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आज का राशिफल 11 मई 2026: किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

मेष राशि 11 मई 2026 का दिन मेष राशि के जातकों के लिए खुशियां लेकर आएगा। लंबे समय से रुके काम पूरे होंगे और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। परिवार में शुभ कार्य या नए सदस्य के आने की संभावना है। विवादों से दूरी बनाए रखें। शुभ रंग लाल और शुभ अंक 9 रहेगा। वृषभ राशि वृषभ राशि वालों को कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में सावधानी रखें और पार्टनर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पिता से विचारों का मतभेद हो सकता है तथा स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है। शुभ रंग सफेद और शुभ अंक 2 रहेगा। मिथुन राशि मिथुन राशि के लोगों के लिए मानसिक तनाव वाला रह सकता है। व्यापार में धीमापन देखने को मिल सकता है और काम में सतर्कता जरूरी रहेगी। परिवार में किसी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है, हालांकि पुराने मित्र से मुलाकात मन हल्का करेगी। वाणी पर संयम रखें। शुभ रंग हरा और शुभ अंक 5 रहेगा। कर्क राशि सुखद और खुशियों से भरा दिन रहेगा। कोई बड़ी इच्छा पूरी होने से मन प्रसन्न रहेगा। नए कार्य शुरू करने के लिए समय अनुकूल है और सम्मान में वृद्धि होगी। परिवार व प्रियजनों का सहयोग मिलेगा तथा धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं। शुभ रंग दूधिया सफेद और शुभ अंक 7 रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए अनुकूल दिन रहेगा। मित्रों से आर्थिक लाभ मिल सकता है और नौकरी की तलाश पूरी होने के योग हैं। वैवाहिक जीवन मधुर रहेगा और किसी खास व्यक्ति से मुलाकात भविष्य के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। बेवजह के विवादों से दूर रहें। शुभ रंग सुनहरा और शुभ अंक 1 रहेगा। कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए उतार-चढ़ाव वाला दिन रहेगा। कानूनी या महत्वपूर्ण फैसलों में सावधानी रखें। लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं, लेकिन परिवार में तनाव की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। शुभ रंग गहरा हरा और शुभ अंक 6 रहेगा। तुला राशि 11 मई 2026 तुला राशि के लिए लाभ और यात्राओं का दिन रहेगा। निवेश के लिए समय अनुकूल है और नया व्यवसाय शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं। वैवाहिक जीवन में सुधार होगा तथा परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी आवश्यक है। शुभ रंग हल्का नीला और शुभ अंक 8 रहेगा। वृश्चिक राशि 11 मई 2026 वृश्चिक राशि वालों के लिए नए कार्यों की शुरुआत का अच्छा समय है। मित्रों और माता-पिता का सहयोग आपको आगे बढ़ाएगा। पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने और यात्रा के योग बन सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें और विवादों से बचें। शुभ रंग मैरून और शुभ अंक 3 रहेगा। धनु राशि 11 मई 2026 धनु राशि के जातकों के लिए प्रसन्नता भरा दिन रहेगा। रुके हुए काम पूरे होने से मानसिक शांति मिलेगी। नए काम की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। परिवार के साथ सुखद समय बिताएंगे और घर में धार्मिक आयोजन संभव है। किसी खास व्यक्ति के आने से दिन खास बनेगा। शुभ रंग पीला और शुभ अंक 4 रहेगा। मकर राशि 11 मई 2026 मकर राशि वालों को दिनभर व्यस्तता रह सकती है। मेहनत अधिक करनी पड़ेगी लेकिन सहयोगियों की मदद से कार्य सफल होंगे। नया काम शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं और परिवार से आर्थिक सहयोग प्राप्त होगा। अनावश्यक विवादों से दूर रहें। शुभ रंग काला और शुभ अंक 10 रहेगा। कुंभ राशि 11 मई 2026 कुंभ राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और व्यापार में उन्नति के योग बनेंगे। परिवार में मांगलिक कार्यक्रम संभव है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शुभ रंग नीला और शुभ अंक 11 रहेगा। मीन राशि 11 मई 2026 मीन राशि वालों को सावधानी से दिन बिताने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सतर्क रहें और सहकर्मियों की सलाह लेकर काम करें। व्यापार में मंदी महसूस हो सकती है तथा परिवार में मतभेद की स्थिति बन सकती है। धैर्य बनाए रखें। शुभ रंग केसरिया और शुभ अंक 12 रहेगा।

किसानों, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के हित में मुख्यमंत्री साय की महत्वपूर्ण घोषणाएं: जलेश्वर महादेव धाम के विकास के साथ क्षेत्रीय अधोसंरचना को मिलेगा विस्तार

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत डोंगरिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पंडरिया मती भावना बोहरा, विधायक तखतपुर  धर्मजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और श्रद्धालुगण उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। ऐसे पवित्र धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने वाले प्रेरणा स्थल भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने क्षीरपानी जलाशय मध्यम परियोजना अंतर्गत 50 करोड़ की लागत से नहर विस्तारीकरण कार्य कराने की घोषणा की।  इस परियोजना से लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री  साय ने जलेश्वर महादेव धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने खरहट्टा से डोंगरिया तक लगभग 2.5 किलोमीटर सड़क के उन्नयन कार्य की घोषणा करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा। उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले के डोंगरिया गांव स्थित जलेश्वर महादेव धाम स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत पूजनीय स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह शिवधाम विशेष रूप से सावन माह, सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। पहाड़ी और नदी-घाट के रमणीय वातावरण में स्थित यह धाम शिवभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए विशेष पहचान रखता है।

अल्माटी में ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया देश और प्रदेश का गौरव

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित म.प्र. राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी नीरू ढंडा ने कज़ाकस्तान के अल्माटी में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में कांस्य पदक अर्जित कर देश एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया। यह प्रतियोगिता 02 मई से 11 मई 2026 तक आयोजित की जा रही है। ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत को कांस्य पदक ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत की ओर से मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढंडा एवं विवान कपूर की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय टीम ने मुकाबले में उत्कृष्ट निशानेबाजी का प्रदर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत को पदक दिलाया। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विश्व स्तरीय खिलाड़ियों की सहभागिता ISSF वर्ल्ड कप 2026 में विभिन्न देशों के विश्व स्तरीय निशानेबाजों ने सहभागिता की। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय प्रदर्शन करते हुए शूटिंग खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि ने मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था एवं खिलाड़ियों की मेहनत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नीरू ढंडा को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतना प्रदेश एवं देश दोनों के लिए गर्व का विषय है। मंत्री  सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे। यह उपलब्धि प्रदेश में शूटिंग खेल के विकास, खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होगी।  

रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, बिहार में परिवहन क्षेत्र के तहत बनेंगे इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन

 शेखपुर राज्य के नए परिवहन मंत्री दामोदर राऊत ने कहा है विभाग को रोजगार का बड़ा साधन बनाया जाएगा। इसके लिए दीर्घकालीन रूपरेखा बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होने राज्य में सीएनजी तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का विकल्प बताते हुए कहा सभी प्रमुख मार्गों पर सरकार चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। चार दिन पूर्व परिवहन मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने घर जमुई के गिद्दौर जा रहे दामोदर राऊत रविवार को शेखपुरा में पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कही। तिरमुहानी दुर्गा मंदिर में मंत्री ने मत्था भी टेका। शेखपुरा के सर्किट हाउस सहित कई स्थानों पर जदयू तथा एनडीए के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसमें शेखपुरा के विधायक तथा जदयू के जिलाध्यक्ष रणधीर कुमार सोनी, पूर्व अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद, डॉ. महेश, भगवान कुशवाहा, विजय कुमार सिंह, जयदेव कुमार, रेणु सिंह सहित कई महिला नेत्री भी शामिल हुईं। मुख्य सड़कों पर खोले जाएंगे चार्जिंग स्टेशन परिवहन मंत्री ने बताया राज्य में सीएनजी तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। सुविधा के लिए राज्य के मुख्य मार्गों पर चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे। ये चार्जिंग स्टेशन पीपीपी मोड पर खोले जाएंगे, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा। परिवहन विभाग को रोजगार सृजन का बड़ा साधन बनाने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री परिवहन योजना का विस्तार किया जाएगा, जिससे गांव के युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। परिवहन विभाग में सड़क सुरक्षा पर सबसे अधिक बल दिया जा रहा है, ताकि हादसे कम से कम हों।  

एमपी ट्रांसको ने सेमरी हरचंद सब स्टेशन पर किया तीसरा पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने नर्मदापुरम जिले की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 132 केवी सब स्टेशन सेमरी हरचंद में तीसरे पॉवर ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत कर दिया है।  तोमर ने बताया कि इस पॉवर ट्रांसफार्मर के चालू होने से विश्व प्रसिद्ध मड़ई वाइल्डलाइफ अभयारण्य सहित सेमरी हरचंद सबस्टेशन से जुड़े अनेक ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज पर अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। नर्मदापुरम जिले की पारेषण क्षमता हुई 2000 के पार एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस क्षमता वृद्धि के बाद सेमरी हरचंद सब स्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 100 एमवीए हो गई है। साथ ही नर्मदापुरम जिले की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढकर 2000 एमवीए के पार हो गई है। साथ ही 2015 एमवीए क्षमता के साथ जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनेगी। एमपी ट्रांसको द्वारा नर्मदापुरम जिले में 220 केवी के तीन प्रमुख सब स्टेशन नर्मदापुरम, इटारसी, एवं पिपरिया तथा 132 केवी के छह सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण किया जा रहा है। इनमें सेमरीहरचंद के अलावा पिपरिया, बनखेड़ी, सोहागपुर, मोहासा बाबई,एवं सिवनी मालवा सब स्टेशन शामिल हैं।  

उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी और महतारी सदनों से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कलिबा में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जनहितैषी विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने कुल 16 करोड़ 5 लाख 91 हजार रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदनों जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनसे क्षेत्र में आवागमन, शिक्षा, कृषि विपणन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और अंतिम व्यक्ति तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, स्कूल, बाजार और महिला केंद्र जैसी आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को मजबूत बनाने का माध्यम हैं। इन कार्यों से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसरों का सृजन होगा। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में कुल 12 करोड़ 86 लाख 3 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से ग्राम पंचायत कलिबा में 57 लाख 66 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें कव्हर्ड शेड, बोरवेल एवं सीसी रोड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बेहराखार में 80 लाख 59 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण किया जाएगा। इन बाजारों के बनने से किसानों और ग्रामीण व्यापारियों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा तथा स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग (सेतु) द्वारा कलिबा-टांगरबहार (बैगाटोली) मार्ग पर 5 करोड़ 11 लाख 6 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं बांसपतरा-दुलदुला मार्ग पर चांपाझरिया नाला में 5 करोड़ 90 लाख 80 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इन पुलों के निर्माण से विशेषकर बरसात के दिनों में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों से राहत मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शाला कोरवाडेरा, प्राथमिक शाला डडगांव, माध्यमिक शाला बालक नारायणपुर तथा प्राथमिक शाला लालगोड़ा के नवीन भवन निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया। इन भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में कुल 3 करोड़ 19 लाख 88 हजार रुपए की लागत से पूर्ण हुए 4 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कृषि उपज मंडी समिति जशपुर द्वारा ग्राम पंचायत कंडोरा (महुआटोली) स्थित उपमंडी कुनकुरी में 2 करोड़ 45 लाख 78 हजार रुपए की लागत से निर्मित फल-सब्जी मंडी, गोदाम, प्लेटफार्म, टायलेट, पार्किंग एवं सीसी रोड का लोकार्पण किया गया। इस आधुनिक मंडी के शुरू होने से किसानों एवं व्यापारियों को कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ढोढ़ीबहार, नारायणपुर एवं केराड़ीह में निर्मित महतारी सदनों का भी लोकार्पण किया गया। प्रत्येक महतारी सदन 24 लाख 70 हजार रुपए की लागत से निर्मित हुआ है। इन केंद्रों में महिलाओं को बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह गतिविधियों एवं सामाजिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। पुल और सड़कों के निर्माण से ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा, स्कूल भवनों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, आधुनिक बाजार एवं मंडियों से किसानों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा महतारी सदन महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि गांवों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय की धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष  उपेंद्र यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना ने पूरे किए जन-सुरक्षा के 11 वर्ष

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल सिद्ध हुई हैं। इन योजनाओं ने गरीब, वंचित, श्रमिक, किसान एवं निम्न आय वर्ग के करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-सुरक्षा की इन तीनों योजनाओं ने सफलतापूर्वक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के 11 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक कम लागत में बीमा और पेंशन सुविधाएं पहुंचाना है। मध्यप्रदेश में भी राज्य सरकार द्वारा बैंकिंग संस्थाओं, डाकघरों एवं संबंधित विभागों के समन्वय से योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। आम नागरिकों की विपत्ति का संबल बनी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से नागरिकों को अत्यंत कम प्रीमियम पर जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इस योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं। योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये है, जिसे ऑटो-डेबिट के माध्यम से खातों से जमा किया जाता है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अप्रैल 2026 तक के अंतर्गत देशभर में 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन हो चुके हैं तथा 10 लाख 75 हजार से अधिक दावों के लिए 21 हजार 512 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत 12.72 करोड़ महिलाओं तथा 8.09 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों का नामांतर हुआ है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने हादसों में संभाले गरीब परिवार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना की स्थिति में गरीब एवं सामान्य परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक संबल बनकर उभरी है। इस योजना में दुर्घटना से मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। योजना में 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं और इसका वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन किए जा चुके हैं तथा 1 लाख 84 हजार से अधिक दावों के लिए 3 हजार 667 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 27.45 करोड़ महिलाओं तथा 19.30 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों ने नामांकन कराया है। अटल पेंशन योजना बनी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों की आर्थिक सुरक्षा अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों एवं निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बैंक खाताधारक, जो आयकरदाता नहीं हैं, शामिल हो सकते हैं। योजना में किए गए अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद 1 हजार रुपये से 5 हजार रुपये तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत ग्राहक की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को पेंशन का लाभ मिलता है तथा उसके पश्चात संचित राशि नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। योजना में मासिक, त्रैमासिक और अर्धवार्षिक आधार पर अंशदान की सुविधा उपलब्ध है। अटल पेंशन योजना में अप्रैल 2026 तक 9.04 करोड़ से अधिक लोग नामांकन करा चुके हैं तथा योजना में महिलाओं की भागीदारी लगभग 49 प्रतिशत है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन जन-सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से नामांकन एवं दावा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जन-सुरक्षा योजनाएं आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। योजनाओं के मुख्य बिंदु प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना     यह सामाजिक सुरक्षा योजना वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई     योजना 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर     योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये     प्रीमियम राशि जमा करने के लिए बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की सुविधा     प्रतिवर्ष किया जा सकता है योजना का नवीनीकरण     देश में 29 अप्रैल 2026 तक 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन     10.75 लाख से अधिक दावों के लिए 21,512 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान     12.72 करोड़ से अधिक महिला हितग्राही योजना से जुड़ीं         प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना     योजना वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई     इस योजना में दुर्घटना बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है     योजना 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर     आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये की सहायता     वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये     प्रीमियम ऑटो-डेबिट सुविधा के माध्यम से जमा     29 अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन     1.84 लाख से अधिक दावों के लिए 3,667 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान     27.45 करोड़ से अधिक महिलाओं ने कराया नामांकन         अटल पेंशन योजना     यह योजना भी वर्ष 2015 में लागू की गई     असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं निम्न आय वर्ग के लिए पेंशन योजना     योजना 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     आयकरदाता इस योजना के पात्र नहीं     60 वर्ष की आयु … Read more

फार्मर रजिस्ट्री अभियान मिशन मोड में, सरकारी योजनाओं से जुड़ेंगे किसान

 मधुबनी  Agri Stack Project: जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान को एक बार फिर मिशन मोड में चलाया जाएगा। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर निर्देश दिया कि 12 मई से 30 जून 2026 तक अधिक से अधिक किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाए। सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फार्मर आईडी नहीं बनने पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। यह अभियान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री स्टैक परियोजना के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। अधिकारियों को सख्त निर्देश जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं, बीडीओ, अंचल अधिकारियों और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए लापरवाही पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व मुकेश रंजन को निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और तकनीकी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी की गई है। 1.74 लाख किसानों की बनी आईडी कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले में अब तक 1,74,853 किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है। फार्मर आईडी के लिए पहले कृषि विभाग की ओर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जमाबंदी प्रविष्टि का सत्यापन किया जाता है। किसान खुद करा सकते रजिस्ट्री जिलाधिकारी ने बताया कि किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से स्वयं भी फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। पीएम किसान योजना से लाभान्वित और जमाबंदीधारी किसान शिविर में पहुंचकर आसानी से अपना फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। जिन किसानों के नाम से जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, उन्हें पहले आवश्यक परिमार्जन कराने की सलाह दी गई है। क्या हैं इसके फायदे फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक डिजिटल पहचान है, जिसमें आधार नंबर, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड को जोड़ा जाता है। इसके जरिए किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे खाते में मिलेगा। साथ ही फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, खाद-बीज वितरण और राहत राशि वितरण में पारदर्शिता आएगी। सरकार का मानना है कि यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल सुधार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।  

मुख्यमंत्री बनते ही एक्शन, विजय ने एक विधानसभा सीट छोड़ी

चेन्नई तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय ने रविवार को तिरुचिरापल्ली ईस्ट विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में दो सीटों, पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से जीत दर्ज करने वाले विजय ने पेरम्बूर सीट को अपने पास रखने का फैसला किया है। रविवार को ही विजय ने चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज स्थित सचिवालय में पदभार संभाला। वास्तविक धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय का दौर शुरू होगा- विजय शपथ ग्रहण समारोह के बाद बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए विजय ने कहा कि उनकी सरकार तमिलनाडु में वास्तविक, धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय के नए युग की शुरुआत करेगी। उन्होंने खुद को आम जनता का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि वह किसी राजघराने से नहीं आते, बल्कि एक साधारण परिवार से निकले व्यक्ति हैं। राजनीति में आने का उनका उद्देश्य जनता का ऋण चुकाना- विजय विजय ने कहा, "मैं आम लोगों की जिंदगी और उनकी भावनाओं को अच्छी तरह समझता हूं। मेरा जन्म एक साधारण असिस्टेंट डायरेक्टर के घर हुआ। मैं किसी शाही परिवार से नहीं आता। मैं खुद को आपका बेटा, बेटी, बड़ा भाई या छोटा भाई मानता हूं। आपने भी मुझे उसी तरह अपनाया और सिनेमा में इतना बड़ा स्थान दिया। उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य जनता का ऋण चुकाना है।" उन्होंने कहा कि जब मैंने राजनीति में आने का फैसला किया, तब आपने मुझे भरपूर प्यार और समर्थन दिया। इस सफर में मुझे कई कठिनाइयों और अपमानों का सामना करना पड़ा, लेकिन मेरे समर्थकों ने भी मेरे लिए सब कुछ सहा। आज जब मैं ‘आई, जोसेफ विजय…’ कहता हूं, तो यह आपके भरोसे और समर्थन की वजह से संभव हुआ है। झूठे वादे नहीं करूंगा- विजय मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में कहा कि वह लोगों से अवास्तविक या झूठे वादे नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं कोई दिव्य दूत या पैगंबर नहीं हूं। मैं एक सामान्य इंसान हूं जो सामान्य जीवन जीता है। मैं केवल वही वादा करूंगा जो संभव है। लेकिन जब करोड़ों लोग मेरे साथ खड़े हों, तो मुझे विश्वास है कि हम मिलकर किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। 2024 में बनी पार्टी, 2026 में सत्ता तक पहुंची तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की औपचारिक शुरुआत 2024 में हुई थी। हालांकि विजय लंबे समय से अपनी फिल्मों और सामाजिक गतिविधियों के जरिए एक सामाजिक रूप से जागरूक सार्वजनिक व्यक्तित्व के तौर पर देखे जाते रहे हैं। उनकी फिल्मों में भ्रष्टाचार, नशे की समस्या और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके कारण 2009 से ही उनके राजनीति में आने की अटकलें लगाई जाती रही थीं। राजनीति में औपचारिक प्रवेश से पहले भी विजय कई सामाजिक अभियानों और जनकल्याण गतिविधियों से जुड़े रहे। दो सीटों से लड़े, दोनों पर मिली जीत 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय ने पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। उन्होंने दोनों सीटों पर जीत हासिल की। अब संवैधानिक प्रावधानों के तहत एक सीट छोड़ते हुए उन्होंने त्रिची ईस्ट सीट से इस्तीफा दे दिया है, जबकि पेरम्बूर सीट को बरकरार रखा है।  

13 करोड़ से ज्यादा बकाया वसूली के लिए बिजली निगम सख्त, उपभोक्ताओं को नोटिस जारी

 कैथल  बिजली निगम की तरफ से लंबे समय से बिजली बिल न भरने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। निगम ने 665 बड़े बकायेदार उपभोक्ताओं के मामलों को राजस्व विभाग के हवाले कर दिया है। इन उपभोक्ताओं को तहसीलदार की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। तय समय सीमा के अंदर बकाया राशि जमा नहीं करवाने पर संबंधित उपभोक्ताओं की जमीन, मकान व अन्य संपत्तियों को कुर्क (जब्त) करने की कार्रवाई की जाएगी। निगम अब बकाया वसूली के लिए लैंड रेवेन्यू एक्ट का सहारा लेगा। इसके तहत डिफाल्टरों की संपत्तियों पर प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित किया जाएगा और उनकी खरीद-बिक्री पर भी रोक लगाई जा सकती है। यानी जब तक उपभोक्ता बकाया राशि जमा नहीं करवाएंगे, तब तक वे अपनी संपत्ति का लेन-देन नहीं कर सकेंगे। 665 उपभोक्ताओं पर कुल 13 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि बकाया निगम के अनुसार इन 665 उपभोक्ताओं पर कुल 13 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि बकाया है। इनमें कैथल डिवीजन के 370 उपभोक्ताओं पर 8 करोड़ 68 लाख रुपये, गुहला डिवीजन के 52 उपभोक्ताओं पर 89 लाख रुपये तथा पूंडरी डिवीजन के 243 उपभोक्ताओं पर 4 करोड़ 16 लाख रुपये बकाया हैं। निगम के आंकड़ों के अनुसार जिले में एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले 6129 उपभोक्ता डिफॉल्टर की श्रेणी में हैं। इन पर कुल 180 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि लंबित है। सबसे अधिक बकाया कैथल डिवीजन में है, जहां 3750 उपभोक्ताओं पर 129 करोड़ चार लाख रुपये बकाया हैं। इसके अलावा गुहला डिवीजन के 636 उपभोक्ताओं पर 17 करोड़ 7 लाख रुपये और पूंडरी डिवीजन के 1743 उपभोक्ताओं पर 34 करोड़ 3 लाख रुपये बकाया हैं। निगम की ओर से शेष बकायेदारों की सूची भी जल्द तहसील प्रशासन को सौंपी जाएगी। तीन चरणों में नोटिस जारी, फिर भी नहीं हुआ भुगतान निगम ने वसूली अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाते हुए अब तक तीन चरणों में नोटिस जारी किए हैं। पहले चरण में 2409 उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए थे, जिन पर 64 करोड़ 54 लाख रुपये बकाया था। इनमें कैथल डिवीजन के 1319 उपभोक्ताओं पर 39 करोड़ 47 लाख रुपये, गुहला के 452 उपभोक्ताओं पर 11 करोड़ 1 लाख रुपये तथा पूंडरी के 638 उपभोक्ताओं पर 14 करोड़ 6 लाख रुपये बकाया थे। दूसरे चरण में 888 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए, जिनमें कैथल के 446, गुहला के 114 और पूंडरी के 328 उपभोक्ता शामिल थे। इसके बाद तीसरे चरण में एक्सईएन स्तर से 788 उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस भेजे गए। इनमें कैथल डिवीजन के 416 उपभोक्ताओं पर 9 करोड़ 78 लाख रुपये, गुहला के 49 उपभोक्ताओं पर 88 लाख रुपये और पूंडरी के 323 उपभोक्ताओं पर 6 करोड़ 57 लाख रुपये बकाया हैं। बकाया जमा करें, नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई: सोमवीर बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता सोमबीर भालोठिया ने बताया कि निगम लगातार उपभोक्ताओं से बकाया राशि जमा करवाने की अपील कर रहा हैं, लेकिन कई उपभोक्ता बार-बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं कर रहे। ऐसे में अब नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत रखने के लिए समय पर बिल जमा होना जरूरी है। 665 मामलों को राजस्व विभाग को भेजा जा चुका है और आगामी कार्रवाई तहसीलदार स्तर पर की जाएगी। यह अभियान केवल राजस्व वसूली के लिए ही नहीं, बल्कि जिले में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। बिजली चोरी रोकने के लिए पूरे जिले में 24 टीमों का गठन किया हुआ है।