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कोटा के गणेशपुरा में सालों पुरानी पानी की समस्या का समाधान शुरू

कोटा

कोटा शहर से सटे गणेशपुरा गांव में अब सालों पुरानी पेयजल समस्या खत्म होने जा रही है. गांव में चंबल का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है. लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी, हैंडपंप और बोरिंग के सहारे जिंदगी गुजारने वाले ग्रामीणों में अब नई उम्मीद जगी है. ग्रामीणों ने इस पहल के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और स्थानीय विधायक कल्पना देवी का आभार जताया है. सालो बाद गांव की मांग पूरी होने पर कैसे है माहौल गांव का.. पढ़ें र‍िपोर्ट  

फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर थे
लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के गणेशपुरा गांव के लोग सालों से लोग पेयजल संकट से जूझ रहे थे. गांव साल 2008 में नगर निगम वार्ड में शामिल तो हो गया, इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं. सबसे बड़ी समस्या थी, शुद्ध पेयजल की. ग्रामीणों को फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ता था. महिलाएं दूर-दूर से पानी भरकर लाती थीं. कई घरों में हैंडपंप और बोरिंग ही एकमात्र सहारा था.  दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों की शिकायतें भी आम थीं. अब गांव में चंबल का पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ है. काम शुरू होते ही गांव में उत्साह का माहौल है.

वर्षों तक पानी की समस्या झेलनी पड़ी
गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने वर्षों तक पानी की समस्या झेली है. कई बार मांग उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ. अब जब पाइपलाइन बिछने लगी है तो लोगों को भरोसा हो गया है कि जल्द ही घर-घर शुद्ध पानी पहुंचेगा. युवाओं का कहना है कि पानी की समस्या खत्म होने से गांव की जिंदगी बदल जाएगी.
ग्रामीण युवक ने बताया क‍ि सालों से यहां पानी की बहुत दिक्कत थी. फ्लोराइड वाला पानी पीना मजबूरी थी. अब सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रयास से चंबल का पानी मिलेगा तो बड़ी राहत होगी.

ग्रामीणों ने ओम बिरला का आभार जताया
ग्रामीणों ने इस काम के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया. उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी होती दिखाई दे रही है. स्थानीय विधायक कल्पना देवी ने भी गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए. गणेशपुरा के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि बाकी शहरी सुविधाएं भी गांव तक जरूर पहुंचेगी. सालों तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर रहे गणेशपुरा के लोगों के लिए चंबल का पानी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि बेहतर जिंदगी की नई शुरुआत माना जा रहा है.

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