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कैबिनेट विस्तार पर सस्पेंस: किन नेताओं की लग सकती है लॉटरी? BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम तैयार

नई दिल्ली  मोदी कैबिनेट में बड़े बदलाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी अपनी नई टीम का खाका तैयार कर चुके हैं. दो जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह, नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच एक बहुत अहम बैठक हुई. तीन घंटे तक चली इस सीक्रेट मीटिंग में सरकार और संगठन के नए चेहरों पर मुहर लगी है. यह रिशफल सिर्फ एक सामान्य बदलाव भर नहीं है. इसके पीछे बहुत बड़ी इलेक्शन रणनीति काम कर रही है. कई दिग्गज मंत्रियों की कुर्सी बदल सकती है. संगठन के कई पुराने नेताओं को सरकार में शामिल किया जा सकता है. यह सारी कवायद आगामी राज्य विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर हो रही है. खासकर उन राज्यों पर फोकस है जहां पार्टी को अपना दम दिखाना है. एनडीए के सहयोगियों को भी कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है. आइए जानते हैं कि इस बड़े बदलाव में किन नेताओं के आएंगे ‘बहुत अच्छे दिन।  क्या होगा नितिन नवीन की नई टीम का स्ट्रक्चर और रणनीति? नितिन नवीन महज 45 साल की उम्र में बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं. उनकी नई टीम में कई युवा और फ्रेश चेहरे शामिल होने जा रहे हैं. संगठन के इस नए स्ट्रक्चर में अनुभव और नई पीढ़ी का एक शानदार बैलेंस देखने को मिलेगा. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महासचिव और केंद्रीय मीडिया टीम में नियुक्तियों पर अंतिम चर्चा हो रही है. इस नई टीम को क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है. उन राज्यों को सबसे ज्यादा तरजीह मिल रही है जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. पार्टी का पूरा फोकस जमीनी स्तर पर मजबूती लाने पर है।  कैबिनेट फेरबदल में किन दिग्गज मंत्रियों का बदल सकता है विभाग?     कैबिनेट रिशफल को लेकर सत्ता के गलियारों में हलचल बहुत तेज है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई केंद्रीय मंत्रियों को अब संगठन में भेजा जा सकता है. वहीं संगठन के कई दिग्गज नेताओं को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।      मौजूदा कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल का नाम फाइनेंस मिनिस्टर के तौर पर सबसे आगे चल रहा है. गोयल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनका बैकग्राउंड देश की इकॉनमी को बहुत अच्छे से समझता है।      वहीं मौजूदा फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को एजुकेशन मिनिस्ट्री की कमान मिल सकती है. यह एजुकेशन सेक्टर भी सरकार के लिए बहुत अहम है और यहां बड़े रिफॉर्म्स की जरूरत है।  क्या अनुराग ठाकुर की कैबिनेट में होगी एक शानदार वापसी? अनुराग सिंह ठाकुर के नाम पर भी दिल्ली में बहुत चर्चा हो रही है. उन्हें फिर से कैबिनेट रैंक के साथ एक बड़ा पोर्टफोलियो दिया जा सकता है. अनुराग का यूथ कनेक्शन उनके फेवर में काम कर रहा है. इसके अलावा पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम भी रेस में है. सरकार इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए बड़े टेक्नोक्रेट्स पर पूरा भरोसा जता सकती है।  पंजाब से तरुण चुघ को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उन्हें कैबिनेट में बड़ी जगह मिल सकती है जिससे पंजाब में पार्टी मजबूत हो. जिन मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनकी जगह भी नए चेहरों को मौका मिलेगा. इसमें हरदीप पुरी और बीएल वर्मा जैसे बड़े नाम शामिल हैं. कुछ पुराने मंत्रियों को गवर्नर बनाकर अलग राज्यों में भेजा जा सकता है।  एनडीए सहयोगियों और नए चेहरों को मिलेगा कैबिनेट में बड़ा इनाम! मोदी कैबिनेट में एनडीए सहयोगियों को खुश रखने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है. हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आए राघव चड्ढा का नाम भी चर्चा में है. उन्हें पंजाब के कोटे से कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. इससे पंजाब में बीजेपी का ग्राफ ऊपर जाएगा।  शिवसेना गुट की ताकत भी लगातार बढ़ रही है. इसके चलते श्रीकांत शिंदे या एकनाथ शिंदे के किसी करीबी नेता को मंत्री पद मिलना लगभग तय है।  जेडीयू चीफ नीतीश कुमार भी केंद्र में अपनी पार्टी के लिए बड़ा रोल चाहते हैं. उनकी डिमांड को देखते हुए जेडीयू का वजन कैबिनेट में बढ़ सकता है।  इसके साथ ही संजय दीना पाटिल को हेल्थ सेक्टर में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. पाटिल को मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर हेल्थ बनाया जा सकता है. बीजेपी संसदीय बोर्ड में होने जा रहा है अहम बदलाव     बीजेपी का संसदीय बोर्ड पार्टी की सबसे बड़ी डिसीजन मेकिंग बॉडी है. इसमें 11 सदस्य होते हैं और अब इसका भी पूरा पुनर्गठन हो रहा है. कई बड़े नेताओं को इस कोर बोर्ड में एंट्री मिल सकती है. राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का नाम इसमें सबसे आगे है. उनका ऑर्गेनाइजेशनल स्किल बहुत शानदार है और वे महाराष्ट्र के अहम नेता हैं।      पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जीत के रणनीतिकार सुनील बंसल को भी प्रमोट किया जा सकता है. उन्हें नेशनल इलेक्शन प्लानिंग की कमान मिल सकती है. इसके अलावा महाराष्ट्र के नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम भी इस लिस्ट में है. उन्हें पश्चिमी भारत के प्रतिनिधित्व के लिए बोर्ड में लाया जा सकता है।  शिवराज सिंह चौहान बनेंगे हिंदी हार्टलैंड के सबसे बड़े डिसीजन मेकर!     संसदीय बोर्ड में मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान के नाम पर भी मुहर लग सकती है. आरएसएस के साथ चर्चा के बाद उनकी दावेदारी बहुत मजबूत हुई है. उन्हें हिंदी पट्टी के राज्यों में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।      जेपी संगठन में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक सिस्टम की तर्ज पर बदलाव होने जा रहा है. टॉप नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों का प्रभारी बनाया जा सकता है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘यह नया बदलाव पूरी तरह से मिशन 2029 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है’ .     राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को उत्तर और पश्चिम भारत की कमान मिल सकती है. सर्बानंद सोनोवाल को नॉर्थईस्ट और के लक्ष्मण को दक्षिण भारत की जिम्मेदारी दी जा सकती है।  नेता का नाम संभावित जिम्मेदारी मुख्य कारण नितिन नबीन बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा और फ्रेश चेहरों के साथ संगठन का नया स्ट्रक्चर बनाना. पीयूष गोयल फाइनेंस मिनिस्टर (संभावित) चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के नाते इकॉनमी की गहरी समझ. … Read more

भाजपा विधायक को बड़ा झटका, 4 साल की सजा सुनाई; पीड़ित को ₹25 लाख मुआवजा देने के निर्देश

मुजफ्फरपुर/नई दिल्ली दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बिहार के बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में चार साल की सजा सुनाई. वह फिलहाल बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं. इस घटना में एक महिला डॉक्टर की मौत हो गई थी. कोर्ट ने विधायक पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने सजा का ऐलान करते हुए कहा कि दोषी को आईपीसी की धारा 304 पार्ट-II के तहत चार साल की साधारण कैद और आर्म्स एक्ट के तहत दो महीने की सजा दी जाती है।  कोर्ट ने यह भी कहा कि जुर्माने की राशि पीड़िता के परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी. बिहार के साहेबगंज से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह ने कोर्ट से प्रोबेशन पर रिहाई की मांग की थी. उन्होंने दलील दी थी कि उनका किसी की जान लेने का इरादा नहीं था और जनप्रतिनिधि के तौर पर उनका रिकॉर्ड बेदाग रहा है. राजू कुमार सिंह (56 वर्षीय) को आईपीसी की धारा 304 पार्ट-II यानी गैर इरादतन हत्या के अपराध में दोषी ठहराया गया. इसके अलावा उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन का भी दोषी पाया गया।  हर्ष फायरिंग में गई थी महिला डॉक्टर की जान यह घटना 31 दिसंबर 2018 की है, जब राजू कुमार सिंह ने दिल्ली के वसंत कुंज स्थित अपने फार्महाउस में न्यू ईयर पार्टी आयोजित की थी. जश्न के दौरान राजू कुमार सिंह ने हर्ष फायरिंग की, जिसमें डॉ. अर्चना गुप्ता को गोली लग गई. वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मामले की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने राजू कुमार सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. इसके बाद अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया और अब सजा का ऐलान किया है।  राउज एवेन्यू कोर्ट ने 6 जून को अपने 97 पन्नों के फैसले में कहा था कि उत्सव और जश्न के दौरान की जाने वाली हर्ष फायरिंग देश में एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जो अक्सर लोगों की जान ले लेती है. कोर्ट ने कहा था कि यह मामला भी ऐसी ही एक दुखद घटना का उदाहरण है, जहां बिहार के कई बार विधायक रहे राजू कुमार सिंह की कथित लापरवाह हर्ष फायरिंग के कारण न्यू ईयर पार्टी में शामिल एक महिला की मौत हो गई. कोर्ट ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर माना कि राजू कुमार सिंह ने ही वह गोली चलाई थी, जिससे अर्चना गुप्ता की मौत हुई. राउज एवेन्यू कोर्ट ने  इस मामले में सजा का ऐलान 7 जुलाई, 2026 को किया।  अब राजू कुमार सिंह की विधायकी जानी तय चूंकि राजू कुमार सिंह को दो साल से अधिक की सजा सुनाई गई है, इसलिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत उनकी विधायकी पर अयोग्यता लागू हो सकती है. ऐसे में बिहार विधानसभा की उनकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है. अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्हें ऊपरी अदालत से दोषसिद्धि पर राहत मिलती है या नहीं. भारत में सांसद (MP) या विधायक (MLA) की सदस्यता जाने का नियम जनप्रतिनिधित्व कानून (Representation of the People Act), 1951 की धारा 8 के तहत तय होता है. अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे अधिक की सजा किसी आपराधिक मामले में मिलती है, तो उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द हो जाती है।  यह नियम सुप्रीम कोर्ट के 2013 के ऐतिहासिक फैसले (लिली थॉमस केस) के बाद लागू हुआ था. पहले दोषी जनप्रतिनिधियों को अपील के लिए कुछ समय मिल जाता था, लेकिन अब सजा होते ही अयोग्यता लागू हो जाती है. हालांकि, अगर ऊपरी अदालत (हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट) सजा पर स्टे (Stay on Conviction) दे दे, तो सदस्यता बच सकती है. सिर्फ सजा पर रोक (Stay on Sentence/Bail) पर्याप्त नहीं मानी जाती, बल्कि दोषसिद्धि पर रोक जरूरी होती है। 

UP BJP में क्या होंगे बड़े बदलाव? अमित शाह के साथ 3 घंटे की बैठक के बाद तेज हुई चर्चाएं

 नई दिल्ली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन की औपचारिक रूप से ताजपोशी 20 जनवरी के हुई थी. अब छह महीने के बाद टीम नवीन की स्क्रिप्ट तैयार हो गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के साथ गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की तीन घंटे तक मैराथन बैठक चली, जिसके बाद माना जा रहा है कि जल्द 'टीम नवीन' का ऐलान हो सकता है?  नितिन नवीन ने गुरुवार को अमित शाह से मुलाकात की. अमित शाह के आवास पर करीब तीन घंटे तक चली बैठक में बीएल संतोष भी शामिल थे. हालांकि, इस मुलाकात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन मुद्दों पर चर्चा हुई. खासकर बीजेपी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम के गठन को लेकर मंथन किया गया।  अमित शाह के आवास पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच हुई बैठक को सिर्फ संगठनात्मक समीक्षा तक नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे बीजेपी के भविष्य के राजनीतिक रोडमैप, नई नेतृत्व टीम और आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।  नितिन नवीन की टीम गठन की स्क्रिप्ट तैयार बीजेपी अध्यक्ष बने हुए नितिन नवीन को छह महीने हो गए हैं, लेकिन अभी तक उनकी टीम का ऐलान नहीं हुआ है. गुरुवार शाम अमित शाह, नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच हुई बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन को फाइनल रूप देने पर मंथन किया गया. हालांकि, बैठक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन इस दौरान बीजेपी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम के गठन का विषय ही अहम था।  सूत्रों की माने तो नितिन नवीन के नेतृत्व वाली बीजेपी की नई केंद्रीय टीम में 'वरिष्ठ और युवा नेताओं' को जगह मिलने की संभावना है. माना जा रहा है कि मोदी सरकार में मंत्री का पद संभाल रहे कई नेताओं को भी पार्टी संगठन में शामिल किया जा सकता है और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाने की प्लानिंग है।  जानिए कैसी होगी नितिन नवीन की नई टीम नितिन नवीन, अमित शाह और बीएल संतोष के साथ हुई बैठक से संकेत साफ हैं कि पार्टी अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच नया संतुलन बनाकर संगठन को अगले चुनावी दौर के लिए तैयार करना चाहती है. इसके अलावा महिला आरक्षण कानून के पास होने के बाद माना जा रहा है कि बीजेपी संगठन में आधी आबादी को अहमियत दे सकती है. यूपी की में बनी टीम पंकज में 13 महिलाओं को संगठन में शामिल किया गया है, जिसके चलते माना जा रहा है कि राष्ट्रीय टीम में महिलाओं को खास तवज्जे दी जाएगी।  नितिन नवीन की उम्र 46 साल है, जो युवा पीढ़ी के नेता हैं. ऐसे में उनके नेतृत्व में एक युवा टीम गठन की बात कही जा रही है, जिसमें कुछ अनुभवी पार्टी नेताओं को उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा पार्टी दक्षिणी राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां उसका चुनावी प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है.ऐसे में इन राज्यों के नेताओं को कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां टीम नवीन में दी जा सकती हैं।  बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों को उचित महत्व मिल सकता है. उत्तर प्रदेश और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके चलते इन दोनों ही राज्यों की सियासत अहमियत संगठन में मिल सकती है।  बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव की आहट भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है. केंद्र की सत्ता में लगातार तीसरे कार्यकाल के बीच पार्टी नेतृत्व अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है. इसी रणनीति के तहत भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की लंबी बैठक को महज औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि संगठन के पुनर्गठन की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।  माना जा रहा है कि आगामी राज्यों के विधानसभा चुनाव, 2029 की राजनीतिक तैयारी और संगठन में नई ऊर्जा भरने के लिए पार्टी जल्द ही केंद्रीय पदाधिकारियों की नई टीम का ऐलान कर सकती है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा चेहरों की सक्रिय भूमिका का संतुलित मिश्रण देखने को मिल सकता है.सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी टीम में शामिल किए जाने वाले नेताओं के नामों की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।  संगठन में भेजे जाएंगे मोदी कैबिनेट से कई नेता बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्षों, राष्ट्रीय महासचिवों, सचिवों और पार्टी मोर्चों के प्रमुखों की नई टीम को अंतिम रूप देने की कवायद लगातार हो रही है. पार्टी सूत्रों के अनुसार बीजेपी अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान जल्द कर देगी।  मोदी कैबिनेट से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा हो चुका है और रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया है, जिसके चलते उनकी भी कैबिनेट से छुट्टी तय है. पंकज चौधरी यूपी और हर्ष मल्होत्रा दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं. इस तरह केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कुछ और सदस्यों को हटाया कर संगठन में भेजा जा सकता है.  केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर, 2026 को पूरा हो रहा है। 

बीजेपी का बड़ा संगठनात्मक अभियान: 7 लाख वर्कर्स देंगे ऑनलाइन टेस्ट, सफल होने पर मिलेगा Digital Learning Certificate

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आज देशभर में बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए बड़े स्तर पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस दौरान करीब 7 लाख कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन परीक्षा संगठन ऐप के माध्यम से कराई जाएगी। पार्टी के अनुसार, 65 हजार से अधिक बूथ समितियों के कार्यकर्ता और मंडल स्तर के मोर्चा पदाधिकारी इस डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य संगठन को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना और कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा एवं योजनाओं की बेहतर जानकारी देना है। संगठन ऐप के जरिए होगा प्रशिक्षण डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के तहत कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठन का सफर, नेतृत्व और केंद्र की मोदी सरकार की प्रमुख योजनाओं से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संगठन ऐप पर ऑनलाइन परीक्षा आयोजित होगी। संगठन एप के जरिए मिलेगी ट्रेनिंग बीजेपी की 65 हजार से ज्यादा बूथ समितियों में शामिल कार्यकर्ताओं और मंडल स्तर के 6 मोर्चों की कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों को संगठन एप के जरिए डिजिटल लर्निंग यानी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में चार पाठ्यक्रम संगठन एप पर दिए जाएंगे। इनमें बीजेपी की विचारधारा, पार्टी का सफर, नेतृत्व, मोदी सरकार की विकास योजनाएं जैसे चार पाठ्यक्रम शामिल होंगे। कार्यकर्ता अपने मोबाइल पर हर पाठ्यक्रम के वीडियो देखकर उस पाठ्यक्रम से संबंधित शब्दावली के उत्तर ऑनलाइन दर्ज करेंगे। चारों पाठ्यक्रमों के सवाल-जवाब पूरे होने के बाद उनके मोबाइल पर प्रशिक्षित होने का सर्टिफिकेट जनरेट होगा। इस प्रशिक्षण को लेकर सभी जिला अध्यक्षों को कार्ययोजना भेज दी गई है। यह महाअभियान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से शुरू होकर उनकी जयंती 6 जुलाई 2026 तक पूरे 14 दिनों तक चलेगा। बीजेपी क्यों और कैसे कराने जा रही है यह कोर्स? बीजेपी इस बड़े अभियान को पूरी तरह अचूक बनाने के लिए इसे अपने नियमित कार्यक्रमों से जोड़ रही है। रणनीति के अनुसार, बूथ अध्यक्ष और 'मन की बात' प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि 'मन की बात' कार्यक्रम के तुरंत बाद बूथ समिति के सभी सदस्यों को मौके पर ही संगठन ऐप खुलवाकर डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का प्रशिक्षण पूरा कराया जाए और सर्टिफिकेट डाउनलोड करवाया जाए । तीन सदस्यों की टीम भी बनाई इसके साथ ही, शक्ति केंद्र प्रभारियों और मंडल कार्यकारिणी को सभी बूथों पर प्रवास (दौरा) करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे हर कार्यकर्ता के स्मार्टफोन में इस प्लेटफॉर्म की जानकारी और ट्रेनिंग सुनिश्चित कर सकें । बीजेपी यह कदम इसलिए उठा रही है ताकि उसका पूरा कैडर 'कागज-रहित' और 'हाई-टेक' हो सके। इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए जिलों में (1+2 सदस्यों की) विशेष डिजिटल प्रशिक्षण टीमें बनाई गई हैं, जिनकी कमान प्रदेश स्तर पर संयोजक शैलेन्द्र बरूआ (प्रदेश उपाध्यक्ष) और सदस्यों के रूप में राजेन्द्र सिंह, सुयश त्यागी संभाल रहे हैं। 6 जुलाई तक पूरा होगा अभियान बीजेपी ने इस डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को 6 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पार्टी पहले ही जिला और मंडल स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग आयोजित कर चुकी है। अब अंतिम चरण में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कार्यकर्ताओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। पार्टी का मानना है कि डिजिटल प्रशिक्षण से संगठन की कार्यशैली अधिक प्रभावी होगी और कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं व संगठनात्मक गतिविधियों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।  

BJP कार्यसमिति में बड़ा बदलाव, महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व; पहली बार मुस्लिम महिला हुई शामिल

भोपाल  मध्यप्रदेश भाजपा ने  अपनी बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची जारी कर दी है। कुल 106 सदस्यों वाली इस नई टीम में संगठनात्मक संतुलन, अनुभव और सामाजिक प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है। पिछली बार 164 सदस्यों की तुलना में इस बार सूची को अधिक संक्षिप्त किया गया है। नई कार्यसमिति की पहली बैठक 15 जुलाई के आसपास ओरछा में आयोजित किए जाने की संभावना है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने से ठीक पहले घोषित इस सूची को केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया बताया जा रहा है। 33% महिला प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन पर जोर इस बार संगठन ने महिला भागीदारी को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। कुल 35 महिला नेताओं को मुख्य कार्यसमिति में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि भोपाल की बिलकिस जहां को पहली बार मुस्लिम महिला प्रतिनिधि के रूप में स्थान मिला है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, संपतिया उइके, निर्मला भूरिया और पूर्व सांसद रीति पाठक जैसी प्रमुख महिला नेताओं को भी सूची में जगह दी गई है। वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रण पार्टी ने 41 वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रित सदस्यों की श्रेणी में शामिल किया है, जो पिछली सूची के मुकाबले बढ़ोतरी दर्शाता है। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, अनुसुइया उइके, कुसुम मेहदेले, माया सिंह और यशोधरा राजे सिंधिया जैसी वरिष्ठ हस्तियां शामिल हैं। स्थाई आमंत्रित सूची में 8 वरिष्ठ महिला नेताओं को भी स्थान दिया गया है। सत्ता और संगठन का मजबूत समन्वय नई कार्यसमिति में सत्ता पक्ष और संगठन का स्पष्ट समन्वय देखने को मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, वीरेंद्र कुमार और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी स्थान दिया गया है। इसके अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित राज्य मंत्रिमंडल के 15 मंत्री, 3 राज्य मंत्री, 20 से अधिक विधायक तथा 6 लोकसभा और 3 राज्यसभा सांसदों को भी समिति में शामिल किया गया है। सिंधिया समर्थकों को भी प्रतिनिधित्व संगठन ने इस बार उन नेताओं को भी जगह दी है जो चुनावी हार के बाद सक्रिय राजनीति में अपेक्षाकृत कम प्रभाव में थे। इनमें इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिर्राज दंडौतिया और संतराम सिरोनिया जैसे नाम शामिल हैं। वहीं सिंधिया समर्थक दो मंत्री – तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत – को भी कार्यसमिति में जगह दी गई है। नई कार्यसमिति को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सामाजिक संतुलन और राजनीतिक अनुभव के मेल के रूप में देखा जा रहा है।  

यूपी BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री समेत 46 नामों का ऐलान

लखनऊ  यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. इस टीम में 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए हैं. इस टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा गया है. साथ कई महिला चेहरों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा 46 मंत्री, क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी इसी टीम के साथ 2027 के रण में उतरेंगे।  सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, रमेश सिंह, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, नीरज सिंह समेत 19 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसमें प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल जैसी महिला नेताओं को भी जगह मिली है. रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, अंकुर शर्मा, अनिल यादव समेत 46 नेताओं को मंत्री बनाया गया है।  क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभार पश्चिम क्षेत्र की कमान नबाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र पूरन लाल लोधी, कानपुर क्षेत्र राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र विनोद राय को सौंपी गई है. मोर्चों में रोहित मिश्रा युवा मोर्चा, प्रकाश पाल पिछड़ा मोर्चा, देवेन्द्र सिंह किसान मोर्चा, अशोक रावत अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाह महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।  दिनेश प्रताप मुख्य प्रवक्ता वहीं दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशुराज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।  जातिगत समीकरणों को साधने की बड़ी कोशिश पार्टी के इस नए संगठनात्मक फेरबदल के पीछे उत्तर प्रदेश के जटिल जातिगत समीकरणों और सोशल इंजीनियरिंग को पूरी तरह साधने का एक बड़ा प्रयास साफ दिखाई दे रहा है. विशेष रूप से प्रियंका रावत जैसे चेहरों को आगे बढ़ाकर बीजेपी नेतृत्व ने उन वर्गों पर फोकस किया है जो लंबे वक्त से दलित वर्ग का कुशल नेतृत्व करते आए हैं, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूत बढ़त मिल सके।  शीर्ष नेतृत्व ने पूर्व में संगठन संभाल रहे संजय राय पर दोबारा बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से प्रदेश महामंत्री के पद की जिम्मेदारी सौंपी है.उनके साथ ही धाकड़ विधायक राजेश चौधरी को भी नया प्रदेश महामंत्री नियुक्त कर सांगठनिक काम सौंपा गया है।  रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा की जिम्मेदारी वहीं, युवाओं को पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ने और आगामी रणनीति को धार देने के लिए रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, ताकि युवाओं के साथ-साथ सभी जातिगत समीकरणों को मैदानी स्तर पर पूरी तरह साधा जा सके।  यहां पर देखें पूरी लिस्ट क्रम संख्या नाम पद / क्षेत्र / मोर्चा 1 सुरेश राणा उपाध्यक्ष 2 सत्यपाल सैनी उपाध्यक्ष 3 ब्रज बहादुर उपाध्यक्ष 4 डॉ. धर्मेंद्र सिंह उपाध्यक्ष 5 मोहित बेनीवाल उपाध्यक्ष 6 देवेश कोरी उपाध्यक्ष 7 प्रियंका रावत उपाध्यक्ष 8 दुर्विजय शाक्य उपाध्यक्ष 9 रमेश सिंह उपाध्यक्ष 10 नीरज सिंह उपाध्यक्ष 11 अर्चना मिश्रा उपाध्यक्ष 12 पूजा पाल उपाध्यक्ष 13 शंकर गिरी उपाध्यक्ष 14 कामेश्वर सिंह उपाध्यक्ष 15 डॉ कृतिका अग्रवाल उपाध्यक्ष 16 सुरेश मौर्य उपाध्यक्ष 17 राजेश यादव उपाध्यक्ष 18 कृष्ण बिहारी राय उपाध्यक्ष 19 आलोक गुप्ता उपाध्यक्ष 20 रामप्रताप सिंह चौहान महामंत्री 21 गीता शाक्य महामंत्री 22 अभिजात मिश्रा महामंत्री 23 उपेंद्र रावत महामंत्री 24 संजय राय महामंत्री 25 शंकर लोधी महामंत्री 26 दिलीप पटेल महामंत्री 27 राजेश चौधरी महामंत्री 28 विजय शिवहरे मंत्री 29 बसंत त्यागी मंत्री 30 शिवभूषण सिंह मंत्री 31 सहजानंद राय मंत्री 32 अंकुर शर्मा मंत्री 33 अनिल यादव मंत्री 34 अवधेश श्रीवास्तव मंत्री 35 विजय राजभर मंत्री 36 प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा मंत्री 37 किरण लोधी निषाद मंत्री 38 राकेश बिंद मंत्री 39 संचिता सिंह चौहान (लुनिया) मंत्री 40 रजनी पांडेय मंत्री 41 राहुल वाल्मीकि मंत्री 42 महामेधा नागर मंत्री 43 दीपमाला संतोषी मंत्री 44 सुहासिनी जायसवाल मंत्री 45 यतेंद्र शर्मा मंत्री 46 आकांक्षा सोनकर मंत्री 47 नबाब सिंह नागर क्षेत्रीय अध्यक्ष (पश्चिम) 48 पूरन लाल लोधी क्षेत्रीय अध्यक्ष (ब्रज) 49 राम किशोर साहू क्षेत्रीय अध्यक्ष (कानपुर) 50 अवधेश द्विवेदी क्षेत्रीय अध्यक्ष (अवध) 51 अशोक चौरसिया क्षेत्रीय अध्यक्ष (काशी) 52 विनोद राय क्षेत्रीय अध्यक्ष (गोरखपुर) 53 भारत दीक्षित कार्यालय मंत्री 54 अतुल अवस्थी कार्यालय सह-मंत्री 55 लक्ष्मण सिंह कार्यालय सह-मंत्री 56 दिनेश प्रताप सिंह मुख्य प्रवक्ता 57 मनीष दीक्षित प्रदेश मीडिया संयोजक 58 हिमांशु राज पंडित प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक 59 रोहित मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) 60 प्रकाश पाल प्रदेश अध्यक्ष (पिछड़ा मोर्चा) 61 देवेन्द्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष (किसान मोर्चा) 62 अशोक रावत प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित मोर्चा) 63 सरोज कुशवाह प्रदेश अध्यक्ष (महिला मोर्चा) 64 विद्याभूषण गोंड प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित जनजाति मोर्चा)

भोपाल-इंदौर समेत 16 नगर निगमों में जल्द होगी एल्डरमैन की नियुक्ति, सरकार की तैयारी पूरी

भोपाल/ इंदौर  एमपी में हफ्ते भर में नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति हो सकती है। सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच मंथन पूरा हो चुका है। संभवत: इसी हफ्ते में बचे हुए निकायों में एल्डरमैन घोषित करने की तैयारी है। प्रदेश के करीब 244 नगरीय निकायों में मनोनीत पार्षदों यानी एल्डरमैन की नियुक्ति होना बाकी है। नगर निगमों में नियुक्त होंगे एल्डरमैन एमपी के 16 नगर निगमों में 12-12 एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर जबलपुर सहित सभी नगर निगमों के एल्डरमैन के लिए संभावित नामों की लिस्ट जिला स्तरीय कोर ग्रुप में चर्चा के बाद प्रदेश संगठन को भेजे जा चुके हैं। दो बडे़ शहरों में कुछ नामों पर चर्चा अंतिम दौर में है। इन नगर निगमों में नियुक्त होंगे मनोनीत पार्षद     भोपाल     इंदौर     जबलपुर     ग्वालियर     उज्जैन     सागर     रीवा     सतना     सिंगरौली     मुरैना     छिंदवाड़ा     देवास     कटनी     रतलाम     खंडवा     बुरहानपुर मार्च में 169 निकायों में नियुक्त हुए थे एल्डरमैन मार्च में मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 169 नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। इन नियुक्तियों में विशेष रूप से नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को कवर किया गया था, जिसका विवरण इस प्रकार है। नगर परिषद: एमपी में कुल 299 नगर परिषद हैं। इनमें से 28 मार्च को 123 नगर परिषदों में एल्डरमैन नियुक्त किए गए थे। तय फॉर्मूले के मुताबिक, प्रत्येक नगर परिषद में 4-4 एल्डरमैन मनोनीत किए गए। इस लिहाज से नगर परिषदों में कुल 492 एल्डरमैन बनाए गए थे। अब 176 नगर परिषदों में नियुक्तियां होना बाकी हैं। नगर पालिका: एमपी में कुल 98 नगर पालिका परिषद हैं। इनमें से मार्च में 46 नगर पालिकाओं में एल्डरमैन की घोषणा की गई थी। यहां के लिए प्रति नगर पालिका 6-6 एल्डरमैन का फॉर्मूला तय किया गया था, जिससे नगर पालिकाओं में कुल 276 एल्डरमैन नियुक्त हुए। अब 52 नगर परिषदों में एल्डरमैन नियुक्त होने बाकी हैं। यदि दोनों को जोड़कर देखा जाए, तो मार्च में हुई घोषणा के तहत कुल 768 एल्डरमैन नगर परिषद और नगर पालिका में नियुक्त किए गए थे। हालांकि, उस समय आपसी सहमति न बन पाने के कारण सागर को छोड़कर शेष बुंदेलखंड और चंबल संभाग के कई निकायों की सूची होल्ड पर रख दी गई थी। क्या होती है एल्डरमैन की भूमिका? मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत नगरीय निकायों में ऐसे लोगों को एल्डरमैन बनाया जाता है, जिन्हें प्रशासनिक अनुभव और नगरीय निकायों के कामकाज का अच्छा ज्ञान हो। ये मनोनीत पार्षद परिषद की बैठकों और चर्चाओं में हिस्सा तो ले सकते हैं और अपने सुझाव भी दे सकते हैं। इनके पास बैठकों के दौरान वोट देने का अधिकार नहीं होता है। यानी ये परिषद में 'मार्गदर्शक' की भूमिका निभाते हैं, 'निर्णायक' की नहीं। इनका कार्यकाल वर्तमान परिषद के कार्यकाल के साथ या आगामी आदेश तक प्रभावी रहता है।

मध्यप्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव, 106 नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी; पूरी सूची जारी

भोपाल   मध्यप्रदेश भाजपा ने मंगलवार को संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। इस सूची पर सभी की निगाह लगी हुई थी। बीजेपी के नेता एक साल से इस सूची का इंतजार कर रहे थे। मध्यप्रदेश भाजपा के नए कप्तान हेमंत खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के एक साल पूरे होने के पहले यह सूची जारी हो गई। दिल्ली स्तर पर कार्यकारिणी के नाम फाइनल हो पाए हैं। इस सूची में मध्यप्रदेश के बड़े नेताओं के साथ ही वर्तमान विधायक, पूर्व मंत्री और कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नेता भी शामिल हैं। इसमें प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों के नाम फाइनल कर दिए गए हैं। इसमें प्रदेश से 106 नाम शामिल हैं। भाजपा की कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव (dr moan yadav), केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan), वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia), उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ला भी शामिल हैं। 106 कार्यसमिति सदस्यों के अलावा 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए हैं। जबकि समस्त संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी, प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष एवं प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। खास बात यह है कि इसमें भाजपा के कई विधायकों और मंत्रियों के साथ ही भाजपा विधायक संजय पाठक का भी नाम शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) को भी कार्यसमति में शामिल किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री डा. वीरेंद्र कुमार खटीक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री डीडी उइके, मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सावित्री ठाकुर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विष्णु दत्त शर्मा, फग्गन सिंह कुलस्ते, नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य, अरविंद भदौरिया, संपतिया उइके, कुंवर विजय शाह, इंदर सिंहपरमार, उदय प्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंषाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन्य कुमार कश्यप, भूपेंद्र सिंह, कृष्णा गौर, संध्या राय, गणेश सिंह, हिमाद्री सिंह, कविता पाटीदार, सुमित्रा वार्मिकी, माया नरोलिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, कमल पटेल, गजेंद्र पटेल, रामेश्वर शर्मा, गिर्राज दंडोतिया, ओपीएस भदौरिया, विपिन गोस्वामी, रक्षा सिरोनिया, अभय चौधरी, इमरती देवी, वीरेंद्र जैन, नरेंद्र बिरथरे शामिल हैं। 106 सदस्यों वाली सूची में महेंद्र सिंह सिसौदिया, हरिसिंह यादव, विनोद पंथी, ललिता यादव, ममता गुप्ता, गौरव तिवारी, मनीषा पाठक, केपी त्रिपाठी, अखंड प्रताप सिंह, मृगेंद्र सिंह, सरदेन्दू तिवारी, रीति पाठक, कुंवर सिंह टेकाम, योगेश पाल गुप्ता, प्रेमवती खैरवार, गिरीश द्विवेदी, मीना सिंह मांडवे, ज्ञानवती, स्वाति गोडबोले, नंदिनी मरावी, संजय पाठक, जसपाल अरोरा, ओमप्रकाश धुर्वे, लता एल्कर, नीता पटैरिया, वैभव पवार, वैशाली महाले, ज्योति डेहरिया, सविता, दीवान, अखिलेश खंडेलवाल, हेमलता कुम्भारे, जितेंद्र कपूर, भगवानदास सबनानी, बिलकिस जहां, सुमित पचौरी, रामपाल सिंह, श्यामसुंदर शर्मा, रघुवनाथ सिंह भाटी, दिलवर यादव, मालिनी गौड़, महावीर सिसौदिया, रमेश मेंदोला, जीतू जिराती, अंजू माखीजा, मुद्रा शास्त्री, उषा ठाकुर, अमरदीप मौर्य, कल सिंह भावर, रंजना बघेल, देवेंद्र वर्मा, अर्चना चिटनिस, भूपेंद्र आर्य, वासु केसवानी, अशोक नायक, चिंतामणि राठौर, गायत्री राजे पंवार, डा. राजेंद्र पांडेय, ओमप्रकाश सखलेचा शामिल हैं। कार्यसमिति में स्थाई आमंत्रित सदस्य इनके अलावा भाजपा की कार्यसमिति में 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य भी शामिल हैं। इनमें ज्यादातर पूर्व मंत्री हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए सुरेश पचौरी और दीपक सक्सेना भी इस सूची में शामिल हैं। मध्यप्रदेश के सत्यनारायण जटिया, सुमित्रा महाजन, विक्रम वर्मा, कृष्ण मुरारी मोघे, कप्तान सिंह सोलंकी, माखन सिंह, सुरेश पचौरी, सीताशरण शर्मा, गिरीश गौतम, गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, अनुसुईया उइके, दीपक सक्सेना, कैलाश सोनी विवेक नारायण शेजवार, रघुनंदन शर्मा, उमाशंकर गुप्ता, कुसुम मेहदेले, अजय विश्नोई, हिम्मत कोठारी, अनूप मिश्रा, गौरीशंकर बिसेन, गौरीशंकर शैजवार, ढाल सिंह बिसेन, कैलाश चावला, भागीरथ प्रसाद, जितेंद्र जामदार, बाबू सिंह रघुवंशी, वेदप्रकाश शर्मा, तपन भौमिक, माया सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, नानाभाऊ माहोड़, सुधा जैन, कृष्णकांता तोमर, अलका जैन, जगदीश अग्रवाल, बिसाहूलाल सिंह, नागेंद्र सिंह (नागौद), मधु वर्मा, ज्ञान सिंह शामिल हैं।

पंजाब में बीजेपी की बड़ी तैयारी, हर सीट का फीडबैक जुटाकर अमित शाह को भेजी जाएगी रिपोर्ट

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी ने मिशन फतेह पंजाब के तहत अपनी तैयारी तेज कर दी है। पंजाब में कमल कैसे खिलाना है और इसके लिए कितना प्रयास करना पड़ेगा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब प्रवास के दौरान इस पर काम शुरू कर दिया है। वे यहां कार्यकर्ताओं, नेताओं, व्यापारियों, कृषि विशेषज्ञों और आम मतदाताओं से मिलकर पंजाब के मुद्दों को न केवल समझेंगे, बल्कि चुनाव से पहले पंजाब में पार्टी की स्थिति के मद्देनजर अपनी फीडबैक रिपोर्ट भी तैयार करेंगे जिसे वे भाजपा नेता अमित शाह को सौंपेंगे।  दरअसल, पश्चिम बंगाल के बाद इस बार भाजपा का फोकस पंजाब पर है। दोनों ही बॉर्डर स्टेट हैं। भाजपा ने पंजाब में अकेले दम पर सरकार कभी नहीं बनाई। इस बार पार्टी ने सत्ता पर काबिज होने का लक्ष्य रखा है। इसी के चलते भाजपा जमीनी स्तर पर हर तरह की संभावनाओं को खंगाल रही है। नितिन नबीन का दौरा भी इसी से संबंधित है। भाजपा पंजाब में एक-एक सीट पर अपनी कमजोर और मजबूत कड़ियों पर मंथन करेगी। इसके लिए केवल चंद नेताओं से ही चर्चा नहीं की जाएगी बल्कि प्रदेश के 3500 से अधिक शक्ति केंद्र प्रमुखों से पार्टी की मौजूदा सियासी पकड़ पर प्रतिक्रिया जुटाई जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों व युवा नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करेंगे और उनसे मालवा, दोआबा व माझा में पार्टी की स्थिति जानेंगे और पंजाब उन मुद्दों व मांगों पर चर्चा करेंगे जिन्हें चुनाव में प्रमुखता से उठाया जा सके। इन नेताओं से नबीन विरोधियों की ताकत और उनकी कमजोरियों पर भी विमर्श करेंगे। हाल ही में हुए पंचायत और निकाय चुनाव की समीक्षा भी की जाएगी। उधर, पार्टी हाईकमान ने यह भी साफ कर दिया है कि मिशन पंजाब के लिए पार्टी के नए और पुराने कैडर में भी अच्छे तालमेल में रहे। पार्टी के पास जहां पहले से ही समर्पित नेताओं व कार्यकर्ताओं की फौज है। वहीं, पिछले कुछ समय से विभिन्न दलों को छोड़कर आए कई नेताओं ने भाजपा में अपना सियासी सफर शुरू किया है। उन्हें पूरा मान-सम्मान मिले, उनकी मौजूदगी का पार्टी को लाभ भी पहुंचे मगर पुराने नेताओं के साथ उनका बेहतर सामंजस्य बना रहे, इसके लिए भी राष्ट्रीय अध्यक्ष एकजुटता का पाठ पढ़ाकर जाएंगे। जोहल से समझेंगे किसानों के मुद्दे पंजाब में किसान और किसानी एक बड़ा फेक्टर रहे हैं। अपने प्रवास के दौरान नितिन नबीन पंजाब के किसानों से जुड़े मसलों को समझेंगे। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के संदर्भ में हुए आंदोलन के बाद से पंजाब का किसान भाजपा से छिटका रहा है मगर पार्टी अब किसानों का समर्थन चाहती है। पंजाब में किसान और किसानों के मुद्दे क्या हैं, इस पर वे कृषि अर्थशास्त्री सरदारा सिंह जोहल से मिलकर विमर्श करेंगे। राज्यपाल से सूबे के जानेंगे हालात पंजाब प्रवास के दौरान नबीन पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भी उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। सूबे में इस वक्त क्या वर्तमान हालात हैं, इस पर एक औपचारिक चर्चा करेंगे। वे भाजपा के सभी जिलाध्यक्षों व पदाधिकारियों से भी सियासी हालात पर बात करेंगे। पंजाब के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात पंजाब के कुछ प्रख्यात शख्सियतों से भी करवाएंगे। इस दौरान भी पंजाब में भाजपा की स्थिति पर बातचीत होगी।  

भाजपा का बूथ स्तर पर बड़ा अभियान, MP में ‘बूथ गौरव दिवस’ के तहत होंगे विशेष कार्यक्रम

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में एक बड़ा अभियान शुरू का फैसला किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार आगामी 23 जून से 6 जुलाई तक पूरे देश सहित मध्य प्रदेश में 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पक्ष' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मध्य प्रदेश भाजपा इस पखवाड़े को जमीनी स्तर पर 'बूथ गौरव दिवस' और विशेष वैचारिक व्याख्यानों के रूप में मनाने जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर गठित केंद्रीय संचालन टोली में मध्य प्रदेश के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह को शामिल किया है, जो राज्य में इन सभी कार्यक्रमों की सीधी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। धारा 370 की समाप्ति और 'राष्ट्र प्रथम' पर केंद्रित विशेष व्याख्यान इस पखवाड़े का सबसे मुख्य वैचारिक केंद्र धारा 370 की समाप्ति रहेगा। व्याख्यानों और सम्मेलनों के माध्यम से कार्यकर्ताओं और जनता को बताया जाएगा कि कैसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के अखंड भारत के सपने को साकार किया गया है। इन विशेष व्याख्यानों के जरिए यह संदेश घर-घर पहुँचाया जाएगा कि 'राष्ट्र प्रथम' अब केवल एक भावना नहीं, बल्कि देश की जीवनधारा बन चुका है। तीन प्रमुख विषयों पर जिला कार्यकर्ता सम्मेलन राज्य के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर जिला कार्यकर्ता सम्मेलनों की रूपरेखा तैयार की गई है। इन सम्मेलनों में तीन अलग-अलग प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा डॉ. मुखर्जी के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान, एक केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी कार्यशैली और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में उनके ऐतिहासिक योगदान पर केंद्रित विशेष व्याख्यान दिए जाएंगे। युवा मोर्चा के नेतृत्व में 'बाहरी परिसर' छात्र सम्मेलन प्रदेश के सभी प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के बाहर युवा पीढ़ी और छात्रों को इस विचारधारा से जोड़ने के लिए छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार यह सभी कार्यक्रम शैक्षणिक परिसरों की सीमा से बाहर (आउटसाइड कैंपस) आयोजित होंगे, जिसकी पूरी कमान और नेतृत्व भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिम्मे सौंपा गया है। शहरों में नामकरण, प्रतिमा अनावरण और महा-वृक्षारोपण अभियान इस पखवाड़े के दौरान मध्य प्रदेश के प्रत्येक नगर और शहर में किसी प्रमुख चौराहे, उद्यान अथवा मार्ग का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा और उनकी प्रतिमा या चित्र का अनावरण भी होगा। इसके साथ ही, चूंकि राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, इसलिए पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ प्रत्येक बूथ पर प्रभावी रूप से व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।