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पीएम जनमन योजना से बैगा बस्तियों में पहुंची बिजली, बच्चों की पढ़ाई और जीवनशैली में आया बड़ा बदलाव

पीएम जनमन योजना से बैगा बस्तियों में पहुंची बिजली की रोशनी, बच्चों की पढ़ाई से लेकर जीवनशैली तक आया बदलाव ग्राम सनौसी के 26 बैगा परिवारों के घर हुए रोशन ग्राम चंदेला के हितग्राही लालचंद बैगा बोले- अब बच्चे अच्छी तरह पढ़ पा रहे हैं जिले के 61 ग्रामों में विद्युतीकरण पूर्ण 1370 हितग्राहियों को मिले विद्युत कनेक्शन 137 ग्रामों के 1366 हितग्राहियों की कार्ययोजना वरिष्ठ कार्यालय को भेजी भोपाल जिले के दूरस्थ वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के बैगा परिवारों के जीवन में बिजली की रोशनी नई खुशियां लेकर आई है। वर्षों से बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित इन परिवारों के घर अब रोशन हो रहे हैं। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना के माध्यम से सुदूर बैगा बस्तियों तक बिजली पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्यों और दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। अब बैगा परिवार भी बिजली की रोशनी में दीपावली सहित अन्य त्योहार मना सकेंगे। जिले के ग्राम सनौसी में लगभग 4 लाख 72 हजार रुपये की लागत से विद्युतीकरण कर 26 बैगा परिवारों को लाभान्वित किया गया है, वहीं ग्राम चंदेला के हितग्राही लालचंद बैगा ने बिजली मिलने के बाद बच्चों की पढ़ाई में आए बदलाव को साझा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्राम सनौसी के 26 बैगा परिवारों के घर हुए रोशन ब्यौहारी जनपद पंचायत के दूरस्थ ग्राम सनौसी का बैगा टोला इसका उदाहरण है। यहां निवासरत बैगा परिवार लंबे समय से बिजली की सुविधा के अभाव में जीवनयापन कर रहे थे। सूर्यास्त होते ही पूरा टोला अंधेरे में डूब जाता था। बच्चों की पढ़ाई मिट्टी के तेल के दीयों की सीमित रोशनी तक सिमटी रहती थी। जंगल से लगे होने के कारण रात के समय सांप, बिच्छू और अन्य जंगली जीव-जंतुओं का भय भी बना रहता था। मोबाइल फोन चार्ज करने जैसी सामान्य सुविधा के लिए भी ग्रामीणों को दूसरे गांवों तक जाना पड़ता था। बैगा परिवारों की इन समस्याओं को दूर करने के लिए पीएम जनमन योजना के अंतर्गत ग्राम सनौसी के बैगा टोले का चयन किया गया। यहां लगभग 4 लाख 72 हजार रुपये की लागत से विद्युतीकरण का कार्य कराया गया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विद्युत विभाग एवं प्रशासन के समन्वय से विद्युत खंभे स्थापित किए गए, तार बिछाए गए तथा घरों में मीटर और बल्ब लगाए गए। इस कार्य से लगभग 26 बैगा परिवार लाभान्वित हुए हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर सुरक्षा तक मिला लाभ ग्राम सनौसी में बिजली पहुंचने से बच्चों को शाम और रात के समय भी पढ़ाई करने की सुविधा मिली है। पहले रोशनी के अभाव में सूर्यास्त के बाद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, लेकिन अब घरों में बिजली के बल्ब की रोशनी में बच्चे आसानी से अध्ययन कर सकेंगे। घरों और आंगनों में रोशनी होने से ग्रामीणों को आवागमन तथा घरेलू कार्यों में भी सुविधा मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग के लिए दूसरे गांवों पर निर्भरता समाप्त होने के साथ ग्रामीण आसानी से अपने परिजन से संपर्क कर सकेंगे। विद्युत सुविधा से छोटे-मोटे घरेलू कार्यों और कुटीर उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं। वहीं कृषि गतिविधियों में बिजली की उपलब्धता से सिंचाई, सब्जी उत्पादन और अन्य सिंचित फसलों की खेती को प्रोत्साहन मिल सकेगा। इससे परिवारों की आजीविका के अवसर बढ़ाने में सहायता मिलेगी। ग्राम चंदेला के लालचंद बैगा बोले- अब बच्चे अच्छी तरह कर रहे पढ़ाई पीएम जनमन योजना से आए बदलाव का अनुभव ग्राम चंदेला निवासी हितग्राही लालचंद बैगा ने भी साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले गांव में बिजली नहीं होने के कारण बहुत बड़ी समस्या होती थी। बिजली के अभाव में बच्चे ठीक से लिख-पढ़ नहीं पाते थे। शाम होने के बाद पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता था और परिवारों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लालचंद बैगा बताते हैं कि जब से पीएम जनमन योजना के तहत गांव में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, तब से परिस्थितियां बदल गई हैं। अब बच्चे घरों में बिजली की रोशनी में अच्छी तरह पढ़ाई कर रहे हैं। पहले जो समस्याएं थीं, वे अब नहीं हैं और सब अच्छे से चल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति जताया आभार हितग्राही लालचंद बैगा ने प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से उनके गांव तक बिजली की सुविधा पहुंची है। इससे बच्चों की पढ़ाई आसान हुई है और परिवारों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने शासन की इस पहल के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। पीएम जनमन योजना के तहत जिले के 61 ग्रामों में विद्युतीकरण पूर्ण जिले में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बैगा परिवारों तक विद्युत सुविधा पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। विद्युत विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शहडोल जिले में पीएम जनमन योजना के तहत 61 ग्रामों में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके अंतर्गत 1370 हितग्राहियों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 137 ग्रामों के 1366 हितग्राहियों की सूची तैयार कर संकलित कार्ययोजना वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित की गई है। इस प्रकार जिले के कुल 191 ग्रामों की कार्ययोजना वरिष्ठ कार्यालय को भेजी गई है। योजना के माध्यम से शेष पात्र बैगा परिवारों तक भी विद्युत सुविधा पहुंचाने के लिए कार्ययोजना के अनुसार आगामी कार्य किए जाएंगे। अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ रहे बैगा परिवार पीएम जनमन योजना के माध्यम से जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा परिवारों तक बिजली पहुंचने से उनके जीवन में सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। ग्राम सनौसी के 26 बैगा परिवारों के घरों में पहुंची बिजली और ग्राम चंदेला के लालचंद बैगा के अनुभव इस बदलाव की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। अब बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल रहा है और परिवारों को दैनिक जीवन की परेशानियों से राहत मिल रही है। इन परिवारों के लिए बिजली केवल रोशनी का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, सुविधा और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद बनकर आई है। … Read more

एशियन पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों से मिलेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एशियन पैरा गेम्स 2026 में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात करने वाले हैं. यह कार्यक्रम नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शाम करीब 4:30 बजे आयोजित किया जाएगा. जिसमें एथलीट, कोच, पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया और भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि, तथा युवा मामले और खेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे।  इस मौके पर प्रधानमंत्री उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे. बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने 15 अक्टूबर को एशियन गेम्स 2026 में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में मुलाकात की थी. एशियन गेम्स 2026 में भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा. वो कुल 85 मेडल जीते, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे. एशियन गेम्स में यह भारत का अब तक का दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा।  वहीं जापान के आइची-नागोया में इस साल आयोजित एशियन पैरा गेंम्स में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. 97 पैरा-एथलीटों ने 114 मेडल जीते, जिनमें 30 गोल्ड मेडल शामिल हैं. भारत ने 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना अभियान मेडल तालिका में चौथे स्थान पर समाप्त किया. यह प्रदर्शन चीन के हांगझोऊ में 2023 में हुए खेलों में जीते गए 108 पदकों (जिसमें 27 गोल्ड शामिल थे) के पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड से बेहतर है।  बता दें कि भारतीय दल ने लगातार दूसरी बार 100 पदकों का आंकड़ा पार किया है, जो पैरा-स्पोर्ट्स में भारत की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है. पैरा-एथलेटिक्स भारत के लिए पदकों का सबसे बड़ा स्रोत रहा, जिसमें 22 गोल्ड, 19 सिल्वर और 24 ब्रॉन्ज सहित कुल 65 मेडल जीते गए. इसके बाद पैरा-बैडमिंटन का नंबर आता है. जिसमें तीन गोल्ड, पांच सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज सहित 16 मेडल मिले. वहीं, पैरा-तैराकी में एथलीटों ने तीन सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज सहित 11 मेडल हासिल किए। 

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे पीएम मोदी, सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि; विकास परियोजनाओं की रखी आधारशिला

 एकता नगर प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के एकता नगर में शनिवार को 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनका उद्घाटन किया और उन्हें देश को समर्पित किया. इन परियोजनाओं में सीवेज और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, फसाड लाइटिंग, नर्मदा घाट का अपग्रेडेशन, IRCTC होटल और एकता नगर में रेनफॉरेस्ट, यूनिटी और इको ट्रेल जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।  प्रधानमंत्री ने कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिनमें गोरा-भंडारा रोड का विकास, इंटीग्रेटेड ज़ीरो वेस्ट स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, खलवानी इको-टूरिज्म का विकास, और कैक्टस और बटरफ्लाई गार्डन का इंटीग्रेटेड विकास शामिल है।  इस बीच, एकता नगर में प्रधानमंत्री ने रेनफॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का दौरा भी किया. PM मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।  उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अखंड भारत के प्रणेता देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन. उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।  वहीं, गुजरात के बनासकांठा में शुक्रवार को PM मोदी ने किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की. उन्होंने 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।  पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसान विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं. हमारी सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण और उन्हें सशक्त करने को प्राथमिकता दी है।  उन्होंने कहा कि 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट अब पांच गुना से अधिक हो गया है. किसान सम्मान निधि अब करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का हिस्सा बन गई है।  प्रधानमंत्री ने बताया कि करीब 10 करोड़ किसानों के खातों में 18,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी गई है।  प्रधानमंत्री मोदी ने किया नमन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'अखंड भारत के प्रणेता देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन. उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. मां भारती की सेवा में उनका त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत है।  राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि सरदार पटेल की जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और सरदार पटेल के योगदान को याद किया जा रहा है। 

‘मोदी को बदनाम करने के लिए देश में अराजकता फैलाने की कोशिश’, प्रधानमंत्री का विपक्ष पर निशाना

बनासकांठा  गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर भी निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि खेती हमारे देश की परंपरा भी है और संस्कृति भी है। पिछले 12 वर्षों में हमारी सरकार ने इसमें विज्ञान और तकनीक का व्यापक समावेश किया है। इसका उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि सॉइल हेल्थ कार्ड इसका बड़ा उदाहरण है। पहले किसान को यह पता लगाने में मुश्किल होती थी कि उसके खेत को कौन सी खाद चाहिए और कितनी मात्रा में चाहिए। सॉइल हेल्थ कार्ड ने इसका समाधान किया है। आज 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड हमारे किसानों के पास हैं। इससे खेती के तौर-तरीकों में आधुनिकता आई है। उन्होंने कहा कि किसान के लिए मौसम में हो रहा बदलाव बहुत बड़ी चुनौती है, इसलिए सरकार का प्रयास है कि किसान को लगातार नई किस्म के बीज उपलब्ध हों, जो जलवायु के अनुकूल हों। बीते वर्षों में बीजों की करीब 3 हजार नई किस्में किसानों को उपलब्ध कराई गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पशुपालन हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है और इसमें महिलाओं की बहुत बड़ी भागीदारी है। बीते दशक में हमने पशुपालन में भी वैज्ञानिकता पर जोर दिया है, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़े। आप राष्ट्रीय गोकुल मिशन के बारे में जानते हैं, इसके तहत देशी नस्लों के वैज्ञानिक प्रजनन और संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बनासकांठा में बना रिसर्च सेंटर इस मिशन को और मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि आईवीएफ जैसी आधुनिक तकनीक इसमें मदद करती है। पीएम ने कहा, "पशुओं को बीमारी से बचाना भी हमारी प्राथमिकता है। हमने देश में पशुओं के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू किया। अब तक 150 करोड़ टीके पशुओं को लगाए जा चुके हैं। 8 करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को मुफ्त टीके लगे हैं। इससे पशुपालकों के खर्च का बोझ भी कम हुआ है। "इन प्रयासों का असर दुग्ध उत्पादन में भी दिख रहा है। वर्ष 2013-14 में एक गाय या भैंस से औसतन एक दिन में 5 लीटर से भी कम दूध मिलता था, आज यह औसत बढ़कर करीब 8 लीटर हो गया है। भारत में दुग्ध उत्पादन की उत्पादकता दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। भारत दुनिया में नंबर वन है, इसका मतलब है कि किसान परिवार की कमाई बढ़ी है।" प्रधानमंत्री ने बताया कि आज यहां दो बायो सीएनजी प्लांट का शिलान्यास भी हुआ है। हमारा लक्ष्य साफ है कि पशु स्वस्थ हों, दूध उत्पादन बढ़े और गोबर का भी पूरा उपयोग हो। हम पशुपालन को केवल परंपरा नहीं, किसान की आमदनी बढ़ाने और गांव को समृद्ध बनाने का साधन बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मछली पालन के क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है। भारत का सी-फूड निर्यात दो गुना से अधिक हो गया है। मछली पालन क्षेत्र में सहकारिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मधुमक्खी पालन से भी किसानों को आय का एक और साधन मिला है। बीते 12 वर्षों में शहद का उत्पादन दोगुना हुआ है। हमारा देश प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है और इस मधु क्रांति, स्वीट क्रांति में महिलाओं की भूमिका बढ़ती जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि बनासकांठा का आलू आज विश्व प्रसिद्ध है। फल और सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम चल रहा है। इसके तहत आज 12 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। ये क्लस्टर टमाटर, हरी मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोको जैसी फल-सब्जियों से जुड़े हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आज गुजरात को दो नई रेल सेवाएं मिली हैं, जिनमें अहमदाबाद-साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन शामिल हैं। पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि आज देश का हर किसान, हर नौजवान विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लग रहा। ये ऐसे लोग हैं जो देश को मुश्किल में देखना चाहते हैं। इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था ताकि ये 'मोदी' को बदनाम कर सकें। इसका ताजा उदाहरण ईरान और खाड़ी देशों के आसपास चल रहा तनाव है। जब भारत एकजुट होकर इसका सामना करने में जुटा है, तब ये लोग अफवाहें फैलाने में लगे रहे। अफवाहें फैलाई गईं, किसानों को खाद के लिए डराया गया। इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था ताकि मोदी को बदनाम कर सकें। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आज भी चल रही है, लेकिन हमने किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी। इस युद्ध के कारण दुनिया में फर्टिलाइजर की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। दुनिया में यूरिया की जो बोरी 3,000 रुपये में मिलती है, वही बोरी भारत के किसानों को 300 रुपये से कम में मिल रही है। डीएपी खाद की कीमत दुनिया में 5,000 रुपये से ऊपर पहुंच गई है, लेकिन भारत के किसानों को वही बोरी 1,350 रुपये में मिल रही है। देश यह मदद इसलिए कर रहा है ताकि हमारा किसान सशक्त हो। अनिश्चितता से भरी दुनिया में भारत का तेज गति से विकास पूरी दुनिया के लिए नई उम्मीद है। ऐसे में एक भारत, श्रेष्ठ भारत के पथ पर निरंतर आगे बढ़ना है। प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं दो ही बातें जानता था। पहली जनसेवा से राष्ट्रसेवा और दूसरी गुजरात के विकास से देश का विकास। मैं देश के लिए जो कुछ भी कर पाया, इसका यश सभी देशवासियों को है। इसके लिए मैं आपका जीवन भर ऋणी रहूंगा और अंतिम क्षण तक आपकी सेवा में जुटा रहूंगा। अंत में उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि रन फॉर यूनिटी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

यूपी के 2.24 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे ₹4,482 करोड़, PM किसान की 24वीं किस्त जारी

उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आई 4482.19 करोड़ रुपये की ‘सम्मान निधि’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में भेजे गए 18,690 करोड़ रुपये  दीपावली से पहले मिले इस उपहार के लिए सीएम योगी ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों की तरफ से जताया प्रधानमंत्री का आभार अन्नदाता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, उनकी आय बढ़ाने और खेती की लागत घटाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही डबल इंजन सरकारः मुख्यमंत्री लखनऊ,   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। इसमें देश भर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18,690 करोड़ रुपये भेजे गए। उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसान इससे लाभान्वित हुए, जिनके खाते में 4482.19 करोड़ की ‘सम्मान निधि’ आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दीपावली से पहले इस उपहार के लिए किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।  दो हजार रुपये आए हर किसान के बैंक खाते में  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुई। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। किसानों की खुशहाली में गांवों की समृद्धि और गांवों की समृद्धि में राष्ट्र की प्रगति निहितः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दीपावली से पहले मिले उस उपहार के लिए उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि किसानों की खुशहाली में गांवों की समृद्धि और गांवों की समृद्धि में राष्ट्र की प्रगति निहित है। इसी संकल्प के साथ आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के अंतर्गत देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,690 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि सीधे अंतरित की। इससे उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसान साथी लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्नदाता किसान बंधुओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, उनकी आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। दीपावली से पूर्व प्राप्त इस उपहार के लिए उत्तर प्रदेश के समस्त किसान बंधुओं की ओर से आपका हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी। बॉक्स  उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला बड़ा लाभ शुक्रवार को 4482.19 करोड़ जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में अब तक 107,943.95 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। वर्ष*धनराशि  2018-19* 2238.92 करोड़  2019-20*11006.87 करोड़  2020-21*14,432.14 करोड़  2021-22*15,775.52 करोड़  2022-23*12,454.32 करोड़  2023-24*13,808.48 करोड़  2024-25*15,594.74 करोड़  2025-26*13727.85 करोड़ 2026-27 (अप्रैल-जुलाई)*4422.92 करोड़  2026-27 (अगस्त-नवंबर)*4482.19 करोड़ कुल प्राप्त राशि – 1,07,943.95 करोड़ रुपये

पीएम मोदी के पिता पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का देशव्यापी विरोध, आज सड़कों पर उतरेंगे पार्टी कार्यकर्ता

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मामले में बिहार की राजधानी पटना में पुलिस से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने खड़गे से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने रविवार शाम पटना के कोतवाली थाने में यह शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसको लेकर सियासी बवाल मच गया है. इस मामले को लेकर खरगे के खिलाफ पटना में शिकायत भी दर्ज हो गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं. भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में खरगे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।  दरअसल, कांग्रेस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए खरगे भाषण दे रहे थे. इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं. इस पर खरगे ने विवादित बयान दे दिया. इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।  बिहार भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण कुमार ने यह शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच की मांग की है. यह विवाद बिहार की राजधानी पटना स्थित बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान खरगे के संबोधन के समय हुआ।   रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने रविवार शाम कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत दी। एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया कि चूंकि मामला गांधी मैदान थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए शिकायत को वहां स्थानांतरित किया जाएगा। शिकायतकर्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से बयान के लिए 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की है। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है या पुलिस ने आगे क्या कार्रवाई की है। उधर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित ‘बाप’ टिप्पणी के विरोध में 26 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शन करने जा रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए भाजपा कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएगी और कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लेगी। यह विवाद सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी के बीच सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी अब दोनों दलों के बीच एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गई है। पटना कार्यक्रम में हुआ विवाद यह विवाद 25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण दे रहे थे, तभी सभा में मौजूद एक व्यक्ति की प्रधानमंत्री मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आई। खड़गे ने जवाब में कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। भाजपा ने 26 अक्टूबर को विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में भाजपा मुख्यालय के पास दोपहर करीब 12 बजे विरोध प्रदर्शन शुरू करने की योजना है। भाजपा इस टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगने की मांग कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा इस मामले में चुनाव आयोग के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी भी कर रही है। टिप्पणी के बाद सभा में क्या हुआ? घटना के दौरान जिस व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने यह बयान दिया, उसकी पहचान संतोष कुमार के रूप में बताई गई है। बाद में उसने दावा किया कि उसकी पूरी बात नहीं सुनी गई और उसके कथन का अर्थ गलत समझा गया। उसके मुताबिक, वह कहना चाहता था कि विद्रोह के बिना मोदी सत्ता से नहीं जाएंगे। सभा में इस बातचीत के बाद हंगामा हुआ और संतोष कुमार को बाहर निकाल दिया गया। इस घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया। राजनीतिक बयानबाजी तेज भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। दूसरी ओर, यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बिहार की राजनीति में चुनाव, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की भूमिका जैसे मुद्दों पर भी राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस चल रही है। पटना के उसी कार्यक्रम में खड़गे ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए थे।

वाराणसी में अरविंद मिल का उद्घाटन, पीएम मोदी ने महिलाओं के रोजगार को लेकर की पहल

वाराणसी प्रधानमंत्री मोदी भारतीय वायु सेना के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंच गए हैं. लेकिन कार्यक्रम में शिरकत करने से पहले प्रधानमंत्री ने वाराणसी को गारमेंट फैक्ट्री की बड़ी सौगात दी है. वाराणसी में उन्होंने अरविंद मिल का उद्घाटन किया. थोड़ी ही देर में वे 300 महिलाओं से संवाद भी करने वाले हैं।  भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस के मौके पर वाराणसी में आज आसमान में शौर्य और पराक्रम का शानदार नजारा देखने को मिलेगा. यहां वे भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 'विंग्स ओवर गंगा' थीम पर आयोजित होने वाले हवाई प्रदर्शन को देखेंगे।  तीन दिवसीय एयर शो की शुरुआत गुरुवार को हुई थी. राज्य में विधान परिषद चुनाव के कारण शुक्रवार को कोई शो नहीं हुआ था. इस हवाई प्रदर्शन में तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड, SU-30MKI और राफेल जैसे लड़ाकू विमानों के साथ-साथ परिवहन विमान भी शामिल होंगे।  अधिकारियों ने बताया कि इस हवाई प्रदर्शन में भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के विमान भी हिस्सा लेने वाले हैं, जो उनके बीच संयुक्त परिचालन (जॉइंट ऑपरेशंस) को प्रदर्शित करेंगे. इस कार्यक्रम में भारतीय वायु सेना की प्रमुख प्रदर्शन टीमें, जैसे 'सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम' और 'सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम' भी हिस्सा लेंगी।  नमो घाट पर प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की है. पूरे शहर को 32 जोन, 50 सेक्टर और 80 सब-सेक्टर में बांटा गया है, और सुरक्षा के लिए लगभग 11,900 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।  प्रधानमंत्री के स्वागत में पुलिस लाइन से नमोघाट तक जगह-जगह स्वागत केंद्र बनाए गए हैं. यहां ढोल-नगाड़ों की गूंज, डमरू दल के वादन, शंखनाद और सांस्कृतिक नृत्य के बीच ‘जयश्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से काशी का माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बनाने की तैयारी है. प्रधानमंत्री के यात्रा मार्ग पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के कार्यक्रम के बाद ओडिशा के भुवनेश्वर जाएंगे. भुवनेश्वर में पीएम मोदी आरबीआई के नव स्थापित डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करेंगे। 

नई शिक्षा नीति में मातृभाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक को महत्व: PM मोदी

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस दौरान PM मोदी ने कहा कि मेरे प्रयासों और नीतियों के केंद्र में देश के युवा ही हैं. मुझे खुशी है कि चिन्मय अमृत महोत्सव में भी युवाओं ने बड़ी जिम्मेदारियां संभाली हैं।  उन्होंने कहा कि हमारा ज्ञान और बोध अमर है. इसी बोध के कारण भारत भी हजारों वर्षों से अमर बना हुआ है. क्योंकि भारत शब्द का अर्थ ही है जो ज्ञान और प्रकाश के अनुसंधान में लगा हो।  PM  मोदी ने कहा, 'जब देश की आजादी के 75 वर्ष का अवसर आया तब मेरे मन में विचार आया था कि हमें इस अवसर को भारत का प्रेरणा मंच तो बनाना ही है, हमें भारत के स्वरुप को भी जीवंत करना है जो अमृत विचारों को जीना जानता है।  PM मोदी ने कहा कि आज हम देख रहे हैं कि चिन्मय मिशन के 100 से ज्यादा शिक्षण संस्थान लाखों बच्चों का भविष्य निर्माण कर रहे हैं. उन्हें आधुनिक शिक्षा भी मिल रही है और वे भारतीय संस्कारों को भी आत्मसात कर रहे हैं. हमारी शिक्षा व्यवस्था नए भारत के हिसाब से हो इसके लिए हम नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लेकर आए हैं. इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा में शिक्षा, आधुनिक विज्ञान और नई तकनीक को महत्व दिया गया है।  पीएम ने कहा, 'रक्षा व विदेश नीतियों की तरह ही शिक्षा नीति भी सरकार नहीं, देश की है। भारत सीखने का पुरातन केंद्र रहा है। सरकार 21वीं सदी तक देश को फिर से नॉलेज इकोनॉमी का केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस नीति ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के लिए भारत में कैंपस स्थापित करने के रास्ते खोले हैं।' 'इस नीति के तहत स्टूडेंट्स को शुरुआती कक्षाओं से ही वोकेशनल एक्सपोजर मिलेगा। इससे हमारे युवा जिंदगी के लिए बेहतर ढंग तैयार हो सकेंगे। प्रैक्टिकल लर्निंग के जरिए युवाओं की ग्लोबल जॉब मार्केट में भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही वे देश में भी पसंद का रोजगार पाने के लिए पूरी तरह सक्षम होंगे।'

काशी में एयरशो की तैयारी तेज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा कड़ी

वाराणसी  एयर शो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी 25 अक्‍टूबर को काशी में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, तीनों सेना के प्रमुख, कई देशों के राजदूत आदि उपस्थित रहेंगे। आयोजन में इसके अलावा भी तमाम गणमान्‍य अत‍िथ‍ि मौजूद रहेंगे।  हालांक‍ि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 24 अक्टूबर को ही काशी आ जाएंगे। वह एयरपोर्ट से सीधे नमो घाट पहुंचेंगे और एयर शो में भाग लेंगे। शो के बाद वह मीरजापुर चले जाएंगे। वहां वह मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करेंगे। मीरजापुर में ही रात्रि विश्राम के बाद वह अगले दिन वापस वाराणसी आएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री के साथ दोबारा एयर शो में शामिल रहेंगे। एयर शो के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किया गया है। नाव के संचालन पर रोक है। एनडीआरएफ के जवान नदी के दोनों किनारों पर लगातार नमो घाट से लेकर दशाश्वमेध, अस्सी तक चक्कर लगाते रहे हैं। राजघाट का पुल भी सुबह नौ बजे बंद कर दिया गया। प्रमुख व्यवस्थाएं     अस्थायी पुलिस थाने-79     32 जोन, 50 सेक्टर और 80 सब-सेक्टर में विभाजित     यातायात – चार ट्रैफिक प्लान, आंतरिक और बाहरी डायवर्जन     चिकित्सा- 165 सरकारी और 140 निजी अस्पतालों में बेड रिजर्व किया गया।     आठ अस्थायी अस्पताल तथा 100 एंबुलेंस, 57 मेडिकल टीम रहेगी, 12 बोट एम्बुलेंस।     ग्रीन कॉरिडोर-तीन प्रमुख कारिडोर- सभी अस्पतालों तक निर्बाध पहुंच की व्यवस्था     जल सुरक्षा- एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, जल पुलिस, गोताखोर     निगरानी- 25 वॉच टावर, सीसीटीवी, पीए सिस्टम और मेटल डिटेक्टर     खोया-पाया-11 केंद्र (प्रत्येक जोन में 1)     नाव संचालन-सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निजी नावों पर प्रतिबंध।     पार्किंग स्थलों पर पेयजल, शौचालय, 3000 सफाईकर्मी और इनकी निगरानी के लिए 140 लोग करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था 1-आधुनिक तकनीक और निगरानी व्यवस्था     आल-टेरेन व्हीकल (एटीवी)-10 वाहन (रेत में भी चलने वाले वाहन)     एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती     साइबर सुरक्षा टीम 2- पुलिस बल की तैनाती     पुलिस अधीक्षक -16     अपर पुलिस अधीक्षक -16     पुलिस उपाधीक्षक – 50     निरीक्षक-160     उपनिरीक्षक-1600     हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल-5000 3- विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती     पीएसी- 17 कंपनियां     पीएसी बाढ़ राहत-3 कंपनियां     एनडीआरएफ- 3 टीमें     एसडीआरएफ- 2 टीम     जल पुलिस-180 कर्मी।     अग्निशमन विभाग -23 टीम     आरएएफ- 5 कंपनी     एटीएस- 3 टीमें यातायात -1500 यातायात पुलिसकर्मी     11900 कुल पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात।  

किसानों के लिए नई उम्मीद बना एग्रीवोल्टाइक्स, खेती के साथ सौर ऊर्जा से बढ़ेगी कमाई

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान के एक लेख को शेयर करते हुए एग्रीवोल्टाइक्स की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक कृषि गतिविधियों के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन को जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण समृद्धि को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एग्रीवोल्टाइक्स किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध करा सकता है, ऊर्जा लागत कम कर सकता है और फसल उत्पादकता को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने इसे ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। गौरतलब है कि भारत 21 से 23 अक्टूबर तक नई दिल्ली में सातवें एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है, जिसकी थीम 'पावरिंग द ग्लोबल साउथ' रखी गई है। लेख में प्रह्लाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एग्रीवोल्टाइक्स, जिसे एग्रीपीवी भी कहा जाता है, किसानों को एक ही भूमि पर खेती जारी रखते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का अवसर देता है। इससे किसानों की आय के स्रोत बढ़ सकते हैं और कृषि क्षेत्र में अनिश्चितताओं के बीच उनकी आर्थिक मजबूती बढ़ सकती है। सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री-कुसुम योजना के अगले चरण में एग्रीवोल्टाइक्स को विशेष स्थान दिए जाने की तैयारी है। इससे कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा उत्पादन को और गति मिलेगी और सिंचाई के सौरकरण के प्रयासों को मजबूत आधार मिलेगा। मंत्रियों ने अपने लेख में उल्लेख किया कि भारत के लगभग 86 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत किसान हैं। एग्रीवोल्टाइक्स उन्हें कृषि उत्पादन और स्वच्छ ऊर्जा, दोनों से आय अर्जित करने का अवसर दे सकता है। उनके अनुसार, यह मॉडल बिजली बिक्री से अतिरिक्त आय उपलब्ध कराने के साथ-साथ डीजल और खरीदी गई बिजली पर निर्भरता कम कर सकता है। इसके अलावा यह सूक्ष्म जलवायु (माइक्रोक्लाइमेट) तैयार करने में मदद करता है, जिससे फसलों को अत्यधिक गर्मी, सूखे, तीव्र सौर विकिरण और ओलावृष्टि जैसी स्थितियों से सुरक्षा मिल सकती है। लेख में कहा गया है कि एग्रीवोल्टाइक्स के व्यापक उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सौर अवसंरचना की स्थापना, रखरखाव और उससे जुड़ी कृषि सेवाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एग्रीवोल्टाइक्स के सफल क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त फसलों का चयन, पर्याप्त सिंचाई, पोषक तत्व प्रबंधन और ऐसे डिजाइन आवश्यक होंगे जो खेती के लिए पर्याप्त सूर्य प्रकाश सुनिश्चित करें। मंत्रियों ने कहा कि कृषि और ऊर्जा विभागों, राज्य सरकारों, अनुसंधान संस्थानों तथा स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय इस मॉडल को सफल बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।