samacharsecretary.com

नशे की बड़ी खेप जब्त, ट्रक में छिपाकर ले जा रहे थे 50 लाख का माल

फिरोजाबाद

एएनटीएफ और फिरोजाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 लाख रुपये की अफीम डोडा की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने नशे के 2 सौदागरों को गिरफ्तार किया है. तस्कर बिहार से नशे की खेप लेकर आते थे और हरियाणा में इसकी सप्लाई करते है. आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है.

फिरोजाबाद के एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना रसूलपुर पुलिस और एएनटीएफ यूनिट आगरा की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 120 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा पोस्त के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है. जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त ट्रक की कीमत 20 लाख रुपये बताई गई है. कुल बरामदगी 70 लाख रुपये है.

उन्होंने बताया कि मुसलम खां पुत्र अब्दुल हई, निवासी ग्राम डाडका, थाना होडल, जिला पलवल (हरियाणा), उम्र 28 वर्ष, बलराम कुमार पुत्र सिताराम, निवासी ग्राम हरनाही, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार), उम्र 27 वर्ष को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. तस्कर कार्बन की बोरियों में ट्रक की केबिन के ऊपर छिपाकर त्रिपाल से ढ़ककर तस्करी कर रहे थे. टीम ने यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की.

पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने खुलासा किया कि यह खेप उनके गिरोह के लीडर ज्ञानी सिंह द्वारा बिहार के गया से मंगवाई गई थी, जिसे हरियाणा के पलवल निवासी असलम खां को पहुंचाया जाना था. असलम फुटकर बिक्री करता है. गिरोह बिहार से सस्ते दाम पर डोडा पोस्त खरीदकर 4-5 गुना मंहगे रेट पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बेचता था. पुलिस अब इस मामले में असलम खां पुत्र अब्दुल हई, निवासी ग्राम डाडका, होडल, पलवल (हरियाणा),ज्ञानी सिंह पुत्र गंधारी सिंह, निवासी हरनाही, बाराचट्टी, गया (बिहार) की तलाश कर रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस अब गिरोह के बैकवर्ड व फारवर्ड लिंक की जांच कर रही है. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना रसूलपुर पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here