samacharsecretary.com

ऑपरेशन सिंदूर के बाद 16 महीने से रनवे की मरम्मत में जुटा पाकिस्तान, अब तक अधूरा काम

लाहौर  पहलगाम हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान को ऐसा चोट दिया जिससे अब तक वह उबर नहीं सका है। भारतीय वायुसेना (IAF) के जांबाजों ने इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना के सरगोधा स्थित मुसहफ एयरबेस के रनवे तो तबाह कर दिया है। इस हमले के 16 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका है। इसका खुलासा हाई रिजॉल्यूशन वाली सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है। तस्वीरों से पता चलता है कि रनवे और टैक्सी-ट्रैक के इंटरसेक्शन पर नए सिरे से रीसरफेसिंग और खुदाई का काम किया जा रहा है। आपको बता दें कि सरगोधा का मुसहफ एयरबेस लाहौर से लगभग 172 किमी उत्तर-पश्चिम और अमृतसर के पास भारत-पाक सीमा से करीब 200 किमी पश्चिम में स्थित है। भारत ने पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एयरबेस पर सीधा हमला किया था। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 की वेंटोर सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे के जंक्शन पर गहरे रंग का एक असामान्य हिस्सा देखा गया है। यह डामर से बिल्कुल अलग दिखता है। यह नई खुदाई या रीसरफेसिंग कार्य की ओर इशारा करता है। एयरबेस के उत्तर दिशा में स्थित मिसाइल हमले के पुराने गड्ढे को फिर से सबग्रेड स्तर तक खोदा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले की गई अस्थायी मरम्मत में सतह के असमान होने, धंसने या कमजोरी जैसी समस्याएं आ गई होंगी। इसके जिसके कारण अब वहां नए सिरे से निर्माण करना पड़ रहा है। तस्वीरों में रनवे की पूरी लंबाई में चरणबद्ध तरीके से काम होता दिख रहा है। एक हिस्सा नया और समतल नजर आ रहा है, जबकि दूसरा हिस्सा अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। सटीक हमले का असर 10 मई 2025 की उपग्रह तस्वीरों से खुलासा हुआ था कि भारतीय वायुसेना ने मुसहफ एयरबेस के मुख्य 3200 मीटर लंबे रनवे पर दो बेहद सटीक निशाने लगाए थे। इस हमले में 8-9 मीटर चौड़ा और 4-5 मीटर गहरा विशाल गड्ढा बन गया था। दूसरा हमला इससे 660 मीटर की दूरी पर किया गया था। आपको बता दें कि 10 मई 2025 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के दस एयरबेस, रडार और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल यूनिट्स को निशाना बनाया था। सरगोधा के मुशफ एयरबेस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच हमला किया गया। वायुसेना ने कहा था कि उस दिन उसने पाकिस्तान का एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल विमान या खुफिया जानकारी इकट्ठा करने वाला विमान मार गिराया था। उसी दिन दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशन्स के डायरेक्टर जनरल ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन किया और सीजफायर की अपील की। ​

पाकिस्तान में क्यों लागू हुए कड़े फैसले? शादी में एक डिश, बाजार जल्दी बंद; जानें वजह

इस्लामाबाद भारत का पड़ोसी पाकिस्तान अक्सर अपनी उलझनों, कंफ्यूजिंग फैसले और डांवाडोल आर्थिक स्थिति के चलते दुनिया भर की मीडिया के बीच चर्चा में बना रहता है। अब अपनी ईंधन समस्याओं को लेकर वो पस्त हो चुका है। ऊर्जा संकट से जूझ रहे पाक ने शादियों से लेकर, दुकान, बाजार और शॉपिंग मॉल के लिए नए रूल बना दिए हैं। पाक सरकार ने इस्लामाबाद में दुकानों, बाजारों और मॉल को रात 9 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है। वहीं बैंक्वेट हॉल, मैरिज गार्डन और मैरक्वी को रात 10 बजे तक बंद करना जरूरी होगा। इसके अलावा शादियों और दूसरे समारोहों में सिर्फ एक डिश परोसने की इजाजत होगी। रेस्टोरेंट और कैफे रात 11 बजे तक खुले रहेंगे। सिर्फ 1 डिश परोसने का फैसला क्यों? सरकार ने मैरिज हॉल और अन्य समारोह स्थलों को रात 10 बजे तक बंद करने का फैसला किया है, इससे रात में बिजली की खपत कम करने में मदद मिलेगी। वहीं शादी के कार्यक्रमों में सिर्फ एक डिश परोसने की इजाजत दी गई है, इसका मकसद भी खर्च और संसाधनों की बचत करना है, इससे पैसे के साथ ऊर्जा की खपत कम होगी। सरकारी खर्च पर भी भारी कटौती पाकिस्तान सरकार ने सिर्फ आम लोगों और कारोबारियों के लिए ही सख्त फैसले नहीं लिए हैं, बल्कि सरकारी गाड़ियों के लिए अगले तीन महीने तक ईंधन का कोटा 50 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। तीन महीने के लिए सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्रा पर भी रोक लगाई गई है, इन सबके अलावा सरकारी विभागों में नए वाहन और टिकाऊ सामान खरीदने पर भी रोक लगा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IT से जुड़ी खरीद और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को इस फैसले से बाहर रखा गया है। सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में गैर-कर्मचारी से जुड़े नियमित खर्च में हर महीने 5 प्रतिशत कटौती का भी आदेश दिया है। सरकारी वाहनों के ईंधन में 50 फीसदी कटौती कैबिनेट डिवीजन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकारी और प्रशासनिक वाहनों के लिए ईंधन आवंटन आधा कर दिया गया है। यह व्यवस्था तीन महीने तक लागू रहेगी। हालांकि सशस्त्र बलों, सिविल आर्म्ड फोर्सेज, कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों और जरूरी सेवाओं से जुड़े ऑपरेशनल वाहनों को इससे छूट दी गई है। सरकार ने सभी तरह के नए वाहनों की खरीद पर भी रोक लगा दी है। इसके साथ ही आईटी से जुड़ी खरीद को छोड़कर टिकाऊ सामान की सरकारी खरीद पर प्रतिबंध लगाया गया है। विकास परियोजनाओं को इन दोनों प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है। शादी में अब सिर्फ एक डिश पाकिस्तान सरकार के नए निर्देशों का असर शादी और अन्य समारोहों पर भी पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, मैरिज फंक्शन और शादी से जुड़े आयोजनों में अब केवल एक डिश परोसने की अनुमति होगी। यह कदम गैर-जरूरी खर्च और संसाधनों की खपत कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके अलावा मैरिज हॉल और अन्य समारोह स्थल रात 10 बजे तक बंद करने होंगे। रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य खाने-पीने के आउटलेट्स को रात 11 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि टेकअवे और होम डिलीवरी सेवाओं को इस समय सीमा से छूट दी गई है। रात 9 बजे बंद होंगे बाजार नई व्यवस्था के तहत दुकानें, बाजार, शॉपिंग मॉल, बाजार परिसर, डिपार्टमेंटल स्टोर और किराना स्टोर रात 9 बजे तक बंद करने होंगे। वहीं फार्मेसी, अस्पताल, क्लीनिक, मेडिकल लैब, पेट्रोल और सीएनजी स्टेशन, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, जिम, खेल सुविधाएं, आईटी कंपनियां और कॉल सेंटर जैसी जरूरी सेवाओं को इन समय सीमाओं से छूट दी गई है। तीन महीने विदेश यात्रा पर रोक सरकार ने संघीय मंत्रियों, सलाहकारों, सांसदों और सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर तीन महीने की रोक लगाई है। कुछ निर्धारित अपवादों को छोड़कर विदेश यात्रा की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी अधिकारी के लिए विदेश जाना बेहद जरूरी हो, तो उसे इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने का निर्देश दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदारों की ओर से मिलने वाली छात्रवृत्ति तथा कुछ प्रशिक्षण और कोर्स इस प्रतिबंध से बाहर रखे गए हैं। ऐसे मामलों में जहां विदेश में प्रतिनिधित्व जरूरी माना जाएगा, पाकिस्तान का संबंधित राजदूत या हाई कमिश्नर प्रतिनिधित्व कर सकता है। सरकारी डिनर और सेमिनारों पर भी रोक सरकारी विभागों को आमने-सामने बैठकों के बजाय टेलीकॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। सरकारी खर्च से होने वाले सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कॉन्फ्रेंस पर भी रोक लगाई गई है। अगर किसी कार्यक्रम का आयोजन जरूरी हो, तो सरकारी ऑडिटोरियम या कमेटी रूम जैसी अपनी सुविधाओं का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। सरकारी आधिकारिक डिनर पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों से जुड़े आयोजनों को इससे छूट दी गई है। सरकारी खर्च में भी कटौती कैबिनेट डिवीजन की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा वित्तीय वर्ष में कर्मचारियों से जुड़े खर्च को छोड़कर अन्य खर्च में हर महीने 5 फीसदी की कटौती की जाएगी। यह व्यवस्था विदेशों में स्थित पाकिस्तान के मिशनों और वहां तैनात अधिकारियों के खर्च पर भी लागू होगी। हालांकि किराया, शिक्षा शुल्क और चिकित्सा संबंधी खर्च जारी रहेंगे। विकास परियोजनाओं को इस कटौती से बाहर रखा गया है। पहले भी लागू हुए थे ऐसे उपाय पाकिस्तान सरकार ने इस साल मार्च में भी ईंधन बचाने और सरकारी खर्च कम करने के लिए कई मितव्ययिता उपाय लागू किए थे। इनमें सरकारी वाहनों के ईंधन आवंटन में कटौती, सरकारी कर्मचारियों के लिए आंशिक वर्क फ्रॉम होम और अन्य खर्चों में कमी जैसे कदम शामिल थे। बाद में जून में कई उपाय वापस ले लिए गए थे, जबकि बाजारों के बंद होने का समय जारी रखा गया था। पाकिस्तान को क्यों लेने पड़े सख्त फैसले? पाकिस्तान में दुकान-बाजार से लेकर शादियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों तक के लिए नए टाइमिंग और मेन्यू को लेकर सख्ती लागू की गई है, इसका कारण मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और बाब अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्तों में हूतियों की ओर से लगाई गई रोक के कारण तेल की सप्लाई को बताया जा रहा है। इस संकट के चलते पाकिस्तान में तेल और गैस की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल और गैस … Read more

जुमे की नमाज के बीच पाकिस्तान में जोरदार ब्लास्ट, 16 की मौत से मचा हड़कंप

खैबर पख्तूनख्वा  पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में पुलिस लाइंस इलाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद के पास जोरदार विस्फोट हुआ। इस घटना में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा घायल हैं। जिला मुख्यालय अस्पताल के डॉक्टर ताहिर अली शाह ने बताया कि विस्फोट के बाद अस्पताल में 16 शव और 50 से अधिक घायलों को लाया गया। पुलिस के मुताबिक, धमाका मस्जिद के बाहर हुआ, जिससे वहां बड़ा गड्ढा बन गया। घायलों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। विस्फोट के बाद पुलिस लाइंस में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट वाली जगह पर राहत और बचाव अभियान जारी है। घटना के बाद प्रशासन ने कोहाट-हंगू सड़क को सभी तरह के यातायात के लिए बंद कर दिया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने बाद में बताया कि विस्फोट में घायल कम से कम 25 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है। विस्फोटकों से लदी गाड़ी पुलिस लाइंस के गेट से टकराई खैबर पख्तूनख्वा के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जुल्फिकार हमीद ने बताया कि विस्फोटकों से लदा एक वाहन पुराने पुलिस लाइंस के गेट से टकराया और इसके बाद उसमें जोरदार धमाका हो गया। उन्होंने बताया कि वाहन के गेट से टकराने के बाद विस्फोट हुआ और गोलीबारी भी शुरू हो गई। आईजीपी के मुताबिक, यह आत्मघाती हमला था। गोलीबारी के दौरान स्पेशल ब्रांच की इमारत में भी एक अन्य आत्मघाती विस्फोट हुआ। खैबर पख्तूनख्वा पुलिस आतंकवाद के खिलाफ लोहे की दीवार की तरह खड़ी है और ऐसे हमले पुलिसकर्मियों का मनोबल नहीं तोड़ सकते। उन्होंने कहा कि शहीदों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा और आतंकवादियों व उनके मददगारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। धमाके के बाद हमलावरों और सुरक्षा बलों में गोलीबारी केंद्रीय पुलिस कार्यालय ने बताया कि आईजीपी जुल्फिकार हमीद ने कोहाट के क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी से घटना की रिपोर्ट मांगी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विस्फोटकों से लदा वाहन पुराने पुलिस लाइंस के गेट से टकराया था। केंद्रीय पुलिस कार्यालय के मुताबिक, अधिकारी विस्फोट की पूरी प्रकृति और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं। धमाके के बाद हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी जारी रही। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर राहत-बचाव के साथ-साथ पूरे इलाके की जांच में जुटी हैं। धमाके की जांच जारी  शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, 'विस्फोटकों से लदे एक वाहन को ओल्ड पुलिस लाइन्स में घुसाया गया था, हालांकि, धमाके के पीछे का असल कारण अभी पता नहीं चला है। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैज़ी ने एक बयान में कहा, 'धमाके के बाद हथियारबंद आतंकवादियों के साथ गोलीबारी हुई।' आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ी पुलिस  IG हमीद ने कहा, 'KP पुलिस आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक मज़बूत दीवार की तरह खड़ी है, कायरतापूर्ण हमले हमारे हौसले को नहीं तोड़ सकते।' बयान में उनके हवाले से कहा गया, 'शहीदों का खून बेकार नहीं जाएगा, आतंकवादियों और उनके मददगारों का अंजाम बहुत बुरा और मिसाल बनने वाला होगा।' उन्होंने घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।  

पाकिस्तान को ICC ने दिया दोहरा झटका, 11 WTC अंक गंवाए; स्लो ओवर रेट पर भारी पेनल्टी

करांची  इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को 0-3 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था. बर्मिंघम के एजबेस्ट मैदान पर खेले गए सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच में पाकिस्तानी टीम ने कुछ संघर्ष किया, लेकिन वो जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था. इंग्लैंड ने वो मुकाबला 8 विकेट से जीतकर पाकिस्तान का सीरीज में 0-3 से सफाया किया था।  अब पाकिस्तानी टीम पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने तगड़ा एक्शन लिया है. एजबेस्टन टेस्ट में धीमा ओवर रेट पाकिस्तान को भारी पड़ गया. आईसीसी ने पाकिस्तानी टीम पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया है, साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 में उसके खाते से 11 अंक भी काट दिए हैं।  समय की तय छूट को शामिल करने के बाद भी पाकिस्तान की टीम निर्धारित लक्ष्य से 11 ओवर पीछे रही. इसी वजह से टीम पर यह कार्रवाई हुई. आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रंजन मदुगले ने मामले में सजा सुनाई. मैदानी अंपायर्स पॉल राइफल और क्रिस गैफनी, थर्ड अंपायर अल्लाहुद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने धीमे ओवर रेट का आरोप लगाया था।  आईसीसी के नियम के अनुसार, निर्धारित समय में कम कराए गए प्रत्येक ओवर पर खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 फीसदी जुर्माना लगाया जाता है. हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 50 फीसदी है. पाकिस्तान के 11 ओवर कम रहने के कारण उस पर अधिकतम 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया।  आर्थिक जुर्माने से ज्यादा बड़ा झटका पाकिस्तान को डब्ल्यूटीसी में लगा है. नियमों के मुताबिक, प्रत्येक कम ओवर के लिए एक डब्ल्यूटीसी अंक काटा जाता है. लिहाजा 11 ओवर कम रहने के कारण पाकिस्तान के खाते से सीधे 11 अंक घटा दिए गए. पाकिस्तान WTC तालिका में पहले ही सबसे नीचे था. इस कटौती के बाद उसकी हालत और खराब हो गई है. उसका अंक प्रतिशत घटकर 4.63 रह गया है. इंग्लैंड के खिलाफ 0-3 की हार के बाद टीम के लिए यह दोहरी मुश्किल है। 

पाकिस्तान क्रिकेट में मचा बवाल, सईद अजमल ने PCB को घेरा; बोले- 10 साल पीछे पहुंच गए

इस्लामाबाद  कुछ दिन पहले पाकिस्तान क्रिकेट में आया भूचाल अब नहीं दिशा लेता दिख रहा है. सोमवार को ही इस तरह के भी चर्चे और बातें हो रही हैं कि पिछले दिनों टीम के हेड कोच और पूर्व कप्तान सरफराज अहमद के अलावा 7 खिलाड़ियों को स्वदेश भेजने का रिश्ता मैच फिक्सिंग से भी हो सकता है. वैसे अगर ऐसा होता है, तो पाकिस्तान के इतिहास को देखते हुए यह चौंकाने वाली बात नहीं ही होगी. अब पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट 10 साल पीछे चली गई है. जब पाकिस्तान टीम 0-3 से सूपड़ा साफ (व्हाइटवॉश) होने से बचने की उम्मीद में एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट में उतर रही है, तब अजमल ने राष्ट्रीय टीम में गलत हो रही हर चीज पर खुलकर बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी. टीम में हाल ही में हुए इस फेरबदल पर अजमल ने कहा कि पीसीबी द्वारा खिलाड़ियों को "अपमानित" किया जा रहा है।  अजमल ने कहा, 'बोर्ड ने खुद खिलाड़ियों को किसी भी अन्य चीज की तुलना में सबसे ज्यादा हतोत्साहित किया है. बोर्ड किसी भी खिलाड़ी को सेटल नहीं होने दे रहा है. ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें भी बाहर कर दिया गया है. ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें पीसीबी द्वारा अपमानित किया गया है.' अजमल ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान की रेड-बॉल टीम का प्रभार संभालने वाले माइक हेसन और टीम के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद पर भी तंज कसा।  समा टीवी पर अजमल ने कहा, 'आकिब जावेद और माइक हेसन (जिन्हें तीसरे टेस्ट के लिए टेस्ट टीम की कमान संभालने को कहा गया है) एक टीम हैं. ये दोनों सब कुछ नियंत्रित कर रहे हैं और  पैदा हुई अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं. यह पूरा मुद्दा इगो से जुड़ा है.हमारी टीम 10 साल पीछे चली गई है. हमने भविष्य के लिए कोई योजना नहीं बनाई है.' शीर्ष स्तर की क्रिकेट में किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन के लिए उसे लगातार मौके मिलना बेहद जरूरी है.  हालांकि, अजमल को लगता है कि पीसीबी का असली इरादा सिर्फ खिलाड़ियों को बदलना है।  उन्होंने कहा, 'किसी सीरीज का हर मैच हमारे लिए महत्वपूर्ण होता है. और अगर कोई खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर रहा है तो हमारे पास उसकी जगह दूसरे खिलाड़ी को देखने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है. इन बदलावों के पीछे का उद्देश्य खिलाड़ियों को दावेदारी से हटाना नहीं, बल्कि केवल उन्हें बदलना है. सलमान आगा को ही देख लीजिए, जो बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन कुछ कारणों से उनका बल्ला नहीं चल सका. इस बारे में उनसे बात की गई थी। 

पाकिस्तान की शर्मनाक हार, भारतीय गेंदबाजों के आगे 55 रन पर सिमटी पूरी टीम

दुबई दुबई के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय शेरनियों के सामने पाकिस्तान ने पूरी तरह से सरेंडर कर दिया. श्री चरणी और प्रेमा रावत ने स्पिन जाल का पड़ोसी बल्लेबाजों के खिलाफ कोई जवाब नहीं था. आलम यह था कि टीम के 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए. पाकिस्तान पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 18.1 ओवर में सिर्फ 55 पर ऑल-आउट हो गई.  इस मुकाबले में निराशाजनक प्रदर्शन के साथ ही पाकिस्तान के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है. 55 रन पाकिस्तान का टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक का न्यूनतम स्कोर है।  इससे पहले, साल 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पाकिस्तान की पूरी टीम 56 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी. जबकि 2009 में टीम इंग्लैंड के खिलाफ 60 के स्कोर पर पूरी टीम सिमट गई थी. भारत के लिए श्री चरणी ने 4 ओवर में 7 रन देकर 3 विकेट झटके, जबकि प्रेमा रावत ने 4 ओवर में 9 रन देकर 3 विकेट निकाले।  T20I में PAK-W के सबसे कम ऑल-आउट स्कोर     55 बनाम भारत दुबई, 2026     56 बनाम न्यूजीलैंड, दुबई, 2024     60 बनाम इंग्लैंड, टॉनटन, 2009     63 बनाम भारत, ग्वांगझू, 2012     65 बनाम वेस्टइंडीज, सेंट एंड्रयूज, 2011     72 बनाम श्रीलंका, कोलंबो (NCC), 2018 महामुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. मुनीबा अली और शवाल जुल्फिकार ने पहले विकेट के लिए 27 रन जोड़े. मुनीबा 13 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि जुल्फिकार 14 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गईं. इसके बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई. गुल फिरोजा बिना खाता खोले आउट हुईं. आयशा जफर सिर्फ 2 रन बना सकीं, जबकि सदाफ शमास 3 रन पर क्लीन बोल्ड हुईं. कप्तान फातिमा सना भी कोई रन नहीं बना पाईं और दीप्ति शर्मा का शिकार बनीं।  मध्यक्रम में भी कोई बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं सकी. एमान फातिमा ने 5 रन और उम्म-ए-हानी ने 6 रन बनाए. तूबा हसन 9 रन बनाकर पवेलियन लौटीं. टीम की 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक पार नहीं कर सकीं. और पूरी टीम सिर्फ 55 रन पर सिमट गई।  भारत की स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। श्री चरणी ने 4 ओवर में सिर्फ 7 रन देकर 3 विकेट लिए. प्रेमा रावत ने भी 3 बल्लेबाजों को आउट किया और 9 रन दिए. दीप्ति शर्मा ने 3.1 ओवर में केवल 5 रन देकर 2 विकेट झटके. शेफाली वर्मा ने भी 1 विकेट चटकाया. भारतीय टीम ने 56 रनों के लक्ष्य को 8.4 ओवर में 3 विकेट गंवाकर हासिल किया. भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर 18 और दीप्ति शर्मा 12 रन बनाकर नाबाद रहीं।  इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ निराशाजनक रिकॉर्ड इस मुकाबले ने पाकिस्तान महिला टीम के टी20 इतिहास के सबसे निराशाजनक अध्यायों को एक बार फिर ताजा कर दिया. पाकिस्तान के महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास में अब सबसे कम स्कोर के आंकड़े कुछ इस प्रकार दर्ज हो चुके हैं. भारत के खिलाफ 55 रन (18.1 ओवर) का यह स्कोर अब पाकिस्तान का टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे कम स्कोर बन चुका है. इससे पहले, 14 अक्टूबर 2024 को इसी दुबई के मैदान पर न्यूजीलैंड की महिला टीम के खिलाफ पाकिस्तान की पूरी टीम 11.4 ओवर में केवल 56 रन बनाकर आउट हो गई थी और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।  अगर और पीछे जाएं, तो 16 जून 2009 को टॉन्टन के मैदान पर इंग्लैंड महिला टीम के खिलाफ पाकिस्तान की टीम 16.5 ओवर में 60 रन पर सिमट गई थी. इसी तरह, 31 अक्टूबर 2012 को एशियाई खेलों के दौरान गुआंगझू (Guangzhou) में भी भारत के खिलाफ पाकिस्तान की टीम 19.1 ओवर में महज 63 रन पर ऑलआउट हो गई थी. वहीं, 25 सितंबर 2023 को हांग्झू (Hangzhou) में बांग्लादेश की महिला टीम के खिलाफ पाकिस्तान ने पूरे 20 ओवर खेलकर 9 विकेट के नुकसान पर 64 रन बनाए थे। 

Pakistan Terror Attack: पुलिस चौकी पर आतंकियों का हमला, 9 सुरक्षाकर्मी मारे गए

इस्लामाबाद आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। यहां के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि जियारत जिले में सोमवार देर रात आतंकवादियों ने एक पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ गोलीबारी करने लगे। इस हमले में दो एसएचओ समेत 9 पुलिसकर्मी मारे गए। बताया जा रहा है कि आतंकवादियों ने पांच जवानों को अगवा भी कर लिया है। वहीं, हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और संयुक्त अभियान शुरू किया, जिसमें 15 आतंकवादी मारे गए। घटना की पुष्टि करते हुए जियारत के पुलिस अधीक्षक अब्दुल कुदूस ने बताया कि हमलावरों ने मांगी फेज-तीन क्षेत्र में स्थित पुलिस चौकी को निशाना बनाया। रात भर चली गोलीबारी बेहद भीषण रही, जिसमें दोनों तरफ से भारी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल हुआ। मारे गए पुलिस अधिकारियों में मांगी थाने के एसएचओ मोहम्मद हुसैन, कोवास थाने के एसएचओ सोहबत खान और एंटी-टेररिस्ट फोर्स के इंचार्ज हेड कांस्टेबल सैफुल्लाह शामिल हैं। मारे गए जवानों के शवों को जियारत जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हमले में टीटीपी का हाथ? बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार शाहिद रिंद ने बताया कि मांगी इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ चलाया गया क्लियरेंस ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। इस अभियान में फ्रंटियर कॉर्प्स, बलूचिस्तान पुलिस, काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट, स्पेशल ऑपरेशंस विंग और एंटी-टेररिज्म फोर्स ने भाग लिया। शाहिद रिंद ने आगे बताया कि अभियान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 15 आतंकवादी मारे गए। रिंद ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ इंटेलिजेंस आधारित अभियान और तेज किए जाएंगे। वहीं, अगवा किए गए पांच पुलिसकर्मियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने की घटना की निंदा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हमले की निंदा की और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शरीफ ने कहा कि हम बलूचिस्तान की शांति को नुकसान पहुंचाने की किसी को इजाजत नहीं देंगे। शांति के दुश्मनों को पूरी तरह समाप्त किए बिना हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। वहीं, गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कायराना हमले न तो शांति भंग कर सकते हैं और न ही आतंकवाद के खिलाफ देश के दृढ़ संकल्प को कमजोर कर सकते हैं। इलाके में तनाव, सड़कें जाम हमले की खबर फैलते ही जियारत और आसपास के इलाकों में गुस्सा भड़क उठा। स्थानीय कबीलों, ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों और मारे गए पुलिसकर्मियों के परिजनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्तान को पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा से जोड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया। इस कारण सैकड़ों यात्री बसें और माल ढोने वाले वाहन सड़कों पर फंस गए। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। जियारत के डिप्टी कमिश्नर अब्दुल कुदूस अचकजई ने कहा कि लापता जवानों की तलाश के लिए विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और इलाके में अतिरिक्त सैन्य व पुलिस बल भेजे गए हैं।

US-ईरान समझौते के बीच पाकिस्तान को इजरायल ने दिखाया आईना, राजदूत बोले- भरोसे लायक नहीं

यरुशलम अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता पश्चिम एशिया की जियोपॉलिटिक्स को बदल रहा है. इजरायल इस समझौते से खुश नहीं है. इस समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई है. इस पर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने शांति की कोशिशों में पाकिस्तान की किसी भी भूमिका की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि इजरायल, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता।  न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए अजार ने कहा कि 'मैंने कई इंटरव्यू में यह बात कही है. हम पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करते. मुझे लगता है कि उनका व्यवहार निंदनीय रहा है. जैसे- इजरायल के प्रति उनका रवैया, उनके रक्षा मंत्री की यहूदी-विरोधी टिप्पणियां वगैरह. इसलिए इसमें कुछ भी नया नहीं है।  उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इजरायल और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध न होने के बावजूद पाकिस्तान इस क्षेत्र में भूमिका निभा सकता है।  इजरायल और पाकिस्तान के बीच रिश्ते हमेशा से कड़वाहट भरे रहे हैं. दोनों के बीच अप्रैल में तनाव तब बढ़ गया था जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को बुरा और मानवता के लिए अभिशाप बता दिया था. आसिफ ने इजरायल को 'कैंसर' तक कह दिया था और इजरायलियों के लिए 'नरक में जलने' की दुआ की थी. इसके जवाब में इजरायल ने ख्वाजा आसिफ के बयान को 'बेहद आपत्तिजनक' बताया था और निष्पक्ष मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे।  इंटरव्यू के दौरान रूवेन अजार ने अमेरिका-ईरान डील में लेबनान के शामिल होने की बात को भी खारिज कर दिया. उन्होंने दावा किया कि ये डील स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए हुई है. उन्होंने कहा कि हमारे पास जो जानकारी है, उससे लगता है कि सबसे जरूरी बात होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की है. टोल वसूलने या अमेरिका से मुआवजा पाने जैसी उनकी सारी कल्पनाएं अब खत्म हो चुकी हैं।  उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 'लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है. लेबनान के भविष्य का फैसला लेबनान की सरकार को करना है, जो इस समय इजरायल के साथ शांति समझौते पर बातचीत कर रही है.' उन्होंने कहा, 'हमारे रक्षा मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि हम लेबनान समेत अपने सभी बफर जोन में बने रहेंगे और अपनी सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे।  उन्होंने कहा कि हम हिज्बुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि इजरायली कैबिनेट को समझौते की शर्तों को देखना होगा और तय करना होगा कि वह क्या करना चाहती है. उन्होंने साफ किया कि इजरायल इस समझौते का हिस्सा नहीं है। 

Pakistan Squad Announced: एशियन गेम्स में नए चेहरे, वरिष्ठ खिलाड़ियों की छुट्टी, फरहान बने कप्तान

करांची  एशियन गेम्स 2026 के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। जापान में होने वाले इन एशियाई खेलों के लिए पाकिस्तान की टीम में तमाम दिग्गजों को जगह नहीं मिली है। कप्तान सलमान अली आगा से लेकर बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा नहीं है। पहली नजर में देखकर लग रहा है कि यह एकदम नई नवेली टीम है, क्योंकि 4 खिलाड़ियों ने अभी तक T20I में डेब्यू भी नहीं किया है। इस टीम की कप्तानी बोर्ड ने युवा बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को सौंपी है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन किया था। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में एशियन गेम्स का आयोजन होना है। इसके लिए क्रिकेट टीमों की घोषणा होना शुरू हो गया है। बीसीसीआई ने पिछले सप्ताह टीम की घोषणा की थी। बीसीसीआई ने फुल फ्लेज्ड टीम इस इवेंट में भेजने का फैसला लिया है, जबकि पाकिस्तान एक युवाओं से भरी हुई टीम भेजने जा रहा है, जिसकी घोषणा भी पीसीबी ने कर दी है। बहुत कम ऐसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं, जिन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट का बहुत ज्यादा अनुभव है। बोर्ड ने यह फैसला क्यों लिया है? इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है। हो सकता है कि कोई सीरीज उस समय पाकिस्तान की किसी देश के साथ शेड्यूल हो। 10 टीमों का मेन्स T20I इवेंट आइची प्रीफेक्चर के कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेला जाएगा। मेन्स क्रिकेट इवेंट 24 सितंबर को शुरू होगा, जबकि मेडल मैच 3 अक्टूबर को खेले जाएंगे। पाकिस्तान के लिए 46 टी20 मैच खेल चुके साहिबजादा फरहान इस टीम को लीड करेंगे, जो दो शतक और 10 अर्धशतक इस फॉर्मेट में जड़ चुके हैं। वहीं, पांच टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले अब्दुल समद को वाइस कैप्टन बनाया गया है। 4 खिलाड़ी ऐसे भी इस 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं, जिन्होंने अभी तक टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है। आकिफ जावेद, अली रजा, माज सदाकत और साद मसूद ने अभी तक पाकिस्तान के लिए एक भी टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। इनमें से कुछ खिलाड़ियों को एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिल सकता है और देश का प्रतिनिधित्व इंटरनेशनल क्रिकेट में करने का मौका मिलने की संभावना है। पाकिस्तान की टीम इस प्रकार है साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद (उप-कप्तान), अबरार अहमद, अहमद दानियाल, आकिफ जावेद, अली रजा, अराफात मिन्हास, हैदर अली, हसन नवाज, माज सदाकत, मोहम्मद सलमान मिर्जा, साद मसूद, सैम अयूब, सुफयान मुकीम और उस्मान खान (विकेट-कीपर) एशियन गेम्स के लिए जो सपोर्ट स्टाफ पाकिस्तान भेजने वाला है। उनमें हेड कोच माइक हेनस, बॉलिंग कोच एशले नोफके, फील्डिंग कोच शेन मैकडरमॉट, फीजियोथेरेपिस्ट मुहम्मद ताहिर, ट्रेनर इमरान उल्लाह और एनालिस्ट उस्मान हाशमी का नाम शामिल है।  

पाकिस्तान की बढ़ीं मुश्किलें! UAE की एयरलाइन ने फ्लाइट सेवाएं रोकीं, जानिए क्या है कारण

 दुबई यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) की लो-कॉस्ट एयरलाइन फ्लाईदुबई (Flydubai) ने पाकिस्तान को एक बड़ा झटका दिया है। एयरलाइन ने 'ऑपरेशनल कारणों' का हवाला देते हुए पाकिस्तान के तीन प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें 26 अक्टूबर तक के लिए सस्पेंड कर दी हैं। इनमें राजधानी इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर शामिल हैं। हालांकि, एयरलाइन ने यह साफ किया है कि कराची से आने-जाने वाली उड़ानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और वे पहले की तरह ही जारी रहेंगी। इन रूट्स पर कैंसिल हुईं उड़ानें एविएशन मॉनिटर 'फ्लाइटरडार24' के मुताबिक, कम से कम 7 मई से ही इन तीन शहरों के लिए फ्लाईदुबई की उड़ानें कैंसिल चल रही हैं। प्रभावित होने वाली उड़ानों की डिटेल इस प्रकार है: इस्लामाबाद-दुबई: फ्लाइट नंबर FZ353 और FZ354 लाहौर-दुबई: फ्लाइट नंबर FZ359 और FZ360 पेशावर-दुबई: फ्लाइट नंबर FZ375 और FZ376 आपको बता दें कि फ्लाईदुबई ने जुलाई 2024 में इस्लामाबाद और लाहौर में अपना ऑपरेशन शुरू किया था, जबकि पेशावर के लिए बीते साल मई में उड़ानें शुरू की गई थीं। एयरलाइन ने यात्रियों को दी ये सलाह ईरान युद्ध शुरू होने के कुछ दिन बाद, 31 मार्च को फ्लाईदुबई की वेबसाइट पर एक बयान जारी किया गया था। इसमें बताया गया था कि एयरलाइन "फिलहाल अपने नेटवर्क पर घटे हुए शेड्यूल के साथ उड़ानें संचालित कर रही है।" एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले वे लेटेस्ट अपडेट्स और अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। कंपनी ने अपने बयान में 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों से भड़के मध्य पूर्व संघर्ष का सीधा जिक्र तो नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा: हम स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और उसी के मुताबिक अपने फ्लाइट शेड्यूल को अपडेट कर रहे हैं। यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ईंधन संकट: हवाई यात्रा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते जेट फ्यूल (विमान ईंधन) की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण एविएशन सेक्टर में बीते कई सालों का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने भी पिछले महीने चेतावनी दी थी कि ईरान युद्ध से उपजे जेट फ्यूल संकट की सबसे बड़ी मार सबसे पहले एशिया पर पड़ सकती है। IATA के प्रमुख विली वॉल्श ने कहा, "मुझे लगता है कि ईंधन की संभावित कमी को देखते हुए, गर्मियों के पीक सीजन में एयरलाइंस अपनी उड़ानों के शेड्यूल में कटौती करना शुरू कर देंगी।" कर्ज वापसी के बाद अब टेलीकॉम सेक्टर से भी UAE का किनारा एविएशन सेक्टर में मिले इस झटके से ठीक पहले यूएई आर्थिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा चुका है। बीते दिनों यूएई ने पाकिस्तान से अपने 3.5 अरब डॉलर के भारी-भरकम कर्ज की अचानक वापसी करा ली थी। यह वही कर्ज था जिसे यूएई पिछले कई सालों से रोल-ओवर कर रहा था ताकि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार दिवालिया होने से बचा रहे। कर्ज वापसी के झटके से पाकिस्तान उबर भी नहीं पाया था कि अब यूएई की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी ईएंड (e& जिसे पहले एतिसलात के नाम से जाना जाता था) ने भी पाकिस्तान से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने की तैयारी शुरू कर दी है। एतिसलात के पास पाकिस्तान की सरकारी टेलीकॉम कंपनी पीटीसीएल (PTCL) में 26 फीसदी हिस्सेदारी और मैनेजमेंट कंट्रोल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपनी निवेश रणनीति की समीक्षा कर रही है और अपने शेयर बेचकर पाकिस्तान के टेलीकॉम मार्केट से बाहर निकलने की योजना बना रही है। दरअसल, पाकिस्तान सरकार और एतिसलात के बीच 2005 से 800 मिलियन डॉलर (करीब 6.6 खरब पाकिस्तानी रुपये) का एक बड़ा वित्तीय विवाद अनसुलझा है। इसके अलावा यूएई अपनी नई ग्लोबल 'स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी' के तहत भी पाकिस्तान से अपने निवेश वापस खींच रहा है।