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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक: बिहार में महंगाई भत्ता बढ़ा, कई बड़े फैसले मंजूर

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अधयक्षता में बुधवार को बिहार कैबिनेट की अहम बैठक हुई है। सम्राट चौधरी कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगी है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट के लगभग सभी मंत्री मौजूद थे। करीब 40 मिनट तक यह बैठक चली है। सम्राट सरकार ने बिहार कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। बिहार में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढोतरी की गई है। राज्य सरकार बाजार से 72 हजार करोड़ का ऋण लेगी। सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत अब कर्मियों को 58% के बजाय 60% डीए मिलेगा। वहीं, छठे वेतनमान वालों का भत्ता 257% से बढ़ाकर 262% और पांचवें वेतनमान वालों का 474% से बढ़ाकर 483% कर दिया गया है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू होगी। कैबिनेट के बैठक में वित्त विभाग से जुड़े कुछ अन्य एजेंडों पर भी मुहर लगाई गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार द्वारा 64,141.2820 करोड़ रुपये बाजार ऋण सहित कुल 72,901.3907 करोड़ रुपये के ऋण उगाही को स्वीकृति प्रदान की गई है। कैबिनेट की बैठक में बिहार के 05 जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिले में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के कुल 05 पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने से जुड़े कुछ अहम फैसले भी कैबिनेट की बैठक में लिए गए हैं। वैशाली जिले में 100 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी प्रदान की गई है। NIFTEM कैंपस की स्थापना से युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकि शिक्षा और कौशल हासिल होगी। औद्योगिक विकास की दिशा में पटना के बिहटा में डेयरी प्लांट को भी मंजूरी दी गई है। इलेक्ट्रिक वाहन योजना से प्रदूषण घटाने और रोजगार बढ़ाने पर जोर सरकार ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना को मंजूरी दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य वाहनजनित प्रदूषण कम करना और वर्ष 2030 तक नए वाहनों की कुल बिक्री में कम-से-कम 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। यह वैश्विक “ईवी 30एट30” अभियान को भी सहयोग देगा। सरकार का मानना है कि योजना से लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति स्वीकार्यता बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा उपलब्ध होगी और वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 में संशोधन राज्य सरकार ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 की कई धाराओं में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाणिज्यिक वाहन, दोपहिया तथा महिलाओं के लिए चारपहिया गैर-वाणिज्यिक वाहनों की खरीद और निबंधन पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, महिलाओं को इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। वहीं मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। चार्जिंग स्टेशन लगाने पर बढ़ी सहायता राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने कहा है कि अधिक संख्या में चार्जर लगाने पर बढ़ी हुई दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत भी अनुदान मिल सकेगा। इससे राज्य में चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होगा। बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को गति राज्य सरकार ने बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए “बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” के तहत सिंगापुर की संस्था “ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क” का चयन किया गया है। सरकार के अनुसार, इस संस्था की मदद से राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल विकास और नवाचार को मजबूत किया जाएगा। पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलेगा ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस और लाइनक्स फाउंडेशन के सहयोग से पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित सहित अन्य विषयों के सात हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्र शामिल होंगे। स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को मिलेगा तकनीकी मंच सरकार के अनुसार आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी नाम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक आधारित डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा। इससे 100 से अधिक स्टार्टअप को लाभ मिलेगा।इस मंच के जरिए उद्यमियों, छात्रों, शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों को एआई तथा मशीन लर्निंग आधारित तकनीकी सुविधाएं, डाटा पाइपलाइन, बड़े भाषा मॉडल गेटवे और क्लाउड आधारित विकास मंच उपलब्ध कराया जाएगा। वैश्विक मंचों पर बिहार को मिलेगी पहचान ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के 12 अंतरराष्ट्रीय मंचों के माध्यम से बिहार को वैश्विक निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और नीति निर्माताओं के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें सिंगापुर फिनटेक फेस्टिवल, प्वाइंट जीरो फोरम ज्यूरिख, ब्लैक स्वान सम्मेलन और बैंकॉक डिजिटल फाइनेंस फोरम जैसे बड़े आयोजन शामिल हैं।

बिहार कर्मचारियों का DA बढ़ा, 1 जनवरी 2026 से मिलेगा 60% महंगाई भत्ता

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार के कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इस बैठक में 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए इलेक्ट्राॅनिक कार से सचिवालय पहुंचे। वहीं कई मंत्रियों ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। कई मंत्री सिर्फ एक वाहन से सचिवालय पहुंचे। 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कैबिनेट की बैठक के बाद विभागीय सचिव ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से की गई है। फिलहाल कर्मचारियों को 58 फीसदी का महंगाई भत्ता मिलता है। इसे बढ़ाकर 60 फीसदी तक किया जा रहा है। इसके अलावा भी नौकरी और रोजगार को लेकर कैबिनेट की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य कर्मचारियों को 5 महीने का एरियर मिलेगा बिहार सरकार की ओर से राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से बढ़ोतरी की गई है, ऐसे में उन्हें पांच महीने का एरियर भी मिलेगा। कैबिनेट सचिव ने बताया कि सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को अब 58 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वहीं छठे केंद्रीय वेतनमान में वेतन-पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को1 जनवरी 2026 के प्रभाव से अब 257 प्रतिशत के स्थान पर 262 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। जबकि 5वें केंद्रीय वेतनमान में वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को भी 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से 474 महंगाई भत्ता के स्थान पर 483 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। किशनगंज में सीआईएसएफ ट्रेनिंग सेंटर के लिए 110.12 एकड़ जमीन कैबिनेट की बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में किशनगंज में सीआईएसएफ ट्रेनिंग सेंटर के लिए 110.12 एकड़ जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को निशुल्क ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई। 5 जिलों में ग्रामीण एसपी के पद का सृजन राज्य सरकार ने अपराध और सांप्रदायिक रूप से अत्यंत संवेदनशील पांच जिलों में ग्रामीण एसपी के पद सजृन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिला शामिल है। इसके अलावा तीन डिग्री काॅलेजों के लिए शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के 132 पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। शिक्षा क्षेत्र में सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत पिपरासी, भितहा और टेटिया बम्बर में तीन नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। बैठक में ‘द आर्यभट्ट दृष्टि’ परियोजना के लिए 209 करोड़ रुपये तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के लिए 110 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अलावा वैशाली में खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए भूमि हस्तांतरण और वित्तीय अनियमितता के आरोप में भोजपुर के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को बर्खास्त करने का निर्णय भी लिया गया।  

रमा निषाद बनीं बिहार सरकार की सबसे अमीर मंत्री, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

पटना बिहार सरकार के 10 मंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अधिक अमीर हैं। सीएम सहित 35 मंत्रियों में 32 करोड़पति हैं। केवल तीन ही मंत्री लखपति हैं। सबसे अधिक धनी भाजपा कोटे की पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद हैं जबकि सबसे कम संपत्ति वाले लोजपा आर कोटे के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास 6.38 करोड़ की संपत्ति है। महिला मंत्रियों की औसत संपत्ति पुरुष मंत्रियों से तीन गुना अधिक है। सरकार में पांच महिला मंत्री हैं। इनकी औसत संपत्ति 16 करोड़ से अधिक है। वहीं पुरुष मंत्रियों की औसत संपत्ति 4.68 करोड़ है। आंकड़ों के अनुसार, शीर्ष पांच स्थान पर रहे मंत्रियों के पास मंत्रिमंडल की कुल संपत्ति का 46 फीसदी है। सभी मंत्रियों की कुल संपत्ति 220.89 करोड़ है। पांच शीर्ष मंत्रियों के पास 102 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। जबकि पांच सबसे गरीब मंत्रियों के पास सिर्फ 3 करोड़ 63 लाख की संपत्ति है। रमा सबसे अमीर, श्वेता दूसरे स्थान पर सबसे अधिक अमीर मंत्री रमा निषाद के पास 31.86 करोड़ की संपत्ति है। दूसरे स्थान पर डॉ. श्वेता गुप्ता हैं, जिनके पास 29.24 करोड़ की संपत्ति है। तीसरे स्थान पर अशोक चौधरी हैं, जिनके पास 22.39 करोड़ की संपत्ति है। अन्य मंत्रियों में शीला कुमारी के पास 9.50 करोड़, डॉ. दिलीप जायसवाल के पास 9.33 करोड़, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के पास 9.25 करोड़, विजय कुमार सिन्हा के पास 8.81 करोड़, श्रेयसी सिंह की 7.62 करोड़ तो दामदोर रावत के पास 6.70 करोड़ की संपत्ति है। कुमार शैलेन्द्र के पास 6.68 करोड़ संपत्ति है।

बिहार सरकार का नया समीकरण: कैबिनेट विस्तार में युवाओं और नए चेहरों पर भरोसा

पटना बिहार कैबिनेट विस्तार में बीजेपी और जदयू ने नए चेहरों पर ज्यादा भरोसा जताया है। सम्राट मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ और पुराने मंत्रियों का प्रभाव कम हुआ है, जबकि पहली बार मंत्री बने नेताओं को अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी कोटे से मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। नीतीश सरकार में यह विभाग जदयू के पास था, लेकिन अब सम्राट सरकार में इसे बीजेपी को दिया गया है। मिथिलेश तिवारी पहली बार मंत्री बने हैं और उन्हें कैबिनेट के सबसे अहम विभागों में से एक सौंपा गया है। सम्राट कैबिनेट में नए चेहरों की एंट्री वहीं, पिछली सरकार में बीजेपी के पास रहा स्वास्थ्य विभाग इस बार जदयू को मिला है। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी पहली बार मंत्री बने निशांत कुमार को सौंपी गई है। इसी तरह जदयू विधायक डॉ. श्वेता गुप्ता को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वह पहली बार विधायक बनी हैं और पार्टी ने उन्हें बड़ा विभाग देकर भरोसा जताया है।   गोपालपुर से विधायक बुलो मंडल को भी पहली बार मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। उन्हें ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी मिली है। यह विभाग करीब तीन दशक तक बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास रहा था। इसके अलावा, बिहपुर से विधायक ई. शैलेन्द्र को पथ निर्माण विभाग सौंपा गया है। वहीं, श्रेयसी सिंह और लेशी सिंह का भी नए मंत्रिमंडल में कद बढ़ा है। कई पुराने नेताओं का घटा कद वहीं, नए मंत्रिमंडल में कई पुराने मंत्रियों का कद घटा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव लंबे समय से ऊर्जा विभाग संभाल रहे थे। नई सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया है, लेकिन ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी उनसे वापस ले ली गई है। इसी तरह, नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले अशोक चौधरी का भी नई सरकार में प्रभाव कम हुआ है। पहले उनके पास ग्रामीण कार्य विभाग जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय था, लेकिन अब उन्हें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार का भी नए मंत्रिमंडल में कद घटा है। सम्राट कैबिनेट में उन्हें ग्रामीण कार्य विभाग सौंपा गया है। पहले उनके पास 68,216 करोड़ रुपये के बजट वाला शिक्षा विभाग था, जबकि अब उन्हें करीब 11,312 करोड़ रुपये के बजट वाला विभाग मिला है। इसके अलावा, पूर्व समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, प्रमोद चंद्रवंशी, संजय टाइगर और रामकृपाल यादव के विभागों में भी बदलाव किया गया है, जिससे उनके राजनीतिक कद में कमी मानी जा रही है।

बिहार कैबिनेट विस्तार पर मंथन: सम्राट चौधरी की अमित शाह से अहम बैठक आज

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके इस दौरे को लेकर बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है और मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं। दिल्ली में अमित शाह से होगी मुलाकात दिल्ली पहुंचकर मुख्यमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार कैबिनेट विस्तार को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। रवाना होने से पहले नीतीश से मुलाकात दिल्ली जाने से पहले सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके सात सर्कुलर रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। कैबिनेट विस्तार पर बनी सहमति के संकेत सूत्रों के मुताबिक, जदयू कोटे के मंत्रियों के नाम पर इस मुलाकात में सहमति बन चुकी है। अब भाजपा कोटे के नामों पर दिल्ली में अंतिम चर्चा होने की संभावना है। दो-तीन दिनों में हो सकता है विस्तार राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री के पटना लौटने के बाद दो से तीन दिनों के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। इसको लेकर तैयारियां लगभग पूरी मानी जा रही हैं। जदयू और भाजपा से नए चेहरे संभव बताया जा रहा है कि जदयू कोटे से तीन नए मंत्री शामिल हो सकते हैं, जबकि कई पुराने चेहरों की वापसी भी संभव है। भाजपा की ओर से भी कुछ नए नामों को मौका मिलने की चर्चा है। सहयोगी दलों की भूमिका भी अहम एनडीए के अन्य घटक दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलेगा। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के कोटे से मंत्री के नाम पर भी जल्द फैसला हो सकता है। राजनीतिक पारा चढ़ा, सबकी नजर फैसले पर मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बाद बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नई कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलती है।

बिहार कैबिनेट से वकीलों को तोहफा और कई विभागों में होंगी भर्तियां

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित संपन्न हो गई। नए साल 2026 में यह नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। सीएम नीतीश कुमार मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में अपने मंत्रियों के साथ बैठक की। इसमें 41 प्रस्ताव पर सीएम नीतीश ने स्वीकृति दी। सीएम नीतीश कुमार नए साल पर जनता को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने कृषि जल संसाधन विभाग, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, शिक्षा विभाग, विधि विभाग समेत कई विभाग में नए पदों के सृजन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। बैठक में गया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) परियोजना को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए 220 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस योजना पर करीब 33.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण के लिए चिन्हित 50.0004 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके लिए 138.82 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। इसके अलावा, माननीय उच्च न्यायालय, पटना के लिए कोर्ट मैनेजर के पदों की स्वीकृति सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। अधिवक्ताओं से लेकर जेल सुरक्षा तक के फैसले कैबिनेट की बैठक में बिहार के विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से 30 करोड़ रुपये का अग्रिम देने को मंजूरी दी गई है। वहीं, पटना उच्च न्यायालय में चार विधि सहायकों के नए पद सृजित करने और 45 विधि लिपिकों का पदनाम बदलकर विधि सहायक करने का निर्णय लिया गया। तकनीकी शिक्षा को मजबूती देते हुए बगहा स्थित नए राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए 106 पदों के सृजन को हरी झंडी दी गई। जेलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए राज्य की 53 काराओं में 9,073 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने और 8 काराओं में पुराने सिस्टम के एकीकरण को मंजूरी दी गई, जिस पर करीब 155 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, सात निश्चय-3 कार्यक्रमों की निगरानी का दायित्व बिहार विकास मिशन को सौंपा गया है। राजवंशीनगर और शास्त्रीनगर के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने हेतु परामर्शी शुल्क को भी स्वीकृति दी गई। 16 जनवरी से सीएम निकलेंगे समृद्धि यात्रा पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकलने वाले हैं। यह यात्रा चार चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में मुख्यमंत्री 16 जनवरी को पश्चिमी चंपारण से दौरे की शुरुआत करेंगे। इसके बाद 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण, 19 जनवरी को सीतामढ़ी और शिवहर, 20 जनवरी को गोपालगंज, 21 जनवरी को सिवान, 22 जनवरी को सारण, 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली जिले का दौरा करेंगे। इन फैसलों पर भी मुहर लगाई झारखंड के साथ सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर एमओयू के लिए कैबिनेट में स्वीकृति मिली. 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल में से 5. 75 मिलियन एकड़ फीट बिहार को और 2 मिलियन एकड़ फीट झारखंड को पानी मिलेगा. दरभंगा हवाई अड्डा के पास लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब निर्माण के लिए 50 एकड़ भूमि अधिग्रहणकिए जाने के लिए 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति. बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को सहायता हेतु एक मोस्ट 30 करोड रुपए राशि दिए जाने की स्वीकृति. राज्य के 13 काराओं में नए सिरे से 9073 सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने की स्वीकृति दी गई. इसमें 155 करोड़ 38 लाख 36 हजार 153 रुपए की राशि खर्च होगी. रोहतास में लगेगी सीमेंट फैक्ट्री बिहार कैबिनेट बैठक में रोहतास वालों के लिए खुशखबरी है. रोहतास में सीमेंट फैक्ट्री लगेगी. इसके लिए 107 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई. डालमिया सीमेंट लिमिटेड बंजारी रोहतास का विस्तार होगा. 594 कुशल एवं और कुशल कामगारों का नियोजन होगा. राजवंशी नगर और शास्त्री नगर पटना में आवासीय एवं गैर आवासीय रूप में पुनर्विकास हेतु मास्टर प्लान निर्माण के लिए परामर्शी को एक करोड़ 59 लाख ₹30000 भुगतान की स्वीकृति.                          जानिए, नई सरकार में क्या-क्या हुआ? पहली कैबिनेट बैठक- 25 नवंबर 2025 नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। नौकरी-रोजगार पर फोकस। बंद पड़ी सरकारी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की मंजूरी। दूसरी कैबिनेट बैठक- 9 दिसंबर 2025 एक करोड़ नौकरी/रोजगार का लक्ष्य पूरा करने के लिए तीन नए विभागों का गठन को मंजूरी दी गई। सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते में सीधे 5% की वृद्धि को मंजूरी दी। रोजगार, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना एजेंडों पर प्रस्तावों पर मुहर लगाई। तीसरी कैबिनेट बैठक- 15 दिसंबर 2025 सीएम नीतीश कुमार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट सात निश्चय योजना 3.0 को मंजूरी दी। सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया। इसके अलावा उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी फोकर रखा गया

बिहार कैबिनेट में विभागों का फेरबदल: नितिन नवीन का मंत्रालय अब किसके हिस्से—विजय सिन्हा या दिलीप जायसवाल?

पटना बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने बिहार सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद खाली हुए दो विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। पथ निर्माण विभाग का जिम्मा दिलीप जायसवाल को दिया गया है। जबकि नगर विकास विभाग डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को सौंपा गया है। नीतीश सरकार में जायसवाल के पास अब दो विभागों की जिम्मेदारी हो गई है। पहले से उनके पास उद्योग विभाग है। वहीं डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के पास भी तीन विभाग हो गए हैं। पहले से उनके पास भूमि एवं राजस्व विभाग और खनन विभाग का चार्ज है। अब नगर विकास का भी जिम्मा मिल गया है। आपको बता दें नितिन नवीन ने मंगलवार को बिहार सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। उनके पास दो विभागों का चार्ज था, जिसमें पथ निर्माण विभाग और नगर विकास विभाग शामिल था। नितिन नवीन बीजेपी कोटे से नीतीश सरकार में मंत्री थे। जिसके चलते उनके इस्तीफे के बाद उनके दोनों विभाग भाजपा कोटे ही दो मंत्रियों को मिले हैं। नितिन नवीन ने सोमवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें कुर्सी पर बिठाया था। इस दौरान भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों ने उन्हें बधाई दी।  

नीतीश कुमार आज 10वीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री, 20 मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी होगा; बीजेपी के नाम तय

पटना  पटना में सियासी हलचल तेज है. बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. कल दोपहर बाद एनडीए की बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगेगी. शाम में राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने को आमंत्रित करेंगे. 20 नवंबर को 20 मंत्रियों के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. यह शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा. नीतीश कुमार की नयर कैबिनेट में बीजेपी और जेडीयू के साथ-साथ एनडीए के तमाम सहयोगी दलों के विधायकों को जगह मिलने की संभावना है. सहयोगी दलों को भी मिलेगी जगह अब तक की जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार अपने साथ करीब 20 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायेंगे. इनमें जदयू से आठ, भाजपा से आठ, लोजपा से दो, हम से एक और रालोमो से एक विधायक शामिल हैं. जदयू में अधिकतर पुराने चेहरों को जगह दिये जाने की सूचना है. भाजपा अपने कई चेहरों को बदल रही है. भाजपा एक ओर जहां अनुभव को जगह दे रही है तो दूसरी ओर उसका युवा और महिला पर भी फोकस है. भाजपा कोटे से जिन नामों पर चर्चा है, उनमें सम्राट चौधरी, नितिन नवीन, विजय कुमार सिन्हा और नीतीश मिश्रा शामिल हैं. वहीं जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र यादव और श्रवण कुमार जैसे दिग्गजों को मंत्री पद मिल सकता है. यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल सत्ता समीकरण को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी एनडीए को गति देने वाला माना जा रहा है. भाजपा की संभावित सूची सम्राट चौधरी विजय कुमार सिन्हा प्रेम कुमार कृष्ण कुमार ऋषि राम कृपाल यादव संगीता कुमारी अरूण शंकर प्रसाद मिथिलेश तिवारी नीतिन नवीन वीरेंद्र कुमार रमा निषाद मनोज शर्मा कृष्ण कुमार मंटू शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी समेत ये बड़े नेता होंगे शामिल 20 नवंबर को नीतीश कुमार एक बार फिर सीएम पद की शपथ लेंगे. जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मध्यप्रदेश के मोहन यादव, राजस्थान के भजन लाल शर्मा और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं को शामिल होने के लिए बुलाया गया है. इसके अलावा पद्म पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को भी निमंत्रण भेजा गया है. बीजेपी कोटे के संभावित मंत्री नीतीश कुमार की नयी कैबिनेट में भाजपा की ओर से नये पुराने नामों को जगह देने की बात चल रही है. भाजपा की ओर से दो डिप्टी सीएम बनाये जायेंगे. सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को एक बार फिर यह जिम्मेदारी सौंपने की बात कही जा रही है. इसके अलावा नीतिश मिश्रा और नीतिन नवीन का मंत्री बनना भी लगभग तय हो चुका है. भाजपा कोटे से 8 मंत्रियों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं. इनमें प्रेम कुमार, रामकृपाल और रमा निषाद के नाम प्रमुख हैं. इसके अलावा मिथिलेश तिवारी और कृष्ण कुमार ऋषि के नाम की भी चर्चा चल रही है. जदयू कोटे के संभावित मंत्री जदयू की ओर से अधिकतर पुराने चेहरे ही कैबिनेअ में नजर आयेंगे. जदयू से विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार और विजेंद्र यादव के नाम तय माने जा रहे हैं. इसके अलावा शीला मंडल और लेशी सिंह का मंत्री बनना भी तय माना जा रहा है. नीतीश कुमार इस बार अपनी कैबिनेट में श्याम रजक को जगह दे सकते हैं. इसके अलावा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नाम की भी चर्चा चल रही है. अल्पसंख्यक से जमा खान के मंत्री बनने की बात कही जा रही है. नीतीश कुमार की इस कैबिनेट में जदयू का फोकस मुख्य रूप से अनुभव और युवा के समन्वय पर रहेगा. नयी कैबिनेट में सभी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को भी देखे जाने की बात कही जा रही है. शपथ के लिए गांधी मैदान में दो विशाल मंच तैयार, लग्जरी होटलों में 250 से अधिक कमरे बुक, राजभवन में स्पेशल दावत बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. गुरुवार को नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. पटना के गांधी मैदान में इस ऐतिहासिक पल को भव्य तरीके से आयोजित किया जा रहा है. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. यह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि NDA का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. तीन लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने की तैयारी गांधी मैदान में 3 लाख से ज्यादा लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जदयू, भाजपा, रालोमो, लोजपा (R) और हम के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी गई है. हर विधायक को अपने इलाके से कम से कम 5 हजार लोगों को पटना लाने का टारगेट मिला है. पूरा मैदान बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा के लिहाज से कई सेक्टरों में बांटा गया है. SPG ने संभाली सुरक्षा, 2500 जवान तैनात प्रधानमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए गांधी मैदान की सुरक्षा SPG के हवाले की गई है. 250 से अधिक मजिस्ट्रेट, 250 पुलिस अधिकारी और 2500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं. मैदान के चारों ओर ऊंची इमारतों पर स्नाइपरों की तैनाती और हर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं.  128 CCTV कैमरों में खराब पड़े आधे कैमरों को दुरुस्त कर दिया गया है. 61 स्थिर, 22 PTZ और 45 एनालिटिकल कैमरों की मदद से मैदान की पल-पल की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. इसके अलावा 24 घंटे ड्रोन कैमरों से निगरानी हो रही है. दो मंच तैयार- एक पर नेताओं की मौजूदगी, दूसरे पर अतिथियों की व्यवस्था शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान में दो मंच बनाए जा रहे हैं. मुख्य मंच तैयार हो चुका है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेंगे. इसी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और भाजपा व NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठेंगे. मुख्य मंच के बगल में विशेष अतिथियों के लिए दूसरा मंच बनाया जा रहा है. दोनों मंचों पर लगभग 150-150 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. योगी आदित्यनाथ सहित कई … Read more