samacharsecretary.com

झारसुगुड़ा दौरे पर पीएम मोदी, 27 सितंबर को युवाओं से करेंगे संवाद

झारसुगुड़ा (ओडिशा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को ओडिशा के झारसुगुड़ा दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे। साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। संबलपुर के राजस्व प्रभागीय आयुक्त (आरडीसी) सचिन रामचंद्र जाधव ने पीएम मोदी के दौरे के बारे में जानकारी दी। दरअसल, पीएम मोदी का यह दौरा मूल रूप से ब्रह्मपुर में होना था, लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश की संभावना के कारण इस कार्यक्रम को झारसुगुड़ा में स्थानांतरित कर दिया गया। कार्यक्रम का नया स्थान झारसुगुड़ा का अमलीपल्ली मैदान होगा। संबलपुर के राजस्व प्रभागीय आयुक्त (आरडीसी) सचिन रामचंद्र जाधव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 27 सितंबर को झारसुगुड़ा में एक भव्य आयोजन किया जाएगा। हमें जानकारी मिली है कि इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी शामिल होंगे और वे युवाओं को संबोधित भी करेंगे। उन्होंने कहा, “ये कार्यक्रम झारसुगुड़ा के अमलीपल्ली मैदान में आयोजित होगा। पीएम मोदी इस अवसर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। हमें परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से संबंधित सूचना के जल्द मिलने की उम्मीद है, जिसे मीडिया के साथ साझा किया जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।” मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बड़ी संख्या में युवाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरे के दौरान वे रेलवे पर विशेष जोर देते हुए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं की कुल लागत 1,700 करोड़ रुपए से अधिक है, जो क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी सुधारने और अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित हैं। यह दौरा देशव्यापी ‘सेवा पर्व’ पहल का हिस्सा है। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस उच्च स्तरीय आयोजन के लिए जोरदार तैयारियां शुरू कर चुकी हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की

धान उत्पादक किसानों को दीपावली से पहले ही बोनस के रूप में दिया तोहफा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की किसानों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश बनेगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 245 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण बालाघाट जिले के 4000 से अधिक युवाओं को दिए नियुक्ति-पत्र कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल और कटंगी-सिवनी राजमार्ग पर बनेगा नया सेतु हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में किया जाएगा प्रोन्नत नेशनल पार्क से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने कराई जाएगी सोलर फेंसिंग राजीव सागर परियोजना से नहलेसरा बांध के इंटरलिंक के लिए कराया जाएगा परीक्षण जंगली जानवरों के हमले में 5 मृतकों के परिजन को दिए जाएंगे 17-17 लाख रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटंगी में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में हुए शामिल   बालाघाट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाताओं की खुशहाली में ही हम सबकी खुशहाली है। अन्नदाताओं की आर्थिक मजबूती ही देश और प्रदेश के विकास और समृद्धि का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों के सभी हितों का विशेष ध्यान रखा है। हमारी विकास नीतियों के मूल में किसान ही हैं। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के लिए हम मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। किसानों को उनके हर वाजिब हक के साथ-साथ हमारी सरकार किसान सम्मान निधि भी दे रही है। यह निधि किसानों के प्रति हमारे सम्मान की अभिव्यक्ति है। किसानों के कल्याण और इनकी समृद्धि के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बालाघाट जिले के कटंगी तहसील मुख्यालय में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 6 लाख 69 हजार 272 धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ 12 लाख रुपये की प्रोत्साहन (बोनस) राशि सिंगल क्लिक से उनके बैंक खातों में अंतरित की। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार अधिकतम 10 हजार रूपये की बोनस राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में करीब 245 करोड़ रुपये की लागत वाले 78 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इसमें 39 करोड़ रूपए लागत से बालाघाट में सरेखा आर.ओ.बी. एवं परसवाड़ा में 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण भी शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित ग्रामों के 850 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इन सभी युवाओं को गृह विभाग के विशेष सहयोगी दस्ते में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में हुए रोजगार महोत्सव के जरिए चुने गए 3700 से अधिक युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नियुक्ति पत्र भी दिए। इन चयनितों में लगभग 1000 युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु की निजी कंपनियों में नियुक्ति दी जा रही है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल किसानों की समृद्धि, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसरों से भरपूर है। किसान और युवा विकास के सेतु की तरह हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार इन दोनों के परिश्रम और असीम ऊर्जा को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के आशीर्वाद से ही किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं और सोयाबीन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट जिले के जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर का चावल और जैविक गुड़ भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने दी अनेक सौगातें किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल बनाया जाएगा। हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में प्रोन्नत किया जाएगा। कटंगी से सिवनी राजमार्ग पर नया सेतु बनाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की बड़ी समस्या का निदान करते हुए कहा कि पेंच नेशनल पार्क की परिधि क्षेत्र से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चारों ओर सोलर फेंसिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजीव सागर सिंचाई परियोजना से नहलेसरा बांध को इंटरलिंक कराने के लिए परीक्षण कराकर कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले क्षेत्र के 5 मृतकों स्व.  सुखराम, स्व.  प्रकाश, स्व.  अनिल, स्व.  मंगरू एवं स्व.  सेवकराम के परिजनों को मुआवजे की शेष राशि के रूप में 17-17 लाख रूपए देने की घोषणा की। इन सभी मृतकों के परिजन को 25-25 लाख रुपए मुआवजा मिलना था इसमें से 8-8 लाख रूपए परिजनों को पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चंद्रघंटा के साथ ज्वाला मैया का आशीर्वाद भी कटंगी में मिला है। बालाघाट ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है और आज विकास की अहम धुरी बन चुका है। यहां के किसानों और जवानों ने अपने परिश्रम से क्षेत्र का माहौल ही बदल दिया है। यहां के जीआई टैग वाले चिन्नौर के चावल की खुशबू दूर-दूर तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बालाघाट के कुछ युवा पथ भ्रमित हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट के 850 जवानों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। अब यहीं के युवा यहीं पर प्रशिक्षण लेकर अपने गांव, कस्बे, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। किसानों को सम्मान निधि के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों से किया वादा भी निभाया है। रक्षाबंधन पर उन्हें 1500 रुपए दिए, अब दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रुपए देंगे। हम धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3000 रुपए कर देंगे। गौमाता को संरक्षण और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य … Read more

ICC की चौखट पर पहुंचा IND vs PAK विवाद, रऊफ-फरहान-SKY सबकी होगी सुनवाई

नई दिल्ली एश‍िया कप 2025 में भारत और पाक‍िस्तान के बीच तल्खी का दौर जारी है. भारत के ख‍िलाफ सुपर-4 मुकाबले में गन सेल‍िब्रेशन करने वाले साह‍िबाजादा फरहान के ख‍िलाफ ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) में BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने श‍िकायत की है. वहीं पाकिस्तानी गेंदबाज हार‍िस रऊफ भी इसमें शाम‍िल हैं . रऊफ ने भी मैच के दौरान उकसाने वाले इशारे किए थे. जिसकी वजह से BCCI ने उनकी भी श‍िकायत की. वहीं पाक‍िस्तान भी म‍िनम‍िनाता हुआ ICC के दरबार में पहुंच गया है, उसने भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को लेकर व‍िरोध दर्ज कराया है.  दरअसल, BCCI  ने रऊफ और साहिबजादा के खिलाफ आईसीसी से शिकायत की है. वहीं PCB ने सूर्या के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है. भारत ने पिछले रविवार को एशिया कप सुपर 4 मैच के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेटरों हारिस रऊफ और साहिबजादा फरहान के भड़काऊ हावभाव के लिए आईसीसी से आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है.  सूत्रों के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और बल्लेबाज साहिबजादा फरहान के खिलाफ आईसीसी (ICC) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. यह शिकायत दोनों खिलाड़ियों के कथित उकसाने वाले इशारों (provocative gestures) को लेकर है, जो उन्होंने पिछले रविवार को हुए सुपर-4 मुकाबले के दौरान किए थे. जानकारी के मुताबिक, BCCI ने बुधवार को यह शिकायत ईमेल के जर‍िए दर्ज कराई है. अगर रऊफ और फरहान लिखित में इन आरोपों से इनकार करते हैं, तो उन्हें ICC एलीट पैनल रेफरी रिची रिचर्डसन के सामने पेश होकर सुनवाई का सामना करना पड़ सकता है. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भी पलटवार करते हुए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया है. PCB का आरोप है कि सूर्या ने मैच के दौरान ऐसा बर्ताव किया जो "स्पोर्ट्समैनशिप" के खिलाफ था. अब देखना दिलचस्प होगा कि ICC इस मामले में क्या रुख अपनाती है, क्योंकि दोनों देशों के बोर्डों के बीच यह विवाद अब गंभीर मोड़ लेता दिख रहा है. PCB ने सूर्या की श‍िकायत  BCCI की श‍िकायत पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव  के खिलाफ श‍िकायत की है. सूर्या ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना जताते हुए और ऑपरेशन 'सिंदूर' में शामिल भारतीय सशस्त्र बलों को जीत समर्पित करते हुए बयान दिया था. उनका यह बयान 14 सितंबर के मैच के बाद आया था. PCB का आरोप है कि सूर्या की टिप्पणी "पॉल‍िट‍िकल" है. हालांकि, यह देखना बाकी है कि PCB ने शिकायत सात दिन की निर्धारित समय सीमा में दर्ज करवाई है या नहीं.  रऊफ और साहिबजादा ने किए घट‍िया इशारे  सुपर-4 में 21 सितंबर के मैच के दौरान रऊफ ने ऐसा इशारा किया, जिससे लगता था जैसे किसी विमान को गिराया जा रहा हो, ताकि भारत की सैन्य कार्रवाई का मजाक उड़ाया जा सके. यह उस समय हुआ जब भारतीय फैन्स उनको देखकर "कोहली, कोहली" के नारे लगा रहे थे. 2022 टी20 वर्ल्ड कप में विराट कोहली ने रऊफ की गेंदों पर दो छक्के लगाए थे. मैच के दौरान रऊफ ने भारतीय ओपनर शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा को गालियां भी दीं, जिसका दोनों ने बल्ले से जवाब दिया. वहीं साहिबजादा फरहान ने भी अर्धशतक पूरा करने के बाद "गन फायरिंग" वाला सेल‍िब्रेशन किया. उन्होंने बल्ले को मशीनगन बनाकर अपने अर्धशतक का जश्न मनाया था. इसे  लेकर वो खूब ट्रोल हुए थे.  साहिबजादा फरहान ने बाद में कहा, "वो जश्न उस वक्त अचानक दिमाग में आ गया था. मैं आम तौर पर ज्यादा सेलिब्रेशन नहीं करता. मैंने सोचा आज कुछ अलग करें. मैंने वो किया, अब लोग इसे कैसे लेंगे, मुझे फर्क नहीं पड़ता." अब कुल म‍िलाकर दोनों ही खिलाड़ियों को ICC सुनवाई में अपने इशारों की सफाई देनी होगी, और अगर वे पैनल को संतुष्ट नहीं कर पाए, तो उन्हें आचार संहिता के तहत सजा का सामना करना पड़ सकता है. नकवी ने शेयर किया 'CR7' वीडियो वहीं एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने बुधवार को 'X' (पूर्व ट्विटर) पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का एक स्लो-मोशन वीडियो पोस्ट किया. इसमें रोनाल्डो ऐसा इशारा करते दिख रहे हैं जैसे कोई विमान अचानक गिर गया हो. ठीक वैसा ही जैसा रऊफ ने मैच के दौरान किया था. नकवी PCB के चेयरमैन होने के साथ-साथ अपने देश के गृह मंत्री भी हैं, अक्सर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देते रहते हैं. हालांकि वीडियो में रोनाल्डो शायद यह दिखा रहे थे कि उनका फ्री-किक कैसे डिप होकर गोल में गया. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत की टीम, जो अब एशिया कप फाइनल में पहुंच चुकी है, ACC चेयरमैन के साथ मंच साझा करेगी या नहीं. यह मामला BCCI और ICC दोनों के उच्च अधिकारियों की नजर में है. आने वाले समय में ही पता चलेगा कि नकवी के खिलाफ कोई एक्शन होगा या नहीं… 

मध्यप्रदेश के बाघ अब राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के जंगलों में रौनक बढ़ाएंगे

भोपाल  टाइगर स्टेट का गौरव हासिल कर चुके मध्यप्रदेश के बाघ अब पड़ोसी राज्यों के जंगलों की शोभा बढ़ाएंगे। बांधवगढ़, कान्हा और पन्ना टाइगर रिजर्व से बाघों का ट्रांसलोकेशन राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में किया जाएगा। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के निर्देश पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। खर्च संबंधित राज्य उठाएंगे। कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) के क्षेत्र संचालक रविंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि कान्हा से से दो बाघों का ट्रांसलोकेशन होना है। अन्य नेशनल पार्क से भी बाघ भेजे जाएंगे। इसकी तैयारियां शुरू की जा रही है। कान्हा के बाघ कहां भेजे जाएंगे यह आने वाले एक दो दिन में तय हो जाएगा। अक्टूबर में होगा प्रशिक्षण बाघों के नए ठिकाने वाले टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को अक्टूबर में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें बाघों की देखभाल, ट्रैकिंग और संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद बाघों को सीसीटीवी युक्त विशेष ट्रक से भेजा जाएगा। ट्रक के साथ पशु चिकित्सक और अन्य विशेषज्ञ भी रहेंगे। रास्ते में भोजन, पानी और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था रहेगी। छत्तीसगढ़ को सबसे ज्यादा बाघ मप्र से राजस्थान को 3 छत्तीसगढ़ को 4 और ओडिशा को 3 बाघ भेजे जाएंगे। इनमें नर-मादा की जोड़ियां भी शामिल हैं। वर्तमान में मप्र में 785 बाघ हैं। संख्या के लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा टाइगर स्टेट है। बाघों की बढ़ती संख्या से टेरेटरी को लेकर आपसी संघर्ष बढ़ रहे हैं। मप्र के अलग-अलग टाइगर रिजर्व से कम घनत्व वाले क्षेत्रों में बाघों को भेजा जाएगा। कान्हा से ट्रांसलोकेशन के लिए दो बाघ तैयार रखने को कहा गया है। वे कहां जाएंगे, यह दो दिन बाद तय होगा।- रविंद्रमणि त्रिपाठी, क्षेत्र संचालक, कान्हा टाइगर रिजर्व

बचत और स्वच्छ ऊर्जा के लिए एमपी सरकार ने दिया निर्देश, हर शहर में सोलर प्लांट होंगे स्थापित

भोपाल   प्रदेश में नगरीय निकायों के अनावश्यक खर्चों को कम करने के लिए अब नगरीय विकास विभाग नकेल कसने की तैयारी में है। सभी निकायों को मितव्ययिता अपनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनावश्यक खर्च रोकने के लिए सभी निकायों का अब एनर्जी ऑडिट भी होगा। इसमें आवश्यक लोड के अनुसार ही कनेक्शन लिया जाएगा। सभी निकायों के अस्थायी बिजली कनेक्शन भी बंद कराए जा रहे हैं। इनके स्थान पर सोलर पावर प्लांट(Solar Plant) लगेंगे, जिससे बिजली व्यय कम हो सके। इसके अलावा डीजल वाहनों की बजाय अब इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदे जाएंगे। निकायों को राजस्व वसूली बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे साल भर में होने वाली बचत नगर में जनता से जुड़े हुए विकास संबंधी कामों में खर्च होगी। हर निकायों में लगेंगे सोलर प्लांट हर नगरीय निकाय को सोलर पॉवर प्लांट(Solar Plant) लगाने के लिए निर्देश दिए हैं। जिन निकायों में स्थान उपलब्ध है वे अपने यहां यह प्लांट लगा सकते हैं। जिनके पास जमीन उपलब्ध नहीं है वे प्रदेश में अन्य स्थानों पर यह प्लांट लगा सकते हैं। भोपाल निगम ने नीमच में सोलर प्लांट लगाया है। वहां जितनी बिजली बनेगी उतनी यहां नगर निगम को बिल में छूट मिलेगी। इससे बिजली बिल काफी कम होगा। कचरा वाहन भी ईवी होंगे विभाग ने तय किया है कि अब निकायों में जो नए वाहन खरीदे जाएंगे वे ईवी ही होंगे। फिलहाल डीजल वाहनों का संचालन बंद नहीं किया जाएगा। लेकिन एक बार डीजल वाहन खटारा होने के बाद उसकी जगह दूसरा डीजल वाहन नहीं खरीदा जाएगा। उसकी जगह इलेक्ट्रिक वाहन लेंगे। कचरा परिवहन के लिए जो वाहन उपयोग किए जाएंगे वे भी ईवी ही होंगे। इसके लिए चार्जिंग पॉइंट की भी व्यवस्था की जाएगी। 15000 करोड़ बचत का अनुमान नगरीय विकास विभाग ने छोटे-छोटे बचत के उपायों को प्रभावी करने की योजना बनाई है। विभाग का अनुमान है कि सिर्फ फिजूलखर्ची पर रोक लगा कर ही प्रदेश की निकायों में 15 हजार करोड़ रुपए की बचत होगी। महापौरों ने रखी सुरक्षा और वित्तीय मांगें  मंत्रालय में हुई बैठक में नगर निगमों के महापौरों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के बाद बढ़ते खतरों को देखते हुए गनमैन की तत्काल मांग की। महापौरों ने कहा कि पिछली बैठक में सुरक्षा का आश्वासन मिला था, पर अब तक व्यवस्था नहीं हुई। साथ ही सरकारी जमीन निगमों के नाम दर्ज करने की मांग की ताकि विकास कार्य सुचारू हो सकें। महापौरों ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि सीधे उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि वे बिजली बिल स्वयं चुका सकें। इंदौर महापौर ने अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही, वहीं भोपाल महापौर ने विसर्जन घाटों सहित कई जगहों पर निगम के नाम जमीन न होने से जनसुविधाएं प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि निगम खर्च कम करें और शुल्क बढ़ाने जैसे सख्त फैसले लेकर राजस्व बढ़ाएं। एसीएस संजय दुबे ने संपत्ति किराए की दरें बढ़ाने, सोलर प्लांट लगाने और खर्चों की समीक्षा कर आय-व्यय संतुलन सुधारने के सुझाव दिए। कहा, बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की समीक्षा कर इनमें कमी की जा सकती है। सोलर प्लांट से बिजली बिल कम किया जा सकता है। बीते वर्ष चुंगी क्षतिपूर्ति से चुकाए बिजली के 60 करोड़ रुपए बता दें, प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा पेयजल, स्ट्रीट लाइट आदि के लिए विद्युत वितरण कंपनियों से बिजली की आपूर्ति की जाती है, लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा रहवासियों से शुल्क की वसूली में कमी आई है। इसलिए बिल नहीं चुका पाते। इसे देखते हुए वर्ष 2024 में नगरीय विकास विभाग ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से लगभग 60 करोड़ बिजली बिल चुकाने के लिए जारी किए थे। प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, कटनी, सागर, सतना, देवास, खंडवा और रतलाम के निकायों के बिजली बिल एक करोड़ रुपए से अधिक थे। सोलर प्लांट लगने के बाद बिजली बिलों में जरूर राहत मिलेगी।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों में कड़ा प्रतिबंध, जुर्माना भी लगाया जाएगा

 भोपाल  अब मध्य प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित कर दिया गया है। एक अक्टूबर से इन्हें खोला जाएगा और इसके साथ ही प्रतिबंध लागू हो जाएगा। वन विभाग इनका कड़ाई से पालन भी करवाएगा। उल्लंघन करने पर 500 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक अर्थदंड का भी प्रविधान किया गया है। बता दें कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क प्रबंधन बायोडिग्रेडिबल पदार्थ से बनी पानी की बोतल सशुल्क उपलब्ध कराएगा। कपड़े के बैग पर्यटकों को सशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यटक पार्क में प्लास्टिक बैग न लाएं। कपड़े के बैग स्व-सहायता समूह के सदस्यों से तैयार करवाए जाएंगे। इस तरह ईको (पर्यावरण हितैषी) पर्यटन से स्थानीय समुदाय की आजीविका के अवसर विकसित करने का प्रयास भी होगा। इससे उनकी वनों पर उनकी निर्भरता कम होगी और वनों का संरक्षण भी हो सकेगा। स्थानीय समुदाय के लोगों में क्षमता विकास एवं कौशल उन्नयन के लिए गाइड प्रशिक्षण, अतिथि सत्कार, खानसामा और अनुभूति प्रेरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। प्रयास होगा कि ईको पर्यटन से प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जाए और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ के अवसर प्रदान किए जा सकें। गाइड के कौशल का होगा मूल्यांकन इसके अलावा, राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों और अभयारण्यों में गाइड के कौशल का मूल्यांकन हर वर्ष किया जाएगा। अपेक्षित मापदंडों के नीचे वाले गाइड को रोस्टर से हटा दिया जाएगा। एक अक्टूबर से गाइड का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अब वनों में वाहन से एक राउंड के भ्रमण पर पर्यटकों को जी-वन श्रेणी के गाइड को 600 रुपये की जगह एक हजार रुपये तथा जी-टू श्रेणी के गाइड को 480 रुपये के स्थान पर 800 रुपये देने होंगे। प्रदेश में नौ टाइगर रिजर्व     कान्हा टाइगर रिजर्व     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व     सतपुड़ा टाइगर रिजर्व     पेंच टाइगर रिजर्व     पन्ना टाइगर रिजर्व     रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व     संजय दुबरी टाइगर रिजर्व     डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी) टाइगर रिजर्व     माधव टाइगर रिजर्व ये राष्ट्रीय उद्यान भी हैं। इसके अलावा दो अन्य राष्ट्रीय उद्यान यानी कुल 11 हैं। प्रदेश में 26 अभयारण्य हैं।     सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सिंगल यूज प्लास्टिक पहले से ही प्रतिबंधित है। अन्य टाइगर रिजर्वों और राष्ट्रीय उद्यानों में भी अब इसे प्रतिबंधित किया गया है। इसका और अधिक कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।     -एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी), वन विभाग, मध्य प्रदेश यह होता है सिंगल यूज प्लास्टिक यह प्लास्टिक सिर्फ एक बार इस्तेमाल करके फेंक दिया जाता है। जैसे पालीथीन बैग, प्लास्टिक स्ट्रा, कटोरी, प्लेट, कप, चम्मच, कैंडी, चाकलेट, चिप्स के रैपर आदि। इसे दोबारा उपयोग में लाना कठिन या असंभव होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक बना रहता है। मिट्टी, पानी, जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।  

पुतिन की नीति ने पलटा खेल, रूस को हुआ आर्थिक लाभ – ट्रंप रह गए पीछे

नई दिल्ली  यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के दबाव में अमेरिका और यूरोप लगातार रूस पर नए-नए प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो यहां तक कह चुके हैं कि यूरोपीय संघ पूरी तरह से रूसी तेल खरीदना बंद करे. लेकिन उनकी ये चाल कामयाब नहीं हो पाई. इसके उलट, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐसा खेल रचा कि देश का खजाना कच्चे तेल की कमाई से भर गया. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस का समुद्री कच्चा तेल निर्यात 21 सितंबर तक के 28 दिनों में औसतन 36.2 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया. यह मई 2024 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है. यानी पश्चिमी देशों की सख्ती और लगातार हमलों के बावजूद रूस ने तेल बेचने का नया रिकॉर्ड बना डाला. यूक्रेन की तरफ से किए गए ड्रोन हमलों ने रूस की कई तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचाया. इसके कारण उत्पादन घटकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन से नीचे चला गया, जो अप्रैल 2022 के बाद का सबसे कम स्तर है. जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के अनुमान के अनुसार, अगस्त और सितंबर में रूस सामान्य रूप से 54 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का प्रोसेस करता था. यूक्रेनी ड्रोन हमलों का शोर ज्‍यादा, असर कम यूक्रेन द्वारा रूस की रिफाइनरियों और अन्‍य रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन हमले में बड़े नुकसान के दावे किए गए हैं. लेकिन, असल में उतनी हानि हुई नहीं है. रूस ने पिछले हफ्ते बाल्टिक पोर्ट प्रिमोर्स्क से रिकॉर्ड 12 टैंकर कच्चा तेल लेकर निकले. यह दिखाता है कि पंपिंग स्टेशनों पर हमलों के बावजूद रूस की सप्लाई लाइन मजबूत बनी हुई है. बंदरगाहों पर मौजूद स्टोरेज टैंकों ने भी काम आसान कर दिया. पंप स्टेशनों की मरम्मत होने तक इन टैंकों से तेल की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रही. रूस ने अपनी रणनीति में भी बदलाव किया. रिफाइनिंग कम होने के बाद भी रूस ने कच्चे तेल को घरेलू खपत में लगाने के बजाय सीधे निर्यात टर्मिनलों पर भेज दिया. इससे विदेशों में कच्चे तेल की आपूर्ति और बढ़ गई और रूस की जेब भी भर गई. यूरोपीय संघ की दुविधा यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए रूस पर नए प्रतिबंधों की संभावना अभी दूर दिखती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि आगे कोई नया कदम तभी उठाया जाएगा जब यूरोपीय संघ पूरी तरह रूसी तेल की खरीद बंद करे. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दबाव बना रहे हैं कि यूरोपीय संघ पूरी तरह से रूसी तेल खरीद बंद करे. लेकिन ऐसा होना अभी मुश्किल है. हंगरी और स्लोवाकिया जैसे देश रूस के तेल पर निर्भर हैं और वे इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. इसी कारण यूरोपीय संघ प्रतिबंध लगाने के बजाय अब टैरिफ जैसे व्यापारिक उपायों पर विचार कर रहा है. यह भी पुतिन के लिए राहत की बात है क्योंकि इसका असर सीमित होगा.

Deendayal Ladli Lado Yojana: महिलाओं को आर्थिक सहारा, योजना पोर्टल आज होगा लॉन्च, ₹2100 प्रतिमाह की मदद

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी आज  दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का शुभारंभ करेंगे, जिसके लिए पंचकूला में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी है। कल सीएम लाडो लक्ष्मी योजना से संबंधित पोर्टल लांच करेंगे, जिसके बाद 2100 रुपए की राशि के लिए आवेदन प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। हरियाणा दिवस पर एक नवंबर को महिलाओं को खाते में पहली बार 2100 रुपए आएंगे। इसके बाद हर माह 2100 रुपए आते रहेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रीजत को छोड़कर बाकी सभी मंत्रियों की योजना लांच करने के लिए ड्यूटी अलग-अलग जिलों में लगाई गई है। शुरुआत में एक लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की की महिलाओं को मिलेगा लाभ प्रदेश सरकार पहले चरण में एक लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ देगी, लेकिन सरकार भविष्य में इस योजना के तीन चरण और लांच करने पर विचार कर रही है। सरकार की योजना पांच लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ देने की है। पहले चरण में 23 से 60 साल उम्र की कुल 20 लाख 97 हजार 256 महिलाओं को 2100 रुपए मासिक भत्ता देने की योजना है। इनमें विवाहित महिलाओं की संख्या 18 लाख 14 हजार 621 है, जबकि अविवाहित महिलाओं की संख्या 2 लाख 82 हजार 635 है। प्रदेश सरकार इस योजना के लिए धीरे-धीरे तीन चरण और जारी करने पर विचार कर रही है। दूसरे चरण में 1 लाख से 1 लाख 80 हजार रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में लाया जाएगा। लाडो लक्ष्मी योजना के तीसरे चरण में 1 लाख 80 हजार रुपए वार्षिक से 3 लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को 2100 रुपए मासिक देने की संभावना है। चौथे और अंतिम चरण में 3 लाख से 5 लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी सरकार लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में ला सकती है। लाडो लक्ष्मी योजना का चौथा चरण साल 2028-29 के आसपास आरंभ किया जा सकता है। तीन लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं की संख्या 46 लाख 62 हजार हैं, जिनमें से करीब 22 लाख महिलाओं को पहले चरण में 2100 रुपये मासिक दिए जाने वाले हैं। तीन से पांच लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं की संख्या करीब 7 लाख के आसपास बताई जाती है।

हरियाणा: 11 जिलों में खराब लिंगानुपात पर सख्ती, सरकार CMO पर ले सकती है एक्शन

चंडीगढ़  हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि लिंगानुपात सुधारने के मामले में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जिन जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सी.एम.ओ.) परफॉर्मेंस नहीं दिखा रहे, उनके खिलाफ । विभाग सख्त कार्रवाई करेगा और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने आज वर्चुअल माध्यम से राज्य टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने सभी सी.एम.ओ. को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में सक्रिय रहते हुए फील्ड स्तर पर निगरानी को और मजबूत करें। साथ ही मुख्यालय के अधिकारियों को भी आदेश दिए कि वे जिलों को पूरा सहयोग प्रदान करें और ठोस कदम उठाएं।  बैठक के दौरान बताया गया कि इस वर्ष 1 जनवरी से 22 सितम्बर तक राज्य का लिंगानुपात सुधर कर 907 हो गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 904 था। हालांकि जिलावार कुछ जिलों की परफॉर्मेंस नकारात्मक सामने आई है, इस सूची में प्रदेश के 11 जिले शामिल थे। इनमें चरखी दादरी, करनाल, सिरसा, हिसार, अंबाला, यमुनानगर, सोनीपत, कैथल, महेंद्रगढ़, भिवानी तथा पलवल शामिल है। इन जिलों में अन्य की तुलना में प्रदर्शन कमजोर पाया गया है और लिंगानुपात माइंस में है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इन जिलों के सी.एम.ओ. को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वे ठोस कार्ययोजना बनाकर जल्दसे जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं।   बैठक में कैथल जिले के मामले पर भी चर्चा हुई, जिसमें एक सरकारी फार्मासिस्ट द्वारा अवैध रूप से एम.टी. पी. किट बेचे जाने की शिकायत मिली थी। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने सख्त रुख अपनाते हुए कैथल सी. एम. ओ. से कार्रवाई रिपोर्ट लेते हुए निर्देश दिए कि फार्मासिस्ट को तत्काल निलंबित किया जाए और उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।  स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि रिवर्स ट्रैकिंग की प्रक्रिया को और तेज किया जाए। स्वस्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 11 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। बैठक में प्राइवेट चिकित्सकों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी ली गई। इसके साथ ही जिन जिलों के एस. एम. ओ. और सी.एम.ओ. अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं, उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाए (डी.जी.एच.एस.) डा. मनीष बंसल, डा. कुलदीप सिंह, राज्य टास्क फोर्स के कन्वीनर डा. वीरेंद्र यादव सहित कई अधिकारी शामिल थे

हरियाणा सरकार का नया फैसला: परिवार पहचान पत्र से जुड़ेगा अतिरिक्त डाटा, जानिए क्या होगा फायदा

चण्डीगढ़ हरियाणा में सरकार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके तहत अब परिवार पहचान पत्र धारकों का लैंड और टैक्स से जुड़ा डाटा सरकार की ओर से पीपीपी में जोड़ा जाएगा। सरकार के फैसले के तहत भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का डाटा, जिसमें आयकर रिटर्न, बैंक अकाउंट, स्रोत पर कर कटौती और अन्य वित्तीय लेनदेन का विवरण को शामिल किया जाएगा। अभी प्रत्येक परिवार पहचान पत्र केवल आधार और लाभार्थियों के मामले में एक ही बैंक खाते से जुड़ा है। दूसरे चरण में, इसका दायरा बढ़ाकर इसमें व्यापक दस्तावेज शामिल किए जाएंगे।   सीबीडीटी डेटाबेस को लिंक करने से अधिकारियों को फैमिली आईडी से जुड़े सभी बैंक खातों की जानकारी मिल सकेगी। इसी तरह, आईटीआर से किसी व्यक्ति या परिवार की वित्तीय स्थिति की गहरी जानकारी मिलेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी सहायता केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।  इसकी पुष्टि करते हुए, पीपीपी कार्यक्रम के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि योजना की उच्चतम स्तर पर समीक्षा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, राज्य भर में 76 लाख से ज्यादा परिवार पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 40 लाख से ज्यादा बीपीएल श्रेणी में आते हैं। खोला ने बताया, भूमि अभिलेखों और सीबीडीटी डेटा को पारिवारिक पहचान पत्रों के साथ एकीकृत करना कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब तक, आय और पात्रता का निर्धारण आय प्रमाण पत्र, आधार और सीमित सहायक दस्तावेजों के माध्यम से किया जाता रहा है।  सरकारी विभागों में पहले से ही डिजिटल अभिलेखों का विशाल भंडार मौजूद है। चरण-2 में अधिक सटीक और व्यापक आकलन के लिए इन डेटा सेट को एकीकृत करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-संचालित प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा।