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हरियाणा में अमित शाह की पदयात्रा और रैली की तैयारी, 5 नवंबर को अंबाला-करनाल पहुंचेंगे गृह मंत्री

अंबाला/करनाल  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पांच नवंबर को अंबाला और करनाल आएंगे। अंबाला कैंट में नेशनल हाईवे-44 के साथ बन रहे शहीद स्मारक का उद्घाटन भी कर सकते हैं। करनाल में उनकी पदयात्रा प्रस्तावित है। दोनों जिलों के अधिकारी इन कार्यक्रमों की तैयारियों में जुट गए हैं। अंबाला में वे एक रैली को भी संबोधित कर सकते हैं। शहीद स्मारक 22 एकड़ में फैला है, जबकि इस पर करीब सात सौ करोड़ रुपये की लागत आई है। इस में 1857 के स्वाधीनता संग्राम के बलिदानियों सहित देश की आजादी में सर्वोच्च बलिदान देने वालों की जानकारी लोगों को दी जाएगी। इसमें कुल 23 गैलरी हैं। इनमें अंबाला, मेरठ, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, झांसी और देश के अन्य क्षेत्रों में 1857 के संघर्ष से जुड़ी घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है। शहीद स्मारक में 360 डिग्री प्रोजेक्शन के साथ ध्वनि और लेजर शो की व्यवस्था की गई है। स्मारक में 63 मीटर ऊंचा मेमोरियल टावर है, जो कमल के फूल की आकृति का है। पांच नवंबर को करनाल में पदयात्रा को केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसके पीछे करनाल का राजनीतिक महत्व, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से इसका जुड़ाव और मतदाता सूची को लेकर चल रही राष्ट्रीय बहस जैसे पहलू भी अहम हैं। हालांकि, पार्टी ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि पदयात्रा के लिए करनाल को ही चुनने का निर्णायक आधार क्या है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल से जुड़ाव के कारण भी करनाल का महत्व है। अमित शाह का करनाल से राजनीतिक जुड़ाव नया नहीं है। दो नवंबर 2023 को उन्होंने सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर अंत्योदय महासम्मेलन में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में पांच योजनाओं की शुरुआत की गई थी मतदाता सूची पर बहस के बीच बड़ा संदेश भाजपा का 22 अक्टूबर से पांच नवंबर तक चल रहा अभियान विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। पार्टी पदयात्राओं, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों से अपना पक्ष रख रही है। अंतिम दिन अमित शाह की मौजूदगी इस मुद्दे को राज्यस्तर पर अधिक राजनीतिक महत्व दे सकती है। भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करती है, जबकि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है।

ड्रग्स कार्टेल पर अमित शाह का बड़ा एक्शन, ₹100 करोड़ के हवाला कारोबार का पर्दाफाश; 1,424 बैंक खाते फ्रीज

 नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने देश में ड्रग्स के अवैध कारोबार और नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ एक और ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जानकारी दी कि केंद्रीय एजेंसियों और पूर्वोत्तर के राज्यों की पुलिस ने मिलकर ऑपरेशन त्रिशूल को अंजाम दिया है। अमित शाह के पोस्ट के अनुसार, इस बड़े ऑपरेशन के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर में कुल 38 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स कार्टेल की कमर टूट गई है। 100 करोड़ के हवाला कारोबार का पर्दाफास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में शाह ने बताया कि 23 अक्टूबर को चलाए गए इस अभियान के दौरान एजेंसियों ने 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान कुल 1424 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, जबकि 17.82 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। दबोचे गए 18 लोग बता दें कि इस कार्रवाई में कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, अधिकारियों ने 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। 'डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर' से चल रहा था खेल गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स कार्टेल भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के बीच 'डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर' के रास्ते अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा था। केंद्र सरकार और तीनों राज्यों असम, मिजोरम और मणिपुर की पुलिस ने आपसी तालमेल से इस खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। अमित शाह ने अपने पोस्ट में दृढ़ संकल्प जताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने ऑपरेशन त्रिशूल के जरिए ड्रग्स के खिलाफ एक और घातक प्रहार किया है। शाह ने आगे इस बात पर जोर दिया कि भारत तब तक हमला करता रहेगा जब तक कि ड्रग्स कार्टेल के ताबूत में आखिरी किल नहीं ठोक दी जाती।" उन्होंने इस शानदार सफलता के लिए केंद्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस टीमों को दिल से बधाई दी है। 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशा मुक्त करने का लक्ष्य इतना ही नहीं केंद्रीय गृह मंत्री ने देश को नशा मुक्त करने के अपने लक्ष्य को भी दोहराया। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संकल्प लिया है कि 31 दिसंबर 2029 तक देश से हर एक ड्रग नेटवर्क का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। गृह मंत्री ने साफ किया है कि गृह मंत्रालय इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और 'नशा मुक्त भारत' के रोडमैप को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्त भारत अभियान' ने भी अब तक देश के 35 करोड़ से अधिक लोगों तक अपनी पहुंच बनाई है, ताकि देश की युवा पीढ़ी को इस दलदल से सुरक्षित रखा जा सके।

पंजाब चुनाव 2027 को लेकर अमित शाह का टारगेट तय, NDA सरकार बनाने का किया ऐलान

चंडीगढ़  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में अगली सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पंजाब में NDA की सरकार बनेगी. मंगलवार को दिल्ली में यमुना की सफाई से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने से कुछ हासिल नहीं होगा और पंजाब के लोग NDA की सरकार चाहते हैं।  अमित शाह ने दावा किया कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी 'बहानेबाजी की राजनीति' पार्टी को नहीं बचा पाएगी. शाह ने कहा कि पंजाब में NDA की सरकार बनने के बाद राज्य में नशे की तस्करी की समस्या को खत्म किया जाएगा।  कांग्रेस और AAP पर भी साधा निशाना शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि वे चुनाव में हारने के बाद ईवीएम में गड़बड़ी और वोट चोरी जैसे आरोप लगाते हैं. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर हैं, इसके बावजूद वे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहते हैं।  यमुना की सफाई को लेकर शाह ने दिल्ली की पिछली कांग्रेस और AAP सरकारों पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान नालों और सीवर का पानी यमुना में गिरता रहा. शाह ने दावा किया कि बीजेपी सरकार ने नदी में गंदे पानी के बहाव को कम करने में कामयाबी हासिल की है।  यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अमित शाह ने दिल्ली में यमुना को साफ करने से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि नदी को साफ करने के बाद बीजेपी 2029 में जनता से जनादेश मांगेगी।  पंजाब में NDA की सरकार बनाने का शाह का बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. अब तक बीजेपी पंजाब में अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कहती रही है. ऐसे में NDA सरकार बनाने के उनके बयान से राज्य में संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं. हालांकि, शाह के बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि पंजाब में चुनाव के लिए किन दलों के साथ गठबंधन होगा। 

‘आप विदेश में कहीं बैठे हैं…’ राहुल गांधी पर अमित शाह का हमला, बयान से गरमाई सियासत

 नई दिल्ली   केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, 'अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं लगने वाला है.' अमित शाह ने कहा कि मुझे मालूम है कि आप मेरी आवाज नहीं सुन सकते, आप विदेश में कहीं बैठे हैं. आप वहां क्यों बैठे हैं, वह आपकी निजी जिंदगी है. शाह ने आगे कहा, 'एक बार आप दिल्ली लैंड कर जाइए… मेरी बात सुनकर रखना, अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं लगने वाला है।      दिल्ली में यमुना सफाई के परियोजनाओं के शिलान्यास के वक्त अमित शाह ने कहा ''धरना-प्रदर्शन से कुछ नहीं होता.. जहां से चुनकर आए हैं..वहां के लोगों के लिए काम कीजिए.. पंजाब की जनता ने तय कर लिया है कि पंजाब में इस बार NDA की सरकार बनेगी.. 2029 तक पंजाब से नशे के व्यापार को साफ कर देंगे।  बता दें, गुरुवार को अमित शाह ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. शाह ने कहा कि धरना-प्रदर्शन से कुछ नहीं होता. जहां से चुनकर आए हैं. वहां के लोगों के लिए काम कीजिए. पंजाब की जनता ने तय कर लिया है कि पंजाब में इस बार NDA की सरकार बनेगी।  उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के बूथ कार्यकर्ता से लेकर PM मोदी तक, करोड़ों कार्यकर्ता जनता के बीच रहकर उनके दुख-दर्द को समझते हैं और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए मेहनत करते हैं।  यमुना का ही उदाहरण ले लीजिए. आपकी पार्टी की सरकार 30 साल रही, लेकिन आपने यमुना के लिए कुछ नहीं किया. यमुनोत्री से लेकर संगम तक पूरी यमुना को स्वच्छ करने का सौभाग्य नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को मिलने वाला है।  गांधी का वियतनाम जाना ऐसे समय में हुआ है जब 'इंडिया' गठबंधन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शन SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और उनमें ज्ञानेश कुमार की कथित भूमिका को लेकर हो रहे हैं। हमेशा की तरह, बीजेपी ने उनके इस विदेश दौरे को लेकर उन पर तुरंत तंज कसा। भगवा पार्टी ने गांधी परिवार के सदस्य पर आरोप लगाया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान "झूठ बोल-बोलकर" थक जाने के बाद वे छुट्टियां मनाने चले गए हैं। पार्टी ने एक्स पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे कथित तौर पर वियतनाम जाने वाली एक उड़ान में बैठे दिख रहे हैं। साथ ही, पार्टी ने सवाल किया, "राहुल गांधी के विदेशी दौरों का एजेंडा क्या है? बीजेपी नेता संबित पात्रा ने गांधी पर सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाया और दावा किया कि वे जॉर्ज सोरोस से क्लास लेने के लिए विदेश गए थे। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता विदेश छुट्टियां मनाने गए थे या अपने अराजकता फैलाने वाले साथियों से मिलने। शाह ने बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कई राज्यों में दशकों से सत्ता से बाहर रहे हैं। उन्होंने कहा विरोध-प्रदर्शन करने से कुछ हासिल नहीं होता। आप जहां से चुने गए हैं, वहां के लिए कोई योजना लेकर आएं। धरना-प्रदर्शन से कुछ नहीं होता शाह ने कहा कि भाजपा के बूथ कार्यकर्ता से लेकर पीएम मोदी तक करोड़ों कार्यकर्ता जनता के बीच में लोगों के दुख को जानते हैं…उनका निवारण कर रहे हैं। यमुना नदी का ही उदाहरण ले लो। आपकी सरकार 30 साल रही… यमुना जी के लिए आपने कुछ नहीं किया। यमुनोत्री से लेकर संगम तक पूरी यमुना जी को स्वच्छ करने का सौभाग्य नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को मिलने वाला है। राजनीतिक हथकंडों से आप देश के जनादेश को झुका नहीं सकते। अगर चुनाव जीतना है तो जनता के बीच जाना चाहिए। धरना प्रदर्शन से कुछ नहीं होता। जनता के दुख, दर्द और पीड़ा को जानना है तो जहां से चुनकर आए हो तो वहां योजनाओं को जनता के बीच लाइए, काम करिए वरना बचा-खुचा भी आपका चला जाएगा और कोई नहीं रोक पाएगा।

गुरदासपुर दौरे पर अमित शाह, विक्रमजीत के परिजनों से मुलाकात; झोटा परिवार से भी मिलेंगे

अमृतसर. अमित शाह आज पंजाब दौरे पर हैं। अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड होने के बाद वे गुरदासपुर पहुंच हैं। जिसके बाद संगरूर और बाद में मानसा में परविंदर झोटा के परिवार से मिलेंगे। अंत में वे लुधियाना में रावण दहन करेंगे।  अमित शाह ने जताया शोक, दिया भरोसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशा विरोधी कार्यकर्ता विक्रमजीत सिंह के पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुलाकात के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेता अश्वनी कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गृह मंत्री ने पीड़ित परिवार के साथ उनका दुख साझा किया। अमित शाह ने परिवार को स्पष्ट आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार और मोदी सरकार इस कठिन समय में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसके साथ ही अमित शाह ने परिजनों को यह भी भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा और भविष्य की भलाई का पूरा ध्यान रखा जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

गुरदासपुर में अमित शाह का दौरा, परविंदर झोटा के परिजनों से करेंगे भेंट

मानसा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे पर हैं। शाह का 20 दिन में यह दूसरा दौरा है। जारी शेड्यूल के अनुरूप अमित शाह आज सुबह अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए। यहां से वे हेलीकॉप्टर से सीधा गुरदासपुर पहुंचे हैं। नशाखोरी से पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद वह संगरूर जाएंगे और फिर मानसा जाएंगे। तीन शहरों में तीन परिवारों से मुलाकात के बाद वे लुधियाना पहुंच रहे हैं। जहां वह राज्य के सबसे ऊंचे 121 फीट के रावण का दहन करेंगे। शाह के दौरे को लेकर संबंधित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उनके आगमन और निर्धारित कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। VVIP सुरक्षा के मद्देनजर हेलीपैड और आसपास के दो किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अमित शाह के दौरे के बीच पंजाब में हलचल तेज – अमित शाह का प्लेन अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। जिसके बाद वे हेलीकॉप्टर से गुरदासपुर के लिए रवाना हुए। सीएम ने पाोस्ट कर जानकारी दी कि परविंदर झोट की हत्या की जांच को सरकार सीबीआई को देना चाहती है। कैबिनेट मिनिस्टर अमन अरोड़ा ने अमित शाह के दौरे से पहले साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई के बंद करने को लेकर सवाल पूछा है। गृह मंत्री अमित शाह के मानसा दौरे के सुरक्षा कारणों के चलते जिला मजिस्ट्रेट ने 20 अक्टूबर 2026 को शहर को रेड जोन घोषित कर ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को गांव माड़ी पन्नुआं पहुंचे और नशे की बिक्री रोकने को लेकर हुए विवाद के दौरान हत्या किए गए विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात कर उनके साथ दुख साझा किया।

पंजाब में अमित शाह का दौरा आज, लुधियाना में रावण दहन और झोटा के परिवार से मुलाकात

 चंडीगढ़  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, 20 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर आ रहे हैं। शाह का 20 दिन में यह दूसरा दौरा है। जारी शेड्यूल के अनुरूप अमित शाह तीन शहरों में जाएंगे और नशाखोरी के कारण जान गंवाने वाले परिवारों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे लुधियाना पहुंच रहे हैं। जहां वह राज्य के सबसे ऊंचे 121 फीट के रावण का दहन करेंगे।  शाह मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे। इसके बाद शाम को लुधियाना के ऐतिहासिक दरेसी मैदान में दशहरा कार्यक्रम में शामिल होंगे। शाह दोपहर 12:15 बजे गुरदासपुर जिले के श्री हरगोबिंदपुर क्षेत्र के मारी पनवां गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोपहर 2:15 बजे संगरूर के तूर बंजारा गांव की हरदम पट्टी और दोपहर 3:45 बजे मानसा के वार्ड नंबर 21 स्थित वाटर वर्क्स रोड पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलेंगे। शाम चार बजे शाह लुधियाना में मीडिया से बातचीत करेंगे। इसके बाद शाम 4:30 बजे ऐतिहासिक दरेसी मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल होंगे। शाह के दौरे को लेकर संबंधित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उनके आगमन और निर्धारित कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। वीवीआइपी सुरक्षा के मद्देनजर हेलीपैड और आसपास के दो किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। दशहरा समारोह में होंगे शामिल शाम चार बजे शाह लुधियाना में मीडिया से बातचीत करेंगे। इसके बाद शाम 4:30 बजे ऐतिहासिक दरेसी मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल होंगे। शाह के दौरे को लेकर संबंधित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उनके आगमन और निर्धारित कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। वीवीआइपी सुरक्षा के मद्देनजर हेलीपैड और आसपास के दो किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। परविंदर झोटा के पिता से मुलाकात पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर कहा कि पंजाब के मौजूदा हालात को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी पंजाब आ रहे हैं। वे गुरदासपुर के मारी पवां में बिक्रमजीत सिंह, संगरूर के तूर बंजारा में गुलजार सिंह और मानसा में सरदार परमिंदर सिंह झोटा के परिवारजनों से मुलाकात करेंगे। पंजाब के युवा नशे की वजह से बर्बाद हो रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। नशे को रोकने के बजाय, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की आवाज दबाई जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए गृह मंत्री पंजाब का दौरा कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब दौरा     दोपहर 12:15 बजे – गुरदासपुर         स्थान: मारी पनवां गांव, श्री हरगोबिंदपुर क्षेत्र         कार्यक्रम: पीड़ित परिवार से मुलाकात।     दोपहर 2:15 बजे – संगरूर         स्थान: हरदम पट्टी, तूर बंजारा गांव         कार्यक्रम: पीड़ित परिवार से मुलाकात।     दोपहर 3:45 बजे – मानसा         स्थान: वार्ड नंबर 21, वाटर वर्क्स रोड         कार्यक्रम: पीड़ित परिवार से मुलाकात।     शाम 4:00 बजे – लुधियाना         कार्यक्रम: मीडिया से बातचीत।     शाम 4:30 बजे – लुधियाना         स्थान: ऐतिहासिक दरेसी मैदान         कार्यक्रम: दशहरा समारोह में शामिल होना। 4.30 बजे पहुंचेंगे लुधियाना अंत में अमित शाह लुधियाना में दशहरा उत्सव में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे शाम करीब 4:30 बजे हलवाड़ा हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद वे सीधे लुधियाना के दरेसी ग्राउंड के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां वे मुख्य अतिथि के रूप में दशहरा समारोह में शिरकत करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शाह के इस दौरे को राजनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परविंदर झोटा के परिवार और संघर्ष कमेटी में मतभेद, अमित शाह के स्वागत की तैयारी

मानसा. परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद इंसाफ लेने के लिए बनी संघर्ष कमेटी और पिता भीम सिंह के बीच दूरियां बढ़ने लगी है। भीम सिंह ने कहा कि 13 अक्टूबर से लेकर 16 अक्टूबर तक कमेटी उनकी सहमति से काम कर रही थी लेकिन 17 और 18 अक्टूबर को कमेटी की ओर से उनका कोई जानकारी नहीं दी जा रही है और अपने सत्र पर ही फैसला लिया जा रहा है। भीम सिंह ने कहा कि उनको आसपास रहने वाले लोगों द्वारा ही बेवकूफ बनाया जा रहा है, लेकिन वे पंजाब के साथ हैं और अपने द्वारा किए गए वचन को निभाएंगे। इसके लिए बेशक उनको अपनी जान ही क्यों ना देनी पड़े। भीम सिंह ने कहा कि कमेटी की ओर से लिए जाने वाले फैसले को लेकर कुछ साथियों की ओर से उनको जानकारी दी गई है। अमित शाह की फेरी को लेकर हुआ विवाद बता दे कि 19 अक्टूबर को देश के गृहमंत्री अमित शाह पंजाब दौरे दौरान मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवार को मिलने का संभावित प्रोग्राम है। इसको लेकर झोटा के पिता पहले ही बोल चुके हैं कि उनके बेटे के हत्या की जांच पीछे नशा तस्कर गठबंधन और मामले की सीबीआई जांच को लेकर वह परिवार की मदद करेंगे। इधर रविवार देर शाम संघर्ष कमेटी की ओर से प्रेस कांफ्रेंस के दौरान साफ कर दिया गया कि केंद्रीय गृह मंत्री को मनसा पहुंचने पर वे नशे को लेकर सवाल करेंगे और उनका विरोध किया जाएगा। इसके बारे में परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह को अवगत करवा दिया गया है।  परिवार करेगा स्वागत परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि वे देश के गृह मंत्री का सम्मान करते हैं और यदि उनका विरोध उनके या झोटा के कारण होता है, तो यह उनकी बदनामी होगी। बेशक गृह मंत्री धरने में न आएं, लेकिन यदि वे उनके घर आते हैं और रास्ते में उनका किसी ने विरोध कर दिया, तो यह झोटा की मौत की भी बदनामी होगी। उन्होंने कहा कि यदि धरने में आने वाले किसी नेता का विरोध हुआ और उन्हें इस बात का पता चल गया, तो वे उनके चरणों में निवेदन करेंगे कि वे भी धरने में न पहुंचें। भीम सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि वे उनके पूर्व सैनिक हैं और उनका विरोध करने वाले लोगों के गुस्से पर बुरा न मानें। उन्होंने यह भी कहा कि वे केंद्रीय गृह मंत्री से अपने बेटे की हत्या के मामले की जल्द से जल्द सीबीआई जांच की मांग करेंगे और इसके बाद ही वे आगे का कोई फैसला लेंगे। एक्शन कमेटी के साथ पिछले दो दिनों से चल रही तकरार के बाद मृतक के पिता भीम सिंह ने घोषणा की कि अब कमेटी की कमान उनकी बहू और परविंदर सिंह झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर संभालेंगी। उन्होंने कहा कि आज के बाद कमेटी की होने वाली सभी बैठकों में उनके स्थान पर मनप्रीत कौर ही भाग लेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे आज भी मानसिक और आत्मिक रूप से मजबूत हैं और अपने बेटे की शहादत का न्याय लेकर रहेंगे। गृह मंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री की परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। शहर की अनाज मंडी में हेलीपैड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से मेडिकल और प्रशासनिक टीमों में आसपास के जिलों से भी अधिकारियों को तैनात किया गया है। तय कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलने उनके वाटर वर्क्स स्थित आवास पर पहुँच रहे हैं। इसके मद्देनजर झोटा के घर के आसपास सिविल और पुलिस प्रशासन की ओर से तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं।

पंजाब दौरे पर अमित शाह को विरोध का सामना? एक्शन कमेटी बोली- मंच पर नहीं आने देंगे

चंडीगढ़ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अक्तूबर को पंजाब के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात कर सकते हैं। झोटा की 13 अक्तूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शाह गुरदासपुर में नशा विरोधी कार्यकर्ता बिक्रमजीत सिंह के परिवार से भी मिल सकते हैं। बिक्रमजीत की 15 अक्तूबर की रात नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करने पर कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। शाह संगरूर में मजदूर गुलजार सिंह के परिवार से भी मुलाकात कर सकते हैं। गुलजार ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने के बाद आत्महत्या कर ली थी और इसके लिए कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया था।  एक माह के भीतर पंजाब का दूसरा दौरा भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर शाह के दौरे की जानकारी साझा की है। करीब एक माह के भीतर यह शाह का पंजाब का दूसरा दौरा होगा।इसके बाद अब झोटा हत्याकांड को लेकर गठित एक्शन कमेटी ने उनके मानसा दौरे का विरोध करने और झोटा के परिवार से मुलाकात पर आपत्ति जताई है। कमेटी ने कहा कि उन्हें मंच पर नहीं आने दिया जाएगा।दूसरी ओर, झोटा के पिता भीम सिंह ने आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर उन्हें बिना जानकारी दिए फैसले लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को इंसाफ दिलाना प्राथमिकता है और धरने में आने वाले किसी भी राजनीतिक नेता का विरोध नहीं होना चाहिए। मेडिकल स्टोर पर नशा बेचने का विरोध करने पर 13 अक्टूबर को गोली मारकर झोटा की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से परिवार धरना पर बैठा हुआ है, जिसका आज 7वां दिन है। अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। परिवार मामले की CBI जांच समेत 5 मांगों को पूरा करने पर अड़ा हुआ है। पंजाब सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नशा विरोधी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमलों, उन्हें परेशान किए जाने और उनके आत्महत्या करने के मामलों पर पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। मंत्रालय ने झोटा की हत्या और गुलजार की आत्महत्या का संज्ञान लेते हुए कहा था कि ऐसी घटनाओं का कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। केंद्र ने मुख्यमंत्रियों के साथ साझा किए गए नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। शाह ने किया था मान से सवाल शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया था कि पंजाब के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा था कि दिड़बा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में झोटा की दिनदहाड़े हत्या पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पंजाब नशे की समस्या से जूझ रहा बिट्टू ने रविवार को शाह के दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। इसके लिए निर्णायक कार्रवाई, मजबूत नेतृत्व और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के दृढ़ संकल्प की जरूरत है। उन्होंने लोगों से शाह का समर्थन करने और पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के सामूहिक प्रयास पर भरोसा रखने की अपील की। एक्शन कमेटी बोली- अमित शाह का विरोध करेंगे     अमित शाह के दौरे का विरोध करेगी कमेटी: परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में गठित एक्शन कमेटी ने 20 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मानसा दौरे का विरोध करने का ऐलान किया है। कमेटी ने झोटा के परिवार से शाह की प्रस्तावित मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है। एक्शन कमेटी की देर शाम हुई बैठक में फैसला लिया गया कि झोटा के पिता भीम सिंह फौजी से अपील की जाएगी कि वे केंद्रीय गृह मंत्री से दूरी बनाए रखें।     केंद्र सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल: कमेटी के नेता हरदीप सिंह ने कहा कि कमेटी ने भाजपा और केंद्र सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। देश में नशे का बढ़ता प्रसार केवल पंजाब सरकार तक सीमित मुद्दा नहीं है। इसे रोकने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की भी है। नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केंद्र को ठोस कदम उठाने चाहिए।     जिला प्रशासन के साथ 19 अक्टूबर को बैठक: एक्शन कमेटी की जिला प्रशासन के साथ पहली बैठक 19 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसमें हत्या की जांच, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने से जुड़ी मांगें उठाई जाएंगी। झोटा के पिता बोले- बिना बताए फैसले हो रहे     आंदोलन से जुड़े कुछ लोग गुमराह कर रहे: परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। जिसमें आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर उन्हें गुमराह करने और पूरी जानकारी दिए बिना फैसले लेने का आरोप लगाया।     सभी नेताओं का स्वागत: भीम सिंह का कहना है कि उनके बेटे को इंसाफ दिलाना प्राथमिकता है। इस मुद्दे पर आने वाले किसी भी राजनीतिक नेता का विरोध नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि धरने में आने वाले सभी नेताओं का स्वागत होना चाहिए।     बैठकों के फैसलों की जानकारी नहीं दी: भीम सिंह फौजी ने कहा कि 13 से 16 अक्टूबर तक आंदोलन से जुड़े फैसले उनसे पूछकर लिए जा रहे थे और उन्हें इस पर कोई परेशानी नहीं थी। लेकिन 17 और 18 अक्टूबर को हुई बातचीत और लिए गए फैसलों की जानकारी उन्हें सीधे नहीं दी गई।     फैसलों का दूसरे लोगों से पता चला: उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरे लोगों से पता चला कि बैठक में क्या निर्णय लिया गया है। भीम सिंह ने नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि जब उनसे पूछकर फैसले लेने का भरोसा दिया गया था, तो फिर उन्हें जानकारी क्यों नहीं दी गई।     केंद्र सरकार ही करवा सकती CBI जांच: भीम सिंह फौजी ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री इस दिशा में पहल कर सकते हैं और केंद्र सरकार को जांच के आदेश देने चाहिए। अमित शाह बोले- AAP ने पंजाब को नशे के गर्त में धकेला     20 अक्टूबर को तीन जिलों में … Read more

पंजाब में नशा तस्करों पर कार्रवाई का ऐलान, परविंदर झोटा के परिजनों से मिलेंगे शाह

मानसा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार, 20 अक्टूबर को पंजाब के तीन जिलों का दौरा करेंगे। जारी कार्यक्रम के मुताबिक, वह दोपहर 12 बजे मानसा, करीब 1:15 बजे संगरूर और दोपहर 3:15 बजे गुरदासपुर पहुंचेंगे। इस दौरान वह नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। मानसा में शाह की मुलाकात नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवार से प्रस्तावित है। संगरूर में वह गुलजार सिंह के परिवार से मिलेंगे, जबकि गुरदासपुर में बिक्रमजीत के परिजनों से मुलाकात का कार्यक्रम है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन तीनों मामलों में नशे के खिलाफ आवाज उठाने का मुद्दा सामने आया है। झोटा की हत्या हुई थी, जबकि संगरूर के गुलजार सिंह की मौत आत्महत्या से हुई थी। शाह ने सोशल मीडिया पर पंजाब दौरे की जानकारी देते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में सरकार के संरक्षण में चिट्टे का कारोबार फल-फूल रहा है। शाह ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की मौत से उनके परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है और वह परिजनों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा करेंगे। उन्होंने नशे के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें जेल भेजने की बात भी कही है। झोटा के परिवार से मुलाकात पर एक्शन कमेटी को आपत्ति परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर गठित एक्शन कमेटी ने अमित शाह के मानसा दौरे का विरोध करने का ऐलान किया है। कमेटी को झोटा के परिवार से शाह की प्रस्तावित मुलाकात पर भी आपत्ति है। कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया कि झोटा के पिता भीम सिंह फौजी से केंद्रीय गृह मंत्री से दूरी बनाए रखने की अपील की जाएगी। कमेटी के नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की भी है और उसे इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। कमेटी के नेता हरदीप सिंह ने केंद्र सरकार और भाजपा की नशे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि नशे का कारोबार केवल पंजाब सरकार से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसे रोकने में केंद्र की भी जिम्मेदारी है। कमेटी ने झोटा हत्याकांड में न्याय और जांच से जुड़ी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के साथ बैठक करने की बात भी कही है। दूसरी ओर, झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर उन्हें गुमराह करने और बिना पूरी जानकारी दिए फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 13 से 16 अक्टूबर तक आंदोलन से जुड़े फैसले उनसे पूछकर लिए जा रहे थे, लेकिन 17 और 18 अक्टूबर की बैठकों में हुए निर्णयों की जानकारी उन्हें सीधे नहीं दी गई। उन्हें बाद में दूसरे लोगों से इन फैसलों के बारे में पता चला। भीम सिंह ने साफ कहा कि उनके बेटे को इंसाफ दिलाना उनकी प्राथमिकता है। इस मुद्दे पर उनसे मिलने आने वाले किसी भी राजनीतिक नेता का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के जरिए CBI जांच की मांग उठाने की बात भी कही है। पिता के इस रुख से आंदोलन के भीतर शाह की प्रस्तावित मुलाकात को लेकर मतभेद सामने आए हैं। 13 अक्टूबर को हुई थी झोटा की हत्या परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे। परिवार का आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर नशा बेचने का विरोध करने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। हत्या के बाद से परिवार और समर्थक धरने पर बैठे हैं। परिवार की मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया है और अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ है। परिवार CBI जांच समेत पांच मांगों पर अड़ा हुआ है। इसी बीच एक्शन कमेटी ने सरकार से बातचीत के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करने की बात कही है। अब अमित शाह के दौरे के दौरान परिवार से उनकी मुलाकात और कमेटी के विरोध पर सबकी नजर रहेगी।