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वसंत उत्सव से झलकती है सामाजिक समरसता और संस्कृति की विरासत: नायब सिंह सैनी

चंडीगढ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का शुभारंभ किया। 37 वर्षों में पहली बार इस उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया जा रहा है। इसके साथ ही, रखरखाव के लिए साल भर से बंद एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन भी जनता के लिए खोला गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम में पंहुचने पर परंपरागत पगड़ी बांध कर व ढोल नगाड़ो और वाद्ययंत्रों से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वसंत उत्सव में फूलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेस फ्लावर सैक्शन में फूलों की विभिन्न किस्मों में गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया। इस आयोजन ने पंचकूला की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है कार्यक्रम को मुख्यतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। यह उत्सव पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचकूला हरियाणा का एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर है। यह नगर प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित विकास का अद्भुत उदाहरण है। यहां आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम दिखाई देता है और आज के इस आयोजन ने इस शहर की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है। वसंत उत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं से बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता विकसित होगी उन्होंने कहा कि इस उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए पुष्प सज्जा, कट फ्लावर, रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला, पॉट पेंटिंग, फेस पेंटिंग और टैटू प्रतियोगिता, पर्यावरण क्विज, मेहंदी प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इन सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी बधाई दी और कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा बल्कि बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता भी विकसित होगी। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का ऐसा देश है, जहां प्रकृति ने हमें अनेक ऋतुओं का वरदान दिया है। हर ऋतु अपने साथ एक नई अनुभूति और नई ऊर्जा लेकर आती है। हमारे देश की संस्कृति भी ऋतुओं के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। इसलिए हर ऋतु के आगमन पर कोई न कोई पर्व या उत्सव मनाया जाता है। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। यह उत्सव हमें सिखाता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और सकारात्मक परिवर्तन ही प्रगति की ओर ले जाता है। प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन का प्रावधान पर्यावरण से जुड़े विषयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल प्रकृति के संरक्षण से ही संभव है। हरियाणा सरकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रावधान किया हुआ है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान करके उनके अभिरक्षकों को 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि पेंशन के रूप में दी गई है। इनके अलावा 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की पहचान की गई है। प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में ’ऑक्सीवन’ विकसित करने की पहल भी शुरू की है। अब तक प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं। इसके तहत 5 से 100 एकड़ भूमि पर पेड़ लगाए जाते हैं। पंचकूला के बीड़ घग्गर तथा करनाल में पुरानी बादशाही नहर पर ऑक्सीवन का कार्य प्रगति पर है। इसमें अनेक दुर्लभ और औषधीय गुणों वाले पेड़ लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा। हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से जोड़ रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से भी जोड़ रही है। इसी दिशा में गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यह परियोजना न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधान वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृक्ष आवरण बढ़ाने और प्लाईवुड उद्योगों को और समर्थन देने के लिए हरियाणा राज्य एग्रो फोरेस्ट्री पॉलिसी लागू की जाएगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पंचायत भूमि और सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधा रोपण अभियान चलाया जाएगा और पवित्र उपवन संरक्षण के लिए सभी पवित्र उपवन को अधिसूचित किया जाएगा। इसके अलावा गांव हसनपुर, करनाल में वन विभाग की 100 एकड़ भूमि में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से एक डियर पार्क बनाया जाएगा।  

विकास और पर्यटन पर फोकस: पिजौंर, खरखौदा व मानेसर में बनेंगे वेडिंग डेस्टिनेशन, बोले नायब सिंह सैनी

सोनीपत बजट को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कल पेश किए गए बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट में महिलाओं का ध्यान रखा गया है। युवाओं, किसानों और गरीबों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकसित हरियाणा गति से आगे बढ़ेगा। यह पीएम मोदी के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है। पीएम मोदी के विकसित भारत के संकल्प को हरियाणा सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक शब्द कहा था। उन्होंने कहा कि भारत से बड़ी संख्या में लोग शादियों के लिए विदेश जाते हैं। यहां के विवाह स्थलों में ऐसी सुविधाएं होनी चाहिए कि हमारे लोगों को विदेश जाने की जरूरत ही न पड़े, उन्हें ये सुविधाएं यहीं मिल जाएं। उन्होंने कहा कि कल बजट में मैंने प्रावधान किया कि हम पिजौंर, खरखौदा और मानेसर के पास तीन वेडिंग डेस्टिनेशन खड़े करेंगे जिससे विदेश के लोग यहां शादी करने आएं और हमारे लोग बाहर न जाएं वो व्यवस्था हम लोग खड़ी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 2.23 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस बार हरियाणा सरकार के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट पेश करते हुए सोमवार को 'हरियाणा एग्री डिस्कॉम' नाम की एक तीसरी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बनाने की घोषणा की, जो खासतौर पर किसान समुदाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए होगी। वित्त विभाग भी संभाल रहे मुख्यमंत्री सैनी ने अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कहा कि राजकोषीय घाटा 40,293.17 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.65 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राजस्व घाटा जीडीपी का 0.87 प्रतिशत और प्रभावी राजस्व घाटा 0.41 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पूंजीगत व्यय जीडीपी का 1.86 प्रतिशत और प्रभावी पूंजीगत व्यय 2.32 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

‘पहले बजट समझ लें, फिर बोलें’ – कांग्रेस पर नायब सिंह सैनी का करारा वार

हरियाणा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास, युवाओं के लिए नए अवसर, महिला सशक्तीकरण और गरीबों के कल्याण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उनके अनुसार, यह बजट हरियाणा के लिए भी कई नई संभावनाएं और लाभ लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट किए जाने पर भी आभार जताया।  उन्होंने कहा कि यह फैसला देशभर के अनगिनत लोगों के लिए गर्व का विषय है और इससे महान संत गुरु रविदास महाराज के विचारों और योगदान को सम्मान मिलेगा। नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि हाल ही में अयोध्या धाम, जो भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है, वहां बने एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि पर रखा गया है। इसके साथ ही हरियाणा के हिसार में बने एयरपोर्ट को महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से आने वाली पीढ़ियों को इन महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं और विरासत से परिचित होने का अवसर मिलेगा। बजट को लेकर कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा को जो इस बार दिया है, वह कांग्रेस के लिए सपने से भी परे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 साल तक सत्ता में रही, लेकिन आज जो काम मोदी सरकार कर रही है, उसकी तुलना करना भी आसान नहीं है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री हरियाणा के लोगों से विशेष प्रेम रखते हैं और उनके नेतृत्व में ही हरियाणा एक विकसित राज्य बनेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बजट का सबसे ज्यादा फायदा हरियाणा के किसानों और युवाओं को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बजट समझ में ही नहीं आया है और तंज कसते हुए सुझाव दिया कि कांग्रेस नेताओं को बजट समझने के लिए 'काउंसलिंग' लेनी चाहिए और पूरी तरह समझने के बाद ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए। नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी अंदरूनी गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पूरे बजट भाषण खत्म होने से पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट कर दी।

भाजपा सरकार आते ही पंजाब को विकास के शिखर पर ले जाएंगे: नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में पंजाब में सरकार बनाकर भारतीय जनता पार्टी पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाएगी। मौजूदा पंजाब सरकार में शामिल लोगों ने झूठे वायदे करके सत्ता तो हथिया ली, चार साल बीतने के बावजूद लोगों के हित में काम करने की बजाए पंजाब का शोषण किया जा रहा है।  पंजाब को नशाखोरी, बेरोजगारी और वायदा खिलाफी ने बर्बाद कर दिया है। पंजाब में भाजपा सरकार बनने पर हरियाणा की तर्ज पर विकास करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को हरियाणा-पंजाब सीमा के निकट स्थित जिला पटियाला के घनौर की अनाजमंडी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन युवा विकास शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि एक समय में हरियाणा में भी कहा जाता था कि भारतीय जनता पार्टी का माहौल नहीं है। वर्ष 2014 के बाद ऐसा समय आया, आज वहां लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार है। इसी तर्ज पर पंजाब में भी भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब को नशामुक्त बनाने की बात कहकर यहां नशे को बढ़ा दिया है। युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया गया था। हालात ये हैं कि आज चार साल बाद भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक भी वायदा पूरा नहीं किया है। इन्होंने वायदा किया था कि महिलाओं को एक हजार रुपये देंगे। आज तक नहीं दिए गए। बुजुर्गां  को 2500 रुपये पेंशन देने की बात कही थी, आज तक भी 1500 रुपये दी जाती है, वह भी तीन से चार महीनों देरी से मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भाजपा ने वायदा किया था कि सरकार बनने पर महिलाओं को पांच सौ रुपये में सिलेंडर और 2100 रुपये दिए जाएंगे। सरकार बनते ही हरियाणा में पांच सौ रुपये में सिलेंडर देने की योजना लागू कर दी गई और अब प्रदेश में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये देकर वायदा पूरा कर दिया है। हरियाणा में बुजुर्गों को 3200  रुपये पेंशन दी जा रही है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने भर्ती पर रोक लगवा दी थी। इसके बाद उन्होंने युवाओं से वायदा किया था कि वे शपथ बाद में लेंगे और  युवाओं को नियुक्ति पत्र  पहले देंगे। जैसे ही भाजपा की सरकार आई,  शपथ बाद में ली और 25000 युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर वायदा पूरा किया। हरियाणा में किसानों की सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन किया गया और उनके 350वें शहीदी साल को मनाते हुए एक माह तक लगातार प्रदेश में कार्यक्रम किए गए। स्कूलों, कॉलेजों में निबंध लेखन, सेमीनार सहित विभिन्न कार्यक्रमों से उनकी शहादत की जानकारी दी गई ताकि आने वाली पीढिय़ों को पता चल सके कि  श्री गुरु तेग बहादुर जी ने कितना बड़ा बलिदान दिया था।  उनकी शहादत की याद में 350 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। प्रत्येक शिविर मेें 350 युनिट रक्त एकत्रित किया गया।  हरियाणा सरकार गुरुओं के बलिदान की गाथा को जन-जन तक पहुंचा रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पिछले माह 25  तारीख को कुरुक्षेत्र में पहुंच कर श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन करते हुए उनकी याद में एक सिक्का, एक डाक  टिकट एवं एक कॉफी टेबल बुक जारी की। हरियाणा में विश्वविद्यालयों के नाम गुरुओं के नाम से रखे जा रहे हैं।   उन्होंने कहा कि पंजाब में सायं पांच बजे के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार के दरवाजे बंद हो जाते है। उन्होंने कुछ न देने वाले एक शंख की कहानी सुनाकर आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा और कहा कि इनसे वायदे कितने भी करवा लो, लेकिन करने कराने को कुछ नहीं। जिसका खामियाजा आज पंजाब के लोग भुगत रहे हैं।  हंसता खेलता विकसित पंजाब आम आदमी पार्टी की सरकार ने बर्बाद कर दिया है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस ने गरीबों को प्लाट देने की बात तो कही थी, लेकिन उन्हें न तो कागज दिए और न ही कब्जा। आज प्रदेश सरकार ऐसे लोगों को प्लाट व उनका कब्जा दे रही  है।  मुख्यमंत्री  ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार और पूर्व में सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी बताए, उन्होंने आमजन के लिए क्या किया? फसल खराबे की बात की जाती है, हरियाणा में कांग्रेस ने दस साल के शासन में किसने को महज 1138 करोड़ रूपये का मुआवजा दिया। भाजपा सरकार ने अब तक 15 हजार 500 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को दिया है। पिछले साल आई बाढ़ में पंजाब का काफी नुकसान हुआ। 

शहादत को नमन: फतेहगढ़ साहिब पहुंचेंगे सीएम नायब सिंह सैनी, करेंगे मत्था टेक

बरनाला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पंजाब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब पहुंचेंगे, जहां वे साहिबजादों की शहादत की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नतमस्तक होंगे। मुख्यमंत्री के साथ भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा भी मौजूद रहेंगे। दोनों नेता गुरुद्वारे में मत्था टेक कर सिख इतिहास के महान बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह दौरा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है और साथ ही राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा पंजाब में अपनी सक्रियता को और बढ़ा रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भारत ही नहीं, दुनिया को दिशा देती है गीता : नायब सिंह सैनी का संबोधन

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को धर्मक्षेत्र–कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में भव्य और ऐतिहासिक वैश्विक गीता पाठ आयोजित किया गया। इस सामूहिक पाठ में 21 हजार बच्चों ने एक स्वर में गीता के श्लोकों का उच्चारण कर वह दिव्य दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने पूरे वातावरण को ज्ञान, भक्ति और अध्यात्म से सराबोर कर दिया। इस अभूतपूर्व सहभागिता ने वसुधैव कुटुम्बकम् की भारतीय अवधारणा को साकार रूप दिया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में वैश्विक गीता पाठ में भाग लेने वाले स्कूली छात्रों के लिए मंगलवार को विशेष अवकाश की भी घोषणा की। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी एवं गीता जयंती के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री कृष्ण से नागरिकों के जीवन को ज्ञान के आलोक से आलोकित करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इसी शुभ तिथि पर 5163 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को श्रीमद्भगवद् गीता का दिव्य उपदेश दिया, जिसका संदेश आज भी संपूर्ण मानवता के लिए पथप्रदर्शक है। आज 21 हजार विद्यार्थियों द्वारा अष्टादशी श्लोकों के जाप से आकाश गूंज उठा है। यह गर्व की बात है कि आज भारत के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा अनेक देशों में भी एक साथ इन श्लोकों के स्वर गूंज रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता पाठ का महत्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक भी है। वेद, उपनिषद और गीता के मंत्रों के उच्चारण से उत्पन्न होने वाली सकारात्मक ध्वनि तरंगें मन और मस्तिष्क को शांति प्रदान करती हैं, विचारों में नैतिकता लाती हैं और व्यक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गीता महोत्सव बन चुका है अंतर्राष्ट्रीय उत्सव, कई देश कर रहे सहभागिता मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ही प्रेरणा से हम गीता जयंती समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाते हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में अमेरिका की अपनी प्रथम यात्रा के दौरान 19 सितम्बर, 2014 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को महादेव देसाई द्वारा लिखित पुस्तक "The Gita According to Gandhi" भेंट की। इस अद्भुत पहल से प्रेरित होकर हम वार्षिक गीता जयंती समारोह को वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने लगे हैं। इसमें कई देशों के प्रतिभागी और लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए और महाभारत थीम आधारित अनुभव केंद्र का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने 28 नवंबर को कर्नाटक के उडुपी में भी इस अनुभव केंद्र का उल्लेख करते हुए देशवासियों से इसे देखने का आग्रह किया। आज यह महोत्सव उनके मार्गदर्शन में विश्वव्यापी स्वरूप ले चुका है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का उपदेश व्यक्ति को कर्तव्य पालन के मार्ग पर करता है अग्रसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गीता के अलावा योग को भी पूरे संसार में फैलाने का काम किया है। उन्हीं के प्रयासों से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, क्रोध और अनिश्चितता जैसी कई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए गीता हमें जीवन के हर उतार-चढ़ाव में समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन गीता का पाठ करने वाला व्यक्ति काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार से ऊपर उठ जाता है। गीता का प्रत्येक श्लोक ज्ञान का दीप है और प्रत्येक अध्याय जीवन का मार्गदर्शक। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का उपदेश व्यक्ति को कर्तव्य पालन के मार्ग पर अग्रसर करता है और समाज में अनुशासन व संतुलन स्थापित करता है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस सिद्धांत को अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में अनुशासन, समरसता और संतुलन स्वतः स्थापित हो जाएगा। गीता का संदेश कालातीत, यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत नायब सिंह सैनी ने कहा कि गीता का हर श्लोक हमें जीवन जीने की नई प्रेरणा देता है। गीता केवल अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण जी के बीच का संवाद ही नहीं है, यह हमारे हर प्रश्न का समाधान करती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जिस भी घर में गीता का नियमित रूप से पाठ होता है, वहां पर कभी किसी तरह की कोई नेगेटिव एनर्जी नहीं आ सकती। गीता हमें सिखाती है कि सुख-दुःख, सफलता असफलता, लाभ-हानि जीवन का हिस्सा हैं। इनसे विचलित हुए बिना हमें समभाव बनाए रखना चाहिए। यदि हर व्यक्ति इस शिक्षा को अपने जीवन में उतारे, तो आपसी संघर्ष और तनाव कम होगा। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश कालातीत है—यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति गीता के उपदेशों को अपनाए, तो कुरीतियाँ, असमानताएँ और संघर्ष स्वतः समाप्त हो जाएंगे और एक आदर्श समाज की स्थापना होगी। गीता के इस संदेश को अपनाकर हम एक दूसरे के साथ बेहतर संबंध स्थापित कर सकते हैं और समाज में समरसता ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थिजन को गीता के ज्ञान को समझकर अपने जीवन में अपनाने और इसे दूसरों तक पहुंचाने का संकल्प दिलवाया।

स्थानीय से वैश्विक तक की यात्रा: विकसित भारत 2047 पर बोले नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने का रास्ता वोकल फॉर लोकल से होकर ही गुजरेगा। यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देश में बनी वस्तुओं का अधिकतम उपयोग होगा और लोकल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से आत्मनिर्भर भारत रेल यात्री–संपर्क अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए विकसित भारत 2047 और वोकल फॉर लोकल के आह्वान को आमजन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाकर तथा ट्रेन में मौजूद यात्रियों से संपर्क कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के पत्रक वितरित किए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 12वीं–13वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल 11 वर्षों में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकल उत्पादों के उपयोग, उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता को अपनाने से भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगा। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार में विश्वास रखा उन्होंने रेलवे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहे हैं। चंडीगढ़, पंचकूला रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है। यह अभूतपूर्व विकास का उदाहरण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में केवल भ्रष्टाचार में विश्वास रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है। हादसे पर जताया गहरा दु:ख, कहा—लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत खिलाड़ी हार्दिक राठी की मृत्यु के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। खेल विभाग और प्रशासन को लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी प्रदेश का गौरव हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। सरकार ने पूरे प्रदेश के स्टेडियमों में लगे खेल उपकरणों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट भी मांगी है। संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न करें पंजाब सीएम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा हरियाणा को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी द्वारा एक महीने में पंजाब से नशा खत्म करने का वायदा कर सरकार तो बना ली, लेकिन हालात कैसे हैं वो सबके सामने हैं। नशे की वजह से पंजाब के युवा बर्बाद हो रहे हैं, अपराध भी बढ़ रहा है। बजाय, उस पर कुछ करने के पंजाब सीएम केवल राजनीति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा सिख परंपरा का सम्मान बढ़ाया एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख परंपरा, गुरुओं की शिक्षाओं और उनके पवित्र स्थलों के सम्मान में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के तीन पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित लाने और करतारपुर कॉरिडोर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य उनके प्रयासों से संभव हो सके हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस केवल भ्रामक प्रचार कर समाज में विभाजन पैदा करने में लगे रहते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय सहित अभियान से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।

नायब सिंह सैनी बोले— हरियाणा अब उद्योगों की महाशक्ति, निवेशकों की पहली पसंद

गुड़गांव हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सिर्फ एक बाज़ार नहीं है, यह विनिर्माण की महाशक्ति है। यह ऑटो मोबाइल, आई.टी. और अन्य उद्योगों का बड़ा केन्द्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि टेस्ला भारत में अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण संयंत्र हरियाणा में ही स्थापित करेगा और टेस्ला की अन्य संबंधित इकाईयां भी यहां लगेंगी। मुख्यमंत्री वीरवार को गुरुग्राम में टेस्ला इंडिया मोटर्स के देश के पहले ऑल इन वन केंद्र का उद्घाटन करने उपरांत उपस्थितजन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे।  मुख्यमंत्री ने टेस्ला इंडिया मोटर्स के केंद्र का उद्घाटन करने उपरांत अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा में उद्योगों की 'कॉस्ट ऑफ डुइंग बिजनेस' को कम करने के लिए हरियाणा सरकार निरन्तर प्रयासरत है। इन्हीं प्रयासों के तहत औद्योगिक प्लाटों के लिए विशेष 'लीजिंग पॉलिसी' बनाई गई है। इसी क्रम में यहां स्थापित उद्योगों के साथ मिलकर लोकल सप्लाई चेन को बढावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी कंपनियों और विदेशों से प्रभावशाली वार्तालाप के लिए हरियाणा सरकार ने विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की है जो सहयोग के लिए फोन काल और मैसेज पर भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का एक 'इको-सिस्टम' तैयार किया है। जिसके चलते हरियाणा ईज आफॅ डुईंग बिजनेस की टॉप अचीवर्य केटेगरी में अग्रणी स्थान बना चुका है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को अपने आटोमोबाइल सेक्टर पर गर्व है, जो भारत में सबसे अधिक यात्री कारों का निर्माण करता है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश आज अपनी निवेश व उद्योग हितैषी नीतियों की आधार पर आशाओं और अवसरों की धरा बन गया है। आज प्रदेश की गिनती देश के सम्पन्न राज्यों में होती है। देश की जी.डी.पी. में हरियाणा का योगदान 3.6 प्रतिशत है। वर्ष 2014 से पहले प्रदेश का निर्यात लगभग 70 हजार करोड़ रुपए तक था। जो अब बढ़कर 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपये को पार कर गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उद्योगों को लॉजिस्टिक सुविधा देने में देश में दूसरे तथा उत्तर भारत में पहले स्थान पर है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कारोबारियों को लाल फीताशाही से मुक्ति दिलाने की दिशा में कार्य करते हुए उन पुराने कानूनों में बदलाव किया है, जो आज के समय में प्रासंगिक नहीं रह गये थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जन विश्वास अध्यादेश, 2025 को गत 11 अक्तूबर को अधिसूचित किया है, ताकि 42 राज्य अधिनियमों में 164 प्रावधानों का अपराधीकरण समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा सरकार की नीतियों का ही प्रभाव है कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में 12 लाख 20 हजार 872 सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग लगे हैं तथा इनमें 49 लाख 15 हजार लोगों को रोजगार मिला है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा गीता की धरती हैं। यहां केवल बी-टू-बी अथवा जी-टू-जी मॉडल में काम नहीं करते बल्कि एच-टू-एच अर्थात हर्ट टू हर्ट मॉडल के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान बढ़ाने के लिए वर्ष 2047 तक एक ट्रिलियन डालर के लक्ष्य को रखकर चल रहा है। नए स्टार्ट अप्स, इनोवेशन और टेक बेस्ड इंडस्ट्री को हरियाणा प्रदेश टेस्ला जैसे बड़े ब्रांड के माध्यम से बढ़ावा दे रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या में 7वें बड़े राज्य के रूप में उभरा है। वर्तमान में, हरियाणा में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। इसी प्रकार प्रदेश में ए.आई. आधारित स्टार्टअप्स और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए गुरुग्राम और पंचकुला में ए.आई. हब स्थापित किया जा रहा है। साथ की भविष्य की तकनीकों जैसे कि ए.आई., रोबोटिक्स, बायो टेक्नोलॉजी व डीप-टेक को अपनाने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अलग से 'एम.एस.एम.ई.' विभाग का गठन किया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्यमकर्ता ज्ञापन फाइल करने की ऑनलाइन सुविधा शुरू की है।  

जंगल सफारी की तैयारियां जोरों पर, सीएम सैनी करेंगे वन्य जीवन का अवलोकन

कलेसर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 18 नवंबर को कलेसर नेशनल पार्क में नौ किलोमीटर तक जंगल सफारी का लुत्फ उठाएंगे। जंगल सफारी के ट्रैक को समतल कर दिया गया है। सफारी के दौरान वे दूरबीन से वन्य प्राणियों का आनंद लेंगे। इसके लिए वन्य प्राणी विभाग के पास आठ से 10 दूरबीन आ चुकी हैं। इसके अलावा ट्री हाउस भी बनाया जा रहा है। नायब सिंह सैनी पहले ऐसे मुख्यमंत्री होंगे जो कलेसर जंगल सफारी का आनंद लेंगे। कलेसर नेशनल पार्क हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों से सटा है, जोकि 11570 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें हाथी, चीता बाघ सांभर, खरगोश, अजगर, जंगली मोर, सांभर, चीतल, हिरण, कोबरा, बंदर, लंगूर जैसे जीव जंतु हैं। कलेसर जंगल में वन्य प्राणियों पर नजर रखने के लिए चार लोहे के वॉच टावर भी बने हैं। ट्री हाउस पहली बार बनाया जा रहा है। यह ट्री हाउस तैयार किया जा रहा नए मुख्यद्वार के पास होगा। मुरादाबाद के कारीगर इसे तैयार कर रहे हैं। 18 फीट ऊंचाई पर पेड़ के ऊपर यह ट्री हाउस बनाया जाना है। ऐसे में वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारी इस पर चढ़ कर दूरबीन से वन्य प्राणियों पर नजर रख सकेंगे।  एक द्वार प्रवेश तो दूसरे से होगी निकासी अभी तक कलेसर नेशनल पार्क का एक ही मुख्यद्वार था। अब दो होंगे। नए मुख्यद्वार से अब प्रवेश होगा और पुराने वाले द्वार से जंगल सफारी की निकासी होगी। जंगल सफारी के नए मुख्यद्वार के पास ही टिकट हाउस भी तैयार किया जा रहा है। अब सैलानी यहीं से जंगल सफारी के लिए टिकट लिया करेंगे। मुख्यमंत्री 18 नवंबर को नए मुख्यद्वार का उद्घाटन करने के अलावा वन्य प्राणी विभाग के परिसर में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कलेस्र नेशनल पार्क में जाने के लिए नया रास्ता बनवाया जा रहा है। इस रास्ते पर गेट का उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 18 नवंबर को करेंगे। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। टिकट घर के अलावा ट्री-हाउस भी बनाया जा रहा है। – लीलू राम, इंस्पेक्टर वन्य प्राणी विभाग यमुनानगर।    

हरियाणा-केन्या कृषि सहयोग बना आर्थिक विकास की नई दिशा : कृषि मंत्री सैनी

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हरियाणा निवास में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें हाल ही में केन्या दौरे पर गए हरियाणा प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक में कृषि निवेश के अवसरों और वैश्विक सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और गन्नौर के विधायक देवेंद्र कादयान भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केन्या सरकार के साथ कृषि क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि लगभग 1 लाख हेक्टेयर भूमि पर हरियाणा के किसानों द्वारा खेती के लिए एमओयू (MoU) की संभावनाओं पर ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा से पहले ही अनेक कृषि उत्पाद केन्या को निर्यात किए जा रहे हैं, और भविष्य में कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण, आयात-निर्यात एवं निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विदेश सहयोग विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मिलकर एक ऐसी कार्य योजना तैयार करें, जिसके तहत जो भी हमारे किसान विदेशों में कृषि या उससे संबंधित कार्यों में रुचि रखते हैं, उन्हें हर प्रकार की तकनीकी, हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर संबंधी सहायता समन्वयित रूप से उपलब्ध कराई जाए। इस कार्य में कृषि विश्वविद्यालयों को भी सहयोगी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए ताकि किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि केन्या की जलवायु और मिट्टी भारतीय कृषि के अनुकूल है, जिससे हरियाणा के किसान वहां अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठा सकते हैं। श्री सैनी ने कहा कि यह पहल न केवल हरियाणा की कृषि को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगी, बल्कि राज्य के किसानों के लिए नई आर्थिक संभावनाओं के द्वार भी खोलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य राज्य के कृषि क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने कहा कि केन्या दौरा हरियाणा के किसानों, कृषि विशेषज्ञों और उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए द्वार खोलेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दौरे के दौरान प्राप्त निष्कर्षों और समझौतों को ठोस कार्ययोजना में बदला जाए, ताकि किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। बैठक में विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी ने केन्या यात्रा की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरे के दौरान नैरोबी में अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र (CIMMYT) तथा केन्या नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KNCCI) के साथ सार्थक बैठकें हुईं। इन बैठकों में कृषि नवाचार, मशीनीकरण, जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीतियाँ, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात-आयात सहयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि भारत और केन्या के कृषि विश्वविद्यालयों व अनुसंधान संस्थानों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने पर सहमति बनी है, जिससे नई तकनीकों, अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, कृषि उत्पादों के व्यापारिक विस्तार और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहूजा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह, केन्या दौरे पर गए किसान एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।