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सेक्स का लालच देकर फंसाया गया शख्स, मुंबई में रूह कंपा देने वाली घटना

 मुंबई
मुंबई की चमक-दमक के पीछे छिपे अपराध की एक चौंकाने वाली परत एक बार फिर सामने आई है। वीपी रोड पुलिस ने एक ऐसे हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो शारीरिक संबंध का लालच देकर लोगों को फंसा कर उनसे मोटी रकम ऐंठ रहा था। इस गैंग की चपेट में आए एक 46 वर्षीय व्यापारी से जबरन 35,000 रुपये वसूले गए। पुलिस ने मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य महिला फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

मुंबई आया था कारोबारी, बन गया गैंग का शिकार
घटना के अनुसार, महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक व्यापारी किसी व्यावसायिक काम के लिए मुंबई आया था। 30 सितंबर को वह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के पास खड़ा था, तभी एक महिला ने उससे संपर्क किया और महज 500 रुपये में यौन संबंध बनाने का झांसा दिया। व्यापारी के हामी भरते ही महिला ने उसे टैक्सी में बैठाया और गिरगांव इलाके के भारत भवन होटल के पास एक बिल्डिंग में ले गई।

कमरे में ले जाकर रची गई साजिश
कमरे में पहुंचने के बाद, वहां पहले से मौजूद एक दूसरी महिला ने व्यापारी से अपने कपड़े उतारने के लिए कहा। जैसे ही उसने अपना मोबाइल निकाला, महिला ने अचानक शोर मचाते हुए उस पर "वीडियो बनाने" का आरोप लगा दिया। उसी समय तीन अन्य महिलाएं कमरे में घुस आईं और मिलकर उसे धमकाने लगीं।

ऐसे लूटी गई रकम – ऑनलाइन ट्रांसफर और कैश उगाही
गैंग की महिलाओं ने व्यापारी का फोन जबरदस्ती अनलॉक करवाया और एक मोबाइल ऐप के जरिए उसके खाते से 22,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद उसके पास मौजूद 13,000 रुपये नकद भी छीन लिए और चेतावनी दी कि यदि उसने पुलिस से संपर्क किया तो उसकी निजी वीडियो वायरल कर दी जाएगी।
 
डर से चुप रहा पीड़ित, फिर जुटाया हौसला
घबराया हुआ व्यापारी शुरुआत में इस घटना को लेकर चुप रहा। लेकिन कुछ दिनों बाद उसने साहस जुटाकर वीपी रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू की तो मोबाइल ट्रांजैक्शन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के जरिए तीन महिलाओं की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार महिलाएं और जांच की दिशा
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान माजिदा नूर सरदार गाझी (35), रूपा विश्वनाथ दास (47) और नसिम्मा जमान शेख (38) के रूप में हुई है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है। मामले में एक महिला अब भी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

पुलिस उपायुक्त (जोन 2) मोहित गर्ग ने बताया कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। शक जताया जा रहा है कि यह गैंग इसी तरह की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है, लेकिन बदनामी के डर से अधिकतर पीड़ित सामने नहीं आते।

 

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