samacharsecretary.com

जल जीवन मिशन से सुदूर गांव में बदलाव, डांडजमड़ी के सभी 90 घरों को मिला नल कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर जल’ संकल्प से बदली डांडजमड़ी की तस्वीर, सभी 90 घरों तक पहुंचा नल से शुद्ध पेयजल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जल जीवन मिशन से सुदूर गांवों में आ रहा बदलाव रायपुर,    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर तक सुरक्षित और शुद्ध पेयजल पहुंचाने के संकल्प ने छत्तीसगढ़ के सुदूर ग्रामीण अंचलों में लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव लाना शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के आकांक्षी विकासखंड गौरेला की ग्राम पंचायत डांडजमड़ी के सभी 90 घरों में अब नल से शुद्ध पेयजल पहुंचने लगा है। कभी पानी के लिए दूर स्थित कुएं तक जाना यहां के ग्रामीणों की दिनचर्या का हिस्सा था, लेकिन अब घर के आंगन में नल से पानी मिलने की सुविधा ने विशेषकर महिलाओं और परिवारों के जीवन को अधिक सहज बनाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2019 को शुरू किए गए जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण भारत के प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस मिशन को तेजी से आगे बढ़ाते हुए दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक पेयजल की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। डांडजमड़ी की उपलब्धि इसी अभियान के जमीनी असर की एक तस्वीर प्रस्तुत करती है। घर में नल आया तो दूर हुई वर्षों की परेशानी डांडजमड़ी की ग्रामवासी श्रीमती ललिता वाकरे के लिए घर में नल से पानी आना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की एक बड़ी परेशानी से मुक्ति है। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि पहले पानी लेने के लिए उन्हें घर से दूर स्थित कुएं तक जाना पड़ता था। इसमें समय और मेहनत दोनों लगते थे। अब घर में ही नल से शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। इससे परिवार की दिनचर्या आसान हुई है और पानी की चिंता भी कम हुई है। ललिता वाकरे का अनुभव उस बदलाव की कहानी है, जो जल जीवन मिशन देश के गांवों में ला रहा है। ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को पानी जुटाने में लगने वाले समय और श्रम से राहत मिलने के साथ ही स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक बन रही है। सभी 90 परिवारों के घर तक पहुंचा नल से जल जल जीवन मिशन के तहत डांडजमड़ी पंचायत के सभी 90 घरों तक नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति प्रारंभ हो गई है। इस व्यवस्था को स्थायी और स्थानीय सहभागिता पर आधारित बनाने के उद्देश्य से योजना के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दी गई है। इस पहल के माध्यम से गांव को केवल पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि ग्रामीण समुदाय को जल स्रोतों के संरक्षण और उपलब्ध पानी के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। पानी मिला है तो उसे बचाने की जिम्मेदारी भी हमारी ग्राम पंचायत के सरपंच इंजोर सिंह धुर्वे, पंचायत सचिव रतन सिंह, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों तथा ग्रामवासियों को जल की उपयोगिता, जल प्रबंधन, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई है। ग्रामीणों को यह समझाया गया है कि हर घर तक नल से पानी पहुंचने के साथ जल स्रोतों को सुरक्षित रखना और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना भी सामुदायिक जिम्मेदारी है। जल जीवन मिशन की अवधारणा में ग्रामीण समुदाय की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। स्थानीय स्तर पर संचालन एवं संधारण की व्यवस्था से ग्रामीणों में योजना के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित होने के साथ पेयजल व्यवस्था को दीर्घकाल तक सुचारु बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। विकसित भारत की बुनियाद मजबूत कर रहा ‘हर घर जल’ केंद्र सरकार का जल जीवन मिशन केवल पाइपलाइन बिछाने या घरों में नल लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण परिवर्तन है। सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता गांवों में बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता की दिशा में आधारभूत भूमिका निभाती है। इसके साथ ही पानी जुटाने में लगने वाले समय की बचत ग्रामीण महिलाओं और परिवारों के दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर जल’ के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मिशन के क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच मजबूत हो रही है। आकांक्षी विकासखंड गौरेला का डांडजमड़ी गांव इसका उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां सभी 90 परिवार अब अपने घर में नल से शुद्ध पेयजल प्राप्त कर रहे हैं। डांडजमड़ी में नल से बहती पानी की हर धार केवल एक सरकारी योजना की उपलब्धि नहीं है। यह उस ग्रामीण परिवार के लिए राहत है, जिसे अब पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता; उस महिला के लिए समय की बचत है, जिसकी दिनचर्या कभी पानी जुटाने से शुरू होती थी; और उस गांव के लिए बदलाव का प्रतीक है, जो अब जल संरक्षण की जिम्मेदारी के साथ अपने भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर में मिली नए घर की चाबी, चेहरे पर छलकी वर्षों के इंतजार की खुशी

मिट्टी की दीवारों से पक्के आशियाने तक: राजा राम के वर्षों पुराने सपने को प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिया आकार ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर में मिली नए घर की चाबी, चेहरे पर छलकी वर्षों के इंतजार की खुशी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर गरीब को पक्का आवास’ के संकल्प को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिल रही जमीनी मजबूती रायपुर,  कभी मिट्टी की दीवारों वाला घर ही राजा राम पोर्ते और उनके परिवार की मजबूरी था। बारिश के दिनों में घर की चिंता, ठंड में मुश्किलें और मौसम की मार के बीच परिवार की सुरक्षा की फिक्र हमेशा बनी रहती थी। मन में एक सपना जरूर था कि कभी उनका भी अपना पक्का घर होगा, जिसकी मजबूत छत के नीचे परिवार सुरक्षित और सुकून से रह सकेगा। लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना वर्षों तक सपना ही बना रहा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत बस्ती के निवासी राजा राम पोर्ते के जीवन में बदलाव की शुरुआत तब हुई, जब उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में शामिल हुआ। वर्षों से मन में संजोए पक्के आशियाने के सपने को पूरा करने का रास्ता खुला तो राजा राम और उनके परिवार की उम्मीदों को जैसे नए पंख मिल गए। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने बिना समय गंवाए पूरी लगन और मेहनत के साथ अपने आवास का निर्माण शुरू किया। कुछ ही महीनों में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। जो कभी सपना था, आज वही परिवार की खुशियों का ठिकाना आज राजा राम का पक्का घर केवल ईंट, सीमेंट और छत से बना एक ढांचा नहीं है, बल्कि उनके परिवार के लिए वर्षों के संघर्ष के बाद मिली सुरक्षा, सम्मान और सुकून की नई पहचान है। मिट्टी के पुराने घर में बारिश, ठंड और बदलते मौसम के दौरान परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पक्का आवास बनने के बाद इन चिंताओं से काफी हद तक मुक्ति मिली है। अब परिवार एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण में जीवन बिता रहा है। राजा राम के लिए अपने पक्के घर की सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब परिवार को मौसम बदलने के साथ घर की मजबूती की चिंता नहीं करनी पड़ती। जिस छत का सपना उन्होंने वर्षों तक देखा था, आज उसी छत के नीचे परिवार के साथ उनका नया जीवन शुरू हो चुका है। हाथों में आई चाबी तो आंखों के सामने साकार हुआ वर्षों पुराना सपना इस खुशी को और यादगार बनाया सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर ने। ग्राम बस्ती में आयोजित शिविर के दौरान राजा राम पोर्ते को उनके नए आवास की चाबी सौंपी गई। हाथों में नए घर की चाबी आते ही वर्षों से मन में संजोया सपना जैसे एक पल में आंखों के सामने साकार हो गया। वह चाबी केवल एक मकान का दरवाजा खोलने वाली चाबी नहीं थी, बल्कि राजा राम और उनके परिवार के लिए बेहतर भविष्य, सुरक्षा और सम्मान के नए जीवन का द्वार खोलने वाली चाबी बन गई। राजा राम कहते हैं कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच इतनी बड़ी राशि जुटा पाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने उनके इस अधूरे सपने को पूरा करने का अवसर दिया। गरीब परिवारों के पक्के आवास के सपने को मिल रहा आधार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार भी पात्र परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता दे रही है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से राजा राम पोर्ते जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्का घर केवल एक आकांक्षा नहीं रह गया है, बल्कि वास्तविकता में बदल रहा है। शासन की योजना जब जरूरतमंद परिवार तक पहुंचती है तो उसका असर केवल मकान के निर्माण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा भी देती है। ‘सरकार आपके द्वार’ से योजनाओं को मिल रही अंतिम छोर तक पहुंच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा सेतु अभियान के तहत ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और जरूरतों से रूबरू होने के साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर रहा है। ग्राम बस्ती में राजा राम को नए आवास की चाबी सौंपा जाना इसी प्रयास की एक सुखद तस्वीर है। यह उस भरोसे को मजबूत करता है कि शासन की योजनाएं जब अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे उसके जीवन में वास्तविक बदलाव का माध्यम बनती हैं। मिट्टी के घर की चिंता पीछे छूटी, अब भविष्य की नई उम्मीद नए घर में प्रवेश के साथ राजा राम और उनके परिवार के जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। मिट्टी की कमजोर दीवारों और मौसम की चिंताओं से जुड़ी पुरानी यादें अब पीछे छूट रही हैं। उनकी जगह पक्की दीवारों की सुरक्षा, अपने घर का सुकून और बेहतर भविष्य का विश्वास ले रहा है। अपने परिवार के साथ पक्के घर में खुशहाल जीवन की शुरुआत करने वाले राजा राम पोर्ते ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। एक पक्का घर किसी गरीब परिवार के लिए केवल चार दीवारें और एक छत नहीं होता। वह उसकी वर्षों की मेहनत और उम्मीदों का ठिकाना, परिवार की सुरक्षा का भरोसा और सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार होता है। कभी मिट्टी की दीवारों के बीच देखा गया राजा राम का सपना आज पक्के आशियाने में बदल चुका है और इस आशियाने की नई छत के नीचे अब उनका परिवार भविष्य के नए सपने देख रहा है।  

बिहार दौरे पर नवंबर में पहुंचेंगे प्रधानमंत्री मोदी, भागलपुर में कार्यक्रम की तैयारी; इन परियोजनाओं का हो सकता है ऐलान

पटना   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर में बिहार आएंगे। अधिक संभावना है कि पीएम का कार्यक्रम भागलपुर में आयोजित हो। 20 नवंबर के करीब प्रस्तावित दौरे की तारीख मानी जा रही है। इसको लेकर राज्य सरकार तैयारी में जुटी है। सर्वाधिक संभावना है कि सुल्तानगंज क्षेत्र में मुंगेर और बांका के नजदीक के स्थल को आयोजन स्थल बनाया जाए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम में पीरपैंती थर्मल पावर स्टेशन का शिलान्यास, कहलगांव के विक्रमशिला के पास नये सेंट्रल यूनिवर्सिटी का शिलान्यास, सुल्तानगंज में अजगैवीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास शामिल हो सकता है। पीएम केंद्र ही नहीं, राज्य सरकार की योजनाओं का भी उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे। भवन निर्माण विभाग ने करीब 3242.95 करोड़ की 459 योजनाओं का ब्योरा पीएमओ को भेजा है। शेष विभागों से भी ब्योरा तलब किया गया है। पीएमओ को भेजी गई सूची में भागलपुर की तीन योजनाओं का नाम उद्घाटन के लिए है। तीन-तीन करोड़ की राशि से निर्मित जगदीशपुर प्रखंड की सन्हौली, शाहकुंड प्रखंड की सजौर और मकंदपुर पंचायत सरकार भवन शामिल हैं। इन तीनों निर्मित पंचायत सरकार भवनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। पीएमओ को भेजी गई शिलान्यास में भागलपुर की कोई योजना शामिल नहीं है। जबकि बांका में भरको, तारडीह, गरीबपुर, पवई, खड़िहारा, सबलपुर, सोनडीहा, मोथावाड़ी, लकरामा, ककवारा, दुधारी, कंझिया, दक्षिणी कटेली, महिला विशनपुर, लोंगाय, करहरिया, तेलिया पहाड़, कोरिया, धनुषवार, सापडहर, सिकंदरपुर, डहुआ, सांगा, चिलकारा, बभनगामा, फागा, कैरी और गोकुला में निर्मित पंचायत सरकार भवनों का उद्घाटन किया जाएगा। इन पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में 2.50 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। विभाग और योजनाओं का प्रस्तावित उद्घाटन-शिलान्यास विभाग का नाम योजनाओं की संख्या स्वीकृत राशि (करोड़ में) कला-संस्कृति 02 34.70 पिछड़ा-अतिपिछड़ा कल्याण 01 3.29 भवन निर्माण 02 75.15 वाणिज्य कर 01 23.06 सहकारिता 02 6.76 सामान्य प्रशासन 08 38.80 गृह (कारा) 07 13.65 गृह (आरक्षी) 01 63.11 अल्पसंख्यक कल्याण 04 18.02 पंचायती राज 345 948.46 मद्य निषेध-निबंधन 01 5.61 ग्रामीण विकास 55 1070.02 एससीएसटी कल्याण 17 369.87 तकनीकी शिक्षा 08 231.02 युवा रोजगार-कौशल 03 18.81 सूचना प्रावैधिकी 02 322.62 कुल 459 3242.95 अनुमति बगैर उद्घाटन-शिलान्यास नहीं कराने की हिदायत विभाग के अभियंता प्रमुख सह अपर आयुक्त सह विशेष सचिव सुरेश कुमार प्रभाकर ने योजनाओं का ब्योरा जिला में पदस्थ कार्यपालक अभियंताओं को भेजा है। इसमें हिदायत दी गई है कि सूची में शामिल योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा होना प्रस्तावित है। ऐसे में इन योजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किसी अन्य माननीय द्वारा विभाग से बगैर अनुमति के नहीं कराया जाना है। कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि उद्घाटन योग्य तीनों पंचायत सरकार भवनों का अंतिम कार्य चल रहा है।

यूक्रेन युद्ध पर पुतिन बोले- PM मोदी शांति से समाधान निकालने के पक्ष में

मॉस्‍को  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 23वें वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के मुख्य सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। वे ऐसे सुझाव लेकर आते हैं, जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य हैं। वे इस झगड़े को शांति से और जल्द सुलझाना चाहते हैं।  रूसी समाचार एजेंसी 'टास' की र‍िपोर्ट के अनुसार, वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें सत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा क‍ि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। उन्होंने कहा, “वह बहुत अच्छे सुझाव देते हैं, जिनका मकसद ऐसे समाधान तलाशना होता है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों, खास तौर पर ऐसे समाधान जिन पर दोनों पक्ष सहमत हो सकें।” न्‍यूज एजेंसी टास के अनुसार, पुति‍न ने कहा कि भारत सरकार के प्रमुख का रुख निष्पक्ष है, लेकिन उनकी कोशिश इस संघर्ष को खत्म कराने की दिशा में है। उन्होंने आगे कहा, “हम भारत के प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि वह इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से और जितनी जल्दी हो सके, सुलझाना चाहते हैं।” टास के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा क‍ि भारतीय संस्कृति में कुछ ऐसा है जो इसे बेहद खास बनाता है। यहां एक तरफ इतनी विविधता और अलग-अलग पहचान हैं, तो दूसरी तरफ एकता भी है। इस वजह से यह निश्चित रूप से एक मिसाल है और दूसरों के लिए उदाहरण बनने लायक है। सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए जोखिमों, मौकों और जरूरी लक्ष्यों का वास्तविकता के आधार पर आकलन करते हुए अपना रास्ता तय करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा क‍ि निश्चित रूप से रूस दूसरे देशों और वहां के लोगों के साथ मिलकर भी इस दिशा में काम करने के लिए तैयार है। सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि मौजूदा समस्याओं के बावजूद रूस का विकास जारी है और उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत और टिकाऊ बनी हुई है। उन्होंने कहा, “हमारे सामने कुछ मुश्किलें जरूर हैं, लेकिन हम उनका समाधान कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े आंकड़े दिखाते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है और हमारी वित्तीय व्यवस्था और आर्थिक संस्थाएं स्थिर तरीके से काम कर रही हैं।”

कैप्टन स्मित मछार से PM मोदी की बातचीत, बोले- मुश्किल वक्त में यहां से मिली हिम्मत

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से अभी फोन पर बात की. कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को घटना के दौरान अपने अनुभव और उन्हें हिम्मत देने वाली बातों के बारे में बताया. पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।  कैप्टन स्मित मछार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट उड़ा रहे थे. उड़ान के दौरान उनके को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश की थी. इस दौरान विमान अपनी क्रूजिंग ऊंचाई से अचानक हजारों फीट नीचे आ गया और कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई।  खून से थे लथपथ, फिर भी नहीं हारी हिम्मत इस हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. खून से लथपथ होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का तरीका खोजा, जिसके बाद आगे बैठे यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर पायलट को काबू किया।  फ्लाइट में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान को संभाला. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक डायवर्ट किया गया और सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।  कैप्टन स्मित ने 9/11 जैसी त्रासदी रोकी- PM मोदी घटना के बाद कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने तारीफ की।  पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाई और संभावित 9/11 जैसी त्रासदी को रोकने में अहम भूमिका निभाई. गुजरात सरकार ने भी उन्हें 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' से सम्मानित करने का ऐलान किया है।  अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन मच्छर कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री को घटना के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौरान उन्हें हिम्मत किस बात से मिली। प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद कैप्टन मच्छर की हालत स्थिर है। वह संयुक्त अरब अमीरात के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में घायल पायलट और उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मच्छर का हौसला मजबूत है और वह “मुस्कुरा भी रहे थे और हंस भी रहे थे।” PM मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है। मोदी ने कहा, “इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी रोक दी। हमारे देश के हर नागरिक को स्मित की बहादुरी पर बहुत गर्व है।” प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के माता-पिता और पत्नी से भी बात की थी। उन्होंने पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से उनकी सेहत की जानकारी ली। साथ ही भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशनों की ओर से पायलट और उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। राजदूत ने अस्पताल के दौरे के बाद प्रसार भारती से बात की। उन्होंने कहा कि कैप्टन को अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा, “मैं उनसे और उनके परिवार से अस्पताल में मिला। वह अच्छा कर रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है। उन्हें देखकर मुझे काफी राहत मिली।” मित्तल ने कहा, “वह बात कर रहे थे और बातचीत कर रहे थे। उन्हें थोड़ी परेशानी है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात में उन्हें अच्छा इलाज मिल रहा है।” राजदूत ने कैप्टन मच्छर को “भारत का बहादुर बेटा” बताया। उन्होंने कहा कि मिड-एयर इमरजेंसी के दौरान उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और बड़ी तबाही टली। पीएम मोदी ने घरवालों से भी की थी बात पीएम मोदी ने गुरुवार को पायलट की पत्नी और माता-पिता से भी बात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया था कि मछार और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से पूरी मदद मिलेगी। दुबई से तेल अवीव की ओर बढ़ रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 आसमान में सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी कॉकपिट के भीतर अचानक अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया। सह-पायलट ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से विमान का नियंत्रण बिगाड़ते हुए उसे नीचे गिराने की कोशिश की, जिससे चंद सेकंडों में हवाई जहाज हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा। खतरे को भांपते ही मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों के बीच कॉकपिट में भीषण संघर्ष शुरू हो गया। गंभीर चोटों के बावजूद नहीं टूटने दिया हौसला इस खूनी हाथापाई में कैप्टन स्मित बुरी तरह जख्मी हो गए और शरीर से लगातार बहते खून के कारण उनकी स्थिति नाजुक होने लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने होश नहीं खोया। बेहद फुर्ती और सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोल दिया। दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और अगली कतारों में बैठे मुसाफिर तुरंत भीतर दाखिल हुए और उपद्रव मचा रहे को-पायलट को दबोच कर काबू में कर लिया। सऊदी अरब में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग इत्तेफाक से उसी फ्लाइट में बतौर यात्री सफर कर रहे फ्लाईदुबई के ही दो अन्य पायलट फौरन सक्रिय हुए। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर अनियंत्रित हो रहे विमान का स्टीयरिंग थामा और उसे स्थिर किया। हवा में उपजे इस भारी तनाव के बीच सूझबूझ दिखाते हुए उड़ान का रुख सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की तरफ मोड़ा गया, जहां सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ विमान को सकुशल उतार लिया गया।

CM डॉ. यादव ने PM मोदी से की मुलाकात, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की आत्मीय भेंट ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के संबंध में भी प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।  

फ्लाईदुबई पायलट स्मित मच्छार के परिवार से PM मोदी ने की बातचीत, हरसंभव मदद का आश्वासन

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से बात की है। उन्होंने स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बातचीत में हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। इससे पहले पीएम मोदी ने स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ भी की थी। फ्लाईदुबई की फ्लाइट के दौरान पायलट स्मित मच्छार पर को पायलट ने ही हमला कर दिया था। हालांकि, भारतीय पायलट ने बड़े सूझबूझ से न केवल अपनी जान बचाई बल्कि फ्लाइट में मौजूद 180 लोगों की भी जान बचाने में सफल रहे। स्मित मच्छार ने यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने इरादे से पीछे नहीं हटे। उनकी बहादुरी की पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में जमकर तारीफ की। पहले पीएम मोदी ने की स्मित मच्छार की तारीफ प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्‍स' पर पोस्‍ट में लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद गंभीर खतरे के बीच और खुद बुरी तरह घायल होने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त हिम्मत दिखाई और दूसरों की जान बचाने के अपने इरादे से पीछे नहीं हटे। उनकी बहादुरी की वजह से सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकी और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उनके जल्द ठीक होने, फिर से पूरी ताकत हासिल करने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। ' स्मित मच्छाक के माता-पिता से की बात इस बीच पीएम मोदी ने स्मित मच्छार के परिजनों से भी बात की है। सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बात की है। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ की, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बची। पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय मिशन हरसंभव मदद पहुंचा रहे हैं। ट्रंप और नेतान्याहू ने भी भारतीय पायलट की जमकर की तारीफ प्रधानमंत्री ने स्मित मच्छार के परिजनों से बात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ पीएम मोदी ने ही नहीं की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने असाधारण हिम्मत दिखाई। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय पायलट की बहादुरी को सराहा है। स्मित मच्छार के माता-पिता सऊदी के लिए रवाना  फ्लाईदुबई फ्लाइट के हाईजैक कांड के हीरो बने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है. इस बीच उनके माता-पिता सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए हैं।  भारतीय पायलट ने बचाई 174 यात्रियों की जान  हालांकि इन पूरे हालात को संभालने का काम मुख्य पायलट स्मित मच्छार ने किया, जो भारतीय नागरिक हैं. रिपोर्टों के मुताबिक घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को संभालने की कोशिश की. इसी दौरान कई यात्री कॉकपिट की ओर पहुंचे और उन्होंने चालक दल के साथ मिलकर को-पायलट को काबू करने में मदद की. इसके बाद बाकी क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाला और सुरक्षित रूप से तबूक में लैंडिंग कराई।  इजरायली नागरिकों की जांबाजी  विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें करीब 166 इजराइली नागरिक बताए गए हैं. घायल पायलट को तबूक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है. को-पायलट भी घायल हुआ और उसे अस्पताल ले जाया गया. इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की है. फ्लाईदुबई ने कहा है कि घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले की जांच पूरी होने तक एयरलाइन ने इजरायल आने-जाने वाली उड़ानें अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।   

कैबिनेट के 3 बड़े ऐलान, रबी फसलों की MSP में बढ़ोतरी; ₹2.79 लाख करोड़ का पैकेज

नई दिल्ली  केन्द्र की मोदी सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक में तीन बड़े फैसले लिए हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 6 रबी की फसलों पर 90 हजार, 962 करोड़ रुपये खर्च करने का खाका बनाया है। केन्द्र की मोदी सरकार ने गेंहू की MSP पर बढ़ोत्तरी करते हुए इसे 2610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं देश में क्लीन एनर्जी के लिए मोदी कैबिनेट ने PM धारा योजना को मंजूरी दे दी है। इसके लिए केन्द्र की सरकार ने 1.86 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने 3 बड़े फैसले लेते हुए दिल्ली-एनसीआर… में टै्रफिक सिस्टम को ठीक करने के लिए दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS ) को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ITMS योजना पर 1,790 करोड़ रूपये मंजूर किए गए हैं। इसे 24 माह में तीन चरणों में लागू किया जाएगा।  कैबिनेट मंत्री अश्वनी वैष्णव ने दी जानकारी केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए तीन बड़े फैसलों की जानकारी बुधवार को कैबिनेट मंत्री अश्वनी वैष्णव ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि MSP को लेकर फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि MSP पर 50 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की व्यवस्थाकी गई है। खबर अपडेट की जा रही है।  रबी सीजन के लिए छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को सरकार की मंजूरी मिली है. इनमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower MSP) के लिए की गई है, जो अब 675 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. वहीं सबसे कम बढ़ोतरी गेहूं की एमएसपी में की गई है, जो 25 रुपये प्रति क्विंटल है।  रबी की 6 फसलों का MSP कितना बढ़ा? केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के MSP में बढ़ोतरी की है. उनमें बढ़ोतरी और ताजा एमएसपी पर गौर करें। फसल MSP (2027-28)  Increase MSP गेहूं 2610 रुपये 25 रुपये जौ  2286 रुपये 136 रुपये चना 5958 रुपये 83 रुपये मसूर 7390 रुपये 390 रुपये सरसों 6613 रुपये 413 रुपये कुसुम 7215 रुपये 675 रुपये   अश्विनी वैष्णव ने बताया MSP का गणित केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि "आज देश भर में दूरगामी असर डालने वाले तीन बड़े फैसले लिए गए। पहला फैसला रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने से जुड़ा है। गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड और सरसों जैसी फसलों के लिए MSP को उत्पादन लागत से कम से कम 50% ज़्यादा तय किया गया है। उदाहरण के लिए गेहूं को ही लें: इसकी उत्पादन लागत ₹1,264 है, फिर भी MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो लागत से 100% से ज़्यादा (लागत का दोगुने से भी ज़्यादा) है। इसी तरह, जौ के लिए MSP को अनुमानित उत्पादन लागत से 58% ज़्यादा तय किया गया है; ₹1,447 की लागत के मुकाबले MSP ₹2,286 प्रति क्विंटल है… कुल मिलाकर, इस रबी सीज़न में 324 लाख मीट्रिक टन की खरीद से किसानों तक ₹90,962 करोड़ पहुंचेंगे।" केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत पर अनुमानित मार्जिन गेहूं के लिए 106% है. इसके बाद सरसों के लिए 96%, मसूर के लिए 92%, चना के लिए 59%, जौ के लिए 58% और कुसुम के लिए 50% है. रबी फसलों के MSP में यह बढ़ोतरी किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करेगी और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी।  सरकार ने ये फैसले भी लिए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लंबे समय तक चलने वाले प्रोग्राम को लेकर लिया गया है, जिसका नाम है PM धारा है. यह रिन्यूएबल एनर्जी को पहुंचाने के लिए जरूरी ग्रिड और स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रोग्राम है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के बिजली उत्पादन में रिन्यूएबल एनर्जी को इतने बड़े पैमाने पर शामिल किया है, जितना कई देश हासिल नहीं कर पाए हैं।  Modi Cabinet का तीसरा फैसला दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) है. राजधानी के लिए Intelligent Traffic Management System को मंजूरी दे दी गई है. तकनीक की मदद से ट्रैफिक की निगरानी और मैनेजमेंट को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा. ITMS का इस्तेमाल ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संभालने के लिए होगा।     

प्रधानमंत्री मोदी से योगी आदित्यनाथ की मुलाकात, PM आवास पर लंबी बैठक में क्या हुआ?

नई दिल्ली/ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक लंबी बैठक में यूपी चुनाव की रणनीति के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव और एमएलसी चुनाव पर चर्चा हुई। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मोदी और योगी की ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है। क्योंकि यूपी चुनाव से पहले अक्तूबर में यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्तूबर को वोटिंग होगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि – आपका मार्गदर्शन 'नए उत्तर प्रदेश' के निर्माण हेतु मुझे सदैव नई ऊर्जा देता है। अमूल्य समय प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी। आपको बता दें बीजेपी से अरूण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है। वहीं डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान- निकोबार के उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। 16 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के लिए आगामी 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख होगी। उम्मीदवार 9 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। चुनाव 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न कराया जाएगा। 16 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। राज्यसभा की 10 सीटों में 8 भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास हैं। अभी तक किसी भी पार्टी ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली हर मुलाकात का अपना महत्व होता है, खासकर तब जब राज्य में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हों. ऐसे में यह बैठक भी आने वाले समय में पार्टी की दिशा और रणनीति को समझने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस मुलाकात से जुड़ी कोई और जानकारी सामने आती है या नहीं।  यूपी की 11 एमएलसी सीटों पर चुनाव इसके अलावा आयोग ने चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर भी चुनाव की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11 सीटें, बिहार की 8 सीटें, महाराष्ट्र की 5 सीटें और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। सभी 28 सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। वहीं 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू कर दी है। एमएलसी की 11 सीटों में 8 भाजपा और 3 सपा के पास हैं। भाजपा ने 5 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। शाह से मिले थे केशव प्रसाद मौर्य आपको बता दें इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मुलाकात की थी। जिसमें यूपी चुनाव और पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद केशव मौर्य ने कहा कि 2027 में तीसरी बार फिर से कमल खिलने जा रहा है। विपक्ष के 70 साल के शासन पर मोदी के 12 साल भारी पड़े।

मोदी की बड़ी उपलब्धि का ऑस्ट्रेलियाई PM ने किया जिक्र, बोले- ऊर्जा पहुंच के मामले में रचा इतिहास

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत में ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत में जितने लोगों तक एनर्जी की पहुंच बनी है, उतनी किसी भी दशक, क्षेत्र या देश में मानव इतिहास के दौरान नहीं हुई। अल्बनीज ने यह बात एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में कही। उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते संबंधों का भी जिक्र किया। अल्बनीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के भारत के साथ अच्छे संबंध हैं और पीएम मोदी ऐसे नेता हैं, जिनके साथ उनके देश ने करीबी रिश्ते विकसित किए हैं। एंथनी अल्बनीज की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों को ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ा है, जबकि भारत में सप्लाई काफी हद तक स्थिर बनी रही। इस दौरान ईंधन की कीमतों में भी सीमित बढ़ोतरी हुई। अलग-अलग देशों से बढ़ाया आयात पीएम मोदी ने इस साल की शुरुआत में भारत की ऊर्जा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा था कि अलग-अलग देशों से आयात बढ़ाने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है। मोदी ने मई में बजट सत्र के दौरान लोकसभा में बताया था कि भारत पहले 27 देशों से ऊर्जा का आयात करता था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 41 हो गई है। उन्होंने कहा कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई जारी रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष के असर से बचाना पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत की अर्थव्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था और जरूरी सामान पर असर की सरकार ने समीक्षा भी की थी। इस दौरान आम लोगों और कारोबारियों के लिए सप्लाई में रुकावट कम करने के उपायों पर चर्चा हुई थी। पीएम मोदी ने भारत के बढ़े हुए ऊर्जा आयात स्रोतों को देश की स्थिर ऊर्जा आपूर्ति से जोड़ते हुए यह जानकारी दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी अप्रैल में भारत की तेल खरीद को लेकर यही बात कही थी। उन्होंने कहा कि भारत अलग-अलग देशों से तेल खरीदना जारी रखे हुए है। इस खरीद में 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है।