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सौरभ भारद्वाज के घर ED के छापे, हॉस्पिटल निर्माण घोटाले में जांच तेज

नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के 13 ठिकानों पर ईडी छापेमारी कर रही है. उनके घर पर भी रेड चल रही है. AAP सरकार के दौरान स्वास्थ्य ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मामले में पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन के खिलाफ ईडी ने जुलाई में केस दर्ज किया था. अब रेड की जा रही है, जिसपर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मोदी सरकार आम आदमी पार्टी के पीछे पड़ गई है" और ये कि "AAP को टारगेट किया जा रहा है."

सौरभ भारद्वाज के घर ED की रेड पर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, "यह मोदी सरकार द्वारा एजेंसीज के दुरुपयोग का एक और मामला है. मोदी सरकार आम आदमी पार्टी के पीछे पड़ गई है. जिस तरह “आप” को टारगेट किया जा रहा है, ऐसे इतिहास में किसी पार्टी को नहीं किया गया. “आप” को इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि मोदी सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्ट कामों के खिलाफ सबसे मुखर आवाज “आप” की है. मोदी सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है. ये कभी नहीं होगा."

AAP के कार्यकाल के दो स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन की भूमिका 5,590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में जांच के दायरे में है. ईडी के मुताबिक, 2018-19 में आम आदमी पार्टी सरकार ने 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी थी. योजना थी कि छह महीने के भीतर आईसीयू अस्पताल तैयार कर दिए जाएंगे, लेकिन दावा है कि अब तक काम पूरा नहीं हुआ, जबकि 800 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं. अब तक सिर्फ 50% काम ही पूरा हुआ है.

ईडी ने यह भी पाया कि दिल्ली सरकार के लोक नायक अस्पताल में निर्माण लागत 488 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,135 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. एजेंसी का आरोप है कि कई अस्पतालों में बिना सही मंजूरी के ही निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए. ACB ने अपने बयान में कहा था कि साल 2018-19 में अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनमें 11 ग्रीनफील्ड और 13 ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट शामिल थे.

एसीबी ने क्या आरोप लगए?

एसीबी द्वारा दर्ज मामले में कहा गया था कि शहरभर में अस्पतालों, पॉलीक्लिनिक और आईसीयू इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में भारी अनियमितताएं, बिना वजह देरी और बड़े पैमाने पर फंड की हेराफेरी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, कई सौ करोड़ रुपये तक की लागत बढ़ोतरी दर्ज की गई और तय समय सीमा के भीतर एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ.

केस उस समय का जब सौरभ नहीं थे मंत्री- आतिशी

दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने एक एक्स पोस्ट में सौरभ भारद्वाज के घर रेड्स पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, "आज सौरभ जी के यहां रेड क्यों हुई? क्योंकि पूरे देश में मोदी जी की डिग्री पर सवाल उठ रहे हैं – क्या मोदी जी की डिग्री फर्जी है? इस चर्चा से ध्यान हटाने के लिए ही रेड डाली गई है. जिस समय का केस बताया जा रहा है, उस समय सौरभ जी मंत्री भी नहीं थे. यानी पूरा केस ही झूठा है. सत्येंद्र जी को भी तीन साल जेल में रखकर आखिरकार CBI/ED को क्लोजर रिपोर्ट देनी पड़ी. इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लगाए गए सारे केस सिर्फ झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं."

वीजेंद्र गुप्ता ने सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन के खिलाफ की थी शिकायत

22 अगस्त 2024 को उस समय के दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मामले की शिकायत की थी. इस शिकायत में जीएनसीटीडी (GNCTD) के तहत चल रही कई स्वास्थ्य से संबंधित परियोजनाओं में गंभीर अनियमितताओं और संदिग्ध भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया गया था. शिकायत में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन का नाम लिया गया था, उन पर परियोजनाओं के बजट में सुनियोजित हेरफेर, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और निजी ठेकेदारों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए गए थे.

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