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नायब सिंह सैनी ने शुरू की नई डिजिटल सुविधा, किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत

 चंडीगढ़  हरियाणा में अब भवनों के निर्माण के लिए नक्शों की अनुमति ऑनलाइन तरीके से मिलेगी। इसके अलावा, किसानों को उनके वाट्सएप पर जे-फार्म भेजे जाएंगे, जिनके आधार पर वे 72 घंटे के भीतर अपनी फसल की पेमेंट प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को इन दोनों योजनाओं की शुरुआत की। हरियाणा सरकार ने 25 अप्रैल को चालू रबी खरीद सीजन के दौरान एमएसपी पर बेची गई गेहूं, सरसों व चना की फसलों के जे-फार्म किसानों के वाट्सएप पर भेजने की घोषणा की थी। छह मई तक 5 लाख 78 हजार किसानों द्वारा अपनी उपज मंडियों में बेची गई। इन किसानों को 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किए गए हैं। यह सुविधा प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है। अब किसानों को अपना जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पडे़गा। आसानी से मिलेगा अप्रूवल हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफार्म काम करेगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को घर बैठे ही प्लाट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी बिना किसी देरी के आसानी से मिल सकेंगी। पहले चरण में, पुरानी नगर पालिकाओं या कोर क्षेत्रों में प्लांड रिहायशी प्लाटों की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की गई है। इस सिस्टम से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और काम की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्लेटफार्म की शुरुआत करते हुए कहा कि अब आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी व सरल बनेगी। नया सिस्टम लागू होने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने जानकारी दी कि जे-फार्म किसानों को वाट्सएप पर भेजकर योजना की शुरुआत की जा चुकी है। भविष्य में फसल की बिक्री के बाद समस्त जे-फार्म किसानों को उनके वाट्सएप नंबर पर ही मिलेंगे। किसानों की कितने हुई आवक? मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश में एक अप्रैल से सात मई तक 84 लाख 18 हजार टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 83 लाख 75 हजार टन गेहूं की बिक्री हेतु किसानों का बाायोमीट्रिक सत्यापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख 55 हजार टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। एक सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाायोमीट्रिक सत्यापन के लिए किसानों को कोई परेशान नहीं थी, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं को ज्यादा दिक्कत थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग, शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीन आत्रे शामिल रहे।

सोमनाथ मंदिर को बताया भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक, सीएम सैनी का विचार

 चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 ज्योतिर्लिंग की चर्चा करते हुए भारत सरकार द्वारा 11 मई को बनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर प्रकाश डाला है, नायब सैनी के विचार कुछ इस प्रकार है… हमारे देश में अनेक ऐसे पूजनीय स्थल हैं, जो हमारी आस्था और संस्कृति को मजबूत बनाते हैं। गुजरात स्थित श्री सोमनाथ मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि यह भारत के आध्यात्मिक संकल्प का जीवंत प्रतीक है। भगवान शिव के 12 आदि ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखने वाला सोमनाथ मंदिर, भारत के पवित्र भूगोल में एक विशिष्ट स्थान रखता है। यह प्रत्येक भारतीय के जीवन में रचा-बसा हुआ है, जिसके बिना वह अपने अस्तित्व की कल्पना नहीं कर सकता। भारत सरकार 11 मई तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रही है, जो सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद भी मंदिर के शाश्वत और अविनाशी होने का पर्व है। हरियाणा सरकार इस पर्व को उसी भव्यता, आध्यात्म और उत्साह से मनाएगी, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। इस मंदिर ने सदियों तक आक्रमण और पुनर्निर्माण का अद्वितीय इतिहास देखा है। वर्ष 1026 में हुए आक्रमण के बाद भी हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ, जो भारतीय समाज की अटूट आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है। स्वतंत्रता के पश्चात सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और 11 मई 1951 को इसका प्राण-प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न हुआ। इस पर्व को मनाने का यही मूल उद्देश्य है कि कितने ही उतार-चढ़ाव आए, परंतु सोमनाथ हमारी अटूट आस्था का प्रतीक बना रहा और बना रहेगा। यह भारतीय जन मानस के हृदय में वास करता है। यह पर्व उन असंख्य महान विभूतियों को स्मरण करने का भी है, जो सोमनाथ मंदिर पर क्रूर हमलों के बावजूद उनके सम्मुख डटकर खड़े रहे। 1940 के दशक में स्वतंत्रता की भावना पूरे भारत में फैल रही थी, सरदार पटेल जैसे महान नेताओं के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत की नींव रखी जा रही थी। ऐसे में उन्हें सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा व्यथित कर रही थी। 13 नवंबर 1947 को दीपावली के समय सरदार पटेल ने सोमनाथ के जर्जर अवशेषों के सामने खड़े होकर समुद्र का जल हाथ में लेकर संकल्प लिया था कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण होगा। उनके आह्वान ने सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष को नये उत्साह से भर दिया। दुर्भाग्यवश सरदार पटेल अपने उस सपने को साकार होते नहीं देख सके, जिसके लिए उन्होंने स्वयं को समर्पित कर दिया था। इससे पहले कि जीर्णोद्धार के बाद सोमनाथ मंदिर भक्तों के लिए खुलता, उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पावन अवसर पर सोमनाथ के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की है, क्योंकि बीते 75 वर्षों में यह मंदिर केवल पुनर्निर्माण का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास और अटूट आस्था का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अध्यक्ष होने के नाते भी इस विरासत को संजोकर रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। आज सोमनाथ मंदिर भव्य वास्तुकला, आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय संगम है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि देश की आत्मा से जुड़ा एक जीवंत तीर्थ है, जो हर दिन लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों को विश्वविख्यात कर हिंदू धर्म को प्रखर प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने विकास भी विरासत भी के मूल मंत्र से प्रेरित होकर सोमनाथ से काशी, कामाख्या से केदारनाथ, अयोध्या से उज्जैन तक आध्यात्मिक केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है। साथ ही, उनकी पारंपरिक पहचान को भी बरकरार रखा है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व ने हिंदू धर्म को पुनर्जीवित किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस अदभुत धार्मिक शक्ति के दर्शन मात्र से ही आपको अविस्मरणीय अनुभूति होगी। – लेखक नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा

नायब सिंह सैनी का कुरुक्षेत्र में बड़ा बयान: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को बताया प्राथमिकता, विपक्ष पर हमला

कुरुक्षेत्र. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुवि में आयोजित सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र विषय पर आयोजित सेमिनार में संबोधित करते हुए कहा की यह विषय महत्वपूर्ण है। नारी सशक्त होगी तो ही समाज सशक्त बनेगा। इसी धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने सर्व मानवजाति के लिए ज्ञान का कर्म का संदेश दिया था। महाभारत का कारण भी एक नारी का अपमान बना था। यह पावन भूमि हमें संदेश देती है जब न्याय की बात हो तो मौन नहीं बैठना चाहिए, निर्णय लेना जरूरी है। आज नारी सशक्तीकरण के लिए आवाज उठाना जरूरी है। संसद में महिलाओं के अधिकारों को कूचलने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले गुजरात को मॉडल बनाया। अब भारत का मान सम्मान पूरी दुनिया में गूंज रहा है। विकसित भारत के लिय भी 4 स्तंभों पर काम करने की बात कही थी । इसमे सबसे पहले महिला उसके बाद किसान और तीसरा युवाओं को रखा था। हरियाणा से शुरू हुआ था बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान चौथा गरीब को मजबूत करने की बात कही थी। 2014 में बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान हरियाणा से ही शुरु किया था। आज कई पंचायतों में बेटियों की संख्या ज्यादा है। उन्होने कहा था बेटियां किसी पर निर्भर नहीं, वह आत्मनिर्भर हैं। आज हर क्षेत्र में बेटियां आगे हैं। सेना में, चिकित्सा क्षेत्र में, न्याय के क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने जब नौकरी में सिफारिश को बंद किया तो आज योग्यता के दम पर महिला शक्ति आगे आ रही है। हर 20 किलोमीटर पर बेटियों को एक राजकीय महाविद्यालय बनाया गया है। हमने एक दिन का विशेष सत्र बुलाया था की संसद में विपक्ष ने इसे पास नहीं होने दिया था। इसी को लेकर हमने सत्र बुलाया, लेकिन विपक्ष आया ही नहीं बाहर ही बैठ गए।

हरियाणा निकाय चुनाव: सीएम नायब सैनी ने सोनीपत में गिनाई उपलब्धियां, कांग्रेस पर साधा निशाना

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी निकाय चुनावों की सरगर्मियों के बीच सोनीपत पहुंचे। आज उन्होंने सोनीपत के वॉर्ड नंबर 8 से अपने दौरे की शुरुआत की और पहले गांव राई में जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज सोनीपत में करीब दो दर्जन छोटी-छोटी जनसभाएं करेंगे। मेयर उम्मीदवार ने करीब 19 कार्यक्रम रखे हैं। मंच से संबोधन में सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि वॉर्ड के पार्षद और मेयर को अपना आशीर्वाद देने का काम जनता करेगी। सीएम सैनी ने गिनाई उपलब्धियां सीएम ने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले विधानसभा चुनाव में 217 संकल्पों में से 63 पूरे कर दिए गए हैं और 163 संकल्पों पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है जिन्हें डबल इंजन की सरकार पूरा करने का काम कर रही है।  कम आय वाले परिवारों को गैस सिलिंडर 500 रुपये में उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी जा रही है। युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के 2 लाख नौकरियां दी गईं। लाडो लक्ष्मी योजना लागू कर दी गई है। कांग्रेस पर बोला हमला नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस की अन्य राज्यों की सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि वहां महिलाओं को कोई सुरक्षा नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली में जो गलती की, वो हरियाणा में भी देखने को मिली। महिलाओं की तरफदारी करने की जगह वे बाहर बैठ गए। सीएम ने जनता से अपील की कि कमल के फूल पर बटन दबाकर मेयर और पार्षदों को जिताएं। वहीं, हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ोली  ने भी बीजेपी के पार्षदों और मेयर को जिताने की लोगों से अपील की।  

Haryana Politics: नायब सिंह सैनी का बड़ा दांव, संकल्प पत्र में पंचकूला के पुराने निवासियों को राहत

पंचकूला. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला में भाजपा के प्रदेश कार्यालय "पंचकमल" के अटल सभागार में नगर निकाय चुनाव के लिए भाजपा के "संकल्प पत्र" (घोषणा पत्र) का विमोचन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, रणबीर गंगवा, विपुल गोयल, राज्यसभा सांसद कार्तिक शर्मा, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, पूर्व मंत्री कँवर पाल ग़ुज्जर, पंचकूला से भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल भी संकल्प पत्र के विमोचन के अवसर पर मंच पर मौजूद रहे। भाजपा के इस विजन डॉक्यूमेंट में शहरी विकास, बेहतर प्रशासन और नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। पंचकूला के लिए जारी घोषणाओं में खड़क मंगोली में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 2100 फ्लैट बनाकर पुनर्वास योजना लागू करने का वादा किया गया है। साथ ही 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की बात कही गयी है। स्वच्छता और जल प्रबंधन के तहत 160 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाएंगे और कचरा प्रबंधन पर 100 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट और आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यातायात सुधार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर फ्लाईओवर और घग्गर नदी पर पुल निर्माण की योजना है। इसके अलावा मॉडल सड़कें और मल्टीलेवल पार्किंग भी बनायी जाएंगी। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज और स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि स्मार्ट लाइब्रेरी और पार्क में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने भाजपा का दामन भी थामा। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही पाटर्ी का घोषणा पत्र जारी कर चुके हैं। कुल मिलाकर, चुनावी मुकाबला अब पूरी तरह रोचक होता नजर आ रहा है। 

कांग्रेस पर बरसे Nayab Singh Saini, बोले—पंचर तर्क देने वाले पार्किंग में ही नजर आते हैं

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा के आज बुलाए गए विशेष सत्र में कांग्रेस ने कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। कांग्रेस विधायकों की बैठक में सदन में शामिल न होने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद पार्टी ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने और 'समांतर सदन' चलाने की घोषणा की है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी के तमाम विधायकों के साथ विधानसभा की मीडिया गैलरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस आज की सदन की कार्यवाही का पूरी तरह से बायकॉट कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार सदन में जिन विषयों को लेकर आ रही है, उनका विधानसभा से कोई लेना-देना नहीं है और यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय हैं। क्रॉस वोटिंग वाले विधायकों की सदन में मौजूदगी कांग्रेस द्वारा बायकॉट के इस फैसले के बीच एक दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। क्रॉस वोटिंग करने वाले तीन कांग्रेस विधायक – रेणु वाला, जरनैल सिंह और शैली चौधरी – विधानसभा सदन में पहुंचे। वे कुछ देर वहां बैठे भी, लेकिन बाद में वापस चले गए। लेकिन फिर दोबारा आकर बैठ गए। सदन में शोक प्रस्ताव और सरकार की प्रतिक्रिया सदन के अंदर कार्यवाही जारी रही, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक प्रस्ताव पेश किया। सदन में यह शोक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। वहीं, कांग्रेस के इस रवैये पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जब देश हित की बात आती है, तो कांग्रेस अक्सर वॉकआउट करके बाहर चली जाती है।" मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर दिए बिना समाज का विकास अधूरा है। उन्होंने हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों में लिंगानुपात के 871 से बढ़कर 923 होने और महिलाओं की खेल में उपलब्धियों का जिक्र किया। साथ ही, 'लखपति दीदी', 'ड्रोन दीदी' योजनाओं और 33 महिला थानों के जरिए महिलाओं को सशक्त करने की बात कही। उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत महिलाओं को 33% आरक्षण मिलना था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के प्रति अपना चेहरा उजागर किया है। आज के विशेष सत्र में भी विपक्ष ने वॉकआउट कर वैसा ही रवैया अपनाया, जैसा केंद्र में है। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। विधानसभा के बाहर पार्किंग में सदन चला रही कांग्रेस हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया है और विधानसभा परिसर की पार्किंग में ही 'समानांतर सदन' शुरू कर दिया है। पूर्व स्पीकर रघुवीर कादियान इस सत्र की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस समानांतर सदन में कांग्रेस विधायक महिला आरक्षण बिल 2023, एसवाईएल (SYL) और नशा जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। सदन की स्पीकर गैलरी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। सरकार पर असंवैधानिक काम का आरोप कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने सरकार पर संसदीय परंपराओं का मजाक बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठा रही है जो केंद्र के अधीन आते हैं। बतरा ने दावा किया कि महिला आरक्षण बिल का गिरना पहले से तय था क्योंकि सरकार के पास बहुमत नहीं था। वहीं, विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि बीजेपी द्वारा लाया जा रहा निंदा प्रस्ताव उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और यह पूरी तरह से असंवैधानिक है, जिसके विरोध में कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार किया है। बिल को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस किसी भी असंवैधानिक काम का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जो बिल 2023 में पास हो चुका है, सरकार उस पर अब क्यों झगड़ा कर रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना जनगणना के संशोधन बिल लाकर इसे 10 साल तक लटकाना चाहती है। हुड्डा ने कहा कि अगर बीजेपी की नीयत ठीक है तो इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। राव नरेंद्र सिंह ने भी तर्क दिया कि अगर बीजेपी चाहे तो मौजूदा 543 विधायकों में से ही आरक्षण देकर कानून लागू कर सकती है, लेकिन उनकी नीयत ठीक नहीं है। महिलाओं का सम्मान और कांग्रेस का इतिहास भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सम्मान कांग्रेस ने किया है। उन्होंने याद दिलाया कि देश की पहली महिला मुख्यमंत्री, महिला स्पीकर और राष्ट्रपति कांग्रेस ने ही बनाईं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सीटों में उलझाने की बजाय उन्हें उनका वाजिब हिस्सा मिलना चाहिए। हुड्डा ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि 1996 में देवगौड़ा सरकार के समय से ही वे बिल पर चर्चाओं का हिस्सा रहे हैं। अन्य राजनीतिक मुद्दों पर कांग्रेस की राय सत्र के दौरान कांग्रेस ने अन्य मुद्दों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जेजेपी को बीजेपी की 'बी-टीम' करार दिया। वहीं, ग्रुप डी के प्रमोशन के मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा कि वे इसके खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर सरकार कौशल रोजगार निगम के जरिए लगे 1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को नियमित करने का बिल लाएगी, तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। अंत में, कांग्रेस ने सदन से निष्कासित विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे बीजेपी के पक्ष में बोलना चाहते हैं, तो उन्हें इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए। कांग्रेस से निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने क्या कहा? कांग्रेस से निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने पार्टी द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े निंदा प्रस्ताव के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस का इस प्रस्ताव का विरोध करना गलत है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि पार्टी ऐसा क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सदन के बाहर चर्चा करने के बजाय अपनी बात सदन के भीतर रखनी चाहिए थी। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्टी को इस बिल का विरोध नहीं करना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि अब वे किस मुंह से महिलाओं से वोट मांगने जाएंगे। जरनैल सिंह ने स्पष्ट किया कि वे 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर आए निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। अपने निलंबन के मुद्दे पर खुलकर बात करते हुए जरनैल … Read more

चुनावी रोड शो, श्रीरामपुर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतरे नायब सैनी और उमड़ा जनसैलाब

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में 'हरियाणा मॉडल' की धमक दिखाई है। मंगलवार को श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के अवसर पर आयोजित एक विशाल रोड शो के दौरान सैनी ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा की भाजपा सरकार ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं से गरीबों के जीवन में बदलाव लाया है, वही बदलाव अब बंगाल की जनता चाहती है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंगाल की गलियों में इस समय परिवर्तन की स्पष्ट लहर है और जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है। ममता सरकार पर योजनाओं को रोकने का आरोप मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते राज्य के गरीबों का हक मारा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी केंद्र की अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं को बंगाल में केवल इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि वे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई थीं। इसका खामियाजा बंगाल की जनता गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के रूप में भुगत रही है। सैनी ने कहा कि लगातार शोषण और अत्याचार से त्रस्त होकर अब लोग इस सरकार से निजात पाना चाहते हैं। हरियाणा की तर्ज पर बंगाल के लिए वादों की झड़ी रोड शो में उमड़े भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए नायब सैनी ने हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गरीब महिलाओं को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है और 'लाडली सुरक्षा योजना' के तहत 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे पात्रों तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में अब तक 27 लाख लोगों ने आयुष्मान योजना के तहत 4000 करोड़ रुपये का स्वास्थ्य लाभ लिया है। मुख्यमंत्री ने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा की तर्ज पर सभी जनहितैषी नीतियां लागू की जाएंगी, जिससे गरीबों को पक्के मकान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। भ्रष्टाचार और पलायन पर कड़ा प्रहार मुख्यमंत्री ने बंगाल की मौजूदा कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर भी कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने घुसपैठियों को संरक्षण देकर राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल से उद्योगों का तेजी से पलायन हुआ है, जिसके कारण यहाँ का युवा दूसरे राज्यों में भटकने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भय के माहौल ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है। केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और अब विकसित भारत के साथ विकसित बंगाल का संकल्प पूरा करने का समय आ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को छत मिल रही है और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। श्रीरामपुर में मुख्यमंत्री के इस रोड शो ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।

वसंत उत्सव से झलकती है सामाजिक समरसता और संस्कृति की विरासत: नायब सिंह सैनी

चंडीगढ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का शुभारंभ किया। 37 वर्षों में पहली बार इस उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया जा रहा है। इसके साथ ही, रखरखाव के लिए साल भर से बंद एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन भी जनता के लिए खोला गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम में पंहुचने पर परंपरागत पगड़ी बांध कर व ढोल नगाड़ो और वाद्ययंत्रों से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वसंत उत्सव में फूलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेस फ्लावर सैक्शन में फूलों की विभिन्न किस्मों में गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया। इस आयोजन ने पंचकूला की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है कार्यक्रम को मुख्यतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। यह उत्सव पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचकूला हरियाणा का एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर है। यह नगर प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित विकास का अद्भुत उदाहरण है। यहां आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम दिखाई देता है और आज के इस आयोजन ने इस शहर की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है। वसंत उत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं से बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता विकसित होगी उन्होंने कहा कि इस उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए पुष्प सज्जा, कट फ्लावर, रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला, पॉट पेंटिंग, फेस पेंटिंग और टैटू प्रतियोगिता, पर्यावरण क्विज, मेहंदी प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इन सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी बधाई दी और कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा बल्कि बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता भी विकसित होगी। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का ऐसा देश है, जहां प्रकृति ने हमें अनेक ऋतुओं का वरदान दिया है। हर ऋतु अपने साथ एक नई अनुभूति और नई ऊर्जा लेकर आती है। हमारे देश की संस्कृति भी ऋतुओं के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। इसलिए हर ऋतु के आगमन पर कोई न कोई पर्व या उत्सव मनाया जाता है। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। यह उत्सव हमें सिखाता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और सकारात्मक परिवर्तन ही प्रगति की ओर ले जाता है। प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन का प्रावधान पर्यावरण से जुड़े विषयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल प्रकृति के संरक्षण से ही संभव है। हरियाणा सरकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रावधान किया हुआ है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान करके उनके अभिरक्षकों को 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि पेंशन के रूप में दी गई है। इनके अलावा 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की पहचान की गई है। प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में ’ऑक्सीवन’ विकसित करने की पहल भी शुरू की है। अब तक प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं। इसके तहत 5 से 100 एकड़ भूमि पर पेड़ लगाए जाते हैं। पंचकूला के बीड़ घग्गर तथा करनाल में पुरानी बादशाही नहर पर ऑक्सीवन का कार्य प्रगति पर है। इसमें अनेक दुर्लभ और औषधीय गुणों वाले पेड़ लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा। हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से जोड़ रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से भी जोड़ रही है। इसी दिशा में गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यह परियोजना न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधान वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृक्ष आवरण बढ़ाने और प्लाईवुड उद्योगों को और समर्थन देने के लिए हरियाणा राज्य एग्रो फोरेस्ट्री पॉलिसी लागू की जाएगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पंचायत भूमि और सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधा रोपण अभियान चलाया जाएगा और पवित्र उपवन संरक्षण के लिए सभी पवित्र उपवन को अधिसूचित किया जाएगा। इसके अलावा गांव हसनपुर, करनाल में वन विभाग की 100 एकड़ भूमि में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से एक डियर पार्क बनाया जाएगा।  

विकास और पर्यटन पर फोकस: पिजौंर, खरखौदा व मानेसर में बनेंगे वेडिंग डेस्टिनेशन, बोले नायब सिंह सैनी

सोनीपत बजट को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कल पेश किए गए बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट में महिलाओं का ध्यान रखा गया है। युवाओं, किसानों और गरीबों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकसित हरियाणा गति से आगे बढ़ेगा। यह पीएम मोदी के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है। पीएम मोदी के विकसित भारत के संकल्प को हरियाणा सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक शब्द कहा था। उन्होंने कहा कि भारत से बड़ी संख्या में लोग शादियों के लिए विदेश जाते हैं। यहां के विवाह स्थलों में ऐसी सुविधाएं होनी चाहिए कि हमारे लोगों को विदेश जाने की जरूरत ही न पड़े, उन्हें ये सुविधाएं यहीं मिल जाएं। उन्होंने कहा कि कल बजट में मैंने प्रावधान किया कि हम पिजौंर, खरखौदा और मानेसर के पास तीन वेडिंग डेस्टिनेशन खड़े करेंगे जिससे विदेश के लोग यहां शादी करने आएं और हमारे लोग बाहर न जाएं वो व्यवस्था हम लोग खड़ी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 2.23 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस बार हरियाणा सरकार के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट पेश करते हुए सोमवार को 'हरियाणा एग्री डिस्कॉम' नाम की एक तीसरी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बनाने की घोषणा की, जो खासतौर पर किसान समुदाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए होगी। वित्त विभाग भी संभाल रहे मुख्यमंत्री सैनी ने अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कहा कि राजकोषीय घाटा 40,293.17 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.65 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राजस्व घाटा जीडीपी का 0.87 प्रतिशत और प्रभावी राजस्व घाटा 0.41 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पूंजीगत व्यय जीडीपी का 1.86 प्रतिशत और प्रभावी पूंजीगत व्यय 2.32 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

‘पहले बजट समझ लें, फिर बोलें’ – कांग्रेस पर नायब सिंह सैनी का करारा वार

हरियाणा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास, युवाओं के लिए नए अवसर, महिला सशक्तीकरण और गरीबों के कल्याण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उनके अनुसार, यह बजट हरियाणा के लिए भी कई नई संभावनाएं और लाभ लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट किए जाने पर भी आभार जताया।  उन्होंने कहा कि यह फैसला देशभर के अनगिनत लोगों के लिए गर्व का विषय है और इससे महान संत गुरु रविदास महाराज के विचारों और योगदान को सम्मान मिलेगा। नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि हाल ही में अयोध्या धाम, जो भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है, वहां बने एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि पर रखा गया है। इसके साथ ही हरियाणा के हिसार में बने एयरपोर्ट को महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से आने वाली पीढ़ियों को इन महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं और विरासत से परिचित होने का अवसर मिलेगा। बजट को लेकर कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा को जो इस बार दिया है, वह कांग्रेस के लिए सपने से भी परे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 साल तक सत्ता में रही, लेकिन आज जो काम मोदी सरकार कर रही है, उसकी तुलना करना भी आसान नहीं है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री हरियाणा के लोगों से विशेष प्रेम रखते हैं और उनके नेतृत्व में ही हरियाणा एक विकसित राज्य बनेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बजट का सबसे ज्यादा फायदा हरियाणा के किसानों और युवाओं को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बजट समझ में ही नहीं आया है और तंज कसते हुए सुझाव दिया कि कांग्रेस नेताओं को बजट समझने के लिए 'काउंसलिंग' लेनी चाहिए और पूरी तरह समझने के बाद ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए। नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी अंदरूनी गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पूरे बजट भाषण खत्म होने से पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट कर दी।