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रिश्वतखोरी पर ACB का शिकंजा, बिलासपुर एडीएम कार्यालय का कर्मचारी 15 हजार लेते पकड़ा गया

बिलासपुर करगी रोड कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप द्वारा एसीबी कार्यालय बिलासपुर में इस आशय की शिकायत की गई थी कि वह कोटा में होटल का संचालन करता है। माह अगस्त 2025 में उसके होटल की जांच के दौरान खाद्य पदार्थ पेड़ा खुली स्थिति में मिलने पर फूड सेफ्टी ऑफिसर द्वारा उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के यहां लंबित था। उक्त कार्यालय के बाबू विजय पांडेय द्वारा उससे जुर्माना राशि 1 लाख रुपए तक होने की बात कहकर, जुर्माना राशि को 30,000 रुपए तक करने के एवज में उससे 20,000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। लेकिन वह बाबू विजय पांडेय को 20,000 रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता, बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है। शिकायत का सत्यापन और ट्रैप की योजना शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा प्रार्थी से 5,000 रुपए ले लिए गए थे तथा शेष 15,000 रुपए दिया जाना शेष था, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई। आज दिनांक 10.05.2026 को आरोपी द्वारा प्रार्थी को 15,000 रुपए रिश्वत लेने हेतु अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के कार्यालय में बुलाए जाने पर, उक्त कार्यालय में प्रार्थी से 15,000 रुपए रिश्वत रकम लिए जाने पर आरोपी विजय पांडेय (सहायक ग्रेड-3) को एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ लिया गया तथा रिश्वत रकम बरामद कर ली गई।  

कलिबा में सामुदायिक भवन और हनुमान टेकरी में सूर्य नमस्कार प्रतिकृति निर्माण की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी के ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय भी उपस्थित थीं।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यज्ञमंडप में हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा की तथा यज्ञशाला में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने मंदिर निर्माण को क्षेत्र की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सेवा, सद्भाव, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती है। मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने तथा संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम भी हैं।  ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामवासियों को नवनिर्मित मंदिर के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए ग्राम कलिबा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही हनुमान टेकरी में सामुदायिक भवन तथा सूर्य नमस्कार की मुद्राओं की प्रतिकृति निर्माण की घोषणा भी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने अपने 28 माह के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को तेजी से लागू किया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में 17 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान  राम का ननिहाल है और राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान  राम के दर्शन करा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष राजस्व शिविर भी लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे तथा निर्धारित समय-सीमा में उनके समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। समय पर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराने की अपील की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हाल ही में प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी तथा धान खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी। इस अवसर पर पद्म  जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, मंदिर समिति अध्यक्ष  उपेंद्र यादव, जनपद अध्यक्ष  सुशीला साय, पूर्व संसदीय सचिव  भरत साय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

अब बिना ठोस सबूत नहीं लगेगा लुक आउट सर्कुलर! हाई कोर्ट ने 23 मामलों में दी राहत

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सिर्फ कर्ज न चुकाने के आधार पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कहा कि एलओसी एक अंतिम कार्रवाई के रूप में की जाने वाली दंडात्मक कार्यवाही है और बैंक ऋण अदा करने में चूक या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए लिए गए ऋण के हर मामले में एलओसी जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जहां एलओसी जारी करने वाले व्यक्ति को गबन या हेराफेरी के किसी अपराध में आरोपित नहीं बनाया गया है, वहां एलओसी मान्य नहीं हो सकता। इसके साथ ही पीठ ने अलग-अलग मामलों में वित्तीय संस्थानों, बैंकों व जांच एजेंसियों के अनुरोध पर 23 याचिकाकर्ताओं के खिलाफ जारी किए गए एलओसी को रद कर दिया। 48 घंटे पहले देनी होगी विदेश यात्रा की सूचना अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को कोर्ट की पहले से अनुमति लिए बिना विदेश यात्रा करने का अधिकार होगा, लेकिन उन्हें अपनी रवानगी से कम से कम 48 घंटे पहले संबंधित विभाग या एजेंसी को इसकी सूचना व अपना यात्रा का पूरा ब्योरा देना होगा। पीठ ने स्पष्ट किया कि कानून में किसी बदलाव या कोर्ट के आदेश सहित किसी अन्य अप्रत्याशित घटना के तहत जांच एजेंसी एलओसी जारी करने की मांग करने के लिए स्वतंत्र होगी। सभी याचिकाकर्ता को राहत देते हुए पीठ ने स्पष्ट किया कि एलओसी की जरूरत, उसकी कानूनी वैधता को सही ठहराने की जिम्मेदारी पूरी तरह से उसे जारी करने वाली एजेंसी की होती है। पीठ ने कहा कि एलओसी अनिश्चित काल के लिए जारी नहीं किया जा सकता और इसकी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए, ताकि जब इसका मकसद पूरा हो जाए, तो इसे वापस ले लेना चाहिए। पीठ ने कहा कि एलओसी जारी करने वाले अधिकारी को जांच एजेंसी के हथियार के तौर पर काम नहीं करने के बजाय ठोस और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर एक स्पष्ट आदेश जारी किया जाना चाहिए। तीन श्रेणियों में बांटा गया विभिन्न मामलों में फंसे 23 लोगों के खिलाफ ईडी, सीबीआइ, एसफआइओ व विभिन्न बैंकों के कहने पर एलओसी जारी किया गया था। इन सभी ने एलओसी को चुनौती दी है। अदालत ने 23 याचिकाओं को तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इसमें ए श्रेणी में कुछ मामले ऐसे थे जिसमें केवल वित्तीय संस्थानों के अनुरोध पर एलओसी जारी किया गया था, जबकि बी श्रेणी में जांच एजेंसियों के अनुरोध पर एलओसी जारी किया था। वहीं, सी श्रेणी में याचिकाकर्ता को एलओसी जारी करने वाले फोरम के पास भेज दिया गया था। प्रत्येक श्रेणी कुछ अलग, लेकिन आपस में जुड़े हुए कानूनी मुद्दे को उठाती है और सभी का समाधान इस निर्णय में उचित क्रम में किया जाएगा।

शहीद नायक विजय कुमार को नम आंखों से विदाई, अंतिम दर्शन में उमड़ी भीड़

मानसा. मानसा जिले के सरदूलगढ़ क्षेत्र के गांव खैरा खुर्द में रविवार को नायक विजय कुमार का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के श्मशान घाट में हजारों लोगों की नम आंखों के बीच नायक को अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा माहौल भावुक हो गया। गांव के लोगों ने फूलों की वर्षा कर अपने वीर बेटे को श्रद्धांजलि दी और “नायक विजय कुमार अमर रहे” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। सेना की ओर से पहुंचे अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को सलामी दी। इस दौरान सेना अधिकारियों ने नायक वियज कुमार के पिता हिम्मत सिंह को सम्मानपूर्वक तिरंगा सौंपा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के दौरान शहीद की पत्नी ने भी अपने पति को सेल्यूट किया, जिसने पूरे माहौल को और भावुक बना दिया।  इलाज के दौरान तोड़ा दम जानकारी के अनुसार गांव खैरा खुर्द निवासी हिम्मत सिंह के बेटे नायक विजय कुमार वर्ष 2014 में 66 इंजीनियर रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने बीईजी सेंटर रुड़की में प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में उनकी तैनाती राजस्थान के जोधपुर में थी। यूनिट के नायब सूबेदार मेजर प्रेम प्रकाश ने बताया कि नायक विजय कुमार आर्मी की खेल टीम से जुड़े हुए थे और उन्हें कबड्डी खेलने का काफी शौक था। करीब चार महीने पहले उन्हें पेट संबंधी बीमारी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें एचआरआर आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार का इकलौता बेटा थे नायक विजय नायक विजय कुमार अपने परिवार का सबसे बड़ा सहारा थे। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले हिम्मत सिंह के तीन बेटों में विजय कुमार सबसे जिम्मेदार सदस्य माने जाते थे। उनके दोनों छोटे भाई अभी अविवाहित हैं, इसलिए परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। शहीद अपने पीछे पत्नी और तीन छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। प्रशासन से डीएसपी मंजीत सिंह और थाना सरदूलगढ़ प्रभारी पुष्पिंदर कौर मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीतइंद्र सिंह मोफर, प्रेम गर्ग, पंकज गर्ग, पार्षद विरसा सिंह और गांव के सरपंच राजेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बेटियों के लिए सरकार से मदद की मांग गांव के सरपंच राजेश कुमार और अन्य ग्रामीणों ने पंजाब तथा केंद्र सरकार से शहीद परिवार के लिए विशेष वित्तीय सहायता पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटे से गांव से निकलकर नायक विजय कुमार ने देश सेवा कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को शहीद परिवार की आर्थिक सहायता और बेटियों के भविष्य की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव: मध्य प्रदेश के कई IPS अफसर इधर से उधर

भोपाल. मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग मंत्रालय द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई है। इसमें बुरहानपुर में पुलिस अधीक्षक के पद पर नवीन पद स्थापना हो गई है।  मध्य प्रदेश भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों की स्थानांतरण सूची राकेश सगर 2010: उप पुलिस महानिरीक्षक सेनानी दूसरी वाहिनी विसबल ग्वालियर से उप पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल।  आशुतोष बागरी 2015: सेनानी 17वीं वाहिनी विसबल भिंड से पुलिस अधीक्षक जिला बुरहानपुर।  विधाता डागर 2021: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला ग्वालियर से सेनानी दूसरी वाहिनी विसबल ग्वालियर।  

अब परिवार से वीडियो कॉल पर जुड़ेंगी महिला कैदी, मदर्स डे पर शुरू हुआ नया सिस्टम

रायपुर. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा अनुरूप आज 10 मई को मदर्स डे के अवसर पर महिला जेल, रायपुर में प्रिजन इनमेट वीडियो कालिंग सिस्टम का शुभारंभ किया गया। इस सिस्टम से महिला बंदिनी अपने परिवार जन एवं अधिवक्ता से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बात कर सकेगी। यह सिस्टम जेल विभाग एवं BSNL के मध्य संपादित हुए MoU के अंतर्गत स्थापित किया गया है। कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र से किया सम्मानित साथ ही निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त 38 महिला बंदिनियों को कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरण कर सम्मानित किया गया। बच्चों को किये गए उपहार वितरित इस अवसर पर महिला बंदिनियों के साथ जेल में रह रहे 14 बच्चों को जेल विभाग की और से उपहार वितरित किये गए। इस दैरान हिमांशु गुप्ता (डीजी जेल), योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), विजय छबलानी (बीएसएनएल), सुश्री गरिमा पांडेय (महिला जेल प्रभारी) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। 

पीएम जन-मन के तहत प्रदेश को मिली 261 करोड़ लागत वाली 384 किमी सड़क परियोजनाएं, 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को मिलेगा सीधा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना ही पूरे देश के ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल सकती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने यह संभव कर दिखाया है। इस योजना से बनीं सड़कें गांवों की जीवन धारा बन चुकी हैं। ग्रामीण भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का योगदान अतुलनीय है। देश-प्रदेश के छोटे-बड़े कस्बों, गांव-देहात, टोले-मजरों की अंतिम सीमा तक पक्की सड़कों की पहुंच हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन बेहद आसान हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास कार्यक्रमों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल में उतारकर समावेशी विकास की लक्ष्य पूर्ति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नई रफ्तार मिली है। ग्राम्य भारत का पूरा परिदृश्य ही बदल देने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने पर आज मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। इस योजना का रजत जयंती समारोह वास्तव में ग्रामीण विकास के एक नए युग का उद्घोष है। पीएमजीएसवाय-फोर और पीएम जन-मन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क सम्पर्क से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 एवं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के कार्यों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री  कमलेश पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर राज्य स्तरीय समारोह का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पीएमजीएसवाय की 25 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी के मामले में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण कर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। पिछले 25 सालों में सड़कों से मंडियों तक किसानों की पहुंच आसान हुई है। बच्चों की शिक्षा नियमित हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह के जरिए मध्यप्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की बात पर हम सभी साथ हैं। गरीब का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांव-देहात की सड़क एक रास्ता भर नहीं होती, यह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की आधार रेखा होती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। पीएमजीएसवाय-फोर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हमेशा ही इस राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंचने, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधनी क्षेत्र से आज प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी ने 25 साल पहले ग्रामीण सड़कों के निर्माण की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री आवास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि मिली है। सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश को अलग-अलग कैटेगरी में तीन पुरस्कार मिले हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगे गए सभी विकास कार्यों एवं मांगों पर सहमति देते हुए इनकी पूर्ण मंजूरी की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने पीएमजीएसवाय-फोर एवं पीएम-जन-मन योजनाओं के स्वीकृति आदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने मध्यप्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित निधि का 830 करोड़ रुपये सांकेतिक आवंटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान देश के अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को डिजिटल माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाय से संबंधित निधि 18 हजार 907 करोड़ रुपये का सांकेतिक वित्तीय आवंटन जारी किया गया। इसमें से 830 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए आरक्षित हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 2 हजार 55 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी कर इसका स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। केन्द्र सरकार का यह बजट आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आवासीय सुविधाओं को नई गति देगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने भारत सरकार द्वारा मूंग एवं सरसों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदे जाने का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौंपा। रजत जयंती समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए लम्बाई, बसाहटों को जोड़ना, तकनीक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, रखरखाव एवं गारंटी पीरियड के बाद भी बेहतर रख-रखाव के मानक की कुल पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में से सर्वाधिक लम्बाई वाली पीएमजीएसवाय सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय सड़कों से ग्रामीण बसाहटों को जोडने की श्रेणी में बिहार राज्य को पहला स्थान प्राप्त हुआ। दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला। मध्यप्रदेश में कुल 17 हजार 793 ग्रामीण बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। गारंटी पीरियड के बाद भी सड़कों को बेहतर रख-रखाव के मामले में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। बताया गया … Read more

राजधानी भोपाल में टॉयलेट संकट, जगह की कमी से स्वच्छता मिशन पर लगा ब्रेक

भोपाल. स्वच्छता सुविधाएं बढ़ाने के लिए नगर निगम द्वारा शहर के 85 वार्डों में 160 सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन निगम प्रशासन के लिए इन शौचालयों के लिए जगह निर्धारित करना चुनौती बन गया है। कई स्थानों पर स्थानीय नेताओं और रहवासियों की आपत्तियों के चलते निर्माण कार्य अटक गया है। यही वजह है कि अभी तक 70 स्थानों पर ही निर्माण शुरू हो सका है। दरअसल, नगर निगम को केंद्र सरकार से अमृत 2.0 परियोजना के तहत 160 सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए राशि जारी की गई है। एक शौचालय के निर्माण पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर के सभी 85 वार्डों में ऐसे स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं, जहां सार्वजनिक शौचालयों की जरूरत अधिक है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक, एक शौचालय को 160 वर्ग फीट में तैयार करना है। 160 में से अभी तक 106 शौचालयों के लिए ही जगह चिह्नित की जा सकी है। हालांकि, इनमें से भी अभी तक करीब 70 स्थानों पर ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। वहीं, 30 से अधिक शौचालय रहवासियों के विरोध और नेताओं की आपत्ति के चलते अधर में लटके हुए हैं।रहवासी भी कर रहे हैं विरोधवहीं, कई इलाकों में स्ट्रक्चर खड़े करने के बाद भी विरोध शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सफाई और मेंटनेंस नहीं हुआ तो आसपास गंदगी और दुर्गंध फैलने लगेगी। शहर में पहले से संचालित कई सुलभ और सार्वजनिक शौचालय निजी केयरटेकर एजेंसियों के जरिए संचालित हो रहे हैं, लेकिन नए बनने वाले शौचालयों की देखरेख को लेकर स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई है। शौचालयों निर्माण के लिए जगह को लेकर हो रहा विवाद शौचालयों के निर्माण के लिए जगह को लेकर विवाद की स्थिति भी बनने लगी है। कई मामलों में जमीन के स्वामित्व और उपयोग को लेकर आपत्तियां न्यायालय तक पहुंच गई हैं। अब तक चार मामले न्यायालय में पहुंच चुके हैं। विवाद से बचने के लिए निगम पहले चयनित स्थानों पर प्रारंभिक खुदाई करवा रहा है और आपत्ति नहीं आने पर आगे का निर्माण शुरू किया जा रहा है। वहीं, ऐशबाग क्षेत्र में बाग उमराव दूल्हा क्षेत्र में बनाए जा रहे एक शौचालय के लिए जाने वाले रास्ते पर रेलवे ने दीवार खड़ी कर दी है। अब इस जगह को लेकर निगम प्रशासन ने रेलवे को पत्र लिखा है। शहर में यूरिनल निर्माण के लिए 106 जगह चिह्नित की गईं थीं। इनमें से करीब 70 जगह निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, अन्य जगह भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।- आरआर जारोलिया, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।

सरकार की आवास योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति को राहत, 33 हजार आवास मंजूर और 21 हजार पूर्ण

रायपुर राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक  राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे। सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।  जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

पटना में नया संपर्क मार्ग तैयार, मंदिरी नाले पर बनी 1289 मीटर सड़क का उद्घाटन आज

 पटना  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को 115 करोड़ की लागत से मंदिरी नाले पर बनी सड़क का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले रविवार की शाम पटना पहुंचने पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का एयरपोर्ट पर कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। बांकीपुर विधायक रहते विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में नवीन ने मंदिरी नाले पर सड़क निर्माण की पहल की थी। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्कता की बात करें तो नाले के ऊपर पथ निर्माण से नेहरू पथ से जेपी गंगा पथ, अशोक राजपथ, डबल डेकर, पीएमसीएच तक जाने के लिए स्थानीय नागरिकों को एक नई कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी। इस पथ के निर्माण से प्रमुख रूप से वार्ड संख्या 25, 26, 27 समेत उतरी बिहार जाने वाले लाखों की आबादी को सुगम सड़क संपर्कता मिलेगी। साथ ही पटना के नेहरू पथ पर लगने वाले जाम एवं ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी। वर्ष 2004 में उनके पिता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा ने मंदिरी नाले की इस महत्वाकांक्षी योजना को तैयार करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा, आज जब यह परियोजना पूर्ण होकर जनता को समर्पित हो रही है, तो मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मुझे अपने पिताजी का सपना साकार करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बतौर बांकीपुर विधायक मुझे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में इस योजना का शिलान्यास करने का अवसर मिला था। और आज उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनना मेरे लिए अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है। स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ बांकीपुर क्षेत्र के विकास एवं जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा लगातार कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा एवं बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रही है। मंदिरी नाले का निर्माण भी इसी संकल्प का परिणाम है, जिससे हजारों स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी और आने वाले समय में भी सड़क, नाला, पेयजल एवं अन्य जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उल्लेखनीय हो कि पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा मंदिरी नाले का जीर्णोद्धार का काम किया जा रहा है। इस पथ की कुल लम्बाई 1289 मीटर है। पथ की प्रशासनिक स्वीकृति की राशि ₹115.08 करोड़ मात्र है। कार्य प्रारंभ की तिथि सितम्बर 2023 एवं कार्य समाप्ति की तिथि 25 मार्च 2026 है। पथ की चौड़ाई 5.5m x 2 Lane है एवं इसके अतिरिक्त सर्विस रोड 3.5 मीटर एवं ड्रेन की चौड़ाई 01 मीटर रख गया है। वहीं, मंदिरी नाला में मिलने वाले नालों में एसपी वर्मा रोड, मीठापुर, गर्दनीबाग, बाबूबजार, धोबीघाट, इकोपार्क 1, इकोपार्क 2, इकोपार्क 3, छज्जुबाग, एमएलए फ्लैट एवं सिचाई भवन शामिल है । इसके साथ ही पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा मंदिरी नाले पर 1289 मीटर लम्बी सड़क बनाई गई है। नाले के जीर्णोद्धार के साथ ही इसे ढक कर उसके उपर सड़क का निर्माण किया गया है। इस योजना के तहत नेहरू पथ (बेली रोड) पर आयकर चौराहा से दानापुर-बांकीपुर पथ के बांस घाट तक 1289 मीटर संपर्क पथ का निर्माण किया गया है।