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मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित निलंबित, शराब ठेकेदार सुसाइड केस में एक्शन

देवास

मध्य प्रदेश में एक बार फिर लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का बड़ा असर हुआ है। शराब ठेकेदार सुसाइड कांड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। जिसके बाद प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को सस्पेंड कर दिया गया है।

देवास के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना सुसाइड केस में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने देवास जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया है। देवास में शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद अब ठेकेदार का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आबकारी विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। और आत्महत्या के लिए मंदाकिनी दीक्षित को जिम्मेदार बताया।

वीडियो में दिनेश मकवाना ने आरोप लगाए हैं कि असिस्टेंड कमिश्रर मंदाकिनी दीक्षित ने उनसे पैसे की डिमांड की थी। एक दुकान से डेढ़ लाख रुपए महीना की और पांच दुकान के लिए साढ़े सात लाख रुपए महीने मांगे थे। मकवाना का ये भी आरोप लगाया कि वो 20-22 लाख रुपए असिस्टेंट कमिश्नर को दे चुका है, लेकिन लगातार पैसे की मांग के कारण वो आत्महत्या करने को मजबूर हो गया।

दिनेश मकवाना इंदौर में कनाडिया गांव का रहने वाला था। देवास में उसकी शराब की 5 दुकानें थीं। दिनेश के परिजन ने कनाडिया थाने में 29 नवंबर को शिकायत कर मामले की जांच की मांग की थी। उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी 24 नवंबर को देवास एसपी को आवेदन देकर कहा कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं।

मंदाकिनी ने कहा मुझे भी ब्लैकमेल कर रहे थे
उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी देवास एसपी को आवेदन दिया है। उन्होंने कहा है कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने इससे जुड़े वीडियो भी पुलिस को सौंपे हैं। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया
सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि जिला देवास के मदिरा ठेकेदार दिनेश मकवाना द्वारा आत्महत्या किए जाने के पूर्व एक वीडियो बनाया था। कथित वीडियो में जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित के विरुद्ध अवैध राशि की मांग का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही है।

दीक्षित पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया अत्यन्त गंभीर श्रेणी के होकर, शासकीय सेवक के कर्तव्यों एवं दायित्वों के विपरीत होने से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम -3 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है।

अतएव राज्य शासन द्वारा मंदाकिनी दीक्षित जिला आबकारी अधिकारी, जिला देवास को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर रहेगा। मंदाकिनी दीक्षित को निलबंन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी।

क्या है मामला?

मौत के 27 दिन बाद अचानक वायरल हुए वीडियो (Viral Video) में खुद दिनेश मकवाना ने सहायक आबकारी आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) मंदाकिनी दीक्षित पर उसकी पांच दुकानों के डेढ़ लाख के हिसाब से साढ़े सात लाख रुपए महीना मांगने का आरोप लगाया है. वीडियो के वायरल होते ही आबकारी विभाग में भी हडकंप मच गया.

वायरल वीडियो में दिनेश बोल रहा है कि "मेरी पांच शराब दुकानें हैं. 14 करोड़ रुपए का ठेका है. मुझसे प्रति एक दुकान के डेढ़ लाख के हिसाब से हर महीने सहायक जिला आबकारी आयुक्त देवास मंदाकिनी दीक्षित द्वारा मांगे जा रहे थे. मैं करीब 20-22 लाख रुपए दे चुका हूं. अगर पैसा नहीं देता था तो वे वेयरहाउस से माल रुकवा देती थी. अब मैं AC मेडम मंदाकिनी दीक्षित से त्रस्त आकर आत्महत्या कर रहा हूँ."

वहीं दूसरी ओर आबकारी अधिकारी का कहना है कि "ठेकेदार दिनेश की मां संतोष बाई उसकी मौत के बाद से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है. मुझसे दो करोड़ रुपर मांग जा रहे हैं. न दिए जाने पर मृतक का वीडियो वायरल करने की धमकी उन्हें और उनके अधीन अधिकारियों को दी जा रही थी." इस मामले में आबकारी अधिकारी ने देवास एसपी को 24 नवंबर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.

 

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