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कड़ेल गांव में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खाया खाना, सब्जियों की की तारीफ

 अजमेर जस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को अजमेर जिले के दौरे पर रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री का यह दौरा उस समय खास बन गया, जब अजमेर के कड़ेल गांव के एक घर में सीएम भजनलाल ने भोजन किया. मुख्यमंत्री ने कड़ेल गांव निवासी 59 वर्षीय लादूराम मेघवाल के घर पहुंचकर बेहद आत्मीय माहौल में खाना खाया. लादूराम मेघवाल गांव में मजदूरी और मकान निर्माण का कार्य करते हैं. उनके परिवार में चार बेटे, बहुएं और पोते-पोतियां शामिल हैं. इस दौरान सीएम भजनलाल घर की खाट पर परिवार के बीच बैठे और ग्रामीण परिवेश का आनंद लेते हुए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने की सब्जी की तारीफ भोजन करने के दौरान मुख्यमंत्री ने खास तौर पर काचरी और ग्वार फली की सब्जी की जमकर तारीफ की. लादूराम मेघवाल के घर में बने भोजन के स्वाद से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा कि यह स्वादिष्ट सब्जी किसने बनाई है. इस पर लादूराम की पत्नी गीता ने बताया कि भोजन उन्होंने स्वयं तैयार किया है. तभी मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनकी पत्नी का नाम भी गीता है. मुख्यमंत्री की इस बात पर घर में मौजूद सभी लोग हंस पड़े और माहौल ठहाकों से गूंज उठा. ग्रामीण परिवार और मुख्यमंत्री के बीच बना यह आत्मीय संवाद पूरे कार्यक्रम का सबसे यादगार पल बन गया. 3 दिन से सीएम के स्वागत चल रही थी तैयारी लादूराम मेघवाल की पत्नी गीता ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत और भोजन की तैयारी पिछले तीन दिनों से लगातार की जा रही थी. परिवार ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन तैयार किए. भोजन में काचरी की सब्जी, पनीर की सब्जी, ग्वार फली की सब्जी, ताजा रोटियां और चावल मुख्यमंत्री को परोसे गए. मुख्यमंत्री ने भोजन की सादगी और स्वाद की सराहना करते हुए परिवार की मेहनत की तारीफ की. गांव के एक सामान्य मजदूर परिवार के घर मुख्यमंत्री का इस तरह बैठकर भोजन करना ग्रामीणों के लिए भी चर्चा का विषय बना रहा और पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद इससे पहले कड़ेल ग्राम पंचायत में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल' के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के साथ बातचीत की, जिसमें महिलाओं ने गृहणी से लखपति दीदी बनने के अपने सफर के अनुभव को साझा किया. महिलाओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना में महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है. वहीं, ब्याज को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है.

बीजेपी में बड़ी तैयारी: राजस्थान में बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों की पहली सूची जल्द संभव

जयपुर राजस्थान में जल्द राजनीतिक नियुक्तियों की पहली सूची आ सकती है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे के बाद सत्ता और संगठन में हलचल तेज हो गई है. सीएम ने दिल्ली में बीजेपी संगठन महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की. इन बैठकों को राजस्थान में सत्ता-संगठन से जुड़े बड़े फैसलों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक बैठकों में सबसे ज्यादा चर्चा लंबे समय से अटकी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हुई. नियुक्तियों पर होमवर्क पूरा बताया जा रहा है कि भाजपा संगठन और राज्य सरकार ने बोर्ड, निगम, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर पूरा होमवर्क कर लिया है. अब सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मंजूरी बाकी है. चर्चा है कि चुनाव हारने के बाद हाशिए पर गए करीब एक दर्जन वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. इसके साथ ही लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को भी एडजस्ट करने की तैयारी है. इन नेताओं का नाम दौड़ में सबसे आगे राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, राजपाल सिंह शेखावत, डॉ. रामप्रताप, अभिषेक मटोरिया, कनकमल कटारा, मोहनलाल गुप्ता, निर्मल कुमावत, नारायण पंचारिया, अजयपाल सिंह, चंद्रकांता मेघवाल, संतोष अहलावत जैसे नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष से संगठन को मजबूत करने पर चर्चा मुख्यमंत्री ने आज (10 मई) दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई दी. इस अवसर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई. किसी भी वक्त मिल सकती है हरी झंडी भाजपा इन नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और संगठनात्मक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है. साथ ही चुनाव हार चुके नेताओं को नई भूमिका देकर कार्यकर्ताओं में राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी मानी जा रही है. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद शुरू हो सकती है.

राजस्थान में साइबर सुरक्षा पर बड़ा कदम, AI आधारित कंट्रोल सेंटर और हेल्पलाइन कॉल सेंटर की होगी शुरुआत

जयपुर राजस्थान के सभी जिलों में साल 2030 तक साइबर पुलिस स्‍टेशन स्थापित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में लोक अभियोजकों और विशेष लोक अभियोजकों के लिए आयोजित कार्यशाला के दौरान इसका ऐलान किया है. इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है. उन्होंने बताया कि सरकार साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना करने जा रही है. बनेगा साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर इसके साथ ही, अब साइबर अपराधों का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित व्यवस्था और एक समर्पित साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है. पुलिस और अभियोजन को इन कानूनों की पूरी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही, हमारी सरकार ने 42 न्यायालय स्थापित किए हैं. हमने फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं सलूंबर में जिला एवं सेशन न्यायालय और बड़ी सादड़ी एवं केशोरायपाटन में नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय स्थापित किए हैं. साइबर सुरक्षा सिमुलेशन लैब की हुई स्थापना मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी अत्यधिक सजग है. हमारी सरकार ने साइबर खतरों से बचाव के लिए साइबर सुरक्षा सिमुलेशन लैब की स्थापना की है. ऑपरेशन साइबर शील्ड चलाकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने का काम किया है. इसके अलावा लगभग 10 हजार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 12 लाख से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया. उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने राज्य के समस्त पुलिस थानों पर साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं और वर्ष 2030 तक समस्त जिलों में साइबर पुलिस स्‍टेशन स्थापित किए जाएंगे. सरकार डिजिटल अरेस्‍ट सहित अन्य साइबर अपराधों पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए राजस्‍थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की भी स्थापना करने जा रही है. राज्य सरकार साइबर अपराधों के एआई आधारित विश्लेषण तथा साइबर हेल्‍पलाइन कॉल सेंटर की व्यवस्था करेगी.

बंबोरी गांव में सीएम का जनता से सीधा संवाद, खाट पर बैठकर सुनी समस्याएं

 प्रतापगढ़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रतापगढ़ जिले के बंबोरी गांव में रात्रि प्रवास किया. उन्होंने देर रात तक ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया. चौपाल में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा, जनजाति विकास और अन्य स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की.       किसानों एवं पशुपालकों ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन एवं डेयरी विकास से जुड़े सुझाव दिए और युवाओं ने राज्य सरकार द्वारा रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर अपने अनुभव साझा किए.   21 लाख से अधिक महिलाएं प्रशिक्षित    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृ शक्ति के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने से ही देश समृद्ध होगा. लखपति दीदी योजना के माध्यम से देश में मातृ शक्ति की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है. हमारी सरकार ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत 21 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है, और 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया है. उन्होंने कहा कि लखपति दीदी समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य करें. "लाभकारी खेती की तरफ बढ़ना जरूरी" मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में किसानों को लाभकारी खेती की ओर बढ़ना आवश्यक है. इसके लिए हमारी सरकार 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजन कर रही है. उन्होंने कहा कि ग्राम 2026 में प्रदेश के हजारों किसान और पशुपालक के साथ ही देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, एग्रीटेक डेवलपर, स्टार्टअप्स और कृषि प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगपति भाग लेंगे.   ऑर्गेनिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है. विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाने, फलदार पौधे लगाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने किसानों से सोलर ऊर्जा से जुड़ने और फव्वारा प्रणाली जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया.    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूरे प्रदेश में 27 अप्रैल से ग्राम विकास रथ अभियान शुरू किया है.इसके माध्यम से हर पंचायत तक सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है.उन्होंने कहा कि इस अभियान में सरकार सुझाव पेटिका के जरिए आमजन से सुझाव ले रही है.   महिला सशक्तीकरण की दिखी प्रेरक तस्वीर ग्राम विकास चौपाल में महिला प्रभारी मंत्री, महिला संभागीय आयुक्त, महिला कलेक्टर और महिला सरपंच की उपस्थिति प्रेरक रही.मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया.   गैर नृत्य के साथ सीएम स्वागत मुख्यमंत्री के आगमन पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गैर नृत्य के साथ उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ गैर नृत्य में शामिल होकर उत्साहवर्धन किया.मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार और अपनत्व से कलाकार अभिभूत नजर आए.मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रथ का अवलोकन भी किया तथा इससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली.  इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा,सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, सांसद सीपी जोशी, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभान सिंह आक्या एवं सुरेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. लखपति दीदी ने अनुभव साझा किया लखपत‍ि दीदी कांता सेने ने कहा क‍ि पहले मैंने सिलाई मशीन से काम शुरू किया, फिर गाय खरीदी. आज मेरी वार्षिक आय 1.40 लाख रुपये है. अब मैं अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हूं. ईना रावत ने कहा क‍ि पहले मैं केवल खेतों में काम करती थी, ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया, फिर बैंक सखी की ट्रेनिंग ली.  आज मेरी गांव में अलग पहचान है.  पहले कोई नहीं जानता था, अब हर कोई सम्मान से नमस्ते करता है.    स्कूली छात्रा लवीशा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बम्बोरी में विज्ञान संकाय खोलने का आग्रह किया.  छात्रा की बात सुन मुख्यमंत्री ने विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का आश्वासन दिया.

जयपुर: मुख्यमंत्री ने पदोन्नति नियमों में छूट और नए पदों की घोषणा की

जयपुर जयपुर सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की हैं. मुख्यमंत्री ने सहायक शासन सचिव के 15 नए पद सृजित करने का ऐलान किया. इसके साथ ही पदोन्नति को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने अनुभव की शर्त में 2 वर्ष की छूट देने की घोषणा की है, जिससे सचिवालय के बड़े वर्ग को लाभ मिलने की संभावना है. इस फैसले से अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है. अनुकंपा नियुक्ति के दायरे को बढ़ाते हुए अब पुत्रवधू को भी इसका लाभ देने का फैसला किया गया है. आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी. नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की शपथ शासन सचिवालय प्रांगण में राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अध्यक्षता करते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान मंत्री कन्हैयालाल चौधरी भी मौजूद रहे.  मुख्यमंत्री ने कहा कि पद केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है, और अधिकारियों का आचरण संतुलित, जवाबदेह और पारदर्शी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सचिवालय राज्य की 8 करोड़ जनता की उम्मीदों और योजनाओं का केंद्र है, जहां से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं. पारदर्शिता के साथ काम करने की अपील मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ काम करने की अपील की और कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने मिशन कर्मयोगी का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नई तकनीक, ई-गवर्नेंस और पेपरलेस व्यवस्था को अपनाना जरूरी है. सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है और आने वाले समय में प्रदेश में इन दोनों क्षेत्रों में और सुधार देखने को मिलेगा. कार्यक्रम में मुख्य सचिव बी. श्रीनिवास और संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अगवन शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा, मुख्यमंत्री ने महिलाओं की भूमिका को बताया अहम

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के लोकसभा में पारित होने से पहले प्रदेश की महिलाओं से सीधा संवाद किया. मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग, शिक्षा, पुलिस, सामाजिक संगठनों और लघु उद्योग से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय है. इससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण मिलेगा. इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और वे देश के विकास में और अधिक सशक्त भूमिका निभा सकेंगी. "कुछ लोगों को डर हो सकता है कि…" मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि कुछ लोगों को यह डर हो सकता है कि यदि महिलाएं राजनीति में आगे आ गईं तो क्या होगा. लेकिन महिलाएं प्रशासन और व्यवस्था को और बेहतर तरीके से चला सकती हैं. जब वे घर का संचालन कुशलता से कर सकती हैं, तो राष्ट्र का संचालन भी उतनी ही क्षमता से कर सकती हैं. योजनाओं से महिला सशक्तिकरण को मिली मजबूती मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं का जिक्र किया. राज्य सरकार की ओर से लाडो प्रोत्साहन योजना, मा वाउचर योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना और दुग्ध उत्पादक संबल योजना जैसी पहलों से महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है.      लखपति दीदी योजना पर कही ये खास बात मुख्यमंत्री ने ‘लखपति दीदी' योजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान में 16 लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं. उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि इन महिलाओं का कोई भी खाता एनपीए नहीं है, यानी उन्होंने समय पर ऋण का भुगतान किया है. यह दर्शाता है कि महिलाएं देश की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं. महिलाओं की बढ़ती भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं खेल, रक्षा, विज्ञान, शिक्षा, उद्यम और कला समेत हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं. उन्होंने अपने निजी अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि आज जिस हेलीकॉप्टर से वे यात्रा करते हैं, उसकी पायलट भी एक महिला है. जब वह महिला पायलट हेलीकॉप्टर उड़ाती है तो उन्हें गर्व, सुकून और विश्वास का अनुभव होता है.

जब हेल्पलाइन की दूसरी तरफ से गूंजी मुख्यमंत्री की आवाज, सीएम के निर्देश पर मिनटों में हुआ जनसमस्याओं का समाधान

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को शासन सचिवालय में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का अचानक दौरा कर सबको चौंका दिया। वह न सिर्फ व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे, बल्कि खुद हेल्पलाइन पर आए नागरिकों से सीधी बातचीत भी की और उनकी परेशानियां सुनीं। जब कॉल करने वालों को एहसास हुआ कि दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री हैं, तो कई लोगों को आश्चर्य हुआ और उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सीएम के निर्देश पर तुरंत हुआ काम इस मौके पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर शिकायत का निपटारा संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान दो मामले सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। पहला मामला चूरू के एक नागरिक का था, जिन्हें 10 साल पुरानी मतदाता सूची उपलब्ध न होने के कारण मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने तत्काल ई-मित्र के जरिए आवेदन को फिर से प्रक्रिया में लिया और तहसील कार्यालय ने प्रमाण पत्र जारी कर दिया। दूसरा मामला जयपुर की एक महिला का था, जिन्होंने एलपीजी सिलेंडर की देरी से डिलीवरी की शिकायत की थी। सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्तित मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने तुरंत सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की, जिस पर महिला ने संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन के विभिन्न अनुभागों का बारीकी से अवलोकन किया और शिकायत निपटाने की प्रक्रिया, नागरिक संतुष्टि दर तथा अधिकारियों के निरीक्षण से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर तैनात कर्मियों की प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार की जाए और नियमित रूप से उसकी निगरानी की जाए। समय पर दें शिकायतों का समाधान सीएम भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मकसद महज शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध और संतोषजनक समाधान देना है। उन्होंने हर विभाग को निर्देश दिए कि शिकायत निपटाने की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए और नागरिकों की संतुष्टि दर लगातार बढ़ाई जाए।  

भजनलाल शर्मा की पहल: समाज के हर वर्ग के लिए सुरक्षा की दीवार

जयपुर राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण और प्रभावी निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को निरंतर सुदृढ़ किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों जरूरतमंद नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिला है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील और प्रभावी नेतृत्व वाली राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 में पेंशन राशि 1000 रुपये प्रतिमाह थी, जिसे बढ़ाकर 1150 रुपये किया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में इसे 1250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। जनवरी 2026 में इसे बढ़ाकर 1300 रुपये प्रतिमाह किया गया और अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 1450 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस प्रकार विगत दो वर्षों में पेंशन राशि में 450 रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिल रहा लाभ प्रदेश में वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को नियमित पेंशन प्रदान की जा रही है। इनमें वृद्धजन, विधवा एवं एकल नारी, विशेष योग्यजन (दिव्यांगजन) तथा लघु एवं सीमांत कृषक शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को न्यूनतम आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें। जनवरी 2026 की पेंशन के बिल भी तैयार कर ईसीएस के लिए भेज दिए गए हैं, जिससे जल्द ही यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा हो जाएगी। डीबीटी से पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली को अपनाया है। इसके तहत पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के जनाधार पंजीकृत बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और लाभार्थियों को समय पर पेंशन राशि प्राप्त हो रही है। तकनीक आधारित पारदर्शी पेंशन प्रणाली राज्य सरकार ने पेंशन व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए इसे सरल और नागरिक-अनुकूल बनाया है। पेंशन से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस किया गया है। जनआधार आधारित सत्यापित डेटा के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिससे पात्र व्यक्ति स्वयं, मोबाइल ऐप या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। सत्यापन प्रक्रिया को बनाया सरल यह शर्मा की ही दूरदर्शी सोच है कि पेंशन लाभार्थियों के वार्षिक सत्यापन की प्रक्रिया को भी निरंतर सरल बनाया गया है। लाभार्थी बायोमेट्रिक, प्रमाणीकरण, मोबाइल ऐप तथा ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से अपना सत्यापन करवा सकते हैं। यदि किसी कारणवश बायोमेट्रिक सत्यापन संभव नहीं हो पाता, तो संबंधित अधिकारी के समक्ष दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्वयं अथवा संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी के आधार पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से भी सत्यापन किया जा सकता है। बैंकिंग तकनीकी समस्याओं के समाधान के प्रयास बैंकों के विलय के कारण आईएफएससी कोड बदलने से कुछ लाभार्थियों की पेंशन अस्थायी रूप से लंबित हो गई थी। राज्य सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए विशेष प्रयास किए हैं और अधिकांश लाभार्थियों की पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है। भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए बैंकिंग संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पेंशन पोर्टल पर बैंक वितरण संबंधी डाटा अद्यतन करने की प्रक्रिया पर भी कार्य किया गया है। कमजोर वर्गों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना भी है। केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं मिलकर इस उद्देश्य को साकार कर रही हैं। अंत्योदय की भावना को सशक्त करता निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज में अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में लगातार वृद्धि और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था इस प्रतिबद्धता को मजबूत बनाती है। पेंशन राशि में हुई यह वृद्धि प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए आर्थिक स्थिरता, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।

चूरू में गौरव सैनानी समारोह: राष्ट्र सेवा में राजस्थान के वीरों की अग्रणी भूमिका : CM भजनलाल शर्मा

चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नामकरण लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर करने की घोषणा जयपुर, मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्र सेवा में राजस्थान के वीरों की अग्रणी भूमिका रही है। यहां गांवों में कोई न कोई ऐसा परिवार है जिसने सेना की वर्दी पहनी है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, वे आजीवन राष्ट्रहित और समाजहित के लिए निरन्तर कार्य करते हैं। उनका त्याग और बलिदान से परिपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।    शर्मा रविवार को चूरू के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित गौरव सेनानी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चूरू और शेखावाटी की धरती ने देशप्रेम के भाव को सदैव जीवंत रखा है। परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, मेजर शैतान सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ जैसे वीर सपूतों ने राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नाम 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्भुत साहस का प्रदर्शन करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखे जाने की घोषणा भी की। रक्षा क्षेत्र में देश बन रहा आत्मनिर्भर  शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख विश्व शक्ति बन कर उभर रहा है। भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। वीरांगनाओं का त्याग हमारे लिए प्रेरणादायी  शर्मा ने कहा कि वीर सपूतों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। वीर नारियों और वीरांगनाओं का त्याग भी हमारे लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। इसी कड़ी में, घर-घर जाकर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों से संवाद किया गया है। एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्सेज में सभी सुविधाएं मिलेंगी एक ही छत के नीचे मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों को विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्स का चरणबद्ध निर्माण कर रही है। इन कॉम्पलेक्सेज में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, युद्ध स्मारक, सैनिक कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। प्रथम चरण में 36 करोड़ रुपये की लागत से जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ और झुंझुनूं में इन कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र और झुंझुनूं में ‘वॉर म्यूजियम’ की स्थापना भी की जाएगी। विभिन्न विभागों में नियोजित पूर्व सैनिकों के मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिक और उनके परिवारों को सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आरटीडीसी के होटलों और गेस्ट हाउसों में वीरांगनाओं को 50 प्रतिशत और सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत की छूट देने के साथ ही, नवीन जिला सैनिक कल्याण कार्यालय भी खोले जा रहे हैं। विभिन्न विभागों में रेक्सको के माध्यम से नियोजित पूर्व सैनिकों के मानदेय में पिछले 2 वर्ष में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों को मिलने वाली पेंशन 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है। एक्स सर्विसमैन सैकण्ड लाईन ऑफ डिफेंस – लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह   सप्तशक्ति कमान के सेना कमाण्डर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि फौजी कभी अकेला नहीं रहता, इसी उद्देश्य को लेकर गौरव सैनानी समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह आपसी जुड़ाव और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक्स सर्विसमैन सैकण्ड लाइन ऑफ डिफेंस के रूप में कार्य करते हैं।  शर्मा ने इस दौरान पूर्व सैनिकों का सम्मान किया और जॉब लेटर सौंपे। साथ ही, प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर चूरू विधायक  हरलाल सहारण, पूर्व नेता प्रतिपक्ष  राजेंद्र राठौड़, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष  देवेंद्र झाझड़िया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीरांगनाएं एवं उनकेे परिवारजन उपस्थित रहे। —

प्रधानमंत्री मोदी की अजमेर में जनसभा को लेकर सीएम ने किया निरीक्षण

अजमेर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर दौरे पर आने वाले हैं. इसके लिए जोर शोर से तैयारियां की जा रही है. शनिवार के इस दौरे पर कम समय बचा है, ऐसे में तैयारियों में तेजी लाई जा रही है. वहीं सीएम भजनलाल शर्मा अजमेर पहुंचे, जहां उन्होंने पीएम मोदी के दौरे की पूरी जानकारी, तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. सीएम अजमेर पहुंचकर सभा स्थल कायड़ विश्राम स्थली का अवलोकन किया और अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग, यातायात और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की. उन्होंने ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए ताकि यातायात सुचारु रहे और पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें. पीएम देंगे लोकार्पण और शिलान्यास की सौगात प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान को विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास की सौगात देंगे. साथ ही एचपीवी वैक्सीन की लॉन्चिंग की जाएगी और बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे. बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं और आयोजन को सफल बनाया जाए. वहीं सीएम भजनलाल बैठक के बाद पुष्कर में धीरेंद्र शास्त्री से भी मुलाकात करने पहुंचे थे.