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मुख्यमंत्री ने कहा, स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और यूपी के अटल आवासीय विद्यालय की सोच एक

वेंकटचलम (नेल्लोर) स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था को कमजोर किया। गांवों की आत्मनिर्भरता और स्थानीय संस्थाओं पर इसका असर पड़ा, लेकिन गांवों की आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई। स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय अलग राज्यों में होने के बावजूद समान सोच के साथ वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो ग्लोबल भी हो और रूटेड भी, आधुनिक तकनीक से लैस हो, लेकिन हृदय में भारत, संस्कृति पर गर्व, अपनी जड़ों का बोध, समाज के प्रति संवेदनशीलता और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना रखती हो। तकनीक भेदभाव नहीं करती और नए भारत ने गांव की ताकत को नई तकनीक से जोड़ दिया है। सीएम ने वेंकैया नायडू को उत्तर व दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सेतु बताया। मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों को बधाई दी। साथ ही ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि वेंकैया नायडू जी बहुआयामी व अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी हैं। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अपनी सरलता, सहजता और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता के बल पर पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई। सार्वजनिक जीवन में ऐसा विराट व्यक्तित्व मिलना दुर्लभ है, जो दल और विचारधारा की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को समान रूप से साथ लेकर चले और जिसकी सर्वत्र स्वीकार्यता हो। राज्यसभा सभापति के रूप में दायित्वों के निर्वहन में यही व्यापक स्वीकार्यता दिखाई देती थी। उनका योगदान राजनीति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने तेलुगु संस्कृति, खान-पान और वेश-भूषा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2001 में एक व्यक्ति ने शासन में रहकर समाज सेवा की यात्रा प्रारंभ की थी, आज वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। उसी वर्ष समाज सेवा की एक और यात्रा शुरू हुई, जो स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रूप में हम सबके सामने है। 25 वर्ष बाद दोनों यात्राओं का लक्ष्य एक ही है- विकसित भारत। जब सरकार और समाज दोनों की दिशा एक हो, दोनों का संकल्प एक हो और दोनों लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास करते हैं, तो अवश्य परिणाम आते हैं। भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव रहे हैं। सदियों तक गांव अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और संस्कृति के केंद्र रहे। वे उत्पादन, ज्ञान और जल संरक्षण के साथ ही कला-शिल्प के केंद्र रहे हैं तथा सामाजिक मूल्यों की मूल इकाई भी रहे हैं। कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार, स्थानीय संस्थाएं, सभी एक दूसरे से जुड़ी थीं। गांव की अर्थव्यवस्था एक सर्कुलर इकॉनमी थी। एक का उत्पादन दूसरे की आजीविका बनता था। विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर का असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा। गांव की आत्मनिर्भरता कम हुई। स्थानीय संस्थाएं कमजोर हुईं और ग्रामीण भारत की विकास यात्रा पर आघात हुआ। सीएम ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान चेतना की एक नई दिशा दी थी। उनका आह्वान था- 'बैक टू विलेज'। वे 'ग्राम स्वराज' के माध्यम से ऐसा गांव चाहते थे जो आत्मनिर्भर हो, स्वावलंबी हो, अपनी आवश्यकताओं के लिए सक्षम हो और अपने निर्णय स्वयं लेने में समर्थ हो। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वेंकैया नायडू जी ने 2001 में अपने आठ साथियों के साथ स्वर्ण भारत ट्रस्ट की शुरुआत की थी। ट्रस्ट ने स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर दंत एवं नेत्र चिकित्सा, पशु चिकित्सा से लेकर किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण से लेकर विद्यालयों एवं ब्रिज स्कूलों तक विभिन्न क्षेत्रों में अत्यंत सराहनीय कार्य किया है। इकोसिस्टम से बाहर बच्चों को वापस शिक्षा में लाना महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि रेजिडेंशियल ब्रिज स्कूल के माध्यम से स्वर्ण भारत ट्रस्ट वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा, भोजन, पुस्तकें, ड्रेस और आवास की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। अक्षरा विद्यालय और स्वर्ण भारती विद्या मंदिर जैसे संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण व बीपीएल परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का भी अभिनव कार्य हो रहा है। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में भी श्रमिकों के बच्चों के लिए 18 मंडल मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता को खोने वाले बच्चों को भी इन विद्यालयों में शिक्षा व आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ये निःशुल्क आवासीय विद्यालय हैं, जहां आधी सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं। पुराने हुनर को दिया नया बाजार सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कोई न कोई पारंपरिक हुनर मौजूद है। वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी इसकी मिसाल हैं। पीढ़ियों से इस हुनर को आगे बढ़ाने वाले कारीगरों के पास आधुनिक डिजाइन, पूंजी और बाजार की कमी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की। हर जिले के एक प्रमुख उत्पाद को चिन्हित कर उसके कारीगरों को डिजाइन प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट, आसान बैंक ऋण तथा मार्केटिंग और एक्सपोर्ट का मंच उपलब्ध कराया गया। ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूल किट दिए गए। इसका परिणाम है कि इनका हुनर निर्यात तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में शामिल हो गया है। हमने कारीगर को नया हुनर नहीं सिखाया, बल्कि उसके पुराने हुनर को नया बाजार उपलब्ध कराया है। गांव की बेटियों को मिला गांव में रोजगार मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट की … Read more

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

उन्नाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत 12 वर्षों में देश में और 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया,  वह कांग्रेस व सपा सरकारें नहीं कर सकीं, क्योंकि भ्रष्ट व क्षमता विहीन ये लोग गरीब के बारे में नहीं, केवल अपने परिवार के बारे में सोचते थे। कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार से बाहर कभी नहीं सोचा और सपा के लिए केवल सैफई ही परिवार था। जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को घर और 140 करोड़ लोगों को ही परिवार माना है। मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर और 25 करोड़ लोग परिवार के सदस्य हैं। उनकी समृद्धि के लिए कार्य करना ही हमारा मिशन है। मुख्यमंत्री गुरुवार को 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम पंचायत डीह, भवानी खेड़ा चौराहा, हिंदु खेड़ा उन्नाव में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। सीएम ने स्थानीय लोगों को जानकारी दी कि वीर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृति में निर्मित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता भी दोगुनी कर दी गई है। खर-दूषण जैसे थे सपा के सत्तापोषित माफिया सीएम ने कहा कि सपा सरकार के समय गरीब या अन्य राजनीतिक दल आवाज उठाते थे तो इनके गुंडे व माफिया उनकी आवाज दबाने के साथ ही व्यापारियों का अपहरण कर प्रदेश में अराजकता का तांडव करते थे। रामायण काल में खर-दूषण, मारीच व सुबाहु का आतंक ऐसा ही रहा होगा, जैसे सपा सरकार के समय सत्तापोषित माफिया का था। कांग्रेस व सपा के नेताओं को कभी गरीब के लिए आंसू बहाते नहीं देखा होगा। इनके आंसू माफिया के मरने पर बहते हैं। ये गरीबों के प्रति संवेदनहीन बन जाते हैं। सर्वाधिक समय तक शासन करने के बावजूद ये दोनों दल देश-प्रदेश को दुर्गति के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार हैं।  अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा है उन्नाव  सीएम ने उन्नाव को अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा बताया। सीएम ने स्थानीय आध्यात्मिक स्थलों, साहित्यकारों, क्रांतिकारियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधानसभा के पूर्व अध्य़क्ष हृदय नारायण दीक्षित के कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता पर संकट के समय गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए राजा रामबख्श सिंह, वीर गुलाब सिंह लोधी ने अपने बलिदान से ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें उखाड़ दीं।  उन्नाव को कभी पिछड़ने नहीं देंगे  सीएम बोले,  स्वामी साक्षी महाराज जी कहते थे कि लखनऊ व कानपुर के बीच उन्नाव खुद को उपेक्षित महसूस करता है। तब मैंने कहा था कि विकास की हर योजना उन्नाव में भी आएगी। आज उन्नाव की कनेक्टिविटी हर तरफ से फोरलेन की हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए उन्नाववासी लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली, प्रयागराज जा सकते हैं। कानपुर के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है। उन्नाव व कानपुर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए गंगा नदी में अतिरिक्त ब्रिज की मांग भी पूरी की गई। हम उन्नाव को पिछड़ने नहीं देंगे। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण हो चुका है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ लैंड और लगभग 200 एकड़ लैंड इंडस्ट्री कलस्टर के लिए उन्नाव जनपद के लिए तैयार है। उद्योग लगने से स्थानीय नौजवानों को यहीं रोजगार प्राप्त होगा। दुनिया के लिए प्रेरणा बना भारत का प्रबंधन  सीएम ने कहा कि जब दुनिया ऊर्जा, आर्थिक मंदी और पश्चिम एशिया के संकट के दौर से गुजर रही है, तब भी पीएम मोदी के नेतृत्व में जनता को राहत मिली और संकट से उबारा गया। भारत का प्रबंधन दुनिया के लिए प्रेरणा बना। अमेरिका महंगाई से त्रस्त है, लेकिन भारत ने उक्त संकटों का बखूबी सामना किया। भारत में सुरक्षा, आस्था का सम्मान व अर्थव्यवस्था को मजबूती से बढ़ाया जा रहा है। आतंकवादियों, उग्रवादियों व नक्सलवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देकर भारत की ताकत का अहसास कराया जा रहा है।  गरीब, किसान, महिला व युवा को केंद्र में रखकर योजनाएं सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री की नजर में चार जातियां (गरीब, किसान, महिला, युवा) ही हैं। योजनाएं इन्हें केंद्र में रखकर ही बन रही हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए अब गरीब हाथ नहीं फैलाते, बल्कि अधिकारी घर जाकर बताते हैं कि आपका चयन हुआ है। पहले घूस देकर भी योजना का लाभ नहीं मिलता था, आज बिना सिफारिश रसोई गैस, राशन, पेंशन, आयुष्मान आदि सुविधाएं मिल रही हैं।  विपक्षियों के दोहरे चरित्र को देख आती है हंसी  सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र को देखकर हंसी आती है। प्रदेश को पहचान का संकट देने वाले, माफियाराज, दंगा-कर्फ्यू ग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं। इनमें तनिक भी लज्जा हो तो अपने कार्यकाल को देख लें। जिन दलों ने युवाओं के रोजगार/नौकरियों, स्वाभिमान से खिलवाड़ किया,  यूपी का युवा इन भ्रष्टाचारियों को स्वीकार नहीं करेगा। युवा 2014 से इनसे अपमान का बदला ले रहा है। स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वाले बर्दाश्त नहीं  सीएम ने कहा कि पहले किसान को फसल का दाम और बिजली नहीं मिलती थी। ट्यूबवेल चोरी होते थे, आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता था। गन्ने का दाम, समय पर बीज-उर्वरक, कुछ नहीं मिलता था, इसलिए किसान भी इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगा। मां जगतजननी की प्रतीक नारी शक्ति खर-दूषण व चंड-मुंड से निपटना जानती है। सपा के नाम पर ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की चर्चा होती है। नया भारत व नया उत्तर प्रदेश सम्मान, स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शता नहीं है। यूपी पर बरसता है प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद सीएम ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम, बांके बिहारी, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा का आशीर्वाद बरसता है, यहां पैसे की कमी नहीं है। अब कोई उपद्रव नहीं करता है। हर त्योहार अब गरीबों के लिए भी खुशहाली लाते हैं। गरीब इन त्योहारों पर अच्छे कपड़े पहनकर परिवार के साथ उत्साहित होते हैं।  उन्नाव भी बना एससीआर का अंग  सीएम ने कहा कि उन्नाव भी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) का अंग बना है। अमर नायक वीर गुलाब सिंह लोधी देश को आजाद कराने के लिए कभी उन्नाव … Read more

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होंगे योगी आदित्यनाथ, CM साय ने किया स्वागत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया। बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

यूपी सरकार की पहल: श्रमिक कल्याण योजनाओं का लोकार्पण और मुफ्त राशन उपलब्ध

लखनऊ राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को श्रमवीर गौरव समारोह 2026 का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस मौके पर सीएम ने श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूल किट देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि अटल आवासीय छात्रों को मेरिट सूची में स्थान हासिल करने पर बधाई। प्रधानाचार्यों को भी शुभकामनाएं। हमारा श्रमिक किसी भी मौसम में काम करता है। वह न रुकता है, न थकता है, न डिगता है। आपके पसीने की बूंद से धरती माता सोना उगलता है। जो श्रमिक दूसरे के घरों में इज्जत घर बनाते थे, उनकी इज्जत सड़कों पर दिखती थी। जो दूसरे के लिए अन्न उपजाते थे, उनके बच्चे खाने को परेशान थे। जो बड़े बड़े अस्पताल बनाते थे, उन्हें ही इलाज नहीं मिलता था। आज ऐसा नहीं है। श्रमिक भी सरकारी एजेंडे का हिस्सा बन सकता है, ये तभी संभव है जब संवेदनशील सरकार बनती है। आज भी फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा सीएम ने आगे कहा कि कोरोना कालखंड में सारे विपक्षी रातनेता रजाई तानकर घरों में छिप गए थे। उस समय केवल और केवल डबल इंजन सरकार थी। हम लोगों ने एक साथ 14 हजार बसें भेजीं। हमने कहा यहां पर कहीं का भी श्रमिक आए सबको फ्री में रहना और खाना देंगे। आज कोरोना के बाद भी सबको फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम मोदी ने श्रमिकों के लिए सामाजिक गारंटी की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि यूपी में श्रम एवं सेवायोजन मंत्रालय द्वारा बेहतर काम किया गया। आज गोरखपुर में 200 श्रमिकों के बेटियों की शादी खुद मंत्री उपस्थित रहकर उनकी आवभगत करेंगे। विधायक के घर की शादी में जाएं या न जाएं, लेकिन श्रमिकों की बेटियों की शादी में मंत्री खुद जा रहे हैं। आज यूपी के लोगों को यूपी के अंदर ही काम मिल रहा है। 9 वर्षों में 18 हजार से अधिक नए उद्योग लगे। 65 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आज यूपी भारत का ग्रोथ इंजन बनकर खड़ा है। काम के बदले दाम देना पड़ेगा सीएम ने कहा कि पहले लोग काम करा लेते थे, पैसे देने के समय टरका देते थे। लेकिन, हमने कहा कि काम कराओगे तो काम के बदले दाम देना पड़ेगा। यदि कोई दाम देने में हीलाहवाली करेगा तो उसका इलाज सरकार करेगी। 80 लाख के आसपास लोगों को पांच लाख तक के निशुल्क इलाज की व्यवस्था की है। हमने अभी उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों का कुछ मानदेय बढ़ाया है। दुर्घटना में मृतक श्रमिकों के लिए पांच लाख का बीमा कवर देने जा रहे हैं। सबकी इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की- ब्रजेश पाठक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशी अंदाज में लोगों से संवाद किया। कहा कि आज पहिले से अच्छी व्यवस्था है कि नहीं। काम करै के बाद जौन गारी गुप्ता करत रहे, आज उईं डेरात हैं कि नहीं? तुम्हार इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की है। कौनो दिक्कत होए तो हमका लिख भेजेएव। पीएम मोदी ने श्रमिकों के पैर धोकर सम्मानित किया डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहली बार 2019 के अर्द्ध कुंभ में पीएम मोदी ने खुद जमीन पर बैठकर श्रमिकों को कुर्सी पर बैठाकर उनके पैर धोकर सम्मानित किया। यह दृश्य हृदय को द्रवित करने वाला था। इसी तरह काशी विश्वनाथ धाम के शुभारंभ में पीएम मोदी ने गंगा स्नान करके सबसे पहले श्रमिकों का सम्मान किया। आप सबका बेहतर करना ही डबल इंजन की सरकार का प्रयास है। इस मौके पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा सरकार ने श्रमिकों की जीवन बदला है। ये बात दुनिया में चर्चा का विषय है। सरकार का सपना है कि आज मजदूर का बेटा मजदूर ही नहीं बनेगा। मजदूर का बेटा डॉक्टर बनेगा, इंजीनियर बनेगा, अधिकारी बनेगा। अटल आवासीय विद्यालय में बच्चे बेहतर शिक्षा ले रहे हैं। प्रदेश के श्रमिकों को बाहर न जाना पड़े, यहीं पर उन्हें काम मिले ये प्रयास जारी है।  

योगी सरकार का बड़ा कदम: 49 बस स्टेशनों का होगा विश्वस्तरीय पुनर्विकास

लखनऊ. योगी सरकार ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर फेज-2 बस स्टेशन विकास परियोजना को स्वीकृति मिल गई है, जिसके तहत प्रदेश के 49 प्रमुख बस स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन बस स्टेशनों को आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं बहुउद्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना के अंतर्गत शीघ्र ही डेवलपर्स के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी। स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत बनने वाले इन बस स्टेशनों में स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके साथ ही सुव्यवस्थित पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और सहायक सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे स्मार्ट और टिकाऊ अवसंरचना विकसित की जा सके। उन्होंने बताया कि यह परियोजना डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) ढांचे पर आधारित होगी, जिसमें राज्य सरकार पर कोई प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय नहीं आएगा। निजी निवेश के माध्यम से बस स्टेशनों का विकास किया जाएगा, जबकि भूमि का स्वामित्व निगम के पास रहेगा। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इन बस अड्डों का होगा कायाकल्प आगरा में फाउंड्री नगर, अम्बेडकरनगर में अकबरपुर (डिपो कार्यशाला) अमेठी में अमेठी, अयोध्या में अयोध्या (ओल्ड बस स्टेशन) आजमगढ़ में तरवा, बलिया में रसड़ा और बेल्थरा रोड, बलरामपुर में बलरामपुर (डिपो कार्यशाला) बाराबंकी में हैदरगढ़, बस्ती में बस्ती (डिपो कार्यशाला) बिजनौर में नहटौर, बदायूं में बदायूं, बुलंदशहर में बुलंदशहर (पुराना) और खुर्जा, देवरिया में देवरिया, एटा में एटा, फिरोजाबाद में फिरोजाबाद और शिकोहाबाद, गौतमबुद्धनगर में नोएडा (डिपो कार्यशाला) गाजियाबाद में गढ़ और लोनी, गोंडा में गोंडा (डिपो कार्यशाला) हरदोई में हरदोई बस स्टेशन को आधुनिक तरीके से विकसित किया जाएगा। द्वितीय चरण में लखनऊ के जानकीपुरम में भी बनेगा बस स्टेशन इसके अलावा हाथरस में हाथरस, जौनपुर में जौनपुर, मछलीशहर और बादशाहपुर, झांसी में झांसी (नयी भूमि) कानपुर देहात में माती, कौशांबी में सराय आकिल, लखीमपुर खीरी में गोला, लखनऊ में कैसरबाग और जानकीपुरम, महाराजगंज में सुनौली और निचलौल, मिर्जापुर में विंध्याचल, मुरादाबाद में मुरादाबाद (पीतल नगरी) मुजफ्फरनगर में मुजफ्फरनगर (नई भूमि) पीलीभीत में पीलीभीत, प्रतापगढ़ में कुंडा, रामपुर में रामपुर, श्रावस्ती में भिनगा, सीतापुर में नैमिषारण्य और सिधौली, सोनभद्र में रॉबर्टसगंज (सोनभद्र) अमेठी में जगदीशपुर, उन्नाव में उन्नाव, वाराणसी में काशी (गोलगड्ढा) और चंदौली में चंदौली बस स्टेशन द्वितीय चरण के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।

टाइम्स सम्मान-2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ‘टाइम्स सम्मान-2026’ कार्यक्रम में शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में सीएम योगी ने इसे भारत के वीरों व वीरांगनाओं के प्रति सम्मान का समारोह बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर सैनिक की सांस में भारत है, जो राष्ट्र को जीवन देता है। उसकी शान में भारत है, जो तिरंगे को गर्व से लहराने की शक्ति देता है। उसकी हर पहचान में भारत है, जो चुनौतीपूर्ण मुकाबला करते हुए दुनिया को ताकत का अहसास कराता है। वीर माताओं व वीर परिवारों के सदस्यों का त्याग शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। सीमा पर एक सैनिक लड़ता है, लेकिन हम उन परिस्थितियों की कल्पना करें, जब उनका परिवार प्रतिदिन चुनौतियों से लड़ता हुआ दिखाई देता है। आज का सम्मान उन आंसुओं का सम्मान है, जो कभी मंच तक नहीं पहुंच पाते। जहां जीवन ठहर जाता है, वहां भी अडिग रहता है सैनिक सीएम योगी ने कहा कि वीरों का साहस-स्वाभिमान पूरे भारत को नया जीवन देता है। वीरों के दृढ़ साहस की दीवार भारत को सुरक्षा देती है, उनका विश्वास 145 करोड़ भारतीयों के मन में नया साहस भरता है। जब सैनिक सीमा पर अडिग होकर देश की सुरक्षा करता है, तब 145 करोड़ का भारत निश्चिंत भाव के साथ चैन की नींद सोता है। सियाचिन की जमा देने वाली ठंड हो या रेगिस्तान की तपती हुई रेत, घने जंगलों का अंधकार हो या समुद्र व आकाश की अनंत चुनौतियां। जहां जीवन ठहर जाता है, वहां भी सैनिक इन झंझावतों की परवाह किए बिना राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का मजबूती से निर्वहन करता है।  रक्षा मंत्री के नेतृत्व में ताकत का अहसास करा रही भारतीय सेना  सीएम योगी ने कहा कि रक्षा मंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना अत्याधुनिक, सशक्त व आत्मनिर्भर सेना के रूप में दुनिया के समक्ष अपनी ताकत का अहसास करा रही है। आज भारत केवल अपनी सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि मित्र राष्ट्रों के लिए भी सुविधा उपलब्ध कराने में आगे दिखाई देता है। जब भी सेना से जुड़े मुद्दों की चर्चा होती है तो मैं कहता हूं कि अन्य मुद्दों पर बहस करो, देश की सुरक्षा के मुद्दे पर बहस व वाद-विवाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि देश सुरक्षित है तो हम सब सुरक्षित हैं।  सबके मन में होना चाहिए सेना व सैनिक के प्रति सम्मान सीएम योगी ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि सेना व सैनिक के प्रति सर्वोच्च सम्मान का भाव हर किसी के मन में सदैव बना रहना चाहिए। हम सभी हमेशा उन सैनिकों, वीर नारियों के साथ खड़े हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी देश को संबल दिया है। शासन के सामने जो भी प्रस्ताव आते हैं, वह केवल योजना भर नहीं हैं, बल्कि वह प्रत्येक सैनिक के लिए आश्वस्ति है कि समाज हमेशा आपके साथ खड़ा है और सरकार हर विपरीत परिस्थिति में भी सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।  जब ब्रह्मोस ने किया हमला तो बड़ी ताकतें भी कांपती दिखीं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन व रक्षा मंत्री के नेतृत्व में यूपी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। यहां डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के छह नोड हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। ऑपरेशन सिंदूर में जब दुश्मन के ठिकानों पर ब्रह्मोस ने सबसे पहला हमला किया तो दुनिया की बड़ी ताकतें भी कांपती दिख रही थीं। ब्रह्मोस दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराती है। रक्षा मंत्री जी ने चित्रकूट नोड के लिए भी बीईएल कंपनी को भेजा है, उन्होंने 75 हेक्टेयर जमीन ले ली है। हमने उन्हें कागज भी उपलब्ध करा दिया है। विश्वास है कि बहुत जल्द उस यूनिट को प्रारंभ करने के लिए रक्षा मंत्री जी का कार्यक्रम मिलेगा। झांसी में बीडीएल अपने कार्यों को तेजी से बढ़ा चुका है। सभी छह नोड जिस मजबूती के साथ बढ़े हैं, वह रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ा रहे हैं।  आत्मनिर्भरता हमारी सक्षमता का भी प्रतीक  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में कुछ नए कार्यक्रम भी आगे बढ़ाए हैं। नोएडा व कानपुर में ड्रोन टेक्नोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए गए हैं। आईआईटी कानपुर व नोएडा सेंटर भारत की सेनाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाकर रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप ड्रोन का निर्माण व नए इनोवेशन करते हुए मजबूती से कार्य कर रहे हैं। मैं और रक्षा मंत्री जी गौतमबुद्ध नगर में ड्रोन निर्माण इकाई में एयरक्रॉफ्ट इंजन एंड डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी के उद्घाटन कार्यक्रम में साथ गए थे। पहले हम दूसरे राष्ट्रों पर निर्भर रहते थे। दुश्मन हमारे डेटा का इस्तेमाल कर हमें कमजोर बनाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हमारी आत्मनिर्भरता हमारी सक्षमता का भी प्रतीक है। यूपी इस दिशा में अब प्रयास कर रहा है। युद्ध स्मारक देखकर युवाओं की नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रक्षा मंत्री के कर-कमलों से जिस युद्ध स्मारक का लोकार्पण हो रहा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का तीर्थ होगा, जब-जब युवा यहां आएंगे तो उनकी नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी। यह आयोजन राष्ट्र के प्रति हम सभी के कर्तव्यभाव को प्रेरित करने वाला है। जब कोई मीडिया ग्रुप इसके साथ जुड़ता है तो वह समाज को बदलने का कार्य करेगा।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सेंट्रल कमांड के कमांडर लेफ्टिनेट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत टाइम्स ऑफ इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजय अय्यर ने किया।

‘Innovate in UP, Scale for the World’ विजन पर आगे बढ़ा उत्तर प्रदेश, IIT Kanpur के साथ मिलकर बनेगा Deep Tech Capital

ड्रोन, क्वांटम, ग्रीन हाइड्रोजन व मेड-टेक में तेज़ी से आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश आयुर्वेद के क्षेत्र में क्लिनिकल वैलिडेशन हेतु देश के पहले संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर विचार नोएडा में ‘यूपी डीप-टेक हब’ बनेगा नवाचार और उद्योग का केंद्र उत्तर प्रदेश को स्वदेशी ड्रोन निर्माण एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने के हों प्रयास: मुख्यमंत्री आयुर्वेद से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक, अत्याधुनिक तकनीकों में यूपी की बड़ी पहल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में कहा, 'इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड' के विजन के साथ प्रदेश को देश का 'डीप टेक कैपिटल' बनाने की दिशा में ठोस, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, साइबर सिक्योरिटी और मेड-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाने पर बल देते हुए शोध और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि नवाचारों का बड़े स्तर पर व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित हो और रोजगार सृजन को गति मिले। बैठक में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल द्वारा विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। बताया गया कि मेड-टेक के क्षेत्र में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अभिनव तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं तथा इस संबंध में प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रेषित किया जा चुका है। यह संस्थान नवंबर में प्रारम्भ होना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को प्रदेश के ऊर्जा भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उत्पादन, भंडारण, परीक्षण, सुरक्षा मानकों एवं औद्योगिक उपयोग के सभी आयामों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुर्वेद के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्लिनिकल वैलिडेशन हेतु देश के पहला संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर भी विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, शोध आधार निर्माण, प्रयोगशाला विकास तथा हर्बल संसाधनों के संरक्षण एवं उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को विशेष प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को स्वदेशी ड्रोन निर्माण एवं अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। उन्होंने रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु ड्रोन तकनीक में व्यापक स्वदेशीकरण सुनिश्चित करने के प्रयासों को गति देने पर बल दिया। क्वांटम टेक्नोलॉजी को भविष्य की परिवर्तनकारी तकनीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसके लिए राज्य स्तर पर आवश्यक संसाधन जुटाने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि जटिल समस्याओं के समाधान हेतु उन्नत शोध एवं नवाचार को बढ़ावा मिल सके। स्टार्टअप इकोसिस्टम पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नवाचार की संस्कृति को और सशक्त बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि आईआईटी कानपुर में विकसित स्टार्टअप इकोसिस्टम के अंतर्गत बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स इनक्यूबेट किए गए हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। साथ ही स्टार्टअप्स को पेटेंट सहायता प्रदान कर नवाचारों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नोएडा में प्रस्तावित 'यूपी डीप-टेक हब' को प्रदेश के तकनीकी विकास का केंद्रीय प्लेटफॉर्म बताते हुए निर्देश दिए कि यहां डीप-टेक स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने आईआईटी कानपुर में अनुसंधान, नोएडा से विस्तार और तैनाती” के मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क के माध्यम से प्रदेश में उन्नत साइबर सुरक्षा समाधान विकसित किए जा रहे हैं, जिससे राज्य की डिजिटल अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सके। मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं पर विभागीय समन्वय के साथ त्वरित निर्णय लेते हुए उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए, ताकि उत्तर प्रदेश तकनीकी नवाचार और डीप-टेक विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।

जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की हर समस्या का त्वरित समाधान कराएं। किसी भी समस्या से जुड़ी शिकायत को संवेदनशीलता से लेकर उसका संतुष्टिप्रद निस्तारण सुनिश्चित कराने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, चिंता मत करिए। सरकार आपकी हर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी।  जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और पास में मौजूद अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिपरक होना चाहिए।  अपराध व जमीन कब्जा किए जाने से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन पर जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। गरीबों को उजाड़ने वाले कतई न बख्शे जाएं। गरीबों की संपत्ति पर गरीबों का ही कब्जा सुनिश्चित होना चाहिए। जनता दर्शन में पारिवारिक विवाद के जुड़े मामले भी आए थे। इस पर मुख्यमंत्री ने दोनों पक्षों के बीच पहले संवाद कराने और बात न बनने पर यथोचित विधिक कार्यवाही के निर्देश दिए।   जनता दर्शन में हर बार की तरह कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का एस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। एस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को खूब दुलारा और उन्हें चॉकलेट के साथ आशीर्वाद भी दिया।    गोवंश को दुलारकर गुड़ खिलाया सीएम ने गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर मत्था टेका। सीएम योगी जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। गुरुवार सुबह वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की गोशाला पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में सीएम योगी ने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा। उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

सीएम योगी ने दी बच्चों को सीख- किताबें पढ़ो, सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग न करो

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए पीड़ितों के पास मुख्यमंत्री स्वयं चलकर पहुंचे। उनका प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार सभी की उचित समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। निश्चिंत होकर घर जाइए, आपकी समस्याओं का निस्तारण होगा। मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रशासनिक व पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण समय सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए। निवेश और उद्योग विकास में देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान दो उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेषकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) व जिला प्रशासन को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतरीन इकोसिस्टम तैयार किया गया है। सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की हैं। उद्यमियों की परेशानी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निवेश और उद्योग विकास में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अवैध कब्जे के मामले पर सीएम हुए सख्त कासगंज से आए पीड़ित ने सीएम के समक्ष पुलिस से जुड़ी शिकायत रखी। पीड़ित ने अपने प्रकरण में कार्रवाई पर देरी की शिकायत की। इस पर सीएम योगी ने पुलिस अधीक्षक को मामले का संज्ञान लेते हुए समस्या के समयबद्ध निराकरण का निर्देश दिया। वहीं एक प्रकरण पारिवारिक विवाद से भी जुड़ा आया। अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायत पर सीएम सख्त हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने पीड़ित को आश्वस्त किया कि नियमानुसार तत्काल कार्रवाई होगी। किताबें पढ़ो, सोशल मीडिया का न्यूनतम प्रयोग करो ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनसे पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। एक बच्चे के पास पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें पढ़ो। सोशल मीडिया का प्रयोग उतना ही करो, जितनी आवश्यकता है। इसका अत्यधिक प्रयोग घातक है। सीएम ने मोबाइल आदि का प्रयोग भी कम करने की सलाह दी।

सिंगापुर में सीएम Yogi Adityanath की बड़ी उपलब्धि: जेवर एयरपोर्ट को मिला 4,458 करोड़ का निवेश

सिंगापुर/लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य को वैश्विक निवेश का एक और तोहफा मिला है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी सैट्स के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। पहला एक अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स और दूसरा एक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर कंपनी 4,458 करोड़ रुपए निवेश करेगी। एमओयू के अनुसार, सैट्स लिमिटेड जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण करेगी। यह कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, और कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा। एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर ज्यादा मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।