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आत्मघाती विस्फोट से दहला श्रीलंका, क्रिकेट टीम की सुरक्षा पर कड़ा पहरा

इस्लामाबाद 
पाकिस्तान में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के बाद इस देश के दौरे पर आई श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम के अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया। नकवी पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं। पाकिस्तान ने अप्रत्यक्ष रूप से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर एक बार फिर आरोप लगाया है कि उसने अपनी जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को पाकिस्तान में आतंकवादी हमले करने के लिए करने दिया।

मंगलवार को इस्लामाबाद में एक न्यायिक परिसर के बाहर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया, जिसमें 12 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। इस बीच उत्तरी पाकिस्तान के वाना क्षेत्र में वाना कैडेट कॉलेज पर आतंकवादी हमले को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया और लगभग 300 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अता तरार ने कहा कि यदि सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई नहीं की होती तो पाकिस्तान 2018 में पेशावर स्कूल हमले जैसी बड़ी घटना का गवाह बन सकता था।

तीन वर्ष पहले न्यूजीलैंड की टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज रद्द कर रही थी। न्यूजीलैंड की टीम तब संभावित आतंकवादी हमले की विश्वसनीय खुफिया सूचना मिलने के बाद बिना कोई मैच खेले ही स्वदेश लौट गई थी। सूत्र ने कहा, ‘‘यही कारण है कि मोहसिन नकवी व्यक्तिगत रूप से स्टेडियम गए और मेहमान टीम के सदस्यों से मिले तथा उन्हें सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया।’’

मार्च 2009 में टीटीपी आतंकवादियों ने गद्दाफी स्टेडियम के पास श्रीलंकाई टीम की बस पर हमला किया था, जिसके कारण लगभग 10 वर्षों तक पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच आयोजित नहीं किए गए क्योंकि विदेशी टीमों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण देश का दौरा करने से इनकार कर दिया था। सूत्र ने कहा, ‘‘श्रीलंका की टीम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पाकिस्तानी सेना तथा अर्धसैनिक रेंजर्स को मेहमान खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है।‘‘ रावलपिंडी में तीन एकदिवसीय मैच खेलने के बाद श्रीलंका 17 से 29 नवंबर तक टी20 त्रिकोणीय सीरीज में भाग लेगा जिसमें तीसरी टीम जिंबॉब्वे की होगी।

 

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