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योगी सरकार के आमंत्रण पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, बिजनेस डेलिगेशन और सांस्कृतिक कलाकार होंगे शामिल

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार रूस बनेगा पार्टनर कंट्री योगी सरकार के आमंत्रण पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, बिजनेस डेलिगेशन और सांस्कृतिक कलाकार होंगे शामिल योगी सरकार के आमंत्रण पर रूस ने दी पार्टनर कंट्री बनने की औपचारिक स्वीकृति बिजनेस डेलिगेशन बैंकिंग, ऊर्जा, स्किलिंग, शिक्षा और आईटी/आईटीईएस क्षेत्रों में करेगा सहभागिता 9 सदस्यीय सांस्कृतिक दल भी प्रस्तुत करेगा रूसी कला-संस्कृति ‘डूइंग बिजनेस इन रूस’ पर नॉलेज सेशन की होगी खास प्रस्तुति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को करेंगे यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ  मेगा इवेंट में योगी सरकार की पहल से बढ़ेगा वैश्विक सहयोग लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में लगातार तीसरे वर्ष होने जा रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में इस बार रूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने रूस को इस मेगा इवेंट में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया है। रूस की ओर से भी इस आमंत्रण को स्वीकृत कर लिया गया है और इसकी जानकारी प्रदेश सरकार को दे दी गई है। इस मेगा इवेंट में रूस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, उद्योग जगत के प्रमुख प्रदर्शक और सांस्कृतिक कलाकार शो का हिस्सा बनेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ करेंगे, जो 29 सितंबर तक चलेगा।  2024 में वियतनाम बना था पार्टनर कंट्री  इससे पहले 2024 में भी योगी सरकार की पहल पर वियतनाम को बतौर पार्टनर कंट्री यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सम्मिलित किया गया था। इस दौरान भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वियतनाम-इंडिया फोरम और यूपी-वियतनाम टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों देशों के बीच व्यापार एवं पर्यटन संबंधों पर जोर दिया था। उनका मानना है कि उत्तर प्रदेश न केवल भारत का ग्रोथ इंजन है बल्कि वैश्विक निवेश का हब भी बन रहा है। ऐसे में रूस के यूपीआईटीएस 2025 में पार्टनर कंट्री बनने से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। रूस ने दी पार्टनर कंट्री बनने की स्वीकृति  27 मई 2025 को भारत के मास्को स्थित दूतावास ने रूस के प्रमुख मंत्रालयों—मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड, मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट, मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड हायर एजुकेशन तथा मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर—को औपचारिक निमंत्रण भेजा था। इसके अलावा, रूस के प्रमुख व्यापारिक संगठनों जैसे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ रशिया, बिजनेस रशिया, ओपोरा रशिया और विभिन्न सेक्टर-विशेष ट्रेड बॉडीज़ से भी सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है। इसके जवाब में रूस की ओर से आमंत्रण को स्वीकार करते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इस संबंध में रूस की स्वीकृति पत्र भी प्रदेश सरकार को मिल चुका है।  बिजनेस और कल्चरल डेलिगेशन होगा आकर्षण का केंद्र रूस की ओर से आने वाले डेलिगेशन में बैंकिंग, ऊर्जा, स्किलिंग, शिक्षा और आईटी/आईटीईएस सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्तर के अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही रूस का 9 सदस्यीय सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुति देगा, जिससे ट्रेड शो में भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी। नॉलेज सेशन और बिजनेस अवसर ट्रेड शो में एक विशेष ‘डूइंग बिजनेस इन रूस’ नॉलेज सेशन भी आयोजित होगा। इसमें भारतीय और उत्तर प्रदेश के उद्योगपतियों को रूस के व्यापारिक अवसरों और निवेश संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।  

हर हाथ को हुनर, हर युवा को रोजगार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक साबित हो रहा कौशल विकास कार्यक्रम- मुख्यमंत्री योगी हर हाथ को हुनर, हर युवा को रोजगार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा व्यावसायिक व कौशल प्रशिक्षण नेटवर्क ग्रामीण और शहरी युवाओं को जोड़ने के लिए चलाई जा रही हैं कई योजनाएं आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डीडीयू-जीकेवाई जैसे संस्थान और योजनाएं बनीं युवाओं की ताकत उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण कुशल युवाओं से मजबूत होगा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत इसकी युवा आबादी है और योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक युवा को उसकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाए। “हर हाथ को हुनर और हर युवा को रोजगार” इसी दृष्टिकोण के तहत प्रदेश में कई कौशल विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 2015 में राष्ट्रीय कौशल विकास और उद्यमिता नीति लागू की थी। योगी सरकार ने इस नीति को जमीनी स्तर तक ले जाकर प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक लाभ दिलाने का कार्य किया है। प्रदेश के सभी जिलों में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, जन शिक्षण संस्थान और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना जैसे कार्यक्रम युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार की राह पर अग्रसर कर रहे हैं। NEP 2020 और योगी सरकार की पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 6 से ही व्यावसायिक शिक्षा को शामिल करने की पहल को उत्तर प्रदेश में तेजी से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि छात्रों को केवल डिग्री नहीं बल्कि रोजगार योग्य शिक्षा और हुनर मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत स्कूलों और कॉलेजों में व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे अवसर योगी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं— ▪️आईटीआई व पॉलिटेक्निक: इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान विषयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण ▪️डीडीयू-जीकेवाई: ग्रामीण युवाओं को 250 से अधिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण और रोजगार ▪️एनआरएलएम: गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों और महिलाओं के लिए प्रशिक्षण ▪️एनएपीएस: एमएसएमई इकाइयों में युवाओं को शिक्षुता और वजीफे की सुविधा ▪️जन शिक्षण संस्थान: अशिक्षित और कम शिक्षित वर्गों के लिए प्रशिक्षण रोजगार और स्वरोजगार दोनों पर फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि कौशल विकास न केवल नौकरी के अवसर बढ़ाता है बल्कि स्वरोजगार की राह भी खोलता है। पर्यटन, आईटी, बैंकिंग, रिटेल और पारंपरिक शिल्प जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी कम करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को तेज गति से लागू किया जा रहा है। उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि युवाओं को उसी तरह का प्रशिक्षण मिले जिसकी बाजार में मांग है।  

यूपी का लक्ष्य : 2030 तक फसल उत्पादकता में देश में नंबर एक, 2047 तक दुनिया में अग्रणी

‘विकसित यूपी @2047’ योगी सरकार का संकल्प, 2047 तक यूपी बनेगा कृषि उत्पादकता में वैश्विक लीडर यूपी का लक्ष्य : 2030 तक फसल उत्पादकता में देश में नंबर एक, 2047 तक दुनिया में अग्रणी  कृषि निर्यात में भी यूपी दिखाएगा दम, 2030 तक भारत में नंबर 1 और 2047 तक वैश्विक स्तर पर शीर्ष देशों में – भंडारण, प्रोसेसिंग, फूड पार्क और कोल्ड चेन इंफ्रा से किसानों को मिलेगा अधिक लाभ – पीएसीएस, एफपीओ और मेगा फूड पार्क से बदलेगा यूपी का कृषि परिदृश्य – नवाचार और वैज्ञानिक तकनीकों से योगी सरकार बना रही है ‘सस्टेनेबल एग्रीकल्चर’ का मॉडल – फसल विविधीकरण और शोध पर जोर, यूपी कृषि शिक्षा और रिसर्च का हब बनने की ओर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को “विकसित यूपी @2047” बनाने का संकल्प लिया है, जिसके तहत आने वाले 22 वर्षों में कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बड़ी रणनीति बनाई गई है। इस विजन का सबसे अहम हिस्सा है कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार और तकनीक आधारित विकास। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि कृषि और औद्योगिक विकास मिलकर यूपी को विकसित भारत के ग्रोथ इंजन में बदलेंगे। आने वाले समय में प्रदेश न केवल भारत के किसानों के लिए, बल्कि वैश्विक कृषि जगत के लिए भी रोल मॉडल बनकर उभरेगा। भविष्य का लक्ष्य (विजन 2047) योगी सरकार ने 2030 तक यूपी को देश में फसल उत्पादकता में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य तय किया है, जबकि 2047 तक प्रदेश दुनिया के अग्रणी देशों, मैक्सिको, चीन, फ्रांस और अमेरिका के बराबर खड़ा होगा। यही नहीं, कृषि निर्यात के क्षेत्र में भी यूपी 2030 तक भारत में प्रथम स्थान पर पहुँचेगा और 2047 तक रूस, ऑस्ट्रेलिया व कनाडा जैसे वैश्विक कृषि निर्यातकों की श्रेणी में शामिल होने का संकल्प ले चुका है। इसके लिए राज्य सरकार ने फोकस एरिया तय किए हैं, जिनमें भंडारण और मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर (PACS, FPOs, मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन), कृषि शिक्षा, नवाचार और रिसर्च, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, वैज्ञानिक तकनीकों का विस्तार और फसल विविधीकरण प्रमुख हैं। बीते साढ़े आठ साल में हुए बड़े बदलाव 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति बेहद पिछड़ी हुई थी। कृषि उत्पादन सीमित था, वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग नगण्य था और किसान अपनी उपज का सही मूल्य नहीं पा पाते थे। कोल्ड चेन और फूड प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं लगभग न के बराबर थीं। लेकिन पिछले साढ़े आठ साल में तस्वीर बदल चुकी है। योगी सरकार ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, मंडी व्यवस्था को मजबूत करने, स्टोरेज और कोल्ड चेन सुविधाओं को बढ़ाने और एफपीओ मॉडल को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। परिणामस्वरूप आज प्रदेश कृषि उत्पादकता और विविधता दोनों में नई ऊंचाइयां छू रहा है।    

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती से अवैध कारोबारियों में हड़कंप

यूपी में अवैध शराब कारोबारियों पर कसा शिकंजा, अगस्त में 1,995 लोग गिरफ्तार योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर – एक माह में 2.69 लाख लीटर अवैध शराब बरामद – अगस्त में 1,995 लोग गिरफ्तार, 351 भेजे गए जेल, तस्करी में प्रयुक्त 23 वाहन जब्त – 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक जारी – अभियान में अब तक 1,587 अभियोग दर्ज, 38,099 लीटर शराब जब्त – अगस्त तक 22,337.62 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त – पिछले वर्ष की तुलना में 3021 करोड़ रुपये अधिक राजस्व अर्जित – अगस्त माह में 3754 करोड़ रुपये का राजस्व, 4.86% की वृद्धि लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। 1 से 31 अगस्त 2025 के बीच प्रदेश में 10,503 अभियोग दर्ज किए गए। इस दौरान लगभग 2.69 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई, 1,995 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 351 लोगों को जेल भेजा गया। साथ ही, अवैध शराब की तस्करी में प्रयुक्त 23 वाहनों को जब्त किया गया। अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान की जानकारी देते हुए आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 31 अगस्त तक 1,587 अभियोग दर्ज हुए, 38,099 लीटर अवैध शराब जब्त की गई और 340 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 83 को जेल भेजा गया है। अवैध शराब की ढुलाई में प्रयुक्त तीन वाहन भी जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि इसी नीति के परिणामस्वरूप आबकारी विभाग की आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह अगस्त तक प्रदेश को 22,337.62 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ है, जो गत वर्ष की तुलना में 15.64 प्रतिशत अर्थात 3021.41 करोड़ रुपये अधिक है। अगस्त माह में ही 3754.43 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की कड़ी कार्रवाई और निगरानी के चलते अवैध शराब के कारोबारियों पर लगातार शिकंजा कस रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति ही इस सफलता की सबसे बड़ी वजह है, जबकि विभागीय स्तर पर प्रवर्तन अभियानों ने इसे गति दी है।

अपनी मां संग सीएम के पास पहुंची कानपुर की बच्ची

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एडमिशन कराने का दिया निर्देश  इसके पहले सीएम के जनता दर्शन में पहुंचीं मुरादाबाद की वाची का भी हुआ प्रवेश, प्रतिष्ठित विद्यालय में ग्रहण कर रहीं शिक्षा आर्थिक कारणों से गोरखपुर की पंखुड़ी को शिक्षा में आ रही थी दिक्कत, सीएम से मिलकर बताई समस्या तो निर्बाध गति से चलने लगी पढ़ाई  लखनऊ कानपुर की मायरा सोमवार को अपनी मां नेहा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बच्चे के एडमिशन की गुहार लगाई। मासूम मायरा को देख मुस्कुराते हुए सीएम ने पहले हालचाल जाना, फिर पूछा कि क्या बनना चाहती हो। इस पर मायरा ने जवाब दिया- डॉक्टर। यह सुन सीएम ने पहले उसे चॉकलेट दी, फिर अधिकारियों को एडमिशन कराने का निर्देश। गौरतलब है कि मुरादाबाद की वाची ने एडमिशन और गोरखपुर की पंखुड़ी ने फीसमाफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। जिसके तत्काल बाद दोनों की समस्याओं का हल हो गया। अब दोनों बच्चियां अपने शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।  सीएम ने मायरा से पूछा- स्कूल जाओगी, क्या बनोगी- दिया जवाब- डॉक्टर 'जनता दर्शन' में आते ही सीएम ने मायरा की मां से पूछा कि कहां से आए हैं, कहां एडमिशन कराना है। जिसका उन्होंने उत्तर दिया। इसके बाद मायरा से मुखातिब सीएम ने पूछा कि स्कूल जाओगी, किस क्लास में पढ़ोगी। अभी तक तो स्कूल गई नहीं है। क्या बनेगी- जिस पर उसने तपाक से जवाब दिया-डॉक्टर। बच्ची की मासूमियत पर सीएम मुस्कुरा उठे। सीएम ने अफसरों को एडमिशन के लिए निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री के व्यवहार से प्रसन्नचित्त हुआ मायरा का परिवार कानपुर की नेहा सोमवार को बेटी मायरा को लेकर 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह बच्ची के एडमिशन के लिए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं थीं। उन्होंने कानपुर के एक विद्यालय में एडमिशन का अनुरोध किया। मायरा का परिवार मुख्यमंत्री की सहृदयता का कायल हो गया। मीडिया से बातचीत में मायरा की मां ने कहा कि सीएम ने काफी अच्छे तरीके से हमारे परिवार की बात भी सुनीं और एडमिशन का आश्वासन दिया।  सीएम से एक मुलाकात में ही पूरे हुए थे वाची और पंखुड़ी के सपने  यह पहली बार नहीं है, जब कोई बच्ची अपने एडमिशन को लेकर मुख्यमंत्री से मिली। इसके पहले मुरादाबाद की वाची ने अपने माता-पिता के साथ जून में मुख्यमंत्री से 'जनता दर्शन' में मुलाकात की और अपने प्रवेश की गुहार लगाई। बेटी के प्रवेश को लेकर महीनों से परेशान वाची के माता-पिता जब मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो तीन घंटे के अंदर ही आरटीई के तहत वाची का मुरादाबाद के प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रवेश हो गया। अब वाची वहां शिक्षारत हैं।  यही नहीं, जुलाई में गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी पंखुड़ी त्रिपाठी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस माफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिया था कि उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विद्यालय ने उनकी फीस माफ कर दी। पंखुड़ी अब गोरखपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में फिर से शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। 

जनता दर्शन में योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की, कहा- समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान जनता दर्शन में लोगों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर व्यक्ति की समस्या का निस्तारण, उनकी सरकार की विशेष प्राथमिकता है।  एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक तरीके से उनका समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यहां गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन में योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद गए और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने करने की आवश्यकता नहीं है और सभी की समस्या का समाधान हर हाल में किया जाएगा। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं जमीन से जुड़े विवादों में प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची थीं और उनकी शिकायत थी कि उनकी जमीनों पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों पर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि जमीनी विवादों का समाधान तत्परतापूर्वक इस तरह होना चाहिए जिससे पीड़ित व्यक्ति संतुष्ट दिखे। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि पैसे की तंगी से किसी का भी इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा। जनता दर्शन के दौरान कुछ महिलाओं संग पहुंचे उनके बच्चों को मुख्यमंत्री ने चॉकलेट दी।