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‘मेक इन इंडिया’ को नई रफ्तार, पीएम मोदी बोले – अब चिप से शिप तक सब भारत में बनेगा

नोएडा  पीएम मोदी ने नोएडा में इंडिया एक्सपो मार्ट में गुरुवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शुभारंभ किया। उन्होंने कारोबारियों से कहा कि हम चिप से शिप तक भारत में बनाना चाहते हैं। इसलिए अपना बिजनेस मॉडल ऐसा बनाइए जो आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देता हो। बदलती हुई दुनिया में जो देश जितना ज्यादा दूसरों पर निर्भर रहेगा, उसकी ग्रोथ उतनी ही कॉम्प्रोमाइज रहने वाली है। इसलिए भारत को किसी पर निर्भर रहना अब मंजूर नहीं है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना होगा। इससे पहले पीएम ने कारोबारियों से बात की। मोदी प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनके बेटे अर्जुन से भी मिले। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेड शो के उद्घाटन के दौरान कहा कि इस ट्रेड शो का लक्ष्य देश को आत्मनिर्भर बनाना है. ‘मेक इन इंडिया’ पर हमारा जोर है. हम किसी भी चीज को लेकर दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहते. चिप से शिप तक भारत में ही बनाना चाहते हैं. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं. पीएम ने बताया कि इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो में रूस भारत का साझेदार होगा. स्टॉल में लगेगा एक जिले का एक उत्पाद आयोजकों ने बताया कि हॉल नंबर-9 में सजने वाला एक जिला एक उत्पाद पवेलियन 343 स्टॉल हर जिले का एक फेमस उत्पाद पेश करेगा, जिसमें भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का ग्लासवर्क, मुरादाबाद का मेटलवेयर और सहारनपुर की नक्काशी जैसे उत्पाद शामिल होंगे, जो ‘लोकल से ग्लोबल’ बनने तक की यात्रा को नई दिशा देंगे. आयोजकों ने बताया कि यह पवेलियन न केवल शिल्प और हस्तकला को वैश्विक पहचान देगा, बल्कि स्टार्टअप, डिजाइनरों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए नेटवर्किंग, व्यापारिक सौदे और साझेदारी के अवसर भी खोलेगा. रूस होगा भागीदार देश इस ट्रेड शो में इस बार रूस बतौर भागीदार देश शामिल हो रहा है. 26 सितंबर को रूसइंडिया बिजनेस डायलॉग आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत और रूस के उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र और सरकारी नीति-निर्माताओं के लिए एक साझा मंच उपलब्ध होगा. यह मंच उत्तर प्रदेश के उद्योगों और कारोबारियों के लिए एक नया अवसर लेकर आएगा. हर संस्करण को मिली सफलता इस ट्रेड शो के पहले संस्करण का उद्घाटन 2023 में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने किया था. दूसरे संस्करण का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा किया गया. वहीं आज इस मेगा ट्रेड शो का तीसरा संस्करण आयोजित हुआ है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया. हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है – 'आत्मनिर्भर भारत' पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत 2047 तक विकसित होने की लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। दुनिया में हो रहे विघटन और अनिश्चितता के बावजूद, भारत की वृद्धि आकर्षक है। विघटन हमें गुमराह नहीं करता; उस स्थिति में भी, हम नई दिशाएं खोजते हैं। इसलिए, इन विघटनों के बीच, आज भारत आने वाले दशकों की नींव को मजबूत कर रहा है। हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है – आत्मनिर्भर भारत"। उन्‍होंने कहा, "आज सरकार मेक इन इंडिया, मैन्युफैक्चरिंग पर इतना जोर दे रही है। हम चिप से लेकर जहाज तक, सब कुछ भारत में बनाना चाहते हैं, इसलिए हम आपके व्यापार में आसानी के लिए काम कर रहे हैं। सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, लेकिन सरकार की कुछ अपेक्षाएं भी हैं कि आप जो भी निर्माण कर रहे हैं, वह सर्वोत्तम गुणवत्ता का हो। आज देशवासियों के मन में ये बात है कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता निरंतर बेहतर हो, इसलिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।" भारत को आत्मनिर्भर बनाना ही होगा- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, 'हर वो प्रोडक्ट जो हम भारत में बना सकते हैं… वो हमें भारत में बनाना है। क्‍योंकि हमें हर हाल में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्‍होंने कहा, आज पूरे भारत में जितने मोबाइल फोन बनते हैं, उसमें से 55% मोबाइल उत्तर प्रदेश में बनते हैं। यूपी अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा। यहां से कुछ किलोमीटर दूर ही एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैसिलिटी पर काम शुरू होने वाला है। यह ट्रेड शो 25 से 29 सितंबर तक चलेगा, जिसमें 75 से अधिक देशों के 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक, 1.25 लाख B2B विजिटर्स और 4.5 लाख B2C विजिटर्स हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नोएडा में कई रास्तों को डायवर्ट भी किया गया है। यूपी ट्रेड शो से जुड़े बड़े अपडेट जानने के लिए बने रहिए लाइव हिंदुस्तान के साथ। उन्‍होंने देशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि 'मैं आप सभी का आह्वान करता हूं — यूपी में निवेश कीजिए, यूपी में मैन्युफैक्चर कीजिए। यहां लाखों MSMEs का मजबूत नेटवर्क है, उनका सामर्थ्य इस्तेमाल कीजिए और एक कंप्लीट प्रोडक्ट यहीं तैयार कीजिए। इसके लिए हर मदद के साथ यूपी सरकार और भारत सरकार आपके साथ है। सेनाएं भी चाहती हैं मेक इन इंडिया पीएम मोदी ने कहा, हमारी सेनाएं स्वदेशी चाहती हैं और दूसरों पर निर्भरता को कम करना चाहती हैं। इसलिए हम भारत में ही एक वाइब्रेंट डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहे हैं, पुर्जे पुर्जे पर मेड इन इंडिया की छाप हो, हम ऐसा एक इकोसिस्टम बना रहे हैं, और यूपी इसमें भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। उन्‍होंने कहा, "आज, भारत रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म की प्रतिबद्धता के साथ अपने उद्योग, व्यापारियों और नागरिकों के साथ खड़ा है। तीन दिन पहले GST में अगली पीढ़ी के सुधार लागू हुए। GST में ये बदलाव संरचनात्मक सुधार हैं जो भारत की विकास गाथा को नई उड़ान देंगे। ये GST पंजीकरण को सरल बनाएंगे, कर विवादों को कम करेंगे और एमएसएमई को तेजी से रिफंड सुनिश्चित करेंगे।" पहले और दूसरे आयोजन के दौरान यूपीआईटीएस ने आकार, संख्या और प्रभाव में दोगुना प्रगति की है. पहले आयोजन में लगभग 2 हजार प्रदर्शक और 400 विदेशी खरीदार आए थे, जबकि दूसरे संस्करण में 2 हजार से अधिक प्रदर्शक और 350 विदेशी खरीदार थे. इसके अलावा पांच लाख विजिटर्स भी शामिल हुए थे. इस मेगा ट्रेड शो के दौरान 2,200 करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात ऑर्डर हुए थे, जिस वजह से निवेश और निर्यात का केंद्र बनाया गया. उम्मीद लगाई जा रही है कि इस तीसरे संस्करण में 2,500 से ज्यादा प्रदर्शक, 500 … Read more

निवेशकों से पीएम मोदी की अपील- यूपी में करें निवेश, यह विकास के नए आयाम गढ़ रहा है- प्रधानमंत्री

यूपी अब निवेश और प्रगति का नया केंद्र है- पीएम मोदी – निवेशकों से पीएम मोदी की अपील- यूपी में करें निवेश, यह विकास के नए आयाम गढ़ रहा है- प्रधानमंत्री – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) का किया शुभारंभ  – ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) के शुभारंभ पर सीएम योगी भी रहे मौजूद – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी के साथ प्रगति कर रहा है उत्तर प्रदेश- पीएम  – आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है, यूजर फ्रेंडली और टिकाऊ उत्पाद ही स्वदेशी की साख बनाएंगे- पीएम मोदी  – नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म से उपभोक्ताओं से लेकर व्यापार और उद्योग को भी मिली नई ऊर्जा- पीएम मोदी  – आज देशवासी गर्व से कहते हैं—‘यह स्वदेशी है’। हमें इस भावना को और मजबूत करना होगा- पीएम – पीएम मोदी ने कहा- यूपी अब निवेश और विकास का गढ़ है, यह अद्भुत संभावनाओं से भरा है – यूपी में बीते कुछ वर्षों में कनेक्टिविटी में क्रांति आई है, यूपी अब सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन चुका है- पीएम गौतमबुद्ध नगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म को देश की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इस बदलाव से न केवल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि “जीएसटी सुधार आम परिवारों की जेब में हर महीने बचत का जरिया बन रहे हैं और यही बचत भारत की विकास गाथा को और मजबूत करेगी।” साथ ही उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि यूपी में इन्वेस्ट करें, क्योंकि यह प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के नेतृत्व में विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। यह अब निवेश और प्रगति का नया केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और उनकी वैश्विक पहचान बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज देशवासी गर्व से कहते हैं—‘यह स्वदेशी है’। हमें इस भावना को और मजबूत करना होगा। जो भारत में बन सकता है, उसे भारत में ही बनाना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है, क्योंकि दूसरों पर निर्भरता विकास को सीमित करती है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने बिजनेस मॉडल को इस तरह डिजाइन करें, जो आत्मनिर्भर भारत को बल दे। गुणवत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी मैन्युफैक्चर करें, वह उत्तम से उत्तम हो। यूजर फ्रेंडली और टिकाऊ उत्पाद ही स्वदेशी की साख बनाएंगे।  उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं से भरा है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने यूपी को निवेश और विकास का गढ़ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं से भरा है। बीते कुछ वर्षों में कनेक्टिविटी में क्रांति आई है, जिसने लॉजिस्टिक लागत को कम किया है। यूपी अब सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन चुका है। उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और डिफेंस कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख किया, जो यूपी को औद्योगिक केंद्र बनाते हैं। नमामि गंगे और वन जिला वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) जैसी पहलें क्रूज टूरिज्म और हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे यूपी वैश्विक मानचित्र पर उभर रहा है। पीएम ने बताया कि 55% मोबाइल फोन उत्पादन यूपी से होता है और जल्द ही यहां सेमीकंडक्टर फैसिलिटी शुरू होने वाली है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। अंत्योदय का मॉडल ही समावेशी विकास की नींव- पीएम पीएम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर अंत्योदय के सिद्धांत को याद किया, जो गरीब से गरीब तक विकास पहुंचाने का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय में ही सामाजिक न्याय की मजबूती है और यही मॉडल भारत दुनिया को दे रहा है। फिनटेक क्रांति का उदाहरण देते हुए उन्होंने यूपीआई, आधार और डिजिलॉकर जैसे ओपन प्लेटफॉर्म्स का जिक्र किया, जो हर नागरिक चाहे मॉल में शॉपिंग करने वाला हो या सड़क पर चाय बेचने वाला सभी को समृद्धि का अवसर दे रहे हैं। गर्वनमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए 25 लाख सेलर्स, जिसमें छोटे दुकानदार भी शामिल हैं, सरकार को सप्लाई कर रहे हैं। पीएम ने बताया कि GeM के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदा गया, जिसमें 7 लाख करोड़ रुपये लघु उद्योगों से है यही अंत्योदय का साकार रूप है। डिफेंस और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर हो रहा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए पीएम  मोदी ने कहा कि सेनाएं स्वदेशी उत्पाद चाहती हैं। यूपी में रूस के सहयोग से एके-203 राइफल्स का उत्पादन शुरू होने जा रहा है और डिफेंस कॉरिडोर अस्त्र-शस्त्र निर्माण का केंद्र बनेगा। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी यूपी बड़ी भूमिका निभाएगा, क्योंकि ग्रेटर नोएडा से कुछ किलोमीटर दूर एक बड़ी फैसिलिटी का निर्माण शुरू होने वाला है। यह कदम भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पीएम ने निवेशकों से अपील की कि यूपी में इन्वेस्ट करें, क्योंकि यह प्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स आर्थिक बचत और ग्रोथ का नया अध्याय है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने हाल ही में लागू नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स को भारत की ग्रोथ स्टोरी का आधार बताया। उन्होंने उदाहरण दिया कि 2014 से पहले 1000 रुपये की शर्ट पर 170 रुपये टैक्स लगता था, जो जीएसटी के बाद 50 रुपये और अब 35 रुपये हो गया। इसी तरह, हेयर ऑयल और फेस क्रीम पर 100 रुपये के सामान पर टैक्स 31 से घटकर 5 रुपये हो गया, जो 26 रुपये की बचत है। एक ट्रैक्टर पर 70,000 रुपये से घटकर 30,000 रुपये, थ्री-व्हीलर पर 55,000 से 35,000 रुपये, और स्कूटर-मोटरसाइकिल पर 8000-9000 रुपये की बचत हुई। पीएम ने कहा कि इससे एक औसत परिवार की सालाना 25,000 रुपये की बचत होगी और कुल मिलाकर देश 2.5 लाख करोड़ रुपये बचा रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित

अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शोः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उनकी स्मृतियों को किया नमन   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का किया स्वागत  दूसरे देशों पर निर्भरता को कम करना और स्वदेशी साधनों का बेहतर उपयोग ही प्रधानमंत्री का आह्वानः सीएम योगी  बोले सीएम- चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता, गरीब, श्रमिक, व्यापारी, किसान समेत हर तबके को मिला जीवनदान  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ: मुख्यमंत्री  ग्रेटर नोएडा/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) के मंच पर अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उन्हें याद किया। बोले कि उन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के बारे में 70 वर्ष पहले नया चिंतन दिया था। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है। यह अवसर केवल ट्रेड शो का नहीं, बल्कि वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के स्वदेशी मॉडल व मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के पीएम मोदी के विजन का स्वरूप भी है। यूपीआईटीएस के तीसरे संस्करण में 80 देशों के साढ़े पांच सौ से अधिक बायर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। यूपी के सभी 75 जनपदों से 2250 से अधिक एग्जीबिटर्स सहभागी बने हैं। ब्रांड यूपी के उत्सव की चर्चा कर योगी ने कहा कि पिछले आठ-साढ़े आठ वर्ष में आई औद्योगिक क्रांति, परंपरागत उद्यम को फिर से दिया गया जीवनदान यूपी की समृद्ध- सांस्कृतिक विरासत तथा सामाजिक विविधता को ट्रेड शो प्रतिबिंबित कर रहा है। इसके जरिए यूपी को देश व दुनिया के सामने शोकेस करने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्राप्त हुआ है।  नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने फिरोजाबाद के शिल्पियों द्वारा बनाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा प्रधानमंत्री को भेंट की। सीएम ने पार्टनर कंट्री के रूप में रूस के साथ ही यूपीआईटीएस में आए 532 से अधिक फॉरेन बायर्स का भी स्वागत किया। सीएम ने कहा कि यह आयोजन नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा।   दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। गरीब, किसान, महिला, युवा, मध्यम, व्यापारी, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित सभी वर्ग व समुदायों को दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए उन्होंने यूपी वासियों की तरफ से पीएम का आभार जताया। सीएम ने कहा कि अपैरल व टेक्सटाइल, लेदर उत्पाद, हस्तशिल्प व कॉरपेट्स में यूपी देश में शीर्ष पर है। बदलते वैश्विक आर्थिक परिवेश की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने जीएसटी रिफॉर्म्स के माध्यम से बहुत ही महत्वपूर्ण व क्रांतिकारी कदम उठाया है।  चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता सीएम योगी ने कहा कि जुलाई 2017 में वन नेशन, वन टैक्स लागू हुआ था। टैक्स के अलग-अलग चार स्लैब थे, लेकिन नए सुधार के अंदर अब दो स्लैब ही जीएसटी रिफॉर्म के माध्यम से दिखेंगे। इसमें अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पिछले चार दिनों के अंदर हम लोगों ने अहसास किया है कि मार्केट में नई जीवंतता आई है। उपभोक्ता का बाजार की तरफ तेजी से रूख हुआ है। गरीब, श्रमिक, व्यापाारी, किसान हर तबके को जीवनदान मिला है। इससे व्यापक पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ-साथ यूपी जैसे राज्य के लिए ओडीओपी सेक्टर के उद्यमियों को नया जीवनदान प्राप्त हुआ है।  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ  मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ने 10 वर्ष पहले कहा था कि भारत के युवा को अब जॉब सीकर नहीं,  बल्कि जॉब क्रिएटर बनना होगा। पीएम स्टार्टअप, पीएम स्टैंडअप योजना,  पीएम इंटर्नशिप समेत अनेक योजनाओं ने बैकबोन का कार्य किया है। यूपी में हम लोगों ने सीएम युवा उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं को नया उद्यमी बनने की तरफ कदम उठाया है। 24 जनवरी 2025 को यूपी स्थापना दिवस पर यह स्कीम लागू हुई थी। एक वर्ष से भी कम समय में अब तक 90 हजार से अधिक युवा इस स्कीम का लाभ ले चुके हैं।  हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं पीएम   सीएम योगी ने कहा कि उद्यम पंक्ति में खड़े अंतिम हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए पीएम अत्यंत संवेदनशील हैं। परंपरागत कारीगरों व हस्तशिल्पियों को पीएम विश्वकर्मा योजना उपहार में दी गई है। राज्य सरकार की ओर से संचालित ओडीओपी के साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से चार लाख से अधिक हस्तशिल्पियों व कारीगरों को ट्रेनिंग देकर, वोकल फॉर लोकल मंत्र को स्वदेशी का संकल्प देकर हुनरमंद कारीगरों को नया बाजार उपलब्ध कराने का प्लेटफॉर्म बना है।   77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष कैपिटल बना, 75 नए उत्पादों के लिए करने जा रहे आवेदन मुख्यमंत्री ने कहा कि 77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बना है। 75 नए उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो, इसके लिए इस वर्ष आवेदन करने जा रहे हैं। धरोहर के रूप में मौजूद प्रदेश में हजारों वर्ष की विरासत को इसके माध्यम से सजाने, संवारने व संरक्षण करने का कार्य करने जा रहे हैं। यहां भी 60 से अधिक जीआई टैग के स्टाल देखने को मिलेंगे। यूपीआईटीएस में स्टार्टअप, ओडीओपी, उभरते एक्सपोर्टर्स, महिला, नए उद्यमी, हस्तशिल्पी, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, महिला स्वयंसेवी समूह, वन व पर्यावरण विभाग के उत्पाद व प्रयास भी प्रस्तुत किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से फरवरी 2023 में यूपी ग्लोबल … Read more

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर

महिला सशक्तीकरण की दिशा में नए कीर्तिमान गढ़ रही योगी सरकार – नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर – महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को लेकर भी योगी सरकार ने की  अहम कई पहलें – निर्धन परिवारों की बेटियों का सहारा बनी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना – योगी सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को भी किया मजबूत  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व बदलाव आया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार और जागरूकता के क्षेत्र में योगी सरकार की योजनाओं ने नारी सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों ने महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन के साथ सुरक्षा और सम्मान की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी सोच और दूरदृष्टि को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत की। यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम भर नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है।  महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए सरकार के हर विभाग की तरफ से प्रतिदिन अलग अलग जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और अब कोई बेटी अपने सपनों को अधूरा नहीं छोड़ेगी। महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के क्रम में  पुलिस टीम द्वारा चौपाल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं को किया गया जागरूक किया जा रहा है।  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने उठाए ठोस और कारगर कदम  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने ठोस और कारगर कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गईं, जो महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करती हैं। बीते वर्ष इन हेल्प डेस्कों पर कुल 6,48,664 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6,47,095 का समाधान किया गया। इतना ही नहीं, महिलाओं को फोन पर परेशान करने से लेकर साइबर उत्पीड़न तक की शिकायतों को दर्ज करने के लिए वीमेन पावर लाइन-1090 को और सशक्त बनाया गया। जनवरी 2024 से अगस्त 2025 के बीच इस हेल्पलाइन पर 7.75 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं और लगभग 99 प्रतिशत मामलों का निस्तारण हुआ। महिला सुरक्षा को लेकर शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों तक किए विशेष इंतजाम महिला सुरक्षा को लेकर सरकार ने सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रखा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष इंतजाम किए। महिला बीट प्रणाली और महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकियों की स्थापना ने गांव-गांव तक सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश में अब तक 9,172 महिला बीटों का गठन किया जा चुका है और करीब 19,839 महिला पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। वहीं, एंटी रोमियो स्क्वॉड ने 1.18 करोड़ से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग कर असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई और 33 हजार से अधिक गिरफ्तारियाँ कीं। महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और कठोर सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश ने देश में उदाहरण पेश किया है। अब तक 9,513 वादों में 12,271 अभियुक्तों पर दोष तय किए गए, जिनमें 12 अपराधियों को मृत्युदंड और 987 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आईटीएसएसओ पोर्टल के अनुसार महिला अपराधों के मामलों में 98.80 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। केंद्रों पर 3 से 5 वर्ष की अवधि के लिए तैनात होंगे पुलिसकर्मी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्र में एक प्रभारी निरीक्षक/उपनिरीक्षक (प्राथमिकता महिला अधिकारी), 1 से 4 उपनिरीक्षक, 4 से 15 आरक्षी (जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं), 1 से 2 महिला होमगार्ड तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्शदाताओं की नियुक्ति के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर कर्मियों को 3 से 5 वर्ष की अवधि तक तैनात रखा जाएगा और प्रशिक्षित कर्मियों के स्थानांतरण का प्रावधान भी होगा। डीजीपी द्वारा जारी गाइडलाइन में थानों के प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि मिशन शक्ति केन्द्र के लिए एक अलग कक्ष, कम्प्यूटर, अभिलेख, स्टेशनरी, महिला शौचालय और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाए। सुरक्षा और सम्मान के नारों से गूंज उठीं सड़कें सीएम योगी के निर्देश पर रविवार सुबह से ही सभी जिलों में महिला पुलिस कर्मी बाइक लेकर सड़क पर उतरीं। “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” जैसे नारों से सड़कें गूंज उठीं। जगह-जगह आमजन ने तालियों और पुष्पवर्षा के साथ रैली का स्वागत कर महिला सुरक्षा के संकल्प को मजबूती दी। सीएम ने अपने सम्बोधन में कहा गया था कि “नारी सुरक्षा और सम्मान ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इसी विचार को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह बाइक रैली निकाली गई। लोकभवन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1,663 थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की शुरुआत की थी। इसके साथ ही ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी जारी की गई। नवरात्रि और आगामी त्योहारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतज़ाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश की सभी 57,000 ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉडेंट सखी योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 49,376 बीसी सखियों का प्रमाणीकरण पूरा हुआ है। इनमें से लगभग 40 हजार महिलाएँ सरकार के साथ काम करते हुए अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित कर चुकी हैं। यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है बल्कि ग्रामीण स्तर पर डिजिटल लेन-देन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके अलावा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 95 लाख से अधिक महिलाओं को 8,73,534 स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों को स्टार्टअप फंड, रिवॉल्विंग फंड और उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन कर आर्थिक गतिविधियों में शामिल किया गया है। लखपति महिला योजना के अंतर्गत अब तक 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन हो चुका है और इनमें से 2 लाख से अधिक महिलाएँ … Read more

जनता को मिल सकती है और राहत, PM मोदी ने दिए GST में और कटौती के संकेत

 नोएडा नवरात्रि के पहले दिन (22 सितंबर) गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में भारी कटौती का तोहफा देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और खुशखबरी दी है। पीएम मोदी ने भविष्य में टैक्स में और ज्यादा कमी का संकेत दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ टैक्स कम होता जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में एक लाख की खरीदारी पर करीब 25 हजार का टैक्स लगता था, जो अब घटकर 5-6 हजार रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी इंटरनेशल ट्रेड शो का आगाज करते हुए गुरुवार को जीएसटी में हुई कटौती और इससे हो रही बचत का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने भविष्य में भी इसमें कमी का संकेत देते हुए कहा, 'आज देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं हम यहीं नहीं रुकने वाले। 2017 में हम जीएसटी लाए, आर्थिक मजबूती का काम किया। 2025 में फिर से लाए, फिर आर्थिक मजबूती करेंगे और जैसे-जैसे आर्थिक मजबूती होगी टैक्स का बोझ कम होता जाएगा। देशवासियों के आशीर्वाद से जीएसटी रिफॉर्म का सिलसिला निरंतर चलता रहेगा।' पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले इतने सारे टैक्स थे। एक प्रकार से टैक्स का जंजाल था। उसके कारण बिजनेस की कॉस्ट और परिवार का बजट दोनों ही कभी भी संतुलित नहीं हो पाते थे। एक हजार रुपये की शर्ट पर 117 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में जब हम जीएसटी लाए तो पहले जीएसटी में 170 रुपये से कम होकर 50 हो गया और अब 22 सितंबर के बाद उसी शर्ट पर सिर्फ 35 रुपये देने होंगे। 2014 में टूथपेस्ट, तेल शैंपू आदि पर कोई 100 रुपये खर्च करता था तो 31 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में टैक्स 18 रुपये रह गया। अब यही सामान 105 रुपये में मिलेगा। 131 रुपये का सामान एक 105 पर आ गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई परिवार 2014 से पहले साल में एक लाख रुपये का सामान खरीदता था तो उसे उस समय में करीब 25 हजार रुपये टैक्स देना पड़ता था। लेकिन अब नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के बाद करीब 5-6 हजार रुपये टैक्स ही देना पड़ेगा। क्योंकि जरूरत के ज्यादातर सामान पर अब सिर्फ पांच फीसदी जीएसटी हो गया है। ट्रैक्टर से स्कूटर तक सस्ता पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले एक ट्रैक्टर खरीदने पर 70 हजार रुपये से अधिक टैक्स देना पड़ता था। अब उसी ट्रैक्टर पर सिर्फ 30 हजार का टैक्स देना पड़ता है। किसान को एक ट्रैक्टर पर 40 हजार की बचत हो रही है। थ्री व्हीलर पर तब 55 हजार का टैक्स लगता था, अब उसी पर जीएसटी करीब 35 हजार रह गया है। सीधे 20 हजार की बचत। जीएसटी कम होने की वजह से स्कूटर 2014 की तुलना में 8 हजार और मोटरसाइकिल 9 हजार सस्ती हो गई है। गरीब और मिडिल क्लास सबकी बचत हुई है। कांग्रेस पर जोरदार हमला पीएम मोदी ने टैक्स छूट का विस्तार से जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कुछ राजनीतिक दल देश के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। 2014 से पहले जो सरकार चला रहे थे उसकी नाकामियां छिपाने के लिए कांग्रेस और उसके साथी दल जनता से झूठ बोल रहे हैं। सच यह है कि कांग्रेस सरकार में टैक्स की लूट थी और लूटे धन में से भी लूट होती थी। आम नागरिक को टैक्स की मार से निचोड़ा जा रहा था। हमारी सरकार ने टैक्स और महंगाई को कम किया है। देश के लोगों की आमदनी और बचत बढ़ाई है। कांग्रेस सरकार में 2 लाख रुपये की आमदनी तक इनकम टैक्स माफ था, आज 12 लाख रुपये की आमदनी टैक्स फ्री है। इनकम टैक्स और जीएसटी में छूट से लोगों को ढाई लाख करोड़ की बचत हुई है।'

CMRS टीम भोपाल मेट्रो के निरीक्षण पर, OK रिपोर्ट के बाद आम जनता कर सकेगी सफर

भोपाल  कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंच गई है। गुरुवार और शुक्रवार को टीम निरीक्षण करेगी। कमिश्नर जनक कुमार गर्ग भी साथ हैं। इसके बाद एक और टीम भोपाल पहुंचेंगी। मेट्रो के लिए सीएमआरएस का दौरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि 'ओके' रिपोर्ट का फाइनल होना।  मेट्रो अफसरों की माने तो ये टीमें ट्रैक के नट-बोल्ट से लेकर सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो तक देखेगी। निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम 'ओके' रिपोर्ट देगी। इसके बाद कमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। मुंबई से आई है टीम सीएमआरएस की टीम मुंबई से आई है। इस टीम के जिम्मे डिपो और गाड़ी है। डिपो में मेट्रो की सभी जरूरतें जानी जाएगी। वहीं, मेट्रो के अंदर फंक्शन, सॉफ्टवेयर के बारे में जानेगी। यदि कहीं कोई खामी मिलती है तो उसे तुरंत सुधरवाएगी। यह टीम डिपो के अंदर ही रहेगी।इसके बाद दूसरी टीम ट्रैक का निरीक्षण करेगी। हर वो बात जानेगी, जो मेट्रो के संचालन के लिए जरूरी है। टीम ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है। अक्टूबर में कमर्शियल रन प्रस्तावित बता दें कि अक्टूबर में मेट्रो का कमर्शियल रन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। 31 मई को इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से भोपाल मेट्रो को लेकर तेजी से काम शुरू हो गया। मेट्रो के जिन 3 स्टेशन के काम बचे हैं, उन पर फोकस किया जा रहा है। आरडीएसओ से मिल चुकी ओके रिपोर्ट भोपाल मेट्रो के लिए सबसे पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम आ चुकी है। इस टीम की रिपोर्ट ओके आई। इसके निरीक्षण के बाद सीएमआरएस को डॉक्युमेंट्स सबमिट किए गए। फिर निरीक्षण की तारीख 25-26 सितंबर फाइनल हुई। साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी है, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं। दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

जब मुख्यमंत्री खुद बने ग्राहक : घरेलू सामान की शॉपिंग कर उठाया जीएसटी दरों में कटौती का लाभ

रायपुर : मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे मार्ट,ग्राहकों से की मुलाकात,ग्राहक बोले जीएसटी रिफॉर्म्स, बचत क्रांति जब मुख्यमंत्री खुद बने ग्राहक : घरेलू सामान की शॉपिंग कर उठाया जीएसटी दरों में कटौती का लाभ जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने "के मार्ट" पहुंचे मुख्यमंत्री मंथली बजट में आई कमी, कम कीमत में लिया ज्यादा सामान, जीएसटी कटौती नहीं यह "बचत क्रांति" है, मोदी जी ही ले सकते हैं ऐसा साहसिक निर्णय – लोगों ने मुख्यमंत्री को दी ऐसी प्रतिक्रिया जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधार से बाजारों में बढ़ी रौनक जीएसटी दरों में कमी से रोज़मर्रा के सामान हुए सस्ते प्राइस टैग में सूचित की जा रही है जीएसटी दरों में कमी के बाद नई कीमत रायपुर राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं उसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया आए है। दरअसल, आज जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की एवं यूपीआई से भुगतान भी किया।इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मार्ट पहुंचकर ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामना खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गदगद हो उठे और कहा कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है। इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर लोगों के विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—"यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुंचे।" इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—"यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।" मुख्यमंत्री  साय ने  सभी को स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा आप आगे बढ़े ,हम आपके साथ है। जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी  टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—"पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।" स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी  लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—"पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।" उन्होंने आगे बताया—"पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।" चार जरूरी समान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे  मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—"मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।" देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति  जितेंद्र और मती पद्मा देवांगन ने कहा—"हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।" गृहिणी मती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—"पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।" बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका मती सविता मौर्य और अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—"श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।" उल्लखेनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल

रायपुर व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा  संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।

आरक्षण सीमा पार: किन राज्यों ने किया लागू और एमपी में OBC कोटा 27% करने की तैयारी

भोपाल भारत में आरक्षण की अधिकतम सीमा को लेकर लगातार बहस चलती रहती है। मौजूदा दौर में मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण को 27% किए जाने का मामला चल रहा है। इस मामले में आज से सुप्रीम कोर्ट में रोजना सुनवाई की जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संविधान के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद कई राज्य 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। ऐसे में आज बात करेंगे कि ये राज्य आखिर क्यों 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। दरहअसल सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार (1992) केस में साफ कहा था, कि सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद कई राज्यों ने इस सीमा को पार कर दिया है और अपने सामाजिक ढांचे व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर 50% से ऊपर का कोटा लागू कर रखा है। इन राज्यों में 50% से ज्यााद आरक्षण… तमिलनाडु – 69%     1990-94 में कानून बना और इसे संविधान की नौंवीं अनुसूची में शामिल किया गया। तेलंगाना – 67%  शिक्षा और सरकारी नौकरियों में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण। बिहार – 75%     हाल ही में राज्य ने आरक्षण को 65% तक बढ़ाया और EWS मिलाकर कुल लगभग 75% हो गया। गुजरात – 58-60%     EWS को शामिल करने के बाद कुल आरक्षण दर 50% से ऊपर चली गई। केरल – लगभग 60%     राज्य में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण दर 60 %। 50% से ज्यादा आरक्षण देने पर क्या कहता है कानून .. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि 50% से ज्यादा आरक्षण असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर मान्य नहीं होगा। लेकिन कई राज्यों ने सामाजिक न्याय और जातिगत समीकरणों का हवाला देकर इसे बढ़ाया। खासतौर पर तमिलनाडु का 69% आरक्षण इसलिए बचा हुआ है क्योंकि इसे नौंवीं अनुसूची में डाल दिया गया, जिससे अदालत में इसकी वैधता चुनौती देना मुश्किल हो जाता है। भारतीय संविधान और सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि सामान्य स्थिति में जाति-आधारित आरक्षण 50% से ज़्यादा नहीं हो सकता। लेकिन कुछ राज्यों ने इस सीमा को पार करते हुए 50% से अधिक आरक्षण की नीति लागू कर रखी है। MP में OBC आरक्षण बढ़ने पर क्या होगा समीकरण? आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में मौजूदा दौर में आरक्षण कि स्थिति कुछ इस प्रकार है…     SC (अनुसूचित जाति) – 16%     ST (अनुसूचित जनजाति) – 20%     OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) – पहले 14%, जिसे बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव है​​​ क्या 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देना संवैधानिक है? ऐसे में अगर 27% आरक्षण लागू होता है तो मध्यप्रदेश में कुल आरक्षण बढ़कर 63% पहुंच जाएगा। लेकिन संवैधानिक रूप से यह तभी टिक पाएगा जब सरकार विशेष परिस्थितियों का ठोस तर्क कोर्ट में साबित करे। वरना इसकी वैधता सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।  

सहकारी समितियों को आवास संघ का सदस्य बनने पर निर्माण कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता

मंत्री  सारंग की अध्यक्षता में म.प्र. राज्य सहकारी आवास संघ एवं बीज संघ की साधारण सभा संपन्न सहकारी समितियों को आवास संघ का सदस्य बनने पर निर्माण कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता एमपी चीता ब्रांड बनेगा म.प्र. बीज संघ की पहचान – किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में आज समन्वय भवन, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित एवं मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित की वार्षिक साधारण सभाएं आयोजित की गईं। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न समितियों के सदस्य एवं संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आवास संघ की 47वीं साधारण सभा सभा की शुरुआत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ की 47वीं वार्षिक साधारण सभा से हुई। इस दौरान आवास संघ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना और नवीन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट भी रखा गया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आवास संघ को प्रदेश में एक सशक्त निर्माण एजेंसी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि संघ द्वारा कराए जाने वाले सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और उन्हें समय-सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों को आवास संघ की सदस्यता प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सदस्यता शुल्क राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जा रहा है, जिससे संघ का कॉर्पस फंड सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांसद एवं विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों को भी आवास संघ के माध्यम से कराने की दिशा में पहल की जाए। बीज संघ की 20वीं साधारण सभा- ‘एमपी चीता ब्रांड’ की पहचान मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित की 20वीं साधारण सभा संपन्न हुई। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है और इसमें सहकारिता आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बीज उत्पादन और वितरण को लेकर गंभीर है। इसी दिशा में “एमपी चीता” नामक ब्रांड विकसित किया गया है, जो बीज संघ की पहचान बनेगा। इस ब्रांड के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि समितियां ही “एमपी चीता” ब्रांड की ब्रांड एंबेसडर होंगी। इसके लिए पांच वर्षों का एक्शन प्लान तैयार किया गया है तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कर इसे राष्ट्रीय स्तर तक स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों की उपज और आमदनी दोनों बढ़ाते हैं। “एमपी चीता” ब्रांड का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना, सहकारी संस्थाओं को लाभ पहुँचाना और प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। वरिष्ठ अधिकारी एवं सदस्यों की उपस्थिति सभा में सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता, बीज संघ के प्रबंध संचालक श्री महेंद्र दीक्षित, आवास संघ के प्रबंध संचालक श्री आर.एस. विश्वकर्मा सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।