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इस्राइल-गाजा संघर्ष जारी, 47 की जान गई; हमास 60 दिन के युद्धविराम को तैयार

गाजा 
गाजा की सड़कों पर आज फिर मातम पसरा है। भूख मिटाने के लिए कतार में खड़े फलस्तीनियों पर इस्राइल ने एक बार फिर हवाई हमला किया। इस हमले में 47 जानें चली गईं। मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस हमले के साथ ही अस्पतालों में चीख-पूकार मची हुई है और दवाएं कम पड़ रही हैं। हालांकि, इसी बीच हमास ने 60 दिन के युद्धविराम पर सहमति जताकर एक उम्मीद की किरण जगाई है। इस्राइल और हमास के बीच लगभग दो साल से चल रहे संघर्ष में गाजा के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को भी हुए इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम 47 फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हमले उस समय हुए जब लोग खाना पाने के लिए कतार में खड़े थे। अस्पतालों में घायलों की भरमार है और इलाज के संसाधन कम पड़ रहे हैं।

बता दें कि इस्राइल की ओर से ये हमला उस समय हुआ जब हमास ने एक 60 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर बातचीत शुरू करने की सहमति दी है। इसका मकसद गाजा में राहत सामग्री पहुंचाना और आगे चलकर स्थायी संघर्षविराम की दिशा में कदम बढ़ाना है। हमास के सहयोगी संगठन इस्लामिक जिहाद ने भी इस प्रस्ताव को समर्थन दिया है। साथ ही स्थायी शांति के लिए गारंटी की मांग की है।

युद्धविराम को लेकर वार्ता में लगातार प्रगति
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने 60 दिन की सीजफायर योजना पर सकारात्मक जवाब दिया है। हमास की ओर से जारी बयान में बताया गया कि वे तुरंत बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि इस बीच इस्राइल पहले ही अमेरिका द्वारा प्रस्तावित इस योजना को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर चुका है।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या बोला?
वहीं इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उम्मीद जताई है कि अगले सप्ताह तक युद्धविराम का समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें इसे अब खत्म करना होगा। साथ ही ट्रंप ने हमास को चेतावनी देते हुए कहा, "अगर उन्होंने इस प्रस्ताव को नहीं माना, तो हालात और बिगड़ेंगे।

युद्धविराम प्रस्ताव में क्या-क्या है?
प्रस्ताव के तहत हमास पहले चरण में 10 इस्राइली बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें से 8 जीवित और 18 मृत घोषित किए गए हैं। इसके बदले में कुछ फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई होगी और इस्राइली सेना उत्तरी गाजा के कुछ हिस्सों से हटेगी। इसके बाद दोनों पक्ष स्थायी संघर्षविराम पर बातचीत शुरू करेंगे।

इस्राइल की रणनीति में बदलाव
अब तक इस्राइल प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू हमास के सैन्य ढांचे को पूरी तरह खत्म करने की बात कहते रहे हैं। लेकिन हाल ही में ईरान के साथ हुए 12 दिन के संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद उन्होंने अपना रुख नरम किया है। शनिवार रात वे अपने कैबिनेट के साथ इस युद्धविराम प्रस्ताव पर बैठक करने जा रहे हैं, फिर सोमवार को वे वॉशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात करेंगे।

बड़े मानवीय संकट के बीच मध्यस्थता पर जोर
वहीं कतर, मिस्र और अमेरिका युद्धविराम के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। नई योजना के तहत अमेरिका ने भरोसा दिलाया है कि वह इस्राइल को बातचीत के लिए मजबूती से जोड़े रखेगा। साथ ही गाजा में मानवीय राहत भेजने के लिए पारंपरिक रास्तों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। अगर प्रस्ताव पर सहमति बनती है, तो यह 21 महीने से चल रहे इस भयानक युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

अब तक का सबसे बड़ा मानवीय संकट
गौरतलब है कि सात अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर हमास के हमले के साथ शुरू हुआ संघर्ष ने गाजा में की स्थिति डमाडोल कर दी। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 57,338 लोगों की मौत हो चुकी है और 1.35 लाख से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस्राइल में 7 अक्तूबर, 2023 को हमास के हमलों में 1,139 लोगों की जान गई थी और 200 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था। 

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