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अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे पर अंजय शुक्ला ने किया स्वागत

राज्योत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अंजय शुक्ला ने किया स्वागत, छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने के प्रयासों के लिए जताया आभार रायपुर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर प्रदेश पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) अंजय शुक्ला ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री अंजय शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक नक्सलवाद की हिंसा और आतंक का दंश झेलता रहा है। बस्तर सहित प्रदेश के कई इलाकों में नक्सली हिंसा ने हजारों परिवारों को गहरे जख्म दिए हैं। ऐसे में प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण और सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। झीरम घाटी की घटना का दर्द करीब से महसूस किया है उल्लेखनीय है कि अंजय शुक्ला स्वयं झीरम घाटी नक्सली हमले के भुक्तभोगी रहे हैं। उन्होंने नक्सली हिंसा की भयावहता और उसके दुष्परिणामों को करीब से देखा और महसूस किया है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में हो रहे प्रयास उनके लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखते हैं। शुक्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में स्थायी शांति स्थापित होगी। साथ ही बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार होगा।

रायपुर में आज अमित शाह का दौरा, विकसित भारत संकल्प पार्क की देंगे सौगात

रायपुर. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचेंगे. एक दिवसीय प्रवास में शाह विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक निजी अस्पताल और विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव 2026 के समापन में मुख्य अथिति के तौर पर शामिल होंगे. मंच से वह प्रदेश के लाखों महिलाओं को दिवाली से पहले महतारी वंदन योजना की राशि भी जारी करेंगे. दोपहर 3:05 बजे रायपुर पहुंचेंगे अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोपहर 12:55 बजे दिल्ली स्थित 6A, कृष्णा मेनन मार्ग से रवाना होंगे. दोपहर 1:15 बजे पालम एयरफोर्स टेक्निकल एरिया पहुंचेंगे. यहां से दोपहर 1:20 बजे रायपुर के लिए उड़ान भरेंगे. उनके दोपहर 3:05 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने का कार्यक्रम है. एयरपोर्ट से वे सड़क मार्ग से मंडी रोड, पंडरी स्थित आर्टेमिस शांति हॉस्पिटल जाएंगे. दोपहर 3:30 बजे अस्पताल पहुंचने के बाद शाम 5 बजे तक लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे. पीपल वन का करेंगे लोकार्पण अस्पताल कार्यक्रम के बाद अमित शाह शाम 5:05 बजे सड़क मार्ग से नया रायपुर के सेक्टर-16 स्थित पीपल वन के लिए रवाना होंगे. शाम 5:30 बजे वहां पहुंचने के बाद 5:35 से 5:45 बजे तक विकसित भारत संकल्प पार्क (पीपल वन) का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद शाम 5:50 बजे पीपल वन से रवाना होकर राज्योत्सव मैदान पहुंचेंगे. राज्योत्सव 2026 में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री शाम 5:55 बजे नया रायपुर स्थित राज्योत्सव मैदान पहुंचेंगे. यहां शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे. इस दौरान महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त किश्त जारी करेंगे. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रात 8 बजे सड़क मार्ग से स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. रात 8:15 बजे एयरपोर्ट पहुंचने और 8:20 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करने का कार्यक्रम निर्धारित है.

चंडीगढ़ से अमित शाह का पंजाब को संदेश, 1984 के सिख नरसंहार को लेकर कांग्रेस पर निशाना

चंडीगढ़. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ से पंजाब की राजनीति को भी साधने की कोशिश की। उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा कि जिस एक नवंबर को दिल्ली में हजारों सिखों की निर्मम हत्या की गई थी, उसी दिन कांग्रेस की ओर से दिल्ली में रैली आयोजित करना सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि पंजाब और देश के लोग इस घटना को कभी नहीं भूल सकते। सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि 1984 में कई सिख परिवार उजड़ गए, बच्चे अनाथ हुए और महिलाएं विधवा हो गईं। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 'बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है' वाले बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति के कारण हजारों सिखों की निर्मम हत्या हुई थी और आज राहुल गांधी उसी तारीख को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित कर दंगा पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं. चंडीगढ़ में तिरंगा पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 1 नवंबर 1984 को कांग्रेस पार्टी की ओर से भड़काए गए दंगों के दौरान दिल्ली में हजारों सिखों की बेरहमी से हत्या की गई थी. हजारों लोगों को जिंदा जला दिया गया. अनेक सिखों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा. कई बच्चे अनाथ हो गए, महिलाओं ने अपने पति खो दिए और हजारों परिवारों के घर तबाह हो गए. 'बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है' सिख दंगों का जिक्र कर राहुल पर बरसे शाह उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उनका वह बयान आज भी याद है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है. शाह ने कहा कि हजारों सिखों के नरसंहार को इस तरह बयान करने का साहस केवल कांग्रेस के नेता ही कर सकते थे. गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद दंगों से जुड़े मामलों को दोबारा खोला गया. पीड़ितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को जेल के पीछे पहुंचाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि देश ने राजनीतिक पार्टी की ओर से इस तरह प्रायोजित दंगे पहले कभी नहीं देखे थे. गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की दिल्ली में आयोजित रैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि राहुल गांधी उस समय छोटे थे और शायद उन्होंने इतिहास नहीं पढ़ा होगा, इसलिए उन्हें 1984 के दंगों की तारीखों की जानकारी नहीं होगी. शाह ने कहा कि भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कांग्रेस से अपील की थी कि 1, 2 और 3 नवंबर को रैली आयोजित न की जाए, क्योंकि ये वही तारीखें हैं जब सिख विरोधी दंगे हुए थे. इससे सिख समुदाय के लोगों, माताओं, बहनों और बच्चों की भावनाएं आहत होंगी. इसके बावजूद कांग्रेस ने रैली आयोजित करने का फैसला नहीं बदला. उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश से निर्देश मिलने के बाद उसी दिन रैली आयोजित करने का फैसला किया गया, जिस दिन हजारों सिखों को जिंदा जलाया गया था. शाह ने कहा कि गुरुओं की इस धरती से वह कांग्रेस की इस कोशिश की कड़ी निंदा करते हैं. भारत और पंजाब इस घटना को कभी नहीं भूल सकते. गृह मंत्री ने दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर व्यापारियों की परेशानी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों ने कांग्रेस से रैली की तारीख बदलने की अपील की थी. व्यापारियों का कहना था कि दिवाली के दौरान साल में कुछ ही दिन ऐसे होते हैं, जब उनका कारोबार सबसे अच्छा चलता है. उन्होंने कहा कि व्यापारी मिठाइयों, पटाखों और बच्चों के नए कपड़ों का स्टॉक तैयार करते हैं. यदि यह सामान नहीं बिकता है तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है. उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों से लोग दिवाली की खरीदारी के लिए दिल्ली के थोक बाजारों में आते हैं. शाह के मुताबिक, इन तीन से चार दिनों में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है. व्यापारियों ने तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की, पत्र लिखे और बार-बार अपील की कि रैली दिवाली के बाद आयोजित की जाए. इसके बावजूद कांग्रेस ने तारीख नहीं बदली. गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है. अनुच्छेद 370 हटाया गया, नक्सलवाद को समाप्त किया गया और तीन तलाक को खत्म किया गया. उन्होंने कहा कि उनकी बात याद रखिए, 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब सहित पूरे देश को नशामुक्त कर दिया जाएगा. उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया. गृह मंत्री ने चंडीगढ़ के विकास को लेकर भी बड़ा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया चंडीगढ़ की तीन बड़ी समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी देंगे. ये समस्याएं पिछले 30 से 40 वर्षों से लंबित हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार चंडीगढ़ को देश की नंबर एक प्रशासनिक इकाई बनाने के लिए काम करेगी. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में 258 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसके बाद उन्होंने तिरंगा पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित किया.

‘बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’ बयान पर शाह का तंज, कांग्रेस को 1984 दंगों की बरसी पर घेरा

नई दिल्ली दिल्ली में हो रही इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर बयान दिया है। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने 1-2-3 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित कर दंगा पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। शाह ने राजीव गांधी के बयान को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने कभी बयान दिया था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। अब उनके बेटे राहुल गांधी ने आज दिल्ली में बड़ी रैली की है। रैली की तारीख पर सवाल अमित शाह ने चंड़ीगढ में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने आज दिल्ली में बड़ी रैली की है। उनके मुताबिक भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस से अपील की थी कि 1, 2 और 3 नवंबर को रैली न करें। ये वही तारीखें हैं, जब 1984 में सिख विरोधी दंगे हुए थे। भाजपा का कहना था कि इससे सिख समुदाय की माताओं, बहनों और बच्चों की भावनाएं आहत होंगी। शाह ने कहा कि कांग्रेस फिर भी अपनी जिद पर अड़ी रही और आज ये रैली निकाली है। विदेशी आदेश का लगाया आरोप शाह ने आरोप लगाया कि रैली उसी दिन करने का आदेश विदेश से आया, जिस दिन हजारों सिखों को जिंदा जलाया गया था। उन्होंने कहा कि गुरुओं की इस धरती से मैं इस घृणित प्रयास की कड़ी निंदा करता हूं। भारत और पंजाब इसे कभी नहीं भूलेगा। विपक्ष की भूमिका पर निशाना शाह ने पूरे विपक्षी गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झूठ बोलना, अराजकता फैलाना, नकारात्मकता फैलाना, संसद का कामकाज रोकना और संसद के मुद्दों को सड़क पर ले जाकर हंगामा करना, यह इंडिया गठबंधन की आदत है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यही आदत जारी रही तो अगले पांच साल भी विपक्ष में बैठना पड़ेगा। मॉक पार्लियामेंट पर कसा तंज इससे पहले इंडिया गठबंधन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित की थी। शाह ने इस पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पिछले पंद्रह साल से यानी तीन चुनावों से कांग्रेस लगातार हार रही हैं। सोनिया जी का बेटे को प्रधानमंत्री बनते देखने का सपना अधूरा है। अब उन्होंने मॉक पार्लियामेंट का नया तरीका निकाला है। शाह ने राहुल के लिए कहा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री बनना है तो जिंदगी भर मॉक पार्लियामेंट में ही रहिए, क्योंकि आपका नंबर कभी नहीं आने वाला।

चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यपाल ने की अगवानी

चंडीगढ़. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को चंडीगढ़ पहुंचे। भले ही वे चंडीगढ़ के 60वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे हों, लेकिन पंजाब विधान सभा और चंडीगढ़ निगम चुनाव से पहले उनके इस दौरे के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। गृहमंत्री शनिवार देर शाम ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे और वह रात को पंचकूला में रुके थे। पंचकूला से सुबह करीब 10:20 बजे वह सीधे चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन पहुंचे। यहां पर वह चंडीगढ़ पुलिस के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस ने परेड के जरिये उन्हें सलामी दी। गृह मंत्री ने पुलिस की विशेष इलेक्ट्रिक कार्ट में बैठकर परेड ग्राउंड में सलामी का जायजा लिया। गृह मंत्री चंडीगढ़ पुलिस को मिले प्रेसिडेंट पुलिस कलर अवॉर्ड सौंपा। पुलिस को मिलने वाले 144 टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। चंडीगढ़ का रिस्पाॅन्स टाइम में पहले स्थान पर लाना लक्ष्य गृह मंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस का रिस्पाॅन्स टाइम देश में दूसरे स्थान पर है। चंडीगढ़ पुलिस का रिस्पाॅन्स टाइम चार मिनट है, जबकि क्यूआरटी का समय करीब 10 मिनट बताया गया। उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीक आधारित व्यवस्था की सराहना की। पुलिस बेड़े में 141 नए वाहन शामिल होने से त्वरित प्रतिक्रिया, गश्त और आधुनिक पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी। उन्हें विश्वास है कि नए वाहनों के शामिल होने के बाद चंडीगढ़ पुलिस अगले वर्ष देश में रिस्पाॅन्स टाइम के मामले में पहला स्थान हासिल करेगी। शाह ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया गया पुलिस कलर छह दशक की सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का सम्मान है। किसी भी पुलिस बल को यह सम्मान आसानी से नहीं मिलता। इसके लिए जवानों की 15 वर्ष से अधिक की सेवा, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखा जाता है। आतंकवाद के दौर में भी पुलिस ने दिखाया पराक्रम अमित शाह ने कहा कि वर्ष 1966 से चंडीगढ़ पुलिस ने शहर की सुरक्षा के लिए लगातार काम करते हुए देश की पुलिस व्यवस्था में अपनी अलग पहचान बनाई है। आतंकवाद के दौर में चंडीगढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन पुलिस ने साहस और पराक्रम के साथ चुनौतियों का सामना किया। पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी होने के कारण चंडीगढ़ में दोनों राज्यों से जुड़ी गतिविधियों और सुरक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती है। इसके बावजूद चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब और हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय बनाकर ट्राईसिटी में कानून-व्यवस्था संभाली है। बीट पुलिसिंग मॉडल की देशभर में मिसाल गृह मंत्री ने चंडीगढ़ पुलिस की बीट पुलिसिंग की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि वह देश में जहां भी जाते हैं, वहां चंडीगढ़ के बीट पुलिसिंग मॉडल का उदाहरण देते हैं। बीट पुलिसिंग ऐप और व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को पासपोर्ट, नौकरी के लिए एनओसी और पुलिस प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं के लिए थानों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है। पुलिसिंग का दायित्व केवल अपराध और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिकों की सेवाओं को आसान बनाना भी है। नशामुक्त पुलिस यूनिट बनेगा चंडीगढ़; 2100 एआई कैमरे लगेंगे अमित शाह ने कहा कि कहा कि चंडीगढ़ नशा मुक्त पुलिस यूनिट बनेगा। शहर में पहले से करीब 2,130 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस 2,152 अतिरिक्त कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा अपराध पर नजर रखने में मदद मिलेगी। शाह ने कहा कि नई न्याय संहिताओं को प्रभावी ढंग से लागू कर चंडीगढ़ पुलिस ने देश के सामने उदाहरण पेश किया है। पुलिस ने करीब 85 प्रतिशत मामलों में दोषसिद्धि हासिल की है और औसतन 140 दिनों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपितों को सजा दिलाने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिताओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो तो देश में न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।  शहीद जवानों के बलिदान को किया नमन अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस के शहीद अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देना किसी भी जवान और उसके संगठन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने एएसआई लालू राम, एएसआई अभिमन्यु चंद्र, इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह और शहीद इंस्पेक्टर जगजीत सिंह सहित पुलिसकर्मियों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कांस्टेबल सुखजीत सिंह, सुखदर्शन और होमगार्ड वॉलंटियर राजेश कुमार के 14 मार्च 2025 को दिए गए बलिदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि छह हजार से अधिक जवानों वाला चंडीगढ़ पुलिस बल क्राइम, ऑपरेशन सेल, सिक्योरिटी विंग और ट्रैफिक पुलिस सहित विभिन्न इकाइयों के माध्यम से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलना पूरे पुलिस परिवार के लिए गौरव का अवसर है। राज्यपाल और डीजीपी ने भी किया संबोधित कार्यक्रम में अमित शाह से पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने संबोधित किया। डीजीपी ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान प्रदान किया जाना हमारे छह दशकों की समर्पित सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। वहीं, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में चंडीगढ़ ने देश में अगुवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इन कानूनों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में चंडीगढ़ से ही देशभर में इनके प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि नए कानून लागू होने से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ी है। 

1857 की क्रांति में अंबाला की ऐतिहासिक भूमिका, अंग्रेजों के खिलाफ ऐसे भड़के थे सैनिक

 अंबाला  आजादी की पहली लड़ाई का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, अंबाला की छावनी का जिक्र सिर्फ बगावत की एक घटना के रूप में नहीं होगा। यह वह धरती थी, जहां अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह की चिंगारी शोला बन रही थी। भारतीय सैनिकों ने अंग्रेज अफसरों के आदेश मानने से इन्कार कर दिया था, बैरकों में बंदूकें संभाल ली थीं और विद्रोह का बिगुल फूंक दिया था। मगर इतिहास का एक दूसरा पहलू भी है। जिस अंबाला की मिट्टी में आजादी की पहली लड़ाई के स्वर बुलंद हो रहे थे। उसी अंबाला से अंग्रेजी हुकूमत ने क्रांति को कुचलने के लिए 500 ऊंट और 500 बैलगाड़ियों का इंतजाम किया था। एक ओर छावनी में बगावत की आहट थी तो दूसरी ओर अंग्रेजी सेना विद्रोह को दबाने के लिए रसद, परिवहन और जनशक्ति जुटाने में लगी थी। जला दी गई थी बैंक मास्टर का घर और रेजिमेंट की संपत्ति 'द रिवोल्ट ऑफ 1857 इन हरियाणा' पुस्तक और पंजाब गजेटियर में दर्ज विवरण बताते हैं कि अंबाला में विद्रोह की जमीन पहले से तैयार हो रही थी। 22 अप्रैल को 5वीं रेजिमेंट नेटिव इन्फैंट्री के मेस परिसर स्थित शिप हाउस में आग लगा दी गई। इसी दिन यूरोपीय इन्फैंट्री लाइंस में मेजर लाउटन के अस्तबल को आग लगाने का प्रयास हुआ। अगले दिन 23 अप्रैल को 9वीं लांसर्स लाइंस में कैप्टन साउंडर्स के घर को निशाना बनाने की कोशिश की गई। 25 अप्रैल को बैंक मास्टर का घर और रेजिमेंट की संपत्ति जला दी गई। 26 अप्रैल को लेफ्टिनेंट एवं राइडिंग मास्टर शा के घर में दिनदहाड़े आग लगाने का प्रयास हुआ। इसके बाद एक मई को 5वीं रेजिमेंट नेटिव इन्फैंट्री लाइंस में बैजनाथ नाम के सिपाही की झोपड़ी भी जला दी गई। एक के बाद एक हुई इन घटनाओं ने अंग्रेज अधिकारियों की नींद उड़ा दी थी। अमित शाह करेंगे लोकार्पण इसी ऐतिहासिक विरासत को स्थायी पहचान देने के लिए अंबाला-दिल्ली हाईवे पर 22 एकड़ में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से देश का पहला 1857 शहीदी स्मारक बनाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पांच नवंबर को इसका लोकार्पण करेंगे। प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने 1857 के संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि अंबाला की भूमिका के प्रमाण सरकारी रिकार्ड में दर्ज हैं। यह स्मारक उन वीरों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। चर्बी वाले कारतूसों ने गहरी कर दी अविश्वास की खाई सैनिकों के आक्रोश की एक बड़ी वजह चर्बी लगे कारतूसों की आशंका थी। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, 5वीं नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही शाम सिंह ने अप्रैल 1857 के अंतिम दिनों में फोरसिथ को बताया था कि सैनिकों में भारी आक्रोश और उत्तेजना है। उन्हें आशंका थी कि अंग्रेज अधिकारी उन्हें चर्बी लगे कारतूस इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करेंगे। धार्मिक आस्थाओं से जुड़ी इस आशंका ने सैनिकों के मन में अंग्रेजी शासन के प्रति पहले से मौजूद अविश्वास को और गहरा कर दिया था। 10 मई को बैरकों में गूंजने लगी थी बगावत पंजाब गजेटियर के अनुसार, सात और आठ मई को तत्कालीन अधिकारी फोरसिथ को सैनिकों के बीच विद्रोह की योजना बनने की सूचनाएं मिली थीं। 10 मई को 5वीं और 60वीं भारतीय पैदल सेना रेजिमेंट के सैनिक अपनी बैरकों में पहुंचे। उन्होंने बंदूकें निकालीं और उनमें गोलियां भरनी शुरू कर दीं। खजाने की सुरक्षा में तैनात 60वीं रेजिमेंट के जवानों ने भी पूरे दिन हथियारों के साथ मोर्चा संभाले रखा। उन्होंने अंग्रेज अधिकारियों के आदेश मानने से साफ इन्कार कर दिया था। सैनिकों की खुली अवज्ञा के बावजूद अंग्रेज सैन्य अधिकारियों ने खजाने की सुरक्षा में तैनात जवानों को बिना शर्त माफ कर दिया था। एक अन्य हिस्से को एक सितंबर को जेल भेजने का आदेश दिया गया तो सैनिकों ने भागने का प्रयास किया। इसके बाद यूरोपीय सैनिकों ने कुछ जवानों को मार गिराया, जबकि अन्य को पकड़कर उन पर मुकदमा चलाया गया।

चंडीगढ़ दौरे पर अमित शाह, पंजाब चुनाव की रणनीति और नशे के मुद्दे पर रहेगा फोकस

चंडीगढ़. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रविवार को चंडीगढ़ दौरे के दौरान नशे के खिलाफ बड़ा संदेश दिया जा सकता है। पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनके इस दौरे के राजनीतिक मायने अहम माने जा रहे हैं। अमित शाह पहले सेकटर-26 स्थित पुलिस लाइन में चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस परेड में शामिल होंगे और उसे राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान प्रदान करेंगे। इसके बाद सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में 258 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चंडीगढ़ दौरे को लेकर कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव कोचंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान ।जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रविवार को चंडीगढ़ दौरे के दौरान नशे के खिलाफ बड़ा संदेश दे सकते हैं। चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब में भी नशा एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में अमित शाह का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहने वाला। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले होने जा रहे चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव और उसके बाद पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनके दौरे के राजनीतिक मायने भी अहम माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि नशे के मुद्दे पर वह पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को भी घेर सकते हैं। इससे पहले पंजाब के मानसा दौरे के दौरान अमित शाह नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह ढिंडसा की हत्या के मामले के बाद उनके परिवार से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने पंजाब में नशे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा था। अब चंडीगढ़ में भी नशे के खिलाफ चल रहे अभियान की प्रगति उनके सामने रखी जाएगी। अमित शाह का चंडीगढ़ में दो स्थानों पर कार्यक्रम होगा। पहले सुबह करीब 10 बजे सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस की परेड में शामिल होंगे। यहां उत्कृष्ट सेवाओं और तीन नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान प्रदान करेंगे। इसके बाद सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क में करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे। वे 258 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चंडीगढ़ दौरे को लेकर कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव कोचंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान।जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रविवार को चंडीगढ़ दौरे के दौरान नशे के खिलाफ बड़ा संदेश दे सकते हैं। चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब में भी नशा एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में अमित शाह का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहने वाला। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले होने जा रहे चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव और उसके बाद पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनके दौरे के राजनीतिक मायने भी अहम माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि नशे के मुद्दे पर वह पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को भी घेर सकते हैं। इससे पहले पंजाब के मानसा दौरे के दौरान अमित शाह नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह ढिंडसा की हत्या के मामले के बाद उनके परिवार से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने पंजाब में नशे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा था। अब चंडीगढ़ में भी नशे के खिलाफ चल रहे अभियान की प्रगति उनके सामने रखी जाएगी। अमित शाह का चंडीगढ़ में दो स्थानों पर कार्यक्रम होगा। पहले सुबह करीब 10 बजे सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस की परेड में शामिल होंगे। यहां उत्कृष्ट सेवाओं और तीन नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान प्रदान करेंगे। इसके बाद सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क में करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे। वे 258 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

लखनऊ में अमित शाह का चुनावी संदेश, बोले- 312 सीटों वाली रिकॉर्ड जीत याद दिलाने आया हूं

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है. लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बड़ी बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य वक्ता के रूप में मोर्चा संभाला और पार्टी कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार किया।  अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हुए की. उन्होंने बीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं को 'मालिक' कहकर संबोधित किया और कहा, "भाजपा के मालिक देवतुल्य कार्यकर्ताओं को मेरा राम-राम." शाह ने कहा कि बीजेपी की असली ताकत उसका बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही है, जिसके दम पर पार्टी ने देश और प्रदेश में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।  CM योगी की तारीफ करते हुए अमित शाह ने कहा, '2019 में योगी जी को मुख्यमंत्री बनाया माफियाओं ने उसके पहले उत्तर प्रदेश को जकड़ कर रखा था.मैं योगी जी को बधाई देना चाहता हूं लोगों ने कठोर शासन देकर यूपी को माफियाओं से मुक्त किया. मित्रों यहां तुष्टिकरण चलता था, साढ़े पांच सौ साल से राम मंदिर नहीं बन पाया था, मोदी जी आए तो राम मंदिर की बना. धारा 370 की बात होती थी तो लोग कहते थे उनकी नदियां बह जाएगी. कई प्रदेशों में UCC लागू हो चुका है उत्तर प्रदेश में आप BJP सरकार बना उत्तर प्रदेश में हम UCC लागू करेंगे।  सपा पर हमला सपा पर तीखा हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि आज वही दिन है जब मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान रामभक्तों और कारसेवकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थीं. उन्होंने कहा कि उस समय पूरा सरयू नदी का जल रामभक्तों के लहू से लाल हो गया था।  सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, "अखिलेश बाबू, आप किस मुंह से राज्य में सरकार बनाने की बात करते हैं?" उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार 'अंगद का पैर' है, जिसे कोई नहीं हटा सकता. अमित शाह ने कहा कि यूपी में हम फिर से सरकार बनायेंगे. उन्होंने कहा, 'कल्याण सिंह ने बिना अपनी सरकार की चिंता किए अयोध्या में कार सेवा होने दिया और ढांचा धवस्त हुआ।  2017 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा, 'मैं आज आप कार्यकर्ताओं को याद करने आया हूं यह आप ही लोग हो जिन्होंने रिकॉर्ड सीटें उत्तर प्रदेश में जिताई थी 2017 – 40 फीसदी वोट लेकर 312 सीटें दिलाई थी। 2022 में भी 41 फ़ीसदी वोट पाए और मैजिक फिगर से काफी ज्यादा सीट लेकर आए.आज कहता हूं कमर का स्लो और अर्जुन की तरह मछली की आंख पर निशाना लगाओ फिर से प्रचंड बहुमत से सरकार लेकर आएंगे. समय है तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनाएंगे. मैं याद दिलाने आया हूं कि भाजपा के नेता भी सबसे पहले कार्यकर्ता है।  2,850 दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बना चुनावी प्लान आपको बता दें कि लखनऊ में आयोजित इस मेगा बैठक में संगठन और सरकार के करीब 2,850 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. बैठक में उत्तर प्रदेश से केंद्र में शामिल मंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री (केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक), सभी सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और मोर्चों के पदाधिकारी मौजूद हैं।  उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव अहम चुनौती माना जा रहा है. 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी. 2022 में भी बीजेपी सत्ता में वापसी करने में सफल रही, हालांकि उसकी सीटों की संख्या 2017 के मुकाबले कम हो गई थी. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन ने राज्य में राजनीतिक मुकाबले की तस्वीर बदल दी।  ऐसे में बीजेपी के सामने 2027 में अपनी सरकार बरकरार रखने के साथ-साथ संगठन और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की चुनौती है. यही वजह है कि पार्टी ने चुनाव से काफी पहले ही संगठनात्मक बैठकों और रणनीतिक तैयारियों पर जोर देना शुरू कर दिया है. लखनऊ की यह कार्यसमिति बैठक इसी दिशा में एक अहम कदम है। 

अमित शाह ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश, बोले- 2027 में फिर बनेगी भाजपा सरकार

लखनऊ गृहमंत्री अमित शाह ने लखनऊ में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2027 में तीसरी बार सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार 'अंगद के पांव' की तरह अडिग है। इसे कोई हिला नहीं सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि आपसी मनमुटाव और सभी तरह की नाराजगी भूलकर 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जी-जान से जुट जाएं। प्रदेश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को इनवेस्टर समिट करने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और उत्तर प्रदेश खुद देश का सबसे बड़ा 'इन्वेस्टर हब' बन चुका है। राज्य में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर भी चुका है। नोटबंदी के ठीक बाद यूपी में बनाई सरकार अमित शाह ने 2017 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। चुनाव के दौरान नोटबंदी हुई थी और कई लोग कह रहे थे कि भाजपा चुनाव हार जाएगी। इसके बावजूद पार्टी ने 40 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए और सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप वही कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में 73 सीटें और विधानसभा चुनाव में 312 सीटें जिताने में भूमिका निभाई थी। कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण से ही पार्टी को यह सफलता मिली। परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर कांग्रेस को घेरा अमित शाह ने कहा कि देश की राजनीति को प्रभावित करने वाले तीन बड़े राहु परिवारवाद, भ्रष्टाचार और जातिवाद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2026 के बीच इन बुराइयों को राजनीति से दूर करने का काम किया गया है। शाह ने कांग्रेस की चुनावी हार का जिक्र करते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी का यही राजनीतिक रवैया रहा तो आने वाले 30 साल तक भी कांग्रेस जीत नहीं पाएगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगले 30 साल तक भाजपा की सरकार रहने वाली है। इसका श्रेय उन्होंने देवतुल्य मतदाताओं को दिया। खिलेश ने केवल अपनी गरीबी दूर की सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश बाबू, आप गरीबों की बात करते हैं, लेकिन जब आप सत्ता में थे तो आपने गरीबों के लिए कुछ नहीं किया, केवल अपनी गरीबी दूर करने का काम किया। उन्होंने केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने देश भर में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का ऐतिहासिक काम किया है।

अमित शाह का चंडीगढ़ दौरा 1 नवंबर को, पुलिस स्थापना दिवस पर कई प्रोजेक्ट्स को मिल सकती है हरी झंडी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस यानी रेजिंग डे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक नवंबर को चंडीगढ़ आएंगे। वह शहर में करीब 5 घंटे रहेंगे। सेक्टर-17 के तिरंगा पार्क में आयोजित समारोह में शाह भव्य परेड की सलामी लेंगे।  कार्यक्रम के लिए फूलों और मंच की सजावट पर करीब 14.60 लाख रुपए खर्च होंगे। गृह मंत्री सुबह 7 बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे और सुबह 11:45 बजे वापस रवाना हो जाएंगे। कार्यक्रम स्थल पर मंच निर्माण, साफ-सफाई, बिजली, बैठने की व्यवस्था और आगंतुकों के प्रवेश व निकास के इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों के बीच सुरक्षा, ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था को लेकर समन्वय किया जा रहा है। इन परियोजनाओं को मिल सकती मंजूरी अमित शाह के दौरे के दौरान चंडीगढ़ पुलिस के लिए सारंगपुर में मॉडर्न ट्रेनिंग सेंटर और नए पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सेक्टर-26 में हाईलेवल पुल और पंजाब यूनिवर्सिटी-पीजीआई के बीच अंडरपास परियोजना का उद्घाटन भी प्रस्तावित है। एक स्कूल का उद्घाटन भी किया जा सकता है। फूलों-मंच की सजावट पर खर्च होंगे 14.60 लाख शाह के दौरे के मद्देनजर तिरंगा पार्क में आयोजित होने वाले वीवीआईपी कार्यक्रम के लिए फूलों और मंच की सजावट पर करीब 14.60 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। तिरंगा पार्क में साफ-सफाई, बिजली, बैठने की व्यवस्था, मंच निर्माण और आगंतुकों के प्रवेश-निकास से जुड़े इंतजामों की भी समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपे जाने की तैयारी है। अधिकारियों के बीच समन्वय किया जा रहा सुरक्षा एजेंसियां की ओर से कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पार्किंग को लेकर अधिकारियों के बीच समन्वय किया जा रहा है। संभावित भीड़ और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए मार्गों का निरीक्षण किया जाएगा।  पुनर्वास कॉलोनियों को राहत की उम्मीद प्रशासन को उम्मीद है कि गृह मंत्री शहर के लोगों से जुड़े मुद्दों पर भी कोई घोषणा कर सकते हैं। पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मकानों का मालिकाना हक देने से संबंधित फाइल गृह मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। ऐसे में निवासियों को इस मामले में राहत मिलने की उम्मीद है। 1966 में चंडीगढ़ पुलिस का पुनर्गठन 1 नवंबर 1966 को चंडीगढ़ के केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ चंडीगढ़ पुलिस का पुनर्गठन हुआ था। इस बार पुलिस अपना 60वां स्थापना दिवस मना रही है। इसी वजह से इस वर्ष का रेजिंग डे खास महत्व रखता है। समारोह में गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।