samacharsecretary.com

समय पर शुरू और पूरे हों विकास कार्य, मंत्री देवांगन ने अफसरों को चेताया

रायपुर. प्रदेश के उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम कोरबा के अधिकारियों को कडे़ निर्देश देते हुये कहा है कि निगम क्षेत्र के वार्डाे में प्रगतिरत विकास कार्याे को समयसीमा के अंदर पूरा करायें तथा जो कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किये गये हैं, उन्हें शीघ्र प्रारंभ कराये। उन्हेाने कहा कि निर्माण कार्याे को प्रारंभ करने में देरी व कार्य प्रारंभ कर बीच में कार्य रोकने वाली निर्माण एजेंसियों के विरूद्ध कार्यवाही करें, नोटिस दें तथा यदि फिर भी कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो अमानत राशि राजसात करते हुये ऐसे निर्माण एजंेसियों को ब्लेक लिस्ट किये जाने की कार्यवाही भी करें। उन्होने यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि किया जा रहा विकास कार्य पूर्ण गुणवत्तायुक्त है, साथ ही गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का कम्प्रोमाईज न हो, यह भी सुनिश्चित करें।    उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने  विकास कार्याे की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री श्री देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन दोनों जोन के 20 वार्डाे के विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा की। बैंठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन भी उपस्थित थे। वर्तमान में दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन में कुल 166 कार्य स्वीकृत हुये थे, जिसमें दर्री जोन के 14 वार्डाे के 112 कार्य स्वीकृत कार्याे में 45 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, 45 कार्य प्रगतिरत हैं तथा 22 कार्य अभी अप्रारंभ हैं। इसी प्रकार सर्वमंगला नगर जोन के 06 वार्डाे के स्वीकृत 54 विकास कार्याे में 28 कार्य पूर्ण, 14 प्रगतिरत व 12 विकास कार्य अप्रारंभ है। अप्रारंभ विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्याे को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजंेसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें। उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्याे के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्याे की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। विविध निर्माण कार्याे की वार्डवार समीक्षा बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने दर्री जोन व सर्वमंगला नगर जोन के वार्डाे में विभिन्न मदों जिला खनिज न्यास मद, अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णाेद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये।  साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें  उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त दोनों जोन के 20 वार्डाे की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्याे की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें। उन्होने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े।  पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की समीक्षा  बैठक के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्हेाने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डाे में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डाे में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।  पार्षदगण अनिवार्य व आवश्यक कार्याे के प्रस्ताव मुझे दें  समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित वार्ड पार्षदों से उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वार्डाे में जो कार्य कराये जाने अत्यंत आवश्यक है, उन कार्याे के सूची वे मुझे उपलब्ध करायें, ताकि इन आवश्यक कार्याे के प्राक्कलन तैयार कराकर शासन से स्वीकृति प्राप्त किये जाने की कार्यवाही की जा सके तथा वार्ड के नागरिकों की मंशा व उनकी आवश्यकता के अनुरूप वार्ड में विकास कार्य कराये जा सके। समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें  इस अवसर पर महापौर संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्याे, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करायें। बैठक … Read more

चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार जीत, उर्विल पटेल की आतिशी पारी से लखनऊ को 5 विकेट से हराया

चेन्नई   आईपीएल 2026 के 53वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से बुरी तरह रौंद दिया है। इस मैच में उर्विल पटेल ने तूफानी पारी खेलते हुए आईपीएल के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाया। उन्होंने 13 गेंदों में यह कमाल कर जायसवाल की बराबरी की। चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में रविवार दोपहर को खेले गए मुकाबले में लखनऊ की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 203 रन बनाए और 204 रनों का विशाल लक्ष्य दिया जिसे चेन्नई सुपर किंग्स ने संजू सैमसन के बिना चले 4 गेंद शेष रहते 5 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। आज के मैच में उर्विल पटेल ने इतिहास लिखा। यह मैच याद रखा जाएगा। चेन्नई सुपर किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से हराया। CSK- 208/5 (19.2 ओवर) Lucknow LIVE Score 203/8 (20 ओवर) चेन्नई सुपर किंग्स की प्लेइंग इलेवन: संजू सैमसन (विकेटकीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, जेमी ओवरटन, अकील हुसैन, अंशुल कंबोज, नूर अहमद और मुकेश चौधरी लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेइंग इलेवन: मिचेल मार्श, जोश इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), एडेन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शाहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, दिग्वेश सिंह राठी और प्रिंस यादव

तलाक मामलों में सख्ती: व्यभिचार के आरोप के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी, पटना HC का आदेश

पटना  वैवाहिक विवादों और तलाक के मामलों पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने एक दूरगामी फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति नानी तगिया और न्यायमूर्ति आलोक कुमार पांडेय की खंडपीठ ने साफ किया कि किसी भी जीवनसाथी पर अवैध संबंधों का आरोप लगाकर विवाह विच्छेद (तलाक) की डिक्री तब तक प्राप्त नहीं की जा सकती, जब तक कि आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मौजूद न हों। कोर्ट ने कहा कि व्यभिचार (Adultery) जैसे गंभीर आरोपों के लिए घटना का समय, स्थान और संबंधित व्यक्ति के विवरण जैसे स्पष्ट तथ्यों का उल्लेख याचिका में होना अनिवार्य है। ये फैसला उन मामलों में नजीर बनेगा जहां केवल संदेह के आधार पर रिश्तों को खत्म करने की कोशिश की जाती है। सिवान परिवार न्यायालय का फैसला बरकरार हाईकोर्ट ने श्याम बिहारी मिश्रा द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सिवान परिवार न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी। परिवार न्यायालय ने पहले ही पत्नी संजू देवी से तलाक की उनकी अर्जी को नामंजूर कर दिया था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के तर्क को सही माना कि बिना सबूत के ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। ठोस साक्ष्य और तथ्यों की अनिवार्यता जरूरी अदालत ने अपने आदेश में जोर देकर कहा कि अगर पति अपनी पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाता है, तो उसे उस व्यक्ति का नाम, घटना का समय और स्थान स्पष्ट करना होगा। कोर्ट ने पाया कि वर्तमान केस में पति ने जिस व्यक्ति के साथ पत्नी को सिनेमा हॉल से निकलते देखने का दावा किया था, न तो उसका विवरण दिया और न ही उसे मामले में पक्षकार बनाया। पटना हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां मतलब, पटना हाईकोर्ट ने तलाक के एक केस में कहा कि केवल संदेह के आधार पर तलाक नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी पर अवैध संबंध का आरोप लगाकर तलाक नहीं लिया जा सकता। व्यभिचार जैसे आरोपों के लिए ठोस साक्ष्य और स्पष्ट तथ्यों का उल्लेख होना जरूरी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने कई अहम कानूनी बिंदुओं को रेखांकित किया।     केवल संदेह के आधार पर तलाक की डिक्री जारी नहीं की जा सकती।     याचिका में आरोपों से संबंधित जरूरी विवरण (नाम, समय, स्थान) का अभाव था।     जिस तीसरे व्यक्ति पर आरोप लगाया गया, उसे कानूनी प्रक्रिया में शामिल (पक्षकार) नहीं किया गया।     गवाही के दौरान आए अधूरे तथ्यों के आधार पर अदालत राहत प्रदान नहीं कर सकती। अवैध संबंधों के आरोपों पर कानूनी रुख हाईकोर्ट ने साफ किया कि वैवाहिक जीवन में 'व्यभिचार' एक गंभीर आरोप है और इसे साबित करने की जिम्मेदारी आरोप लगाने वाले पक्ष पर होती है। बिना किसी ठोस विवरण के केवल यह कहना कि पत्नी बिन बताए घर से चली जाती है या किसी के साथ देखी गई है, तलाक का पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता। अदालत ने अंततः पति की दलीलों को अपर्याप्त पाते हुए उसकी याचिका को निष्प्रभावी कर दिया। पटना हाईकोर्ट में तलाक जुड़ा मामला क्या था? पति ने बिहार के सिवान परिवार न्यायालय के फैसले को हाईकोर्ट में अपील दायर कर चुनौती दी थी। परिवार न्यायालय ने पत्नी से तलाक अर्जी को खारिज कर दिया था। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी संजू देवी का किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध हैं और वह बिन बताए घर से चली जाती हैं। पत्नी को एक युवक के साथ सिनेमा हॉल से साथ निकलते हुए देखा गया।  

तमिलनाडु में शपथ समारोह पर विवाद, ‘तमिल थाई वाजथु’ की अनदेखी से सियासत गरमाई

चेन्नई  तमिलनाडु में जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री बनते ही एक नया विवाद खड़ा हो गया है। CPI केराज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने रविवार को कहा कि सरकारी समारोहों में प्रोटोकॉल में 'तमिल थाई वाजथु' (तमिलनाडु का राज्य गीत) को सबसे पहला स्थान दिया जाना चाहिए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह के बाद जारी एक पत्र में वीरपांडियन ने समारोह के दौरान गीतों के बजाए जाने के क्रम पर आपत्ति जताई। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' से हुई, उसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' बजाया गया, जबकि 'तमिल थाई वाजथु' तीसरे नंबर पर बजाया गया। CPI नेता ने कहा कि यह क्रम तमिलनाडु की पुरानी परंपरा का उल्लंघन है, जहां सरकारी समारोहों की शुरुआत पारंपरिक रूप से 'तमिल थाई वाजथु' से होती है और समापन राष्ट्रगान से होता है। वीरपांडियन ने पत्र लिखकर उठाए सवाल वीरपांडियन ने पत्र में लिखा कि राजभवन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के कार्यक्रम में 'वंदे मातरम' गीती को प्राथमिकता देना और तमिल गीत को तीसरे स्थान पर रखना,स्थापित परंपरा का उल्लंघन है। तमिलनाडु सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि इस चूक के लिए कौन जिम्मेदार था। टीवीके को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 'तमिल थाई वाजथु' को ही प्राथमिकता दी जाए। 'तमिल थाई वाजथु' सबसे पहले बजाया जाए- वीरपांडियन उन्होंने लिखा कि इस तरह की गलती को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और प्रोटेम स्पीकर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कल होने वाले विधानसभा सत्र में, जो विधायकों के शपथ ग्रहण के लिए बुलाया गया है, साथ ही सभी सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों में 'तमिल थाई वाजथु' सबसे पहले बजाया जाए और राष्ट्रगान अंत में बजाया जाए। वीरपांडियन ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे के ऐतिहासिक और वैचिरिक निहितार्थ हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ही यह तय हो गया था कि 'वंदे मातरम' राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता, क्योंकि यह गीत एक विशिष्ट देवी को समर्पित था और इसका स्वरूप सांप्रदायिक-धार्मिक था। यह विवाद विजय के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शुरू हुआ, जिसमें लोगों की भारी भीड़ और कई प्रमुख राजनेता भी शामिल हुए थे।

विश्वविद्यालयों में बड़ा बदलाव: अब राज्य सरकार तय करेगी ट्रांसफर और पोस्टिंग की नीति

 रांची  राज्य सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों के अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को दूसरे विश्वविद्यालयों या कालेजों में भी स्थानांतरित कर सकेगा। उसे इनकी प्रतिनियुक्ति का भी अधिकार होगा। हाल ही में अधिसूचित झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 में यह प्रविधान किया गया है। इस प्रविधान को लागू करने को लेकर विभाग परिनियम गठित करेगा। इस अधिनियम के अनुसार, किसी भी शिक्षक या शिक्षकेत्तर कर्मियों का सबसे पहले पदस्थापन ग्रामीण या सुदूर क्षेत्र स्थित कालेजों में किया जाएगा। साथ ही उनके स्थानांतरण में यह देखा जाएगा कि उक्त क्षेत्रों के कालेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक या कर्मी उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही वैसे शिक्षक या शिक्षकेत्तर कर्मी जो परिवीक्षाधीन (सामान्यत: नियुक्ति के दो वर्ष तक) हैं, उनका अंतरविश्वविद्यालय स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति नहीं की जाएगी। शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग या इसके किसी संलग्न कार्यालयों में भी प्रतिनियुक्त किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को किसी भी सार्वजनिक विश्वविद्यालय/संगठन/भारत सरकार या राज्य सरकार के स्वायत्त निकाय में प्रतिनियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमोदन से परिनियमों द्वारा निर्धारित तरीके से अनुमति दी जा सकेगी। बताते चलें कि विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों में शिक्षकों एवं कर्मियों के पद सृजन तथा सेवाशर्त निर्धारित करने का अधिकार भी राज्य सरकार के पास है। सिर्फ संबद्ध कालेजों में पदों का सृजन का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं होगा। हालांकि इन कालेजों में भी पदों का सृजन राज्य सरकार द्वारा लागू परिनियम के तहत किया जाएगा। अनुबंध पर भी होगी नियुक्ति किसी विवि या अंगीभूत कालेज में त्यागपत्र, अवकाश या रिक्ति रहने की स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक के रूप में प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस की नियुक्ति अनुबंध पर की जाएगी। यह नियुक्ति विश्वविद्यालय के सक्षम प्राधिकारी द्वारा विभाग द्वारा गठित परिनियमों के आलोक में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार या राज्य सरकार के आदेश पर की जाएगी। लेकिन यह नियुक्ति शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों के विरुद्ध ही होगी। विश्वविद्यालय का कोई भी संविदा कर्मचारी या प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस किसी भी मामले में सेवा के नियमितीकरण का दावा नहीं करेगा।  

किम कार्दशियन ने बदली कई जिंदगी, जेल की मांओं को कराया बच्चों से भावुक मिलन

  मदर्स डे के अवसर पर ग्लोबल स्टार किम कार्दशियन जेल में बंद कई मांओं को उनके बच्चों से मिलवाने में मदद कर रही हैं। किम कार्दशियन ने रिफॉर्म अलायंस और लेडीज ऑफ होप मिनिस्ट्रीज  के साथ मिलकर पूरे अमेरिका की फेडरल जेलों में बंद 50 मांओं के लिए इस रविवार को अपने बच्चों से मिलने का इंतजाम किया है। इस पहल के तहत परिवारों के सफर और दूसरे खर्चों का ध्यान रखा जाएगा, ताकि वे मदर्स डे एक साथ मना सकें। 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर हुआ चुनाव पीपल मैगजीन के मुताबिक, परिवारों का चुनाव 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया गया था। इनमें से कई महिलाओं ने वर्षों से अपने बच्चों और परिवारीजनों को नहीं देखा है। इस पहल के बारे में बात करते हुए किम ने बताया कि जेल में बंद रहने के दौरान कई मांएं अपने बच्चों की जिंदगी के अहम पलों से दूर रही हैं। किम बोलीं- 'बच्चों से मां की मुलाकात कराना गर्व की बात' पीपल  के अनुसार, उन्होंने एक बयान में कहा, 'इनमें से कई माताओं ने अपने बच्चों और परिवारों से दूर रहते हुए वर्षों बिता दिए हैं। वे जन्मदिन, त्योहारों और रोजमर्रा के उन पलों से दूर रहीं, जिन्हें हममें से ज्यादातर लोग आम बात मान लेते हैं'। किम ने यह भी कहा कि इन माताओं का साथ देना और परिवारों को फिर से मिलाने में मदद करना उनके लिए गर्व की बात है। महिला कैदियों से मिलीं किम किम ने कहा, 'मुझे इन परिवारों को फिर से जोड़ने में मदद करने का सम्मान मिला है, ताकि वे अपने बच्चों को गले लगा सकें, साथ मिलकर हंस सकें और बस फिर से एक परिवार बन सकें। हाल ही में किम कार्दशियन, उनकी मां क्रिस जेनर और रिफॉर्म अलायंस की सदस्य जेसिका जैक्सन ने भी कैलिफोर्निया के चॉचिला में एक महिला जेल का दौरा किया। इस दौरान वे जेल में बंद कई महिलाओं से मिलीं, जिनमें वे महिलाएं भी शामिल थीं जिन्हें हॉस्पिस केयर मिल रही थी। किम ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपना अनुभव भी शेयर किया था।

तेज रफ्तार टैंकर बना काल, इंदौर में बाइक सवार मां-बेटे को कुचला, तड़पती मां ने तोड़ा दम

इंदौर तिलक नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह-सुबह दर्दनाक हादसे में महिला की मौत हो गई। लापरवाह टैंकर चालक ने मां-बेटे को चपेट में ले लिया और महिला की मौके पर ही मौत हो गई। टैंकर नगर निगम का अटैच बताया जा रहा है। मौके से चालक फरार भी हो गया है। महिला का बेटा घायल हुआ है। क्या है मामला टीआई मनीष लोधा के मुताबिक घटना में मुमताब बाग कालोनी निवासी 40 वर्षीय अर्चना पति संतोष राठौर की मौत हुई है। वह निजी अस्पताल में नौकरी करती थी। अर्चना अपने बेटे गणेश राठौर के साथ ड्यूटी जा रही थी। जैसे ही वे बंगाली कालोनी पहुंचे, सुलभ शौचालय के समीप ट्रैक्टर पानी का टैंकर लेकर आ गया। चालक ब्रेक नहीं लगा सका और गणेश की बाइक को टक्कर मार दी। गणेश और अर्चना घायल होकर गिर गए। अर्चना खून से सन चुकी थी। घायल अवस्था में भी गणेश ने मां को संभालने की कोशिश की और गोद में लेकर बैठ गया। कुछ देर में अर्चना ने दम तोड़ दिया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। दृश्य देखकर लोगों की आंखें भर आईं। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को अस्पताल पहुंचाया। गणेश ने बताया कि वह मां को ड्यूटी पर छोड़ने जा रहा था। पुलिस ने टैंकर और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। पानी के टैंकर से आठ दिन में दूसरी मौत शहर में पानी भरकर मौत बांट रहे टैंकरों की भरमार हो गई है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग जांच नहीं करता है। 2 फरवरी को ही एक टैंकर ने 25 वर्षीय युवक विजय ठाकुर की जान ले ली थी। विजय साथी रविंद्र के साथ बाइक से जा रहा था। बायपास (कनाड़िया) पर चालक ने टक्कर मार दी और पहिया सिर से निकल गया।  

पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, गेहूं सर्वे कंपनी को सौंप दिया गया था बरगी क्रूज संचालन

जबलपुर बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि मध्य प्रदेश पर्यटन निगम में क्रूज संचालन आउटसोर्स कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा था। इसके लिए भोपाल से संचालित आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया था। इस कंपनी के द्वारा ठेके पर मानव संसाधन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराए जाते हैं। कृषि क्षेत्र की कंपनी को मिला पर्यटन का जिम्मा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मेकल रिसॉर्ट बरगी में कार्य करने वाले अधिकांश कर्मचारी आउटसोर्स में थे। जिस क्रूज हादसे में 13 लोगों की डूबने से मौत हुई थी, उस क्रूज में कार्य करने वाले कर्मचारी भी आउटसोर्स में कार्यरत थे। ये सभी आरबी एसोसिएट के लिए कार्य करते थे। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार यह कंपनी मूल रूप से मानव संसाधन उपलब्ध करवाती है और इसका प्रमुख कार्य कृषि क्षेत्र में है। गेहूं के लिए सर्वेयर की नियुक्ति कंपनी की तरफ से होती है। बिना अनुभव वाली कंपनी पर मेहरबानी कंपनी ने अपने प्रोफाइल में यह जानकारी दी हुई है। कंपनी की तरफ से पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने का कोई खास अनुभव नहीं दर्शाया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना अनुभव वाली नई-नवेली कंपनी को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में मानव संसाधन का ठेका देना क्या वाजिब था? सिर्फ यहीं मप्र पर्यटन में जल क्रीड़ा के प्रभारी सीडीआर राजेंद्र निगम ने माना कि क्रूज संचालन करने वाले महेश पटेल आउटसोर्स कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि महेश पर्याप्त अनुभवी थे। विभाग का पक्ष और कर्मचारी का अनुभव महेश पटेल ने खुद अपने बयान में बताया कि उसके पास 12 साल से क्रूज संचालन का अनुभव था। राजेंद्र निगम ने कहा कि ठेका कंपनी कौन थी यह मायने नहीं रखता है। ठेके से संबंधित कार्य उनके विभाग का नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ यह कह सकते हैं कि महेश पटेल जो क्रूज चला रहे थे उनके पास पर्याप्त अनुभव था। वेबसाइट पर दर्ज जानकारी और सुरक्षा पर प्रश्न आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में स्थापित यह कंपनी मूल रूप से मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के लिए गेहूं गुणवत्ता परीक्षण और सर्वेयर कार्य हेतु आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था करती रही है। अब यही कंपनी पर्यटन निगम के अंतर्गत क्रूज संचालन से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति कर रही थी। जांच के घेरे में सुरक्षा मानक और आपदा प्रबंधन सूत्रों के अनुसार कंपनी के पास पर्यटन, जल परिवहन या क्रूज संचालन का विशेष अनुभव नहीं था। हालांकि, आउटसोर्स व्यवस्था के तहत अधिकांश पुराने कर्मचारियों को ही दोबारा रखा गया था, जो वर्षों से कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद हादसे के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या संवेदनशील पर्यटन और जल सुरक्षा सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन किस स्तर तक किया गया था। हादसे के बाद प्रशासनिक और तकनीकी जवाबदेही को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।     पर्यटन विभाग में सैकड़ों कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्य करते हैं। आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को आउटसोर्स का ठेका मिला हुआ है। मैं इस बारे में बहुत कुछ नहीं बोल सकता हूं। मेरा तबादला हो चुका है।- संजय मल्होत्रा, पर्यटन विभाग (क्रूज हादसे के वक्त क्षेत्रीय अधिकारी जबलपुर)  

नया कारोबारी हफ्ता: विदेशी निवेश और महंगाई आंकड़ों पर टिकी नजरें

नई दिल्ली  सोमवार 11 मई से शेयर बाजार का नया कारोबारी हफ्ता शुरू होगा। विश्लेषकों के अनुसार आगामी हफ्ते में शेयर बाजार की दिशा (Stock Market Outlook for Next Week) अमेरिकी-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विश्लेषकों का कहना है कि रुपये-डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार को प्रभावित करेंगी। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बाजार इस सप्ताह भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेगा और निवेशकों का ध्यान अमेरिका-ईरान से संबंधित घटनाक्रमों पर रहेगा। कच्चे तेल पर रहेगी नजर पोनमुडी ने कहा कि ब्रेंट कच्चे तेल के दाम बाजार की दिशा तय करने वाला एक अहम कारक रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं या तनाव कम करने की दिशा में प्रगति होती है तो जोखिम वाले निवेश माध्यमों में राहत भरी तेजी देखी जा सकती है। वहीं तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार पर दबाव बना रह सकता है।’’ एक अन्य विशेषज्ञ के मुताबिक इस सप्ताह महंगाई के आंकड़े भी आने हैं जो बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इस बीच, केनरा बैंक, टाटा पावर, भारती एयरटेल, डीएलएफ, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियां सप्ताह के दौरान अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। और कौन-से फैक्टर्स रहेंगे अहम? मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार निकट भविष्य में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे और बाजार व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है। खेमका ने कहा कि भारत के अप्रैल महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दर नीति का संकेत देंगे, जबकि अमेरिका के सीपीआई और पीपीआई आंकड़े फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती, बॉन्ड प्रतिफल और वैश्विक जोखिम धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। कैसा रहा पिछला हफ्ता? बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत के लाभ में रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफआईआई) ने भी भारतीय बाजारों से निकासी जारी रखी है। इस महीने अब तक एफपीआई भारतीय शेयर बाजारों से 14,231 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। साथ ही चौथी तिमाही के नतीजों का अंतिम चरण शेयर और क्षेत्र आधारित गतिविधियों को प्रभावित करेगा।  

ओवरथिंकिंग के ये 5 संकेत कर सकते हैं आपको अंदर से कमजोर, चाणक्य की सीख जानें

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र और सबसे बड़ा शत्रु उसकी अपनी बुद्धि ही होती है. कई बार हम बाहरी चुनौतियों से तो लड़ लेते हैं, लेकिन अपनी ही सोच के बुने  हुए जाल में उलझकर रह जाते हैं. क्या आप भी हर काम को करने से पहले डर जाते हैं या पुरानी गलतियों को याद कर खुद को कोसते रहते हैं? अगर ऐसा है तो ,मुमकिन ही आप ओवरथिंकिंग या अपनी ही सीमित सोच के शिकार हैं. चाणक्य नीति के अनुसार, इन संकेतों को पहचानना और समय रहते बदलना ही कानयाब होने  की पहली सीढ़ी है. पुरानी गलतियों का बोझ ढोना चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति अतीत की नाकामयाबियों को वर्तमान पर हावी होने देता है, वह कभी आगे नहीं बढ़ पाता. अगर आप अपनी पुरानी गलतियों को बार-बार याद करके खुद को अपराधी मानते हैं, तो समझ लीजिए कि आप अपनी सोच के जाल में फंस चुके हैं.  बुद्धिमान व्यक्ति अतीत से सीखता है, उसे ढोता नहीं. दूसरों की राय को खुद पर हावी करना आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति लोग क्या कहेंगे के डर से हमेशा अपने फैसलों को बदल देता है, वह मानसिक रूप से गुलाम है. अपनी क्षमताओं पर भरोसा न करना और हर छोटे फैसले के लिए दूसरों की मंजूरी मांगना इस बात का संकेत है कि आपकी अपनी सोच आपको कमजोर बना रहे हैं. हर अवसर में केवल बाधाएं देखना नकारात्मक सोच का सबसे बड़ा लक्षण यह है कि व्यक्ति को हर सुनहरे अवसर में भी केवल मुश्किलें नजर आती हैं.  चाणक्य नीति कहती है कि जो व्यक्ति कर्म करने से पहले ही उसके बुरे नतीजों के बारे में सोचकर डर जाता है, वह अपनी कामयाबी के दरवाजे खुद बंद कर लेता है. खुद की तुलना दूसरों से करना अपनी तरक्की की तुलना दूसरों के जीवन से करना मानसिक अशांति का सबसे बड़ा कारण है. चाणक्य मानते थे कि हर व्यक्ति की परिस्थिति और समय अलग होता है. अगर आप लगातार दूसरों को देखकर खुद को छोटा महसूस करते हैं, तो आप अपनी ही सोच के बनाए हीन भावना के चक्रव्यूह में फंसे हैं. बदलाव से घबराना संसार का नियम परिवर्तन है, लेकिन अपनी सोच में फंसे लोग बदलाव को स्वीकार नहीं कर पाते. वे अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने में डरते हैं. चाणक्य के अनुसार, जो समय के साथ अपनी सोच को अपडेट नहीं करता, वह न केवल पीछे छूट जाता है बल्कि मानसिक रूप से भी थक जाता है.