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प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती

मंत्री सारंग ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम से छोला मंदिर में हनुमान जी को गदा की अर्पित प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने पर सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल के सबसे प्राचीन मंदिर छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर में कार्यकर्ताओं के साथ भव्य महाआरती एवं सामूहिक संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ किया। मंत्री सारंग ने खेड़ापति हनुमान जी के चरणों में प्रधानमंत्री मोदी के नाम की गदा अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुदृढ़ नेतृत्व तथा राष्ट्रसेवा के सफल एवं यशस्वी भविष्य के लिए मंगलकामनाएं कीं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, आत्मनिर्भरता, डिजिटल नवाचार, गरीब कल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व पटल पर अपनी एक सशक्त, आत्मविश्वासी एवं निर्णायक राष्ट्र के रूप में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा, समर्पण और सुशासन को राजनीति का आधार बनाकर करोड़ों देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। आज भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार, आर्थिक प्रगति तथा सांस्कृतिक गौरव के नए युग में प्रवेश कर चुका है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक निरंतर निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने का गौरवपूर्ण कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। यह उपलब्धि केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की जनता के अटूट विश्वास, उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता तथा राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, कार्य संस्कृति एवं राष्ट्र प्रथम का भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। नरेला के सभी मंदिरों में आयोजित हुए कार्यक्रम मंत्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा के समस्त प्रमुख मंदिरों पर धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन किये गये। इस अवसर पर मंदिरों में पूजन, आरती एवं राष्ट्र की समृद्धि और प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गई। उन्होंने बताया कि यह अवसर प्रत्येक भारतीय और कार्यकर्ताओं के लिए गौरव, प्रेरणा और उत्सव का विषय है।  

12 साल के कार्यकाल के जश्न के बीच PM मोदी को मिला इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का खास संदेश

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड बनने के बाद दुनिया भर से बधाई संदेश आ रहे हैं. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी को शुभकामनाएं दी हैं. मेलोनी ने कहा कि नरेंद्र मोदी का भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनना एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने हाल में रोम में हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए भारत और इटली के रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात भी कही. यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब पीएम मोदी के केंद्र सरकार में 12 साल पूरे होने को लेकर भी चर्चा तेज है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारतीय राजनीति में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले मोदी ने लगातार 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं. इसके साथ ही वे संविधान लागू होने के बाद भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 1952 के पहले आम चुनाव के बाद लगातार 4,398 दिन तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था।  जॉर्जिया मेलोनी ने लिखा खास संदेश. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को टैग करते हुए उन्हें बधाई दी. उन्होंने लिखा कि भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी को ढेर सारी शुभकामनाएं. फिर मेलोनी ने कुछ हफ्ते पहले रोम में हुई अपनी द्विपक्षीय मुलाकात को भी याद किया, जिसे लेकर वे काफी खुश दिखीं. इसके अलावा, अपने संदेश में दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों पर बात की. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर एक विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है. यह साझेदारी भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. इससे दोनों देशों के नागरिकों के लिए प्रगति के नए बेहतरीन अवसर पैदा होंगे।  इस खास मौके पर देश और दुनिया के कई बड़े नेताओं ने भी पीएम मोदी को शुभकामनाएं दी हैं. नेताओं ने इसे जनता के भरोसे और लंबे राजनीतिक सफर की बड़ी उपलब्धि बताया है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनसेवा ही अच्छे शासन की सबसे बड़ी पहचान होती है. उन्होंने कहा कि वही व्यक्ति लोगों का विश्वास जीतता है, जो विनम्रता, समर्पण और कर्तव्य भावना के साथ लगातार काम करता है। 

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नया अध्याय, CM साय ने PM मोदी के कार्यकाल को बताया कीर्तिमान

रायपुर  भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। देश की जनता से लगातार प्राप्त जनादेश के आधार पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रहित के प्रति उनके समर्पित नेतृत्व का प्रमाण है। नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में अंत्योदय का संकल्प साकार हुआ है और भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास के साथ अग्रसर हुआ है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण से राष्ट्रीय चेतना को नई ऊर्जा मिली, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति ने राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ किया तथा आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई और सशक्त सैन्य अभियानों ने विश्व के समक्ष नए भारत के सामर्थ्य और आत्मविश्वास को स्थापित किया है। साथ ही, उन्होंने संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए भारतीय जनता पार्टी को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज वे विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेताओं में अग्रणी हैं और उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि हम एक पारदर्शी और सुशासन पर आधारित सरकार चलाना चाहते हैं, और लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। हमने राज्य में 'सुशासन और कन्वर्जेंस विभाग' भी बनाया है और इसी पहल के तहत आज हम मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नीति आयोग की बैठकों का एजेंडा तय होता है और उसी के अनुसार चर्चा होगी। जहां तक ​​बस्तर की बात है, नक्सलवाद के कारण यह इलाका लगभग 40 से 50 वर्षों तक पिछड़ा रहा। सरकार ने इसके विकास में तेजी लाने के लिए पहले ही काम शुरू कर दिया है और इसकी तेजी से प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। अब प्रदेशवासी टोल-फ्री नंबर 1076, मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें, सुझाव और समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी ट्रैकिंग, निगरानी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित होगा। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो मामले की पुनः समीक्षा का भी प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास से जुड़े सुझाव भी नागरिक सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। सुशासन का मूल उद्देश्य जनसमस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। सुशासन को प्राथमिकता विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। जनता को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से राज्य में "सुशासन एवं कन्वर्जेंस विभाग" का गठन किया गया है और सीएम हेल्पलाइन 1076 उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बस्तर विकास के लिए तैयार हो रहा रोडमैप नीति आयोग की बैठकों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित एजेंडे के अनुसार विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। बस्तर क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार से पांच दशकों तक विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए पहले से ही कई योजनाओं पर कार्य कर रही है तथा क्षेत्र की तीव्र प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।

Ahmedabad Metro Phase-2A को हरी झंडी, 2169 करोड़ रुपये से एयरपोर्ट तक होगा विस्तार

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2A प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी. यह प्रोजेक्ट कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 6 किलोमीटर का विस्तार है और इसकी अनुमानित लागत 2,169 करोड़ रुपये है. कैबिनेट की बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का मकसद अहमदाबाद में शहरी आवागमन को बेहतर बनाना और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर व डेवलपमेंट हब (जिनमें प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स की सुविधाएं भी शामिल हैं) तक कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।  यह एक्सटेंशन बनने वाले कॉमनवेल्थ एन्क्लेव को एयरपोर्ट से जोड़ेगा, जिससे एथलीटों, अधिकारियों, आने वाले लोगों और निवासियों के लिए आसानी से आना-जाना मुमकिन हो जाएगा. अहमदाबाद 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने वाला है।  अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के विस्तार में करीब 2169 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है. इसमें करीब 2500 लोगों को रोजगार भी मिलेगा. यह परियोजना पूरी होते ही अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो रूट का विस्तार 77.63 किलोमीटर तक हो जाएगा।  केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी दी. वैष्णव ने कहा, पंडित नेहरू एक बहुत बड़े राजनीतिक परिवार से आए थे. हमें अंग्रेजों से अभी-अभी आजादी मिली थी. माहौल और सोच अलग थी, जिन लोगों का कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं था, जो बहुत साधारण परिवारों से आए थे और जिन्होंने अपने काम से देश को आगे बढ़ाया, देश ने उन पर भरोसा किया।  रेल मंत्री ने कहा, आज पीएम मोदी ने एक चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने का नया रिकॉर्ड बनाया है. इस मौके पर केंद्रीय कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पास किया है. इस प्रस्ताव में पीएम मोदी के देश के लिए एक चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार सेवा के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर चर्चा की गई है और कई वादों और संकल्पों की रूपरेखा बताई गई है. 10 जून 2026 भारतीय लोकतंत्र की यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण है. आज नरेंद्र मोदी देश की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं. प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 4399 दिनों तक सेवा करने का रिकॉर्ड बनाया है. यह एक ऐसा पड़ाव है जिसे आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार हासिल किया गया है।  कॉरिडोर के स्टेशनों के नाम इस कॉरिडोर की लंबाई 6.032 किलोमीटर होगी और इसमें 05 स्टेशन (04 एलिवेटेड और 01 अंडरग्राउंड) होंगे. फेज 2(A) के चालू होने पर, अहमदाबाद-गांधीनगर में 77.63 किलोमीटर का एक्टिव मेट्रो रेल नेटवर्क हो जाएगा. फेज 2(A) कॉरिडोर के स्टेशनों के नाम हैं- आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती नदी, सरदार नगर और एयरपोर्ट. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की कुल लागत (IDC – यानी निर्माण के दौरान लगने वाले ब्याज सहित) 2,169.04 करोड़ रुपये होगी।  फायदे और विकास को बढ़ावा अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का फ़ेज 2(A) शहर के इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक अहम प्रगति है. फेज़ 2(A) शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क के बड़े विस्तार के तौर पर काम करता है।  बेहतर कनेक्टिविटी अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के फेज 2(A) में लगभग 6.032 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर का विकास शामिल है. इसका मकसद एयरपोर्ट तक आसान कनेक्टिविटी देकर और ऐसे प्रमुख रिहायशी व कमर्शियल इलाकों को जोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को काफी बेहतर बनाना है, जहां अभी ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधाएं नहीं हैं।  इस फेज का मकसद रिहायशी और कमर्शियल हब जैसे अहम इलाकों को मौजूदा अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर से आसानी से जोड़ना है. साथ ही, वर्ल्ड पुलिस गेम्स 2029 और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए आस-पास स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित किए जाने की भी संभावना है।  इन अहम इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़कर, फेज 2(A) न केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा, साथ ही यहां रहने वालों और आने-जाने वालों के लिए शहरी आवाजाही को आसान बनाएगा।  आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के लिए ऑफिस अकोमोडेशन प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में केंद्र सरकार के जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (CGGPOA) के निर्माण को मंजूरी दे दी है।  यह प्रोजेक्ट अमरावती के नए ग्रीनफील्ड शहर में एक अहम पहल है, जिसे एक वर्ल्ड-क्लास शहरी केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना है. इस प्रस्ताव का मकसद केंद्र सरकार के अलग-अलग दफ्तरों के लिए ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग को पूरा करना है, ताकि उन्हें एक ही जगह पर लाया जा सके. इससे विभागों के बीच तालमेल बेहतर होगा और आंध्र प्रदेश राज्य को केंद्र सरकार की तरफ से दी जाने वाली सेवाओं की क्षमता और असर में सुधार होगा।  5.53 एकड़ में बनेगा अकोमोडेशन आंध्र प्रदेश के नए राजधानी शहर अमरावती में सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (CGGPOA) को 5.53 एकड़ जमीन पर बनाने की योजना है. CGGPOA में दो ब्लॉक हैं।  एक ब्लॉक प्लॉट C-9 पर है जिसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा 13 मंजिलें हैं (ग्राउंड फ्लोप पर सर्विसेज, तीन मंजिलों पर पोडियम पार्किंग और दस मंजिलों पर ऑफिस स्पेस हैं), और दूसरा ब्लॉक प्लॉट C-8 पर है जिसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा 10 मंजिलें हैं (ग्राउंड फ्लोर पर सर्विसेज, तीन मंजिलों पर पोडियम पार्किंग और सात मंजिलों पर ऑफिस स्पेस हैं). इस सुविधा को लगभग 8,000 अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें लगभग 1,800 इक्विवेलेंट कार स्पेस (ECS) के लिए पोडियम पार्किंग की व्यवस्था का प्रस्ताव है. इस प्रोजेक्ट का कुल बिल्ट-अप एरिया 23,25,000 वर्ग फ़ीट (2,16,032 वर्ग मीटर) है। 

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ में गिरिराज सिंह ने पढ़े कसीदे, बोले- आने वाली पीढ़ियां भी करेंगी सम्मान

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. वह सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. नेहरू ने जहां 13 मई 1952 को पहली बार निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और लगातार 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे. वहीं नरेंद्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री आज 4399 दिन पूरे करते हुए सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से उनका ये सफर लगातार जारी है।  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लगातार तीन बार 2014, 2019, 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. पीएम मोदी की इस खास उपलब्धि पर देश और दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं. वहीं इस मौके पर बीजेपी ’12 साल बेमिसाल’ अभियान शुरू करने वाली है. इस कार्यक्रम की शुरुआत आज भारत मंडपम से होगी।  'पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने संबंधों को मजबूत किया…' यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने दी बधाई यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने संदेश में कोस्टा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई।  उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं. कोस्टा ने इस साल आयोजित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के रिश्तों में आई मजबूती इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।  यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने आगे कहा कि वह भारत के साथ सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और मित्रता को आगे भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे।   पीएम मोदी रोल मॉडल, लीडरशिप की मिसाल… पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने भेजा बधाई संदेश पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को ‘एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल’ बताया. उन्होंने कहा, ‘आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है.’ प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की. मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था. किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी. यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी. इस यात्रा ने ‘ग्लोबल साउथ’ के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।  पीएम मोदी अवतरित पुरुष, उन्हें पूजेंगे लोग…' प्रधानमंत्री के 12 साल पर बोले गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘महामानव’ और ‘अवतरित पुरुष’ बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए जो कार्य किए हैं, वे असाधारण हैं और आने वाले समय में लोग उन्हें पूजेंगे।  केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और प्रधानमंत्री मोदी के लगातार 12 साल तक देश का नेतृत्व करने वाले पहले प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर गिरिराज सिंह ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों पर विपक्ष सवाल नहीं उठा सकता, क्योंकि उनके नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।  गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार सत्ता सौंपकर उन्हें प्रमाणपत्र दे दिया है, जबकि राहुल गांधी हार का जश्न मना रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ‘थेथरोलॉजी’ की राजनीति कर रहे हैं।  'राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण' पीएम मोदी के रिकॉर्ड पर जयशंकर ने दी बधाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर दिन इतिहास रच रहे हैं और 4,399 दिनों का उनका कार्यकाल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड उनके नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत कीर्तिमान नहीं, बल्कि भारत की जनता के उस विश्वास और भरोसे का प्रतिबिंब है, जो उन्होंने लगातार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जताया है।  जयशंकर ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है और देश ने विकास, सुशासन तथा राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में भारत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  'विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा…' बतौर प्रधानमंत्री अपने रिकॉर्ड पर क्या बोले पीएम मोदी? संस्कृत श्लोक से दिया संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के रिकार्ड पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा, ‘जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है. विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।      जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।

PM मोदी के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर शक्ति प्रदर्शन, 35 पार्टियों के 75 नेता जुटेंगे, भविष्य की रणनीति पर होगा मंथन

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगुवाई वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे हो गए हैं.देश के पहले प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड पीएम मोदी ने मोदी तोड़ दिया है. यह रिकॉर्ड आजादी के बाद निर्वाचित सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का है. पंडित नेहरू चुनाव जीतकर 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे जबकि नरेंद्र मोदी का बतौर पीएम का 4399वां दिन है।  पीएम मोदी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल का ऐतिहासिक कार्यकाल पूरा करने पर पूरे देश में जश्न का माहौल है. मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल की उपलब्धियों को बीजेपी लोगों के सामने रख रही है और उपलब्धियों का जश्न भी मना रही है. इस मौके पर दिल्ली में बीजेपी और एनडीए के सभी सहयोगी दल के नेता दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाली बैठक में शिरकत करेंगे।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड बनाने उपलक्ष्य में भारत मंडपम में हो रही बैठक में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित प्रमुख नेता शामिल होंगे. एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पास किया जाएगा।  35 दल के 75 नेता करेंगे शिरकत पीएम मोदी ने 1952 के आमचुनावों के बाद चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा लिया है जबकि जवाहर लाल नेहरू  4,398 दिन तक पीएम रहे थे. इस तरह से नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।  मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर दिल्ली के भारत मंडपम में एक जश्न रखा गया है,  जिसमें बीजेपी और उसके सहयोगी दल के नेता हिस्सा लेंगे. बैठक में एनडीए के 22 शासित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों के अलावा गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के नेता शिरकत करेंगे।  बैठक में एनडीए के 35 सहयोगी दलों के करीब 75 वरिष्ठ नेता शामिल होंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. बैठक की अध्यक्षता बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे. इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह,जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान जैसे केंद्रीय मंत्रियों के कार्यक्रम में शामिल होंगे।  वहीं, एनडीएमें शामिल पार्टियों के केंद्रीय मंत्रियों में टीडीपी से के राम मोहन नायडू, जेडीयू से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह,जेडीएस से एचडी कुमारस्वामी और अपना दल-सोनेलाल से अनुप्रिया पटेल इस बैठक में शामिल होंगी. इसके अलावा राज्यों के सहयोगी दल के नेता भी शिरकत करेंगे।  एनडीए की बैठक का एजेंडा क्या होगा एनडीए बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक मुद्दों सहित मोदी सरकार के 12 पूरे होने पर चर्चा होने की संभावना है. एनडीए के नेता और केंद्र और राज्य सरकारों के नेता 'विकसित भारत' के  सपने को साकार करने के लिए और सुधार लाने के तरीकों पर अपने विचार रखेंगे।  मोदी की अगुवाई में होने वाली बैठक में 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने पर एनडीए नेता अपनी बात रख सकते हैं. बैठक में राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के मोदी सरकार के विजन की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. बैठक में इस बात पर भी चर्चा होने डंबल इंजन की सरकार चल रही, उन राज्यों में विकास योजनाओं को लेकर राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए।  पिछले दिनों केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि केंद्रीय मंत्रियों को लोगों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' की दिशा में काम करना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा था कि भले ही सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन 2026 में भविष्य के लक्ष्यों और उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. माना जा रहा है कि इस पर विस्तार के चर्चा हो सकती है।  बैठक में मोदी के लिए आएगा प्रस्ताव एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पास किया जाएगा. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू एक विशेष प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसका समर्थन नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो करेंगे।  एनडीए के तरफ से लाए जाने वाले विशेष प्रस्ताव में 12 साल तक निर्वाचित रूप से प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए नरेंद्र मोदी को बधाई दी जाएगी और उनके नेतृत्व के लिए एनडीएका आभार जताया जाएगा  प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार किए जाने से पहले गठबंधन के नेता चर्चा में हिस्सा लें. प्रस्ताव पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक को संबोधित कर सकते हैं।  एनडीए की बैठक को मोदी करेंगे संबोधित  दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली एनडीए बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. बैठक में मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धि पर चर्चा किए जाने के साथ ये बैठक करीब 3 घंटे तकतक चलेगी. मोदी सरकार के कामकाज पर प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद पीएम मोदी एनडीए नेताओं को संबोधित करेंगे। 

मोदी सरकार में बदलाव के संकेत, राज्यसभा चुनाव के बाद कई मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदल सकती हैं

नई दिल्ली राज्यसभा चुनाव की दस्तक के साथ ही एनडीए सरकार में कैबिनेट फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। अटकलें हैं कि इस बार कई राज्य मंत्रियों को बदला जा सकता है। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि किन मंत्रालयों में बड़े स्तर पर बदलाव होंगे, लेकिन कहा जा रहा है कि इसकी संख्या एक दर्जन मंत्रियों तक जा सकती है। खास बात है कि 18 जून को राज्यसभा चुनाव हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी कैबिनेट को लेकर बड़े फैसले ले सकती है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कम से कम 2 कैबिनेट मंत्री और 3 राज्य मंत्रियों परिषद से बाहर हो सकते हैं। अटकलें ये भी हैं कि एक वरिष्ठ मंत्री को दक्षिण भारतीय राज्य में पार्टी की कमान भी सौंपी जा सकती है। दूसरे दलों को भी मिलेंगे पद रिपोर्ट के मुताबिक, सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि मोदी सरकार की नई कैबिनेट में JD(U), TDP, NCP और RLM जैसे सहयोगी दलों (Allies) को जगह मिल सकती है। इसमें भी नीतीश कुमार की JD(U) और चंद्रबाबू नायडू की TDP को सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है। जबकि, सहयोगी दलों के ज्यादातर नेताओं को राज्य मंत्री का पद मिलने की उम्मीद है। राज्यसभा चुनाव कहा जा रहा है कि राज्यसभा का कार्यकाल पूरा कर रहे कई मंत्रियों को इस साल या 2027 की शुरुआत में संगठन में भेजा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि 70 साल से ज्यादा उम्र के कुछ राज्यसभा सांसदों को बदलने पर विचार किया जा सकता है और नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि भाजपा मोर्चा नेताओं को कैबिनेट में पहली बार शामिल किया जा सकता है। इन मंत्रालयों में बदलाव के आसार रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे, वित्त, कॉर्पोरेट अफेयर्स, कोयला, टेक्सटाइल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, ग्रामीण विकास, रसायन और उर्वरक, सहकारिता, मत्स्य पालन, जल शक्ति, कृषि और पर्यावरण, कानून और अन्य में बदलाव के आसार हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। राज्यसभा चुनाव 18 जून को होने वाले चुनाव में आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीट, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीट, झारखंड की दो सीट तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम की एक-एक सीट शामिल हैं। महाराष्ट्र और तमिलनाडु से राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए उपचुनाव भी होगा। जिन 26 सीटों के लिए चुनाव एवं उपचुनाव हो रहा है उनमें एनडीए के पास 18 सीटें हैं और इनमें भी 12 सीटें भाजपा की हैं।

12 वर्षों का सफर और नया इतिहास, सबसे लंबे समय तक पीएम रहने के मामले में नेहरू से आगे निकले मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक पीएम पद पर बने रहने के नेहरू के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. वो देश के सबसे लंबे कार्यकाल तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं. 9 जून 2024 को ही उन्होंने एनडीए के तीसरे कार्यकाल में पीएम पद की शपथ ली थी और उनके सत्ता में रहने के 12 साल भी आज पूरे हो रहे हैं. पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज 9 जून 2026 तक उनके कार्यकाल के 4398 दिन पूरे हो गए हैं. अब वो सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।  एनडीए 10 जून को दिखाएगा ताकत  एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की 10 जून को बैठक होगी और इसमें एकजुटता के साथ शक्ति प्रदर्शन होगा.आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू रखेंगे प्रस्ताव. अन्य सहयोगी दलों के नेता प्रस्ताव का करेंगे समर्थन. प्रस्ताव में बतौर प्रधानमंत्री पिछले बारह साल की उपलब्धियों का ज़िक्र किया जाएगा।  पंडित नेहरू का 12 साल का रिकॉर्ड भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 13 मई 1952 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. नेहरू लगातार 4397 दिन यानी 12 साल 14 दिन तक प्रधानमंत्री रहे थे. पीएम मोदी ने 9 जून को सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री का नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने 4398 दिन यानी 12 साल 15 दिन पूरे कर लिए हैं. नेहरू हालांकि 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री बने थे लेकिन 1952 में लोकसभा चुनाव के पहले तक वो पांच साल अंतरिम सरकार के प्रमुख थे. नेहरू तब तक चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री नहीं बने थे।  मोदी सरकार के 12 वर्ष और 22 राज्यों में NDA शासन संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा भाजपा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बैठक दोपहर में शुरू हुई. शाम देर तक चली. उन्होंने बताया कि यह बैठक पीएम मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की सफलताओं और एनडीए के 22 राज्यों में शासन को रेखांकित करने के लिए बुलाई गई थी, जो संगठन के व्यापक विस्तार का प्रतीक है। युवा, महिला और वंचित वर्गों पर फोकस भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि नितिन नबिन की अध्यक्षता में हुई भाजपा की बैठक में संगठनात्मक विस्तार, युवाओं को जोड़ने, महिलाओं के सशक्तिकरण और एससी/एसटी समुदायों के विकास पर चर्चा हुई. बैठक में पार्टी के संगठन को मजबूत करने, युवा वर्ग को मुख्यधारा में लाने, महिला सशक्तिकरण और अनुसूचित जाति/जनजाति के उत्थान जैसे मुद्दों पर फोकस किया गया।  आगामी चुनावों की रणनीति पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में 26 मई 2026 तक मोदी सरकार के 12 वर्षों के उपलक्ष्य में जन-संपर्क अभियान तेज करने और आगामी विधानसभा व राज्यसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने पर मंथन हुआ. संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने के लिए 10 जून को एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की एक हाई-प्रोफाइल बैठक प्रस्तावित है, जिसमें भावी राजनीतिक एजेंडे पर चर्चा होगी।  नेहरू 1947 से 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री पद  पर रहे. ऐसे में नेहरू का पूरा टाइम तो 6130 दिन होता है. लेकिन इसमें से करीब 5 साल वो अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर प्रधानमंत्री रहे. पीएम मोदी ने 25 जुलाई 2025 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4077 दिनों के प्रधानमंत्री के लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था।  शासन में सबसे लंबे वक्त का रिकॉर्ड पीएम मोदी ने मार्च 2026 में एक बड़ा इतिहास बनाया था. गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री रहने के दोनों कार्यकालों को मिला दें तो वह 8931 दिनों से अधिक समय तक सत्ता में रहने वाले भारत के पहले नेता बन गए थे. उन्होंने तब सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग (8930 दिन) के रिकॉर्ड को तोड़ा था।  सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री पीएम मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी हैं. वो गैर कांग्रेसी सरकार के ऐसे पहले नेता हैं, जिन्होंने लगातार दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार चलाई और अब तीसरी बार एनडीए सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।  लगातार तीन बार चुनाव जीतने वाले दूसरे प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद 2024 में नरेंद्र मोदी देश के दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री बने थे, जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) में अपने नेतृत्व में गठबंधन या पार्टी को जीत दिलाकर लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. वो भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनका जन्म देश की आजादी के बाद (17 सितंबर 1950) हुआ. इस तरह वो आजाद भारत में जन्मे पहले पीएम है. उनसे पहले के सभी प्रधानमंत्री 1947 से पहले जन्मे थे।  मोदी सरकार में लोगों को मिले कौन-कौन से लाभ? प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा अंत्योदय से प्रेरित रही है और उसका प्रयास हमेशा यह सुनिश्चित करना रहा है कि विकास के लाभ उन लोगों तक पहुंचें जो दशकों से पीछे छूट गए हैं। पीएम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह खुशी की बात है कि गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहायता सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच रही है। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ है, कार्यकुशलता बढ़ी है और शासन में विश्वास मजबूत हुआ है। इसी तरह गरीब कल्याण को आगे बढ़ाने का सफर मानव सशक्तिकरण और विकसित भारत के हमारे सपने को साकार करने की दिशा में एक सामूहिक आंदोलन बन गया है। केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को वित्तीय सुरक्षा मिली: शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास और जन-धन जैसी केंद्रीय योजनाओं ने करोड़ों नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सुरक्षा से जोड़ा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल के दूसरे वर्ष के समापन पर एक संदेश में शाह ने कहा कि गरीब कल्याण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमित शाह ने कहा कि सरकार ने अन्न योजना, … Read more

सुपरफास्ट ग्रोथ के मिशन पर भारत, प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक विशेषज्ञों के साथ किया मंथन

नई दिल्‍ली  पूरी दुनिया मंदी, युद्ध की आहट और आर्थिक अनिश्चितता के चक्रव्यूह में फंसी है. वैश्विक बाजारों में हाहाकार मचा है, सप्लाई चेन टूट रही है और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने को बेताब हैं. दुनिया की इस महा-उथल-पुथल के बीच दिल्ली के पावर कॉरिडोर में भारत को आर्थिक सुपरपावर बनाए रखने की एक बेहद महत्वपूर्ण बिसात बिछाई जा रही थी. जून की इस तपती दोपहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे बड़े आर्थिक धुरंधरों (PM-EAC) के साथ बंद कमरे में मेज पर जुटे. मकसद साफ था दुनिया भले ही मंदी की गर्त में जाए लेकिन भारत की विकास दर सुपरफास्ट रफ्तार से दौड़ती रहनी चाहिए. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में न सिर्फ भारत की अभेद्य आर्थिक किलेबंदी का ब्लूप्रिंट तैयार हुआ बल्कि पश्चिम एशिया के बारूद की आंच से घरेलू बाजार को बचाने का फुलप्रूफ प्लान भी सामने आया।  पीएम नरेंद्र मोदी की बैठक की 5 मुख्य बातें • आर्थिक किलेबंदी की रणनीति: वैश्विक मंदी और तनाव के बीच भारत की 7.7% की रफ्तार को बरकरार रखने और इसे आगे बढ़ाने के लिए नए आर्थिक सुधारों पर गहन मंथन हुआ।  • पश्चिम एशिया संकट पर पैनी नजर: लाल सागर और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण भारत के व्यापार, MSMEs और कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ने वाले असर का बारीकी से आकलन किया गया।  • नीति आयोग की खुफिया रिपोर्ट: नीति आयोग द्वारा पीएमओ (PMO) को सौंपी गई इम्पैक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर भविष्य के बड़े झटकों से निपटने की रणनीति बनाई गई।  • ईज ऑफ लिविंग पर सबसे बड़ा दांव: आम आदमी के जीवन को आसान बनाने और व्यापारिक बाधाओं को खत्म करने के लिए नियमों को और अधिक सरल बनाने पर सहमति बनी।  • घरेलू मांग और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर: विदेशी झटकों से बेअसर रहने के लिए देश के भीतर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने और घरेलू उपभोग को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।  वैश्विक तूफान, पीएम मोदी की ढाल वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय एक बड़े संक्रमण काल से गुजर रही है. एक तरफ पश्चिम एशिया का संकट अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को असुरक्षित बना रहा है तो दूसरी तरफ दुनिया के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में की जा रही सख्ती ने निवेश पर ब्रेक लगा दिया है. ऐसे में भारत के लिए अपनी ग्रोथ को कायम रखना किसी चुनौती से कम नहीं है।  इस बैठक का सबसे बड़ा आर्थिक संदेश यह है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक नीति पर चल रहा है. वित्त वर्ष 2026 में 7.7% की जीडीपी ग्रोथ हासिल करके भारत ने अपनी आंतरिक मजबूती साबित की है. नीति आयोग की रिपोर्ट और PM-EAC की सलाह का कोर-पॉइंट यह है कि अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो भारत अपनी घरेलू मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड सरकारी खर्च के जरिए उसकी भरपाई करेगा. सरकार का यह कदम भारतीय बाजार को एक इंसुलेटेड शील्ड यानी सुरक्षा कवच प्रदान करेगा, जिससे दुनिया की मंदी का असर भारत के युवाओं के रोजगार और उद्योगों पर न पड़े।  सवाल-जवाब PM-EAC की इस आपात बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था? इस बैठक का मुख्य एजेंडा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की विकास दर को ‘सुपरफास्ट’ बनाए रखना, घरेलू उद्योगों को सुरक्षित करना और आर्थिक सुधारों को गति देना था।  पश्चिम एशिया के तनाव से भारतीय अर्थव्यवस्था को क्या खतरा है? भारत अपनी ऊर्जा (क्रूड ऑयल) जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और माल ढुलाई (शिपिंग रूट) महंगी हो सकती है, जिससे भारत के निर्यात और MSMEs पर असर पड़ सकता है।  नीति आयोग की ‘इम्पैक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट’ में क्या खास है? इस रिपोर्ट में युद्ध के लंबे खिंचने की स्थिति में भारतीय व्यापार, किसानों, कृषि क्षेत्र और प्रमुख औद्योगिक सेक्टरों पर पड़ने वाले तात्कालिक और मध्यम अवधि के प्रभावों का पूरा खाका और उससे निपटने के उपाय सुझाए गए हैं।  सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर इतना जोर क्यों दे रही है? वैश्विक उथल-पुथल के समय अगर देश के भीतर व्यापार करना और आम नागरिक का जीवन आसान होगा, तो घरेलू निवेश बढ़ेगा. इससे नए रोजगार पैदा होंगे और विदेशी निवेशकों के लिए भारत सबसे सुरक्षित और पसंदीदा ठिकाना बना रहेगा। 

MP के 5 जिलों की बदलेगी तस्वीर, 4415 करोड़ की लागत से दो हाईवे परियोजनाओं को मंजूरी

भोपाल   प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्ष्ता में दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में आयोजित की गई। इस मीटिंग में मध्य प्रदेश के रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े प्रस्ताव पास किए गए। मीटिंग में मध्य प्रदेश को दो हाईवे की सौगात देने का फैसला लिया गया। केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नेशनल हाईवे 347B (NH-347B) के दो अलग हिस्सों को अपग्रेड करने और चौड़ीकरण का फैसला लिया है। इस प्रोजेक्ट की लागत 4415 करोड़ रुपए होगी। प्रोजेक्ट की लंबाई 233.635 किमी होगी जिसमे प्रदेश के कई बड़े जिले शामिल होंगे। कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने दी। बता दें कि, 6 जून को पीएम मोदी का नरसिंहपुर दौरा प्रस्तावित है। एमपी में दो मिलेंगे दो नए हाईवे मोदी कैबिनेट ने नेशनल हाईवे 347B (NH-347B) के दो अलग-अलग हिस्सों को अपग्रेड और चौड़ा करने का फैसला लिया है। पहला हिस्सा हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रूढ़ी सेक्शन के 125 किमी पर मौजूद नैरो लेन को दो लेन में अपग्रेड किया जाएगा। दूसरा हिस्सा 108.643 किमी के देशगांव-जुलवानिया सेक्शन है जिसे टू-लेन से फोरलेन किए जाने फैसला लिया गया है। इसके अलावा खरगोन में ट्रैफिक कम करने के लिए 16.20 किमी का ग्रीनफ़ील्ड बाईपास के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट से बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिले को बड़ा फायदा मिलेगा। पीएम गति शक्ति का हिस्सा है प्रोजेक्ट रेल मंत्री के अनुसार 347B (NH-347B) के दो अलग-अलग हिस्सों को अपग्रेड और चौड़ा करने वाल प्रोजेक्ट पीएम गति शक्ति पहल का हिस्सा है जिसमें एक टेक्सटाइल क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क, एक इंडस्ट्रियल पार्क और दो सुपर थर्मल पावर प्लांट शामिल हैं। यह खंडवा और बड़वानी जिलों के साथ-साथ बैतूल, खंडवा और खरगोन जैसे आदिवासी जिलों सहित पांच सामाजिक नोड्स को भी जोड़ेगा। एमपी आने वाले है पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर मध्यप्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं। इस बार प्रधानमंत्री का दौरा नरसिंहपुर जिले का प्रस्तावित है, जहां वे गाडरवारा तहसील में सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन विस्तार परियोजना के विस्तार के लिए भूमिपूजन करने आ सकते हैं। सीएम ने प्रधानमंत्री को गाडरवारा आने का न्योता दिया था। पीएम के संभावित दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल दौरा प्रस्तावित है, आधिकारिक आदेश नहीं आया है।