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पीने के पानी की किल्लत से गांव में फैली बीमारियाँ, प्रशासन बेखबर

लंबी 
लंबी हल्के के गांव मिठड़ी बुद्धगिर के वार्ड एक में दर्जनों परिवारों के लिए साफ पानी की कमी दशक से भी अधिक समय से गंभीर चुनौती बनी हुई है। पानी सप्लाई पाइपों की गलत लेवलिंग के कारण 12 साल से वॉटर वर्क्स का पानी यहां नहीं पहुंचा। मजबूरीवश लोग सबमर्सिबल पंपों से 950 टीडीएस से अधिक वाला दूषित ज़मीन का पानी पी रहे हैं। दूषित पानी का सबसे बड़ा असर ग़रीब परिवारों पर पड़ा है। 70 वर्षीय जसदेव कौर को दूषित पानी पीने से गठिया की बीमारी हो गई और उनके हाथ-पांव टेढ़े-मेढ़े हो चुके हैं। अन्य परिवार भी त्वचा और बालों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं।

इसी मध्य, लगभग 10 लाख रुपये की ग्रांट बीडीपीओ दफ़्तर लंबी में एक साल से पड़ी है, लेकिन स्थानीय आम आदमी पार्टी के दो धड़ों के बीच टकराव के कारण यह रुकी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक धड़ा ज़िद पर अड़ा है कि ग्रांट तभी जारी होगी, जब अकाली सरपंच, मंत्री की हाज़री लगाएगा। इस राजनीतिक अड़ंगे ने ग़रीब परिवारों की स्वास्थ्य व और दोनों को बर्बाद कर दिया है। लोगों को रोज़ाना 30-50 रुपये का आरओ पानी ख़रीदना पड़ता है और महीने में कई बार 1,000 रुपये प्रति टैंकर पानी मंगवाना पड़ता है। वार्ड निवासी अमनदीप कौर, बलदेव कौर, सरबजीत कौर और अन्य ने कहा कि ग़रीबी के साथ पानी की समस्या दोहरा नरक बन गई है। विधवा वीरपाल कौर ने बताया कि वह दो दिव्यांग पुत्रों का दुख झेल रही है। उसे पहले रोज़ाना घरों में झाड़ू-पोचा करना पड़ता है और बाद में पानी के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। भोली नामक महिला ने बताया कि पानी सप्लाई न आने के कारण उसने 8 हज़ार रुपये का कर्ज़ लेकर घर में बोरवेल लगवाना पड़ा है। भाकियू एकता उगराहां के नेता दलजीत सिंह व तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि पाइपों की बिगड़ी लेवलिंग के कारण यहां कभी पानी नहीं पहुंच सका, जबकि सरकारी ग्रांट होने के बावजूद नई पाइपलाइन नहीं डलवाई जा रही।

वॉटर वर्क्स से बिना फ़िल्टर पानी सप्लाई
10 लाख रुपये की ग्रांट न लगने के कारण वॉटर वर्क्स का फ़िल्टर मीडिया फेल हो चुका है। इस वजह से गांव को बिना फ़िल्टर किया पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। वार्डवासियों ने इस मुद्दे पर हाल ही में बीडीपीओ दफ़्तर लंबी के बाहर धरना भी दिया था।

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