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डैम का पानी ओवरफ्लो, सड़क जलमग्न, बोलेरो में फंसे तीन मित्र

झांसी/बबीना
पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के चलते प्रदेश के कई जिले तबाह हो चुके हैं। बारिश के चलते सड़कें भी कट गई हैं। एक-दूसरे के गांवों का संपर्क भी कट गया है। लेकिन झांसी में बारिश और बाढ़ का तबाही अभी नहीं रुकी है। बारिश के चलते यहां डैम लबालब हैं। पानी सड़कों तक आ पहुंचा है। गुरुवार की देर शाम चढ़े सुकुवां-ढुकुवां बांध के पानी में बबीना से ललितपुर को जोड़ने वाली सड़क के बॉर्डर पर तीन बोलेरो सवार दोस्त फंस गए। आनन-फनन में नत्थीखेड़ा चौकी पुलिस ने रेस्क्यू शुरू किया। गोताखोरों की मदद ली। करीब सात घंटे के तगड़े ऑपरेशन व आधी रात के बाद तीनों को सुरक्षित निकाला जा सका। कार अब भी फंसी है।

सुकुवां-ढुकुवां बांध से निकली सड़क झांसी के बबीना को ललितपुर जिले से जोड़ती है। गुरुवार देर शाम नत्थीखेरा के रहने वाले भगवान भगवान सिंह (32) बेटा सालिगराम अपने दोस्त कमलेश (35) बेटा हरीराम और जीतू (24) बेटा तोरन सिंह पूराकला के साथ बोलेरो से बबीना की तरफ आ रहे थे। जैसे ही चालक बांध से निकली सड़क पर बॉर्डर पर पहुंचा, तभी पानी का बहाव बढ़ गया। अचानक सड़क चढे़ पानी में डूब गई। तेज धार देख चालक की हिम्मत जवाब दे गई। जिससे कार वहीं फंस गई और तीनों दोस्तों चीख-पुकार मच गई। उन्होंने किसी तरह अपने घरों पर फोन किए। जिससे परिजन घबरा गए। आनन-फानन परिवारवालों ने नत्थीखेड़ा चौकी प्रभारी मनीष शुक्ला को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तुरंत रेस्क्यू शुरू किया गया। लेकिन, गहराती रात और पानी का तेज बहाव मुसीबत बन गया। गोताखोरों लगातार प्रयास करते रहे। करीब सात घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद देर रात लगभग 1 बजे तीनों युवकों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। चौकी प्रभारी मनीष शुक्ला ने बताया कि पानी का बहाव कम होने पर बोलेरो को भी बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा। तीनों कार सवारों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि बारिश के मौसम में बांधों और नदियों के रास्ते से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें। पानी की धारा जरा भी ऊपर तो जान जोखिम में कतई न डालें। इंतजार करें या फिर रास्ता बदल दें। लेकिन, उसे पानी करने की कोशिश न करें।

 

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