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टूरिज्म बूस्ट! इंदौर-गोवा के बीच विंटर से शुरू होगी वीकली डायरेक्ट फ्लाइट

इंदौर इंदौर से गोवा जाने वाले यात्रियों को विंटर सीजन से सीधी उड़ान की सुविधा मिलने जा रही है। इंडिगो विमान कंपनी ने 26 अक्टूबर से सीधी उड़ान की घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू की है। यह उड़ान सप्ताह में एक दिन सिर्फ रविवार को संचालित होगी। इस उड़ान के शुरू होने के साथ ही गोवा जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। देशभर के एयरपोर्ट के साथ ही इंदौर एयरपोर्ट पर विंटर सीजन की शुरुआत 27 अक्टूबर से हो रही है। इसकी शुरुआत के साथ ही इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से विमान कंपनियों ने नई उड़ानों को शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इंडिगों विमान कंपनी ने विंटर सीजन में जम्मू उड़ान के बाद अब गोवा के लिए 26 अक्टूबर से उड़ान शुरू करने की घोषणा की है।   वीकेंड पर गोवा जाने वाले यात्रियों को होगा फायदा यह उडा़न इंदौर से सुबह गोवा जाएगी और दोपहर में वापस आएगी। वीकेंड पर जाने वाले यात्रियों को इसका फायदा होगा। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि गोवा के लिए साप्ताहिक उड़ान शुरू होने से यात्रियों को फायदा होगा। अतिरिक्त उड़ान विकल्प मिलने से यात्री आसानी से यात्रा कर सकेंगे। यह उडा़न सुबह 10.35 बजे गोवा पहुंचाएगी, इससे चेकइन के लिए यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं गोवा से वापस आने वाले यात्रियों को भी सुबह 11 बजे उड़ान मिलने से फायदा होगा। तीन कैटेगरी में होगी बुकिंग इंडिगो विमान कंपनी द्वारा शुरू की जा रही साप्ताहिक उड़ान का फेयर साढ़े दस हजार रुपये के करीब आ रहा है। विमान कंपनी ने तीन कैटेगरी में बुकिंग शुरू की है। सेल फेयर, फ्लेक्सी प्लस फेयर और सुपर फेयर में यह बुकिंग की जा रही है। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार बुकिंग करवा सकेंगे। दोनों एयरपोर्ट के लिए उड़ाने संचालित वर्तमान में इंदौर से गोवा के दोनों एयरपोर्ट के लिए एक-एक उड़ाना संचालित हो रही है। यह उड़ाने नियमित संचालित होती है। इंडिगो कंपनी की उड़ान इंदौर से दोपहर 12.30 बजे रवाना होती है और साउथ गोवा के डोबोलिम एयरपोर्ट जाती है। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान इंदौर से दोपहर 12.20 बजे रवाना होती है और नार्थ गोवा के मनोहर पर्रिकर एयरपोर्ट जाती है। यह रहेगा शेड्यूल इंदौर से गोवा – फ्लाईट 6ई 314 इंदौर से सुबह 8.55 बजे रवाना होगी और सुबह 10.35 बजे गोवा पहुंचेगी। गोवा से इंदौर – फ्लाईट 6ई 6738 गोवा से सुबह 11.05 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.45 बजे इंदौर पहुंचेगी।

राखी पर सीएम मोहन यादव की सौगात, लाड़ली बहनों को 250 रुपये शगुन का ऐलान

भोपाल रक्षाबंधन पर मध्यप्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। राखी पर सीएम डॉ. मोहन यादव बहनों को 250-250 रुपये का विशेष शगुन देंगे। यह शगुन लाड़ली बहना योजना के 1250 रुपये के अतिरिक्त होंगे। सीएम डॉ. यादव बहनों को यह राशि 7 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से दोपहर करीब 2:45 पर जारी करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं को अपना मान-सम्मान मानती है। इसलिए वह उनके सल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव खुद इस बात को कई बार कह चुके हैं कि उनकी सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। गौरतलब है कि इस बार राखी पर लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तरफ से शगुन का उपहार मिलेगा। सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में इस बात पर विशेष जोर दिया था कि 7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि यह शगुन रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार स्वरूप है। 250 रुपये की यह राशि हर महीने मिलने वाली 1250 रुपये से अतिरिक्त होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। इस तरह लगातार बढ़ती जाएगी राशि बता दें, मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से बढ़ोतरी होगी। साल 2028 तक महिलाओं को तीन हजार रुपये हर महीने मिलने लगेंगे। इस योजना के तहत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए सरकार हर महीने 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा उनके खातों में ट्रांसफर कर रही है। प्रदेश सरकार दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज पर सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपये से बढ़ाकर हर महीने 1500 रुपये देगी। पीएम मोदी के विजन को साकार कर रहे सीएम डॉ. यादव मध्यप्रदेश सरकार बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के ‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों, स्थानीय-नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध करवा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इरादों को साकार करने में अथक मेहनत कर रहे हैं। सीएम डॉ. यादव का कहना है कि जैसे मोदी सरकार लोकसभा-विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, उसी तरह हमारी सरकार भी महिलाओं के रोजगार और उनकी आर्थिक तरक्की के लिए संकल्पित है।

पीएम सूर्य घर योजना का लाभ बढ़ाने सरकार का कदम, वेन्डर्स होंगे स्किल्ड

भोपाल मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में वेन्डर्स की क्षमता संवर्धन और सोलर रूफटॉप की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है। प्रशिक्षण वसुधा फाउन्डेशन के सहयोग से आयोजित किये जायेंगे। प्रदेश के 10 शहरों में अलग-अलग दिनांकों में प्रशिक्षण होंगे। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार 11 अगस्त को भोपाल, 13 को इंदौर, 18 को जबलपुर, 20 को ग्वालियर, 22 को सागर, 25 को उज्जैन, 27 को रीवा, 29 को मुरैना, एक सितम्बर को नर्मदापुरम और 4 सितम्बर को शहडोल में निर्धारित स्थानों पर प्रशिक्षण होगा। सभी जिलों के अक्षय ऊर्जा अधिकारियों को भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा

जन-जन को जोड़ें आजादी पर्व से आयोजन और प्रबंधन में कोई कमी न रहे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। यह अवसर हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और योगदान को स्मरण करने तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह-2025 के आयोजन से जुड़ी तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में तय किया गया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का सभी जिलों में होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाईव प्रसारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता के नाम संदेश का लाईव प्रसारण पूरा होने के बाद जिलास्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपने संबोधन में जिले में संचालित फ्लैगशिप योजनाओं, विकास कार्यक्रमों, जिले में आए निवेश, कृषि एवं सिंचाई के क्षेत्र में हुए विकास और अन्य उल्लेखनीय गतिविधियों के बारे में भी नागरिकों को जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन पूरे हर्ष उल्लास, गरिमा और जन सहभागिता के साथ हो। विशेष रूप से युवा वर्ग में देशभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय समारोह स्थल पर बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समारोह में लोकतंत्र सेनानियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वाधीनता दिवस समारोह में शामिल होकर देशभक्ति के संदेश का प्रसार करें। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मंत्रीगण द्वारा राज्य एवं जिलास्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह में गरिमा के अनुरूप नवाचारों के संबंध में सुझाव भी दिए गए। अधिकारियों द्वारा समारोह के सुचारु आयोजन के लिए की जा रही व्यापक तैयारियों की सिलसिलेवार जानकारी दी गई।  

बेटी के लिए 25 हजार, बेटे के लिए 20 हजार – जानें योगी सरकार की खास स्कीम और आवेदन का तरीका

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जनकल्याणकारी पहल की है। यह पहल गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 25 हजार और बेटे के जन्म पर 20 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। खास बात यह है कि इस योजना से दिव्यांग बालिकाओं को भी लाभ हो रहा। दिव्यांग बालिकाओं के जन्म पर सरकार 50 हजार की सावधि जमा भी कराती है। इस योजना ने हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत दी है। यदि आप या आपके जानने वाले इस योजना के पात्र हैं, तो तुरंत आवेदन करें और इसका लाभ उठाएं। क्या है मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना? मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संतान के जन्म पर आर्थिक राहत देना है। यह योजना खासकर उन मजदूर परिवारों के लिए लाभकारी है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत रोजाना की मेहनत-मजदूरी है। योजना की मुख्य विशेषताएं बेटे के जन्म पर 20 हजार की सहायता राशि बेटी के जन्म पर 25 हजार की सहायता राशि दिव्यांग बालिका के लिए 50 हजार की सावधि जमा महिला श्रमिक को अस्पताल में प्रसव के बाद 3 महीने की न्यूनतम वेतन राशि और 1 हजार चिकित्सा बोनस बेटियों के लिए ज्यादा मदद क्यों? सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यही वजह है कि बेटे की तुलना में बेटी के जन्म पर 5 हजार अधिक रूपये दिए जाते हैं। यदि पहली या दूसरी संतान बेटी है, या कानूनी रूप से गोद ली गई बालिका है, तब भी 25 हजार की सावधि जमा का प्रावधान है। दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष प्रावधान यदि जन्म से कोई बालिका दिव्यांग है, तो सरकार उसकी आर्थिक मदद के लिए 50 हजार की सावधि जमा करती है। यह राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर मिलती है।  योजना के लिए पात्रता शर्तें  श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन तक निर्माण कार्य किया होना अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क: 20 रूपये वार्षिक अंशदान: 20 रूपये   योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़  आधार कार्ड पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन कैसे करें: निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC) से आवेदन करें या www.upbocw.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरें