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झज्जर में विकास को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री सैनी ने करोड़ों की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

झज्जर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने भारत माता के अमर सपूत और महान योद्धा महाराणा प्रताप जी की जयंती के पावन अवसर पर उनके नाम पर स्थापित महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के अति आधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र सहित कुल 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन सभी परियोजनाओं पर कुल 75 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत आई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यंत प्रेरणादायक, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है। शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन हमें सिखाता है कि संसाधनों की कमी कभी भी संकल्प की शक्ति को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं इस इलाके में कृषि एवं बागवानी विकास के साथ-साथ शिक्षा और जन सुविधाओं के एक नए अध्याय का शुभारंभ करेंगी। बागवानी और अनुसंधान क्षेत्र में बड़े कदम मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 9 दिसंबर 2024 को महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के मुख्य कैंपस का शिलान्यास किया गया था। इसी विश्वविद्यालय द्वारा अब झज्जर के रइया में लगभग 100 एकड़ भूमि पर 13 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से आधुनिक अनुसंधान केंद्र शुरू किया गया है। यह केंद्र झज्जर के साथ-साथ पूरे हरियाणा के किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इस केंद्र में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहाँ फल, सब्जी और पुष्प फसलों की उन्नत किस्मों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले इस विश्वविद्यालय द्वारा जींद, अंबाला, सोनीपत और करनाल में बागवानी अनुसंधान केंद्र खोले जा चुके हैं, जबकि चरखी दादरी में अनुसंधान केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, आज मुनीमपुर में पुष्प उत्पादन एवं बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। कृषि विविधीकरण और प्राकृतिक खेती पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समय की मांग है कि हम हरित क्रांति से आगे बढ़कर 'वैल्यू क्रांति' और 'हॉर्टिकल्चर क्रांति' की ओर कदम बढ़ाएं। हमारी डबल इंजन सरकार कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम कर रही है। पिछले साढ़े 11 वर्षों में प्रदेश के भीतर बागवानी क्षेत्र का उल्लेखनीय विस्तार किया गया है और इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य में इजराइल तकनीक पर आधारित 14 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। आज प्रदेश के किसान सब्जी व फल उत्पादन, मधुमक्खी पालन और फूलों की खेती में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक 'एग्री बिजनेस' बन चुकी है। हमें कृषि चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सामूहिक प्रयासों से करना होगा, और यह अनुसंधान केंद्र उसी संकल्प का प्रतीक है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र में 2000 एकड़ के क्लस्टर पर 'स्मार्ट एग्रीकल्चर' के नाम से प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी। इसके साथ ही मोरनी ब्लॉक को भी प्राकृतिक व जैविक ब्लॉक के रूप में विकसित किया जा रहा है। बादली विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़े ऐलान स्वास्थ्य व खेल: बादली उपमंडल में 50 बेड के अस्पताल का निर्माण करवाया जाएगा। वहीं, भिंडावास स्टेडियम को 'आदर्श स्टेडियम' का दर्जा दिया जाएगा, जहाँ चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। सड़कें और बुनियादी ढांचा: बादली विधानसभा क्षेत्र में 70 किलोमीटर लंबी 31 सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों का भी कायाकल्प होगा। माछरौली में बीडीपीओ भवन का निर्माण करवाया जाएगा। महाग्राम योजना और विकास ग्रांट: महाग्राम योजना के तहत बादली गांव में 50 करोड़ रुपए की लागत से सीवर लाइन और 13 करोड़ रुपए की लागत से पेयजल आपूर्ति का कार्य करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने बादली गांव के विकास कार्यों के लिए अलग से 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।  

नायब सिंह सैनी बोले- गुरु अमर दास जी ने समाज को दिया समानता और मानवता का अमूल्य संदेश

अमृतसर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  पंजाब के लुधियाना स्थित अमरपुरा चौक पर श्री गुरु अमर दास जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित 9वें विशाल नगर कीर्तन में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन को 5 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गुरु अमर दास सेवा सोसायटी, श्री सुखमनी सेवा सोसायटी और गुरु अमर दास गुरुद्वारा एवं धर्मशाला चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु जी का ‘पहले पंगत, पीछे संगत’ का संदेश सामाजिक क्रांति का आधार था। गुरु जी ने जात-पात, ऊंच-नीच, सती प्रथा और पर्दा प्रथा का कड़ा विरोध किया। मुख्यमंत्री ने आनंद साहिब की वाणी का जिक्र करते हुए इसे आत्मिक शांति का मार्ग बताया। विरासत सर्किट और वीर बाल दिवस सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हो रहा है। विरासत सर्किट में श्री आनंदपुर साहिब, श्री फतेहगढ़ साहिब, श्री चमकौर साहिब, फिरोजपुर, अमृतसर, खटकड़ कलां, कलानौर और पटियाला शामिल किए गए हैं। ज्योतिसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि, करतारपुर साहिब कॉरिडोर और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह की स्मृति में 'वीर बाल दिवस' ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने बताया कि 1984 दंगों के 121 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नियुक्ति पत्र सौंपे। गुरुओं की स्मृति में ऐतिहासिक कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर के कलेसर में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वन विकसित करने के अलावा सिरसा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चिल्ला साहिब को 9 एकड़ भूमि हस्तांतरित की गई है। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर चेयर स्थापित हुई है। अंबाला के पॉलिटेक्निक और यमुनानगर के मेडिकल कॉलेज का नाम भी गुरु जी पर रखा गया है। इसके अलावा असंध में बाबा फतेह सिंह जी, लाखन माजरा में माता गुजरी जी और यमुनानगर के लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर का स्मारक बन रहा है। स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब, श्री ननकाना साहिब, श्री हेमकुंड साहिब और श्री पटना साहिब की यात्रा के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। कुरुक्षेत्र और सिरसा से नांदेड़ के लिए निशुल्क ट्रेनें चलाई गई हैं। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, चेयरमैन गुरदीप सिंह नीटू व अमरजीत सिंह सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मजाक से सिनेमा हॉल चला सकते हैं, सरकार नहीं', हरियाणा CM नायब सिंह सैनी पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  मुख्यमंत्रीमान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मजाक करने के अलावा कुछ नहीं जानते। उन्होंने कहा कि मजाक सिनेमा हॉल चला सकते हैं, लेकिन वे सरकारें नहीं चला सकते। पंजाब के लोग अब झूठे वादों और खोखले आश्वासनों की राजनीति से थक चुके हैं और विकास, अच्छे शासन और पारदर्शी प्रशासन का एक नया रास्ता चुनने के लिए तैयार हैं। आम आदमी पार्टी पर बोला हमला सीएम सैनी पंजाब के धुरी में थे। उन्होंने यहां कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता खुद को क्रांतिकारी बताते हैं, लेकिन असल में वे अपनी कमियों को छिपाने की कोशिश में दूसरों के काम और उपलब्धियों के बारे में जनता को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि धुरी मुख्यमंत्री का अपना चुनाव क्षेत्र है, फिर भी उन्होंने न केवल पंजाब से, बल्कि धुरी से भी खुद को दूर कर लिया है। पंजाब कभी डेवलपमेंट के मामले में कई राज्यों से बहुत आगे था, लेकिन अपने फायदे के लिए पॉलिटिकल पार्टियों ने इसे पिछड़े राज्यों की कैटेगरी में धकेल दिया है। आज पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सिर्फ अखबारों के विज्ञापन के जरिए लड़ी जा रही है, जबकि जमीन पर कुछ खास नहीं हो रहा है। देश के अन्नदाता हैं पंजाब के किसान सीएम सैनी ने कहा कि पंजाब के किसान देश के अन्नदाता हैं। इन किसानों ने आम आदमी पार्टी पर भरोसा करके 2022 में उसे वोट दिया, लेकिन न तो सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का फायदा मिला है और न ही किसानों को फसल नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ सबसे बड़ा धोखा बताया और कहा कि वे आने वाले चुनावों में इसका जवाब देंगे। इसके उलट, हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सरकार किसानों की सभी फसलें एमएसपी पर खरीदती है। इसी तरह, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का मुआवजा देने में भी हरियाणा बहुत आगे है। हरियाणा ने किसानों को 16,500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी उन्होंने कहा कि पिछले साल बारिश और बाढ़ से फसल खराब होने के बाद हरियाणा ने किसानों को 16,500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी थी। मंडियों में अपनी उपज लाने वाले किसानों को तुरंत ऑनलाइन जे-फॉर्म मिल जाते हैं और पेमेंट 72 घंटों के अंदर उनके अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने हाल ही में खुद को कांग्रेस से आजाद किया है, क्योंकि आप ने लोगों के सामने बड़े-बड़े वादे किए थे और अच्छी-अच्छी तस्वीरें दिखाई थीं। भोले-भाले लोगों ने उन वादों पर भरोसा किया, और पंजाब आज भी इसका नतीजा भुगत रहा है। इसके उलट, भारतीय जनता पार्टी सिर्फ वादे करने में नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करने में यकीन रखती है। पीएम मोदी के विकास के कामों का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए विकास के कामों का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के पिछड़े तबकों की भलाई के लिए कई ऐतिहासिक स्कीमें शुरू की हैं, जिनसे देश भर में लाखों लोगों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि धुरी जैसे तरक्की पसंद शहर कभी आर्थिक गतिविधियों के सेंटर थे, लेकिन मौजूदा सरकार की बेपरवाह नीतियों ने उन्हें विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया है। पंजाब में कई इंडस्ट्री बंद होने की कगार पर हैं। इसके उलट, हरियाणा में डबल-इंजन सरकार ने पिछले साढ़े 11 सालों में लोगों की जिंदगी में अच्छे बदलाव लाए हैं। सीएम सैनी ने कहा कि पारदर्शी शासन के जरिए, कल्याणकारी योजनाओं … Read more

हरित क्रांति के बाद अब एग्री-बिजनेस क्रांति की बारी, हरियाणा करेगा देश का नेतृत्व: सीएम सैनी

हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का अब नेतृत्व करेगा हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री ने 2,738 करोड़ रुपये की सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का किया शुभारंभ, हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की रखी आधारशिला हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे, बागवानी के किसान होंगे मालामाल जापान के कोची विश्वविद्यालय से हरियाणा के किसानों को मिलेगी अनुसंधान की विश्वस्तरीय तकनीक विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण चंडीगढ़, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में किसान, युवा, महिलाएं और आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हरियाणा को बागवानी, एग्री-बिजनेस, कोल्ड चेन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 2,738 करोड़ रुपये की लागत से जाईका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि हरियाणा की कृषि व्यवस्था को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ इस दौरान प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। दोनों ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया, साथ ही बागवानी विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीआईसीए के मुख्य प्रतिनिधि टाकेची टकूरो, फर्स्ट सेकेरट्री फूड एंड एग्रीकल्चर टाकेहिको हयासे तथा ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीश्नर ऐलबा स्मीरिग्लयो मौजूद थे। तीनों ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार द्वारा किसान हित में उठाये गये कदमों की तारीफ की। उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन केवल दो परियोजनाओं के शुभारंभ का नहीं, बल्कि हरियाणा के कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नई दिशा तय करने का दिन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा एक बार फिर देश को नई राह दिखाएगा और हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का नेतृत्व भी करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश को हरित क्रांति दी थी, लेकिन बदलती जलवायु, गिरते भूजल स्तर, बढ़ती कृषि लागत और छोटी जोत जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब कृषि क्षेत्र में नए विकल्प अपनाने की आवश्यकता है। बागवानी, फल, सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे, फूल, मशरूम और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में किसानों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में जलभराव एवं सेम की समस्या के समाधान के लिए बायोड्रेनेज तकनीक का उपयोग करते हुए इस वर्ष 1,000 हेक्टेयर जलभराव प्रभावित भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे भूमि पुनः कृषि योग्य बन सकेगी। इसके साथ ही भूमिगत जल संरक्षण के लिए शिवालिक एवं अरावली क्षेत्रों में 25 नए जल भंडारण बांध बनाए जाएंगे तथा 25 पुराने बांधों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में फलों और सब्जियों का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खेत से बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। इस चुनौती का समाधान सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, 500 उत्पादक समूहों को संगठित एवं सशक्त बनाया जाएगा, 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर तथा 44 रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा तथा 65,000 एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना खेत से बाजार तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी तथा आधुनिक कोल्ड चेन नेटवर्क किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगा। परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली, मिट्टी एवं जल विश्लेषण, डिजिटल कृषि सलाह, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स, भू-स्थानिक तकनीक, ई-मार्केटिंग और आधुनिक पैकेजिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल तथा जापान के कोची विश्वविद्यालय के बीच ज्ञान एवं अनुसंधान के आदान-प्रदान से किसानों को विश्वस्तरीय तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा व्यवसाय बन चुकी है, जिसमें ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसी तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नौकरी देने वाले बने युवां उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नौकरी मांगने के बजाय एग्री-बिजनेस, कृषि प्रसंस्करण, खाद्य उद्योग और निर्यात आधारित उद्यमों के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बागवानी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर किसानों, एफपीओ, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और कृषि विशेषज्ञों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे 3 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में 75 प्रतिशत से अधिक सुधार होगा तथा कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी आएगी। जीएपी, जीएमपी, जीएचपी तथा एचएसीसीपी जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर कृषि निर्यात को भी नई गति मिलेगी। जापान और भारत के संबंधों का किया जिक्र मुख्यमंत्री ने भारत-जापान संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध सदियों पुराने हैं। हरियाणा में वर्तमान में 394 जापानी उद्योग एवं 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं, जो दोनों देशों की मजबूत मित्रता का प्रमाण हैं। उन्होंने जापान सरकार और जीआईसीए का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।  पर्यावरण दिवस को लेकर दिया विशेष … Read more

नायब सैनी का बड़ा फैसला, महिला सशक्तीकरण सूचकांक से बढ़ेगी सुविधाओं की निगरानी

चंडीगढ़  हरियाणा के सभी जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और उनके बच्चों के लिए क्रेच सेंटर बनाए जाएंगे। जिलावार महिला सशक्तीकरण सूचकांक बनाया जाएगा ताकि पता लग सके कि किस जिले में महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। हर बच्चा अपनी आयु के अनुरूप शारीरिक व मानसिक माइलस्टोन कवर कर रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए विविध गतिविधियां शुरू कराई जाएंगी। हर आयु वर्ग के बच्चों के लिए बेबी शो तथा स्वास्थ्य प्रतियोगिता शुरू करवाई जाएंगी जिनके विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। समाज, परिवार व सरकार के प्रतिनिधियों को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की जन्मदर बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता की विशेष कार्ययोजना तैयार करे। लिंगानुपात की दर को राष्ट्रीय औसत 933 से अधिक करने के लक्ष्य पूर्ति के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने महिलाओं व बच्चों के लिए अनीमिया जांच का लक्ष्य बढ़ाने तथा जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट्स उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। साथ ही तीन साल तक के बच्चों व स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को विशेष पोषण सामग्री प्रदान करने के संबंध में भी हिदायतें दीं। आंगनबाड़ी वर्कर्स व सहायकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने बताया कि इस समय प्रदेश में 25 हजार 962 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कार्यरत आंगनबाड़ी वर्कर्स व सहायक को महिलाओं व बच्चों से संबंधित कई प्रकार का विवरण ऑनलाइन करना होता है। इसलिए इनकी योग्यता को बढ़ाने तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

नायब सिंह सैनी ने शुरू की नई डिजिटल सुविधा, किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत

 चंडीगढ़  हरियाणा में अब भवनों के निर्माण के लिए नक्शों की अनुमति ऑनलाइन तरीके से मिलेगी। इसके अलावा, किसानों को उनके वाट्सएप पर जे-फार्म भेजे जाएंगे, जिनके आधार पर वे 72 घंटे के भीतर अपनी फसल की पेमेंट प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को इन दोनों योजनाओं की शुरुआत की। हरियाणा सरकार ने 25 अप्रैल को चालू रबी खरीद सीजन के दौरान एमएसपी पर बेची गई गेहूं, सरसों व चना की फसलों के जे-फार्म किसानों के वाट्सएप पर भेजने की घोषणा की थी। छह मई तक 5 लाख 78 हजार किसानों द्वारा अपनी उपज मंडियों में बेची गई। इन किसानों को 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किए गए हैं। यह सुविधा प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है। अब किसानों को अपना जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पडे़गा। आसानी से मिलेगा अप्रूवल हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफार्म काम करेगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को घर बैठे ही प्लाट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी बिना किसी देरी के आसानी से मिल सकेंगी। पहले चरण में, पुरानी नगर पालिकाओं या कोर क्षेत्रों में प्लांड रिहायशी प्लाटों की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की गई है। इस सिस्टम से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और काम की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्लेटफार्म की शुरुआत करते हुए कहा कि अब आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी व सरल बनेगी। नया सिस्टम लागू होने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने जानकारी दी कि जे-फार्म किसानों को वाट्सएप पर भेजकर योजना की शुरुआत की जा चुकी है। भविष्य में फसल की बिक्री के बाद समस्त जे-फार्म किसानों को उनके वाट्सएप नंबर पर ही मिलेंगे। किसानों की कितने हुई आवक? मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश में एक अप्रैल से सात मई तक 84 लाख 18 हजार टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 83 लाख 75 हजार टन गेहूं की बिक्री हेतु किसानों का बाायोमीट्रिक सत्यापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख 55 हजार टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। एक सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाायोमीट्रिक सत्यापन के लिए किसानों को कोई परेशान नहीं थी, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं को ज्यादा दिक्कत थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग, शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीन आत्रे शामिल रहे।

सोमनाथ मंदिर को बताया भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक, सीएम सैनी का विचार

 चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 ज्योतिर्लिंग की चर्चा करते हुए भारत सरकार द्वारा 11 मई को बनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर प्रकाश डाला है, नायब सैनी के विचार कुछ इस प्रकार है… हमारे देश में अनेक ऐसे पूजनीय स्थल हैं, जो हमारी आस्था और संस्कृति को मजबूत बनाते हैं। गुजरात स्थित श्री सोमनाथ मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि यह भारत के आध्यात्मिक संकल्प का जीवंत प्रतीक है। भगवान शिव के 12 आदि ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखने वाला सोमनाथ मंदिर, भारत के पवित्र भूगोल में एक विशिष्ट स्थान रखता है। यह प्रत्येक भारतीय के जीवन में रचा-बसा हुआ है, जिसके बिना वह अपने अस्तित्व की कल्पना नहीं कर सकता। भारत सरकार 11 मई तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रही है, जो सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद भी मंदिर के शाश्वत और अविनाशी होने का पर्व है। हरियाणा सरकार इस पर्व को उसी भव्यता, आध्यात्म और उत्साह से मनाएगी, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। इस मंदिर ने सदियों तक आक्रमण और पुनर्निर्माण का अद्वितीय इतिहास देखा है। वर्ष 1026 में हुए आक्रमण के बाद भी हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ, जो भारतीय समाज की अटूट आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है। स्वतंत्रता के पश्चात सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और 11 मई 1951 को इसका प्राण-प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न हुआ। इस पर्व को मनाने का यही मूल उद्देश्य है कि कितने ही उतार-चढ़ाव आए, परंतु सोमनाथ हमारी अटूट आस्था का प्रतीक बना रहा और बना रहेगा। यह भारतीय जन मानस के हृदय में वास करता है। यह पर्व उन असंख्य महान विभूतियों को स्मरण करने का भी है, जो सोमनाथ मंदिर पर क्रूर हमलों के बावजूद उनके सम्मुख डटकर खड़े रहे। 1940 के दशक में स्वतंत्रता की भावना पूरे भारत में फैल रही थी, सरदार पटेल जैसे महान नेताओं के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत की नींव रखी जा रही थी। ऐसे में उन्हें सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा व्यथित कर रही थी। 13 नवंबर 1947 को दीपावली के समय सरदार पटेल ने सोमनाथ के जर्जर अवशेषों के सामने खड़े होकर समुद्र का जल हाथ में लेकर संकल्प लिया था कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण होगा। उनके आह्वान ने सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष को नये उत्साह से भर दिया। दुर्भाग्यवश सरदार पटेल अपने उस सपने को साकार होते नहीं देख सके, जिसके लिए उन्होंने स्वयं को समर्पित कर दिया था। इससे पहले कि जीर्णोद्धार के बाद सोमनाथ मंदिर भक्तों के लिए खुलता, उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पावन अवसर पर सोमनाथ के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की है, क्योंकि बीते 75 वर्षों में यह मंदिर केवल पुनर्निर्माण का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास और अटूट आस्था का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अध्यक्ष होने के नाते भी इस विरासत को संजोकर रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। आज सोमनाथ मंदिर भव्य वास्तुकला, आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय संगम है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि देश की आत्मा से जुड़ा एक जीवंत तीर्थ है, जो हर दिन लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों को विश्वविख्यात कर हिंदू धर्म को प्रखर प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने विकास भी विरासत भी के मूल मंत्र से प्रेरित होकर सोमनाथ से काशी, कामाख्या से केदारनाथ, अयोध्या से उज्जैन तक आध्यात्मिक केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है। साथ ही, उनकी पारंपरिक पहचान को भी बरकरार रखा है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व ने हिंदू धर्म को पुनर्जीवित किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस अदभुत धार्मिक शक्ति के दर्शन मात्र से ही आपको अविस्मरणीय अनुभूति होगी। – लेखक नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा

नायब सिंह सैनी का कुरुक्षेत्र में बड़ा बयान: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को बताया प्राथमिकता, विपक्ष पर हमला

कुरुक्षेत्र. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुवि में आयोजित सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र विषय पर आयोजित सेमिनार में संबोधित करते हुए कहा की यह विषय महत्वपूर्ण है। नारी सशक्त होगी तो ही समाज सशक्त बनेगा। इसी धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने सर्व मानवजाति के लिए ज्ञान का कर्म का संदेश दिया था। महाभारत का कारण भी एक नारी का अपमान बना था। यह पावन भूमि हमें संदेश देती है जब न्याय की बात हो तो मौन नहीं बैठना चाहिए, निर्णय लेना जरूरी है। आज नारी सशक्तीकरण के लिए आवाज उठाना जरूरी है। संसद में महिलाओं के अधिकारों को कूचलने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले गुजरात को मॉडल बनाया। अब भारत का मान सम्मान पूरी दुनिया में गूंज रहा है। विकसित भारत के लिय भी 4 स्तंभों पर काम करने की बात कही थी । इसमे सबसे पहले महिला उसके बाद किसान और तीसरा युवाओं को रखा था। हरियाणा से शुरू हुआ था बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान चौथा गरीब को मजबूत करने की बात कही थी। 2014 में बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान हरियाणा से ही शुरु किया था। आज कई पंचायतों में बेटियों की संख्या ज्यादा है। उन्होने कहा था बेटियां किसी पर निर्भर नहीं, वह आत्मनिर्भर हैं। आज हर क्षेत्र में बेटियां आगे हैं। सेना में, चिकित्सा क्षेत्र में, न्याय के क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने जब नौकरी में सिफारिश को बंद किया तो आज योग्यता के दम पर महिला शक्ति आगे आ रही है। हर 20 किलोमीटर पर बेटियों को एक राजकीय महाविद्यालय बनाया गया है। हमने एक दिन का विशेष सत्र बुलाया था की संसद में विपक्ष ने इसे पास नहीं होने दिया था। इसी को लेकर हमने सत्र बुलाया, लेकिन विपक्ष आया ही नहीं बाहर ही बैठ गए।

हरियाणा निकाय चुनाव: सीएम नायब सैनी ने सोनीपत में गिनाई उपलब्धियां, कांग्रेस पर साधा निशाना

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी निकाय चुनावों की सरगर्मियों के बीच सोनीपत पहुंचे। आज उन्होंने सोनीपत के वॉर्ड नंबर 8 से अपने दौरे की शुरुआत की और पहले गांव राई में जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज सोनीपत में करीब दो दर्जन छोटी-छोटी जनसभाएं करेंगे। मेयर उम्मीदवार ने करीब 19 कार्यक्रम रखे हैं। मंच से संबोधन में सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि वॉर्ड के पार्षद और मेयर को अपना आशीर्वाद देने का काम जनता करेगी। सीएम सैनी ने गिनाई उपलब्धियां सीएम ने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले विधानसभा चुनाव में 217 संकल्पों में से 63 पूरे कर दिए गए हैं और 163 संकल्पों पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है जिन्हें डबल इंजन की सरकार पूरा करने का काम कर रही है।  कम आय वाले परिवारों को गैस सिलिंडर 500 रुपये में उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी जा रही है। युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के 2 लाख नौकरियां दी गईं। लाडो लक्ष्मी योजना लागू कर दी गई है। कांग्रेस पर बोला हमला नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस की अन्य राज्यों की सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि वहां महिलाओं को कोई सुरक्षा नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली में जो गलती की, वो हरियाणा में भी देखने को मिली। महिलाओं की तरफदारी करने की जगह वे बाहर बैठ गए। सीएम ने जनता से अपील की कि कमल के फूल पर बटन दबाकर मेयर और पार्षदों को जिताएं। वहीं, हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ोली  ने भी बीजेपी के पार्षदों और मेयर को जिताने की लोगों से अपील की।  

Haryana Politics: नायब सिंह सैनी का बड़ा दांव, संकल्प पत्र में पंचकूला के पुराने निवासियों को राहत

पंचकूला. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला में भाजपा के प्रदेश कार्यालय "पंचकमल" के अटल सभागार में नगर निकाय चुनाव के लिए भाजपा के "संकल्प पत्र" (घोषणा पत्र) का विमोचन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, रणबीर गंगवा, विपुल गोयल, राज्यसभा सांसद कार्तिक शर्मा, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, पूर्व मंत्री कँवर पाल ग़ुज्जर, पंचकूला से भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल भी संकल्प पत्र के विमोचन के अवसर पर मंच पर मौजूद रहे। भाजपा के इस विजन डॉक्यूमेंट में शहरी विकास, बेहतर प्रशासन और नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। पंचकूला के लिए जारी घोषणाओं में खड़क मंगोली में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 2100 फ्लैट बनाकर पुनर्वास योजना लागू करने का वादा किया गया है। साथ ही 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की बात कही गयी है। स्वच्छता और जल प्रबंधन के तहत 160 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाएंगे और कचरा प्रबंधन पर 100 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट और आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यातायात सुधार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर फ्लाईओवर और घग्गर नदी पर पुल निर्माण की योजना है। इसके अलावा मॉडल सड़कें और मल्टीलेवल पार्किंग भी बनायी जाएंगी। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज और स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि स्मार्ट लाइब्रेरी और पार्क में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने भाजपा का दामन भी थामा। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही पाटर्ी का घोषणा पत्र जारी कर चुके हैं। कुल मिलाकर, चुनावी मुकाबला अब पूरी तरह रोचक होता नजर आ रहा है। 

कांग्रेस पर बरसे Nayab Singh Saini, बोले—पंचर तर्क देने वाले पार्किंग में ही नजर आते हैं

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा के आज बुलाए गए विशेष सत्र में कांग्रेस ने कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। कांग्रेस विधायकों की बैठक में सदन में शामिल न होने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद पार्टी ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने और 'समांतर सदन' चलाने की घोषणा की है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी के तमाम विधायकों के साथ विधानसभा की मीडिया गैलरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस आज की सदन की कार्यवाही का पूरी तरह से बायकॉट कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार सदन में जिन विषयों को लेकर आ रही है, उनका विधानसभा से कोई लेना-देना नहीं है और यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय हैं। क्रॉस वोटिंग वाले विधायकों की सदन में मौजूदगी कांग्रेस द्वारा बायकॉट के इस फैसले के बीच एक दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। क्रॉस वोटिंग करने वाले तीन कांग्रेस विधायक – रेणु वाला, जरनैल सिंह और शैली चौधरी – विधानसभा सदन में पहुंचे। वे कुछ देर वहां बैठे भी, लेकिन बाद में वापस चले गए। लेकिन फिर दोबारा आकर बैठ गए। सदन में शोक प्रस्ताव और सरकार की प्रतिक्रिया सदन के अंदर कार्यवाही जारी रही, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक प्रस्ताव पेश किया। सदन में यह शोक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। वहीं, कांग्रेस के इस रवैये पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जब देश हित की बात आती है, तो कांग्रेस अक्सर वॉकआउट करके बाहर चली जाती है।" मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर दिए बिना समाज का विकास अधूरा है। उन्होंने हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों में लिंगानुपात के 871 से बढ़कर 923 होने और महिलाओं की खेल में उपलब्धियों का जिक्र किया। साथ ही, 'लखपति दीदी', 'ड्रोन दीदी' योजनाओं और 33 महिला थानों के जरिए महिलाओं को सशक्त करने की बात कही। उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत महिलाओं को 33% आरक्षण मिलना था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के प्रति अपना चेहरा उजागर किया है। आज के विशेष सत्र में भी विपक्ष ने वॉकआउट कर वैसा ही रवैया अपनाया, जैसा केंद्र में है। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। विधानसभा के बाहर पार्किंग में सदन चला रही कांग्रेस हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया है और विधानसभा परिसर की पार्किंग में ही 'समानांतर सदन' शुरू कर दिया है। पूर्व स्पीकर रघुवीर कादियान इस सत्र की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस समानांतर सदन में कांग्रेस विधायक महिला आरक्षण बिल 2023, एसवाईएल (SYL) और नशा जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। सदन की स्पीकर गैलरी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। सरकार पर असंवैधानिक काम का आरोप कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने सरकार पर संसदीय परंपराओं का मजाक बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठा रही है जो केंद्र के अधीन आते हैं। बतरा ने दावा किया कि महिला आरक्षण बिल का गिरना पहले से तय था क्योंकि सरकार के पास बहुमत नहीं था। वहीं, विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि बीजेपी द्वारा लाया जा रहा निंदा प्रस्ताव उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और यह पूरी तरह से असंवैधानिक है, जिसके विरोध में कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार किया है। बिल को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस किसी भी असंवैधानिक काम का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जो बिल 2023 में पास हो चुका है, सरकार उस पर अब क्यों झगड़ा कर रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना जनगणना के संशोधन बिल लाकर इसे 10 साल तक लटकाना चाहती है। हुड्डा ने कहा कि अगर बीजेपी की नीयत ठीक है तो इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। राव नरेंद्र सिंह ने भी तर्क दिया कि अगर बीजेपी चाहे तो मौजूदा 543 विधायकों में से ही आरक्षण देकर कानून लागू कर सकती है, लेकिन उनकी नीयत ठीक नहीं है। महिलाओं का सम्मान और कांग्रेस का इतिहास भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सम्मान कांग्रेस ने किया है। उन्होंने याद दिलाया कि देश की पहली महिला मुख्यमंत्री, महिला स्पीकर और राष्ट्रपति कांग्रेस ने ही बनाईं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सीटों में उलझाने की बजाय उन्हें उनका वाजिब हिस्सा मिलना चाहिए। हुड्डा ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि 1996 में देवगौड़ा सरकार के समय से ही वे बिल पर चर्चाओं का हिस्सा रहे हैं। अन्य राजनीतिक मुद्दों पर कांग्रेस की राय सत्र के दौरान कांग्रेस ने अन्य मुद्दों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जेजेपी को बीजेपी की 'बी-टीम' करार दिया। वहीं, ग्रुप डी के प्रमोशन के मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा कि वे इसके खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर सरकार कौशल रोजगार निगम के जरिए लगे 1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को नियमित करने का बिल लाएगी, तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। अंत में, कांग्रेस ने सदन से निष्कासित विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे बीजेपी के पक्ष में बोलना चाहते हैं, तो उन्हें इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए। कांग्रेस से निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने क्या कहा? कांग्रेस से निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने पार्टी द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े निंदा प्रस्ताव के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस का इस प्रस्ताव का विरोध करना गलत है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि पार्टी ऐसा क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सदन के बाहर चर्चा करने के बजाय अपनी बात सदन के भीतर रखनी चाहिए थी। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्टी को इस बिल का विरोध नहीं करना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि अब वे किस मुंह से महिलाओं से वोट मांगने जाएंगे। जरनैल सिंह ने स्पष्ट किया कि वे 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर आए निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। अपने निलंबन के मुद्दे पर खुलकर बात करते हुए जरनैल … Read more