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सुनवाई के दौरान वकील की आवाज बैठी, CJI का हल्का-फुल्का तंज— ‘दिल्ली की यही समस्या है’

नई दिल्ली 
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर पर चिंता लगातार बनी हुई है। अब आशंका जताई जा रही है कि राजधानी में राख का गुबार हालात और बिगाड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट में भी भारत के नए मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत भी ताजा स्थिति पर तंज कसते नजर आए। उन्होंने वकील के खांसने पर कहा कि पूरे दिल्ली का यही हाल है। CJI कांत ने सोमवार को ही पद भार संभाला है।
 
बार एंड बेंच के अनुसार, मंगलवार को अदालत में सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन एक केस पेश करने पहुंचे थे। इस दौरान वह अचानक गला साफ करने लगते हैं। वह न्यायाधीशों से कहते हैं, 'मुझे माफ कीजिएगा मीलॉर्ड, मेरी आवाज चली गई है।' इसपर सीजेआई ने जवाब दिया, 'हां अब दिल्ली के ऐसे ही हाल हैं।'

दिल्ली प्रदूषण: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को घनी धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' बनी रही। इस बीच आशंका जताई जा रही है कि इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने के बाद उठा राख का गुबार क्षेत्र में प्रदूषण को और बढ़ा सकता है। इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित ढाल-ज्वालामुखी हायली गुब्बी रविवार को फट गया, जिससे राख का गुबार करीब 14 किलोमीटर (45,000 फुट) की ऊंचाई तक गया और लाल सागर की ओर पूर्व दिशा में फैलने लगा।

मौसम विभाग ने क्या कहा
IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राख के गुबार चीन की ओर बढ़ रहे हैं और मंगलवार शाम साढ़े सात बजे तक भारत से दूर चले जाएंगे। विभाग ने बताया कि पूर्वानुमान मॉडल के मुताबिक मंगलवार को गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा पर राख का कुछ प्रभाव देखा जा सकता है।

दिल्ली का AQI
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी सुबह की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को 360 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले सोमवार को यह 382 दर्ज किया गया था। सीपीसीबी द्वारा विकसित समीर ऐप के अनुसार, रोहिणी निगरानी केन्द्र में वायु गुणवत्ता 416 दर्ज की गई जो 'गंभीर' की श्रेणी में आती है। अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता के ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बने रहने का अनुमान है।

 

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