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अमित शाह तय करेंगे बंगाल का सीएम, ये नेता हैं संभावित दावेदार

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में 15 साल के बाद सत्ता परिवर्तन हो गया है और बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख भी फाइनल हो गई है. सूबे के सियासी इतिहास में पहली बार बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनने जा रही है. ऐसे में सभी की मन में एक ही सवाल है कि बीजेपी किसे मुख्यमंत्री बनाकर सत्ता की कमान सौंपी जाएगी।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद बंगाल के पर्यवेक्षक के तौर पर आज गुरुवार शाम कोलकाता पहुंच रहे हैं. इस दौरान वो बीजेपी विधायकों के साथ बातचीत कर मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे. मुख्यमंत्री की रेस में कई नेताओं के नाम चल रहे हैं, जिसमें ममता बनर्जी को मात देने वाले शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे है।  बंगाल में सीएम की रेस में शुभेंदु अधिकारी ही नहीं बल्कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य से लेकर दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉलऔर सुकांत मजूमदार जैसे आधा दर्जन नेताओं के नाम शामिल है. ऐसे में सवाल उठता है कि अमित शाह के सियासी क्राइटेरिया में कौन नेता फिट बैठेगा?  बंगाल सीएम के लिए शाह की क्राइटेरिया? पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग के बाद ही अमित शाह ने संकेत दे दिए थे कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा? कोलकाता में प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान अमित शाह से पूछा गया था कि बीजेपी सत्ता में आती है तो बंगाल में कौन मुख्यमंत्री होगा. इसका जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा था कि जो भी होगा बंगाल की धरती का बेटा है, बंगाल में पढ़ा-लिखा है, बंगाली बोलता है और बीजेपी का कार्यकर्ता है, वही मुख्यमंत्री होगा? अमित शाह ने कहा था कि मैं बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अगला मुख्यमंत्री कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो बंगाल में पैदा हुआ और पढ़ा-लिखा हो, और बंगाली अच्छी तरह बोलता हो. इस तरह से अमित शाह ने बीजेपी के सीएम बनाने की क्राइटेरिया बता दी थी. अब बीजेपी सत्ता में आई है तो उस लिहाज से नए मुख्यमंत्री का चयन होगा, जिसे अमलीजामा पहनाने के लिए खुद पर्यवेक्षक के तौर पर कोलकाता जा रहे हैं, जहां विधायकों से बातचीत करके नए सीएम के नाम का ऐलान करेंगे?  शुभेंदु अधिकारी बनेंगे अमित शाह की पसंद अमित शाह के क्राइटेरिया में शुभेंदु अधिकारी सबसे फिट बैठते हैं. भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर शुभेंदु अधिकारी ने अपनी ताकत साबित की है. बंगाल से दिल्ली तक के सियासी कॉरिडोर में सबसे ज्यादा चर्चा शुभेंदु की हो रही है. सुवेंदु अधिकारी ने 2021 में नंदीग्राम में ममता को हराया था और विपक्ष के नेता बने थे और इस बार उन्होंने नंदीग्राम से जीतने के साथ-साथ भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15,000 से ज्यादा वोटों से मात दी है. ऐसे में सुवेंदु अधिकारी के नाम को नजरअंदाज करना मुश्किल है।  शुभेंदु अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के क्राइटेरिया में भी फिट बैठ रहे हैं. बंगाल में जन्म लिए हैं और बंगाल में पढ़े लिखे हैं. यही नहीं बीजेपी में आए हुए भी उन्हें छह साल हो गए  हैं. अमित शाह को ऐसे नेता पसंद आते हैं, जो 'आक्रामक' होनेके साथ प्रशासन पर मजबूत पकड़ रखता हो. शुभेंदु के पास मंत्री रहने का भी अनुभव है और वे राज्य के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हैं.'हिंदुत्व' और 'विकास' के समन्वय के लिए वे शाह की पहली पसंद हो सकते हैं।  समिक भट्टाचार्य कहीं छुपे रुस्तम न साबित हों? पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी जहां नैचुरल दावेदार हैं तो वहीं उनके बाद समिक भट्टाचार्य का नाम है. समिक भट्टाचार्य एक ऐसा नाम हैं,जिन्हें बीजेपी का 'बौद्धिक चेहरा'माना जाता है. चुनाव नतीजों के बाद जब अमित शाह कोलकाता में मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन कर रहे हैं, तो समिक भट्टाचार्य का नाम 'डार्क हॉर्स' (छुपा-रुस्तम) के रूप में तेजी से उभरा है. संघ और बीजेपी दोनों की पसंद माने जाते हैं।  समिक भट्टाचार्य के पास बंगाली-शिक्षिक मिडिल-क्लास और सभी ग्रुप्स के बीच कोऑर्डिनेशन बनाए रखने की क्षमता है. भट्टाचार्य पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से एक अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने शाह और सुनील बंसल मार्गदर्शन में पार्टी के पुराने नेताओं को एक साथ रखकर कमल खिलाने में कामयाब रहे.समिक में बंगालियों और बंगाली कल्चर को रिप्रेजेंट करने की काबिलियत है. अमित शाह ये भी जानते हैं कि बंगाल की सत्ता चलाने के लिए केवल आक्रामकता काफी नहीं है,बल्कि बंगाल के प्रबुद्ध समाज (इंटेलिजेंटिया) को साथ लेना भी जरूरी है।  दिलीप घोष बीजेपी के'जमीनी योद्धा' और कैडर की पसंद बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का नाम भी सीएम की रेस में है. बंगाल में बीजेपी को शून्य से शिखर तक पहुंचाने में दिलीप घोष का अहम रोल रहा है. वे 'खालिस बंगाली' अंदाज में बात करते हैं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. अमित शाह को ऐसा व्यक्ति पसंद है जो मुश्किल वक्त में पार्टी के साथ खड़ा रहा हो. हालांकि, दिलीप घोष की बेबाक बयानबाजी कभी-कभी अनुशासन के आड़े आती है, लेकिन उनकी 'फाइटिंग स्पिरिट' उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है।  सुकांत मजूमदार 'संगठन'और 'शालीनता' का मेल पश्चिम बंगाल में सीएम की रेस में अमित शाह किसी ऐसे चेहरे की तलाश में हैं, जो विवादों से दूर रहे और संगठन के साथ तालमेल बिठा सके, तो सुकांत मजूमदार रेस में आगे हैं. वे पढ़े-लिखे हैं (प्रोफेसर रहे हैं) और पश्चिम बंगाल के भद्रलोक समाज में उनकी अच्छी छवि है. सुकांत एक 'लो-प्रोफाइल' लेकिन मेहनती नेता हैं, जो संघ (RSS) और पार्टी के बीच सेतु का काम कर सकते हैं. बीजेपी अपने फैसले से अक्सर चौंकाती रही है।  अग्निमित्रा पॉल 'महिला शक्ति' और नया प्रयोग बीजेपी पश्चिम बंगाल में 'महिला मुख्यमंत्री' का कार्ड खेलते हैं, तो अग्निमित्रा पॉल बड़ी दावेदार होंगी. दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बनी है. बंगाल में उन्होंने महिला सुरक्षा और 'आरजी कर' जैसे मुद्दों पर ममता सरकार को पुरजोर तरीके से घेरा है. बंगाल में 'नारी शक्ति' ने बीजेपी को वोट दिया है. ममता बनर्जी के जवाब में एक महिला मुख्यमंत्री देना शाह की 'मास्टरस्ट्रोक' वाली राजनीति का हिस्सा हो सकता है।  उत्पल महाराज को बंगाल का योगी कहा जाता है? पश्चिम बंगाल में एक नाम और भी चर्चा में है, जो उत्पल महाराज है. उन्हें बंगाल का योगी … Read more

रिजल्ट डे पर हाई अलर्ट: कंट्रोल रूम से निगरानी, अमित शाह करेंगे हर मिनट मॉनिटरिंग

कोलकाता बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद अब मतगणना में भी भाजपा एक इंच जमीन छोडऩे को तैयार नहीं है। 2021 की गलतियों से सीख लेते हुए भाजपा ने मतगणना को लेकर इस बार व्यापक तैयारियां की है। चार मई को होने वाली मतगणना के दिन राज्य की जिम्मेदारी संभाल रहे पार्टी के सभी केंद्रीय नेता व पर्यवेक्षक कोलकाता में ही मौजूद रहेंगे और साल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय के कंट्रोल रूम से हर पल की जानकारी सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाई जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य की सभी 294 सीटों पर मतगणना की प्रगति, किस सीट पर पार्टी के उम्मीदवार आगे हैं और कुल कितनी सीटों पर बढ़त मिल रही है- इन सभी अपडेट्स को मिनट-टू-मिनट दिल्ली भेजा जाएगा। इस दौरान बंगाल भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल व मंगल पांडेय और केंद्रीय मंत्री एवं बंगाल के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव साल्टलेक कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम में मौजूद रहेंगे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। मतगणना से पहले पार्टी स्तर पर कई चरणों में बैठकें की गई हैं। बीते तीन दिनों में सुनील बंसल और भूपेंद्र यादव ने मालदा, सिलीगुड़ी और कोलकाता में अलग-अलग बैठकें कर जिला अध्यक्षों, उम्मीदवारों और बूथ स्तर के जिम्मेदार नेताओं को मतगणना को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए हैं। इन बैठकों में राज्य भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी मौजूद रहे। प्रवासी नेताओं और सभी गणना एजेंटों के साथ भाजपा ने बैठक की इसी क्रम में पार्टी के बंगाल चुनाव प्रभारियों ने शनिवार को कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिस में वे प्रवासी नेता शामिल हुए जो अन्य राज्यों से आकर पिछले कई माह से बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों में चुनाव को लेकर रणनीति और कार्यों को गति दे रहे थे। साथ ही पार्टी के सभी गणना एजेंटों के साथ भी बैठक की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पार्टी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मतगणना केंद्रों के भीतर एजेंटों को सतर्क रहना होगा और काउंटिंग प्रक्रिया पूरी होने तक निगरानी जारी रखनी होगी। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए पार्टी ने गणना एजेंटों को अंतिम वोट की गिनती तक मतगणना केंद्र नहीं छोडऩे का साफ निर्देश दिया है। यह पहली बार है जब भाजपा ने मतगणना को लेकर इस स्तर पर तैयारी की है। दरअसल, 2021 में रुझान विपरीत दिखने पर भाजपा के कई एजेंट मतगणना केंद्र छोड़कर बीच में ही चले गए थे, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे में इस बार अंत तक मोर्चे पर डटे रहने पर भाजपा का मुख्य जोर है। ममता भी सतर्क, पार्टी के सभी गणना एजेंटों के साथ की वर्चुअल बैठक दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके सांसद भतीजे व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी शनिवार शाम में पार्टी के राज्यभर के सभी गणना एजेंटों के साथ वर्चुअल माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के अनुसार, ममता ने गणना एजेंटों को उनके कर्तव्यों के बारे में बताया ताकि चार मई को मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की न हो। ममता ने भी अपने गणना एजेंटों को अंतिम समय तक मतगणना केंद्र नहीं छोडऩे का स्पष्ट निर्देश दिया।  

मुंबई में बड़ी कार्रवाई: 1745 करोड़ रुपये की कोकीन बरामद, अमित शाह ने NCB की सराहना की

मुंबई  नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि हम नशीले पदार्थों के कार्टेल को पूरी तरह से कुचलने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। गृह मंत्री ने लिखा कि एनसीबी ने नशीले पदार्थों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर शिकंजा कसते हुए मुंबई में 1745 करोड़ रुपये मूल्य की 349 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है। यह 'बॉटम-टू-टॉप' (नीचे से ऊपर) दृष्टिकोण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें एजेंसी ने एक छोटी खेप का पता लगाते हुए एक विशाल नेटवर्क को बेनकाब किया।  इस शानदार सफलता के लिए टीम एनसीबी को बधाई। बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मुंबई में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 1745 करोड़ रुपये मूल्य की 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है। यह जब्ती एक छोटे कंसाइनमेंट को ट्रैक करते हुए, बड़े नेटवर्क तक पहुंचने वाली 'नीचे से ऊपर' रणनीति का हिस्सा है। यह मामला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़ा है। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा था कि नार्को सिंडिकेट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस। उन्होंने लिखा था कि एनसीबी ने तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि मोदी सरकार के ड्रग कार्टेल को पूरी तरह से खत्म करने के मिशन के तहत, हमारी नार्कोटिक्स विरोधी एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के एक मजबूत नेटवर्क के ज़रिए सीमाओं के पार भी अपनी पकड़ बना ली है। अब वे कहीं भी छिप जाएं, ड्रग सरगनाओं के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है। बीते महीने 28 अप्रैल को एनसीबी की ओर से एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया था कि नई दिल्ली में 1 एनसीबी जोनल डायरेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2026 का समापन हुआ, जिसमें एनसीबी की सभी फील्ड इकाइयों ने अगले तीन वर्षों में पूरे देश में नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग से प्रभावी ढंग से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। एनसीबी की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया था कि एनसीबी के डीजी ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे गृह मंत्री अमित शाह के विजन के अनुरूप, नेटवर्क-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाकर रोडमैप के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मासिक लक्ष्य हासिल करें।

अमित शाह की भविष्यवाणी: तीन राज्यों में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलेंगी, एक में जीरो की संभावना

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस को लेकर भी बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। बंगाल की सत्ता पर काबिज होने का दावा करने वाली भाजपा के नेता ने कहा कि मैं राहुल गांधी को बताना चाहती हूं कि कांग्रेस यहां खाता भी नहीं खोल पाएगी। दमदम में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि मैं राहुल गांधी को बता दूं कि बंगाल में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सकेगा। इसके अलावा उन्होंने दो और राज्यों तमिलनाडु और पुदुचेरी को लेकर भी कांग्रेस के बारे में भविष्यवाणी की। अमित शाह ने कहा कि पुदुचेरी और तमिलनाडु में कांग्रेस का आंकड़ा दहाई तक नहीं पहुंचेगा यानी वह 10 या उससे ज्यादा सीटें नहीं हासिल कर सकेगी। बंगाल के दमदम में अमित शाह ने वोटरों से देश के नाम वोट करने करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आप लोग अपना वोट घुसपैठिया मुक्त बंगाल के लिए करें। आप किसी विधायक या फिर भाजपा की सरकार बनाने के लिए मतदान ना करें बल्कि बंगाल को घुसपैठ से फ्री कराने के लिए वोट डालें। इस बीच पश्चिम बंगाल में पहले राउंड की वोटिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को मतदान स्थलों पर पहुंचाने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा सुरक्षा के दस्ते भी लगातार मतदान स्थलों पर पहुंच रहे हैं। फिलहाल चुनाव में जुड़ा स्टाफ मतदान स्थलों पर जरूरी प्रक्रिया को पूरा करने में जुटा है। बरहमपुर की निर्वाचन अधिकारी रोशनी रॉय ने कहा कि सभी तैयारियां सही से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें सारी सामग्री मिल गई है। इस बार चुनाव पहले के मुकाबले थोड़ा अलग है और सख्ती भी ज्यादा रहेगी। लेकिन कोई समस्या नहीं है और सब कुछ अच्छे से चल रहा है। वहीं वरिष्ठ राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बंगाल में इमरजेंसी जैसी हालत है। केंद्र सरकार की ओर से स्टेट मशीनरी का बेजा इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के माध्यम से ही यह तय कराया जा रहा है कि बंगाल में भाजपा की जीत हो जाए। सिब्बल बोले- गुजरात से 5000 लोग बंगाल ला जा रहे इसके अलावा कपिल सिब्बल ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बात को स्वामी विवेकानंद का बनाकर बोल देते हैं। उन्हें इतिहास और संविधान के बारे में कुछ पता ही नहीं है। उन्हें सिर्फ बुलडोजर जैसी चीजों के बारे में ही पता है। उन्होंने कहा कि भाजपा तो बाहर से चुनाव के लिए लोग ला रही है। सिब्बल ने कहा कि गुजरात से ही 5 हजार लोगों को बंगाल लाया गया है। इसके लिए स्पेशल ट्रेन ही चला दी गई है।

अमित शाह ने बंगाल में किया आह्वान, ‘कमल का बटन दबाओ, भाजपा सरकार बनाओ, घुसपैठियों को भगाओ’

कलकत्ता पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी जंग गरमाई हुई है. दोनों राज्यों में सत्ता बचाने और हासिल करने की कोशिशें तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जिसमें पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. सभी राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को आएंगे।  पश्चिम बर्धमान में बोले अमित शाह- बंगाल से हर घुसपैठिए को निकाल देंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बर्धमान में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ भाजपा के उम्मीदवार को विधायक बनाने या अपने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं है.  शाह ने कहा, “ये चुनाव पूरे बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए है. उन्होंने जनता से वादा किया कि 23 तारीख को कमल के निशान पर बटन दबाकर 5 तारीख को भाजपा की सरकार बना दो. फिर हम बंगाल से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाल देंगे. अमित शाह ने कहा कि भाजपा बंगाल में कानून का राज कायम करेगी और राज्य को अवैध घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त करेगी।  आसनसोल में बोलीं दिल्ली की सीएम- अब डर से आगे निकले बंगाल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आसनसोल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए लोगों से अपील की कि अब बंगाल को डर और आतंक से आगे निकलना चाहिए.  रेखा गुप्ता ने कहा कि बंगाल अब टीएमसी के गुंडों की पक्षपात वाली राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगा।  गुंडों व माफिया को चुन- चुन कर जेल में डालेंगे लोगों से बेखौफ मतदान करने की अपील करते हुए शाह ने कहा कि 23 मई को ममता का कोई भी गुंडा आपका बाल बांका नहीं कर पाएगा। टीएमसी के किसी भी गुंडे से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। भाजपा सरकार बनते ही टीएमसी के गुंडों व माफिया को चुन- चुन कर जेल में डालेंगे। शाह ने कहा कि यह चुनाव घुसपैठियों को निकालने का चुनाव है। उन्होंने पूछा कि क्या ममता बनर्जी और उनका भतीजा ऐसा कर सकती है। घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर निकलेंगे उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने बीएसएफ को भारत- बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन तक नहीं दी। शाह ने पार्टी के संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने तय किया है कि भाजपा सरकार बनने के 45 दिनों के अंदर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बिना तारबंदी वाले हिस्सों में बाड़ लगाने के लिए जरूरी भूमि बीएसएफ को सौंप दी जाएगी। उन्होंने फिर दोहराया कि भाजपा का वादा है कि न सिर्फ बंगाल से बल्कि पूरे देश से हम घुसपैठियों को चुन- चुन कर बाहर निकलेंगे। बंगाल की अस्मिता की रक्षा टीएमसी नहीं कर सकती उन्होंने आगे कहा कि बंगाल की अस्मिता की रक्षा टीएमसी नहीं कर सकती। कविगुरु रवींद्र नाथ टैगोर की विरासत को यूनेस्को के धरोहर में शामिल करने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का काम मोदी सरकार ने किया।शाह ने आरोप लगाया कि ममता दीदी बहुसंख्यक समाज को डरा रही है। दीदी कह रही हैं कि टीएमसी नहीं रहेगी तो बहुसंख्यक समाज का अस्तित्व नहीं रहेगा। यह कहने वाली आप कौन होती है। बहुसंख्यक समाज का अस्तित्व आपकी वजह से नहीं है। शाह ने सवाल किया कि आपके शासनकाल में मुर्शिदाबाद में हिंसा हुई, हिंदुओं को निशाना बनाया गया। रामनवमी त्योहार के दौरान शोभायात्राओं पर हमले हुए, सरस्वती पूजा करने की अनुमति नहीं दी गई, तब आप कहां थी। भ्रष्टाचारियों से घोटाले का पाई-पाई का हिसाब लेंगे शाह ने बंगाल में शिक्षक भर्ती से लेकर नगर निगम में हुए नियुक्तियों में हुए घोटाले, गाय तस्करी, राशन, मनरेगा, पीएम आवास घोटालों आदि का जिक्र करते हुए कड़ी चेतावनी दी। शाह ने कहा कि सारे भ्रष्टाचारियों को कह कर जाता हूं कि भाजपा की सरकार बनने पर घोटाले का पाई-पाई का हिसाब जनता को देना पड़ेगा। जिन्होंने गरीब जनता का हक लूटा है उनसे वापस वसूला जाएगा। भाजपा सरकार में बेखौफ घूम पाएंगी बच्चियां  महिला सुरक्षा पर घेरते हुए शाह ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी माताओं- बहनों की सुरक्षा नहीं कर सकीं। महिलाओं से उन्होंने आह्वान किया कि भाजपा की सरकार बना दीजिए, बच्चियां रात में एक बजे भी स्कूटी से बाहर बेखौफ घूम सकेंगी। कोई गुंडे- बदमाश उन्हें नहीं छेड़ पाएंगे। उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिया कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य में न संदेशखाली न आरजी कर, न ला कालेज और न मेडिकल कालेज में दुष्कर्म जैसी घटनाएं होगी। बंगाल में बोले सचिन पायलट- कांग्रेस पूरे राज्य की हर सीट पर चुनाव लड़ रही है कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुर्शिदाबाद में कहा कि बंगाल की जनता ने राज्य सरकार को भी तीन मौके दिए और केंद्र सरकार को भी. लेकिन दोनों सरकारों के बीच लगातार झगड़े की वजह से आम लोगों को बिना वजह बहुत परेशानी झेलनी पड़ी. सचिन पायलट ने कहा, पहली बार कांग्रेस पूरे राज्य की हर सीट पर चुनाव लड़ रही है. कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है. उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत बेहतर होगा. कांग्रेस अब बंगाल में मजबूती से वापसी कर रही है और लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी।  असम-केरल-पुडुचेरी में बंपर हुई थी वोटिंग असम में 75.91%, केरल में लगभग 78% और पुडुचेरी में 72% के आसपास वोटिंग दर्ज की गई थी।  तमिलनाडु में स्टालिन बनाम पलानीस्वामी तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा.मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की डीएमके सत्ता में है.2021 में डीएमके गठबंधन ने 133 सीटें जीती थीं. मुख्य मुकाबला डीएमके और एआईएडीएमके के बीच है.एआईएडीएमके के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) का बीजेपी के साथ गठबंधन है, जो डीएमके के लिए चुनौती बन रहा है।   बंगाल में ममता बनाम सुवेंदु-बीजेपी की टक्कर पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं. पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे … Read more

अमित शाह का बड़ा बयान—बंगाल में सत्ता मिली तो घुसपैठियों की होगी छुट्टी

आसनसोल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का प्रचार करने पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री ने कुल्टी विधानसभा क्षेत्र से जनसभा को संबोधित करते हुए जनता से अपनी पार्टी के वादों को दोहराया। इसके साथ ही टीएमसी सरकार पर जुबानी हमला बोला। अमित शाह ने कहा, "कुल्टी की जमीन का इस्तेमाल कभी ब्लास्ट फर्नेस के लिए किया जाता था। यहां से लोहा पूरे भारत में भेजा जाता था और दुनिया के कई देशों में निर्यात भी किया जाता था। ममता बनर्जी के कुशासन के कारण कुल्टी के वे फर्नेस बंद हो गए हैं। हम 'आयरन सिटी' का दर्जा एक बार फिर बहाल करने के लिए काम करेंगे। अवैध खनन को रोका जाएगा।" उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल का चुनाव बंगाल को घुसपैठिया मुक्त बनाने का चुनाव है। भाजपा सरकार बना दीजिए, बंगाल से एक-एक घुसपैठियों को निकालने का काम करेंगे। ममता के गुंडे कान खोलकर सुन लें, 23 अप्रैल को मतदान में जरा भी खलल डाला, तो 4 मई के बाद उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम करेंगे। ममता के गुंडों की बंगाल की जनता के सामने कोई मजाल नहीं है। ममता को बंगाल के युवाओं की चिंता नहीं है, वो अपनी जगह भतीजे को बैठाना चाहती हैं, लेकिन उनका सपना पूरा नहीं होगा। यह झूठ फैलाती हैं कि बंगाल में बाहर का मुख्यमंत्री आएगा। बंगाल का मुख्यमंत्री बंगाल में जन्मा, बंगाली बोलने वाला ही होगा। अमित शाह ने कहा, एसआईआर प्रक्रिया में ममता दीदी और उनके प्रशासन ने कुछ गोरखाओं के नाम भी काट दिए हैं। कोई बात नहीं। सीटें तो वैसे भी हमारे पास ही आ रही हैं। जैसे ही चुनाव खत्म होंगे, भारतीय जनता पार्टी धीरे-धीरे हर एक गोरखा को वापस मतदाता सूची में शामिल कर लेगी।" उन्होंने कहा, "चाय बागानों में स्कूल खोलना, चाय बागान श्रमिकों को उनकी ज़मीन का मालिकाना हक देना, आवास पट्टे उपलब्ध कराना और दो वर्षों के भीतर चाय बागान श्रमिकों की मज़दूरी में 500 रुपये से अधिक की वृद्धि भारतीय जनता पार्टी द्वारा की जाएगी। उत्तरी बंगाल में हम चार नए औद्योगिक शहर स्थापित करेंगे। भारतीय जनता पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि सभी सरकारी कर्मचारियों को 45 दिनों के भीतर 7वें वेतन आयोग के लाभ मिलेंगे। अगर आप भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाते हैं, तो हम यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लाएंगे।" उन्होंने कहा, " भाजपा सरकार महिलाओं और बेरोजगारों को प्रतिमाह 3000 रुपये, गर्भवती माताओं को 21 हजार रुपये और महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 33 फीसद आरक्षण देगी। इसके साथ ही महिलाओं को मुफ्त बस सफर कराएगी। किसानों की धान की फसल की एमएसपी 3100 रुपये प्रति क्विंटल करेगी। साथ ही किसान सम्मान निधि को 6000 रुपये की जगह 9000 रुपये सालाना करेगी।" उन्होंने कहा, "दार्जिलिंग और उत्तरी बंगाल में हो रहे अन्याय को भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से खत्म करेगी। यह चुनाव सिर्फ़ हमारे दो उम्मीदवारों को विधायक बनाने के लिए नहीं है। यह चुनाव दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर गंगा सागर तक, और गंगा सागर से लेकर बंगाल की राजधानी कोलकाता तक, हमारी माताओं और बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। यह चुनाव उत्तरी बंगाल पर सालों-साल से हो रहे अन्याय और उपेक्षा का जवाब है। ममता दीदी को शर्म आनी चाहिए कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद, साल-दर-साल संदेशखाली में घुसपैठियों ने हमारी माताओं और बहनों पर अत्याचार किए हैं। ममता दीदी के शासन में नौकरियां बेची गई हैं। हम हर साल एक लाख युवक-युवतियों को एक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से, बिना किसी पैसे या सिफारिश के नौकरियां देंगे।"

अमित शाह का जवाब: ‘सपा मुस्लिम महिलाओं को टिकट दे, हमें कोई आपत्ति नहीं’, मुसलमानों को आरक्षण पर बयान

नई दिल्ली  संसद का विशेष सत्र आज यानी गुरुवार 16 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है. स्‍पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया जाएगा. इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है. इसको लेकर सत्‍ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है. लोकसभा में कुल मिलाकर तीन विधेयक पेश किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा को संबोधित कर सकते हैं. विपक्षी दल लाए जा रहे विधेयक का विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन इससे जुड़े परिसीमन का विरोध करते हैं. अब NDA यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के पास लोकसभा में संशोधन विधेयक के लिए आंकड़ा फिलहाल नहीं है. ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के लिए विपक्ष की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी तरफ, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए गुरुवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।  अमित शाह ने अखिलेश यादव के बयान पर किया पलटवार अमित शाह ने कहा कि, मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता. अखिलेश यादव बोले कि आपने अनडेमोक्रेटिक बात कही है. धर्म की बात कही होगी. पूरा देश आधी आबादी को आरक्षण चाहता है. मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या. अमित शाह ने कहा- समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है।  कुछ बयान चिंता पैदा कर रहे हैं – अमित शाह सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि जनगणना क्यों नहीं करा रहे. आप धोखा देकर ये बिल लाना चाहते हैं. इस पर अमित शाह ने कहा- अध्यक्ष जी सदन की कार्रवाई को पूरा देश देख रहा हैय कुछ बयान ऐसे किए गए जो जनता में चिंता पैदा कर रहे हैं. अखिलेश पूछ रहे हैं जनगणना क्यों नहीं हो रही है। मैं देश को बताना चाहता हूं जनगणना जारी है. उन्होंने कहा कि हम जातीय जनगणना की मांग करेंगे. मैं बताना चाहता हूं कि सरकार इसका भी निर्णय ले चुकी है। और जाति के साथ ही यह जनगणना हो रही है।  सपा ने किया परिसीमन बिल का विरोध लोकसभा में परिसीन बिल पेश होते ही हंगामा शुरू हो गया है. सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि देश के संविधान में हम संसद को पावर इस बात की दी गई है कि संविधान की रक्षा करें, सुरक्षा करें, लेकिन सभापति जी आज ऐसे बिल आए हैं कि जो हमारे संविधान को ही तोड़-मरोड़ रहे हैं और इसका हम समाजवादी पार्टी के लोग पुरजोर विरोध करते हैं.  सभापति जी जिस तरह से डिलिमिटेशन को जनगणना से पृथक किया जा रहा है. ये मैं समझता हूं कि ये संविधान की भावनाओं के पूरी तरह से विरोध में हैं. समाजवादियों से बड़ा महिलाओं का हितैषी इस देश की कोई पार्टी नहीं है. आज भी आपसे ज्यादा सदस्य हमारे पास हैं. इसलिए सभापति जी आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि इस बिल को संविधान संशोधन बिल को परिसीमन बिल को केंद्र आज संशोधन बिल को वापस लिया जाए।  महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर बयानबाजी भी बढ़ गई है. भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कमिटमेंट के लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं, ताकि भारतीय महिलाओं को उनके अधिकार मिल सकें. यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी लेकिन पूरी नहीं हुई. कांग्रेस, जिसने कई सालों तक और हाल ही में 2004 से 2014 तक राज किया, उसने सिर्फ वादे किए. सोनिया गांधी और राहुल गांधी उन्हें पूरा करने में फेल रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वादे पूरे किए हैं. यह भारतीय जनता पार्टी का महिला सशक्तीकरण के लिए कमिटमेंट है. NDA के सभी घटक पूरी ताकत से एक साथ खड़े रहे हैं. पिछली बार यह बिना किसी विरोध के पास हो गया था, लेकिन इस बार कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां इसका राजनीतिकरण कर रही हैं. वे एक बार फिर महिलाओं को उनके अधिकार मिलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।  विपक्ष पर क्‍या आरोप अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दल एक के बाद एक बहाने ढूंढ रहे हैं. सच तो यह है कि कांग्रेस और दूसरी पार्टियां महिला सशक्तीकरण के पक्ष में नहीं लगतीं, लेकिन कुछ भी हो महिलाओं को उनके अधिकार मिलने चाहिए. प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी ने महिलाओं के लिए न्याय पक्का किया है. कांग्रेस ने हमेशा देश को बांटने की कोशिश की है, कभी जाति, धर्म और कभी इलाके के आधार पर. भाजपा सांसद ने आगे कहा कि आज भी कांग्रेस के कुछ साथी यह तर्क देते हैं कि दक्षिणी राज्यों में सीटें कम हो जाएंगी. हम बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते हैं कि किसी का हक, किसी की सीटें कम नहीं हो रही हैं, बल्कि सबके साथ इंसाफ हो रहा है।   जातिगत जनगणना पर अमित शाह और अखिलेश यादव में बहस संसद विशेष सत्र लाइव: संसद में जनगणना और आरक्षण के मुद्दे पर उस समय तीखी बहस देखने को मिली, जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से जनगणना में देरी को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि आखिर जनगणना का इंतजार क्यों नहीं किया जा रहा है, क्योंकि उनकी पार्टी जाति आधारित जनगणना की मांग लगातार कर रही है. इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार ने जनगणना का काम शुरू कर दिया है और इसमें जाति आधारित आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि फिलहाल हाउसलिस्टिंग का कार्य चल रहा है और जब मुख्य जनगणना शुरू होगी, तब उसमें जाति का कॉलम भी जोड़ा जाएगा. अमित शाह ने आगे कहा कि सरकार का … Read more

अमित शाह ने ममता को दी चुनौती, कहा- 15 दिन तक बंगाल में ही रहूंगा

 कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. चुनाव में सत्तारूढ़ टीएमसी और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के बीच सीधे टक्कर देखने को मिली रही है. इसी क्रम में शुभेंदु अधिकारी के नामांकन में नंदीग्राम पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ललकारते हुए बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने घोषणा की कि वह आगामी 15 दिनों तक लगातार पश्चिम बंगाल में ही रहकर चुनावी कमान संभालेंगे।  गुरुवार को अमित शाह कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि  मैं बंगाल चुनाव में 15 दिन तक बंगाल में ही रहने वाला हूं. मैं यहां खासतौर पर शुवेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए आया हूं. शुभेंदु की जीत बंगाल में परिवर्तन की नींव रखेगी।  'बंगाल में होगी दीदी की हार' अमित शाह ने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली बार दीदी नंदीग्राम में हार गई थीं और इस बार वह भवानीपुर के साथ-साथ पूरे बंगाल को खो देंगी. उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी का नामांकन बंगाल में टीएमसी के पतन की शुरुआत है. शाह ने जोर देकर कहा कि नंदीग्राम की जनता इस बार फिर से इतिहास दोहराएगी और ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।  'मैंने पूरे बंगाल का किया दौरा' उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मैंने पूरे बंगाल का दौरा किया है और जहां भी जाता हूं, वहां एक ही आवाज़ गूंज रही है- ममता बनर्जी को बाय-बाय कर दो. चुनाव से पहले ही बंगाल का दौरा करें, जहां भी जाएं, हर जगह यही आवाज़ सुनाई दे रही है कि सरकार को विदा कर दो और ममता बनर्जी को बाय-बाय कह दो।  गृह मंत्री ने बंगाल की ज्वलंत समस्याओं को उठाते हुए कहा कि बंगाल की जनता टीएमसी की टोलबाजी और गुंडागर्दी से पूरी तरह त्रस्त है.आए दिन हो रहे बम धमाकों और बेरोजगारी से युवा परेशान हैं. राज्य में आए दिन होने वाले बम धमाकों ने सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने घुसपैठियों को संरक्षण दिया है, जिससे राज्य की डेमोग्राफी बदल रही है।  शाह ने युवाओं से वादा किया कि भाजपा सरकार आने पर बेरोजगारी को खत्म किया जाएगा और विकास की नई लहर लाई जाएगी, ताकि बंगाल फिर से अपनी पुरानी पहचान पा सके। 

रंधावा केस में केंद्र सख्त, अमित शाह ने दिया ऑफर- सांसदों की सहमति पर CBI को सौंपी जाएगी जांच

नई दिल्ली पंजाब के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या का मामला अब लोकसभा तक पहुँच गया है। पंजाब सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर पर प्रताड़ना के गंभीर आरोपों के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले में CBI जांच के साफ संदेश दिए हैं। संसद में गूँजा मुद्दा, शाह बोले सोमवार को कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने लोकसभा में रंधावा की मौत का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- "यह पंजाब राज्य का विषय है, लेकिन अगर पंजाब के सभी सांसद मुझे इस मामले में लिखित अनुरोध देते हैं, तो मैं तुरंत यह केस CBI को ट्रांसफर करने के निर्देश दे दूंगा।"

बीजेपी की बदलाव रैली में शाह बोले- ‘विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और नशा-धर्म परिवर्तन रोकेंगे’

मोगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोगा जिले के गांव किल्ली चहलां में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की बदलाव रैली को संबोधित करते हुए पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसी स्थिति बन गई है कि यहां सरकार जैसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में पंजाब में भाजपा की अपनी सरकार बनेगी। अमित शाह हलवारा हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद रैली स्थल पहुंचे और अपने भाषण की शुरुआत “बोले सो निहाल” के उद्घोष के साथ की। इसके बाद उन्होंने लोगों से भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे भी लगवाए। उन्होंने कहा कि आज नानकशाही कैलेंडर के अनुसार नए वर्ष की शुरुआत है और इस अवसर पर वह पंजाब सहित दुनियाभर में बसे पंजाबियों को शुभकामनाएं देते हैं। शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत गुरुओं को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि उनके सिर पर बंधी पगड़ी गुरु घर के प्रति पूरे भारत के सम्मान और कर्ज का प्रतीक है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके त्याग के कारण ही धर्म और संस्कृति की रक्षा संभव हुई। अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों को भी खत्म कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा वर्ष 2027 में पंजाब में अपनी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने लोगों से दोनों हाथ उठाकर भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प लेने की अपील की। शाह ने मौजूदा राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी परिवर्तन के नाम पर सत्ता में आई थी, लेकिन अपने वादे पूरे नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि राज्य में पच्चीस लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। नशा मुक्त पंजाब बनाने का दावा किया गया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार में डूबी है मौजूदा सरकार शाह ने अपने संबोधन में कह कि सोलह हजार दवा केंद्र खोलने और सोलह नए चिकित्सा महाविद्यालय बनाने का वादा भी अधूरा है। किसानों को सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और सिख दंगों के पीड़ितों को मुआवजा देने के वादे भी पूरे नहीं किए गए। अमित शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और यह सरकार दिल्ली के नेताओं के इशारों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार दिल्ली के लिए धन जुटाने का माध्यम बन गई है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराध और नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। शाह ने कहा कि राज्य में गैंगस्टर सक्रिय हैं, फिरौती के मामले सामने आ रहे हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने दावा किया कि देश में पकड़ी जाने वाली हेरोइन का बड़ा हिस्सा पंजाब से जुड़ा पाया गया है। शाह ने कहा कि यदि पंजाब को नशे, भ्रष्टाचार और अपराध से मुक्त कराना है तो प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनानी होगी। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा को अवसर मिला तो दो वर्षों के भीतर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा को उन्नीस प्रतिशत मत मिले थे और जहां इतना समर्थन मिलता है, वहां आगे चलकर भाजपा सरकार बनाने में सफल होती है। शाह ने कहा कि अब पंजाब की बारी है और जनता भाजपा को एक अवसर दे। पंजाब को लगी नजर उतारो पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि आज पंजाब को बुरी नजर लग गई है और इसे उतारने की जरूरत है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, थानों और पुलिस मुख्यालय तक पर हमले हो रहे हैं तथा फिरौती की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। जाखड़ ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष भी कमजोर है और आपसी विवादों में उलझा हुआ है। उन्होंने केंद्र से पंजाब के विकास में सहयोग बढ़ाने की अपील की। पंजाब में गैंगस्टर राज; मोदी और अमित शाह ही बचा सकते हैं प्रदेश कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब वह रैली की तैयारी के लिए प्रदेश में घूम रहे थे तो कई बुजुर्गों ने उनसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक अपनी बात पहुंचाने को कहा। लोगों का कहना था कि यदि आज कोई पंजाब को बचा सकता है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टर राज बढ़ रहा है और कानून व्यवस्था कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा, जो पहले अपनी प्रतिभा के लिए जाने जाते थे, आज नशे की समस्या से जूझ रहे हैं। राज्य को नई सोच व मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता मनप्रीत बादल ने कहा कि पंजाब को नई सोच और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके अनुसार प्रदेश में नेतृत्व की कमी दिखाई दे रही है और भाजपा इस कमी को पूरा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब अमित शाह देश के गृह मंत्री बने थे, उस समय देश के लगभग दो सौ जिले उग्रवाद से प्रभावित थे, जबकि अब यह संख्या काफी कम होकर कुछ जिलों तक सीमित रह गई है। रैली से पहले अमित शाह ने सामाजिक माध्यम पर संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा कि पंजाब का हर नागरिक बदलाव चाहता है। उनके अनुसार जवानों, किसानों और मेहनतकश लोगों की धरती को वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार, नशे और अपराध की समस्याओं में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और विकास दोनों प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री बिट्‌टू ने बताई सरकार की नीतियां  इस रैली में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश और पंजाब के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में विकास की नई दिशा दिखाई दे रही है और किसानों, युवाओं तथा गरीब वर्ग के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि … Read more