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PM किसान योजना: किस्त आने से पहले होगी नामों की छंटनी, ये किसान होंगे लिस्ट से बाहर

नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त अभी जारी नहीं की गई है। केंद्र सरकार ने किसानों में फैल रही अफवाहों और गलतफहमियों को दूर करने के लिए आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना में कई ऐसे आवेदन थे जो मानदंडों के अनुसार अपात्र थे। इन आवेदनों को अब संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया है और उनकी जांच की जा रही है।

क्यों हटाए गए कुछ नाम?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में ऐसे लोग योजना में पंजीकरण करा चुके हैं, जिनके पास 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन मिली थी। कुछ परिवारों के कई सदस्य पति-पत्नी, वरिष्ठ रिश्तेदार या नाबालिग एक साथ लाभ लेने के प्रयास में थे। ऐसे आवेदकों को अस्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया गया है। राष्ट्रीय सफाई अभियान के तहत अब तक 35.44 लाख से अधिक नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

सत्यापन के बाद ही मिलेगा भुगतान
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि हटाए गए नाम स्थायी रूप से निष्कासित नहीं हैं। जल्द ही भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद योग्य पाए गए किसानों के नाम सूची में बहाल कर दिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि केवल वास्तविक किसानों को ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों को अपनी पात्रता की जांच करने के लिए पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर ‘अपनी स्थिति जानें’ या ‘योग्यता स्थिति’ सेक्शन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह प्रक्रिया मोबाइल ऐप या किसान मित्र चैटबॉट के जरिए भी पूरी की जा सकती है।

21वीं किस्त पर अपडेट
सरकार ने कहा है कि 21वीं किस्त का भुगतान तब तक स्थगित रहेगा जब तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होती। वार्षिक लाभ राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की अटकलें अभी तक आधिकारिक नहीं हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, सत्यापन के बाद करीब 50 लाख किसानों को अपात्र घोषित किया जा सकता है।

किसानों के लिए जरूरी कदम
केंद्र ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी जानकारी तुरंत सत्यापित करें और यदि गलती से उनका नाम सूची से हटा गया है, तो फिर से आवेदन करें। योग्य किसानों को भुगतान में देरी से बचाने के लिए ऑनलाइन या मी-सेवा केंद्रों के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

 

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