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प्रेग्नेंसी में मॉडल की हत्या: कस्टडी में कासिम ने बार-बार क्या कहा? आधार कार्ड और पहचान में था बड़ा खेल

भोपाल
   भोपाल में मॉडल खुशबू अहिरवार की मौत के बाद परिवार सदमे में है. खुशबू की मौत के बाद सामने आई पुलिस जांच, परिजनों के गंभीर आरोप और आरोपी कासिम अहमद की गिरफ्तारी के बाद कई बातें सामने आई हैं. कासिम जब खुशबू से मिला था, तो राहुल बनकर मिला था. खुशबू को जब असलियत पता चली तो वह दूर रहने लगी. कासिम जेल गया और जब बाहर आया तो फिर खुशबू के संपर्क में आ गया. उसने खुशबू पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला था. खुशबू के आधार कार्ड पर बुर्के वाली तस्वीर भी सामने आई है.

दरअसल, 9 नवंबर की रात खुशबू अहिरवार की अचानक मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वह प्रेग्नेंट थी और उसकी फैलोपियन ट्यूब फटने से इंटर्नल ब्लीडिंग हुई, जिससे उसकी मौत हुई. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि खुशबू की ट्यूब फटने की वजह मेडिकल थी या किसी मारपीट का नतीजा. पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी है और मृतका का विसरा जांच के लिए भेजा गया है.

 आधार कार्ड में अपडेट करवाई 'बुर्के वाली' फोटो, 'राहुल' बन कासिम ने खुशबू को फंसाया

मॉडल खुशबू अहिरवार की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को पुलिस ने उसके बॉयफ्रेंड कासिम अहमद को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि यह गिरफ्तारी मौत के मामले में नहीं, बल्कि खुशबू के साथ मारपीट करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के गंभीर आरोपों के तहत की गई है.

इस मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कासिम ने खुशबू पर धर्म परिवर्तन का इतना दबाव बनाया कि उसने उसका आधार कार्ड भी अपडेट करवा दिया और उसमें खुशबू की बुर्के वाली फोटो लगवा दी थी.  

झूठा नाम, मारपीट और धर्म परिवर्तन का दबाव
खुशबू का अंतिम संस्कार करने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में कासिम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि कासिम ने खुशबू से दोस्ती करते समय अपना नाम 'राहुल' बताया था. जब खुशबू को उसके मुस्लिम होने का पता चला तो वह उससे अलग होना चाहती थी.

खुशबू की बहन तारा बाई के मुताबिक, साल 2022 में खुशबू कॉलेज की पढ़ाई के लिए भोपाल आई थी और भानपुर मल्टी में किराए के मकान में रहती थी. पढ़ाई के साथ वह मॉडलिंग करने लगी थी, ताकि अपने खर्च निकाल सके. इसी दौरान उसकी मुलाकात राहुल नाम के युवक से हुई, जो बाद में असल में कासिम अहमद निकला. जब खुशबू को उसकी असली पहचान पता चली, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करना चाहा, लेकिन कासिम ने उस पर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया.

खुशबू के परिवार का दावा है कि जब उसने इनकार किया, तो कासिम ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी. खुशबू के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर हैं. कासिम ने खुशबू का आधार कार्ड फोटो बदलवा दिया, जिसमें उसे बुर्का पहने दिखाया गया है. परिजनों का आरोप है कि यह कदम कासिम ने जानबूझकर उठाया. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसमें किसने और कब बदलाव किया.

खुशबू की बहन तारा ने पुलिस को बताया कि 8 नवंबर की रात 11 बजे खुशबू ने उसे फोन किया था. फोन पर उसने कहा कि कासिम मुझे जबरदस्ती उज्जैन ले जा रहा है अपनी मां से मिलाने, मैं नहीं जाना चाहती. इसके कुछ ही देर बाद फोन कट गया. अगले दिन रात 10 बजे खुशबू की बड़ी बहन प्रीति अहिरवार का फोन आया कि खुशबू की बस में मौत हो गई है. प्रीति के मुताबिक, उज्जैन से लौटते वक्त बस में ही खुशबू दम तोड़ चुकी थी. परिवार जब भोपाल पहुंचा तो खुशबू का शव हमीदिया अस्पताल में था.

परिजनों की शिकायत के आधार पर भोपाल पुलिस ने कासिम को गिरफ्तार कर लियाहै. पुलिस ने उस पर कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. इनमें धारा 296, 115(2), 351(2) (भारतीय न्याय संहिता – BNS), मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3/5, अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(5)(क) शामिल है. कासिम की गिरफ्तारी खुशबू की मौत के मामले में नहीं, बल्कि मारपीट, धोखा और धर्म परिवर्तन के दबाव के आरोपों में की गई है.

कासिम ने आरोपों से किया इनकार

पुलिस हिरासत में कासिम खुद को निर्दोष बता रहा है. वह पुलिस की कस्टडी में बोल रहा था कि मैंने खुशबू से मारपीट नहीं की, न दबाव बनाया. पुलिस हिरासत में कासिम ने मृतका खुशबू के परिजनों के सभी आरोपों से इनकार किया है. वहीं खुशबू के परिवार का कहना है कि कासिम ने उसे पीटा, था धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया.

परिवार अब इस मामले में हत्या की जांच की मांग कर रहा है और इसे 'लव जिहाद' का मामला बता रहा है. वहीं, पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारण का पता विसरा रिपोर्ट आने के बाद चलेगा. क्या खुशबू की मौत वाकई एक मेडिकल कॉम्प्लिकेशन थी या फिर उसके साथ कुछ और हुआ? क्या आधार कार्ड में फोटो बदलवाने की कहानी धर्म परिवर्तन की बड़ी साजिश का हिस्सा थी? इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं.

कासिम गिरफ्तार, आरोपों से इनकार
पुलिस हिरासत में कासिम बार-बार यही बोल रहा है कि उसने खुशबू के साथ कभी मारपीट नहीं की. हालांकि, परिजनों के गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस ने कासिम के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (धोखाधड़ी), 115(2), 351 (2), धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)5(क) के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.

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