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सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

रायपुर सहकारिता कमिश्नर ने खाद, बीज वितरण व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण सहकारिता आयुक्त तथा पंजीयक सहकारी समितियांमहादेव कावरे ने आज धमतरी जिले के गाढ़ाडीह और कुहकुहा सहकारी समिति का आकस्मिक निरीक्षण किया।कांवरे ने वहां किसानों को खाद बीज वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। सहकारिता कमिश्नर ने वहां पर समिति के निर्माणाधीन गोदाम का भी निरीक्षण किया और जल्द ही गोदाम के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।कांवरे ने समिति के प्रंबधक को समिति के अंतर्गत सभी किसानों के केसीसी बनाने के निर्देश दिए। समिति के अधिकारियों ने बताया कि समिति को मल्टीपरपज पैक्स के रूप में संचालित करने, कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी तरह जन औषधि केंद्र भी पैक्स से संचालित हो रहे हैं। डेयरी, मत्यपालन और वन समितियों द्वारा लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। निरीक्षण दौरान जिला पंजीयक, सहकारिता विस्तार अधिकारी और समिति प्रबंधक सहित समिति के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

रात में एक्शन मोड में दिखे ऊर्जा मंत्री तोमर, अस्पताल और बिजली केंद्रों का किया निरीक्षण

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार देर रात अचानक निरीक्षण के लिए निकल पड़े। विद्युत उपकेन्द्र मोतीझील और बहोड़ापुर पहुंचे जहां उन्होंने विद्युत वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मेंटेनेंस, विद्युत सप्लाई और शिकायतों के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र कार्यालय का निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों से बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हालात सुधार लें अन्यथा अगली बार सिर्फ चेतावनी नहीं दूंगा, सीधे कार्यवाही होगी। ऊर्जा मंत्री  तोमर रात में ही अचानक सिविल अस्पताल हजीरा पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में गर्मी के बीच एसी बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रबंधन को एसी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। मंत्री  तोमर ने दो टूक कहा कि अति-संवेदनशील वार्डों में इस तरह की लापरवाही ठीक नहीं है। उन्होंने मौके से ही अस्पताल प्रभारी डा. प्रशांत नायक को फोन लगाकर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री  तोमर ने केवल मशीनों का ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन का भी जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर से सवाल किया कि रात के समय अस्पताल में कितना स्टाफ तैनात रहता है। इमरजेंसी में बैकअप की क्या तैयारी है। क्या सभी जरूरी जीवन रक्षक दवाएं स्टाक में उपलब्ध हैं। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सिविल अस्पताल एवं प्रसूति गृह बिरला नगर का भी औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और उपस्थित चिकित्सकों व स्टाफ से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने वार्डों में जाकर उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय भेंट की। उनकी कुशलक्षेम और अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जमीनी हकीकत को जाना। साथ ही ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करने और मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता की सेवा और उनके स्वास्थ्य के प्रति हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बिरला नगर प्रसूति गृह से ऊर्जा मंत्री मनोरंजनालय पार्क पहुँचे यहाँ की विद्युत, लाइटिंग एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए रात्रिकालीन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क तथा शील नगर (बहोड़ापुर) स्थित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पार्क का निरीक्षण कर रात्रिकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पार्क में प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के नाते आपके इस सेवक का यह दायित्व है कि हमारे सार्वजनिक स्थल न केवल सुंदर हों, बल्कि सुरक्षित भी हों। शनिवार रात अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अधिकारी और कर्मचारियों की कार्य के प्रति लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

मंत्री गजेन्द्र यादव ने उचित मूल्य दुकान का किया औचक निरीक्षण

रायपुर दुर्ग विधानसभा अंतर्गत गयानगर वार्ड क्रमांक 04 में आज वार्ड भ्रमण के दौरान केबिनेट मंत्री  गजेन्द्र यादव ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित हितग्राहियों से सीधे संवाद कर राशन वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा उन्हें मिलने वाली राशन सामग्री के संबंध में विस्तृत चर्चा की।  निरीक्षण के दौरान मंत्री  यादव ने स्वयं हितग्राही के चावल को मापकर दुकान में उपलब्ध माप यंत्र की सटीकता की जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को निर्धारित मात्रा में पूर्ण एवं सही राशन प्राप्त हो। इस पहल के माध्यम से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने एवं आम नागरिकों का विश्वास सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया। मंत्री  यादव ने हितग्राहियों को उनके अधिकारों एवं निर्धारित राशन की जानकारी देने के निर्देश भी दिए, ताकि वे स्वयं भी व्यवस्था की पारदर्शिता में सहभागी बन सकें। मंत्री  यादव ने वार्डवासियों से चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक सुचारु, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए सरकार एवं प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा जनता से संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

अस्पताल पहुंचकर मंत्री ने जानी हकीकत, महिला मरीजों की समस्याएं सुनीं

पटियाला. यहां माता कौशल्या अस्पताल में बीते दिन बुधवार को अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिला को थप्पड़ करने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह वीरवार सुबह नो बजे ही अस्पताल में स्थित ओपीडी में पहुंच गए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पर्ची काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी और तुरंत अधिकारियों को समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा महिला को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर अस्पताल अधिकारियों से बातचीत की गई मौजूदा समय में स्वास्थ्य मंत्री की अस्पताल अधिकारियों से मीटिंग चल रही है। पंजाब ने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में एक मिसाल कायम की; डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3 महीने से भी कम समय में 30.51 लाख से अधिक परिवार पंजीकृत हुए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में एक मिसाल कायम की है। 8 जनवरी, 2026 को शुरू होने के तीन महीने के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवार इस योजना में नामांकित हो चुके हैं और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी मॉडल के रूप में उभरी है। शुक्रवार को पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योजना के व्यापक कार्यान्वयन और गति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना से पंजाब भर में लाखों परिवारों को तेजी से वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्राप्त हुई है।