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DMK-AIADMK-BJP ने राज्यपाल से की शिकायत, थलपति विजय सरकार पर दबाव

 नई दिल्ली तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। राज्य की तीन बड़ी पार्टियों (DMK, AIADMK, BJP) ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को तीनों पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर के साथ अलग-अलग समय पर मुलाकात की और सत्ताधारी पार्टी के ऊपर विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) के आरोप लगाए। इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के ऊपर सरकारी मशीनरी के गलत उपयोग और राज्य कैबिनेट की मीटिंग में गैर अधिकृत लोगों के प्रवेश का भी आरोप लगाया। राज्यपाल से मिलकर आए डीएमके नेता आरएस भारती ने मीडिया के सामने अपने तर्कों को रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की विजय सरकार मशीनरी का गलत उपयोग कर रही है और विधायकों की खरीद फरोख्त करने की कोशिश कर रही है। इसके खिलाफ ऐक्शन होना ही चाहिए। उन्होंने कहा, "हमने गवर्नर से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात है और उन्हें तमिलनाडु में जारी हॉर्स ट्रेडिंग और सत्ता के गलत इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। दो लोग जॉन और विष्णु रेड्डी, जिनका सरकार से कोई संबंध नहीं है वह राज्य के मंत्रियों से ज़्यादा ताकतवर लगते हैं। वे सभी हाई-लेवल मीटिंग में शामिल होते हैं और अधिकारियों को आदेश देते हैं। तमिलनाडु में ऐसी खराब स्थिति पैदा हो गई है। हमने पहले भी एक याचिका दी थी, लेकिन गवर्नर शहर में नहीं थे, इसलिए आज हमने मुलाकात की और इन सभी मुद्दों पर जोर दिया। बता दें, यह पहली बार नहीं है जब राज्य की डीएमके की तरफ से मुख्यमंत्री विजय के ऊपर आरोप लगाए गए हों। एक हफ्ते पहले ही स्टालिन की पार्टी ने हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप में विजय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की थी। CM थलपति विजय पर लगा विधायकों को तोड़ने का आरोप एक हफ्ते पहले ही MDMK के नेता वाइको ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री विजय ने व्यक्तिगत रूप से भी विधायकों को तोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने DMK के दो विधायकों को विधानसभा से इस्तीफा देने और उनके साथ जाने के लिए मनाने की कोशिश की है। इस दावे को लेकर डीएमके ने सीधे तौर पर राज्यपाल से इसकी शिकायत की। इसके अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने विधायकों को भरोसा दिलाया कि अगर वह अपनी सीट छोड़ देते हैं, तो उन्हें उपचुनाव के दौरान TVK से टिकट और आर्थिक मदद दी जाएगी। भाजपा और AIADMK ने भी की राज्यपाल से मुलाकात DMK के अलावा AIADMK और भाजपा ने भी राज्यपाल से मुलाकात करके राज्य में चल रही गतिविधियों पर अपनी असंतुष्टि जाहिर की। दोनों पार्टियों ने मुख्यमंत्री विजय के ऊपर हॉर्स ट्रेडिंग और राज्य कैबिनेट में निजी लोगों को शामिल करने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने गवर्नर से संविधान के अनुच्छेद 167 का इस्तेमाल करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगने और ज़रूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई करने का आग्रह किया। भारतीय जनता पार्टी ने भी लगभग समान आरोप लगाते हुए जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया और विजय के खिलाफ जांच की मांग की। राज्यपाल ने तीनों पार्टियों के नेताओं से मिलने की पुष्टि की शनिवार को हुई इन हाई प्रोफाइल बैठकों से राज्य की राजनीति भी गर्म रही। राज्यपाल विश्वानाथ आर्लेकर ने इन पार्टियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि की। लोकभवन ने एक बयान जारी करके बताया कि डीएमके ने अपने ज्ञापन में पुलिस मशीनरी के गलत इस्तेमाल से कथित गैर-कानूनी गिरफ्तारी, कस्टडी में दबाव डालने और चुने हुए प्रतिनिधियों को पाला बदलने के लिए उकसाने की कोशिशों पर चिंता जताई गई। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि विधायकों को पाला बदलने के लिए लालच दिया गया और सरकारी कामकाज में निजी लोगों की भागीदारी पर सवाल उठाए। 'जॉन और विष्णु अब मुख्यमंत्री के सलाहकार' TVK ने दिया जवाब तीन तरफ से आए इस हमले का जवाब थलपति विजय की पार्टी ने भी जोरदार तरीके से दिया। पार्टी की तरफ से कहा गया कि हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। जहां तक जॉन और विष्णु रेड्डी के कैबिनेट मीटिंग में शामिल होने की बात है। उन दोनों को मुख्यमंत्री का विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया है। इसलिए अब वह निजी व्यक्ति नहीं रह गए बल्कि सरकारी मशीनरी का हिस्सा हैं।

तमिलनाडु की राजनीति में हलचल: फ्लोर टेस्ट से पहले विजय की पार्टी को DMDK का झटका

चेन्नई तमिलनाडु की थलापति विजय सरकार के लिए बुधवार का दिन बहुत बड़ा साबित होने वाला है. आज उनकी सरकार विधानसभा में बहुमत साबित करेगी. राज्य विधानसभा में 107 सीटें जीतने वाली विजय की पार्टी टीवीके कांग्रेस, वाम दलों और अन्य के समर्थन के साथ सरकार बनाने में सफल हुई है. थलापति विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्रे आर्लेकर के समक्ष 120 विधायकों से अधिक विधायकों के समर्थन की सूची पेश की थी तभी उनको सरकार बनाने का मौका मिला. इसके बाद राज्य की दूसरी अहम पार्टी एआईएडीएमके भी दो फाड़ हो गई है. उसके एक धड़े ने थलापति विजय का समर्थन करने का फैसला किया है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि थलापति सहज तरीके से बहुमत हासिल करे लेंगे।  डीएमके ने विश्वास मत का बहिष्कार किया  तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके सरकार के विश्वास मत को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. विपक्षी दल DMK ने मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट करने का फैसला किया. DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने सदन में कहा कि उनकी पार्टी इस फ्लोर टेस्ट में हिस्सा नहीं लेगी और मतदान से पूरी तरह अलग रहेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने सत्ता पक्ष को वोट दिया था, अब उन्हें लगने लगा है कि उन्होंने गंभीर गलती की है. उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि हम DMK के सदस्य सदन से वॉकआउट कर रहे हैं और इस वोटिंग प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे. इस फैसले के बाद विधानसभा का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है. विपक्ष के बहिष्कार से सरकार के विश्वास मत की वैधता और समर्थन संख्या को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक बदलावों का संकेत दे सकता है।   थलापति विजय सरकार का विरोध करेंगे AIADMK के सभी विधायक- पलानीस्वामी तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके सरकार के खिलाफ राजनीतिक टकराव तेज हो गया है. एआईएडीएमके प्रमुख ई पलानीस्वामी ने स्पष्ट कहा है कि उनकी पार्टी टीवीके के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और विश्वास मत दोनों का विरोध करेगी. पलानीस्वामी ने कहा कि AIADMK के 47 विधायक पार्टी लाइन पर रहकर एकजुट रूप से टीवीके सरकार के खिलाफ वोट करेंगे. उन्होंने विधानसभा में बढ़ते मतभेदों और राजनीतिक अराजकता पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री का एक गुट का समर्थन करना सही नहीं है. उन्होंने आगे सवाल उठाया कि जब सदन में असहमति साफ दिखाई दे रही है, तब सरकार द्वारा एक पक्ष का समर्थन करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है. पलानीस्वामी ने दोहराया कि हम इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं और AIADMK के सभी सदस्य इसके खिलाफ मतदान करेंगे. इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है, जिससे विधानसभा में निर्णायक वोटिंग का माहौल और भी दिलचस्प हो गया है।  थलापति विजय को किन-किन दलों ने दिया समर्थन  तमिलनाडु विधानसभा में हुए ट्रस्ट वोट के दौरान कई प्रमुख दलों ने टीवीके सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है. मतदान प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले मुस्लिम लीग ने खुलकर टीवीके के पक्ष में समर्थन की घोषणा की. पार्टी ने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की गलत रणनीतियों को रोकने और राज्य में गवर्नर शासन की स्थिति बनने से बचाने के लिए यह कदम जरूरी है. इसके अलावा वीसीके ने भी टीवीके को समर्थन दिया और सरकार से महाराष्ट्र व कर्नाटक की तरह राज्य में अंधविश्वास विरोधी कानून लाने की मांग की. वहीं माकपा और कांग्रेस ने भी विधानसभा में टीवीके सरकार के पक्ष में वोट देने की घोषणा की. इन दलों के समर्थन से टीवीके को राजनीतिक मजबूती मिलती दिख रही है और राज्य की सत्ता समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। 

विजय के शपथ समारोह में अटपटे हालात, तमिलनाडु की राजनीति में नए मोड़

चेन्नई  तमिनलाडु की सियासत में सस्पेंस ही सस्पेंस है. ऐसा लग रहा जैसे सांप-सीढ़ी का खेल चल रहा हो. कभी थलापति विजय की टीवीके की सरकार बनती दिखती है तो कभी डीएमके-एआईडीएमके के बीच गठबंधन की हवा चलती है. कभी सरकार बनने की बात आती हो तो कभी फिर इंतजार बढ़ जाता है. थलापति विजय कभी सरकार बनाने के लिए बहुमत होने की बात करते हैं तो कभी उनके नंबर कम पड़ जाते हैं. पहले खबर आई कि थलापति विजय आज सरकार बनाएंगे और शपथग्रहण होगा. मगर अब तमिलनाडु में फिर ट्विस्ट आ गया है. ऐसा लग रहा है कि थलापति विजय के शपथग्रहण पर फिर से ग्रहण लग गया है. कारण कि आधिकारिक तौर पर अब तक गवर्नर ने सरकार बनाने के लिए थलापति विजय को न्योता नहीं दिया है।  जी हां, टीवीके के संस्थापक एक्टर विजय के 118 विधायकों के बहुमत के आंकड़े को पार करने और सरकार बनाने का दावा पेश करने के कुछ घंटे बाद ही शुक्रवार देर रात उनकी बहुमत की स्थिति को लेकर नया संशय पैदा हो गया. आईयूएमएल ने थलापति विजय को समर्थन देने से इनकार कर दिया. वहीं वीसीके ने अपना फैसला लंबित रखा है और समर्थन के बदले कड़ी शर्तें रखीं. इससे तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति अस्थिर हो गई और बहुमत के आंकड़े फिर से अनिश्चित हो गए।  116, 117, 118: विजय अब भी बहुमत से दूर इन सबके बीच सरकार बनाने को लेकर थलापति विजय की टीवीके के लिए असमंजस और अनिश्चितता और बढ़ गई है. कारम कि थलापति विजय अब भी बहुमत के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए हैं. राज्यपाल से तीसरी बार मुलाकात के बाद भी टीवीके विधानसभा में बहुमत से कुछ कदम दूर है. यही कारण है कि राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए न्योता नहीं दिया है. थलापति विजय की टीवीके के पास 108 सीटें हैं. असल में देखें तो 107 क्योंकि विजय ने दो सीटों से जीत दर्ज की है. ऐसे में एक सीट उन्हें छोड़नी होगी. तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है।  कैसे थलापति विजय को लगा झटका थलापति विजय के दो सीटों से जीतने के बाद प्रभावी बहुमत घटकर 117 रह गया. डीएमके गठबंधन से अलग हुई कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के साथ विजय को समर्थन दिया है. सीपीआई और सीपीआई(एम) के दो-दो विधायकों ने भी बिना शर्त बाहर से समर्थन देने का ऐलान किया है. लेकिन आईयूएमएल ने डीएमके गठबंधन के साथ रहने का फैसला किया, जिससे विजय की पक्की संख्या घट गई और बहुमत के आंकड़े कड़े हो गए. ऐसे में विजय के बहुमत का आंकड़ा कभी 116 पर अटक जाता है तो कभी 118 पूरा हो जाता है. मगर आईयूएमएल के पीछे हटने से टीवीके अभी 116 पर है और उसे अब भी दो सीटों की जरूरत है।  आईयूएमएल ने बिगाड़ा विजय का खेल इधर डीएमके की पुरानी सहयोगी आईयूएमएल के पास दो विधायक हैं. उसने कहा कि वह राज्यपाल आरएन रवि की ओर से आमंत्रित किसी भी पार्टी को ‘स्थिर और धर्मनिरपेक्ष सरकार’ बनाने के लिए समर्थन देगी और भाजपा को ‘पीछे के रास्ते’ से राज्य में घुसने से रोकेगी. चूंकि न तो डीएमके और न ही एआईएडीएमके के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या है. इसलिए माना जा रहा था कि राज्यपाल विजय को सरकार बनाने का न्योता देंगे. टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।  हालांकि, बाद में खबर आई कि डीएमके की एक और सहयोगी वीसीके ने अपने विधायकों के साथ थलापति विजय को समर्थन देने का फैसला किया है. एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पार्टी सूत्रों ने बताया कि वीसीके ने समर्थन देने पर सहमति जताई है और शनिवार सुबह टीवीके को समर्थन पत्र सौंपेगी. पार्टी प्रवक्ता ने भी यूएनआई से इस कदम की पुष्टि की।  शपथग्रहण पर ग्रहण वहीं, वाम दलों के समर्थन और वीसीके के संभावित समर्थन के साथ थलापति विजय ने राज्यपाल से मुलाकात की. इससेक पहले वो दो बार राज्यपाल से मिल चुके थे और दोनों बार निराशा हाथ लगी थी. अबकी बार थलापति विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और समर्थन पत्र सौंपे. इससे राज्यभर में टीवीके कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल बन गया. खबरें यह भी थीं कि विजय का शपथ ग्रहण शनिवार को हो सकता है।  रात में अचानक हुआ खेल हालांकि, रात में हालात अचानक बदल गए. थलापति विजय ने सीपीआई और सीपीआई(एम) नेताओं से मिलकर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और आईयूएमएल और वीसीके नेताओं से मिलने की योजना बनाई, लेकिन दोनों दलों ने अपने रुख पर पुनर्विचार के संकेत दिए. इससे थलापति विजय को तगड़ा झटका लगा. अब सबसे बड़ा यूटर्न है कि आईयूएमएल ने स्पष्ट रूप से टीवीके को समर्थन देने से इनकार कर दिया है. उसने कहा कि वह डीएमके गठबंधन के साथ ही रहेगी. आईयूएमएल ने कहा कि हम पहले भी डीएमके के साथ थे, अब भी हैं और आगे भी रहेंगे।  थलापति विजय को एक बार फिर झटका लगा है. वीसीके ने भी लिया यूटर्न वहीं, वीसीके ने कहा कि बातचीत जारी है और विजय को समर्थन देने पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. खबरें यह भी थीं कि पार्टी समर्थन के बदले कड़ी शर्तें रख रही है. यह बात तब और मजबूत हो गई जब वीसीके के उप महासचिव और नवनिर्वाचित विधायक वन्नियारासु ने सोशल मीडिया पर सत्ता और शासन में हिस्सेदारी की मांग की. इस अनिश्चितता के बीच TVK के सदस्य जो विजय के शपथ ग्रहण की उम्मीद में बड़ी संख्या में जुटे थे, उन्हें निराशा हाथ लगी क्योंकि बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया. अब आगे जब तक बहुमत वाला नंबर नहीं दिखा देते एक्टर विजय, तब तक टीवीके सरकार का सपना… सपना ही रहेगा। 

चार पार्टियों के समर्थन से सरकार गठन में विजय का रास्ता आसान, जादुई आंकड़ा पूरा

चेन्नई तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर जारी हलचल के बीच थलपति विजय को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला है. वामपंथी दलों कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), सीपीएम और वीसीके ने विजय की टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है. इस तरह विजय की टीवीके जो 108 सीटों के साथ बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, अब उसे बहुमत का आंकड़ा भी मिल गया है।  तो इस तरह अब 118 के जादुई आंकड़ों पर बात करें तो विजय के पास 108 सीटें हैं. लेकिन विजय दो सीटों पर जीते थे. वहीं कांग्रेस के समर्थन से उन्हें कांग्रेस की पांच सीटें मिल गईं. इस तरह विजय के पास 113 सीटों का आंकड़ा हुआ. अब सीपीआई के दो विधायक, सीपीएम के दो विधायक और वीसीके के भी दो विधायक विजय की टीवीके के साथ हैं. इस तरह इन चार दलों के समर्थन से विजय के पास बहुमत का जादुई आंकड़ा न सिर्फ पूरा हो गया है बल्कि एक अधिक भी हो गया है।  टीवीके- 108 इंडियन नेशनल कांग्रेस-  5 कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया- 2 कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)- 2 विदुथलाई चिरिथागकुल काची- 2 टोटल – 119 बता दें कि थलपति विजय अब चार राजनीतिक दलों के सहयोग से सरकार बनाने जा रहे हैं. उनकी पार्टी तमिलिगा वेट्री कझगम (TVK) को अब कई दलों का खुला समर्थन मिला है. जानकारी के मुताबिक, आधारव अर्जुन पट्टिनपक्कम स्थित विजय के आवास पहुंचे हैं. वहीं CPI की वर्किंग कमेटी की बैठक में TVK को समर्थन देने का फैसला लिया गया है।  इसके अलावा CPI(M) की राज्य कमेटी की बैठक में भी विजय की पार्टी को समर्थन देने पर सहमति बनी है. सूत्रों के अनुसार, विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने भी TVK का समर्थन करने पर हामी भर दी है. बताया जा रहा है कि इन सभी दलों के नेता शाम 4:30 बजे संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं. माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय को समर्थन देने का औपचारिक ऐलान किया जाएगा. तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति के बीच यह घटनाक्रम सरकार गठन की दिशा में अहम माना जा रहा है।   टीवीके को मिला सीपीएम का साथ शुक्रवार को TVK चीफ विजय के लिए राहत की खबर आई। सूत्रों के अनुसार, सीपीएम ने TVK-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन देने का फैसला किया है। इसके साथ ही विजय के पास 115 विधायक हो चुके हैं। अब उन्हें 3 विधायकों का इंतजार है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया है।  VCK, CPM, CPI ने किया TVK-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन, थलपति विजय के पास 118 का जादुई आंकड़ा तमिलनाडु में अब TVK चीफ थलपति विजय की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। 2-2 विधायकों वाले VCK, CPM, CPI ने कांग्रेस-TVK गठबंधन को समर्थन देने का फैसला किया है। साथ ही बीजेपी ने भी मतदान से दूर रहने के संकेत दिए हैं। इसके बाद विजय के लिए बहुमत हासिल करने का मार्ग प्रशस्त हो चुका है।  चेन्नई में लोकभवन के सामने TVK कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन टीवीके कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को लोकभवन के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी तमिलनाडु के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से विजय को शपथ दिलाने की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिस ने उन कार्यकर्ताओं को मौके से हटा दिया। TVK कार्यकर्ता सुरेश ने कहा कि अगर विजय को मुख्यमंत्री बनने का मौका नहीं दिया गया, तो भविष्य में और भी प्रदर्शन किए जाएंगे। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद से विजय की TVK तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन से, गठबंधन के पास अब 112 सीटें हैं, जो 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से अभी भी छह कम हैं। इस बीच, AIADMK के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवई सत्यन ने TVK के सबसे बड़ी पार्टी होने के दावों पर निशाना साधा और कांग्रेस के साथ उसके गठबंधन की आलोचना की।

विजय की सरकार तो बनेगी, मगर चलाने में RBI की मदद जरूरी, समझिए कैसे

चेन्नई  थलपति विजय की पार्टी टीवीके तमिलनाडु में सरकार बनाने की स्थिति में है. ऐसे में अब विजय ने चुनावी घोषणापत्र में जो वादे किए थे, उसपर निगाहें टिक गई हैं. इनमें से सबसे अहम है सोना बांटने वाला वादा. थलापति विजय ने अपने चुनावी घोषणापत्र में हर नवजात बच्‍चे को सोने की अंगुठी और दुल्‍हनों को 8 ग्राम सोना और सिल्‍क की साड़ी देने का वादा किया था. अब विजय प्रदेश में सरकार बनाने की रेस में सबसे आगे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि थलापति विजय इतनी बड़ी मात्रा में सोना कहां से लाएंगे. बता दें कि तमिलनाडु में हर साल लाखों बच्‍चे जन्‍म लेते हैं और लाखों की तादाद में शादियां होती हैं. यदि गरीबी रेखा से नीचे वाले सिद्धांत पर भी चला जाए तो भी दोनों को मिलाकर लाखों की तादाद में लाभार्थी होंगे. इससे न केवल सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा, बल्कि विजय को इसके लिए आरबीआई से भी मदद लेनी पड़ सकती है।  थलापति विजय ने सरकार बनने पर जिन कल्‍याणकारी योजनाओं को लागू करने का वादा किया है, यदि उसपर अमल किया गया तो तमिलनाडु सरकार का वेलफेयर बिल (कल्‍याणकारी योजनाओं पर होने वाला खर्च) 52 फीसद तक बढ़ सकता है. इस मद में फिलहाल 65000 करोड़ रुपया खर्च होता है जो बढ़कर 1 लाख करोड़ के आसपास पहुंच जाएगा. अब सोना देने के वादे के आर्थिक पहलू पर बात करते हैं. दरअसल, TVK ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने के लिए एक अहम वादा किया है. पार्टी ने सालाना 5 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों की दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और एक सिल्क साड़ी देने का आश्वासन दिया है. मौजूदा 22 कैरेट सोने की कीमत करीब 14,000 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से केवल सोने की कीमत ही लगभग 1.12 लाख रुपये प्रति लाभार्थी बैठती है. तमिलनाडु में हर साल 4 से 5 लाख शादियां होती हैं. एक आकलन के अनुसार, 60 फीसद परिवार विजय की स्‍कीम के तहत फिट बैठते हैं. ऐसे में हर साल लगभग 2.7 लाख दुल्हन सोने की हकदार हो सकती हैं. इस तरह सिर्फ दुल्‍हनों को 8 ग्राम सोना देने में 3000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का खर्च आने का अनुमान है।  नवजात को भी गोल्‍ड रिंग देने का वादा इतना ही नहीं, थलापति विजय ने प्रदेश में पैदा होने वाले हर नवजात को गोल्‍ड रिंग देने का वादा किया है. 2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु की आबादी करीब 7.21 करोड़ है. राज्य में जन्म दर फिलहाल देश में सबसे कम चल है. साल 2025 में करीब 7.8 लाख बच्चों ने जन्म लिया. विजय की योजना के मुताबिक, हर नवजात को सोने की अंगूठी दी जाएगी. अब अगर हम मान लें कि इसमें से 60 प्रतिशत बच्चे उन परिवारों में पैदा होते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, तो भी हर साल करीब 4.7 लाख बच्चों को यह अंगूठी देनी होगी. भले ही एक छोटी अंगूठी की कीमत करीब 5,000 रुपये के आसपास हो, लेकिन जब इसे लाखों बच्चों से गुणा करते हैं, तो यह अकेले 235 करोड़ रुपये का सालाना खर्च बन जाता है।  BI से लेनी पड़ सकती है अनुमति दोनों गोल्‍ड स्‍कीम को मिला दिया जाए तो थलापति विजय को बड़ी मात्रा में सोने की जरूरत होगी. बता दें कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना खरीदने के लिए कुछ नियम कायदे हैं. यदि दुल्‍हनों को दिए जाने वाले सोने की बात की जाए तो नई सरकार को 8 ग्राम के हिसाब से 2160000 ग्राम यानी हर साल 2160 किलो गोल्‍ड की जरूरत होगी. बच्‍चों को गोल्‍ड रिंग देने की स्‍कीम में मात्रा का उल्‍लेख नहीं है. यदि उसे भी जोड़ दिया जाए तो सैकड़ों किलो का और ईजाफा होगा. ऐसे में थलापति विजय आरबीआई की मदद के बिना इस वादे को पूरा नहीं कर पाएंगे।  वेलफेयर बिल पहुंच जाएगा सातवें आसमान पर फिल्म स्टार से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की शानदार चुनावी जीत के बाद अब घोषणापत्र में किए गए बड़े वादों पर चर्चा तेज हो गई है. पार्टी ने महिलाओं के मुखिया वाले परिवारों को हर महीने ₹2,500 देने, हर परिवार को साल में छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और 10 लाख बेरोजगार ग्रेजुएट्स को ₹4,000 मासिक भत्ता देने जैसे कई बड़े ऐलान किए हैं. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि इन योजनाओं पर राज्य सरकार का सालाना खर्च करीब ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. यह राशि 2025-26 में DMK सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी पर खर्च किए गए ₹65,000 करोड़ से लगभग 52% अधिक है. अगर राज्य के कुल राजस्व से तुलना करें, तो यह खर्च तमिलनाडु के 2025-26 के बजट में अनुमानित ₹3.31 लाख करोड़ के राजस्व का करीब एक तिहाई होगा। 

विजय ने खेली दोहरी रणनीति, TVK के हाथ में लड्डू; अंदरखाने क्या हो रहा है

चेन्नई तमिलनाडु चुनाव के नतीजे आ गए. अब सरकार कैसे गठित हो, इसकी कवायद है. विधानसभा नतीजों ने तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया को फंसा दिया है. तमिलनाडु चुनाव रिजल्ट में किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है टीवीके. जी हां, यह थलापति विजय की पार्टी है. एक्टर से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलनाडु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. अब यह सरकार बनाने को रेडी है. मगर नंबर गेम में टीवीके फंस गई है. अब तमिलनाडु में गठबंधन वाली सरकार ही एकमात्र विकल्प है. इस स्थिति को देखते हुए थलापति विजय ने डबल चाल चल दी है. हकीकत तो यह है कि टीवीके के दोनों हाथ में लड्डू है. चलिए जानते हैं तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अंदरखाने क्या बातचीत हो रही।  दरअसल, तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर पेच फंसा हुआ है. तमिलनाडु में अब ऐसी चीज होने जा रही है, जो उसने दशकों से नहीं देखी थी. जी हां, एक गठबंधन सरकार. एक्टर विजय की पार्टी टीवीके पहली बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार उतरी. पहली बार में ही एक्टर विजय ने अपना लोहा मनवा दिया. उसकी आंधी ऐसी चली कि डीएमके और एआईएडीएमको को समझ नहीं आया कि ये कैसा सियासी तूफान आया. जब तक समझ पाते तब तक टीवीके शतक मार चुकी थी।  टीवीके को बहुमत नहीं, फिर भी दोनों हाथ में लड्डू जी हां, तमिल फ़िल्मों के सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीतीं. उसने सत्ताधारी DMK को काफी पीछे छोड़ दिया, जो 59 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही. हालांकि, 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत से टीवीके दूर रह गई. विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटे हैं. टीवीके के पास 10 सीटों की कमी है. इसलिए अब लोगों का ध्यान जश्न से हटकर गठबंधन बनाने पर चला गया है. अब विजय 10 सीटों के उपाय में लगे हैं ताकि किसी तरह सरकार गठन हो सके. फिलहाल, टीवीके के पास दोनों हाथ में लड्डू है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस हो या एआईएडीएमके दोनों एक्टर विजय को सपोर्ट दे सकते हैं. टीवीके की दोनों से बातचीत कर रही है।  थलापति विजय की किससे बातचीत जी हां, कांग्रेस और AIADMK…दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने मंगलवार को कहा कि थलापति विजय ने सरकार बनाने में समर्थन के लिए उनकी पार्टियों से संपर्क किया. कांग्रेस तो पहले ही इशारा कर चुकी है कि वह टीवीके को सरकार बनाने में मदद कर सकती है. इससे पहले मंगलवार सुबह को विजय अपनी पार्टी के दफ़्तर पहुंचे थे और नए चुने गए विधायकों के साथ बैठक की थी. तब से ही गठबंधन बनाने की योजनाएं बन रही हैं।  कांग्रेस और एआईएडीएमके दोनों विकल्प इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों ने बताया कि एक प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अगर दोनों पार्टियां गठबंधन करने का फैसला करती हैं तो टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस को दो कैबिनेट पद दिए जा सकते हैं. कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं. इस व्यवस्था के लिए दूसरे छोटे दलों के समर्थन की भी जरूरत होगी, ताकि विधानसभा में इस गुट के पास बहुमत हो सके. हालांकि, बाद में सूत्रों ने बताया कि कई छोटे दलों की हिचकिचाहट की वजह से TVK अब AIADMK के साथ गठबंधन करने पर विचार कर रही है. यहां बताना जरूरी है कि AIADMK के पास 47 सीटें हैं।  कांग्रेस सपोर्ट को रेडी शाम होते-होते कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य कांग्रेस इकाई को विजय के समर्थन के अनुरोध पर अंतिम फ़ैसला लेने का निर्देश दिया गया है. वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद कहा कि टीवीके के अध्यक्ष थलापति विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से समर्थन मांगा है. कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से फैसला करने को कहा है. वहीं दूसरी ओर लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज मार्टिन ने बताया कि विजय की पार्टी और AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच बातचीत चल रही है।  अगर गठबंधन हुआ तो सहयोगी को क्या मिलेगा? वहीं, टीवीके के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है. टीवीके का कहना है कि कांग्रेस ने गठबंधन पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है. अभी तक CPI, CPM, VCK और IUML का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं है. सूत्रों के अनुसार टीवीके का जिसके साथ गठबंधन होगा, उस दल को चार से छह मंत्री पद देने की योजना है. ऐसा करने के पीछे दो मुख्य मकसद हैं. पहला सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल जुटाना और दूसरा- शासन-प्रशासन के क्षेत्र में अपने अनुभव की कमी की भरपाई करना। 

विजय का पुराना वीडियो फिर चर्चा में: चर्च यात्रा और राजनीति से कनेक्शन

थलपति विजय की पार्टी TVK ने तमिलनाडु में धमाकेदार जीत हासिल की है. उनकी ऐतिहासिक जीत की किसी ने कल्पना नहीं की थी. राज्य की विरोधी पार्टियां विजय के समर्थन में आए जन सैलाब को देखकर हैरान हैं. विजय के पेरेंट्स बेटे की जीत को लेकर खुश हैं. जीत के जश्न के बीच विजय का पुराना वीडियो सामने आया है, जिसमें वो घुटनों के बल चलकर चर्च जा रहे हैं. विजय को तमिलनाडु में मिली जीत ये वीडियो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले का है. एक्टर तिरुचिरापल्ली (Trichy) के सेंट एंथनी चर्च में नंगे पैर घुटनों के बल चलकर प्रार्थना करते हुए देखे गए थे. ये मोमेंट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ था. किसी ने विजय की आस्था को सराहा था. तो कुछ लोगों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया था. विजय अपनी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के चुनावी मैदान में सफलता की दुआ करने गए थे. हालांकि अब इस वीडियो देखकर लोगों का कहना है एक्टर की दुआ रंग लाई है. विजय ने चर्च ही नहीं, बल्कि मंदिरों में भी माथा टेका था. वो शिरडी साई बाबा के दरबार भी पहुंचे थे. विजय ने अपनी इन धार्मिक यात्राओं के जरिए बताया था कि वो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. विजय ने मस्जिद का भी दौरा किया था. मालूम हो, विजय के पिता क्रिश्चियन और मां हिंदू हैं. वो जन्म से रोमन कैथोलिक हैं. लेकिन पब्लिक के बीच उनकी छवि सेक्युलर शख्सियत की बनी है. वो हर धर्म को मानते हैं. विजय का असली नाम जोसफ विजय चंद्रशेखर है. बेटे विजय के चुनाव जीतने के बाद उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने तिरुथानी मुरुगन मंदिर में जाकर विशेष पूजा अर्चना की थी. खुशी के मां के आंसू झलके थे. एक्टर के पिता को भरोसा है कि उनका बेटा राज्य का मुख्यमंत्री बनेगा. वैसे विजय को राजनीति में सफल शुरुआत देने के पीछे उनके पिता का अहम योगदान रहा है. फिल्मों में भी पिता की बदौलत ही विजय का करियर चमका. एक्टर ने पिता की फिल्म से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपना करियर शुरू किया था. वो अपनी इस सफल जीत का क्रेडिट पेरेंट्स के आशीर्वाद और राज्य की जनता को देते हैं.