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विजय की सरकार तो बनेगी, मगर चलाने में RBI की मदद जरूरी, समझिए कैसे

चेन्नई  थलपति विजय की पार्टी टीवीके तमिलनाडु में सरकार बनाने की स्थिति में है. ऐसे में अब विजय ने चुनावी घोषणापत्र में जो वादे किए थे, उसपर निगाहें टिक गई हैं. इनमें से सबसे अहम है सोना बांटने वाला वादा. थलापति विजय ने अपने चुनावी घोषणापत्र में हर नवजात बच्‍चे को सोने की अंगुठी और दुल्‍हनों को 8 ग्राम सोना और सिल्‍क की साड़ी देने का वादा किया था. अब विजय प्रदेश में सरकार बनाने की रेस में सबसे आगे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि थलापति विजय इतनी बड़ी मात्रा में सोना कहां से लाएंगे. बता दें कि तमिलनाडु में हर साल लाखों बच्‍चे जन्‍म लेते हैं और लाखों की तादाद में शादियां होती हैं. यदि गरीबी रेखा से नीचे वाले सिद्धांत पर भी चला जाए तो भी दोनों को मिलाकर लाखों की तादाद में लाभार्थी होंगे. इससे न केवल सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा, बल्कि विजय को इसके लिए आरबीआई से भी मदद लेनी पड़ सकती है।  थलापति विजय ने सरकार बनने पर जिन कल्‍याणकारी योजनाओं को लागू करने का वादा किया है, यदि उसपर अमल किया गया तो तमिलनाडु सरकार का वेलफेयर बिल (कल्‍याणकारी योजनाओं पर होने वाला खर्च) 52 फीसद तक बढ़ सकता है. इस मद में फिलहाल 65000 करोड़ रुपया खर्च होता है जो बढ़कर 1 लाख करोड़ के आसपास पहुंच जाएगा. अब सोना देने के वादे के आर्थिक पहलू पर बात करते हैं. दरअसल, TVK ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने के लिए एक अहम वादा किया है. पार्टी ने सालाना 5 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों की दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और एक सिल्क साड़ी देने का आश्वासन दिया है. मौजूदा 22 कैरेट सोने की कीमत करीब 14,000 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से केवल सोने की कीमत ही लगभग 1.12 लाख रुपये प्रति लाभार्थी बैठती है. तमिलनाडु में हर साल 4 से 5 लाख शादियां होती हैं. एक आकलन के अनुसार, 60 फीसद परिवार विजय की स्‍कीम के तहत फिट बैठते हैं. ऐसे में हर साल लगभग 2.7 लाख दुल्हन सोने की हकदार हो सकती हैं. इस तरह सिर्फ दुल्‍हनों को 8 ग्राम सोना देने में 3000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का खर्च आने का अनुमान है।  नवजात को भी गोल्‍ड रिंग देने का वादा इतना ही नहीं, थलापति विजय ने प्रदेश में पैदा होने वाले हर नवजात को गोल्‍ड रिंग देने का वादा किया है. 2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु की आबादी करीब 7.21 करोड़ है. राज्य में जन्म दर फिलहाल देश में सबसे कम चल है. साल 2025 में करीब 7.8 लाख बच्चों ने जन्म लिया. विजय की योजना के मुताबिक, हर नवजात को सोने की अंगूठी दी जाएगी. अब अगर हम मान लें कि इसमें से 60 प्रतिशत बच्चे उन परिवारों में पैदा होते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, तो भी हर साल करीब 4.7 लाख बच्चों को यह अंगूठी देनी होगी. भले ही एक छोटी अंगूठी की कीमत करीब 5,000 रुपये के आसपास हो, लेकिन जब इसे लाखों बच्चों से गुणा करते हैं, तो यह अकेले 235 करोड़ रुपये का सालाना खर्च बन जाता है।  BI से लेनी पड़ सकती है अनुमति दोनों गोल्‍ड स्‍कीम को मिला दिया जाए तो थलापति विजय को बड़ी मात्रा में सोने की जरूरत होगी. बता दें कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना खरीदने के लिए कुछ नियम कायदे हैं. यदि दुल्‍हनों को दिए जाने वाले सोने की बात की जाए तो नई सरकार को 8 ग्राम के हिसाब से 2160000 ग्राम यानी हर साल 2160 किलो गोल्‍ड की जरूरत होगी. बच्‍चों को गोल्‍ड रिंग देने की स्‍कीम में मात्रा का उल्‍लेख नहीं है. यदि उसे भी जोड़ दिया जाए तो सैकड़ों किलो का और ईजाफा होगा. ऐसे में थलापति विजय आरबीआई की मदद के बिना इस वादे को पूरा नहीं कर पाएंगे।  वेलफेयर बिल पहुंच जाएगा सातवें आसमान पर फिल्म स्टार से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की शानदार चुनावी जीत के बाद अब घोषणापत्र में किए गए बड़े वादों पर चर्चा तेज हो गई है. पार्टी ने महिलाओं के मुखिया वाले परिवारों को हर महीने ₹2,500 देने, हर परिवार को साल में छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और 10 लाख बेरोजगार ग्रेजुएट्स को ₹4,000 मासिक भत्ता देने जैसे कई बड़े ऐलान किए हैं. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि इन योजनाओं पर राज्य सरकार का सालाना खर्च करीब ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. यह राशि 2025-26 में DMK सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी पर खर्च किए गए ₹65,000 करोड़ से लगभग 52% अधिक है. अगर राज्य के कुल राजस्व से तुलना करें, तो यह खर्च तमिलनाडु के 2025-26 के बजट में अनुमानित ₹3.31 लाख करोड़ के राजस्व का करीब एक तिहाई होगा। 

विजय ने खेली दोहरी रणनीति, TVK के हाथ में लड्डू; अंदरखाने क्या हो रहा है

चेन्नई तमिलनाडु चुनाव के नतीजे आ गए. अब सरकार कैसे गठित हो, इसकी कवायद है. विधानसभा नतीजों ने तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया को फंसा दिया है. तमिलनाडु चुनाव रिजल्ट में किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है टीवीके. जी हां, यह थलापति विजय की पार्टी है. एक्टर से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलनाडु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. अब यह सरकार बनाने को रेडी है. मगर नंबर गेम में टीवीके फंस गई है. अब तमिलनाडु में गठबंधन वाली सरकार ही एकमात्र विकल्प है. इस स्थिति को देखते हुए थलापति विजय ने डबल चाल चल दी है. हकीकत तो यह है कि टीवीके के दोनों हाथ में लड्डू है. चलिए जानते हैं तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अंदरखाने क्या बातचीत हो रही।  दरअसल, तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर पेच फंसा हुआ है. तमिलनाडु में अब ऐसी चीज होने जा रही है, जो उसने दशकों से नहीं देखी थी. जी हां, एक गठबंधन सरकार. एक्टर विजय की पार्टी टीवीके पहली बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार उतरी. पहली बार में ही एक्टर विजय ने अपना लोहा मनवा दिया. उसकी आंधी ऐसी चली कि डीएमके और एआईएडीएमको को समझ नहीं आया कि ये कैसा सियासी तूफान आया. जब तक समझ पाते तब तक टीवीके शतक मार चुकी थी।  टीवीके को बहुमत नहीं, फिर भी दोनों हाथ में लड्डू जी हां, तमिल फ़िल्मों के सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीतीं. उसने सत्ताधारी DMK को काफी पीछे छोड़ दिया, जो 59 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही. हालांकि, 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत से टीवीके दूर रह गई. विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटे हैं. टीवीके के पास 10 सीटों की कमी है. इसलिए अब लोगों का ध्यान जश्न से हटकर गठबंधन बनाने पर चला गया है. अब विजय 10 सीटों के उपाय में लगे हैं ताकि किसी तरह सरकार गठन हो सके. फिलहाल, टीवीके के पास दोनों हाथ में लड्डू है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस हो या एआईएडीएमके दोनों एक्टर विजय को सपोर्ट दे सकते हैं. टीवीके की दोनों से बातचीत कर रही है।  थलापति विजय की किससे बातचीत जी हां, कांग्रेस और AIADMK…दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने मंगलवार को कहा कि थलापति विजय ने सरकार बनाने में समर्थन के लिए उनकी पार्टियों से संपर्क किया. कांग्रेस तो पहले ही इशारा कर चुकी है कि वह टीवीके को सरकार बनाने में मदद कर सकती है. इससे पहले मंगलवार सुबह को विजय अपनी पार्टी के दफ़्तर पहुंचे थे और नए चुने गए विधायकों के साथ बैठक की थी. तब से ही गठबंधन बनाने की योजनाएं बन रही हैं।  कांग्रेस और एआईएडीएमके दोनों विकल्प इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों ने बताया कि एक प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अगर दोनों पार्टियां गठबंधन करने का फैसला करती हैं तो टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस को दो कैबिनेट पद दिए जा सकते हैं. कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं. इस व्यवस्था के लिए दूसरे छोटे दलों के समर्थन की भी जरूरत होगी, ताकि विधानसभा में इस गुट के पास बहुमत हो सके. हालांकि, बाद में सूत्रों ने बताया कि कई छोटे दलों की हिचकिचाहट की वजह से TVK अब AIADMK के साथ गठबंधन करने पर विचार कर रही है. यहां बताना जरूरी है कि AIADMK के पास 47 सीटें हैं।  कांग्रेस सपोर्ट को रेडी शाम होते-होते कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य कांग्रेस इकाई को विजय के समर्थन के अनुरोध पर अंतिम फ़ैसला लेने का निर्देश दिया गया है. वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद कहा कि टीवीके के अध्यक्ष थलापति विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से समर्थन मांगा है. कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से फैसला करने को कहा है. वहीं दूसरी ओर लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज मार्टिन ने बताया कि विजय की पार्टी और AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच बातचीत चल रही है।  अगर गठबंधन हुआ तो सहयोगी को क्या मिलेगा? वहीं, टीवीके के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है. टीवीके का कहना है कि कांग्रेस ने गठबंधन पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है. अभी तक CPI, CPM, VCK और IUML का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं है. सूत्रों के अनुसार टीवीके का जिसके साथ गठबंधन होगा, उस दल को चार से छह मंत्री पद देने की योजना है. ऐसा करने के पीछे दो मुख्य मकसद हैं. पहला सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल जुटाना और दूसरा- शासन-प्रशासन के क्षेत्र में अपने अनुभव की कमी की भरपाई करना। 

विजय का पुराना वीडियो फिर चर्चा में: चर्च यात्रा और राजनीति से कनेक्शन

थलपति विजय की पार्टी TVK ने तमिलनाडु में धमाकेदार जीत हासिल की है. उनकी ऐतिहासिक जीत की किसी ने कल्पना नहीं की थी. राज्य की विरोधी पार्टियां विजय के समर्थन में आए जन सैलाब को देखकर हैरान हैं. विजय के पेरेंट्स बेटे की जीत को लेकर खुश हैं. जीत के जश्न के बीच विजय का पुराना वीडियो सामने आया है, जिसमें वो घुटनों के बल चलकर चर्च जा रहे हैं. विजय को तमिलनाडु में मिली जीत ये वीडियो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले का है. एक्टर तिरुचिरापल्ली (Trichy) के सेंट एंथनी चर्च में नंगे पैर घुटनों के बल चलकर प्रार्थना करते हुए देखे गए थे. ये मोमेंट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ था. किसी ने विजय की आस्था को सराहा था. तो कुछ लोगों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया था. विजय अपनी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के चुनावी मैदान में सफलता की दुआ करने गए थे. हालांकि अब इस वीडियो देखकर लोगों का कहना है एक्टर की दुआ रंग लाई है. विजय ने चर्च ही नहीं, बल्कि मंदिरों में भी माथा टेका था. वो शिरडी साई बाबा के दरबार भी पहुंचे थे. विजय ने अपनी इन धार्मिक यात्राओं के जरिए बताया था कि वो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. विजय ने मस्जिद का भी दौरा किया था. मालूम हो, विजय के पिता क्रिश्चियन और मां हिंदू हैं. वो जन्म से रोमन कैथोलिक हैं. लेकिन पब्लिक के बीच उनकी छवि सेक्युलर शख्सियत की बनी है. वो हर धर्म को मानते हैं. विजय का असली नाम जोसफ विजय चंद्रशेखर है. बेटे विजय के चुनाव जीतने के बाद उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने तिरुथानी मुरुगन मंदिर में जाकर विशेष पूजा अर्चना की थी. खुशी के मां के आंसू झलके थे. एक्टर के पिता को भरोसा है कि उनका बेटा राज्य का मुख्यमंत्री बनेगा. वैसे विजय को राजनीति में सफल शुरुआत देने के पीछे उनके पिता का अहम योगदान रहा है. फिल्मों में भी पिता की बदौलत ही विजय का करियर चमका. एक्टर ने पिता की फिल्म से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपना करियर शुरू किया था. वो अपनी इस सफल जीत का क्रेडिट पेरेंट्स के आशीर्वाद और राज्य की जनता को देते हैं.