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नवाचार की मिसाल: पीएम श्री स्कूल की छात्रा ने तैयार किया मल्टीपर्पज एआई रोबोट, बनेगा पढ़ाई का स्मार्ट सहायक

पिथौरा

तकनीकी युग में जहां इंसान की निर्भरता मशीनों पर बढ़ती जा रही है, वहीं पिथौरा की प्रतिभावान छात्रा सृष्टि यदु ने अपने कौशल और जिज्ञासा से ऐसा अभिनव कार्य किया है जिसने क्षेत्र का गौरव बढ़ा दिया है। पीएम श्री विद्यालय पिथौरा की कक्षा 12वीं की छात्रा सृष्टि यदु ने अपने प्रभारी शिक्षक गौरव चंद्राकर के मार्गदर्शन में मल्टीपर्पज एआई रोबोट का निर्माण किया है।

यह रोबोट एक साथ कई कार्य करने में सक्षम है। वॉइस कंट्रोल सिस्टम से संचालित यह रोबोट मौसम की जानकारी, गैस लीकेज की चेतावनी, बीपी और ऑक्सीजन लेवल की जांच जैसी सुविधाओं के साथ छात्रों को गणित, अंग्रेजी और अन्य विषयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर भी देता है। इसके अलावा यह शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, यातायात और कृषि से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

रायपुर संभाग में प्राप्त की प्रथम स्थान
इस एआई रोबोट को हाल ही में राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद रायपुर एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित रायपुर संभाग स्तरीय विज्ञान मेले जो शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय रायपुर में दिनांक 30 अक्टूबर को विज्ञान मेले प्रतियोगिता में प्रदर्शित किया गया था। जहां इस रोबोटिक मॉडल को पूरे संभाग स्तर पर उभरती हुई प्रौद्योगिकी विषय पर प्रथम स्थान दिया गया। अब सृष्टि यदु 10 से 13 नवंबर को आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान मेला में अपने इस प्रोजेक्ट का प्रदर्शन करेंगी। जहां इनका मॉडल उत्कृष्ट रहने पर राष्ट्रीय स्तर पर चयनित किया जाएगा।

अद्भुत कार्य की हुई सराहना
विज्ञान मेला के दौरान उपस्थित प्रोफेसर एम.एल. नायक वैज्ञानिक पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने कहा कि हमारे समय में आईआईटी स्तर पर भी इस तरह की रोबोटिक्स तकनीक नहीं थी, लेकिन आज स्कूल स्तर पर ऐसे प्रयोग देखकर गर्व होता है। बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर अद्भुत कार्य किया है, ऐसे बच्चे ही भविष्य में विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी खोजें करेंगे।

मार्गदर्शक शिक्षक गौरव चंद्राकर का है अहम सहयोग
सृष्टि यदु के साथ इस प्रोजेक्ट में विद्यालय के प्राचार्य एम.डी. प्रधान, व्याख्याता लखपति पटेल, मोनिका साहू एवं मॉडल निर्माण विशेष मार्गदर्शक गौरव चंद्राकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गौरव चंद्राकर ने बताया कि रोबोट आर्डयूनो प्रोग्रामिंग सेंसर सिस्टम पर आधारित है, जो मोबाइल के ब्लूटूथ और एक विशेष ऐप से कनेक्ट होकर निर्देश प्राप्त करता है। कमांड मिलते ही यह रोबोट तय मार्ग पर चलता है और निर्धारित स्थान पर रुककर आवश्यक कार्य करता है। गौरव चंद्राकर ने आगे बताया कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में इस तकनीक को और मॉडिफाई करके ऐसे रोबोट तैयार किए जाएंगे जो शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, कृषि और मौसम पूर्वानुमान जैसे क्षेत्रों में उपयोगी साबित होंगे।

छात्रा सृष्टि यदु ने बताया कि उन्होंने यह प्रोजेक्ट बनाने के लिए महीनों तक लगातार मेहनत की। स्कूल की प्रयोगशाला में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने शिक्षकों और मार्गदर्शक की मदद से रोबोट को तैयार किया। सृष्टि का कहना है कि शुरुआत में कई बार तकनीकी दिक्कतें आईं, लेकिन हर बार असफलता से सीखकर उन्होंने अपने मॉडल को और बेहतर बनाया। उनका लक्ष्य आगे चलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में शोध करना है।

पिथौरा जैसे छोटे कस्बे से निकलकर इस स्तर की तकनीक विकसित करने वाली सृष्टि यदु अब क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। तथा जिला के साथ ही रायपुर संभाग में यह माडल चर्चा का विषय बन गया है।विद्यालय के प्राचार्य एम.डी. प्रधान ने कहा कि हमारे विद्यालय के लिए यह गौरव का विषय है कि हमारी छात्रा राज्य स्तर तक पहुँची है। सृष्टि जैसी प्रतिभाशाली छात्राओं को देखकर यह विश्वास और मजबूत होता है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

इस उपलब्धि के लिए 2 नवंबर को आयोजित जिला स्तरीय 25 वां राज्योउत्सव कार्यक्रम मिनी स्टेडियम महासमुंद में अपने रोबोटिक मॉडल का प्रदर्शन बाल वैज्ञानिक सृष्टि यदु करेगी। संभाग स्तरीय विज्ञान मेले में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बाल वैज्ञानिक सृष्टि यदु और उनके प्रभारी शिक्षकों को विजय लहरे जिला शिक्षा अधिकारी, रेखराज शर्मा डीएमसी महासमुंद, सम्पा बोस एटीसी, जिला नोडल प्रभारी जगदीश सिन्हा, हेमेंद्र आचार्य, लक्ष्मी चौधरी विकासखंड शिक्षा अधिकारी पिथौरा, नरेश पटेल बीआरसी पिथौरा, सीमा गौरव चंद्राकर संस्कार शिक्षण संस्थान संचालिका पिथौरा सहित पीएमश्री विद्यालय पिथौरा के शिक्षक शिक्षिकाओं ने बधाई दी है।

 

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