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इंदौर में Diljit Dosanjh के कॉन्सर्ट पर संकट, वेन्यू को नोटिस जारी; चार गानों को लेकर शिकायत

 इंदौर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) का 30 अक्टूबर को दिल्ली के जेएनएल स्टेडियम में शानदार कॉन्सर्ट हुआ. इस इवेंट में सिंगर के कई हजार फैंस पहुंचे थे. हालांकि, इस कॉन्सर्ट से पहले आयोजकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में परमिशन नहीं दी थी. जब आयोजकों ने दिल्ली पुलिस की शर्तें पर हामी भरी, उसके बाद ही परमिशन दी गई है. एक तरफ दिलजीत बम की धमकियों का सामना कर रहे हैं. दूसरी तरफ अब उनके इंदौर में ऑरा इंडिया टूर के तहत होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर विवाद होता दिख रहा है. दरअसल, महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक पत्र जारी किया है.  जिसमें उन्होंने सिंगर से मांग की है कि इंदौर के कॉन्सर्ट में वो अपने चार गानों को ना गाएं. आइए पूरा मामला समझते हैं।    दिलजीत दोसांझ के इन चार गानों पर रोक की मांग दिलजीत दोसांझ का ऑरा इंडिया टूर के तहत इंदौर में 15 नवंबर 2026 को सी-21 मॉल लाइव कॉन्सर्ट होने वाला है. इससे पहले कॉन्सर्ट को लेकर विवाद हो गया है. दरअसल, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ा पत्र जारी किया है. जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने सी-21 मॉल के मैनेजर को पत्र लिखकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है. पत्र में कहा गया है कि कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत दोसांझ 'पटियाला पैग', '5 तारा ठेके', 'जेब विचों फीम लब्बी आ' और 'जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पबंदी हथियार दी' गाने न गाएं।  क्यों की रोक की मांग? दिलजीत के इन चार गानों पर रोक की मांग पर विभाग का कहना है कि ये गाने छोटे बच्चों पर गलत प्रभाव डालते हैं और शराब-नशे के उपयोग के लिए प्रेरित करते हैं. कॉन्सर्ट में 5 साल से बड़े बच्चों का प्रवेश रखा गया है. बता दें कि विभाग ने यह कार्रवाई चंडीगढ़ के रहने वाले प्रोफेसर पंडितराव धारेनावर के 1 नवंबर 2026 के पत्र के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने बच्चों को स्टेज पर न बुलाने और बुलेट बेल्ट न पहनने की भी मांग की थी।  प्रोफेसर ने शिकायत में रखी थीं 3 मांगे चंडीगढ़ के रहने वाले प्रोफेसर पंडितराव धारेनावर ने अपनी शिकायत में तीन मांगे रखी थीं. उन्होंने अपने पत्र में दिलजीत के चार गाने 'पटियाला पैग', '5 तारा ठेके', 'जेब विचों फीम लब्बी आ' और 'जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पबंदी हथियार दी' को ना बजाने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने तेज आवाज में गाने ना बचाने के लिए कहा था. उनके मुताबिक, इससे आवाज बच्चों की सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंच सकता है. शिकायतकर्ता ने दिलजीत दोसांझ को सीने पर क्रॉस के आकार में चांदी के रंग की दो कारतूस बेल्ट पहनने से रोकने की मांग भी की थी. उनका मानना है कि सीने पर कारतूसों की बेल्ट पहनना बंदूक संस्कृति और हिंसा का प्रतीक है. इस तरह की वस्तुओं का प्रदर्शन दर्शकों को हिंसक व्यवहार के लिए उकसा सकता है।  शराब और नशे को बढ़ावा देने वाले गानों पर आपत्ति प्रोफेसर ने अपनी शिकायत में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश (CWP/27011/2016) का हवाला दिया। उनका तर्क था कि शराब, नशे और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गाने बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे 'नशा मुक्त भारत अभियान' का भी उल्लेख किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन गानों को संशोधित बोलों के साथ भी मंच पर प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बच्चों को मंच पर बुलाने और बुलेट बेल्ट पहनने पर भी आपत्ति प्रोफेसर ने कॉन्सर्ट में बच्चों को मंच पर बुलाने पर रोक लगाने की मांग भी की। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि तेज आवाज बच्चों की सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। शिकायत में दावा किया गया कि लाइव कॉन्सर्ट में ध्वनि का स्तर 120 डेसीबल से अधिक हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने तेज गति से चमकने वाली लाइटों को लेकर भी चिंता जताई। शिकायत में कहा गया कि 5 से 30 हर्ट्ज की आवृत्ति से चमकने वाली रोशनी कुछ बच्चों में दौरे पड़ने का कारण बन सकती है। प्रोफेसर ने दिलजीत के सीने पर क्रॉस आकार में दो सिल्वर रंग की बुलेट बेल्ट पहनने या नकली धातु की गोलियां प्रदर्शित करने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस तरह के प्रतीक हथियार संस्कृति और हिंसा को बढ़ावा देने वाले संदेश दे सकते हैं। पांच साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों की मौजूदगी को देखते हुए उन्होंने इसे अनुचित बताया। दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने 'ऑरा इंडिया टूर' पर हैं। इंदौर में 15 नवंबर को होने वाला कार्यक्रम इस टूर का भारत में दूसरा शो है। इससे पहले दिल्ली में भी उनके कॉन्सर्ट को लेकर इसी तरह का विवाद सामने आया था।  

दिल्ली में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट से 11 से ज्यादा सड़कें प्रभावित, ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के मचअवेटेड म्यूजिक कॉन्सर्ट को लेकर राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा और आवाजाही को दुरुस्त रखने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं. आज यानी 30 अक्टूबर को लोधी रोड स्थित जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में होने वाले इस बड़े आयोजन के चलते आसपास की लगभग 11 से अधिक प्रमुख सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित रहेगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी की गई एडवाइजरी के मुताबिक, दोपहर 1 बजे से लेकर देर रात 12 बजे तक कई रूटों पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे. ऐसे में अगर आप भी आज इस रूट से गुजरने की योजना बना रहे हैं, तो जाम से बचने के लिए पहले से ट्रैफिक एडवाइजरी को अच्छे से समझ लें और वैकल्पिक रास्तों का ही चुनाव करें. किन-किन रास्तों पर देखने को मिलेगा असर कॉन्सर्ट के चलते जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और उसके आसपास के बड़े इलाकों में ट्रैफिक काफी धीमा रहेगा. पुलिस के अनुसार भीष्म पितामह मार्ग, लोधी रोड, लाला लाजपत राय मार्ग, आर्च बिशप मार्ग, चौथी एवेन्यू रोड, पांचवीं एवेन्यू रोड, CGO कॉम्प्लेक्स और JLN स्टेडियम के अंदरूनी रास्तों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग सकती हैं. इसके अलावा बारापुला फ्लाईओवर, INA से जंगपुरा मेट्रो स्टेशन तक का हिस्सा, दयाल सिंह कॉलेज रोड और लोधी कॉलोनी की अंदरूनी सड़कों पर भी गाड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है. भीड़ को संभालने और सड़कों को जाम से बचाने के लिए 8 प्रमुख जगहों पर डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं. लोधी रोड से दयाल सिंह कॉलेज की तरफ जाने वाले वाहनों को अब सीधे जाने के बजाय लोधी फ्लाईओवर की ओर भेजा जाएगा, हालांकि लोधी फ्लाईओवर रेड लाइट और ऑरोबिंदो मार्ग का सीधा रास्ता खुला रहेगा. लाला लाजपत राय मार्ग से स्टेडियम की तरफ जाने वाली गाड़ियों को भी लोधी फ्लाईओवर की तरफ मोड़ा जाएगा. यही नियम सिप रोड से सोचना भवन जाने वाली गाड़ियों पर भी लागू होगा. दूसरी तरफ, भीष्म पितामह मार्ग से JLN स्टेडियम रेड लाइट की ओर आने वाले वाहनों को गेट नंबर 1 और कोटला मुबारकपुर जाने से रोककर मेहरचंद मार्केट और लोधी कॉलोनी की तरफ भेजा जाएगा. कुशक नाला बस डिपो से आने वाले वाहन स्टेडियम के गेट नंबर 3 से 7 की तरफ नहीं जा सकेंगे, इन्हें चौथी एवेन्यू रोड से लोधी रोड और INA से अरबिंदो मार्ग की तरफ डायवर्ट किया गया है. साथ ही, लोधी कॉलोनी से पांचवीं एवेन्यू रोड आने वाले वाहनों को जोहर बाग रोड की तरफ मोड़ा जाएगा. स्थिति बिगड़ने पर दो अतिरिक्त डायवर्जन भी तैयार ट्रैफिक पुलिस ने आपात स्थिति या ज्यादा भीड़ बढ़ने की सूरत में दो बैकअप डायवर्जन पॉइंट भी तय किए हैं. अगर कोटला मुबारकपुर के भीष्म पितामह मार्ग रेड लाइट पर दबाव बढ़ता है, तो स्टेडियम की तरफ जाने वाली गाड़ियों को वर्मा मार्ग से लाला लाजपत राय मार्ग और फिर यू-टर्न दिलाकर सीधे रिंग रोड की ओर भेज दिया जाएगा. इसके अलावा, भीष्म पितामह मार्ग और लोधी रोड टी-पॉइंट से स्टेडियम जाने वाले वाहनों को आर्च बिशप मार्ग, लोधी फ्लाईओवर और मदरसा अरबिंदो मार्ग की तरफ मोड़ा जा सकता है. मेट्रो से ही सफर करने की सलाह कॉन्सर्ट में शामिल होने आ रहे लोगों को ट्रैफिक पुलिस ने साफ तौर पर अपनी निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करने को कहा है, क्योंकि स्टेडियम के आसपास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी. वायलेट और येलो लाइन पर मेट्रो सेवाएं पूरी तरह से सामान्य रहेंगी. वायलेट लाइन का इस्तेमाल करने वाले दर्शक JLN स्टेडियम या जंगपुरा मेट्रो स्टेशन पर उतरकर गेट नंबर 13, 14 और 17 तक आसानी से पैदल जा सकते हैं. वहीं, येलो लाइन से आने वाले लोग INA मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं और वहां से कुशक नाला बस डिपो रेड लाइट तक कैब या ऑटो लेकर गेट नंबर 3, 6 और 8 तक पहुंच सकते हैं. कैब और ऑटो वालों के लिए प्लान अगर आप कैब, ऑटो या किसी अन्य वाहन से स्टेडियम पहुंच रहे हैं, तो पुलिस ने सिर्फ तीन पिकअप और ड्रॉप पॉइंट तय किए हैं. पहला आर्च बिशप मार्ग, दूसरा लाल मस्जिद-प्रगति विहार और तीसरा कुशक नाला बस डिपो रेड लाइट है. आर्च बिशप मार्ग और लाल मस्जिद-प्रगति विहार के ड्रॉप पॉइंट से दर्शक सीधे स्टेडियम के गेट नंबर 13, 14 और 17 तक आसानी से पहुंच सकेंगे. जबकि कुशक नाला बस डिपो वाले पॉइंट से गेट नंबर 3, 6 और 8 की तरफ जाना आसान रहेगा. दिल्ली के अलग-अलग जगहों से आने वालों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों के लिए सबसे सुगम रास्ते बताए हैं. उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण दिल्ली से आ रहे लोग अरबिंदो मार्ग से होकर लोधी रोड पहुंचें और आर्च बिशप मार्ग पर ही ड्रॉप लें. दक्षिण, पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिल्ली की तरफ से आने वाले लोग लाला लाजपत राय मार्ग से होकर लाल मस्जिद-प्रगति विहार वाले पॉइंट का इस्तेमाल करें. इसके अलावा नई दिल्ली, सेंट्रल, उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली से आने वालों को सलाह दी गई है कि वे आर्च बिशप मार्ग से लोधी रोड से ठीक पहले ही गाड़ी छोड़ दें. एम्बुलेंस को मिलेगी प्राथमिकता ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और अन्य मेडिकल वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनके लिए रास्ते हमेशा खुले रखे जाएंगे. आम जनता से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें, सड़क किनारे अपनी गाड़ियां खड़ी न करें और मौके पर तैनात जवानों के निर्देशों का पालन करें. इसके अलावा किसी भी संदिग्ध वस्तु या हरकत को देखते ही तुरंत 112 नंबर पर सूचना दें या फिर ट्रैफिक से जुड़ी पल-पल की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1095 पर संपर्क करें.

दिलजीत दोसांझ ने किया ताजमहल का दीदार, वीडियो शेयर कर बोले- अरे हुजूर, वाह ताज बोलिए

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंडिया टूर को लेकर चर्चा में हैं. दिल्ली में होने वाले अपने कॉन्सर्ट से पहले दिलजीत आगरा पहुंचे और यहां उन्होंने दुनिया के मशहूर सात अजूबों में शामिल ताजमहल का दीदार किया. भारी सिक्योरिटी के साथ वो वहां पहुंचे, और अपना एक्सपीरियंस भी शेयर किया. ताजमहल देखने गए दिलजीत दिलजीत ने ताजमहल विजिट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वीडियो में वो ताजमहल के आसपास घूमते और अलग-अलग जगहों पर पोज देते नजर आ रहे हैं. अपने अंदाज में दिलजीत हाथ जोड़कर सभी से मिल रहे थे. वीडियो शेयर करते हुए दिलजीत ने कैप्शन में लिखा- वाह ताज बोलिए. वीडियो में दिलजीत ने वॉइस ओवर भी दिया, जिसमें वो ये कहते सुनाई दे रहे हैं- अरे हुजूर, वाह ताज बोलिए. हम इंडिया आए हैं, तो शुरुआत यहीं से होनी चाहिए. दिलजीत को ताजमहल में देखकर वहां कई लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई. सोशल मीडिया पर हर तरफ उन्हीं की ताजमहल विजिट वाली वीडियो छाई हुई हैं. सिंगर का अंदाज हर बार छाया है, और इस बार भी ठीक वैसा ही हुआ है. अब लोगों को इंतजार है, तो बस उनके दिल्ली आने का जहां वो अपने औरा टूर इंडिया की शुरुआत करने वाले हैं. 30 अक्टूबर को दिल्ली में कॉन्सर्ट दिलजीत दोसांझ का दिल्ली कॉन्सर्ट 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाला है. ये उनका AURA India Tour 2026 का हिस्सा है. इस कॉन्सर्ट को लेकर कुछ दिन पहले काफी असमंजस की स्थिति बन गई थी. दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में सुरक्षा कारणों से शो को मंजूरी नहीं दी थी. पुलिस की तरफ से त्योहारों के मौसम में सुरक्षा, भीड़ संभालने और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई थी. हालांकि, आयोजकों के साथ बातचीत और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा विस्तृत प्लान मिलने के बाद पुलिस ने कॉन्सर्ट को मंजूरी दे दी. बुकमायशो ने भी साफ किया था कि शो कैंसिल नहीं हुआ है. कंपनी ने कहा था कि परमिशन को कुछ समय के लिए रोका गया था, कैंसिल नहीं किया गया था. आयोजकों ने पुलिस की तरफ से मांगे गए अतिरिक्त सुरक्षा, ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट इंतजामों को पूरा करने की बात कही थी.

दिल्ली कॉन्सर्ट की परमिशन मिलने पर दिलजीत दोसांझ का पहला रिएक्शन, इंस्टा लाइव में कही ये बात

नई दिल्ली पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने 30 अक्तूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले अपने कॉन्सर्ट को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है। इंस्टाग्राम पर लाइव आकर दोसांझ ने कहा कि वह 30 को दिल्ली में अपने प्रशंसकों से मिलेंगे। उनके इस बयान के बाद कॉन्सर्ट रद्द होने की अफवाहों पर विराम लगता नजर आ रहा है।  इंस्टा लाइव में क्या बोले दिलजीत “बन गईं रील्स, हो गए ट्वीट्स?” सुबह इंस्टाग्राम लाइव पर फैंस से जुड़े दिलजीत ने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या रील्स बन गईं, ट्वीट्स हो गए और न्यूज़रूम में डिबेट भी हो गई? उन्होंने बिना पुख्ता जानकारी के चर्चा करने वालों पर तंज कसा। “पहले खबर की सच्चाई जानो, हवा में तीर मत चलाओ” दिलजीत ने कहा कि किसी भी खबर पर चर्चा करने से पहले उसकी सच्चाई पता कर लेनी चाहिए। उन्होंने बिना तथ्यों की पुष्टि किए बहस करने और अफवाहें फैलाने वालों को निशाने पर लिया। दिलजीत ने फैंस से क्या कहा? दिलजीत ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, 'मैं ये बोल रहा था कि बन गई रील्स, बन गए ट्वीट्स, हो गई आपके न्यूज़रूम की डिबेट्स. अब मिलते हैं 30 तारीख को दिल्ली में. पहले न्यूज़ पता कर लिया करो, कच्चा धुआं मारे जा रहे हो. कच्चा धुआं मारने से अच्छा है पहले बात पता कर लिया करें।  उन्होंने आगे कहा, 'ऐवई डिबेट पर डिबेट करने जा रहे हैं, ट्वीट पर ट्वीट करने जा रहे हैं. बहुत बढ़िया दिन है, तो सोचा लाइव आ जाएं. बात भी करनी थी बहुत सारी. रील्स हो रही थी, ट्वीट हो रहे थे, न्यूज रूम की डिबेट चल रही थीं.' उन्होंने यह दोहराते हुए लाइव सेशन खत्म किया कि वे 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में अपने फैंस से मिलेंगे, जिससे कॉन्सर्ट को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया।  “मैं आ गया हूं, 30 को दिल्ली में मिलेंगे” कॉन्सर्ट रद्द होने की चर्चाओं के बीच दिलजीत ने फैंस से कहा कि वह 30 अक्तूबर को दिल्ली में मिलेंगे। लाइव खत्म करते हुए उन्होंने अपने प्रशंसकों से प्यार जताते हुए कहा, “आई लव यू।” क्या था पूरा मामला गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले इस कॉन्सर्ट के लिए परमिशन देने से इनकार कर दिया था. इसके पीछे सुरक्षा संबंधी खतरे, सुरक्षा चिंताओं और त्योहारों के सीजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियों का हवाला दिया गया था।  कॉन्सर्ट से एक हफ्ते पहले, शुक्रवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'आयोजकों के साथ बैठक और पुनर्विचार के बाद, हमने दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट के लिए अनुमति दे दी है।  इससे पहले दिन में, इवेंट आयोजक 'बुकमायशो लाइव' ने एक बयान में कहा कि जो अनुमति 'अस्थायी रूप से रोक दी गई थी', उस पर अब पुनर्विचार किया गया है और उसे जारी कर दिया गया है।  'यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसी खबरें गलत हैं जिनमें कहा जा रहा है कि 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाला दिलजीत दोसांझ का 'ऑरा इंडिया टूर' (AURA India Tour) कॉन्सर्ट रद्द हो गया है. इवेंट के लिए अनुमति को केवल कुछ समय के लिए रोका गया था, रद्द नहीं किया गया था. इन दोनों बातों को एक समझने की गलती न करें।  'त्योहारों की भीड़-भाड़' के अलावा, अनुमति न देने का एक और कारण 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली के कई स्कूलों को मिला एक फर्जी बम की धमकी वाला ईमेल था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे ही एक ईमेल में छात्रों को 30 अक्टूबर को दोसांझ के कॉन्सर्ट में न जाने की चेतावनी दी गई थी  इस फर्जी ईमेल में खालिस्तान-समर्थक नारे भी लिखे थे. यह ईमेल छह स्कूलों को मिला था, जिनमें द ब्रिटिश स्कूल, माउंट कार्मेल, अहलकॉन इंटरनेशनल स्कूल और अहलकॉन पब्लिक स्कूल शामिल हैं।  AAP ने फैसले की आलोचना की आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली सरकार और दिल्ली पुलिस पर 'बहादुर पंजाबियों' के खिलाफ 'पक्षपात' करने का आरोप लगाया है।  भारद्वाज ने 'X' पर आरोप लगाया, 'दिलजीत दोसांझ जैसे असली नायकों ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और छात्रों के खिलाफ पुलिस की हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई. सरकार ऐसे बहादुर पंजाबियों के प्रति पक्षपाती है. इससे पहले भी सरकार ने उनकी फिल्म 'सतलुज' पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो उग्रवाद के दौर में पंजाब पुलिस के अत्याचारों पर आधारित थी।  कॉन्सर्ट की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले सवाल उठे थे। आयोजकों की ओर से सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन से जुड़े इंतजामों पर चर्चा किए जाने की जानकारी सामने आई है। दिलजीत ने अपने लाइव में परमिशन मिलने की बात कही। हालांकि, अनुमति की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासन से की जानी चाहिए।  सुरक्षा व्यवस्था पर भी रहेगी नजर कॉन्सर्ट के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने, प्रवेश और निकास के रास्तों, पार्किंग तथा यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही गई है। सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और स्टेडियम के आसपास यातायात संबंधी प्रतिबंधों की अंतिम जानकारी आधिकारिक निर्देशों से स्पष्ट होगी। 

Diljit Dosanjh Concert: दिल्ली पुलिस ने क्यों रोका दिलजीत का शो? सुरक्षा कारणों से अटकी अनुमति

 नई दिल्ली दिलजीत दोसांझ के दिल्ली वाले फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. अगर आपने भी 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले उनके कॉन्सर्ट के टिकट बुक किए हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है. दिलजीत के ‘Aura India Tour’ के दिल्ली शो को सुरक्षा संबंधी मंजूरी नहीं मिली है. ऐसे में उन फैंस को झटका लगा है, जो अपने पसंदीदा सिंगर को लाइव परफॉर्म करते देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।  पुलिस ने सुरक्षा कारणों से नहीं दी मंजूरी रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के ऑफिस ने 'बुक माय शो' को एक पत्र भेजा है. इसमें 14 अक्टूबर 2026 को मिले आवेदन का जिक्र करते हुए बताया गया कि 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती।  पत्र में इसकी वजह बताते हुए कहा गया कि सुरक्षा से जुड़े कुछ खास इनपुट मिले हैं. इसके अलावा, त्योहारों के मौसम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी दूसरी अहम जिम्मेदारियों के चलते भी सुरक्षा व्यवस्था पर काफी दबाव है. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शो आयोजित करने की मांग को मंजूरी नहीं दी गई।  हालांकि, इस अपडेट से टिकट बुक कर चुके फैंस के मन में कई सवाल उठना लाजिमी है. फिलहाल टिकटों के रिफंड, शो की नई तारीख या किसी दूसरी जगह आयोजन को लेकर स्थिति साफ होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।  दिल्ली दिलजीत का ये टूर इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरू, लखनऊ और चंडीगढ़ में भी होने वाला है. इस टूर की शुरुआत दिल्ली से होनी थी लेकिन अब देखना होगा कि प्लान में क्या बदलाव आते हैं।  टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता हाल ही में मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ था. उनसे जुड़े ठिकाने को निशाना बनाकर गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई थी. जांच के दौरान आरोपियों पर फिल्मी सितारों के घरों और ठिकानों की रेकी करने के आरोप भी सामने आए थे. इस घटना ने मनोरंजन जगत की हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।  हालांकि, दिलजीत के दिल्ली कॉन्सर्ट को मंजूरी न मिलने की वजह के तौर पर पुलिस के पत्र में सुरक्षा से जुड़े इनपुट और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों का जिक्र है। 

. दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट पर संकट, 30 अक्टूबर के शो को नहीं मिली पुलिस की मंजूरी

दिलजीत दोसांझ के दिल्ली वाले फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. अगर आपने भी 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले उनके कॉन्सर्ट के टिकट बुक किए हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है. दिलजीत के ‘Aura India Tour’ के दिल्ली शो को सुरक्षा संबंधी मंजूरी नहीं मिली है. ऐसे में उन फैंस को झटका लगा है, जो अपने पसंदीदा सिंगर को लाइव परफॉर्म करते देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. पुलिस ने सुरक्षा कारणों से नहीं दी मंजूरी रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के ऑफिस ने 'बुक माय शो' को एक पत्र भेजा है. इसमें 14 अक्टूबर 2026 को मिले आवेदन का जिक्र करते हुए बताया गया कि 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती. पत्र में इसकी वजह बताते हुए कहा गया कि सुरक्षा से जुड़े कुछ खास इनपुट मिले हैं. इसके अलावा, त्योहारों के मौसम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी दूसरी अहम जिम्मेदारियों के चलते भी सुरक्षा व्यवस्था पर काफी दबाव है. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शो आयोजित करने की मांग को मंजूरी नहीं दी गई. हालांकि, इस अपडेट से टिकट बुक कर चुके फैंस के मन में कई सवाल उठना लाजिमी है. फिलहाल टिकटों के रिफंड, शो की नई तारीख या किसी दूसरी जगह आयोजन को लेकर स्थिति साफ होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है. दिल्ली दिलजीत का ये टूर इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरू, लखनऊ और चंडीगढ़ में भी होने वाला है. इस टूर की शुरुआत दिल्ली से होनी थी लेकिन अब देखना होगा कि प्लान में क्या बदलाव आते हैं. टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता हाल ही में मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ था. उनसे जुड़े ठिकाने को निशाना बनाकर गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई थी. जांच के दौरान आरोपियों पर फिल्मी सितारों के घरों और ठिकानों की रेकी करने के आरोप भी सामने आए थे. इस घटना ने मनोरंजन जगत की हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है. हालांकि, दिलजीत के दिल्ली कॉन्सर्ट को मंजूरी न मिलने की वजह के तौर पर पुलिस के पत्र में सुरक्षा से जुड़े इनपुट और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों का जिक्र है.  

परविंदर झोटा के समर्थन में आए दिलजीत दोसांझ, सोशल मीडिया पर लिखी दिल की बात

चंडीगढ़. मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने झोटा को शहीद बताते हुए परिवार के लिए न्याय की मांग की है। दोसांझ ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर झोटा की एक तस्वीर शेयर की। उन्होंने लिखा, "शहीद परविंदर सिंह। दुख की इस घड़ी में पूरा पंजाब उनके परिवार के साथ है। परिवार को न्याय मिलना चाहिए।" झोटा केमिस्ट की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में एक मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े उन्हें गोली मार दी गई। स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार ने झोटा पर तब गोली चलाई, जब उन्होंने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने को लेकर उससे सवाल किया था। आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। यह घटना तब हुई जब झोटा फेसबुक लाइव कर रहे थे। झोटा की हत्या के छह दिन बाद भी उनका पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। उनके परिवार वाले और समर्थक मानसा में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने तब तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है, जब तक कि न्याय नहीं मिल जाता। झोटा की हत्या के बाद कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त कार्य समिति बनाई गई है। यह समिति घटना की CBI जांच, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे सहित कई अन्य मांगें कर रही है।

Diljit Dosanjh की फिल्म पर फिर विवाद! रिलीज के 2 दिन बाद OTT से हटाई गई, एक्टर ने कहा- मुझे इसका अंदाजा था

चंडीगढ़  दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' को 3 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर नाम बदलकर रिलीज किया गया था, पर दो दिन बाद ही इसे हटा दिया गया। अब अगले आदेश तक इसे भारत में OTT पर नहीं दिखाया जाएगा। तीन साल तक सेंसर बोर्ड के साथ विवाद में फंसे रहने के बाद 'सतलज' बड़ी मुश्किल से अब रिलीज की रोशनी देख पाई थी, पर अचानक हटाए जाने से न सिर्फ आम जनता में गुस्सा है, बल्कि सेलेब्स भी गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। 'सतलज' को हटाए जाने पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'अभिव्यक्ति की आजादी' पर हमला बताया। एक्टर रणवीर शौरी से लेकर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी नाराजगी जाहिर की है। 'सतलज' की कहानी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा पर आधारित है। उन्होंने 90 के दशक में 25 हजार लापता सिखों के लिए लड़ाई लड़ी थी। साथ ही 2000 लोगों की मौत का पता लगाया था, जिनकी लाशों को लावारिस बताकर जला दिया गया था। पर बाद में पुलिस ने खालरा का ही फेक एनकाउंटर कर लाश को नदी में फेंक दिया था। 'सतलज' को बंपर रिस्पॉन्स, फिल्म देख रो पड़े थे लोग 3 जुलाई को जब 'सतलज' OTT पर आई, तो जिन्होंने भी फिल्म देखी वो रो पड़े और सभी से इसे देखने की अपील की। यहां तक कि IMDb पर भी इसे 9.7/10 रेटिंग मिली है। लेकिन अब अचानक ही इस फिल्म को OTT से भारत में हटा दिया है। इससे जनता और सेलेब्स भड़के हुए हैं। सुखबीर सिंह बादल भड़के- अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने 'सतलज' हटाए जाने पर गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'भारत में ZEE5 से 'सतलज' को मनमाने ढंग से हटाए जाने से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस. जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। मैं इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं। पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का अधिकार है, दमन का नहीं।' यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। रणवीर शौरी ने यूं जाहिर किया गुस्सा रणवीर शौरी ने भी गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'यह सुनकर बहुत निराशा हुई कि 'सतलज' को हटा दिया गया है। मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं।' मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं। पहले फिल्म के बारे में जानिए…     मानवाधिकार कार्यकर्ता पर आधारित, 2022 में बननी शुरू हुई: मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के नाम पर 2022 में फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था, जिसका अर्थ 'नरसंहार' होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया।     सेंसर बोर्ड ने नाम बदलवाया: साल 2023 में फिल्म बनकर तैयार हो गई। इसके बाद इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखा गया।     127 कट लगाने को भी कहा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी।     विदेशों में रिलीज नहीं हो सकी: इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। इसके बाद साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।     सिर्फ OTT पर रिलीज करने की छूट मिली: इसके बाद इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 दिन के भीतर पंजाब में इस फिल्म को खूब देखा गया। जिसके बाद अचानक OTT प्लेटफॉर्म से फिल्म हट गई। इसके बारे में सिर्फ इतना कहा गया कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है। फिल्म हटाने पर दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा…     इंसानियत होती है, जो मर गई: फिल्म को हटाए जाने पर दिलजीत ने कहा कि मैं लोगों के मुंह की तरफ देखता हूं। एक इंसानियत होती है, लेकिन वह इंसानियत मर गई। कमाल है। फिल्म इंटरनेट से हट गई, इसलिए मैं उदास नहीं हूं। फिल्म तो लोगों तक पहुंच ही गई। अब वह कहीं नहीं जाने वाली। एक प्यार, इत्तेफाक और इंसानियत होती है, लेकिन लोगों का रवैया कमाल का है। बस इसी बात का थोड़ा दुख है।     मुझे पहले पता था ऐसा होना है: दिलजीत ने कहा- मुझे पहले से ही पता था कि ऐसा होना है। मैंने सोचा था कि अगर फिल्म दो-तीन दिन भी चल जाए तो हमारा काम हो जाएगा। इंटरनेट पर एक बार कोई चीज आ जाए, तो उसे पूरी तरह हटाना आसान नहीं होता। इनके सलाहकार … Read more

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ समेत मेयर के घर को उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

लुधियाना  पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ और लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को बम से उड़ने की धमकी भरा मेल मिला है. यह मेल सोमवार की सुबह लुधियाना नगर निगम कमिश्नर की सरकारी ईमेल आईडी पर आया है. इस मेल में कहा गया है कि लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को दोपहर 1:11 पर बम से उड़ा दिया जाएगा जबकि रात 9:11 पर दिलजीत दोसांझ के घर पर हमला होगा. यह मेल खालिस्‍तान नेशनल आर्मी की तरफ से भेजा गया बताया जा रहा है।  पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह-सुबह नगर निगम कमिश्नर के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर एक धमकी भरा मेल आया. बता दें कि इससे पहले पंजाब के कई स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं।  इस ईमेल में लिखा था कि लुधियाना की मेयर और सिंगर दिलजीत दोसांझ के ठिकानों पर जोरदार धमाके किए जाएंगे. धमकी देने वाले ने इस हरकत को अंजाम देने के लिए बकायदा एक खास तारीख और समय का भी जिक्र किया था।  ईमेल में खास लोगों और संगठन के नामों का भी हवाला सूत्रों ने बताया कि इस ईमेल में कुछ खास लोगों और एक संगठन के नामों का भी हवाला दिया गया है. पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीमें इस ईमेल की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।  बम की इस खौफनाक धमकी के मिलते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. सुरक्षा के मद्देनजर मेयर के कैंप ऑफिस और शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।  क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे आई ईमेल आईडी का विषय "B"0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!" रखा गया है। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी दी गई है। इसके साथ ही रात 9:11 बजे दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी दी है। हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा।” 1984 के दंगों का जिक्र, 6 जून तक का अल्टीमेटम ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए "खून का बदला खून" की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा। किसने भेजी है यह धमकी? ईमेल के अंत में इसे 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं: 1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला) 2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा) पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है। जांच में जुटी पुलिस और खुफिया एजेंसियां लुधियाना पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस धमकी की गंभीरता को परखने और ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच के दौरान किसी भी जगह से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।  इसके बावजूद, प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और पूरी सतर्कता के साथ चप्पे-चप्पे पर सर्च ऑपरेशन और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।   

दिलजीत दोसांझ: राजनीति नहीं, लेकिन सुर्खियों में हमेशा

चंडीगढ़ पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) ने हाल के समय में कई संवेदनशील सिख मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। चाहे अलगाववादी राजनीति से दूरी बनाने की बात हो या विदेशों में बसे पंजाबी सिख प्रवासियों की संघर्षपूर्ण सफलता को पहचान देने की, दिलजीत ने अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, अब तक उन्होंने राजनीति में आने का कोई संकेत नहीं दिया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में दोसांझ ने लिखा कि वह कभी भी राजनीति में नहीं आएंगे। दिलजीत दोसांझ ने लिखा, राजनीति में कभी नहीं… मेरा काम एंटरटेनमेंट करना है। मैं अपने क्षेत्र में बहुत खुश हूं। इसके बावजूद पंजाब में एक वर्ग ऐसा है जो उन्हें मौजूदा समय में राज्य के लिए संभावित राजनीतिक विकल्प के रूप में देख रहा है। आर्थिक चुनौतियों और नशे की समस्या से जूझ रहे पंजाब में कुछ सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि दिलजीत जैसे चेहरे की राजनीति में जरूरत है। ‘जागो पंजाब मंच’ नामक एक समूह, जिसमें पूर्व सैन्य अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं, ने सार्वजनिक रूप से दिलजीत दोसांझ से राजनीति में आने की अपील की है। सेवानिवृत्त नौकरशाह एस.एस. बोपाराय के नेतृत्व वाले इस समूह का मानना है कि दिलजीत मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व से अलग हैं, क्योंकि उन्होंने कभी सत्ता की इच्छा जाहिर नहीं की। दिलजीत आज सिर्फ एक वैश्विक कलाकार नहीं, बल्कि पंजाबी अस्मिता के प्रतीक बन चुके हैं। उनकी पहचान किसी राजनीतिक विचारधारा से नहीं, बल्कि “पंजाबी पहचान” से जुड़ी मानी जाती है। वह अपने देसी अंदाज को खुलकर अपनाते और प्रदर्शित करते हैं। हाल ही में मेट गाला में महाराजा शैली के हार और पंजाबी लिपि से सजी पोशाक पहनकर पहुंचे दिलजीत ने वैश्विक मंच पर पंजाबी संस्कृति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। वहीं सोशल मीडिया पर भी वह खुद को एक साधारण ‘देसी बॉय’ के रूप में पेश करते हैं, जो उनके प्रशंसकों को उनसे जोड़ता है। साल 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। हालांकि, उस समय भी उन्होंने साफ किया था कि वह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं हैं। पिछले वर्ष उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) से मुलाकात की थी, जिसे राजनीतिक रूप से संतुलित रुख के तौर पर देखा गया। हाल के दिनों में कनाडा में अपने कार्यक्रम के दौरान खालिस्तानी झंडे लहराए जाने पर आपत्ति जताकर दिलजीत ने खुद को अलगाववादी राजनीति से भी अलग दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कनाडा में पंजाबी प्रवासियों की यात्रा कोमागाटा मारू घटना से लेकर आज वहां प्रभावशाली समुदाय बनने तक को गर्व के साथ प्रस्तुत किया। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दिलजीत दोसांझ कभी राजनीति में कदम रखेंगे? और अगर ऐसा होता है, तो क्या पंजाब की जनता उन्हें एक राजनीतिक नेता के रूप में स्वीकार करेगी? इसका जवाब आने वाला समय ही देगा।