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अक्टूबर में भारत के बड़े उद्योगों की वृद्धि में कोई खास बदलाव नहीं

नई दिल्ली 
 वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से  दी गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष अक्टूबर में आठ प्रमुख उद्योगों (आईसीआई) का संयुक्त सूचकांक 162.4 पर पिछले वर्ष अक्टूबर की तुलना में अपरिवर्तित रहा। बीते महीने फर्टिलाइजर, स्टील, सीमेंट और पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। 
 
कोयले का उत्पादन अक्टूबर 2025 में बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.5 प्रतिशत बढ़ा। बिग-टिकट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर बढ़ती मांग के चलते अक्टूबर में स्टील के उत्पादन में बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.3 प्रतिशत बढ़ा।

फर्टिलाइजर का उत्पादन अक्टूबर 2025 में अक्टूबर 2024 के मुकाबले 7.4 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, अप्रैल से अक्टूबर 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.7 प्रतिशत बढ़ा।
सीमेंट का उत्पादन इस वर्ष अक्टूबर में बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.3 प्रतिशत बढ़ा। जबकि इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर तक की अवधि में इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़ा।

इसी तरह, पेट्रोलियम रिफाइनरी का उत्पादन भी अक्टूबर 2025 में अक्टूबर 2024 के मुकाबले 4.6 प्रतिशत बढ़ा। अप्रैल से अक्टूबर 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत बढ़ा।
हालांकि, कोयले, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली के उत्पादन में बीते महीने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमशः 8.5 प्रतिशत, 1.2 प्रतिशत, 5 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

आईसीआई आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन के संयुक्त और व्यक्तिगत प्रदर्शन को मापता है, जिसमें कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, फर्टिलाइजर, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल है। ये आठ प्रमुख उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।
सितंबर 2025 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

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