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PM मोदी ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया, माखनलाल सरकार और बंगाल की जनता पर भावुक पल

कलकत्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पश्चिम बंगाल की जीत के मायने बड़े हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है जब वह शुभेंदु अधिकारी और उनकी कैबिनेट की शपथ के लिए मंच पर पहुंचे तो उन्होंने मंच पर मौजूद माखनलाल सरकार का सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड स्थित मंच पर पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और काफी देर तक गले से लगाए रखा। इस दौरान वहां पीएम मोदी और माखनलाल सरकार सहित मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।आज जब पहली बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो भगवा पार्टी ने 98 साल के इस वयोवृद्ध नेता को ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर स्थान दिया और उनका सम्मान किया। पीएम मोदी का बंगाल की जनता को अनोखा सलाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. सीनियर लीडर सुवेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ ली. उनके साथ पांच अन्‍य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली. इस तरह 9 मई 2026 से बंगाल में भाजपा सरकार अस्तित्‍व में आ गई. इस दौरान पीएम मोदी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्‍ता दिलाने के लिए पश्चिम बंगाल की जनता को नमन किया. शपथ ग्रहण मंच पर घुटनों के बल बैठते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरपूर प्रेम और आशीर्वाद देने के लिए बंगाल की जनता का भावुक तरीके से आभार जताया।  मौका था पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का. इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे थे. सुवेंदु अधिकारी अन्‍य मंत्रियों के शपथ लेने के बाद उन्‍होंने बंगाल में भाजपा के पहले मुख्‍यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उनके कैबिनेट सहयोगियों को बधाई दी. इसके बाद मौका था उनका शुक्रिया अदा करने का, जिनके आशीर्वाद से भाजपा बंगाल की सत्‍ता में आई. पीएम मोदी ने पहले हाथ उठाया, फिर हाथ जोड़े, उसके बाद मंच पर घुटनों के बल बैठे और फिर नतमस्‍तक होकर पश्चिम बंगाल की जनता का शुक्रिया अदा किया. इस मौके पर समारोह स्‍थल पर ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगते रहे।  कौन हैं माखनलाल सरकार? माखनलाल सरकार आज भी राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं। 1952 में उन्हें कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार कर लिया गया था। इस दौरान वह जेल में रहे। 1980 में BJP के गठन के बाद वे पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के संगठनात्मक समन्वयक बने। सिर्फ एक साल के अंदर ही उन्होंने लगभग 10,000 सदस्यों को पार्टी में शामिल करवाने में मदद की। 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में सेवा की। यह उस समय एक असाधारण उपलब्धि थी, जब आम तौर पर BJP के नेता किसी एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे। इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए शुभेंदु अधिकारी के साथ सभा में पहुंचे रपीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। 'जय श्री राम' के नारों के बीच मोदी खुले वाहन पर सवार होकर समारोह स्थल में दाखिल हुए और हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री सुबह करीब दस बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिये रेस कोर्स मैदान पहुंचे, जहां से वह सड़क मार्ग से समारोह स्थल पर पहुंचे। सुबह से ही हजारों भाजपा समर्थक शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनने के लिए ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जमा होने लगे।आपको बता दें कि भाजपा ने 294-सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट जीतकर राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत किया है। वयोवृद्ध पार्टी कार्यकर्ता के पीएम मोदी ने छुए पैर पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का आशीर्वाद लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे. ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए नामित सुवेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य के साथ खुली जीप में सवार होकर वहां मौजूद हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन किया. पूरा ब्रिगेड परेड ग्राउंड भगवा रंग में सजा हुआ नजर आया. समारोह में बड़ी संख्या में कलाकार पारंपरिक ढोल की थाप पर प्रस्तुति दे रहे थे. जीप यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी मंच पर पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं से मुलाकात की. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने माखनलाल सरकार का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल भेंट की और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।  श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कर चुके हैं काम 98 वर्ष की आयु में भी माखनलाल सरकार आजादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं. 1952 में उन्हें कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार किया गया था. साल 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन समन्वयक बनाया गया. उन्होंने सिर्फ एक साल में करीब 10 हजार लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम किया. साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया. उस समय यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, क्योंकि आमतौर पर भाजपा नेता एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे। 

बंगाल में सुवेंदु सरकार की बड़ी योजना, मोदी गारंटी हर घर तक

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया. पहली बार भाजपा ने राज्य की सत्ता पर पूर्ण बहुमत के साथ कब्जा किया और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. ब्रिगेड मैदान में हुए भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने इस जीत को राष्ट्रीय महत्व दे दिया. चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने दावा किया था कि अगर बंगाल में उसकी सरकार बनी तो वे सभी केंद्रीय योजनाएं लागू होंगी जो सालों से राजनीतिक टकराव के कारण अटकी हुई थीं. अब सुवेंदु सरकार के गठन के साथ ही 'मोदी की गारंटी' को जमीन पर उतारने की चर्चा तेज हो गई है. भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, किसानों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल की राजनीति अब कल्याणकारी योजनाओं की सीधी प्रतिस्पर्धा में बदल सकती है।  सबसे ज्यादा चर्चा आयुष्मान भारत योजना को लेकर हो रही है. अब तक पश्चिम बंगाल इस केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से बाहर था. भाजपा सरकार बनने के बाद इसे राज्य में लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है. इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने विजय भाषण में कहा कि बंगाल के गरीब परिवारों को अब इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलेगी और निजी अस्पतालों तक उनकी पहुंच आसान होगी. भाजपा इसे बंगाल में अपनी सबसे बड़ी सामाजिक गारंटी के तौर पर पेश कर रही है।  प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी नई सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है. पिछले कुछ सालों में इस योजना पर भ्रष्टाचार और लाभार्थी चयन में गड़बड़ी के आरोप लगते रहे. अब सुवेंदु सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवास योजना को तेज करने की तैयारी में है. भाजपा नेताओं का दावा है कि लाखों अधूरे घरों का निर्माण जल्द पूरा होगा. केंद्र और राज्य के बीच फंड और नामकरण को लेकर जो विवाद था, वह अब खत्म माना जा रहा है. गरीब परिवारों को पक्का घर देने का मुद्दा भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया जा रहा है।  जल जीवन मिशन को भी नई सरकार के मेगा प्लान का अहम हिस्सा माना जा रहा है. बंगाल में अभी तक ग्रामीण इलाकों के केवल सीमित परिवारों तक नल से जल पहुंच पाया है. केंद्र ने हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन काम धीमा रहा. भाजपा सरकार का दावा है कि अब गांव-गांव पाइपलाइन बिछाकर हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा. राजनीतिक रूप से भी यह योजना बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का मुद्दा लंबे समय से बड़ा चुनावी विषय रहा है. भाजपा इसे 'डबल इंजन सरकार' की ताकत बताकर प्रचारित कर रही है।  किसानों को लेकर भी भाजपा सरकार बड़े ऐलान कर रही है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के साथ राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता जोड़ने की तैयारी है. भाजपा ने वादा किया है कि किसानों को सालाना 9 हजार रुपए तक की मदद दी जाएगी. इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी राज्य में पूरी तरह लागू किया जाएगा. प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को सीधे मुआवजा मिलेगा. भाजपा नेताओं का कहना है कि इससे किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा।  महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के लिए भी सुवेंदु सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है. भाजपा ने चुनाव के दौरान महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपए देने का वादा किया था. इसे तृणमूल कांग्रेस की 'लक्ष्मी भंडार' योजना से बड़ा कदम बताया जा रहा है. वहीं स्नातक बेरोजगार युवाओं को भी मासिक भत्ता देने की बात कही गई है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को एकमुश्त आर्थिक सहायता देने का वादा भी भाजपा के एजेंडे में शामिल है. इससे युवा वर्ग में नई सरकार को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।  प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना भी बंगाल की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. बंगाल के कारीगरों, बुनकरों, कुम्हारों और मछुआरों को आधुनिक उपकरण, ट्रेनिंग और बिना गारंटी वाले लोन देने की तैयारी है. भाजपा का मानना है कि इससे पारंपरिक रोजगार को नई ताकत मिलेगी. खासकर उत्तर और दक्षिण 24 परगना, सुंदरबन और तटीय इलाकों में मछुआरा समुदाय को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. सरकार इसे 'आत्मनिर्भर बंगाल' मॉडल का हिस्सा बता रही है।  सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी भाजपा सरकार ने बड़ा संदेश दिया है. चुनाव के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर लंबित डीए का भुगतान किया जाएगा और सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा. अब लाखों कर्मचारी नई सरकार के फैसलों पर नजर लगाए बैठे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर सुवेंदु सरकार इन वादों को तेजी से लागू करती है तो बंगाल की राजनीति में भाजपा अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है. वहीं विपक्ष इसे चुनावी वादों की असली परीक्षा बता रहा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस पर करेंगे संबोधन

भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करेंगे 182 देशों के प्रतिभागी प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यम से बनेंगे भारत के सबसे व्यापक आध्यात्मिक आंदोलन के साक्षी रायपुर भारत के माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी जी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ की स्थापना के 45 वर्ष पूर्ण होने और इसके संस्थापक, गुरुदेव रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित समारोह को संबोधित करेंगे 10th मई 2026 को, आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु में। भारत के इस सबसे दूरगामी मानवीय एवं आध्यात्मिक आंदोलन के साढ़े चार दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस वैश्विक समागम में 182 से अधिक देशों के प्रतिभागी प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित होंगे। यह आयोजन समाज के हर वर्ग  राजनेताओं, सिविल सेवकों, किसानों, इंजीनियरों, गृहिणियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाएगा, जो गुरुदेव के दूरदर्शी नेतृत्व और संगठन के वैश्विक प्रभाव का एक अनूठा उत्सव होगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य वक्तव्य देंगे तथा नव-निर्मित ‘ध्यान मंदिर’ एक विशेष ध्यान कक्ष का उद्घाटन करेंगे।  इसके साथ ही, वे मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित राष्ट्रव्यापी सेवा पहलों का भी शुभारंभ करेंगे। संस्था के विषय में वर्ष 1981 में गुरुदेव रवि शंकर द्वारा स्थापित 'आर्ट ऑफ लिविंग' आज एक वैश्विक, स्वयंसेवक-आधारित मानवीय और शैक्षिक संगठन बन चुका है। 182 देशों में सक्रिय यह संस्था 'सुदर्शन क्रिया' जैसी परिवर्तनकारी श्वास तकनीकों और सतत विकास के क्षेत्र में अपनी अग्रणी ठोस पहलों के माध्यम से अब तक 100 करोड़ से अधिक जीवन को स्पर्श कर चुकी है। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ * शासन, व्यवसाय, मीडिया, शिक्षा, कला-संस्कृति और नागरिक समाज में नैतिकता पर केंद्रित वैश्विक नेतृत्व संवाद और शिखर सम्मेलन। * 182 देशों की विविध संस्कृतियों को प्रस्तुत करते हुए संगीत, नृत्य और कलात्मक अभिव्यक्तियों से सुसज्जित सांस्कृतिक महोत्सव। * 13 मई 2026 को गुरुदेव रवि शंकर के मार्गदर्शन में ‘विश्व शांति हेतु वैश्विक ध्यान’ सभी के लिए निःशुल्क और विश्वभर में सीधा प्रसारित। * भारत के 450 से अधिक जिलों में कार्यरत अनसुने दैनिक नायकों (Unsung Heroes) को सम्मानित करने के विशेष समारोह। * विभिन्न क्षेत्रों और सार्वजनिक सेवाओं में अधिक मानवीय और सतत व्यवस्थाएँ विकसित करने पर केंद्रित नीति एवं विषयगत गोलमेज चर्चाएँ। * 25–26 मई को ‘बंदी कल्याण और नीतिगत सुधार’ पर विशेष गोलमेज, इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य जेलों में सुधार की सर्वोत्तम पद्धतियों को रेखांकित करना तथा कैदियों के पुनर्वास में 'आर्ट ऑफ लिविंग' के कार्यक्रमों के सकारात्मक प्रभाव को प्रदर्शित करना  होगा। •भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित ‘बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान’, जिसमें सभी सात बिम्सटेक देशों के युवा नेता ‘आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर’ में केंद्रित नेतृत्व प्रशिक्षण (लीडरशिप इमर्शन) हेतु एकत्र होंगे।  आयोजन का महत्त्व  वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के बीच इस तरह के आयोजनों का महत्त्व केवल औपचारिकता से कहीं अधिक है। दशकों से आर्ट ऑफ लिविंग भारत के सांस्कृतिक ज्ञान के एक सशक्त संवाहक के रूप में कार्य कर रहा है, जिसने प्राचीन भारतीय ज्ञान को करोड़ों लोगों के जीवन का व्यावहारिक अनुभव बनाया है। संस्था की 45 वर्षों की यात्रा विश्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और सांस्कृतिक नेतृत्व की गाथा के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। प्रमुख वक्तव्य माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी जी "आर्ट ऑफ लिविंग ने लोगों को जागरूकता, करुणा और अपनी जड़ों से जुड़े रहकर  कार्य करना सिखाया है। यही वास्तव में योग का मूल स्वरूप है। और यही कारण है कि आज जब विश्व – चिंता, संघर्ष और विखंडन के समाधान खोजता है, तो उसकी दृष्टि बढ़ते हुए भारत की ओर जाती है।”  गुरुदेव रवि शंकर “एक स्वस्थ समाज की पहचान है- हर चेहरे पर मुस्कान। यही लक्ष्य है, जिसके लिए हम पिछले 45  वर्षों से निरंतर प्रयासरत हैं।”  

10 मई को दमोह में पीएम मोदी, स्वावलंबी गोशाला की आधारशिला रखेंगे

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। इस बार वे किसी चुनावी रैली या सभा के लिए नहीं आ रहे हैं पीएम मोदी इस बार एक बेहद खास काम के लिए दमोह आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 10 मई 2026 को पीएम मोदी पथरिया विधानसभा क्षेत्र में आएंगे। दमोह जिले के पथरिया में एक विशाल स्वावलंबी गोशाला बनने जा रही है। यह गोशाला कोई आम गोशाला नहीं होगी, बल्कि इसे आधुनिक और आत्मनिर्भर मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इसी गोशाला का भूमि पूजन करेंगे और इसकी नींव रखेंगे। 517 एकड़ जमीन पर तैयार होगी इस पूरी योजना के लिए कुल 517 एकड़ जमीन इसके लिए चुनी गई है। ये जमीन विकासखंड पथरिया के तीन गांवों रानगिर, कल्याणपुरा और बिजोरी में है।इतनी बड़ी जमीन पर गोशाला बनने से न केवल गायों को बेहतर ठिकाना मिलेगा, बल्कि इलाके के विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।हाल ही में आईएएस प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक (SP) श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने खुद मौके पर जाकर जमीन का मुआयना किया।  मुंबई की कंपनी को मिला है जिम्मा मध्य प्रदेश गौसंबर्धन बोर्ड ने इस गोशाला के निर्माण के लिए मुंबई की एक प्रतिष्ठित कंपनी को आदेश जारी कर दिए हैं।पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. बृजेंद्र असाटी ने बताया कि कंपनी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 10 मई से पहले जमीन की फेंसिंग का काम पूरा हो जाने की बात कही है। इसके अलावा कम से कम 200 गायों के रहने के लिए अस्थायी शेड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा और तैयारियों का जायजा दमोह के एसपी ने साफ किया है कि भूमि पूजन का कार्यक्रम प्रधानमंत्री के हाथों होना है। इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। जिले के बड़े अधिकारी लगातार पथरिया का दौरा कर रहे हैं ताकि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रह जाए। अंतिम चरण में चल रही तैयारियां स्वीकृत भूमि पर गोशाला के निर्माण और संचालन के लिए मेसर्स श्रीराम मानेक एग्रो प्रोडक्टस प्राइवेट लिमिटेड मुंबई को मध्य प्रदेश गौसंबर्धन बोर्ड भोपाल द्वारा आदेशित किया गया है। दिए गए निर्देश इस संबंध में उपसंचालक पशुपालन डॉ. बृजेंद्र असाटी ने बताया कि मध्य प्रदेश गौसंबर्धन बोर्ड द्वारा गोशाला के संचालन के लिए नियुक्त कंपनी को समय सीमा में भूमि की फेंसिंग और अस्थायी 200 गौवन्श की गोशाला का निर्माण 10 मई 2026 के पहले किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा एसपी ने कहा कि, इस गोशाला का भूमि पूजन वैसे तो प्रधानमंत्री के सानिध्य में होना प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां प्रक्रिया के अंतिम चरण में चल रही हैं। इसी के चलते कलेक्टर के साथ – साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और समय पर निर्धारित काम निपटाने के साथ साथ तैयारियों को लेकर जरूरी दिशा – निर्देश दिए। पीएम मोदी के पिछले दौरे प्रधानमंत्री मोदी का मध्य प्रदेश से पुराना लगाव रहा है। इससे पहले वे 17 सितंबर 2025 को अपने 75वें जन्मदिन के मौके पर प्रदेश आए थे। उस दौरान उन्होंने कई बड़े काम किए थे।     धार दौरा: बदनावर के भैसोला गांव में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास किया था।     महिला सशक्तिकरण: 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान की शुरुआत की थी। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं को पैसे ट्रांसफर किए थे।     भोपाल दौरा (31 मई 2025): रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर भोपाल आए थे। इंदौर मेट्रो के एक खास कॉरिडोर का उद्घाटन किया था।

गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर पीएम मोदी ने की सीएम योगी के नेतृत्व में हो रहे विकास की सराहना

गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर पीएम मोदी ने की सीएम योगी के नेतृत्व में हो रहे विकास की सराहना पीएम ने गंगा एक्सप्रेसवे को बताया विकास की नई लाइफलाइन, किसानों, उद्योग व युवाओं के लिए खुलेंगे अवसरों के द्वार हरदोई  गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में केवल एक्सप्रेसवे ही नहीं बन रहे, बल्कि इनसे भी तेज गति से प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने इसे “नए उत्तर प्रदेश” की पहचान बताते हुए कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और रोजगार के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक परिवर्तन का आधार है, जहां प्रदेश का विकास एक्सप्रेसवे की रफ्तार से भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हरिद्वार तक विस्तार की योजना पर काम शुरू प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे का यह वरदान मां गंगा के आशीर्वाद से मिला है। अब लोग कुछ ही घंटों में संगम पहुंच सकते हैं और काशी में बाबा के दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने खुशी जताई कि एक्सप्रेसवे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा गया है, जो प्रदेश की विरासत और विकास दोनों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले किसानों की फसलें समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाती थीं, लेकिन अब एक्सप्रेसवे के माध्यम से कम समय में उत्पाद बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर और प्रतापगढ़ का आंवला जैसे उत्पादों को नई बाजार पहुंच मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों में उद्योगों को आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। गंगा एक्सप्रेसवे केवल पांच वर्षों में बनकर तैयार हुआ है और इसके विस्तार की योजना पर भी काम शुरू हो गया है, जिससे यह मेरठ से आगे हरिद्वार तक पहुंचेगा। साथ ही इसे अन्य एक्सप्रेसवे से जोड़कर एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रही यूपी की तस्वीर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। राज्य में 21 एयरपोर्ट विकसित हो रहे हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। ब्रह्मोस मिसाइल जैसे बड़े प्रोजेक्ट यूपी की औद्योगिक शक्ति को नई पहचान दे रहे हैं। एक समय उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य कहा जाता था, लेकिन आज वही राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के साथ प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल रही है और अब यूपी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। पिछली सरकारों ने अपराध-जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या पुरानी सरकारों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कल्पना भी की जा सकती थी? पहले पलायन होता था, आज यहां इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं। भारत में जितने मोबाइल फोन बनाए जा रहे हैं, उनमें से आधे से अधिक केवल उत्तर प्रदेश में ही बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने पुरानी सियासत को बदल दिया है। हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और कृष्ण की पावन धरती है। पिछली सरकारों ने अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था। जिनके हाथ से सत्ता गई है, वे आज फिर यूपी और समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे महिला विरोधी हैं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उन्होंने विरोध किया। लेकिन इन विपक्षी दलों को यूपी की सीटें बढ़ने से आपत्ति है। वे आपके वोट से संसद पहुंचते हैं और फिर यूपी को गाली देने वालों के साथ खड़े हो जाते हैं।

राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किया प्रधानमंत्री का स्वागत

वाराणसी,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को काशी पहुंचे। यहां बीएलडब्ल्यू हेलीपैड पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया।  मुख्यमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष संग किया दर्शन-पूजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी रहे। दोनों नेताओं ने बाबा विश्वनाथ से सुखी, समृद्ध देश-प्रदेश की कामना की।  इसके पहले एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल आदि भी मौजूद रहे।

गोल के बाद पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के साथ किया सेलिब्रेशन, फुटबॉल मैदान से खास तस्वीरें

गंगटोक पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शोर थम गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार थमने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब सिक्किम पहुंच चुके हैं. दो दिन के दौरे पर सिक्किम पहुंचे पीएम मोदी मंगलवार की सुबह-सुबह गंगटोक में युवाओं के बीच नजर आए।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फुटबॉल के मैदान में भी उतरे और युवाओं के साथ फुटबॉल भी खेला. फुटबॉल मैदान की तस्वीरें शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सिक्किम में अपने युवा मित्रों के साथ गंगटोक की सुहानी सुबह में फुटबॉल खेलने जैसा कुछ नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन तस्वीरों में युवाओं के साथ फुटबॉल खेलते नजर आ रहे हैं।  पीएम मोदी के युवाओं के बीच पहुंच फुटबॉल खेलने और इसकी तस्वीरें शेयर करने को पश्चिम बंगाल साधने की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है. दरअसल, सिक्किम के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी फुटबॉल बहुत ही लोकप्रिय है. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता भारत में क्लब फुटबॉल का बड़ा केंद्र है. वहीं, गांव स्तर तक फुटबॉल क्लबों का वजूद है।  पीएम मोदी के गोल पर तालियां बजाते खिलाड़ी पश्चिम बंगाल में फुटबॉल किस कदर लोकप्रिय है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फुटबॉल विश्वकप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के समय सड़कों पर ट्रैफिक मानों थम सा जाता है. चुनाव प्रचार थमने के बाद प्रधानमंत्री मोदी फुटबॉल के मैदान में उतरे, गोल कर सेलिब्रेट करते नजर आए और इसकी तस्वीरें शेयर कीं, तो इसे फुटबॉल की इसी लोकप्रियता को कैश कराने के लिए संकेत की राजनीति की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।  गौरतलब है कि पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सिक्किम दौरे के पहले दिन सोमवार को गंगटोक में मेगा रोड शो किया. पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए बड़ी तादाद में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग सड़क पर दोनों तरफ खड़े नजर आए. पीए्म मोदी सिक्किम के भारत में विलय के 51 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और करीब चार हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। 

‘4 मई के बाद भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में वापसी करूंगा’, बंगाल में जीत को लेकर पीएम मोदी का भरोसा

बैरकपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले बैरकपुर में एक विजय संकल्प रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने राज्य के साथ अपने लंबे जुड़ाव पर प्रकाश डाला और 4 मई को नतीजों के बाद भाजपा की जीत का भरोसा जताया।  उन्होंने कहा, "इस चुनाव में यह मेरी आखिरी रैली है और पश्चिम बंगाल में मैं जहां भी गया हूं, मैंने लोगों का मूड देखा है. मैं इस भरोसे के साथ लौट रहा हूं कि 4 मई को नतीजों के बाद मुझे भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आना होगा।  पीएम ने कहा, बैरकपुर ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को शक्ति प्रदान की थी; आज यही भूमि बंगाल में बदलाव का मार्ग प्रशस्त कर रही है। पीएम ने कहा कि ओडिशा और बिहार के बाद इस बार पश्चिम बंगाल में कमल खिलेगा. उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत का विकास राष्ट्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है; तृणमूल के पास बंगाल के विकास के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि स्वयं को बंगाल की सेवा करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य की रक्षा करने के लिए समर्पित मानता हूं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त करके, भाजपा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्पों में से एक को पूरा किया. बंगाल में नई भाजपा सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राज्य की समृद्धि के सपने को पूरा करेगी और शरणार्थी मुद्दे का समाधान करेगी।  बैरकपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- एक ओर मिलें बंद हो रही हैं, दूसरी ओर कच्चे बम बनाने की फैक्ट्रियां खुल रही हैं, गुंडों को नौकरियां मिल रही हैं, टीएमसी का गिरोह फल-फूल रहा है. उन्होंने कहा- टीएमसी का फॉर्मूला है गाली दो, धमकी दो, झूठ बोलो, इन्होंने सेना, संवैधानिक संस्थाएं सब को गालियां दी. वहीं रोजगार की कमी के कारण बंगाल ने दशकों तक पलायन का दर्द सहा है, बीजेपी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार प्रदान करना होगी. दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 

पीएम मोदी ने हुगली नदी में नाव की सवारी की, नाविक को ₹1000 और गले लगाया; 5 दिन पहले खाई थी झालमुड़ी

 हुगली  पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हुगली नदी में नाव की सवारी की है। इस दौरान पीएम ने खुद से फोटोग्राफी भी की। तस्वीरों में वे हाथ में कैमरा लिए नजर आ रहे हैं। उन्होंने नाविकों से बातचीत भी की। हुगली में नाव की सवारी कराने वाले नाविक को एक हजार रुपए भी दिए। पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नाव की सवारी वाली तस्वीरें शेयर की। उन्होंने लिखा, ‘हर बंगाली के लिए गंगा का एक बहुत ही खास स्थान है। यह कहना गलत नहीं होगा कि गंगा बंगाल की आत्मा में बहती है।’ इससे पहले पीएम 19 अप्रैल को चुनाव प्रचार के दौरान झाड़ग्राम में रास्ते में वह एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। नाविकों से पीएम मोदी ने की मुलाकात इस दौरान उन्होंने हुगली के किनारे नाविकों और सुबह टहलने वाले लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'मुझे नाव चलाने वालों से मिलने का भी अवसर मिला, जिनकी कड़ी मेहनत की प्रवृत्ति सराहनीय है। और सुबह सैर करने वालों से भी मुलाकात हुई। हुगली नदी के तट पर, मैंने पश्चिम बंगाल के विकास और महान बंगाली लोगों की समृद्धि के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।'     हुगली नदी के भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ में कैमरा थामे हुए नाव की सवारी कर रहे थे। उन्होंने हुगली के तट से भी कुछ और शेयर कीं, जहां वे लोगों से मिलते हुए नजर आए। पीएम मोदी ने नदी के तट पर घूमने वाले लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया।     इस दौरान उन्होंने नदी की फोटोग्राफी करने का भी प्रयास किया और विद्यासागर सेतु व हावड़ा ब्रिज का करीब से नजारा देखा। पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "मैंने इस नदी की तस्वीरें खींचने की भी कोशिश की। साथ ही मुझे विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज की भी करीब से झलक देखने को मिली।' महुआ मोइत्रा को समझ आई होगी 'गलती'! हाल में बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह सिर में तिलक लगाए हुए मछली खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके इस वीडियो पर चुटकी लेते हुए टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने तंज भरे लहजे में कहा था। 'आपको बंगाल में मछली का आनंद लेते हुए देखकर खुशी हुई। चिंता मत कीजिए- यह कोई काल्पनिक दुनिया नहीं है। आप हुगली नदी पर क्रूज का आनंद ले सकते हैं और बिना गिरफ्तार हुए मछली खा सकते हैं। मोदी की हुगली यह सवारी महुआ को टेंशन दे सकती है। क्योंकि हुगली नदी से बड़ी संख्या में नाविक जुड़े हुए है, पीएम मोदी ने इन नाविकों और इनके परिवार को साधने की कोशिश की है। नाविक को दिए 1000 रुपए पीएम मोदी ने कोलकाता के हुगली घाट पर नाव की सवारी के बाद नाविक गौरांगो बिस्वास को गले लगाया और 1000 रुपए दिए। पीएम ने x पर एक वीडियो शेयर कर लिखा- कल शाम हावड़ा से कोलकाता तक लंबे रोड शो के दौरान हावड़ा ब्रिज पर था। आज सुबह उसे हुगली नदी से देखा। पीएम मोदी रविवार 19 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने झाड़ग्राम में एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। झालमुड़ी बनाते हुए दुकानदार ने पूछा, ‘आप प्याज खाते हैं। पीएम ने जवाब दिया- हां प्याज खाता हूं बस दिमाग नहीं। यह सुनकर दुकानदार हंसने लगा।’ मालूम हो कि बंगाल में पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ 92.66 फीसदी वोटिंग हुई है. अब राज्य में दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है. जिसके लिए चुनाव प्रचार तेज है. इस बीच पीएम मोदी ने शुक्रवार को हुगली में नाव की सवारी की. इससे पहले PM मोदी ने बंगाल में झालमुढ़ी का स्वाद चखा था. झाड़ग्राम में चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी अचानक झालमुड़ी की दुकान पर पहुंचे थे। 

‘झालमुड़ी खाई, मिर्ची TMC को लगी…’, पश्चिम बंगाल में बोले पीएम मोदी, तंज कसते हुए

कृष्णानगर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर में एक जनसभा को संबोधित किया. यहां हुई विजय संकल्प सभा में पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार और सीएम ममता बनर्जी पर हमला बोला और उनकी सरकार की नीतियों-नियमों की आलोचना की. जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने चुनावी माहौल पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि झालमुड़ी मैंने खाई है, पर मिर्ची टीएमसी को लग रही है।  टीएमसी पर पीएम मोदी का निशाना असल में अभी हाल ही में पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में झालमुड़ी खाई थी, जो चर्चा का विषय बन गई थी. इसी पर सीएम ममता ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'यह कोरा नाटक था, झालमुड़ी की दुकान में माइक लगा दिया, फिर एसपीजी से झालमुड़ी बनवाई ताकि एक ड्रामा रचा जा सके! कभी चुनाव के समय वह गुफा में चले जाते हैं, कभी खुद को चायवाला बताते हैं! उन्होंने 10 रुपये निकालकर झालमुड़ी खाई, जरा सोचिए. वह झालमुड़ी पहले से ही उनके लिए तैयार की गई थी. अगर ऐसा नहीं था, तो दुकान के अंदर कैमरा क्यों लगाया गया था? उनसे पूछिए. सब ड्रामा है!' चार मई को मिठाई भी बंटेगी और झालमुड़ी भी पीएम मोदी ने ऐसी ही बयानों पर हमला बोलते हुए कहा कि चार मई को मिठाई भी बंटेगी और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी. पीएम मोदी ने कहा कि, राज्य में पहले चरण की वोटिंग चल रही है और वह सभी मतदाताओं का अभिनंदन करते हैं. प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि इस बार मतदान का नया रिकॉर्ड बनाया जाना चाहिए।  पीएम मोदी ने चुनावी हिंसा के मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में यह पहला चुनाव है, जिसमें हिंसा काफी कम देखने को मिली है. उन्होंने इसे चुनाव आयोग की बड़ी सफलता बताया।  अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने स्थानीय संस्कृति का भी जिक्र किया और ‘झालमुरी’ को लेकर तंज कसते हुए कहा कि 4 मई को बंगाल में बीजेपी की जीत का जश्न मनाया जाएगा, जिसमें मिठाई भी बांटी जाएगी और झालमुरी भी. उन्होंने कहा कि “मैंने सुना है कि झालमुरी ने कुछ लोगों को झन्नाटेदार झटका दिया है. मैंने झालमुरी खाई है, लेकिन ‘झाल’ टीएमसी को लगा है।  प्रधानमंत्री के इस बयान को तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है. रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पीएम मोदी ने एक बार फिर बंगाल में सत्ता परिवर्तन का भरोसा जताया।