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राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर, मुख्यमंत्री बोले—गुमनाम नायकों की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित एंटरटेनमेंट पैराडाइज मिराज सिनेमा में फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्पेशल स्क्रीनिंग देखी। इस अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा एवं फिल्म के निर्माता- निर्देशक , नर्स प्रोफेशनल्स एवं छात्राएं उपस्थित रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम‘ की भावना और समाज के प्रति संवेदनशीलता ही नागरिक की सबसे बड़ी पहचान होती है। राष्ट्र को सर्वाेपरि मानकर अपना सर्वस्व समाज और देश के लिए समर्पित करने वाले गुमनाम नायकों की प्रेरक गाथा को फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने 26/11 जैसे आतंकी हमलों से लेकर कोविड महामारी जैसे कठिन दौर में भी अनगिनत कर्मयोगियों की सेवा भावना को देखा है। चिकित्सकों, नर्सों, सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं ने ऐसे समय में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मानवता और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। यह फिल्म उन असंख्य लोगों के त्याग, साहस और समर्पण को रेखांकित करती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए निरंतर कार्य करते हैं। उन्होंने फिल्म के निर्माता एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायी फिल्में युवाओं को कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सभी समाज में सेवा एवं सहयोग के लिए आगे बढ़े। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए नर्सेज को सम्मानित भी किया गया।

डीग दौरे पर सीएम ने मंदिरों में की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं को वितरित की प्रसादी

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को गिरिराज धरण (गोवर्धन पर्वत) की लगभग 21 किलोमीटर की परिक्रमा भक्तिभाव के साथ संपन्न की। अपने दो दिवसीय डीग प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने सपत्नीक पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथ जी के दर्शन किए। साथ ही, उन्होंने मुकुट मुखारविंद मंदिर की तलहटी पर दुग्ध एवं जलाभिषेक कर गिरिराज जी की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर खुशहाली व सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने श्रीनाथ जी मंदिर परिसर में उपस्थित संतों, स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसादी वितरित की। उन्होंने इस दौरान श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद कर यात्रा के दौरान मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम को सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की थी जो मंगलवार सुबह लगभग 4 बजे संपन्न हुई। उन्होंने पूंछरी का लौठा में आमजन से मुलाकात की। विकास कार्यों को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री ने भरतपुर व डीग जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, विधायक डॉ. शैलेष सिंह व बहादुर सिंह कोली सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।

‘राधे-राधे’ के जयकारों के बीच CM भजनलाल ने पूरी की गिरिराज परिक्रमा

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार रात पत्नी गीता शर्मा के साथ गिरिराज महाराज की सात कोसीय परिक्रमा पूर्ण की. पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर से CM दंपति ने सात दंडवत कर परिक्रमा की शुरुआत की. परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह CM का भव्य स्वागत हुआ. श्रद्धालु 'राधे-राधे' के जयकारों के साथ उनकी एक झलक पाने को परिक्रमा मार्ग के किनारे खड़े रहे. कई श्रद्धालुओं ने मोबाइल में CM की तस्वीरें कैद कीं. राधा कुंड में दीपदान की CM भजनलाल शर्मा ने परिक्रमा के दौरान दानघाटी मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इसके बाद राधाकुंड पहुंचकर दीपदान किया. खास बात ये रही कि राधाकुंड में CM ने स्थानीय चाय की थड़ी पर रुककर चाय का आनंद भी लिया. श्रद्धालुओं से की बातचीत परिक्रमा के दौरान CM ने दंडवत कर रहे श्रद्धालुओं से रुककर बातचीत की. श्रद्धालुओं का हालचाल जाना और अभिवादन स्वीकार किया. परिक्रमा पूरी करने से पहले वह अपनी पूंछरी स्थित प्याऊ पर 5 मिनट बैठकर व्यवस्थाओं को देखा. CM के आगे-आगे भजन-कीर्तन करती मंडली चल रही थी. पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. 200 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. उत्तर प्रदेश के मथुरा और राजस्थान के डीग जिले के करीब 200 पुलिसकर्मी CM की सुरक्षा में तैनात रहे. CM ने करीब 7 घंटे में सप्त कोशीय परिक्रमा पूर्ण की. परिक्रमा का समापन भी पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर में ही किया गया. CM ने कहा कि गिरिराज महाराज की कृपा से ही परिक्रमा निर्विघ्न पूरी हुई. ब्रज की परंपरा और आस्था को नमन किया देश प्रदेश की खुशहाली की कामना की

CM भजनलाल शर्मा की पहल रंग लाई, गर्मी के बीच राजस्थान में पेयजल आपूर्ति हुई सुदृढ़

विशेष राज्यव्यापी अभियानों से 19 हजार से अधिक पेयजल समस्याओं का समाधान, हजारों परिवारों को मिली राहत जयपुर भीषण गर्मी के बीच प्रदेशवासियों को स्वच्छ, पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील नेतृत्व एवं दूरदर्शी निर्देशों का सकारात्मक असर पूरे राजस्थान में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियानों ने पेयजल व्यवस्थाओं को नई मजबूती प्रदान की है तथा हजारों परिवारों को राहत पहुंचाई है। सात विशेष अभियानों में 19 हजार से अधिक कार्य, पेयजल व्यवस्थाओं में ऐतिहासिक सुधार 5 अप्रैल से 6 जून तक आयोजित सात विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में कुल 19,072 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। इनमें 3,766 हैंडपंपों की मरम्मत, 2,236 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1,219 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान, 1,390 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण, 290 कम अवधि की जलापूर्ति, 688 कम सप्लाई, 181 प्रदूषित जल तथा 29 समय-सारणी संबंधी शिकायतों का समाधान शामिल है। इसके अतिरिक्त 7,466 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया। एक दिन में 3 हजार से अधिक कार्य, विशेष टीमों ने दिखाई तत्परता शनिवार को आयोजित सातवें विशेष अभियान के दौरान विभागीय विशेष टीमों ने जिलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। अभियान के तहत 689 खराब हैंडपंप पुनः चालू किए गए, 592 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 241 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 246 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अलावा 60 कम अवधि की जलापूर्ति, 144 कम सप्लाई और 60 प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 3,077 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए। अवैध जल कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई, जल संरक्षण को मिला नया बल जल संसाधनों के संरक्षण एवं प्रभावी प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की। सातवें अभियान के दौरान 426 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबे, सरस डेयरी बूथ एवं कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे अवैध कनेक्शन शामिल थे। गौरतलब है कि सात अभियानों के दौरान अब तक कुल 1,827 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं, जिससे जल की बर्बादी पर प्रभावी अंकुश लगा है और आमजन के लिए उपलब्ध पेयजल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को मिली नई मजबूती हैंडपंपों एवं पाइपलाइनों की मरम्मत के साथ-साथ 619 अन्य पेयजल सुधार कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है। इन प्रयासों से हजारों परिवारों को गर्मी के इस कठिन दौर में राहत मिली है और पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 30 जून तक जारी रहेंगे विशेष अभियान उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। आमजन को बेहतर पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा गर्मी के मौसम में जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ये अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेंगे।

चौरासी और कुशलगढ़ में रात्रि चौपाल: सीएम ने लाभार्थियों से किया संवाद, विकास योजनाओं की समीक्षा

वागड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले दो दिन (20-21 मई) वागड़ दौरे पर रहे. सीएम ने कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) और चौरासी (डूंगरपुर) में रात्रि चौपाल की. मुख्यमंत्री चौरासी के धम्बोला गांव में 'ग्राम विकास चौपाल' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला के सर्वांगीण विकास के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है. प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना में गैस सिलेंडर और हर घर नल से जल योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ पहुंचा रही है. बालिकाओं को अच्छी शिक्षा के लिए स्कूटी और साइकिलों का वितरण भी किया गया है.   महिलाएं बोलीं- सीएम ने बेटा बनकर तीर्थ करवाया इस दौरान कई योजनाओं के लाभार्थियों से भी सीएम ने बात की. स्थानीय निवासी रमिला परमार ने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से जरूरतमंद किसानों को ट्रैक्टर की सुविधा मिल सकेगी. इससे हमारे क्लस्टर की आय भी बढ़ेगी और समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगी. गंगा देवी पाटीदार ने कहा कि बेटा तो हमें तीर्थ यात्रा नहीं करवा पाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने बेटा बनकर तीर्थ का सपना पूरा कर दिया. 1.35 लाख पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है. प्रदेश में युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादा किया था. अब तक 1.25 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं. 1.25 लाख पदों पर भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है. जबकि 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्ती परीक्षाएं भी प्रक्रियाधीन हैं. उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से पूरी हुई हैं. निजी क्षेत्र में 3 लाख से अधिक रोजगार उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी अब तक 3 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं है. युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है. प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की पहल की.    

चुड़ादा गांव में चौपाल के बाद सीएम ने खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की बातें

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र के चुड़ादा गांव में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अलग ही अंदाज देखने को मिला. ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गांव निवासी गट्टूलाल यादव के घर भोजन करने पहुंचे. परिवार के साथ जमीन पर बैठकर पत्तल-दोने में खाना खाया. भोजन में दाल-चावल के साथ मिक्स वेज परोसी गई, जिसमें आलू, ग्वार फली और मटर शामिल थी. इसके अलावा भोजन के साथ आमरस भी परोसा गया. खाट पर बैठकर ग्रामीणों से की बात मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ बैठकर भोजन किया. भोजन के बाद वे घर के बाहर खाट पर बैठ गए और आसपास मौजूद ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों से आत्मीय बातचीत की. इस दौरान उन्होंने गांव की स्थिति, खेती-बाड़ी, पशुपालन और परिवारों की आजीविका के बारे में जानकारी ली.  मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछते हुए सरकारी योजनाओं के लाभ और गांव की जरूरतों पर भी चर्चा की. जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील इससे पहले मुख्यमंत्री ने चुड़ादा गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों और पशुपालकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की मंशा है कि किसान लाभ की खेती अपनाएं, आय बढ़ाएं और विकास यात्रा में सहभागी बनें. मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार बैलों से पारंपरिक और प्राकृतिक खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है. "बिजली-पानी की उपलब्धता पर हो रहा काम" मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बिजली और पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी और गंगनहर सुदृढ़ीकरण सहित माही, देवास और सोम-कमला-अंबा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है, और वर्ष 2027 तक यह व्यवस्था पूरे राजस्थान में लागू करने का लक्ष्य है. पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही उन्होंने स्थानीय कृषि उत्पादों के अनुसार, प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने, ग्रीन हाउस और पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही.  मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है. कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान किया   मुख्यमंत्री ने युवाओं से कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार 4 लाख भर्तियों के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रही है और बड़ी संख्या में नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किसानों, पशुपालकों और युवा उद्यमियों को चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए. इस दौरान कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया.

राजस्थान में ग्रीन एनर्जी पर जोर: एनर्जी कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे मुख्यमंत्री

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने ईधन बचाने को लेकर एक बार फिर अलग संदेश देने की कोशिश की है. हाल ही में अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने के बाद शुक्रवार (15 मई) को मुख्यमंत्री जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी से पहुंचे. मुख्यमंत्री का ईवी से कार्यक्रम स्थल पहुंचना पूरे आयोजन में चर्चा का विषय बना रहा. इसे सरकार की ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है. सरकार का ग्रीन एनर्जी पर फोकस उनके इस कदम को प्रतीकात्मक होने के साथ-साथ एक बड़े संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि सरकार अब पारंपरिक ईंधन के विकल्पों को बढ़ावा देना चाहती है. राजस्थान सरकार पिछले कुछ समय से सौर ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर लगातार फोकस कर रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कई बार मंच से यह कह चुके हैं कि प्रदेश आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा. काफिला कर चुके हैं सीएम मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर दी थी. ताकि आम लोगों को कम परेशानी हो, ट्रैफिक बाधित न हो और सरकारी खर्चों में भी कटौती की जा सके. अब ईवी से कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत का संदेश देने की कोशिश की है. कई जिलों में सोलर पार्क प्रोजेक्ट विकसित करने पर जोर जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में ग्रीन एनर्जी निवेश, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सोलर और विंड एनर्जी सेक्टर की संभावनाओं पर चर्चा हुई. राजस्थान पहले से ही देश में सोलर एनर्जी उत्पादन का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. राज्य के कई जिलों में बड़े स्तर पर सोलर पार्क और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. सरकार का फोकस अब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के विस्तार पर भी है.  

कड़ेल गांव में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खाया खाना, सब्जियों की की तारीफ

 अजमेर जस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को अजमेर जिले के दौरे पर रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री का यह दौरा उस समय खास बन गया, जब अजमेर के कड़ेल गांव के एक घर में सीएम भजनलाल ने भोजन किया. मुख्यमंत्री ने कड़ेल गांव निवासी 59 वर्षीय लादूराम मेघवाल के घर पहुंचकर बेहद आत्मीय माहौल में खाना खाया. लादूराम मेघवाल गांव में मजदूरी और मकान निर्माण का कार्य करते हैं. उनके परिवार में चार बेटे, बहुएं और पोते-पोतियां शामिल हैं. इस दौरान सीएम भजनलाल घर की खाट पर परिवार के बीच बैठे और ग्रामीण परिवेश का आनंद लेते हुए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने की सब्जी की तारीफ भोजन करने के दौरान मुख्यमंत्री ने खास तौर पर काचरी और ग्वार फली की सब्जी की जमकर तारीफ की. लादूराम मेघवाल के घर में बने भोजन के स्वाद से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा कि यह स्वादिष्ट सब्जी किसने बनाई है. इस पर लादूराम की पत्नी गीता ने बताया कि भोजन उन्होंने स्वयं तैयार किया है. तभी मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनकी पत्नी का नाम भी गीता है. मुख्यमंत्री की इस बात पर घर में मौजूद सभी लोग हंस पड़े और माहौल ठहाकों से गूंज उठा. ग्रामीण परिवार और मुख्यमंत्री के बीच बना यह आत्मीय संवाद पूरे कार्यक्रम का सबसे यादगार पल बन गया. 3 दिन से सीएम के स्वागत चल रही थी तैयारी लादूराम मेघवाल की पत्नी गीता ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत और भोजन की तैयारी पिछले तीन दिनों से लगातार की जा रही थी. परिवार ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन तैयार किए. भोजन में काचरी की सब्जी, पनीर की सब्जी, ग्वार फली की सब्जी, ताजा रोटियां और चावल मुख्यमंत्री को परोसे गए. मुख्यमंत्री ने भोजन की सादगी और स्वाद की सराहना करते हुए परिवार की मेहनत की तारीफ की. गांव के एक सामान्य मजदूर परिवार के घर मुख्यमंत्री का इस तरह बैठकर भोजन करना ग्रामीणों के लिए भी चर्चा का विषय बना रहा और पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद इससे पहले कड़ेल ग्राम पंचायत में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल' के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के साथ बातचीत की, जिसमें महिलाओं ने गृहणी से लखपति दीदी बनने के अपने सफर के अनुभव को साझा किया. महिलाओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना में महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है. वहीं, ब्याज को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है.

बीजेपी में बड़ी तैयारी: राजस्थान में बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों की पहली सूची जल्द संभव

जयपुर राजस्थान में जल्द राजनीतिक नियुक्तियों की पहली सूची आ सकती है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे के बाद सत्ता और संगठन में हलचल तेज हो गई है. सीएम ने दिल्ली में बीजेपी संगठन महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की. इन बैठकों को राजस्थान में सत्ता-संगठन से जुड़े बड़े फैसलों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा लंबे समय से अटकी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हुई. नियुक्तियों पर होमवर्क पूरा बताया जा रहा है कि भाजपा संगठन और राज्य सरकार ने बोर्ड, निगम, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर पूरा होमवर्क कर लिया है. अब सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मंजूरी बाकी है. चर्चा है कि चुनाव हारने के बाद हाशिए पर गए करीब एक दर्जन वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. इसके साथ ही लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को भी एडजस्ट करने की तैयारी है. इन नेताओं का नाम दौड़ में सबसे आगे राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, राजपाल सिंह शेखावत, डॉ. रामप्रताप, अभिषेक मटोरिया, कनकमल कटारा, मोहनलाल गुप्ता, निर्मल कुमावत, नारायण पंचारिया, अजयपाल सिंह, चंद्रकांता मेघवाल, संतोष अहलावत जैसे नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष से संगठन को मजबूत करने पर चर्चा मुख्यमंत्री ने आज (10 मई) दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई दी. इस अवसर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई. किसी भी वक्त मिल सकती है हरी झंडी भाजपा इन नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और संगठनात्मक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है. साथ ही चुनाव हार चुके नेताओं को नई भूमिका देकर कार्यकर्ताओं में राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी मानी जा रही है. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद शुरू हो सकती है.

राजस्थान में साइबर सुरक्षा पर बड़ा कदम, AI आधारित कंट्रोल सेंटर और हेल्पलाइन कॉल सेंटर की होगी शुरुआत

जयपुर राजस्थान के सभी जिलों में साल 2030 तक साइबर पुलिस स्‍टेशन स्थापित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में लोक अभियोजकों और विशेष लोक अभियोजकों के लिए आयोजित कार्यशाला के दौरान इसका ऐलान किया है. इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है. उन्होंने बताया कि सरकार साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना करने जा रही है. बनेगा साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर इसके साथ ही, अब साइबर अपराधों का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित व्यवस्था और एक समर्पित साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है. पुलिस और अभियोजन को इन कानूनों की पूरी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही, हमारी सरकार ने 42 न्यायालय स्थापित किए हैं. हमने फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं सलूंबर में जिला एवं सेशन न्यायालय और बड़ी सादड़ी एवं केशोरायपाटन में नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय स्थापित किए हैं. साइबर सुरक्षा सिमुलेशन लैब की हुई स्थापना मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी अत्यधिक सजग है. हमारी सरकार ने साइबर खतरों से बचाव के लिए साइबर सुरक्षा सिमुलेशन लैब की स्थापना की है. ऑपरेशन साइबर शील्ड चलाकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने का काम किया है. इसके अलावा लगभग 10 हजार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 12 लाख से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया. उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने राज्य के समस्त पुलिस थानों पर साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं और वर्ष 2030 तक समस्त जिलों में साइबर पुलिस स्‍टेशन स्थापित किए जाएंगे. सरकार डिजिटल अरेस्‍ट सहित अन्य साइबर अपराधों पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए राजस्‍थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की भी स्थापना करने जा रही है. राज्य सरकार साइबर अपराधों के एआई आधारित विश्लेषण तथा साइबर हेल्‍पलाइन कॉल सेंटर की व्यवस्था करेगी.