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करम परब हमारी गौरवशाली विरासत का जीवंत उत्सव: विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  साय ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव के समापन समारोह में हुए शामिल, करम राजा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की मांदर की थाप पर नर्तक दलों के साथ थिरके मुख्यमंत्री, 6 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता से जीवंत हुई जनजातीय संस्कृति की अनुपम छटा बनगांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये, सीसी रोड के लिए 20 लाख रुपये सहित अखड़ा एवं सहसपुर में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास शौर्य, बलिदान और संघर्ष की अमिट गाथाओं से भरा हुआ है : मुख्यमंत्री  साय आधुनिक शिक्षा और विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं परंपराओं से जुड़ी रहे युवा पीढ़ी : मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने भगवान महादेव एवं माता पार्वती, छत्तीसगढ़ महतारी, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडाbके छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। पारंपरिक उत्साह, उल्लास और श्रद्धा के साथ आयोजित इस महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिली। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नर्तक दलों सहित उरांव समाज के 6 हजार से अधिक लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में करम राजा के चारों ओर मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नृत्य किया। मुख्यमंत्री  साय भी नर्तक दलों के साथ कदम मिलाकर पारंपरिक नृत्य में शामिल हुए। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और सभी को करम परब की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देते हुए ग्राम बनगांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बनगांव में अखड़ा निर्माण और सहसपुर में मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि  करम परब हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। यह पर्व प्रकृति के प्रति हमारी गहरी आस्था, प्रेम और सम्मान की भावना को अभिव्यक्त करता है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीवन जीने की जो परंपरा विकसित की, वह आज भी संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायी है। करम परब हमें प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सामूहिक जीवन के मूल्यों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की वास्तविक पहचान यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपर्वों, लोककलाओं और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव में निहित है। जनजातीय समाज ने अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है। यह हमारी अमूल्य सांस्कृतिक पूंजी है, जिसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और विकास के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। हमारी युवा पीढ़ी अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों, रीति-रिवाजों और पारंपरिक पर्वों से जुड़ी रहे, तभी हमारी समृद्ध विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के ज्ञान, जीवनमूल्यों और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जनजातीय वीर नायकों का शौर्य और बलिदान देश के इतिहास का गौरवशाली अध्याय मुख्यमंत्री  साय ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीर नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है। रानी दुर्गावती, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गेंद सिंह और वीर बुधु भगत जैसे महान नायकों ने अपने साहस, संघर्ष और बलिदान से देश के इतिहास में अमिट स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्ष किया। वहीं शहीद वीर नारायण सिंह ने अकाल और भुखमरी से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए अंग्रेजों के गोदामों से अनाज निकलवाकर जरूरतमंदों तक पहुंचाया। जनहित और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के कारण उन्हें अंग्रेजी शासन ने फांसी दे दी। ऐसे महान जनजातीय नायकों का जीवन हमें साहस, त्याग और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारकर हर वर्ग के जीवन में ला रहे सकारात्मक बदलाव मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार माताओं-बहनों, किसानों, गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए संकल्पों को प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की माताओं-बहनों को बड़ी सौगात दी गई है। राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की उपस्थिति में योजना की 33वीं किस्त जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को लंबित बोनस का भुगतान कर सरकार ने अपना वादा भी पूरा किया है। इसी प्रकार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं।  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों और पात्र हितग्राहियों को प्रमुख तीर्थस्थलों की निःशुल्क यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलताएं मिली हैं। सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और बस्तरवासियों के सहयोग से बस्तर अब नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा का सुदृढ़ … Read more

सड़क सुरक्षा की दिशा में जशपुर पुलिस की अभिनव पहल, हेलमेट बैंक में उपलब्ध कराए गए 1000 हेलमेट

जरूरतमंद दोपहिया वाहन चालकों को अस्थायी रूप से उपलब्ध कराया जाएगा हेलमेट, सुरक्षित यात्रा के साथ बढ़ेगी यातायात नियमों के प्रति जागरूकता सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति हमारी जिम्मेदारी है : मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर पुलिस लाइन में जशपुर पुलिस द्वारा स्थापित हेलमेट बैंक का शुभारंभ किया। सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि रोकने और नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस अभिनव पहल के अंतर्गत हेलमेट बैंक में 1000 हेलमेट उपलब्ध कराए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर दोपहिया वाहन चालकों को यहां से अस्थायी रूप से हेलमेट उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने जशपुर पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट और चारपहिया वाहन में यात्रा करते समय सीट बेल्ट का उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण अनेक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। हेलमेट का नियमित उपयोग ऐसी दुर्घटनाओं में गंभीर चोट और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी सावधानी न केवल हमारा जीवन सुरक्षित रख सकती है, बल्कि हमारे परिवार को भी अपूरणीय क्षति से बचा सकती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को सड़क सुरक्षा को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर पुलिस का हेलमेट बैंक एक सराहनीय और जनहितकारी नवाचार है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने के साथ ही जरूरतमंद लोगों को व्यावहारिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हेलमेट बैंक से जरूरतमंद नागरिकों को मिलेगी सुविधा जशपुर पुलिस द्वारा संचालित हेलमेट बैंक की विशेषता यह है कि किसी आवश्यक कार्य से अचानक निकलने वाले ऐसे नागरिक, जिनके पास हेलमेट उपलब्ध नहीं है अथवा तत्काल हेलमेट खरीदने की आर्थिक सुविधा नहीं है, उन्हें अस्थायी रूप से हेलमेट उपलब्ध कराया जाएगा। नागरिक अपना आवश्यक कार्य पूरा करने के बाद स्वयं का हेलमेट लेकर आएंगे और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराया गया हेलमेट बैंक में वापस जमा करेंगे। इसके साथ ही उन्हें सड़क सुरक्षा जागरूकता से जुड़े एक छोटे से सेवा कार्य में पुलिस का सहयोग करना होगा। जशपुर पुलिस द्वारा बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान भी संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के वाहन जब्त किए जा रहे हैं तथा नया हेलमेट खरीदकर उसकी रसीद प्रस्तुत करने पर बिना चालान काटे वाहन छोड़ा जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों में हेलमेट के नियमित उपयोग की आदत विकसित करना है। जशपुर पुलिस ने संकल्प लिया है कि जिले में दोपहिया वाहन से यात्रा करने वाला प्रत्येक व्यक्ति हेलमेट का उपयोग करे। ‘हर सिर पर हेलमेट, सुरक्षित आप, सुरक्षित परिवार’ के संदेश के साथ शुरू की गई यह पहल सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास है। इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, भरत सिंह, अमर सुल्तानिया, कृष्णा राय, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा: मुख्यमंत्री

घायलों के बेहतर उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मनेंद्रगढ़-केल्हारी मार्ग पर हुई भीषण बस दुर्घटना में 6 लोगों के असामयिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से ₹5-5 लाख तथा घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तत्परता से संचालित करने तथा घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि दुर्घटना में घायल यात्रियों का सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ एवं जिला अस्पताल चिरमिरी में उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल 2 यात्रियों को बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता के अनुरूप हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें तथा सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें।

मुख्यमंत्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

चार विकास कार्यों की घोषणा, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे लकड़ी के जैतखाम सतनामी समाज सहित सभी वर्गों के सम्मान, सशक्तीकरण और चहुंमुखी विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज आरंग विकासखंड स्थित सतनाम पंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने गुरुगद्दी आसन के दर्शन कर नमन किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 29 करोड़ रुपए की लागत के तीन महत्वपूर्ण सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी ने सत्य, अहिंसा, करुणा, समानता और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया, वह संपूर्ण मानव समाज के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक रहेगा। बाबा गुरु घासीदास जी का अमर संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ हमें भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की पावन कर्मभूमि भण्डारपुरी धाम सतनाम पंथ की आस्था के साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला हमारी आस्था, सामाजिक एकता और सद्भाव की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के बताए सत्य, करुणा, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। विकास की यात्रा में कोई भी समाज, वर्ग अथवा क्षेत्र पीछे न रहे, इसी भावना के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतनामी समाज की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली स्थित कोचिंग संस्था में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है। उन्होंने भण्डारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज की आस्था, संस्कृति और गौरव से जुड़े स्थलों के विकास एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के इस संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा लक्ष्य है। उन्होंने सभी से बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक सद्भाव और समरसता को मजबूत करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। लगभग 29 करोड़ रुपए के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कुल 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपए की लागत के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 8 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपए की लागत से मोहंदी-अड़सेना मार्ग के 4 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण और 3 करोड़ 30 लाख 78 हजार रुपए की लागत से नरदहा में 2 किलोमीटर लंबे आंतरिक मार्ग का निर्माण शामिल है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 17 करोड़ 34 लाख 99 हजार रुपए की लागत से 29 किलोमीटर लंबे छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग के डामर नवीनीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ गांवों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। चार विकास कार्यों की घोषणा, 40 स्थानों पर बनेंगे लकड़ी के जैतखाम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर चार महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत खमतराई में हाई स्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, नगर पंचायत आरंग के ओड़का में नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए 30 लाख रुपए, नगरपालिका परिषद मंदिर हसौद के पीएम स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए तथा चंदखुरी में नगर पंचायत कार्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए 85 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने इसके साथ ही अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सतनामी समाज सतत विकास की ओर अग्रसर : मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सतनामी समाज सतत विकास की ओर अग्रसर है। समाज की ओर से विकास से जुड़ी जितनी भी मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई हैं, उन्हें उन्होंने संवेदनशीलता के साथ पूरा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाज आगे भी चहुंमुखी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भण्डारपुरी में मोती महल का भूमिपूजन सामाजिक समरसता और समाज की सांस्कृतिक विरासत के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 किए जाने से समाज के अधिक युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।  

मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देशन में मिशन अमृत 2.0 के तहत मिली प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों उद्यानों के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जहां हरियाली और स्वच्छ वातावरण के साथ बच्चों को खेलने, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को व्यायाम, पैदल भ्रमण और विश्राम की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नए उद्यानों का विकास इसी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देशन में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन उद्यानों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में विकसित होने वाले इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाएंगे। व्यापक पौधरोपण के साथ ही नागरिकों की अलग-अलग आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, प्रकाश व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी। निर्माण के बाद उद्यानों के बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पांच वर्षों तक इन परिसरों का संचालन एवं संधारण चयनित निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे उद्यानों में विकसित हरियाली, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से विकसित किए जा रहे ये उद्यान केवल हरित क्षेत्र नहीं होंगे, बल्कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण से इन परिसरों का हरित स्वरूप समृद्ध होगा। साथ ही ओपन जिम, पाथवे, खेल एवं विश्राम की सुविधाएं लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेंगी। वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संवर्धन के प्रयासों को भी मजबूती देंगी। हरित और सुविधायुक्त शहरों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार : उप मुख्यमंत्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और सुविधायुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ नागरिकों को मनोरंजन, व्यायाम और विश्राम के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि निर्माण कार्य केवल अधोसंरचना तैयार करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लंबे समय तक बेहतर रख-रखाव भी सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से इन उद्यानों के निर्माण के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी द्वारा संचालन एवं संधारण की व्यवस्था की गई है। इससे विकसित सुविधाओं का लाभ नागरिकों को लंबे समय तक मिल सकेगा। अहिवारा में 2.07 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होगा उद्यान अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे। यहां सोलर लाइट की व्यवस्था के साथ बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, युवाओं एवं अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान तथा सुगम आवागमन के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो के निर्माण के साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपए से 3.08 एकड़ में विकसित होगा हरित परिसर मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा। यहां लगभग 4,453 पौधों का रोपण किया जाएगा। बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, नागरिकों के लिए ओपन जिम और बैठने की सुविधा तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे विकसित किए जाएंगे। टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी बनाया जाएगा। कांकेर में 1.69 करोड़ रुपए से बनेगा आधुनिक उद्यान कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यहां करीब 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। नागरिकों के बैठने एवं विश्राम के लिए निर्धारित स्थान, बच्चों के लिए प्ले-इक्वीपमेंट, स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए ओपन जिम तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। उद्यान में सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो की सुविधा के साथ वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा  में पूरे किए जाएंगे कार्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हरित अधोसंरचना को मजबूत करने और नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्थल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में प्रस्तावित उद्यान इसी दिशा में विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण करने … Read more

मुख्यमंत्री साय का आह्वान- रोज़मर्रा की जिंदगी में अपनाएं योग, बनेगा स्वस्थ समाज

अम्बिकापुर/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं,  युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है। आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है। योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। इस अवसर पर विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

लोगों से सीधे संवाद करेंगे CM साय, सुशासन तिहार में योजनाओं के क्रियान्वयन का लेंगे फीडबैक

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार 2026 के तहत विभिन्न जिलों का दौरा कर सकते हैं. किसी भी गांव में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतर सकता है. इस दौरान मुख्यमंत्री जन समस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जनता से योजनाओं का फीडबैक लेंगे. साथ ही समीक्षा बैठक भी करेंगे. इसके बाद शाम 5 बजे रायपुर के जोरा मॉल में भाग्य विधाता फिल्म देखेंगे. मुख्यमंत्री आज गुरुवार को आयोजित विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित निरीक्षण, जन समस्या निवारण शिविर एवं समीक्षा बैठक में भाग लेंगे। इस दौरान वे आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था का जायजा लेने के साथ अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं और जनहित कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री अधिकारियों को शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संबंध में आवश्यक निर्देश देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5 बजे निर्धारित अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

रायगढ़ को मिली बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री ने किया एफएसएल लैब का शुभारंभ

अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को मिलेगी बड़ी मजबूती स्थानीय स्तर पर होगी वैज्ञानिक जांच, अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट से सशक्त होगी पुलिस विवेचना रायपुर सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के राजामहल के पास क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का विधिवत शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। अब हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आज के समय में अपराधों की जांच केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है। वैज्ञानिक साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। रायगढ़ में इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से पुलिस को बड़ी सुविधा मिलेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा।      वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला के शुभारंभ को रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में एफएसएल लैब शुरू होने से अपराध जांच की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही वैज्ञानिक परीक्षण होने से पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।     उल्लेखनीय है कि अब तक पुलिस को ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए बिलासपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच प्रक्रिया में समय लगता था और कई मामलों के निराकरण में देरी होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे। इससे विवेचना की समय-सीमा घटेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।                    इस अवसर पर लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को सौंपी भूमि आबंटन आदेश की प्रति

सुशासन तिहार के दौरान वनांचल क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई गति रायपुर रायगढ़ जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गंवरघुटरी अब स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल और राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच के परिणामस्वरूप यहां 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इस अस्पताल के निर्माण से धरमजयगढ़ सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों, विशेष रूप से आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम गंवरघुटरी, तहसील धरमजयगढ़ की 2 हेक्टेयर भूमि 30 वर्ष की अस्थायी लीज पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को आबंटित की गई है। इस भूमि पर फाउंडेशन द्वारा गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत रायगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर संभाग के जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आबंटन आदेश की प्रति सौंपते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय के साथ प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी, सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष तौर पर उपस्थित थे। उल्लखेनीय है कि यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का एक बड़ा केंद्र बनेगा। वर्तमान में धरमजयगढ़ और आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारी या विशेष उपचार के लिए रायगढ़, बिलासपुर अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीणों को त्वरित उपचार मिल सकेगा। अस्पताल में सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, जांच सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इससे वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर मजबूत होगा और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।   अस्पताल का संचालन गरीबों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार भूमि का उपयोग केवल अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। शासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि भूमि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए तथा समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसका निरीक्षण किया जाता रहे। राज्य शासन के इस फैसले का वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अस्पताल निर्माण से न केवल बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।  

प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश

रायपुर. कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में आज एक अत्यंत भावनात्मक, आत्मीय और जनसरोकारों से जुड़ा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक सामान्य ग्रामीण के सादे निमंत्रण को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उसे अपने व्यवहार से एक यादगार क्षण में परिवर्तित कर दिया। गांव में उनके आगमन से जहां उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ था, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने शासन और आमजन के बीच के आत्मीय संबंधों को भी जीवंत रूप में सामने रखा। प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश ग्राम लोखान निवासी मोहन मरावी के नए पक्के घर का आज गृह प्रवेश कार्यक्रम था। जैसे ही उन्हें यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री गांव के दौरे पर हैं, वे बिना देर किए सीधे उनके पास पहुंचे और अपने घर आने का न्योता दे दिया। यह एक ग्रामीण का असाधारण प्रेम भरा अनुरोध था, जिसे मुख्यमंत्री ने उसी सहजता और विनम्रता के साथ स्वीकार किया और उनके घर पहुंचकर इस अवसर को विशेष बना दिया। प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेशमुख्यमंत्री के मोहन मरावी के घर पहुंचते ही वहां एक आत्मीय और पारिवारिक वातावरण बन गया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के पूरे स्नेह और अपनत्व के साथ नारियल फोड़ा, दीप प्रज्वलित किया और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ गृह प्रवेश की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरे पर जो संतोष, गर्व और खुशी झलक रही थी, वह इस बात का प्रतीक थी कि उनके सपनों का घर अब साकार हो चुका है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी इस क्षण को उत्साहपूर्वक देखा और मुख्यमंत्री की सादगीपूर्ण शैली की सराहना की। इस आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए मोहन से पूछा—“आवास कोन भेजिस?” इस पर मोहन ने सहजता के साथ उत्तर दिया—“मोदी जी ने।” यह छोटा-सा संवाद पूरे माहौल को भावनात्मक गहराई से भर गया और यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का क्रियान्वयन सीधे लोगों के जीवन में किस प्रकार आशा और विश्वास का संचार कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने मोहन मरावी और उनके परिवार से विस्तार से बातचीत करते हुए उनके नए घर के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जाना। मोहन ने बताया कि उनका यह घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त राशि और अपने परिश्रम से तैयार हुआ है। पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन वर्ष 2024–25 में आवास स्वीकृत होने के बाद उनके भीतर पक्का घर बनाने का हौसला जागा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्वयं ईंट बनाकर चार कमरों का सुदृढ़ और व्यवस्थित घर खड़ा किया, जो उनके श्रम, संकल्प और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने घर की गुणवत्ता, संरचना और उसमें झलक रही मेहनत की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि जब शासन की योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और उसमें लोगों की अपनी मेहनत व सहभागिता जुड़ती है, तभी विकास का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। उन्होंने इस पहल को आत्मनिर्भरता, जनभागीदारी और सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही राज्य के समग्र विकास की नींव को मजबूत करते हैं। मोहन मरावी ने यह भी बताया कि उन्हें योजना के तहत राशि तीन किस्तों में प्राप्त हुई, जिसका उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और समझदारी से उपयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप वे अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक पक्का घर तैयार कर सके। मुख्यमंत्री ने पूरे परिवार को नए घर की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इस अवसर को गांव के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जो यह संदेश देता है कि संकल्प, श्रम और शासन की योजनाओं के समन्वय से हर सपना साकार हो सकता है।