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माघ मेला 2026: 44 दिनों तक चलेगा आयोजन, श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में शुरू हुई शटल बस सेवा

प्रयागराज 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले के सभी प्रमुख काम 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सीएम के प्रयागराज आगमन पर अफसरों ने उन्हें अब तक की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। इस बार माघ मेला तीन जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। यानी मेले की कुल अवधि 44 दिनों की होगी।  
मेला क्षेत्र में इस बार 4900 संस्थाओं के आने का अनुमान है। बेहतर भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 2.8 किलोमीटर लंबे घाट बनाए जाएंगे। समतलीकरण का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है। मुख्य मार्गों का चिह्नांकन कर दिया गया है। शौचालयों व टेंटों के लिए काम प्रगति पर है। भूमि आवंटन व बसावट का काम 15 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

माघ मेला में भी शटल बस सेवा की सुविधा
महाकुम्भ की तर्ज पर माघ मेला 2026 में भी श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज शटल बस सेवा उपलब्ध रहेगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालु चारों दिशाओं धूमनगंज, नैनी, झूंसी और फाफामऊ से सीधे मेला क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए अस्थायी बस अड्डों सहित सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन से शटल बसों का संचालन किया जाएगा। माघ मेला में 75 इलेक्ट्रिक बसों को इस सेवा में लगाया जाएगा।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सिविल लाइंस बस स्टेशन के निर्माणकार्य के चलते यहां से नियमित बस संचालन बंद करने की तैयारी है। ऐसे में शहर से मेला क्षेत्र के बीच आवागमन सुचारु रखने के लिए नए रूट तैयार किए जा रहे हैं। उधर, रेलवे ने भी अपनी कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रयागराज जंक्शन की जगह सूबेदारगंज, फाफामऊ और छिवकी स्टेशनों से शुरू कर दिया है।

75 हजार कैमरों में देंगे कनेक्शन
इस बार बिजली विभाग 75 हजार शिविरों में कनेक्शन देगा। जबकि 25 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट लागई जाएगी। जिसमें 755 लाइट लगाई जा चुकी है। 500 हाईब्रिड सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। जिसमे 25 का काम प्रगति पर है।

पार्किंग के पास होगी भंडारे की व्यवस्था
पार्किंग के पास भंडारों का संचालन कराया जाएगा। जिससे थके हारे श्रद्धालु परेशान न हों। दिशा सूचकों की संख्या और आकार को और अधिक बढ़ाया जाएगा। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। वो आसानी से देख सकें।

17 नलकूप और 10 वाटर एटीएम लगाए जाएंगे
मेला क्षेत्र में जल निगम नगरीय की ओर से कुल 17 नलकूप लगाए जाएंगे। जिसमें से दो नलकूल स्थापित हो चुके हैं। अफसरों ने बताया कि 10 वाटर एटीएम लगाने का प्रस्ताव है, जिसमें से तीन लगाए जा चुके हैं। एक एसटीपी रहेगी। जिसका काम प्रगति पर है। इस बार माघ मेले में 2.8 किलोमीटर का घाट बनाया जाएगा। 4900 संस्थाएं आएंगी। संगम क्षेत्र में समतलीकरण का कार्य 60 फीसदी पुरा हो चुका है।

बिजली के खंभों पर होगा क्यूआर कोड
महाकुम्भ की तरह इस बार माघ मेला 2026 में भी बिजली विभाग पूरे क्षेत्र के बिजली खंभों और आरएमयू पर क्यूआर कोड लगा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उसकी सटीक लोकेशन मोबाइल पर दिखाई दे जाएगी। इससे यदि कोई व्यक्ति मेला क्षेत्र में रास्ता भटक जाता है, तो वह कोड स्कैन कर अपनी स्थिति तुरंत जान सकेगा। दूसरा बड़ा लाभ यह होगा कि बिजली से संबंधित किसी खराबी या समस्या की शिकायत भी उसी क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे दर्ज की जा सकेगी। शिकायत मिलते ही विभाग को उस स्थान की लोकेशन मिल जाएगी और टीम तत्काल मौके पर भेजी जा सकेगी। मुख्य अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि इस बार माघ मेला क्षेत्र में कुल 21,917 बिजली खंभे लगाए जा रहे हैं।

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