दुरुपयोग और निजी हितों के लिए फाइलों को मंजूरी देने के आरोप सही पाए गए। जांच एक अपर जिलाधिकारी समेत तीन सदस्यीय समिति ने की थी। इन डॉक्टरों की सैलरी वृद्धि पर रोक सरकार ने कुछ मामलों में वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की। हमीरपुर में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लालमणि की तीन वेतनवृद्धियां स्थायी रूप से रोकी गई। उन पर आजमगढ़ में तैनाती के दौरान मरीजों से वसूली और दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। इसके अलावा बलरामपुर के डॉ. संतोष सिंह की चार और झांसी की डॉ. निशा बुंदेला की दो वेतनवृद्धियां रोकी गई।

काफिले की गाड़ियां घटाएं, ईंधन बचाएं: योगी आदित्यनाथ की जनता और अधिकारियों से अपील

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री के संदेश को अपनाकर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करें और बेवजह सोना खरीदने से बचें। सरकार स्तर पर भी सख्ती दिखाते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तुरंत 50 फीसदी तक वाहनों की संख्या कम की जाए और अनावश्यक गाड़ियां हटाई जाएं. योगी ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि खर्च और ईंधन दोनों की बचत हो सके. उन्होंने लोगों से पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रोडवेज बसों का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की. साथ ही सरकारी बैठकों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस को ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल तरीके से करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि समय और संसाधनों की बचत हो सके. सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम दिया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें. सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें. औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए. वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए. बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सीएम योगी ने कहा है कि शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन कराए जाएं. सचिवालय और निदेशालय की करीब आधी मीटिंग्स भी वर्चुअल हों. स्कूल-कॉलेजों में बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए और जरूरत पड़ने पर रोडवेज बसों को भी जोड़ा जाए. साथ ही पीक ऑवर में भीड़ और ईंधन बचाने के लिए दफ्तरों का समय अलग-अलग शिफ्ट में करने का सुझाव दिया गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से कहा है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करें. जिन शहरों में मेट्रो चल रही है, वहां उसका अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई है. ज्यादा भीड़ वाले रूट्स पर बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाने की बात भी कही गई है. साथ ही उन्होंने बिजली बचाने पर जोर देते हुए कहा कि घरों, सरकारी दफ्तरों और निजी संस्थानों में बेवजह बिजली न जलाएं और रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का कम से कम इस्तेमाल करें.  

मंत्रिमंडल में सिर्फ छह नए चेहरों की एंट्री तय, किसी मंत्री की छुट्टी नहीं होगी

 लखनऊ यूपी में योगी मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। बिहार, बंगाल और असम के बाद यूपी की बारी है यानी 12 मई के बाद कभी भी टीम योगी का आकार बढ़ सकता है। खास बात यह है कि यह केवल विस्तार होगा, बदलाव नहीं। मतलब ये कि मंत्रिमंडल में सिर्फ छह नये चेहरे शामिल होंगे। प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते किसी बड़े बदलाव पर सहमति नहीं बन सकी है। सूत्रों की मानें तो किसी मंत्री को हटाए जाने की संभावना नहीं है। विभाग बदले जाने के आसार भी कम ही हैं। प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार का खाका लगभग तैयार है। इस पर अंतिम मुहर दिल्ली से लगना बाकी है। इसके लिए जल्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली जा सकते हैं। फिलहाल, जिन नामों को मंत्री बनाए जाने की संभावना बताई जा रही है, उनमें पूजा पाल, मनोज पांडेय, सुरेंद्र दिलेर, भूपेंद्र चौधरी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, कृष्णा पासवान, संतोष सिंह, हंसराज विश्वकर्मा, आशा मौर्य के नाम भी रेस में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके अलावा संगठन से जुड़े ब्राह्मण चेहरे और ब्रज के एक विधायक का नाम इस फेहरिस्त में शुमार है। कई बुजुर्ग मंत्रियों ने ली राहत की सांस पूजा पाल का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पार्टी इस दांव से कई निशाने साध सकती है। महिला और पिछड़े वर्ग का कोटा पूरा करने के साथ ही भाजपा उन्हें सपा को घेरने के लिए सियासी हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है। मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव न होने की संभावनाओं ने पार्टी के उम्रदराज मंत्रियों के साथ ही उनको भी राहत दे दी है, जिनके विभाग बदले जाने की चर्चाएं तेज थीं। बीते कुछ दिनों से इनमें से कई दिल्ली दरबार हो आए थे। चुनाव नजदीक होने के चलते बदलाव का फैसला नहीं कुछ मंत्रियों की कार्यशैली से केंद्रीय नेतृत्व नाखुश है, तो कइयों से मुख्यमंत्री नाराज हैं। मगर चुनाव नजदीक होने के चलते इन्हें बदलने पर फैसला नहीं हो पा रहा। पार्टी का एक वर्ग यह समझाने में भी काफी हद तक सफल रहा है कि इस समय किसी मंत्री को हटाने का संदेश सही नहीं जाएगा।

अब 18 से 40 वर्ष तक के युवाओं को मिलेगा लाभ, 10 लाख रुपये तक लोन की तैयारी

लखनऊ  यूपी की योगी सरकार जल्द ही युवाओं को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना की सफलता को देखते हुए जल्द इसका विस्तार होगा। युवा उद्यमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि आवेदन पात्रता की आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दिए जाने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। अब तक 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के 1.68 लाख युवा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक बिना बैंक गारंटी के ब्याज मुक्त लोन हासिल कर चुके हैं। अब न्यूनतम आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया जाएगा जबकि अधिकतम आयु सीमा 40 ही रहेगी। इसके साथ ही पांच लाख को डबल कर 10 लाख करने की भी तैयारी है। सीमा युवा उद्यमी योजना के तहत युवा सर्विस व मैनुफैक्चरिंग सेक्टर से लेकर इनोवेटिव बिजनेस में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। योजना के तहत पांच लाख रुपये तक लिए गए लोन को चार वर्ष में चुकाने के बाद दूसरे चरण में साढ़े सात लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। ताकि भविष्य में पहले चरण को पूरा करने के उपरांत युवा उद्यमी अपने कारोबार को और आगे बढ़ाने के लिए बड़ी राशि हासिल कर सकें। इसके चलते राशि को दोगुना किए जाने का भी प्रस्ताव है यानी पांच लाख के स्थान पर युवा 10 लाख रुपये तक और साढ़े सात लाख रुपये के स्थान पर 15 लाख रुपये तक लोन हासिल कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर युवा उद्यमी योजना की शुरुआत 24 जनवरी 2024 को यूपी दिवस के अवसर पर हुई थी। शुरुआत में इस योजना के तहत डेढ़ लाख युवाओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से बिना गारंटी के ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। आंकड़ों की नजर में योजना कुल आवेदन – 530487 – परियोजना लागत – 24964.7 करोड़ रुपये बैंक से स्वीकृत आवेदन – 180756 – परियोजना लागत – 6142.97 करोड़ रुपये बैंक द्वारा वितरित – 168516 – परियोजना लागत – 5913.15 करोड़ रुपये महिलाओं की 28 प्रतिशत भागीदारी योजना के तहत अब तक कुल लोन हासिल करने वालों में 28 प्रतिशत महिलाएं और 72 प्रतिशत पुरुष हैं। ओबीसी युवाओं की भागीदारी 50 फीसदी लोन हासिल करने वालों में सर्वाधिक 49.9 लाभार्थी ओबीसी वर्ग के हैं। इनके अलावा 34.3 प्रतिशत सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति के 15.5 और अनुसूचित जनजाति के 0.3 प्रतिशत युवाओं ने लोन लिया है। किस क्षेत्र में कितना लोन सर्विस सेक्टर – 62 प्रतिशत मैनुफैक्चरिंग सेक्टर 38 प्रतिशत

योगी सरकार का बड़ा फैसला, आयुष कॉलेजों में नई चिकित्सा पद्धतियों को मिलेगा स्थान

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक और प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। आयुष प्रणालियों को नई ऊंचाई देने के लिए योगी सरकार ने प्रदेश के आयुष कॉलेजों में 2500 वर्ष पुरानी तिब्बती चिकित्सा प्रणाली ‘सोवा रिग्पा’ (अमची चिकित्सा) और दक्षिण भारत की प्रसिद्ध 'सिद्ध' पद्धति की पढ़ाई शुरू करने की ऐतिहासिक तैयारी की है। इस कदम का उद्देश्य न केवल सदियों पुरानी चिकित्सा विधाओं को पुनर्जीवित करना है, बल्कि जटिल और दीर्घकालिक बीमारियों के लिए मरीजों को किफायती और प्रभावी वैकल्पिक उपचार प्रदान करना भी है। योगी सरकार की हरी झंडी: डिग्री के साथ मिलेगा रजिस्ट्रेशन का अधिकार प्रमुख सचिव आयुष, रंजन कुमार के अनुसार, योगी सरकार ने इन दोनों पद्धतियों के डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। अब चयनित आयुष कॉलेजों में जरूरी बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रम का विकास किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कोर्सों को पूरा करने वाले चिकित्सकों का विधिवत पंजीकरण (Registration) किया जाएगा। इससे डिग्री धारक डॉक्टर अधिकृत रूप से अपने क्लीनिक और उपचार केंद्र खोल सकेंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। वाराणसी बनेगा रिसर्च और ट्रेनिंग का ग्लोबल हब सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य केंद्र भगवान शिव की नगरी वाराणसी होगी। वाराणसी को सोवा रिग्पा के प्रमुख शोध, प्रशिक्षण और उपचार केंद्र (Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा। चूंकि काशी पहले से ही आयुर्वेद और आध्यात्मिक चिकित्सा की जननी रही है, इसलिए यहाँ सोवा रिग्पा और सिद्ध पद्धति का एकीकरण जटिल रोगों पर वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देगा। यह केंद्र विशेष रूप से उन बीमारियों के उपचार पर केंद्रित होगा जहां आधुनिक चिकित्सा के साथ पूरक उपचार (Complementary Therapy) की आवश्यकता होती है। असाध्य रोगों का रामबाण इलाज: क्या है सोवा रिग्पा और सिद्ध पद्धति? तिब्बत से निकली 'सोवा रिग्पा' पद्धति हिमालयी क्षेत्रों में अपनी प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है, जो शरीर, मन और पर्यावरण के संतुलन पर काम करती है। यह गठिया, पाचन विकार, मानसिक तनाव और कैंसर जैसे रोगों के उपचार में सहायक मानी जाती है। वहीं, दक्षिण भारत की 'सिद्ध' पद्धति वात, पित्त और कफ के दोषों को संतुलित कर जीवनशैली और प्राकृतिक औषधियों के जरिए स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। योगी सरकार का लक्ष्य आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी के साथ इन पद्धतियों को मुख्यधारा में लाकर उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं का 'वन स्टॉप डेस्टिनेशन' बनाना है।  

यूपी में शिक्षा पर फोकस: योगी आदित्यनाथ सरकार का मिशन—अब कोई बच्चा नहीं रहेगा स्कूल से बाहर, 1 मई से विशेष अभियान शुरू

श्रमिक बस्तियों से ईंट-भट्ठों तक पहुंचेगी टीम, 6 से 14 आयु वर्ग का 100 प्रतिशत नामांकन लक्ष्य ड्रॉपआउट पर सीधा प्रहार, योगी सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ को मिशन मोड में किया लागू ड्रॉपआउट बच्चों को चिह्नित कर मुख्यधारा से जोड़ने पर फोकस, ट्रांजिशन दर बढ़ाने का लक्ष्य लखनऊ योगी सरकार ने शिक्षा के मोर्चे पर बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए ‘स्कूल चलो अभियान’ को उत्तर प्रदेश में मिशन मोड में लागू कर दिया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अब कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहेगा। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। पहली मई से प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और वंचित वर्गों के बच्चों को चिह्नित कर स्कूल से जोड़ा जाएगा। यह अभियान खास तौर पर उन बच्चों पर केंद्रित होगा, जो अब तक शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर हैं। दिव्यांग बच्चों के नामांकन को प्राथमिकता देने, आरटीई के अंतर्गत लॉटरी के माध्यम से चयनित पात्र बच्चों का आवंटित विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन कराने और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बालिकाओं के प्रवेश को बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने ड्रॉपआउट और आउट-ऑफ-स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर रणनीति तैयार की है। कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 तक 100% ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बीच में न छूटे और शिक्षा की निरंतरता बनी रहे। जागरूकता अभियान, स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से इस अभियान को प्रभावी बनाने की योजना है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक गांव, वार्ड और बस्ती स्तर पर सर्वे कर बच्चों को चिह्नित किया जाए और उन्हें विद्यालय से जोड़ा जाए। जहां पहले ड्रॉपआउट चिंता का विषय था, अब सरकार घर-घर पहुंचकर हर बच्चे को स्कूल से जोड़ रही है।