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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार राज्य सरकार की नीति के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन लालघाटी स्थित प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सुख की कामना करते हुए एकात्म मानववाद का दर्शन दिया। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता ही हमारी संस्कृति और गांवों की व्यवस्था का आधार रही है, यह स्वावलंबन की भावना ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का आधार थी। पं. दीनदयाल उपाध्याय और महात्मा गांधी के विचारों में बहुत समानता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय की 109वीं जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सिंदूर का पौधा भी रोपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल के विचार राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं। हम प्रदेश के गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी सुधारों के माध्यम से देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। इससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों की बेहतरी के लिए सभी से स्वदेशी अपनाने का आव्हान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, संगठन मंत्री  हितानंद शर्मा, सांसद  आलोक शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, विधायक  भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

धर्मेंद्र प्रधान को सौंपी गई बिहार की जिम्मेदारी, BJP ने बनाया चुनाव प्रभारी

नई दिल्ली बिहार चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपनी चाल चल दी है. भारतीय जनता पार्टी ने बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे अहम सियासी राज्यों के लिए चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की है. भाजपा ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बिहार का चुनाव प्रभारी बनाया है. यह नियुक्ति बिहार में एनडीए की मजबूती को बढ़ावा देने के लिए अहम मानी जा रही है. बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव है. धर्मेंद्र प्रधान के साथ सह-प्रभारी के रूप में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और गुजरात BJP के पूर्व अध्यक्ष सीआर पाटिल को नियुक्त किया गया है. भाजपा के लिए धर्मेंद्र प्रधान का चयन इसलिए खास है क्योंकि वे ओडिशा से आते हैं और पहले भी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्यों में चुनावी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. भाजपा सूत्रों के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान की रणनीतिक क्षमता और संगठनात्मक कौशल बिहार में तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन को चुनौती देने में कारगर साबित होगा. हालांकि, बिहार में NDA पहले से सत्ता में है, मगर तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की यात्राओं से माहौल थोड़ा बदला है. ऐसे में भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. यही वजह है कि अच्छा-खासा सियासी अनुभव रखने वाले धर्मेंद्र प्रधान को बिहार फतह करने की जिम्मेदारी दी गई है. बंगाल में किसे कमान? पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब सह-प्रभारी होंगे. पश्चिम बंगाल में टीएमसी की मजबूत पकड़ को तोड़ने के लिए BJP की यह रणनीति अगम है. वैसे भी अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हैं. 2026 में होने वाले चुनावों में भूपेंद्र यादव की भूमिका अहम होगी. भूपेंद्र यादव के पास भी अच्छा खासा संगठनात्मक अनुभव है. वहीं, बिप्लब देब का अनुभव पूर्वोत्तर राज्यों से बंगाल की राजनीति को मजबूत करेगा. तमिलनाडु का प्रभारी कौन? तमिलनाडु के लिए BJP ने ओडिशा से सांसद बैजयंत पांडा को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि महाराष्ट्र से सांसद मुरलीधर मोहोल सह-प्रभारी होंगे. पश्चिम बंगाल की तरह तमिलनाडु में भी साल 2026 में विाधानसभा चुनाव हैं. अगले साल होने वाले चुनाव के लिए भाजपा DMK-AIADMK के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर काम कर रही है. पांडा की नियुक्ति दक्षिण भारत में भाजपा की विस्तार योजना का हिस्सा है. हाल ही में BJP की कोर कमिटी मीटिंग में 2026 चुनाव रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें जिला स्तर के प्रभारियों की नियुक्ति और गठबंधन वार्ता शामिल थी.

बस्तर में नक्सलियों की धरती पर बदलाव की बयार, CM साय बोले – 2026 तक खत्म करेंगे नक्सलवाद

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में चलाए जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 50 हजार से 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। Cm  साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन की शुरुआत के लिए 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। साथ ही उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भरोसेमंद वातावरण के कारण अब तक 1770 से अधिक माओवादी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। डबल इंजन की सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और आत्मसमर्पित साथियों को सम्मानजनक पुनर्वास एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर बदल रहा है और नक्सलवाद का अंधियारा छंट रहा है। यह परिवर्तन बस्तर के उज्ज्वल भविष्य और शांति की ओर बढ़ते कदमों का सशक्त संकेत है।

रात में अकेले बुलाता, कमरे में कैमरा छिपाया – स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ महिलाओं का खुलासा

नई दिल्ली खुद को आध्यात्मिक गुरु और शिक्षा के क्षेत्र का मार्गदर्शक बताने वाला स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती अब फरार है. यह वही चेहरा है, जो किताबों के सहारे खुद को 'महान लेखक और दार्शनिक' की पहचान बनाता रहा, मगर असलियत में वह उन मासूम छात्राओं का शिकारी निकला जिन्हें उसने ज्ञान और सुरक्षा का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाया. चौंकाने वाली ये कहानी किसी उपन्यास की तरह लग सकती है, लेकिन एफआईआर की कॉपी और दर्ज बयानों ने साफ कर दिया है कि यह कोई गढ़ी हुई कथा नहीं, बल्कि काली हकीकत है. FIR में दर्ज काली करतूत एफआईआर की पन्नों में दर्ज आरोप पढ़कर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की छात्राओं को देर रात स्वामी अपने क्वार्टर में बुलाता था. छात्राओं के हॉस्टल में “सुरक्षा” के नाम पर गुप्त कैमरे लगाए गए. एक छात्रा को उसकी मर्जी के खिलाफ नया नाम अपनाने पर मजबूर किया गया. छात्राओं को विदेश यात्राओं और देर रात प्राइवेट रूम में बुलाने के लिए दबाव बनाया जाता था. डीन सहित कुछ स्टाफ छात्राओं को स्वामी की मांगें मानने पर मजबूर करते और शिकायतों को दबा देते. विरोध करने वाली छात्राओं को निलंबन और निष्कासन की धमकी मिलती. व्हाट्सऐप और एसएमएस के जरिए अश्लील संदेश भेजे जाते थे. एफआईआर में साफ लिखा है कि छात्राओं को मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया. विरोध करने पर न सिर्फ पढ़ाई बल्कि करियर दांव पर लगाने की धमकी दी जाती. छात्राओं के बयान ने खोल दी पोल जांच एजेंसियों ने अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं. इनमें से 17 ने मजिस्ट्रेट के सामने साफ कहा कि बाबा गालियां देता, अश्लील मैसेज भेजता और अनुचित हरकतें करने की कोशिश करता था. कई छात्राओं ने बताया कि तीन महिला वार्डन उन्हें जबरन बाबा के कमरे तक ले जातीं. यानि पूरा सिस्टम एक साजिश की तरह रचा गया था, ताकि कोई बाहर आवाज न उठा सके. पहले भी रहा विवादों में ये पहली बार नहीं है जब चैतन्यानंद विवादों में आया हो. 2009 में डिफेंस कॉलोनी थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ. जबकि 2016 में वसंत कुंज थाने में भी छेड़छाड़ की शिकायत हुई. हर बार उसने रसूख, पैसे और नेटवर्क का इस्तेमाल करके खुद को बचा लिया. लेकिन इस बार छात्राओं की गवाही और डिजिटल सबूतों ने उसके लिए बच निकलने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं. फरारी पर पुलिस की नजर एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही चैतन्यानंद फरार है. दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की हैं. सभी एयरपोर्ट्स और बॉर्डर इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, उसकी अंतिम लोकेशन आगरा में मिली थी. पुलिस को शक है कि वह लगातार ठिकाने बदल रहा है और मोबाइल फोन इस्तेमाल करने से बच रहा है, ताकि ट्रैक न हो सके. संस्थान से मिले सीसीटीवी फुटेज के डीवीआर और हार्ड डिस्क को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है. जांचकर्ताओं को आशंका है कि कई रिकॉर्ड्स से छेड़छाड़ की गई है. किताबों के सहारे बनाई थी पहचान शायद सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यही स्वामी चैतन्यानंद शिक्षा और अध्यात्म की दुनिया में बड़ा नाम बनाने की कोशिश कर रहा था. उसने 28 किताबें लिखी थीं. इन किताबों पर नामी-गिरामी हस्तियों के नाम से प्रस्तावना और समीक्षाएं दर्ज थीं. ‘फॉरगेट क्लासरूम लर्निंग’ नाम की किताब की प्रस्तावना तो एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स के नाम से बताई जाती थी. ई-कॉमर्स साइट्स पर उसे “प्रोफेसर, स्पीकर, लेखक और आध्यात्मिक दार्शनिक” कहा गया. अब पुलिस का कहना है कि यह सब उसकी सोची-समझी रणनीति थी. किताबों और चमकदार छवि के पीछे उसका असली चेहरा छिपा था – एक शातिर शिकारी, जो मासूम छात्राओं को अपना शिकार बना रहा था. समाज में डर और गुस्सा यह खुलासा होते ही संस्थान के भीतर दहशत फैल गई है. कई छात्राएं डर के कारण सामने आने से कतरा रही हैं. वे साफ कह रही हैं कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस होता है. अभिभावकों में गुस्सा है. उनका कहना है कि अगर संस्थान के भीतर ही बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो वे किस पर भरोसा करें? पुलिस का दावा और अगला कदम दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित षड्यंत्र है. चैतन्यानंद और उसके सहयोगियों ने संस्थान के सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए छात्राओं को शिकार बनाया. एफआईआर में दर्ज धाराओं के तहत यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. जांच एजेंसियां जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने का दावा कर रही हैं.

टीम इंडिया का सेलेक्शन: पडिक्कल इन, करुण आउट – जडेजा को मिली उपकप्तानी

नई दिल्ली वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान हो गया है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली इस टीम में करुण नायर शामिल हैं, जिन्हे इंग्लैंड में 8 साल बाद मौका मिला था. रवींद्र जडेजा उपकप्तान हैं. ऋषभ पंत अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं, उनकी गैरमौजूदगी में ध्रुव जुरेल के साथ एन जगदीसन दूसरे विकेट कीपर हैं. टीम इंडिया अभी एशिया कप 2025 में खेल रही है, जहां शुभमन गिल उपकप्तान हैं. भारत फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है. टूर्नामेंट का फाइनल 28 सितंबर को दुबई में होगा. इसके बाद प्लेयर्स भारत लौटेंगे, जहां 2 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होगी. वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा (उपकप्तान), वाशिंगटन सुन्दर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, नितीश कुमार रेड्डी, एन जगदीसन (विकेट कीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव. टेस्ट टीम के मुख्य बिंदु     करुण नायर और अभिमन्यु ईस्वरन को जगह नहीं     देवदत्त पडिक्कल, नितीश रेड्डी की हुई वापसी     रवींद्र जडेजा चुने गए उपकप्तान     जसप्रीत बुमराह भी शामिल करुण नायर पर क्या बोले अजीत अगरकर चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने करुण नायर को लेकर कहा, "हम करुण नायर से अधिक की उम्मीद करते हैं, सिर्फ़ एक पारी काफी नहीं होती. पडिक्कल बेहतर कर सकते हैं. हम सभी को 15-20 मौके देना चाहेंगे, लेकिन इन परिस्थितियों में यह संभव नहीं है." बता दें कि करीब 8 साल बाद उन्हें इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज में मौका मिला था, लेकिन उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था. भारत का 15 सदस्यीय स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, नीतीश रेड्डी, एन जगदीशन, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव. क्या करुण नायर का करियर खत्म? करुण नायर को आठ साल बाद हाल ही में खत्म हुए इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम में मौका मिला था. लेकिन एंडरसन-तेंदुलकर सीरीज में वह बुरी तरह फ्लॉप रहे थे. चार टेस्ट की आठ पारियों में वह सिर्फ 25 से थोड़ी ज्यादा की औसत से 205 रन ही बना पाए थे. ऐसे में सिलेक्टर्स ने उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज के लिए ड्रॉप कर दिया. 33 साल के अनुभवी बल्लेबाज को अब शायद ही दोबारा भारतीय टीम में मौका मिले! देवदत्त पडिक्कल की क्यों हुई वापसी? कुछ दिन पहले लखनऊ में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ शानदार 150 रनों की पारी खेलने वाले देवदत्त पडिक्कल की टेस्ट स्क्वॉड में वापसी हुई है. बाएं हाथ का यह बल्लेबाज पिछली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम का हिस्सा था. इंजर्ड ऋषभ की जगह ध्रुव जुरेल ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट के दौरान अपने दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर वाले ऋषभ पंत अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं और वह अभी भी टीम से बाहर रहेंगे. फिलहाल वह बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं. उनकी जगह ध्रुव जुरेल फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर होंगे. कब-कब और कहां होंगे दो टेस्ट मैच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर के बीच होगा जबकि दूसरा टेस्ट अरुण जेटली स्टेडियम में 10 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के बीच खेला जाएगा. भारत बनाम वेस्टइंडीज टेस्ट सीरीज 2025 शेड्यूल 2 से 6 अक्टूबर के बीच भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला टेस्ट अहमदबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. दूसरा टेस्ट 10 से 14 अक्टूबर के बीच दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में होगा. दोनों मुकाबले भारतीय समयनुसार सुबह 9:30 बजे से शुरू होंगे.

दिल्ली दंगों के आरोपियों की रोक लगाने की याचिका खारिज, अब जल्द रिलीज होगी विवादित फिल्म

नई दिल्ली/ इंदौर  भारत की पहली वन-शॉट हिंदी फीचर फिल्म ‘2020 दिल्ली’ अब 14 नवंबर 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म पूरी तरह इंदौर में शूट की गई है। फिल्म को लेकर लंबे समय से विवाद और विरोध चलते रहे, लेकिन आखिरकार दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज करते हुए इसे रिलीज की हरी झंडी दे दी।दिल्ली दंगों के 7 आरोपियों ने हाईकोर्ट में फिल्म पर रोक लगाने की अपील की थी। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने फिल्म की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की फिल्म बनती रहना चाहिए। CAA का मुद्दा तो उस दौरान भी सही था और आज भी सही है। आरोपियों की रोक लगाने की मांग खारिज दिल्ली दंगों से जुड़े सात आरोपियों ने कोर्ट में फिल्म पर रोक लगाने की अपील की थी। उनका कहना था कि फिल्म से लोगों की नजरों में उनके खिलाफ नकारात्मक छवि बनेगी। लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कह दिया कि रचनात्मक आज़ादी पर रोक नहीं लगाई जा सकती। फिल्म को सेंसर बोर्ड से UA 16+ सर्टिफिकेट मिला है।  दंगों के आरोपियों ने क्यों की थी बैन की मांग भारतीय सिनेमा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए, पूरी तरह से इंदौर में शूट की गई देश की पहली वन-शॉट हिंदी फीचर फिल्म “2020 दिल्ली” 14 नवंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। देवेंद्र मालवीय द्वारा निर्देशित यह फिल्म अपनी अनूठी तकनीक और संवेदनशील विषय के कारण रिलीज से पहले ही काफी विवादों में घिर गई थी, लेकिन अंततः सेंसर बोर्ड और दिल्ली हाईकोर्ट से इसे हरी झंडी मिल गई है। विवादों और कानूनी लड़ाई को पार किया निर्देशक देवेंद्र मालवीय ने बताया कि फिल्म का ट्रेलर सामने आते ही इस पर राजनीतिक बहस छिड़ गई थी। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे “भाजपा का प्रोपेगेंडा” बताते हुए चुनाव आयोग से इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। इसके अलावा, दिल्ली दंगों के सात आरोपियों, जिनमें शरजील इमाम भी शामिल हैं, ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की। उनका तर्क था कि फिल्म उनके खिलाफ जनमानस में पूर्वाग्रह पैदा कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने रचनात्मक स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए सभी सात याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसके बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को UA 16+ सर्टिफिकेट प्रदान किया। भारतीय सिनेमा में एक नया कीर्तिमान “2020 दिल्ली” को बिना किसी कट के एक ही टेक में शूट किया गया है, जिसकी कुल अवधि 2 घंटे 16 मिनट है। यह भारतीय सिनेमा में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। अब तक इस तकनीक का इस्तेमाल केवल हॉलीवुड और वर्ल्ड सिनेमा में ही देखा गया है। फिल्म का लेखन, निर्देशन और निर्माण देवेंद्र मालवीय ने किया है। मध्य प्रदेश की प्रतिभा को मिला मंच यह फिल्म मध्य प्रदेश के फिल्म उद्योग के लिए एक मील का पत्थर मानी जा रही है। इसकी पूरी शूटिंग इंदौर में हुई है और इसमें 300 से अधिक स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों ने काम किया है। फिल्म का पोस्ट-प्रोडक्शन और संगीत भी इंदौर में ही तैयार किया गया है, जो स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने का एक बड़ा उदाहरण है। CAA और दिल्ली दंगों पर आधारित कहानी फिल्म की कहानी नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों की पीड़ा और 2020 में हुए दिल्ली दंगों की घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म यह दर्शाने का प्रयास करती है कि कैसे CAA के विरोध की आड़ में देश के खिलाफ एक वैचारिक और सांस्कृतिक हमला किया गया। आय का हिस्सा हिंदू शरणार्थियों को निर्देशक देवेंद्र मालवीय ने घोषणा की है कि फिल्म से होने वाली आय का एक हिस्सा पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए दान किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह फिल्म प्रोपेगेंडा नहीं, बल्कि मेरी 5 साल की मेहनत और सच्चाई का पक्ष है।” बुधवार को भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने फिल्म का शीर्षक गीत “युद्ध कर” लॉन्च किया, जिसे संस्कृत और हिंदी शब्दों में लिखा गया है।  डायरेक्टर बोले- हमने पूरी ताकत लगाई फिल्म के लेखक, डायरेक्टर और निर्माता देवेंद्र मालवीय का कहना है कि शुरुआत से ही फिल्म को लेकर उनका अनुभव शानदार रहा। लेकिन जब विवाद खड़ा हुआ तो टीम ने और ज्यादा मेहनत की। उन्होंने कहा – “कुछ लोग किसी भी हाल में इस फिल्म को रोकना चाहते थे, लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार हमारी मेहनत रंग लाई।” “बीमारी का इलाज नाम लेने से ही होता है” देवेंद्र मालवीय ने फिल्म के विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी बीमारी का नाम ही न लिया जाए तो उसका इलाज कैसे होगा? इसी तरह समाज की समस्याओं पर खुलकर बात करना ज़रूरी है। विजयवर्गीय ने की तारीफ, टैक्स फ्री कराने का वादा भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने फिल्म के टाइटल सॉन्ग ‘युद्ध कर’ को लॉन्च किया। इस गीत को हिंदी और संस्कृत शब्दों में लिखा गया है और इसे भी डायरेक्टर मालवीय ने ही लिखा है। विजयवर्गीय ने कहा कि वह चाहते हैं यह फिल्म ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार से बात कर फिल्म को टैक्स फ्री कराने की कोशिश करेंगे। इंदौर से निकली आग पूरे देश में फैलेगी विजयवर्गीय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि इंदौर के निर्देशक ने इतनी बड़ी फिल्म बनाई है। उन्होंने कहा – “फिल्म में जो आग दिखाई गई है, वह इंदौर से उठकर पूरे देश में असर दिखाए।”

प्रधानमंत्री मोदी स्वदेशी के हैं ब्रांड एम्बेसडर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमने हर काल में आई चुनौतियों का सामना स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी स्वदेशी के हैं ब्रांड एम्बेसडर स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का बनेगा वटवृक्ष मुख्यमंत्री ने त्यौहारी सीजन में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए किया प्रेरित स्वदेशी अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी जागरण सप्ताह का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी जनजागरण रैली में हुए शामिल पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से महात्मा गांधी की जयंती तक चलेगा स्वदेशी जागरण सप्ताह रवीन्द्र भवन में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी की ताकत से ही हमारी संस्कृति, हजारों हजार साल से अपने गौरव-गरिमा और समृद्धता के साथ विद्यमान है। हर युग और हर काल में आई चुनौतियों का हमने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से ही सामना किया है। महात्मा गांधी ने स्वदेशी के बल पर ही देश को आजादी दिलाई थी। उन्होंने ने जन-जन को विदेशी वस्तुओं को त्यागने और विदेशी वस्त्रों की होली जलाने के लिए प्रेरित किया। अपनी माटी, अपने देश और स्वदेशी व्यवस्था के प्रति हम सबके मन में सम्मान होना चाहिए। महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में बहुत समानता थी। महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय भारतीय संस्कृति की लंबी विचार प्रक्रिया के संवाहक हैं। दोनों का ही विचार था कि स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का वटवृक्ष बनेगा और भारत, विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जंयती के अवसर पर मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय स्वदेशी जागरण सप्ताह के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलाचरण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में पैदल मार्च कर स्वदेशी अपनाने के लिए जन-जन को किया प्रेरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ भारती, महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर गायत्री परिवार, ब्रह्म कुमारी संगठन, पंतजलि समूह और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने स्वदेशी के प्रति अपनी प्रतिबद्धिता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्वदेशी संकल्प समर्थन-पत्र सौंपे। कार्यक्रम में स्वदेशी पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी जागरण सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई रैली में मानस भवन से पैदल मार्च करते हुए शामिल हुए। रैली के माध्यम से उद्योग जगत, व्यापारी बन्धुओं, दुकानदारों, विक्रेताओं, छात्र-छात्राओं और समस्त समाज के सदस्यों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। रैली स्वदेशी पर केंद्रित नारों के माध्यम से जन-जागरण करती हुई रवीन्द्र भवन पहुंची। भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में लगेंगे स्वदेशी मेले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी जागरण सप्ताह में स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार-प्रसार करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में स्वदेशी जागरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। यह महाअभियान प्रदेश के 313 विकासखंडों में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा। प्रसन्नता का विषय है कि आगामी माहों में भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी स्वदेशी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। उनके मार्गदर्शन में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। आत्मनिर्भर बनते भारत की विकास यात्रा का मार्ग स्वदेशी से ही खुलता है। किसानों और कारीगरों के परिश्रम का सम्मान जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी मिट्टी, अपनी भूमि के प्रति विश्वास के भाव से ही हम अपने जीवन को सफल और धन्य कर सकते हैं। किसान मिट्टी में श्रम से ही अपने अन्न के भंडार भरते हैं। लघु उद्योग चलाने और उसमें काम करने वाले कारीगर के भी स्वावलंबन के मार्ग पर चलते हैं, उनके परिश्रम का सम्मान आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के त्योहारी सीजन में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता समाज के सहयोग के बिना मंजिल तक नहीं पहुंच सकती है। दीपक और उसकी बाती के लिए जिस प्रकार ऑक्सीजन जरूरी है, उसी प्रकार स्वदेशी जैसे अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष  मोहन नागर, स्वर्णिम भारत वर्ष फाउण्डेशन, अखिल भारतीय सह प्रमुख स्वदेशी मेला, स्वाबलंबी भारत अभियान और सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।  

बेटियों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, लाडो लक्ष्मी ऐप से सीधे खाते में आएंगे ₹2100

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने आज पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLYP) का मोबाइल एप लॉन्च किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। हरियाणा की लाखों महिलाओं के लिए आज 25 सितंबर का दिन काफी खास है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLY) का मोबाइल एप लॉन्‍च हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंचकूला से इस योजना के मोबाइल एप को लॉन्‍च कर द‍िया है। इसके साथ ही पात्र महिलाओं के खाते में 2100 रुपये आने का रास्ता साफ हो गया है। 1 नवंबर से खाते में पैसा आना शुरू हो जाएगा। इस योजना के लिए फॉर्म कैसे भरा जाएगा? मोबाइल से कैसे रजिस्ट्रेशन होगा? सीएम ने बताया कि एप लॉन्च होते ही 50 हजार महिलाओं ने इसे डाउनलोड कर लिया और 8 हजार महिलाओं ने पंजीकरण करवा लिया। उन्होंने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाने के लिए दो टोल-फ्री नंबर भी जारी किए, ताकि हरियाणा की कोई भी महिला योजना का लाभ लेने में अड़चन न महसूस करे। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 5,000 करोड़ रुपए का बजट रखा है और पहले फेज में 21 लाख महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। हर पात्र महिला को सीधे उनके बैंक खाते में हर महीने 2,100 रुपए दिए जाएंगे। CM ने अपने संबोधन में कहीं 5 बड़ी बातें….     सीएम ने एप को बताया ऐतिहासिक: सीएम नायब सिंह ने लाडो लक्ष्मी एप को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह एप योजना को पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने इसे महिलाओं के लिए आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बताया।     लॉन्च होते ही 50 हजार डाउनलोड, 8 हजार रजिस्ट्रेशन: सैनी ने कहा कि जैसे ही एप लॉन्च हुआ, प्रदेश में 50 हजार महिलाओं ने इसे डाउनलोड कर लिया और 8 हजार महिलाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया। उन्होंने इस तेजी को प्रदेश की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी का संकेत बताया।     टोल-फ्री नंबर महिलाओं के लिए मददगार: सीएम ने पंजीकरण में किसी भी दिक्कत को दूर करने के लिए दो टोल-फ्री नंबर 01724880500 और 18001802231 जारी किए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हरियाणा की किसी भी महिला को फॉर्म अप्लाई करने में कोई बाधा न आए।     पहले फेज में 21 लाख महिलाएं, कुल बजट 5,000 करोड़: सैनी ने कहा कि इस योजना के पहले फेज में 21 लाख महिलाओं को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपए का बजट रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार में जितनी भी महिलाएं हों, सभी इसका लाभ ले सकेंगी।     851 करोड़ की नई योजनाओं और अस्पतालों का उद्घाटन: मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 851 करोड़ रुपए की योजनाओं का उद्घाटन किया गया। उन्होंने 10 नए अस्पतालों का उद्घाटन भी किया और बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत गंभीर बीमारियों का इलाज 5 लाख रुपए तक फ्री है। सरकार ने 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए भी फ्री चिकित्सा सेवा लागू की है। लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार कब होगा लाडो लक्ष्मी योजना के पहले चरण में वो महिलाएं फॉर्म भर सकती हैं, जिनके परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये या उससे कम है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 21 लाख महिलाओं को पहले चरण में 2100 रुपये मिलेंगे। माना जा रहा है कि दूसरे चरण में 1.80 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों को शामिल किया जा सकेगा। तीसरे चरण में 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकेगा। हालांकि तीसरे चरण के लिए 2028-29 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। लाडो लक्ष्मी योजना क्या है दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस योजना का मोबाइल एप लॉन्च कर दिया है। यह योजना क्या है, इसके लिए क्या पात्रता है, इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए आप 'दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना' पर क्लिक कर सकते हैं। लाडो लक्ष्मी योजना: अविवाहित महिलाओं को चाहिए ये कागज लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा की पात्रता की बात करें तो इस योजना के तहत अविवाहित और विवाहित दोनों महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा आवेदन के लिए मोबाइल में एप डाउनलोड करना होगा। अगर आप अविवाहित महिला हैं तो आपको कुछ कागजों की जरूरत होगी, इन्हें नोट कर लें.. आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर बिजली कनेक्शन/मीटर नंबर हरियाणा कौशल विकास पंजीकरण नंबर (अगर है तो)अगर घर में किसी के पास वाहन है तो उसका पंजीकरण नंबर महिला के नाम से सक्रिय बैंक खाता नंबर और IFSC Code लाडो लक्ष्मी योजना: मोबाइल से ऐसे करें रजिस्ट्रेशन सबसे पहले अपने मोबाइल में लाडो लक्ष्मी योजना का एप डाउनलोड करें अपना मोबाइल नंबर भरें और OTP से वेरिफिकेशन करें अब जिस महिला के नाम से फॉर्म भरना है, उसका पूरा विवरण दर्ज करें इसके बाद लाभार्थी महिला के घर का पूरा पता भरें फिर लाभार्थी महिला के परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें अगले चरण में परिवार की सालाना आय का पूरा विवरण दें अब अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी भरें, जिसमें IFSC Code हो आखिरी में मोबाइल कैमरे से लाइव फोटो क्लिक करें। लाडो लक्ष्मी योजना: मोबाइल से ऐसे करें रजिस्ट्रेशन लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन सिर्फ मोबाइल एप से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ कर दिया है कि 2100 रुपये वाली लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन सिर्फ मोबाइल एप से ही होगा। इसके लिए सरल सेंटर या सीएससी जाने की कोई जरूरत नहीं है। न ही किसी अनजान लिंक पर क्लिक करें। लाडो लक्ष्मी योजना का हेल्पलाइन नंबर लाडो लक्ष्मी योजना का मोबाइल एप लॉन्च कर दिया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2100 रुपये वाली योजना के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यह टोल फ्री नंबर हैं: 0172-880500 1800-180-2231 मोबाइल एप लॉन्च होते ही 50000 से ज्यादा डाउनलोड मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में मंच से बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना का मोबाइल एप लॉन्च होते ही 50 हजार से … Read more

रेल लॉन्चर से अग्नि-प्राइम का पहला परीक्षण सफल, भारत की मारक क्षमता को नई उड़ान

नईदिल्ली  भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह नई पीढ़ी की मिसाइल रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से छोड़ी गई. परीक्षण पूरी तरह सफल रहा. यह पहली बार है जब खास डिजाइन वाली रेल लॉन्चर से मिसाइल दागी गई. इससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास 'कैनिस्टराइज्ड' लॉन्च सिस्टम है, जो रेल नेटवर्क पर चलते हुए मिसाइल छोड़ सकता है.      मिसाइल के सफल टेस्ट की डिटेल्स पर नजर डालें तो यह लॉन्च विशेष रूप से डिजाइन किए गए रेल-बेस्ड मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से किया गया. इस सिस्टम की खासियत है कि यह बिना किसी पूर्व शर्त के देश के रेल नेटवर्क पर कहीं भी मूवमेंट कर सकता है. इससे लॉन्च में कम समय लगता है और दुश्मन की नजर से बचाव आसान होता है. डीआरडीओ यानी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन, स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) और सशस्त्र बलों की टीम ने इस परीक्षण को अंजाम दिया है. हालांकि, परीक्षण का सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन यह रेल नेटवर्क की मोबिलिटी पर फोकस करता है, जो युद्धकाल में मिसाइल की सरवाइवेबिलिटी बढ़ाता है. क्या है अग्नि प्राइम मिसाइल की खासियत अग्नि प्राइम मिसाइल की विशेषताएं इसे और भी खास बनाती हैं. यह इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. यह 2000 किलोमीटर तक के टारगेट को हिट कर सकती है. इसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी शामिल हैं. मसलन बेहतर एक्यूरेसी, कैनिस्टराइज्ड कॉन्फिगरेशन और फास्ट ऑपरेशनल रेडीनेस. यह अग्नि सीरीज की नई पीढ़ी की मिसाइल है, जो पुरानी अग्नि-1 और अग्नि-2 को रिप्लेस करने के लिए डिजाइन की गई है. कैनिस्टराइज्ड सिस्टम से मिसाइल को लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और लॉन्च के लिए तैयार रखा जा सकता है, जो इसे रोड-मोबाइल, सबमरीन-लॉन्च और साइलो-बेस्ड सिस्टम्स के साथ कंप्लीमेंट करता है. इसकी हाई मोबिलिटी और लो विजिबिलिटी दुश्मन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगी. अब सवाल है कि आखिर यह टेस्ट क्यों खास है? सबसे बड़ा कमाल यह है कि भारत ने पहली बार रेल से मिसाइल लॉन्च की क्षमता हासिल की है. यह दुनियाभर में अपने आप में दुर्लभ कारनामा है. रेल नेटवर्क की विशालता का फायदा उठाते हुए यह सिस्टम मिसाइल को तेजी से डिप्लॉय करने की अनुमति देता है. इससे स्ट्रैटेजिक सरप्राइज एलिमेंट बढ़ता है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन से जुड़ा है, क्योंकि पूरा सिस्टम स्वदेशी रूप से विकसित है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के लिए सिग्नल है, जहां बॉर्डर टेंशन के बीच भारत अपनी मिसाइल क्षमताओं को मजबूत कर रहा है. रेल-बेस्ड लॉन्च से न्यूक्लियर डिटरेंस गेम चेंजर साबित होगा, क्योंकि यह दुश्मन की सैटेलाइट मॉनिटरिंग से बचाव प्रदान करता है. यह टेस्ट इसलिए भी खास है क्योंकि ट्रेन से मिसाइल दागी जाएगी और फिर आगे बढ़ जाएगी. इससे दुश्मन ट्रैक नहीं कर पाएगा. राजनाथ सिंह ने क्या कहा? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘भारत ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि प्राइम मिसाइल का सफल लॉन्च रेल-बेस्ड मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से किया है. यह नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल 2000 किमी तक की रेंज कवर करती है और विभिन्न एडवांस्ड फीचर्स से लैस है. उन्होंने डीआरडीओ, एसएफसी और सशस्त्र बलों को बधाई दी, साथ ही कहा कि यह भारत को रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल करता है. यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इस तरह से देखा जाए तो यह परीक्षण भारत की मिसाइल टेक्नोलॉजी में मील का पत्थर है. अग्नि-प्राइम क्या है? नई पीढ़ी की सुपर मिसाइल अग्नि-प्राइम अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक मिसाइल है. यह इंटरमीडिएट रेंज (मध्यम दूरी) वाली है, जो 2000 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है. इसमें कई एडवांस्ड फीचर्स हैं…     सटीक निशाना: उन्नत नेविगेशन सिस्टम से दुश्मन के ठिकाने को सटीक मार सकती है.     तेज रिएक्शन: छोटे समय में लॉन्च हो सकती है, भले ही कम दिखाई दे.     मजबूत डिजाइन: कैनिस्टर (बंद बॉक्स) में रखी जाती है, जो इसे बारिश, धूल या गर्मी से बचाता है. यह मिसाइल भारत की स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) के लिए बनी है. परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया. रेल लॉन्चर की खासियत: कहीं भी, कभी भी हमला इस परीक्षण की सबसे बड़ी बात रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर है. यह खास डिजाइन वाला सिस्टम है, जो…     रेल नेटवर्क पर बिना किसी तैयारी के चल सकता है.     क्रॉस कंट्री मोबिलिटी देता है, यानी जंगल, पहाड़ या मैदान में आसानी से ले जाया जा सकता है.     कम समय में लॉन्च: रुकते ही मिसाइल दाग सकता है.     कम विजिबिलिटी में काम: धुंध या रात में भी सुरक्षित. पहले मिसाइलें फिक्स्ड साइट्स से दागी जाती थीं, लेकिन यह लॉन्चर दुश्मन को चकमा दे सकता है. रेल पर चलते हुए लॉन्च करने की क्षमता से भारत की मिसाइल ताकत कई गुना बढ़ गई. परीक्षण की सफलता: भारत का गौरव डीआरडीओ, एसएफसी और भारतीय सेनाओं ने मिलकर यह परीक्षण किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने कहा कि अग्नि-प्राइम के सफल टेस्ट से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास रेल नेटवर्क पर चलते हुए कैनिस्टर लॉन्च सिस्टम है. यह परीक्षण भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' योजना का हिस्सा है. अग्नि सीरीज की यह छठी मिसाइल है, जो पहले से ही सेना में तैनात हैं. क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षण?     रणनीतिक ताकत: दुश्मन को कहीं भी, कभी भी जवाब देने की क्षमता.     सुरक्षा बढ़ेगी: सीमाओं पर तेज रिएक्शन, घुसपैठ रोकेगी.     वैश्विक स्तर: अमेरिका, रूस जैसे देशों के साथ भारत की बराबरी.     भविष्य: अग्नि-प्राइम को जल्द सेना में शामिल किया जाएगा.  

हैंडशेक विवाद पर थरूर का संदेश – ‘शांति के लिए जरूरी है व्यवहार में समझदारी’

 नई दिल्ली एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान के आमने-सामने होने की संभावना के बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय खिलाड़ियों की ओर से पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ न मिलाने को लेकर उठे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.  बातचीत में थरूर ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ भावनाएं समझ में आती हैं, लेकिन खेल की भावना को राजनीति और सैन्य संघर्ष से अलग रखना चाहिए. उन्होंने कहा, 'व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि अगर हमें पाकिस्तान के खिलाफ इतना गुस्सा है, तो हमें खेलना ही नहीं चाहिए था. लेकिन अगर हम खेल रहे हैं, तो खेल की भावना के तहत खेलना चाहिए और उनसे हाथ मिलाने चाहिए थे. हमने यह पहले 1999 में भी किया था, जब करगिल युद्ध चल रहा था. उसी दिन जब हमारे सैनिक देश के लिए जान गंवा रहे थे, हम इंग्लैंड में वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेल रहे थे. तब भी हमने उनसे हाथ मिलाया था क्योंकि खेल की भावना अलग होती है और इसका देशों या सेनाओं के बीच चल रहे संघर्ष से कोई संबंध नहीं होता. यह मेरी राय है.' 'दोनों पक्षों में दिख रही खेल भावना की कमी' कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं से खेल भावना की कमी झलक रही है. उन्होंने कहा, 'अगर पाकिस्तानी टीम ने पहले अपमानित होने के बाद दूसरी बार हमें अपमानित किया, तो यह दर्शाता है कि दोनों पक्षों में खेल भावना की कमी है.' गौरतलब है कि गुरुवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ के खिलाफ एशिया कप सुपर फोर मुकाबले (21 सितंबर) में उनके अनुचित व्यवहार के लिए आधिकारिक शिकायत दर्ज की. BCCI ने इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट के पास भेजा. भारतीय टीम ने दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.