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जल जीवन मिशन बना जनभागीदारी और सामाजिक परिवर्तन की मिसाल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके के मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन के माध्यम से गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के प्रयासों को गति मिली है। इसी क्रम में लागू मड़िया ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत सागर जिले के राहतगढ़ विकासखंड के 131 ग्राम, जैसीनगर के 145 ग्राम, सागर ब्लॉक के 26 ग्राम तथा रायसेन जिले के बेगमगंज ब्लॉक के 15 ग्रामों सहित कुल 317 ग्रामों को शुद्ध पेयजल सुविधा से जोड़ा गया है। घर-घर नल कनेक्शन से संवरा ग्रामीणों का जीवन ग्राम खजुरिया में लगभग 147 परिवार निवास करते हैं, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से कृषि, मजदूरी और पशुपालन पर आधारित है। योजना लागू होने से पहले गांव में केवल दो नल और एक कुआं था, जो गर्मियों में सूख जाता था। पानी के लिए ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चियों को एक से डेढ़ किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ता था। पानी की समस्या का सीधा असर बच्चियों की पढ़ाई और महिलाओं के दैनिक जीवन पर पड़ता था। अब घर-घर नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिली है और गांव में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य की स्थिति में भी सुधार दिखाई दे रहा है। दिव्यांग नीरज साहू को मिला आत्मसम्मान इस योजना ने गांव के कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद भी जगाई है। ग्राम खजुरिया के निवासी नीरज साहू, जो एक हाथ से दिव्यांग हैं, आज गांव की जल आपूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। रोजगार के अवसर नहीं मिलने के बीच उन्होंने ग्राम पंचायत के समक्ष बॉलमेन के रूप में कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। ग्राम सभा की सहमति से उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। आज वे गांव में जल सप्लाई व्यवस्था संभालते हुए सम्मानपूर्वक अपनी आजीविका चला रहे हैं। उनके लिए यह योजना केवल पेयजल सुविधा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान का माध्यम बन गई है। जनभागीदारी बनी योजना की सबसे बड़ी ताकत योजना में सामुदायिक सहभागिता को विशेष महत्व दिया गया है। सहयोगी संस्था आई.एस.ए. मध्य सेवा एसोसिएशन, भोपाल द्वारा जनसभाओं, ग्रामसभाओं, नुक्कड़ नाटकों और स्कूल रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। गांवों में ग्राम जल एवं स्वच्छता तदर्थ समितियों का गठन कर स्थानीय समुदाय को जल प्रबंधन से जोड़ा गया। इससे ग्रामीणों में योजना के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। महिलाओं की भागीदारी से मजबूत हुआ ग्रामीण मॉडल ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे गांवों में सहभागी विकास और सामाजिक समावेशन का प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने योजना के संचालन और रखरखाव को अधिक प्रभावी बनाया है। हर घर नल से जल पहुंचने से सुधरा जीवन स्तर आज खजुरिया गांव में टोंटी से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता केवल सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में आए व्यापक बदलाव का प्रतीक बन चुकी है। स्वच्छ पेयजल मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई है, महिलाओं के श्रम और समय की बचत हुई है तथा बच्चों को बेहतर वातावरण मिल रहा है। जल जीवन मिशन ने यह सिद्ध किया है कि जब योजनाएं संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण और जनसहभागिता के साथ लागू होती हैं, तब उनका प्रभाव सीधे लोगों के जीवन में दिखाई देता है। जल है तो कल है” का साकार होता संदेश सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा यह परिवर्तन प्रदेश में विकसित हो रहे उत्तरदायी और सहभागी ग्रामीण मॉडल की तस्वीर प्रस्तुत करता है। मड़िया ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना अब अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बन रही है। खजुरिया में 'जल है तो कल है' का संदेश अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि बदलती जिंदगी का वास्तविक अनुभव बन चुका है।  

IPL Fever in Raipur: 10 हजार तक बढ़े होटल रूम के दाम, फ्लाइट टिकटों ने भी छुआ आसमान

रायपुर राजधानी रायपुर में आईपीएल फीवर सिर चढ़कर बोल रहा है। इसका असर होटल-रिसोर्ट, फ्लाइट की महंगाई के साथ टिकटों की ब्लैकमार्केटिंग तक पहुंच गई है। रेलवे स्टेशन के पास के डोरमेट्री शुक्रवार को ही फुल हो गए। यहां युवाओं ने थोक में बुकिंग की है। 10 मई को मुंबई और आरसीबी के कड़े मुकाबले के कारण क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर है, जिसकी वजह से वीआईपी रोड, तेलीबांधा और नवा रायपुर रोड स्थित होटल और रिसॉर्ट में कमरों की कीमतें अचानक 10 हजार रुपए तक बढ़ गई हैं। IPL 2026: फ्लाइट टिकट महंगी कई फाइव स्टार होटलों में डिस्काउंट ऑफर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। आईपीएल मैचों का असर हवाई किराए पर भी साफ दिख रहा है। सामान्य दिनों में 4 से 5 हजार रुपए में मिलने वाले फ्लाइट टिकट अब 10 और 13 मई के दिन 10 हजार रुपए से ऊपर पहुंच गए हैं।   एम-टिकट के बाद भी ब्लैकमार्केटिंग आईपीएल के दो मैचों के लिए टिकट पहले ही बिक चुके हैं। अब सोशल मीडिया में टिकटों की ब्लैकमार्केटिंग करने वाले 10 हजार 20 हजार अधिक कीमतों में ऑफर दे रहे हैं। नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार सीटों में नंबरिंग के हिसाब से दर्शकों को कुर्सियां मिलेंगी। ऑनलाइन टिकट भी इसी के मुताबिक बेचे गए हैं। इधर इंस्टाग्राम पेज पर टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग के मामले सामने आए हैं। स्टेडियम में मैच-होटलों में पार्टी, नजर पुलिस की सूत्रों के मुताबिक वीआईपी रोड व आस-पास के होटलों में मैच के प्रसारण के साथ पार्टियां रखी गई हैं। इन पर पुलिस की नजर है। इससे पहले वीआईपी रोड स्थित होटलों में ड्रग्स सहित अन्य मादक पदार्थों की बिक्री के मामले सामने आए हैं। रिसोर्ट में ठहरेंगे स्टार खिलाड़ी नवा रायपुर स्थित मे-फेयर व मायरा रिसोर्ट सहित फाइव स्टार मैरिएट में स्टार खिलाड़ी व आफिशियल रुकेंगे। जानकारी के मुताबिक आरसीबी और मुंबई इंडियंस के खिलाडिय़ों के लिए 15 दिन पहले से ही होटलों में ठहरने व उनके पसंदीदा खाने-पीने को लेकर मैन्यू की तैयारी शुरू हो चुकी थी।

बिहार सरकार का नया समीकरण: कैबिनेट विस्तार में युवाओं और नए चेहरों पर भरोसा

पटना बिहार कैबिनेट विस्तार में बीजेपी और जदयू ने नए चेहरों पर ज्यादा भरोसा जताया है। सम्राट मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ और पुराने मंत्रियों का प्रभाव कम हुआ है, जबकि पहली बार मंत्री बने नेताओं को अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी कोटे से मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। नीतीश सरकार में यह विभाग जदयू के पास था, लेकिन अब सम्राट सरकार में इसे बीजेपी को दिया गया है। मिथिलेश तिवारी पहली बार मंत्री बने हैं और उन्हें कैबिनेट के सबसे अहम विभागों में से एक सौंपा गया है। सम्राट कैबिनेट में नए चेहरों की एंट्री वहीं, पिछली सरकार में बीजेपी के पास रहा स्वास्थ्य विभाग इस बार जदयू को मिला है। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी पहली बार मंत्री बने निशांत कुमार को सौंपी गई है। इसी तरह जदयू विधायक डॉ. श्वेता गुप्ता को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वह पहली बार विधायक बनी हैं और पार्टी ने उन्हें बड़ा विभाग देकर भरोसा जताया है।   गोपालपुर से विधायक बुलो मंडल को भी पहली बार मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। उन्हें ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी मिली है। यह विभाग करीब तीन दशक तक बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास रहा था। इसके अलावा, बिहपुर से विधायक ई. शैलेन्द्र को पथ निर्माण विभाग सौंपा गया है। वहीं, श्रेयसी सिंह और लेशी सिंह का भी नए मंत्रिमंडल में कद बढ़ा है। कई पुराने नेताओं का घटा कद वहीं, नए मंत्रिमंडल में कई पुराने मंत्रियों का कद घटा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव लंबे समय से ऊर्जा विभाग संभाल रहे थे। नई सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया है, लेकिन ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी उनसे वापस ले ली गई है। इसी तरह, नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले अशोक चौधरी का भी नई सरकार में प्रभाव कम हुआ है। पहले उनके पास ग्रामीण कार्य विभाग जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय था, लेकिन अब उन्हें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार का भी नए मंत्रिमंडल में कद घटा है। सम्राट कैबिनेट में उन्हें ग्रामीण कार्य विभाग सौंपा गया है। पहले उनके पास 68,216 करोड़ रुपये के बजट वाला शिक्षा विभाग था, जबकि अब उन्हें करीब 11,312 करोड़ रुपये के बजट वाला विभाग मिला है। इसके अलावा, पूर्व समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, प्रमोद चंद्रवंशी, संजय टाइगर और रामकृपाल यादव के विभागों में भी बदलाव किया गया है, जिससे उनके राजनीतिक कद में कमी मानी जा रही है।

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा हुए गिरफ्तार, ED ने लिया सख्त एक्शन

चंडीगढ़  पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को शनिवार को बड़ा झटका लगा है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। 100 करोड़ से ज्यादा के कथित फर्जी जीएसटी खरीद बिल और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को करीब 7 घंटे लंबी चली रेड के बाद ईडी ने संजीव अरोड़ा की यह गिरफ्तारी की है। चंडीगढ़ में उनके सरकारी आवास से उम्हें गिरफ्तार किया गया है। उनके बेटे की भी गिरफ्तारी की सूचना है। अरोड़ा के चंडीगढ़ समेत कई ठिकानों पर ईडी ने आज सुबह रेड की थी। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई पांच परिसरों में की गई, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरोड़ा का चंडीगढ़ स्थित आधिकारिक आवास भी शामिल है। छापेमारी दिल्ली और हरियाणा के गुरुग्राम स्थित परिसरों में भी की गई। इनमें 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' नामक कंपनी का परिसर भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किए जाने के बाद ये छापेमारी की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में यह तीसरी बार है जब ईडी संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है, लेकिन एजेंसी को अब तक कुछ नहीं मिला. उन्‍होंने कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे दबाया नहीं जा सकता. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है.  आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने ईडी को भाजपा का ‘सुपारी किलर’ बताते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि कुछ दिनों तक कार्रवाई और खबरों का दौर चलेगा, लेकिन बाद में एजेंसी खाली हाथ लौट जाएगी.  पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले भाजपा इस तरह की कार्रवाई कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश करती है. चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के नेताओं को डराने और कामकाज प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. ईडी ने अप्रैल में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के दीवानी प्रावधानों के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों के परिसरों पर छापे मारे थे। अरोड़ा (62) लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं। भगवंत मान ने साधा केंद्र पर निशाना वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शनिवार को छापेमारी किए जाने के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत केंद्र सरकार पर अपने राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री मान ने संगरूर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां भाजपा के पास मौजूद वे चार-पांच हथियार हैं, जिनका राजनीतिकरण कर दिया गया है। मान ने कहा, ''वे लंबे समय से अपनी राजनीति के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहे महाराष्ट्र हो या ओडिशा, बिहार हो या कर्नाटक अथवा पश्चिम बंगाल। अब पंजाब उनके निशाने पर है।''

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ ही सुशासन, सुरक्षा और विकास के एक नवयुग का आरंभ हो गया है। पश्चिम बंगाल अब सच्चे अर्थो में 'आमार सोनार बांग्ला' बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री  सुवेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में यह राज्य अब अपने पुराने गौरव और वैभव को प्राप्त कर समग्र विकास, निवेश, सुशासन एवं जनकल्याण के नए-नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कोलकाता के बिग्रेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल की नवगठित राज्य सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। समारोह में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह, केन्द्रीय रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह, अन्य वरिष्ठ केन्द्रीय मंत्रीगण, एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के विभिन्न मुख्यमंत्री एवं अतिविशिष्ट जनों की गरिमामय उपस्थिति में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में  सुवेन्दु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल  आर.एन. रवि ने  सुवेन्दु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद एवं नई सरकार के 5 अन्य मंत्रीगण को भी पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री  सुवेन्दु अधिकारी को लोक कल्याण के इस नए दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए समर्पित मैदानी कार्यकर्ताओं एवं राज्य की जागरूक जनता को भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं हैं।  

F/A-18 सुपर हॉर्नेट से अमेरिका का पहला हमला, ब्लॉकेड में 3 ईरानी जहाज रोके गए

वाशिंगटन अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी झंडे वाले टैंकरों पर F/A-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमानों से पहला हमला किया है. यह अप्रैल 2026 में शांति वार्ता के टूटने के बाद ईरान पर लगाए गए नौसैनिक ब्लॉकेड को और सख्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. 6 मई और 8 मई 2026 को अमेरिका ने M/T हसना, M/T सी स्टार III और M/T सेव्दा नाम के तीन टैंकरों को निशाना बनाया।  इन हमलों में २० मिलीमीटर की तोप से गोलीबारी और सटीक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. अमेरिकी विमानों ने टैंकरों को डुबोने की बजाय उन्हें न चलने लायक बनाकर रोकने की रणनीति अपनाई. विमानों ने टैंकरों के रडर (पतवार), धुआं निकालने वाली चिमनी और इंजन से जुड़े हिस्सों को निशाना बनाया।  इससे जहाजों की दिशा नियंत्रण और गति बंद हो गई, लेकिन बड़े आग या तेल रिसाव से बच गए. यह रणनीति जानबूझकर अपनाई गई ताकि पर्यावरण को नुकसान कम हो और जहाज पर सवार लोगों की जान बच सके. USS अब्राहम लिंकन और USS जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश एयरक्राफ्ट कैरियर से ये हमले किए गए।  6 मई का हमला 6 मई को M/T हसना नाम के टैंकर पर F/A-18 सुपर हॉर्नेट ने अपनी 20 मिलीमीटर M61A2 वल्कन तोप से हमला किया. विमान ने कम ऊंचाई से उड़कर टैंकर के रडर को निशाना बनाया. कई गोली मारकर स्टियरिंग सिस्टम को नष्ट कर दिया गया. टैंकर ईरानी बंदरगाह की तरफ जा रहा था, लेकिन अमेरिकी चेतावनी मानने से इनकार कर दिया था. अमेरिकी नौसेना द्वारा व्यापारी जहाज पर तोप से सीधा हमला करने का दुर्लभ मामला है।  8 मई के हमले 8 मई को दो और टैंकरों – सी स्टार III और सेव्दा – पर हमला किया गया. इस बार तोप की जगह सटीक गाइडेड बमों का इस्तेमाल हुआ. विमानों ने दोनों टैंकरों की चिमनियों (स्मोकस्टैक) को निशाना बनाया. इससे जहाजों का इंजन सिस्टम, वेंटिलेशन और प्रोपल्शन बंद हो गया. सी स्टार III बहुत बड़ा VLCC टैंकर था जबकि सेव्दा पुराना लेकिन बड़ा Suezmax टैंकर था. दोनों ईरानी तेल परिवहन से जुड़े थे।  ब्लॉकेड की पूरी कहानी अप्रैल 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता टूट गई. इसके बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों आने-जाने वाले जहाजों पर नौसैनिक ब्लॉकेड लगा दिया. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद यह कदम उठाया गया. अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास माइन्स साफ करने का काम शुरू किया. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत विफल रही. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी तेल निर्यात रोकने का आदेश दिया।  इस ब्लॉकेड में 20 से ज्यादा युद्धपोत, 200 के करीब विमान, खुफिया विमान, माइन्स साफ करने वाले जहाज और मरीन कमांडो शामिल हैं. अब तक 70 से ज्यादा व्यापारी जहाजों को रोका, मोड़ा या जब्त किया जा चुका है. 19 अप्रैल को USS स्प्रुएंस डिस्ट्रॉयर ने M/V तौस्का नाम के जहाज पर चेतावनी के बाद गोली चलाई थी।  डोनाल्ड ट्रंप ने हमले पर क्या कहा?     अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा कि ईरान की ओर से घातक हमले के बाद भी तीनों जहाज सुरक्षित होर्मुज से निकल आए हैं. उन्होंने कहा कि तीन अमेरिकी डिस्ट्रॉयर होर्मुज से गुजरते समय हमले की चपेट में आए, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी हमलावरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया।      डोनाल्ड ट्रंप ने इस झड़प के बाद ईरान को चेतावनी भी दी है कि अगर ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया तो अमेरिका और ज्यादा ‘कड़ा और हिंसक’ जवाब देगा।      ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम को कम करके दिखाने की कोशिश भी की. उन्होंने ABC न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘यह सिर्फ एक छोटा सा झटका है’ और जोर दिया कि सीजफायर अभी भी लागू है. ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर हमले को ‘लव टैप’ नाम दिया।  अमेरिका की नई रणनीति अमेरिका इस बार मिशन किल रणनीति अपना रहा है. मतलब जहाज को पूरी तरह नष्ट करने की बजाय उसे चलने लायक न बनाना. इससे बड़े युद्ध का खतरा कम रहता है. पर्यावरण प्रदूषण भी नियंत्रित रहता है. F/A-18 विमान, डिस्ट्रॉयर, ई-2D हॉकआई, EA-18G ग्राउलर और हेलीकॉप्टरों का पूरा नेटवर्क इस्तेमाल किया जा रहा है. यह तरीका भविष्य में अन्य समुद्री ब्लॉकेड के लिए नया मॉडल बन सकता है।  ईरान की क्रांतिकारी गार्ड नौसेना (IRGC) ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास विदेशी युद्धपोतों को दुश्मन माना जाएगा. दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होने के कारण यहां कोई भी गलती बड़े युद्ध में बदल सकती है. अभी तक टैंकर खाली थे, इसलिए तेल रिसाव का खतरा कम था। यह घटना ईरान पर अमेरिकी दबाव को बढ़ाती है. इससे ईरानी तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित होगा. अमेरिका दिखाना चाहता है कि वह ब्लॉकेड को सख्ती से लागू करेगा लेकिन अनावश्यक नुकसान से बचना भी चाहता है। 

सीएम योगी के निर्देश पर जल सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण को मजबूत करने के लिए शुरू हुआ गेट बदलने का कार्य

लखनऊ योगी सरकार द्वारा प्रदेश में बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत राजधानी स्थित गोमती बैराज को आधुनिक और आदर्श बैराज सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। सीएम योगी के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने बैराज के पुराने और क्षतिग्रस्त वर्टिकल गेटों को बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। इससे राजधानी लखनऊ की पेयजल आपूर्ति और अधिक मजबूत होगी। इसके अलावा जल सुरक्षा, बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरणीय संतुलन को नई तकनीक के माध्यम से और मजबूती मिलेगी।  बैराज के गेटों में जैविक एवं रासायनिक क्षरण बढ़ने से कार्यक्षमता होने लगी थी प्रभावित  प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग ने बताया कि वर्ष 1980 से 1983 के बीच निर्मित गोमती बैराज लंबे समय से राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है। यह बैराज कुड़िया घाट पंपिंग स्टेशन पर 105.6 मीटर का निर्धारित जल स्तर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे लाखों लोगों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो पाता है। इसके साथ ही बारिश के मौसम में गोमती नदी के जल प्रवाह को नियंत्रित कर शहर को बाढ़ जैसी स्थितियों से बचाने में भी यह अहम योगदान देता है। उन्होंने बताया कि समय के साथ नदी के पानी की गुणवत्ता और लगातार उपयोग के कारण बैराज के गेटों में जैविक एवं रासायनिक क्षरण बढ़ गया था। इससे गेटों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगी थी। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चरणबद्ध तरीके से गेट बदलने के निर्देश दिये थे। इसी क्रम में वर्ष 2024 में दो गेट बदले गए थे, जबकि 2025 में चार अन्य गेटों को प्रतिस्थापित किया गया। अब अंतिम चरण में शेष चार गेटों के निर्माण और स्थापना का कार्य तेजी से किया जा रहा है। बरेली के आईएसओ प्रमाणित सिंचाई कार्यशाला में किया गया गेटों का निर्माण मुख्य अभियंता यांत्रिक उपेंद्र सिंह ने बताया कि इन गेटों का निर्माण बरेली स्थित आईएसओ प्रमाणित सिंचाई कार्यशाला में किया गया है। प्रत्येक गेट दो स्तरों में तैयार किया गया है, जिसमें ऊपरी हिस्से का वजन लगभग 16 टन और निचले हिस्से का वजन करीब 18 टन है। सभी दस गेटों की चौड़ाई 18 मीटर तथा ऊंचाई 4.95 मीटर निर्धारित की गई है। अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना वाले ये नए गेट लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे। उन्होंने बताया कि विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती गेट बदलने के दौरान राजधानी की पेयजल आपूर्ति को प्रभावित न होने देना था। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने बैराज के ऊपरी हिस्से में कॉफरडैम का निर्माण कराया है, ताकि मरम्मत और प्रतिस्थापन कार्य के दौरान जल स्तर को नियंत्रित रखा जा सके। इस व्यवस्था से कुड़िया घाट पंपिंग स्टेशन तक पर्याप्त पानी पहुंचता रहेगा और शहरवासियों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बैराज को स्काडा तकनीक से स्वचालित रूप में संचालित करने की हो रही तैयारी  मुख्य अभियंता ने बताया कि मरम्मत और गेट प्रतिस्थापन कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए 8 मई से 15 जून तक कुल 45 दिनों की बंदी निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने के कारण जल स्तर में गिरावट की संभावना को देखते हुए विभाग चौबीसों घंटे काम कर रहा है ताकि कार्य समय से पहले पूरा किया जा सके। इसके लिए इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की विशेष टीम लगातार निगरानी कर रही है। बैराज को स्काडा तकनीक से स्वचालित रूप में संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इससे बैराज के गेटों का संचालन डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। जल स्तर की निगरानी, गेटों का नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया जैसी व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी बनेंगी। इससे मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी और पूरी प्रणाली अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी होगी।

TVK सपोर्टर ने किया आत्मदहन, विजय हुए लाचार; तमिलनाडु में मंडरा रहा बड़ा संकट

चेन्नई  तमिलनाडु में अभी तक सरकार के गठन का रास्ता साफ नहीं हो पाया है. टीवीके भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से 10 कदम की दूरी उसकी सत्ता बनाने की राह में सबसे बड़ी रोड़ा बन रही है. स्पष्ट बहुमत और अभी तक अन्य दलों के स्पष्ट समर्थन न मिल पाने के कारण सरकार नहीं बन पा रही है।  लिहाजा शनिवार को होने वाला थलपति विजय का संभावित शपथ ग्रहण कैंसिल हो गया है. उधर राज्य में सरकार न बन पाने की स्थिति में विजय के समर्थकों में रोष भी देखा जाने लगा है. शनिवार को सामने आया कि एक समर्थक ने खुद को आग लगा ली, जिसे गंभीर रूप से झुलसे के बाद अस्पताल ले जाया गया है।  विजय के सीएम बनने में देरी से नाराज था युवक असल में, तमिलनाडु में सरकार गठन में हो रही देरी के बीच टीवीके प्रमुख C. Joseph Vijay के एक समर्थक ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली. करीब 40 वर्षीय इसक्कियप्पन गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने में हो रही देरी से वह बेहद नाराज और भावुक थे. जानकारी के मुताबिक, चार महीने पहले भी इसक्कियप्पन ने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए अपने चेहरे में 16 फीट लंबा ‘वेल’ (भाला) आर-पार किया था।  तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बढ़ते तनाव के बीच तमिलिसाई सौंदराराजन ने टीवीके प्रमुख थलपति विजय से शांति बनाए रखने की अपील करने को कहा है. तमिलिसाई ने कहा कि तमिलनाडु में हर व्यक्ति नई सरकार के गठन को लेकर भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और लोग यह भी चाहते हैं कि बनने वाली सरकार स्थिर हो. उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान किया जा रहा है और इसी वजह से सरकार गठन के लिए कई मौके दिए जा रहे हैं।  वल्लियूर में भी एक युवक ने की आत्मदाह की कोशिश हालांकि उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर कई कार्यकर्ता भावनात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जो चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि वीसीके कार्यालय के बाहर एक युवक पर ब्लेड से हमला किया गया, जबकि वल्लियूर में एक अन्य व्यक्ति ने आत्मदाह की कोशिश की और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।  तमिलिसाई ने विजय से अपील करते हुए कहा कि वह तुरंत अपने समर्थकों और उन्हें वोट देने वाले लोगों के नाम शांति बनाए रखने का संदेश जारी करें और किसी भी खतरनाक कदम से बचने की सलाह दें।  थलापति विजय हुए लाचार, मंडरा रहा यह बड़ा खतरा! तमिलनाडु में जिसका डर है, वही होता दिख रहा है. तमिलनाडु चुनाव में रिजल्ट त्रिशंकु रहा. किसी को बहुमत नहीं मिला. न तो डीएमके-एआईडीएमके और न ही टीवीके. हालांकि, थलापति विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, मगर बहुमत से दूर रह गई. ऐसे में तमिलनाडु में सरकार गठन का पेच फंस गया है. यह पेच भी ऐसा है, जो सुलझता दिख नहीं रहा है. आलम यह है कि थलापति विजय लाचार दिख रहे हैं. महज एक-दो विधायकों की कमी से वह सरकार नहीं बना पा रहे हैं. राज्यपाल साफ कर चुके हैं कि जब तक बहुमत का नंबर नहीं होगा, तब तक सरकार गठन का न्योता नहीं मिलेगा. ऐसे में तमिलनाडु में संवैधानिक खतरा मंडरा रहा है।  दरअसल, तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी घमासान अब और गहरा गया है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि सरकार गठन को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है. आरोप-प्रत्यारोप, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त, फर्जी समर्थन पत्र और ‘लापता’ विधायकों के दावों ने राज्य की राजनीति को बेहद पेचीदा बना दिया है. सबके मन में राष्ट्रपति शासन वाला डर सता रहा है. थलापति विजय तो बड़ी जीत के बाद भी सरकार बनाने को तरस रहे हैं।  मंडरा रहा बड़ा संवैधानिक खतरा बहरहाल, तमिलनाडु की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि अगली सरकार कौन बनाएगा. सरकार की तस्वीर अगर 48 घंटे में साफ नहीं होती है तो तमिलनाडु की तकदीर में कुछ और हो सकता है. जी हां, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ कर दिया है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का समर्थन साबित किए बिना किसी भी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा।  किसके पास कितनी सीटें 23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया।  कौन-कौन कर रहा समर्थन बाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है।   

रूस की विजय दिवस परेड शांत, सैन्य गतिविधियां रुकेंगी और कैदियों का आदला-बदली होगा

मॉस्को  यूक्रेन युद्ध के लगातार जारी रहने और सुरक्षा खतरों के बीच रूस ने शनिवार को अपना विजय दिवस परेड बेहद सीमित रूप में आयोजित किया. हर साल 9 मई को मॉस्को के रेड स्कॉयर पर होने वाली यह परेड रूस के सबसे बड़े राष्ट्रीय आयोजनों में मानी जाती है. यह दिन सोवियत संघ की नाजी जर्मनी पर जीत और दूसरे विश्व युद्ध में मारे गए लाखों लोगों की याद में मनाया जाता है. लेकिन इस बार का आयोजन पहले के मुकाबले काफी अलग दिखाई दिया।  आमतौर पर रूस इस परेड में अपनी सैन्य ताकत का बड़ा प्रदर्शन करता रहा है. टैंक, मिसाइल सिस्टम और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें रेड स्कॉयर पर दिखाई जाती थीं। हालांकि इस साल सुरक्षा कारणों और यूक्रेन हमले के खतरे की वजह से टैंक या भारी सैन्य वाहन सड़क पर नहीं उतारे गए।  इसके बजाय रूस ने अपनी सैन्य ताकत को बड़े डिजिटल स्क्रीन और सरकारी टीवी प्रसारण के जरिए दिखाया. इसमें Yars इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, आर्कान्जेस्क परमाणु पनडुब्बी, पेरेसवेत लेजर हथियार, सुखोई Su-57 फाइटर जेट, एस-500 मिसाइल सिस्टम और कई ड्रोन व आर्टिलरी सिस्टम शामिल थे।  परेड में रूसी सैनिकों और नौसेना के जवानों ने मार्च किया. इनमें कुछ ऐसे सैनिक भी शामिल थे जो यूक्रेन युद्ध में हिस्सा ले चुके हैं।  राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रेड स्क्वायर में व्लादिमीर लेनिन समाधि के पास बैठे दिखाई दिए. उनके साथ रूसी युद्ध वेटरन्स भी मौजूद थे. इस बार परेड में नॉर्थ कोरिया के सैनिक भी शामिल हुए. रिपोर्ट के मुताबिक ये सैनिक रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी बलों के खिलाफ लड़ाई में शामिल रहे हैं।  राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लगभग आठ मिनट का भाषण दिया. उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध में जीत हासिल करेगा. उन्होंने कहा कि 'विशेष सैन्य अभियान' चला रहे रूसी सैनिक NATO समर्थित ताकतों का सामना कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद आगे बढ़ रहे हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध में जीत हासिल करने वाली पीढ़ी आज के सैनिकों को प्रेरणा दे रही है।  इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम की घोषणा की जानकारी दी. उन्होंने ने कहा कि वे इस युद्धविराम को और लंबे समय तक बढ़ते देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे विनाशकारी संघर्ष बन गया है. उनके मुताबिक हर महीने हजारों युवा सैनिक मारे जा रहे हैं।  रूस और यूक्रेन दोनों ने हाल के दिनों में एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने के आरोप लगाए थे, लेकिन शनिवार से शुरू हुए नए सीजफायर के उल्लंघन की कोई बड़ी रिपोर्ट सामने नहीं आई।  रूस ने यूक्रेन को चेतावनी दी थी कि अगर उसने विजय दिवस परेड को निशाना बनाया तो कीव पर बड़ा मिसाइल हमला किया जाएगा. मॉस्को ने विदेशी दूतावासों को भी सतर्क रहने को कहा था।  वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने व्यंग्यात्मक अंदाज में बयान जारी करते हुए कहा कि रूस की 9 मई की परेड 'होने दी जाएगी' और यूक्रेनी हथियार रेड स्कॉयर को निशाना नहीं बनाएंगे. परेड के दौरान मॉस्को में सुरक्षा बेहद कड़ी रही। शहर के कई रास्ते बंद किए गए और सड़कों पर भारी सुरक्षा बल तैनात रहे. रॉयटर्स की तस्वीरों में हथियारबंद सैनिक पिकअप ट्रकों पर तैनात दिखाई दिए।   सैन्य गतिविधियां रुकेंगी और कैदियों की अदला-बदली होगी रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 4 साल से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का सीजफायर होगा. यह युद्धविराम 9 मई, 10 मई और 11 मई तक लागू रहेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दोनों देशों ने तीन दिन के सीजफायर पर सहमति जताई है. ट्रंप ने बताया कि रूस में यह समय विक्ट्री डे के जश्न का है. वहीं यूक्रेन भी दूसरे विश्व युद्ध का एक अहम हिस्सा रहा है, इसलिए यह समय दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस सीजफायर के दौरान सभी तरह की सैन्य गतिविधियों को रोका जाएगा. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच 1,000 कैदियों की अदला-बदली भी की जाएगी।  ट्रंप ने पुतिन को कहा थैंक्यू ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह अनुरोध उन्होंने खुद किया था और इसके लिए उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की का धन्यवाद किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कदम लंबे समय से चल रहे इस खतरनाक युद्ध को खत्म करने की शुरुआत साबित हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा संघर्ष माना जा रहा है और इसे खत्म करने के लिए बातचीत लगातार जारी है. उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा कि शांति की दिशा में कोशिशें हर दिन आगे बढ़ रही हैं और दुनिया इस युद्ध के अंत के और करीब पहुंच रही है। 

तमिलनाडु राजनीति में बदलाव: वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से विजय की पार्टी मजबूत

तमिलनाडु तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय के मुख्यमंत्री बनने और सरकार गठन का रास्ता शनिवार को पूरी तरह साफ हो गया है. वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने उनकी पार्टी टीवीके (TVK) को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है. दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं. इससे पहले विजय लगातार तीन दिनों तक राज्यपाल से मुलाकात के बावजूद सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन नहीं दिखा पाए थे. अब वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन के बाद विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन हो गया है. इसके साथ ही चार दिनों से जारी राजनीतिक असमंजस खत्म हो गया. विजय की पार्टी टीवीके ने विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपने और सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से आज शाम 6 बजे मुलाकात का समय मांगा था. हालांकि, टीवीके को आज राज्यपाल से मिलने का समय नहीं मिला. इससे पहले विजय ने दो बार राज्यपाल से मुलाकात की थी. लेकिन बहुमत के लिए विधायकों की संख्या पूरी नहीं होने के चलते उन्हें राज्यपाल की ओर सरकार गठन का न्योता नहीं मिला था. तमिलनाडु में TVK बनी सबसे बड़ी पार्टी दो साल पुरानी विजय की टीवीके ने इस चुनाव में डीएमके और एआईएडीएमके जैसी द्रविड़ राजनीति के धुरंधरों को पीछे छोड़ते हुए 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की. हालांकि, विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक छोड़नी होगी, इसलिए पार्टी के विधायकों की वास्तविक संख्या 107 है. डीएमके साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं. त​मिलनाडु चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस डीएमके से अलग होकर, टीवीके को समर्थन देने वाली पहली पार्टी बनी थी. वामदलों ने भी अपने चार विधायकों के साथ विजय को समर्थन देने का ऐलान किया है. अब वीसीके और आईयूएमएल के जुड़ने से टीवीके बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है. बता दें कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है. विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन टीवीके के 107, कांग्रेस के 5, वामदलों के 4 और वीसीके-आईयूएमएल के 2-2 विधायकों के समर्थन से विजय के पास अब 120 विधायकों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े से 2 ज्यादा है. वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन इस बात से नाराज थे कि विजय ने व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बजाय व्हाट्सऐप संदेश के जरिए समर्थन मांगा था. आईयूएमएल ने भी शुरुआत में सख्त रुख अपनाते हुए खुद को डीएमके के साथ बताया था. लेकिन शनिवार सुबह टीवीके नेताओं की वीसीके और आईयूएमएल नेतृत्व से मुलाकात के बाद स्थिति बदल गई. वीसीके ने भले ही बिना शर्त समर्थन दिया हो, लेकिन पार्टी नेता वन्नी अरसु ने स्थानीय मीडिया से कहा कि सरकार में शामिल होने को लेकर फैसला बाद में लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी चाहती है कि विजय द्वारा खाली की जाने वाली सीट से थोल थिरुमावलवन चुनाव लड़ें और आगे चलकर उपमुख्यमंत्री बनें.