samacharsecretary.com

‘कोहिनूर’ जैसा हीरा मध्य प्रदेश में मिला, फिर रहस्यमय तरीके से गायब!

पन्ना 
मध्यप्रदेश की हीरा नगरी पन्ना से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक हीरा खदान मालिक ने दावा किया है कि उसकी खदान से 'कोहिनूर' जैसा बेशकीमती हीरा निकला था लेकिन हीरा मिलने के बाद उसके पार्टनर की नीयत खराब हो गई। लालच में खदान के पार्टनर ने रातों रात उस बेशकीमती हीरे को गायब कर दिया है। हीरा खदान मालिक का दावा है कि जो बेशकीमती हीरा पार्टनर ने गायब किया है वो 150 कैरेट का है। इतना ही नहीं उसने एक तस्वीर भी पुलिस को दिखाई है जिसमें हाथ में 150 कैरेट का हीरा नजर आ रहा है।

'कोहिनूर' जैसा बेशकीमती हीरा
मैहर के रहने वाले जयबहादुर सिंह ने पन्ना के हीरा कार्यालय व पुलिस थाने में लिखित शिकायत की है। अपनी शिकात में उन्होंने बताया है कि उनकी कृष्णा कल्याणपुर पट्टी की हीरा खदान से 150 कैरेट का हीरा निकला था। यह हीरा उनके पार्टनर दयाराम पटेल के पास मौजूद है। उन्होंने हीरा हाथ में रखकर फोटो खिंचवाई थी और एक अन्य पार्टनर को भेजी थी। लेकिन अब पार्टनर दयाराम की नीयत खराब हो गई है और उसने नायाब हीरे को रातों-रात गायब कर दिया है। इतना ही नहीं हीरा गायब करने के बाद वो खुद नई हीरा खदान का पट्टा लेने की फिराक में है। खदान संचालक जयबहादुर सिंह ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उसे पार्टनर से वो हीरा वापस दिलाया जाए।
 
दावा सही तो ये 'कोहिनूर' के बाद
खदान संचालक जयबहादुर ने पुलिस को बताया है कि उसने फरवरी महीने में कृष्णा कल्याणपुर पट्टी में हीरा खदान का पट्टा लिया था। इसमें दयाराम पटेल, किशोर खेड़े, नरेंद्र कुमार सेन, महेंद्र सिंह गौंड़ व प्रकाश पटेल उसके पार्टनर थे। करीब 6 महीने बाद उनकी खदान से अब तक का सबसे बड़ा हीरा निकला है, जिसे दयाराम ने गायब कर दिया है और अब वो अपने रिश्तेदार के नाम से नई खदान लेने की कोशिश कर रहा है जिससे की उस खदान से उस नायाब हीरे का निकलना बताकर उसे हीरा कार्यालय में जमा करा सके। बताया गया है कि अगर जयबहादुर के दावे में सच्चाई है और सच में 150 कैरेट का हीरा मिला है तो ये पन्ना खदान के इतिहास का सबसे बड़ा हीरा है। अगर कोहिनूर हीरे की बात करें तो करीब 800 साल पहले आंध्रप्रदेश की गोलकुंडा हीरा खदान में कोहिनूर मिला था तब उसका वजन 186 कैरेट था और तराशने के बाद वर्तमान में उसका वजन 105.6 कैरेट है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here