samacharsecretary.com

सिरसा डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ गवाही बाधित: कोर्ट का सख्त रुख, अधिकारियों को फटकार

पंचकूला
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और अन्य आरोपियों से जुड़े मामले में अमेरिका से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज होनी थी लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक तैयारी न होने के कारण गवाही नहीं हो सकी। अदालत ने देरी पर नाराजगी जताते हुए सीबीआई को अधिक सक्रिय होने के निर्देश दिए। सीबीआई के डिप्टी एसपी ने अदालत को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई बार अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को पत्र भेजे लेकिन जवाब नहीं मिला। इस कारण गवाही की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जा सकी।

तकनीकी उपकरण भी काम नहीं आए 
सीबीआई अपने साथ गवाही रिकॉर्ड करने के लिए डिवाइस और डॉक्यूमेंट विजुअलाइजर लेकर आई थी लेकिन अदालत के सिस्टम में ये उपकरण काम नहीं कर पाए। तकनीकी विंग के प्रभारी ने बताया कि वेंडर एक सप्ताह में कंपैटिबल डिवाइस उपलब्ध कराएगा।

शिकायतकर्ता ने सीबीआई पर लापरवाही का आरोप लगाया 
अदालत ने सीबीआई से पूछा कि क्या अमेरिकी विभाग की मदद लिए बिना केवल भारतीय एंबेसी की सहायता से गवाही रिकॉर्ड की जा सकती है। इस संबंध में नियम, मार्गदर्शन और पूरी रिपोर्ट 21 नवंबर तक अदालत को पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
शिकायतकर्ता के वकील नवकिरन सिंह ने कहा कि गवाह अमेरिका से गवाही देने के लिए तैयार हैं और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति भी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई ढिलाई बरत रही है और गवाह को कोई जानकारी नहीं दी गई। अदालत ने कहा कि 2018 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद से कुल 92 गवाहों में से केवल 12 गवाही दर्ज हो सकी है। अदालत ने इसे गंभीर देरी बताया और प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।  

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here