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दस्यु प्रभावित क्षेत्र अब प्रगति से बना रहा है नई पहचान गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए लेंगे केन्द्र सरकार का सहयोग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है। उद्योग खुलने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना होगा : केंद्रीय मंत्री  सिंधिया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डा. यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है। केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया।  सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे गुना के युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री  सिंधिया ने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त :  प्रणव अदाणी उद्योगपति  प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमेन  गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा।  अदाणी ने मध्यप्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे। खाद्य,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में विकास का पहिया तीव्र गति से घूम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग वर्ष के बाद कृषि वर्ष में प्रदेश में समृद्धि के प्रयास तेज किए हैं। परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद 78 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। किसानों को उनकी मेहनत की पूरी कीमत दी जा रही है। कार्यक्रम में जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। रोड शो में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  सिंधिया के गुना आगमन पर रोड-शो में नागरिकों ने पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिक जिनमें युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों का अभिवादन किया।  

बीजेपी में बड़ी तैयारी: राजस्थान में बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों की पहली सूची जल्द संभव

जयपुर राजस्थान में जल्द राजनीतिक नियुक्तियों की पहली सूची आ सकती है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे के बाद सत्ता और संगठन में हलचल तेज हो गई है. सीएम ने दिल्ली में बीजेपी संगठन महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की. इन बैठकों को राजस्थान में सत्ता-संगठन से जुड़े बड़े फैसलों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा लंबे समय से अटकी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हुई. नियुक्तियों पर होमवर्क पूरा बताया जा रहा है कि भाजपा संगठन और राज्य सरकार ने बोर्ड, निगम, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर पूरा होमवर्क कर लिया है. अब सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मंजूरी बाकी है. चर्चा है कि चुनाव हारने के बाद हाशिए पर गए करीब एक दर्जन वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. इसके साथ ही लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को भी एडजस्ट करने की तैयारी है. इन नेताओं का नाम दौड़ में सबसे आगे राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, राजपाल सिंह शेखावत, डॉ. रामप्रताप, अभिषेक मटोरिया, कनकमल कटारा, मोहनलाल गुप्ता, निर्मल कुमावत, नारायण पंचारिया, अजयपाल सिंह, चंद्रकांता मेघवाल, संतोष अहलावत जैसे नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष से संगठन को मजबूत करने पर चर्चा मुख्यमंत्री ने आज (10 मई) दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई दी. इस अवसर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई. किसी भी वक्त मिल सकती है हरी झंडी भाजपा इन नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और संगठनात्मक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है. साथ ही चुनाव हार चुके नेताओं को नई भूमिका देकर कार्यकर्ताओं में राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी मानी जा रही है. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद शुरू हो सकती है.

​नई दिल्ली में आयोजित ‘विजनरी डॉक्टरेट अवार्ड्स’ में शामिल हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप

जगदलपुर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 'विजनरी डॉक्टरेट अवार्ड्स' कार्यक्रम में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस प्रतिष्ठित समारोह में देशभर से पहुंचे उन प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा, विज्ञान, कला और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले महानुभावों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सांसद महेश कश्यप ने अपने हाथों से पुरस्कार वितरित करते हुए सभी सम्मानित व्यक्तियों के प्रयासों की सराहना की।इस ​अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार और उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम हैं। जब हम प्रतिभाओं का सम्मान करते हैं, तो इससे आने वाली पीढ़ी को भी राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।​सांसद श्री कश्यप ने सभी सम्मानित महानुभावों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा आप सभी सम्मानित विभूतियों से आशा है कि भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ समाज के उत्थान और देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। ​

रात में एक्शन मोड में दिखे ऊर्जा मंत्री तोमर, अस्पताल और बिजली केंद्रों का किया निरीक्षण

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार देर रात अचानक निरीक्षण के लिए निकल पड़े। विद्युत उपकेन्द्र मोतीझील और बहोड़ापुर पहुंचे जहां उन्होंने विद्युत वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मेंटेनेंस, विद्युत सप्लाई और शिकायतों के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र कार्यालय का निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों से बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हालात सुधार लें अन्यथा अगली बार सिर्फ चेतावनी नहीं दूंगा, सीधे कार्यवाही होगी। ऊर्जा मंत्री  तोमर रात में ही अचानक सिविल अस्पताल हजीरा पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में गर्मी के बीच एसी बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रबंधन को एसी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। मंत्री  तोमर ने दो टूक कहा कि अति-संवेदनशील वार्डों में इस तरह की लापरवाही ठीक नहीं है। उन्होंने मौके से ही अस्पताल प्रभारी डा. प्रशांत नायक को फोन लगाकर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री  तोमर ने केवल मशीनों का ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन का भी जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर से सवाल किया कि रात के समय अस्पताल में कितना स्टाफ तैनात रहता है। इमरजेंसी में बैकअप की क्या तैयारी है। क्या सभी जरूरी जीवन रक्षक दवाएं स्टाक में उपलब्ध हैं। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सिविल अस्पताल एवं प्रसूति गृह बिरला नगर का भी औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और उपस्थित चिकित्सकों व स्टाफ से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने वार्डों में जाकर उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय भेंट की। उनकी कुशलक्षेम और अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जमीनी हकीकत को जाना। साथ ही ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करने और मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता की सेवा और उनके स्वास्थ्य के प्रति हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बिरला नगर प्रसूति गृह से ऊर्जा मंत्री मनोरंजनालय पार्क पहुँचे यहाँ की विद्युत, लाइटिंग एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए रात्रिकालीन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क तथा शील नगर (बहोड़ापुर) स्थित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पार्क का निरीक्षण कर रात्रिकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पार्क में प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के नाते आपके इस सेवक का यह दायित्व है कि हमारे सार्वजनिक स्थल न केवल सुंदर हों, बल्कि सुरक्षित भी हों। शनिवार रात अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अधिकारी और कर्मचारियों की कार्य के प्रति लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

झारखंड महागठबंधन में दरार: कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से झामुमो भी चिंतित

 रांची  झारखंड की सत्ताधारी महागठबंधन सरकार में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान अब सहयोगी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लिए भी चिंता का सबब बनती जा रही है। लगातार बढ़ रही गुटबाजी और नेताओं के बीच खुलकर सामने आ रहे मतभेदों ने गठबंधन की सियासत को असहज मोड़ पर ला खड़ा किया है। हाल के दिनों में मंत्री राधाकृष्ण किशोर के तेवरों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने एक साथ कई मुद्दों पर नाराजगी जाहिर कर यह संकेत दे दिया है कि कांग्रेस के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के खिलाफ पार्टी के अंदर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। संगठन में फैसलों की शैली, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और राजनीतिक समन्वय को लेकर कई वरिष्ठ नेता नाराज बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश नेतृत्व में बदलाव को लेकर अंदरखाने लामबंदी तेज हो गई है। कांग्रेस के कुछ नेता मानते हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में संगठन को संभालने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत महसूस की जा रही है। झामुमो लगातार रख रहा नजर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि मंत्रियों के विभागों के पुन: बंटवारे और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर भी असहमति पैदा हो सकती है। कई नेताओं को यह शिकायत है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल नहीं बन पा रहा है। इसी कारण समय-समय पर सार्वजनिक बयानबाजी सामने आ रही है, जिससे गठबंधन की छवि प्रभावित हो रही है। झामुमो भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि कांग्रेस की अंदरूनी कलह का सीधा असर सरकार की स्थिरता और समन्वय पर पड़ सकता है। भाषा विवाद पर भी धर्मसंकट इधर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हाल में भाषा विवाद के मुद्दे पर प्रदेश अध्यक्ष से जवाब मांगकर राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। वे इस निमित्त गठित मंत्रियों के समूह में शामिल हैं। इसका हवाला देते हुए उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से पार्टी का आधिकारिक पक्ष बताने को कहा है। जिस तरह सार्वजनिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष पर सवाल खड़े हो रहे हैं, उससे यह स्पष्ट संकेत गया कि पार्टी के भीतर संवाद और भरोसे का संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस जल्द ही अंदरूनी मतभेदों को नियंत्रित नहीं करती है तो इसका असर आगामी राजनीतिक रणनीतियों और गठबंधन की मजबूती पर पड़ सकता है। झामुमो की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ रही है कि विपक्ष लगातार महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठा रहा है। भाजपा कांग्रेस की अंदरूनी कलह को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। ऐसे में गठबंधन के सहयोगी दल चाहते हैं कि कांग्रेस अपने संगठनात्मक विवादों को जल्द सुलझाए ताकि सरकार विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रह सके।  

सावधान! 1 रुपये के ऑफर में खाली हो सकता है बैंक खाता, पुलिस ने चेताया

फतेहाबाद. मोबाइल एप्स पर तीन दिन फ्री ट्रायल और ₹1 सब्सक्रिप्शन जैसे आकर्षक आफर अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। साइबर अपराधी इन आफरों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं और ट्रायल स्वीकार करते ही बैंक खातों से रकम कटनी शुरू हो जाती है। पुलिस ने इसको लेकर आमजन के लिए विशेष साइबर एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ठग इंटरनेट मीडिया और विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्म पर विज्ञापन चलाकर लोगों को मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐप इंस्टाल करते समय यूजर को फ्री ट्रायल, ₹1 में प्रीमियम सेवा या सीमित समय का आफर दिखाया जाता है। कई लोग बिना शर्तें पढ़े आई एग्री या सब्सक्राइब पर क्लिक कर देते हैं। इसके बाद एप बैंक खाते, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई से आटो-पे की अनुमति ले लेता है। एप डिलीट करने के बाद भी जारी रहती है कटौती ट्रायल अवधि समाप्त होने के बाद बिना स्पष्ट सूचना के हर माह या सालाना आधार पर 499 रुपये, 899 रुपये या इससे अधिक राशि खाते से कटने लगती है। कई मामलों में लोग एप को मोबाइल से हटाने के बाद भी सुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन आटो-पे बंद न होने के कारण कटौती लगातार जारी रहती है। जब तक उपभोक्ता बैंक स्टेटमेंट नहीं देखते, तब तक उन्हें ठगी का पता नहीं चलता। विशेषज्ञों का कहना है कि यह साइबर ठगी आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ा रही है। खासकर युवा और बुजुर्ग ऐसे ऑफरों का आसानी से शिकार बन रहे हैं। ऐसे करें खुद को सुरक्षित साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता, रेटिंग और रिव्यू अवश्य जांचें। टर्म्स एंड कंडीशंस पढ़े बिना किसी आफर को स्वीकार न करें। बैंक खाते या कार्ड से जुड़े आटो-पे और स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन की समय-समय पर जांच करते रहें। अनजान एप को कार्ड या नेट बैंकिंग की अनुमति देने से बचें। केवल ऐप डिलीट करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि संबंधित प्लेटफार्म पर जाकर आधिकारिक रूप से सब्सक्रिप्शन कैंसिल करना जरूरी है। परिवार के सदस्यों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को भी इस ऑनलाइन ठगी के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। फ्रॉड होने पर तुरंत उठाएं कदम यदि खाते से बिना अनुमति राशि कटने लगे तो तुरंत बैंक से संपर्क कर ऑटो-पे बंद करवाएं। जरूरत पड़ने पर कार्ड ब्लाक कराएं और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं। आनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है। एसपी निकिता खट्टर ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए किसी भी लालच में आकर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। सतर्कता और जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया। राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है। तखतपुर विधायक  धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

40 किलो अनाज नहीं मिला तो भड़का मजदूर, राजगढ़ में बस रोककर किया प्रदर्शन

राजगढ़. मेहनत की कमाई से खरीदे 40 किलो गेहूं का कट्टा गायब हुआ तो एक मजदूर का गुस्सा सड़क पर उतर आया। राजस्थान रोडवेज की बस जैसे ही खिलचीपुर बस स्टैंड से रवाना होने लगी, मजदूर बस के सामने बैठ गया और बोला- “गेहूं नहीं मिला तो बस भी नहीं जाएगी।” करीब 25 मिनट तक बस स्टैंड पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। यात्री परेशान होते रहे, भीड़ जमा हो गई और आखिरकार मामला 500 रुपये देकर शांत कराया गया। अकलेरा से लेकर आया था परिवार का राशन खिलचीपुर के कालाजी बड़ली निवासी बिरम मोगिया मजदूरी कर परिवार चलाता है। शुक्रवार शाम वह राजस्थान के अकलेरा से 40 किलो गेहूं का कट्टा लेकर कोटा-ब्यावरा रोडवेज बस में सवार हुआ था। उसने गेहूं का कट्टा बस की डिग्गी में रखवाया, लेकिन खिलचीपुर पहुंचने पर उसका सामान गायब मिला। बस कंडक्टर से शिकायत करने पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उसे खिलचीपुर बस स्टैंड पर उतार दिया गया, जिसके बाद बस आगे निकल गई। आरोप है कि किराया लेने के बावजूद कंडक्टर ने टिकट तक नहीं दिया। अगले दिन बस देखते ही अड़ गया मजदूर शनिवार सुबह वही बस फिर खिलचीपुर बस स्टैंड पहुंची तो बिरम पहले से वहां मौजूद था। बस जैसे ही रवाना होने लगी, वह अचानक बस के सामने बैठ गया। उसने साफ कह दिया कि “जब तक मेरा गेहूं नहीं मिलेगा, बस आगे नहीं जाएगी।” हालात ऐसे बने कि मजदूर ने बस के आगे लेटने तक की चेतावनी दे डाली। यात्रियों की भीड़, बस स्टैंड पर हंगामा मजदूर के विरोध के चलते करीब 25 मिनट तक बस खड़ी रही। बस में बैठे यात्री परेशान होते रहे, वहीं बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति बिगड़ती देख बस परिचालक ने मजदूर को 500 रुपये दिए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और बस को रवाना किया गया।

“लीडर पर हमला परमाणु युद्ध”, किम की मौत पर ऑटोमैटिक न्यूक्लियर स्ट्राइक का आदेश

नई दिल्ली उत्तर कोरिया ने अपने संविधान में बड़ा बदलाव किया है. अब अगर किम जोंग उन की हत्या हो जाती है या विदेशी हमले में देश की कमांड व्यवस्था नष्ट हो जाती है, तो सेना को ऑटोमैटिक परमाणु हथियारों से जवाबी हमला करना होगा. इसके लिए किसी अलग आदेश की जरूरत नहीं पड़ेगी. दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने यह जानकारी दी है. यह बदलाव ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद किया गया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके कई सलाहकार मारे गए थे. नया संवैधानिक प्रावधान क्या कहता है? उत्तर कोरिया की 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की बैठक 22 मार्च को प्योंगयांग में हुई थी. इसी में यह संशोधन पास किया गया.नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि अब न्यूक्लियर फोर्सेस पर नियंत्रण अगर दुश्मन के हमले से खतरे में पड़ जाए तो ऑटोमैटिक और तुरंत परमाणु हमला किया जाएगा. नए नियम के मुताबिक, किम जोंग उन के कमांड सिस्टम को खतरा होने पर कोई इंतजार नहीं होगा. परमाणु हथियारों का इस्तेमाल अपने आप हो जाएगा. इससे पहले यह नीति मौखिक रूप से हो सकती थी, लेकिन अब इसे संविधान में लिखित रूप से मजबूत कर दिया गया है. ईरान की घटना क्यों बनी वजह? ईरान पर हालिया हमलों ने उत्तर कोरिया को बड़ा सबक दिया. अमेरिका और इजरायल ने जिस तेजी से ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाया, उसे देखकर किम जोंग उन और उनकी सरकार डर गई. प्रोफेसर आंद्रेई लैंकोव ने कहा कि ईरान घटना उत्तर कोरिया के लिए वेक-अप कॉल साबित हुई. उन्होंने देख लिया कि नेतृत्व को एक साथ खत्म करने वाले हमले कितने प्रभावी हो सकते हैं. उत्तर कोरिया अब ऐसी स्थिति से बचना चाहता है. अगर किम या उनकी कमांड टीम मारी जाती है तो देश का परमाणु जवाब अपने आप एक्टिव हो जाएगा. किम की हत्या करना कितना मुश्किल है? किम जोंग उन अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं. वे हमेशा भारी सुरक्षा घेरे में रहते हैं. वे हवाई यात्रा से बचते हैं. ज्यादातर बख्तरबंद ट्रेन से सफर करते हैं. उत्तर कोरिया की सीमाएं पूरी तरह बंद हैं. विदेशी लोग बहुत कम आते हैं. उनकी निगरानी सख्ती से की जाती है. ईरान में इजरायली खुफिया एजेंसियों ने ट्रैफिक कैमरों को हैक करके नेताओं की लोकेशन पता की थी, लेकिन प्योंगयांग में सीसीटीवी और इंटरनेट की व्यवस्था बहुत सीमित है. इसलिए वहां ऐसी जानकारी हासिल करना बेहद कठिन है. फिर भी उत्तर कोरिया सैटेलाइट तकनीक और अन्य खुफिया खतरे से चिंतित है. दक्षिण कोरिया की सीमा पर नया खतरा उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की सीमा के पास नई आर्टिलरी तैनात करने की घोषणा की है. किम जोंग उन ने हाल ही में एक हथियार फैक्ट्री का दौरा किया जहां नई 155 मिलीमीटर की सेल्फ-प्रोपेल्ड गन का परीक्षण हुआ. यह तोप लगभग 60 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मार कर सकती है. इससे दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल और आसपास के महत्वपूर्ण इलाके इसके दायरे में आ जाएंगे. उत्तर कोरिया का कहना है कि यह नया हथियार उनकी जमीनी सेना को बड़ी ताकत देगा. उत्तर और दक्षिण कोरिया तकनीकी रूप से अब भी युद्ध की स्थिति में हैं. 1950-53 का युद्ध केवल संघर्षविराम पर खत्म हुआ था. शांति संधि नहीं हुई. हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया ने एकीकरण की पुरानी बातों को अपने संविधान से हटा दिया है. दक्षिण कोरिया को मुख्य दुश्मन बताता है. दक्षिण कोरिया की शांति पहल के बावजूद उत्तर कोरिया अपनी आक्रामक नीति जारी रखे हुए है. परमाणु हथियारों को लेकर नया प्रावधान पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है. दुनिया के लिए क्या मतलब? यह बदलाव दिखाता है कि उत्तर कोरिया अपने नेता की सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम को कितनी अहमियत देता है. अगर किम पर हमला होता है तो परमाणु युद्ध शुरू होने की आशंका बढ़ जाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया की सेना नेतृत्व के प्रति वफादार है. किसी भी हमले को अस्तित्व का खतरा मानकर जवाबी कार्रवाई करेगी.   यह घटनाक्रम पूर्वी एशिया में सुरक्षा की स्थिति को और जटिल बना रहा है. दक्षिण कोरिया और अमेरिका दोनों इस विकास पर नजर रखे हुए हैं. यह संवैधानिक बदलाव उत्तर कोरिया की 'अगर मैं मरा तो सब कुछ नष्ट' वाली नीति को और मजबूत करता है. दुनिया के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है.

शपथ लेते ही एक्शन में सीएम विजय, सचिवालय पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था पर की बड़ी बैठक

 तमिलनाडु   तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने शपथ लेने के तुरंत बाद राज्य सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली आधिकारिक बैठक की अध्यक्षता की। अपनी पहली बैठक दौरान सीएम विजय ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। दरअसल, आज यानी रविवार को टीवीके प्रमुख विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ लेने के बाद तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने सचिवालय की पहली बैठक की अध्यक्षता की और कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मौजूदा सुरक्षा और प्रशासनिक स्थितियों के बारे में जानकारी दी। यह विजय की सरकार प्रमुख के रूप में पहली आधिकारिक समीक्षा थी। मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का एकमात्र उद्देश्य तमिलनाडु की प्रगति और जन-कल्याण है। पीएम मोदी को दिया धन्यवाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। विजय ने एक पोस्ट में कहा, "मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर शुभकामनाओं के लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक धन्यवाद देता हूं।" अपनी सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए विजय ने कहा कि उनके प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य तमिलनाडु के लोगों का कल्याण और प्रगति होगा। उन्होंने राज्य के निरंतर विकास के लिए केंद्र सरकार के सक्रिय समर्थन और सहयोग की आशा भी व्यक्त की। 17वीं विधानसभा का पहला सत्र 11 मई से 17वीं तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र सोमवार, 11 मई, 2025 को सुबह 9.30 बजे चेन्नई स्थित सचिवालय के विधानसभा कक्ष में आयोजित करने के लिए बुलाया गया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस दिन नव निर्वाचित विधायक सत्र के दौरान शपथ ग्रहण करेंगे। विधानसभा सचिवालय ने सभी निर्वाचित सदस्यों को शपथ ग्रहण के समय अपना चुनाव प्रमाण पत्र साथ लाने का निर्देश दिया है। वहीं, तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव मंगलवार, 12 मई को सुबह 9:30 बजे होंगे।