samacharsecretary.com

तमिलनाडु राजनीति में बड़ा उलटफेर: फ्लोर टेस्ट से पहले विजय सरकार को AIADMK बागियों और AMMK का समर्थन

चेन्नई तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. अब सीएम विजय की पार्टी टीवीके को दो और पार्टियों का समर्थन मिल गया है. तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से ठीक एक दिन पहले AIADMK और AMMK के एक विधायक टीवीके को सपोर्ट देने की बात कही। AIADMK के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम के नेतृत्व में पार्टी के 30 विधायकों ने TVK को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. वहीं, टीटीवी दिनाकरण की पार्टी AMMK के विधायक कामराज ने भी कहा है कि वो विजय सरकार को समर्थन देंगे। मुख्यमंत्री विजय को बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है. टीवीके ने (107 सीटें) कांग्रेस की 5 सीटों, वामपंथी दलों की दो-दो सीटों, वीसीके और मुस्लिम लीग की दो-दो सीटों के सहयोग से सरकार बनाई है. अब AIADMK के 30 विधायकों के साथ आने से विजय सरकार को मजबूती मिल गई है और ये पूरी तरह सुरक्षित नजर आ रही है। AIADMK में दो फाड़? टीवीके को समर्थन देने को लेकर सीवी शनमुगम ने बताया कि उनका इरादा पार्टी को तोड़ने का नहीं है, बल्कि वो 'जनता के जनादेश' का सम्मान कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'जनता ने विजय को मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दिया है, और हम उस जनादेश का सम्मान करते हैं। बता दें कि हालिया चुनावों में AIADMK को सिर्फ 47 सीटें मिली थीं. अब 30 विधायकों के टीवीके को सहयोग देने के बाद पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी के पास सिर्फ 17 विधायक रह गए हैं. शनमुगम ने  बताया कि विधायकों ने एस.पी. वेलुमणि को विधायक दल का नेता और जी. हरि को उपनेता चुना है। डीएमके के साथ जाने के प्रस्ताव का विरोध शनमुगम ने बताया कि EPS गुट DMK के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने कहा, 'AIADMK की स्थापना ही DMK जैसी बुरी शक्ति को खत्म करने के लिए हुई थी. अगर हम DMK के साथ हाथ मिलाते, तो हमारी पार्टी खत्म हो जाती. हमारे विधायक और कार्यकर्ता इसके सख्त खिलाफ हैं।

TVK सपोर्टर ने किया आत्मदहन, विजय हुए लाचार; तमिलनाडु में मंडरा रहा बड़ा संकट

चेन्नई  तमिलनाडु में अभी तक सरकार के गठन का रास्ता साफ नहीं हो पाया है. टीवीके भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से 10 कदम की दूरी उसकी सत्ता बनाने की राह में सबसे बड़ी रोड़ा बन रही है. स्पष्ट बहुमत और अभी तक अन्य दलों के स्पष्ट समर्थन न मिल पाने के कारण सरकार नहीं बन पा रही है।  लिहाजा शनिवार को होने वाला थलपति विजय का संभावित शपथ ग्रहण कैंसिल हो गया है. उधर राज्य में सरकार न बन पाने की स्थिति में विजय के समर्थकों में रोष भी देखा जाने लगा है. शनिवार को सामने आया कि एक समर्थक ने खुद को आग लगा ली, जिसे गंभीर रूप से झुलसे के बाद अस्पताल ले जाया गया है।  विजय के सीएम बनने में देरी से नाराज था युवक असल में, तमिलनाडु में सरकार गठन में हो रही देरी के बीच टीवीके प्रमुख C. Joseph Vijay के एक समर्थक ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली. करीब 40 वर्षीय इसक्कियप्पन गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने में हो रही देरी से वह बेहद नाराज और भावुक थे. जानकारी के मुताबिक, चार महीने पहले भी इसक्कियप्पन ने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए अपने चेहरे में 16 फीट लंबा ‘वेल’ (भाला) आर-पार किया था।  तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बढ़ते तनाव के बीच तमिलिसाई सौंदराराजन ने टीवीके प्रमुख थलपति विजय से शांति बनाए रखने की अपील करने को कहा है. तमिलिसाई ने कहा कि तमिलनाडु में हर व्यक्ति नई सरकार के गठन को लेकर भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और लोग यह भी चाहते हैं कि बनने वाली सरकार स्थिर हो. उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान किया जा रहा है और इसी वजह से सरकार गठन के लिए कई मौके दिए जा रहे हैं।  वल्लियूर में भी एक युवक ने की आत्मदाह की कोशिश हालांकि उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर कई कार्यकर्ता भावनात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जो चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि वीसीके कार्यालय के बाहर एक युवक पर ब्लेड से हमला किया गया, जबकि वल्लियूर में एक अन्य व्यक्ति ने आत्मदाह की कोशिश की और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।  तमिलिसाई ने विजय से अपील करते हुए कहा कि वह तुरंत अपने समर्थकों और उन्हें वोट देने वाले लोगों के नाम शांति बनाए रखने का संदेश जारी करें और किसी भी खतरनाक कदम से बचने की सलाह दें।  थलापति विजय हुए लाचार, मंडरा रहा यह बड़ा खतरा! तमिलनाडु में जिसका डर है, वही होता दिख रहा है. तमिलनाडु चुनाव में रिजल्ट त्रिशंकु रहा. किसी को बहुमत नहीं मिला. न तो डीएमके-एआईडीएमके और न ही टीवीके. हालांकि, थलापति विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, मगर बहुमत से दूर रह गई. ऐसे में तमिलनाडु में सरकार गठन का पेच फंस गया है. यह पेच भी ऐसा है, जो सुलझता दिख नहीं रहा है. आलम यह है कि थलापति विजय लाचार दिख रहे हैं. महज एक-दो विधायकों की कमी से वह सरकार नहीं बना पा रहे हैं. राज्यपाल साफ कर चुके हैं कि जब तक बहुमत का नंबर नहीं होगा, तब तक सरकार गठन का न्योता नहीं मिलेगा. ऐसे में तमिलनाडु में संवैधानिक खतरा मंडरा रहा है।  दरअसल, तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी घमासान अब और गहरा गया है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि सरकार गठन को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है. आरोप-प्रत्यारोप, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त, फर्जी समर्थन पत्र और ‘लापता’ विधायकों के दावों ने राज्य की राजनीति को बेहद पेचीदा बना दिया है. सबके मन में राष्ट्रपति शासन वाला डर सता रहा है. थलापति विजय तो बड़ी जीत के बाद भी सरकार बनाने को तरस रहे हैं।  मंडरा रहा बड़ा संवैधानिक खतरा बहरहाल, तमिलनाडु की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि अगली सरकार कौन बनाएगा. सरकार की तस्वीर अगर 48 घंटे में साफ नहीं होती है तो तमिलनाडु की तकदीर में कुछ और हो सकता है. जी हां, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ कर दिया है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का समर्थन साबित किए बिना किसी भी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा।  किसके पास कितनी सीटें 23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया।  कौन-कौन कर रहा समर्थन बाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है।   

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश मंत्री विजय शाह को फटकारा, कहा- ‘बस बहुत हो गया, आदेश मानें’

भोपाल   मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में अभियोजन स्वीकृति देने में हो रही देरी को लेकर मध्यप्रदेश सरकार को फटकार लगाई है और कड़े शब्दों में कहा है कि यह सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। बस बहुत हुआ, अब हमारे आदेश का पालन कीजिए। 'बस बहुत हो गया, अब हमारे आदेश का पालन करें' शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) द्वारा अभियोजन की मंजूरी के लिए भेजा गया प्रस्ताव दो सप्ताह पहले ही निपटाया जाना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT ने मामले की जांच की थी और मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी थी। इसके बाद CJI सूर्य कांत ने कहा, 'बस बहुत हो गया, अब हमारे आदेश का पालन करें, सबसे पहले माफी मांगनी चाहिए थी। यह तब हुआ जब हमने स्वतः संज्ञान लिया। इस मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करें।' कोर्ट की तरफ से यह टिप्पणी तब की गई, जब सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि मंत्री पर मुकदमा चलाने की मंजूरी पर फैसला अभी लंबित है। मंत्री को इस तरह के कमेंट करने की आदत है- सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंत्री विजय शाह का बचाव करते हुए कहा कि शायद उनके बयान को गलत समझा गया है वो महिला अधिकारी की प्रशंसा करना चाहते थे। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण नहीं बल्कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक राजनेता के तौर पर उन्हें ये अच्छे से पता है कि महिला अधिकारी की तारीफ कैसे की जाती है। इसके साथ ही कोर्ट ने एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए ये भी कहा कि मंत्री को इस तरह के कमेंट्स करने की आदत है। मंत्री विजय शाह ने ये कहा था.. पिछले साल भारत के द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस ऑपरेशन की मीडिया ब्रीफिंग की थी। इस के बाद मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कहा था- 'जिन्होंने हमारी बेटियों को विधवा किया, हमने उन्हें सबक सिखाने के लिए उनकी ही एक बहन को भेजा।' मंत्री विजय शाह के इस बयान को कर्नल कुरैशी के धर्म से जोड़कर देखा गया और हर तरफ इसकी निंदा हुई थी। यहां ये भी बता दें कि मंत्री विजय शाह इससे पहले भी विवादित और आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। विजय शाह के विवादित बयान     साल 2013 के विधानसभा चुनावों से पहले विजय शाह ने तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी और ये मामला गर्माने और विवाद बढ़ने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था।     सितंबर 2022 में राहुल गांधी के अविवाहित होने के पर भी उन्होंने विवादित टिप्पणी की थी। तब उन्होंने कहा था कि 50-55 साल की उम्र में भी शादी न हो तो लोग पूछने लगते हैं लड़के में कुछ कमी है क्या?     साल 2023 में बालाघाट में फिल्म शूटिंग के दौरान मंत्री विजय शाह ने अभिनेत्री विद्या बालन से रात में मिलने की इच्छा जताई थी जिस पर विद्या बालन ने आपत्ति की तो विजय शाह ने वन विभाग के जरिए फिल्म की शूटिंग रुकवा दी थी और तब ये मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था।

विजय मेवाड़ा के हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग, परिजनों और हिंदू संगठनों ने निकाला कैंडल मा

भोपाल  राजधानी के अशोका गार्डन इलाके में होटल संचालक विजय मेवाड़ा की हत्या के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फांसी की मांग को लेकर हिंदूवादी संगठनों,  परिजनों और क्षेत्रीय नागरिकों ने रविवार को एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। हजारों की संख्या में लोग इस मार्च में शामिल हुए। विजय मेवाड़ के हत्यारों को फांसी की सजा देने मांग करते हुए नारे लगाए। कैंडल मार्च में शामिल हुए मंत्री सारंग यह कैंडल मार्च नेहरू स्कूल चौराहे से शुरू होकर प्रभात चौराहे तक पहुंचा और फिर वापस नेहरू स्कूल चौराहे पर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मृतक विजय मेवाड़ा को श्रद्धांजलि दी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। मार्च में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी शामिल हुए। उनके साथ हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। आरोपियों ने चाकू से कर दिया था हमला गौरतलब है कि 30 मार्च को अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में प्रभात पेट्रोल पंप के पास 35 वर्षीय विजय मेवाड़ा पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। वह अपनी चाय होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने जा रहे थे, तभी मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम, फरमान उर्फ आरिस और मोहम्मद इमरान उर्फ ब्रावो ने विवाद के बाद उन पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल विजय ने हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फरमान और इमरान को पहले ही पकड़ लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम फरार था, जिस पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। मुख्य आरोपी का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आसिफ रातीबड़ क्षेत्र में छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची और गिरफ्तार कर वापस ला रही थी, तभी आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आसिफ के पैर में गोली लग गई। उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अवैध हथियार भी बरामद  पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अब तक 9 आपराधिक मामले सामने आए हैं और उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आरोपी के पास से अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसे हथियार कहां से मिले और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। हिंदूवादी संगठन सड़कों पर उतरे इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इससे पहले अशोका गार्डन थाने पर हनुमान चालीसा पाठ और चक्काजाम भी किया गया था। वहीं, सकल हिंदू समाज ने एनएसए लगाने, बुलडोजर कार्रवाई और आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। इलाके में अब भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास हुए पूर्ण

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में  6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण चालू वित्तीय वर्ष में देश में सर्वाधिक आवास निर्माण प्रदेश में योजना आरंभ से एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास निर्माण आवास से बदली तस्वीर: 9 हजार से ज्यादा महिलाएं बनीं “लखपति दीदी” तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही का मॉडल बना छत्तीसगढ़ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण आवास निर्माण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए हैं। यह इस वर्ष देश में सर्वाधिक आवास निर्माण का आंकड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के सशक्त एवं समन्वित क्रियान्वयन से यह उपलब्धि संभव हो पाई है। इससे प्रदेश आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभरा है। “सबको आवास” के लक्ष्य को तेजी से साकार करने के लिए वर्तमान सरकार के प्रथम कैबिनेट निर्णय में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। वर्तमान में , सर्वे सूची में शामिल सभी पात्र हितग्राहियों को कवर कर लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 5.87 लाख, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत 13 हजार तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 हजार से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं। योजनाओं के प्रभावी समन्वय से 6 लाख से अधिक आवासों का लक्ष्य पार किया गया है। यह उपलब्धि वर्ष 2016 में योजना प्रारंभ होने के बाद *प्रदेश में किसी एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास पूर्ण होने का रिकॉर्ड है, *जो तेज क्रियान्वयन और प्रभावी मॉनिटरिंग को दर्शाता है। आवास निर्माण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई गति आई है। “डीलर दीदी” मॉडल के तहत 9 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सदस्य आवास निर्माण की सामग्री आपूर्ति कर  “लखपति दीदी” बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। इसके साथ ही हजारों महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं। साथ ही, 6 हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें 1200 से अधिक “रानी मिस्त्री” शामिल हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी इस पहल से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्रदान किए गए हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए टोल-फ्री नंबर 18002331290 संचालित है। पिछले 10 महीनों में इस पर 1500 से अधिक शिकायतें एवं सुझाव प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया है। हर माह की 7 तारीख को सभी ग्राम पंचायतों में “आवास दिवस” के माध्यम से जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।इसके साथ-साथ ग्राम पंचायत स्तर पर क्यू आर कोड आधारित सूचना प्रणाली से जानकारी सहज उपलब्ध हो रही है । छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन , समावेशी विकास एवं पारदर्शिता की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में स्थापित हो रहा है।

किसानों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर काम कर रही है: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार– उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने ग्राम बद्दो में किया भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का भूमिपूजन 11.49 करोड़ रुपए की नहर परियोजना से 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ 770 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, किसानों की आय में होगी वृद्धि रायपुर  चैत्र नवरात्रि पंचमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत वनांचल ग्राम बद्दो में किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 11.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 6 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नन्द श्रीवास, राम किंकर वर्मा, लोकचंद साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।      इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तार से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नहर से खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा और खेती में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 770 हेक्टेयर जमीन को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल अच्छी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना है जिससे किसानों का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इस बड़ी परियोजना की शुरुआत यह दर्शाती है कि वर्तमान सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी विकास की योजनाएं पहुंचे और वहां के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।      उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तारीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं तभी समय पर और बेहतर तरीके से पूरी हो पाती हैं, जब स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह नहर उनके ही हित में बनाई जा रही है। सभी गांवों के किसानों की सहभागिता और सहयोग से ही इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जब जनभागीदारी के साथ विकास कार्य होते हैं, तो उनका लाभ भी लंबे समय तक और प्रभावी रूप से मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। योजना से बहुउद्देशीय लाभ        इस योजना से 635 हे. क्षेत्र में सिंचाई की कमी की पूर्ति सहित 770 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई होगी। असिंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर कृषि भूमि की दरों में उन्नयन होगा। नहरों के सर्विस बैंक निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, सिंचाई सुविधा मिलने से किसान अब एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह योजना क्षेत्र के किसानों के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी साबित होगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।  योजना से लाभन्वित ग्राम परियोजना के पूर्ण होने पर बाघुटोला, लाटा, खिरसाली, बद्दो, रघ्घुपारा एवं छपरी सहित कुल 6 ग्रामों के किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में खरीफ सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे इन गांवों के किसानों को समय पर पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मुकेश मल्होत्रा रहेंगे विजयपुर विधायक, राज्यसभा चुनाव में नहीं होगा वोट

श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. इस सीट को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा की विधायकी को बरकरार रखते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने उपचुनाव में दूसरे नंबर पर रहे रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था. विधायक बने रहेंगे मल्होत्रा हाईकोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित कर रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था. इसके बाद मुकेश मल्होत्रा ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर अपील के लिए समय मांगा था. इसके बाद हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि मुकेश मल्होत्रा के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए 15 दिन का समय है. मुकेश मल्होत्रा को विधायकी बचाने के लिए 20 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट से स्टे लाना होगा. अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है तो मुकेश मल्होत्रा विधायक बने रहेंगे.  सुप्रीम कोर्ट में मुकेश मल्होत्रा का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने दलीलें पेश कीं, जिसके बाद अदालत ने मल्होत्रा को राहत दी। सुप्रीम कोर्ट की दो प्रमुख शर्तें जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की डबल बेंच ने मुकेश मल्होत्रा को विधायक के रूप में जारी रखने की अनुमति तो दी है, लेकिन अंतिम फैसला आने तक ये पाबंदियां भी लगाई हैं… वोटिंग राइट नहीं: मुकेश मल्होत्रा फिलहाल राज्यसभा के लिए मतदान नहीं कर सकेंगे। ऐसे में अब मुकेश जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए वोट नहीं डाल पाएंगे। वेतन पर रोक: जब तक कोर्ट इस मामले में अपना अंतिम निर्णय नहीं सुना देता, तब तक उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन और भत्ते नहीं दिए जाएंगे। हालांकि, उन्हें विधायक निधि मिलेगी या नहीं…यह अभी साफ नहीं हुआ है। वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने बताया कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। मुकेश और रामनिवास दोनों ने बदली थी पार्टी पूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था। दरअसल, विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के 70 हजार से ज्यादा वोट हैं। कांग्रेस ने आदिवासी वोटों को ध्यान में रखकर मुकेश को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था।

बीजेपी का थलापति विजय को बड़ा ऑफर: डिप्टी CM का पद और 80 सीटें

 चेन्नई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) और BJP के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने विजय को गठबंधन में शामिल होने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया है. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने विजय की पार्टी को 80 सीटें देने की पेशकश की है. इसके साथ ही बीजेपी ने विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विजय मुख्यमंत्री पद चाहते हैं और इसकी वजह से बातचीत में पेंच फंसा रहा है। मध्यस्थता करवा रही बीजेपी! बीजेपी विजय को एनडीए के साथ जोड़ने के लिए कई रास्तों का इस्तेमाल कर रही है. बताया जा रहा है कि वो एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री के जरिए इस बातचीत में मध्यस्थता करवा रही है. बीजेपी की विजय में दिलचस्पी का सबसे बड़ा कारण उनकी विशाल फैन फॉलोइंग है। क्यों विजय का साथ चाहती है बीजेपी? बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि तमिलनाडु के कड़े मुकाबलों में महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी जीत की दिशा बदल सकता है. राज्य के चुनावी इतिहास में कई बार बहुत कम मार्जिन से जीत-हार का फैसला हुआ है, ऐसे में विजय का समर्थन बीजेपी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। विजय की पार्टी के सलाहकार क्या कहते हैं? दूसरी ओर, बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की खबरों ने विजय के करीबी सलाहकारों के बीच चिंता बढ़ा दी है. उनके कुछ सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से पार्टी की 'स्वतंत्र छवि' को नुकसान पहुंच सकता है. विजय ने अपनी पार्टी को राज्य में एक 'तीसरे विकल्प' के रूप में पेश किया है। सलाहकारों को डर है कि एनडीए में शामिल होने से उनकी पार्टी की साख और वह नैरेटिव कमजोर हो सकता है, जिसके दम पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा है।

विजय शर्मा के मंत्रालयों का बजट मंजूर, पंचायत और ग्रामीण विकास से लेकर विज्ञान प्रौद्योगिकी तक

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हज़ार 560 करोड़ रुपए प्रावधानित रायपुर, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनते ही हमने आवासहीन लोगों को प्रतिबद्घ होकर प्रथम बैठक में 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गयी थी। 2 वर्षों में एसईसीसी 2011 एवं आवास प्लस-2018 की सूची के सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट  विधानसभा में पारित किया गया l          विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत 33 हजार 255 परिवारों को आवास स्वीकृति दी जा चुकी है एवं 19 हजार 199 आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित पात्र परिवारों को पीएम आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत आवास लाभ प्रदान किए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा 15 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।        मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 38 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है एवं 15 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके है। सरकार गठन उपरांत राशि  400 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान भी किया गया, यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि कोई भी परिवार आवासहीन न रहे।       भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय से पीएमजी एसवाई 4 के तहत 774 सड़कों द्वारा 781 बसाहटे लाभान्वित होंगी। जिसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2237.97 करोड़ रुपए एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों के नागरिक सूचना पटल पर QR कोड आधरित सूचना स्वप्रकटीकरण बोर्ड लगाकर सड़कों की समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।     मंत्री  शर्मा ने बताया कि इस बजट में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 4000 करोड़ रुपए एवं  प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना हेतु 4265.00 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु बजट प्रावधान 850 करोड़ रुपए किया गया है। ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान हेतु 8.75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।  ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के लिए 144 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।      गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए मुख्य बजट में राजस्व व्यय मद अंतर्गत 7130.48 करोड़ रुपए एवं पूंजीगत परिव्यय मद अंतर्गत 590.53 करोड़ रुपए कुल 7721.01 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पुनर्वास करने वाले वामपंथी उग्रवादी नक्सली कैडर को केन्द्रीय पुनर्वास नीति के तहत् उनके प्रतिस्थापन एवं पुनर्वास के लिये फिक्स डिपाजिट एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिये राशि रूपये 38 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में वर्तमान में हो रहे आधुनिक किस्म के अपराध एवं साइबर अपराध के मामलों की गहन अनुसंधान एवं रोकथाम हेतु पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में आधुनिक आई.टी. सेंटर खोले जाने हेतु 06 नवीन पद तथा जिला बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सक्ती, बलरामपुर में कुल 05 साइबर थाना के गठन हेतु 50 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। सरकार द्वारा जिला रायपुर के नगरीय क्षेत्रों में लागू किये गये पुलिस आयुक्त प्रणाली का सुचारू एवं कुशलतापूर्णक संचालन हेतु कुल 67 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक से नवीन पुलिस जिला रायपुर ग्रामीण के रूप में संचालन हेतु कुल 251 नवीन पदों का प्रावधान किया गया हैं। इसी प्रकार राज्य के 06 नवगठित जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा एवं मुंगेली में पुलिस के महत्त्वपूर्ण कार्य हेतु डीसीबी, डीसीआरबी के 156 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।         प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों के लिए 15 नवीन पुलिस थाना की स्थापना हेतु कुल 975 नवीन पदों एवं 08 पुलिस चौकी को पुलिस थाना में उन्नयन किये जाने हेतु 337 नवीन पद, अत्यधिक कम बल स्वीकृत वाले 21 पुलिस थानों में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 870 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।         प्रदेश में पुलिस प्रशासन को सुदृढ़ किये जाने हेतु नवीन पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर एवं राजनांदगांव तथा पुलिस उप महानिरीक्षक रायगढ़ रेंज कार्यालय के लिए कुल 41 नवीन पद तथा प्रदेश के विभिन्न पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में अनुसचिवीय बल के कुल 110 अतिरिक्त नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। शासकीय रेल पुलिस रायपुर के थाना/चौकी एवं लाईन में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 150 अतिरिक्त नवीन पदों सहित, जगदलपुर हवाई पट्टी की सुरक्षा हेतु हेतु 40. न्यू स्टेट हैंगर माना रायपुर की सुरक्षा हेतु 40 नवीन पद का प्रावधान किया गया है। राजभवन की सुरक्षा, मुख्यमंत्री निवास सुरक्षा एवं मंत्रालय की सुरक्षा हेतु 250 अतिरिक्त नवीन पद, छसबल की वाहिनियों के अकुशल ट्रेडमेन संवर्ग के 400 नवीन पद, बस्तर फाईटर बल में अतिरिक्त बलवृद्धि (आरक्षक) हेतु 1500 नवीन पद, विशेष आसूचना शाखा मुख्यालय के लिए अनुसचिवीय संवर्ग के 24 नवीन पद, एटीएस विशेष शाखा में आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ता हेतु 325 नवीन पद, प्रदेश के विभिन्न छसबल वाहिनीयों में श्वान दल हेतु 83 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।      मंत्री   शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 440 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 01 नवीन भारत रक्षित वाहिनी के गठन हेतु 1007 नवीन पद, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का 01 बटालियन गठन किये जाने हेतु 500 नवीन पद. जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन हेतु 100 नवीन पद, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय अंतर्गत एस०ओ०जी० (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन हेतु 44 नवीन पद सहित थाना एवं चौकियों की संख्या में वृद्धि करते हुये कुल 5421 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। सरकार द्वारा विशेष पुलिस बल अंतर्गत … Read more

थलापति विजय का परिवार टूटने की कगार पर, पत्नी ने तलाक की अर्जी दी

मुंबई  साउथ के सुपरस्टार रहे विजय, जिन्हें थलपति विजय के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर चर्चा में हैं. खबर है कि तमिलागा वेट्री कजम नाम की पार्टी के मुखिया विजय की पत्नी संगीता ने उनसे तलाक लेने का फैसला लिया है. उन्होंने तलाक की अर्जी कोर्ट में डाल दी है. जानकारी के मुताबिक, संगीता सोरनलिंगम ने विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 27(1)(a) के तहत तलाक की अर्जी दायर की है. विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 27(1)(a) के अनुसार, पति या पत्नी में से कोई भी जिला न्यायालय में तलाक के लिए याचिका प्रस्तुत कर सकता है. इसका आधार प्रतिवादी के शादी के बाद अपनी पत्नी या पति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के साथ स्वेच्छा से सेक्शुअल रिश्ता रखना है. यह एडल्टरी पर आधारित तलाक का आधार है. यह प्रावधान दोनों पक्षों, पति या पत्नी के लिए समान रूप से लागू होता है और याचिका अधिनियम के अन्य प्रावधानों और नियमों के अधीन रहकर दायर की जाती है. कब और कहां मिले थे संगीता और विजय कथित तौर पर विजय अपने जीवन के प्यार और अपनी पत्नी संगीता से फिल्म 'पूवे उनक्कागा' की रिलीज के बाद मिले। वह विजय की बहुत बड़ी फैन थीं और ब्रिटेन से चेन्नई में उससे मिलने आई थीं। बिगिल स्टार बहुत इंप्रेस हुईं। वास्तव में, उन्होंने उन्हें अगले दिन अपने घर आने और उनके परिवार से मिलने के लिए भी कहा। जल्द ही, उनमें एक-दूसरे के लिए भावनाएं आईं और उनके माता-पिता भी सहमत हो गए। कपल 25 अगस्त 1999 को शादी के बंधन में बंधे। उन्होंने हिंदू और ईसाई दोनों परंपराओं में शादी की। विजय और संगीता ने अपनी शादी के एक साल बाद अपने पहले बच्चे जेसन संजय का स्वागत किया और सितंबर 2005 में उन्हें एक बेटी दिव्या साशा का आशीर्वाद मिला। विजय और संगीता की लव स्टोरी साल 1996 में चेन्नई में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान विजय की मुलाकात संगीता से हुए थी। संगीता सुपरस्टार विजय की बहुत बड़ी फैन थी। जो लंदन से सिर्फ विजय से मिलने के लिए चेन्नई आई थीं। संगीता श्रीलंकन तमिल हैं और उनके पिता एक बड़े बिजनेसमैन थे। ऐसे में जब दोनों सितारों की पहली मुलाकात हुई तो ये दोस्ती में बदल गई। बाद में साल 1999 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए थे। इस कपल के दो बच्चे हैं एक बेटा जेसन और बेटी दिव्या। ये जोड़ा अपनी लाइफ में खुश है ।