samacharsecretary.com

थरूर की गैरमौजूदगी से कांग्रेस परेशान, लगातार दूसरी अहम बैठक में नहीं पहुंचे

नई दिल्ली

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर बीते कुछ समय से कांग्रेस से किनारा कसते नजर आ रहे हैं। वहीं वह कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोदी सरकार के फैसलों की ताराीफ कर चुके हैं। हाल ही में एसआईआर के विरोध में रणनीत बनाने के लिए बुलाई गई कांग्रेस की मीटिंग में भी शशि थरूर शामिल नहीं हुए। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। वहीं अब संसद के शीतकालीन सत्र की रणनीति को लेकर हुई बैठक में भी वह गैरहाजिर रहे। अब सवाल यह है कि एक दिन पहले ही वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में हाजिर थे। वहीं एक दिन बाद ही कांग्रेस की बैठक से किनारा कर गए।

शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए इन्स्टाग्राम पर पोस्ट भी किया था। पीएम मोदी की तारीफ को लेकर कांग्रेस के अन्य नेताओं ने उन्हें निशाने पर भी लिया था। थरूर ने सफाई देते हुए बताया कि वह केरल में थे। वह 90 वर्षीय मां के साथ थे और इसलिए बैठक में शामिल नहीं हो सके। इस बैठख में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल नहीं हो पाए थे। वह स्थानीय चुनाव प्रचार में व्यस्त थे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि असल समस्या यह है कि वह देश को ठीक से समझते ही नहीं हैं। उन्हें यही लगता है कि बीजेपी की नीतियां बहुत अच्छीा हैं। अगर ऐसा ही है तो वह कांग्रेस में क्यों हैं? वह दोहरा रवैया अपना रहे हैं। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण में कोई प्रशंसा करने वाली बात नहीं थी इसके बाद भी शशि थऱूर को अच्छी लगी। मझे समझ में नहीं आता कि कांग्रेस पर निशाना साधना उन्हें क्यों अच्छा लगा?

सोशल मीडिया पर भी शशि थरूर के रवैये को लेकर हलचल है। लोगों का कहना है कि क्या शशि थरूर बीजेपी में जाने का प्लान कर रहे हैं? बीते दिनों जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के एक कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे तब शशि थरूर ने उनका भाषण सुना और फिर जमकर तारीफ की। उन्होंने शिक्षा पर की गई उनकी टिप्पणी को भी सराहा था। जबकि इस भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलामी की मानसिकता बताते हुए कांग्रेस की खूब आलोचना की थी।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here