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Mother’s Day Gift: रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सुविधा शुरू, कैदियों को परिवार से मिलने का नया जरिया

रायपुर आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है। अपनों से दूरी होगी कम वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।  हुनर को मिला सम्मान निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है। जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से श्री हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), श्री विजय छबलानी (प्रतिनिधि, BSNL), सुश्री गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।

मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, ये 5 जरूरी हेल्थ टेस्ट हैं बेहद अहम

 मदर्स डे पर मां के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट उनकी अच्छी सेहत हो सकती है क्योंकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और फिजिकल बदलाव आते हैं. अक्सर हमारी मां घर की जिम्मेदारियों को छोड़ अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं लेकिन 40 और 50 की उम्र के बाद कुछ बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. इस मदर्स डे पर आप उन्हें हेल्थ चेकअप का तोहफा दे सकते हैं. समय पर कराए गए ये 5 जरूरी टेस्ट उन्हें भविष्य की गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं और उनकी लंबी उम्र सुनिश्चित कर सकते हैं.   ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ चेकअप बढ़ती उम्र में हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर की तरह काम करता है. मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ जाता है. क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, महिलाओं को रेगुलर ब्लड प्रेशर चेकअप और हार्ट हेल्थ स्क्रीनिंग करानी चाहिए ताकि स्ट्रोक या दिल के दौरे जैसी स्थिति से बचा जा सके. मैमोग्राम (ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग) महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. मोया क्लीनिक हेल्थकेयर की गाइडलाइंस कहती हैं कि 40 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को हर 1 से 3 साल में मैमोग्राम कराना चाहिए. यह टेस्ट शुरुआती स्टेज में ही गांठ का पता लगा लेता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है. बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan) उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं. मेडिलाइन प्लस के मुताबिक, 65 साल की उम्र के बाद या मेनोपॉज के दौरान हड्डियों की मजबूती जांचने के लिए DEXA स्कैन बहुत जरूरी है ताकि फ्रैक्चर के खतरे को कम किया जा सके. सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पैप स्मीयर और HPV टेस्ट अनिवार्य हैं. सलाह है कि 30 से 65 साल की महिलाओं को हर 5 साल में HPV के साथ को-टेस्टिंग करानी चाहिए. यह टेस्ट कैंसर बनने से पहले ही सेल्स में होने वाले बदलावों को पकड़ लेता है. लिपिड प्रोफाइल खराब लाइफस्टाइल और उम्र के कारण टाइप-2 डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बना रहता है. हेल्थलाइन के अनुसार, 45 साल की उम्र के बाद हर 3 साल में ब्लड शुगर टेस्ट और हर 5 साल में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए ताकि शरीर में शुगर और फैट का लेवल कंट्रोल में रहे.