samacharsecretary.com

कृषि मंत्री कंषाना बोले— मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित और कल्याण के लिए पूरी तरह संकल्पित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान हित और उनके कल्याण के लिए संकल्पित : कृषि मंत्री श्री कंषाना

भावांतर योजना में 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल मॉडल रेट जारी

भोपाल 

किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्रीएदल सिंह कंषाना ने कहा है कि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसान हित और उनके कल्याण के लिए संकल्पित है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाताओं की सोयाबीन उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूर्ण लाभ दिलाने के लिए भावांतर योजना लागू की है। साथ ही किसान हितैषी अनेक योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि भावांतर योजना 2025 अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए जारी किया गया है, जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। उक्त मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।

भावान्तर योजना को लेकर किसानों में उत्साह

कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि भावान्तर योजना को लेकर किसानों में भारी उत्साह मंडियों में देखा जा रहा है। योजनांतर्गत 9 लाख 36 हजार 352 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है।

योजना प्रारंभ से प्रदेश की 243 मंडियो एवं उप मंडियो में 1 लाख 44 हजार 180 किसानों द्वारा 24 लाख 67 हजार 100 क्विंटल सोयाबीन विक्रय किया गया। भावान्तर योजना अंतर्गत सर्वाधिक सोयाबीन की आवक कृषि उपज मंडी समिति गंजबासौदा, देवास, उज्जैन, इंदौर तथा आगर में रही। समस्त मंडियों में विपणन की कार्यवाही सुचारू रूप से संपादित की जा रही है।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को अतिरिक्त 1300 रूपए प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। आगामी 13 नवंबर को सोयाबीन उत्पादक किसानों को इसका लाभ वितरित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कल्याणकारी योजनाओं और विकासमूलक कार्यक्रमों का क्रियान्वयन करते हुए राज्य सरकार सशक्त भारत-सशक्त मध्यप्रदेश के पथ पर अग्रसर है। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here